प्रदेश में शराबबंदी नहीं होगी, बल्कि शराब के कम सेवन को लेकर सरकार जनता को जागरूक करेगी. साथ ही पूर्ण शराबबंदी करने वाले बिहार के बाद सरकार अब गुजरात का अध्ययन कराएगी. इसमें एनजीओ का सहयोग भी लिया जाएगा.

कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में शराबबंदी को लेकर बनी उच्च स्तरीय बैठक हुई. बैठक के बाद कल्ला ने कहा कि गुजरात और बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन गुजरात में शराबबंदी के अनुभव ठीक नहीं है. वहां पर शराब आसानी से अवेलेबल है. हालांकि फिर भी विभाग और एनजीओ के पदाधिकारी गुजरात और बिहार जाकर स्थिति देखेंगे.

नई शराब नीति पर कल्ला ने कहा कि ऐसे हेरिटेज होटल और ऐतिहासिक भवन, जो छोटी सड़कों पर है और वहां पर विदेशी मेहमान जाते हैं. उन होटलों और भवनों में शराब का लाइसेंस दिया जाएगा. इसके अलावा कोई नई दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

बैठक में चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, एससीएस राजीव स्वरूप, आबकारी आयुक्त विष्णु चरण मलिक, डॉक्टर पृथ्वी वित्त सचिव राजस्व, शराबबंदी मुहिम से जुड़ी पूजा छाबड़ा शामिल थी.

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