न्यूयॉर्क। ईरान और अमेरिका में युद्ध की स्थिति के बीच ट्रंप ने इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जारी लड़ाई को खत्म करने के लिए दो-राष्ट्र का समाधान दिया। उन्होंने मिडिल ईस्ट पीस प्लान में यरूशलम को इजरायल की अविभाजित राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे फिलिस्तीन ने सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने इस प्लान को ऐतिहासिक बताया और साथ ही संकेत दिए कि यह इस विवाद का समाधान यही है।

ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के साथ व्हाइट हाउस में ये बात कही है। दुनिया में सबसे लंबे समय से चले आ रहे विवादों में से एक के लिए दो-राष्ट्र का समाधान दिया। उन्होंने कहा कि इससे शांति आएगी और किसी इजरायली या फिलिस्तीनी को उनका घर नहीं छोड़ना होगा। ट्रंप ने कहा कि यरूशलम इजरायल की अविभाजित राजधानी रहेगी जो बहुत अहम होगी।

उन्होंने इस प्लान को ऐतिहासिक और सदी का सबसे बड़ा समझौता बताते हुए दावा किया कि उनके इस प्रस्ताव को दुनिया के नेताओं का समर्थन है। ट्रंप ने कहा कि यह फिलिस्तीन के लिए स्वतंत्र राज्य बनने का ऐतिहासिक मौका है।

दूसरी ओर नेतन्याहू ने ट्रंप के प्लान को इजरायल के लिए ऐतिसाहिक दिन बताया और उसकी तुलना 14 मई, 1948 में तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी ट्रूमन से की जब वह इजरायल को पहचान देने वाले पहले नेता बने थे। उन्होंने कहा कि दूसरे सभी प्लान जहां फेल हो चुके हैं, यह प्लान एकदम संतुलित है। उन्होंने कहा कि अब इस आधार पर वह फिलिस्तीन के साथ शांति समझौता करने के लिए तैयार हैं।

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