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गुलशन कुमार को शार्प शूटर ने मारी थीं 16 गोलियां, 10 मिनट तक चीखें सुनता रहा था अबू सलेम

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गुलशन कुमार को कोई भी नहीं भूल पाया है. टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार कभी जूस की दुकान चलाते थे. उनका जन्म 5 मई 1956 को हुआ था. आज भी लोगों को उनकी दर्दनाक मौत का किस्सा याद है. गुलशन कुमार की आज पुण्यतिथि है. जब भी लोग उस पल को याद करते हैं तो लोगों का दिल कांप उठता है. गुलशन कुमार को गोलियों से भून कर मौत के घाट उतार दिया गया था. उनकी बेरहमी से हत्या की गई थी.

गुलशन कुमार ने जूस की दुकान लगाकर पैसे कमाना शुरू कर दिया. उनको बचपन से ही म्यूजिक का शौक था. इसी वजह से गुलशन कुमार ओरिजिनल गानों को खुद की आवाज में रिकॉर्ड करके कम दामों में बेचते थे. जब उन्हें दिल्ली में तरक्की नहीं मिली तो वे मुंबई आ गए. गुलशन कुमार ने तेजी से कामयाबी हासिल की और उनके दुश्मन भी बढ़ते गए.

एस. हुसैन जैदी ने अपनी किताब माय नेम इज अबू सलेम में बताया कि अबू सलेम ने गुलशन कुमार से 10 करोड़ देने के लिए कहा था. लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. 12 अगस्त 1997 को मुंबई के जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गुलशन कुमार की 16 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी.

गुलशन कुमार ने अबू सलेम से इंकार करते हुए कहा था कि वह इतने रूपयों से वैष्णो देवी मंदिर में भंडारा कराएंगे. यह बात अबू सलेम को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई और उसने शार्प शूटर राजा से गुलशन कुमार को मरवा दिया. गुलशन कुमार को मारने के बाद सूटर राजा ने अपना फोन 10 से 15 मिनट तक ऑन रखा था, ताकि अबू सलेम गुलशन कुमार की चीखें सुन सके.

एस. हुसैन जैदी ने अपनी किताब में यह भी लिखा है कि जब अबू सलेम से गुलशन कुमार के मर्डर के बारे में पूछा गया तो उसने जवाब दिया कि यह मर्डर लालकृष्ण आडवाणी ने करवाया है, आप उनसे जाकर पूछिए. गुलशन कुमार की हत्या के बाद उनके परिवार पर मुसीबत आ गई. गुलशन कुमार के बेटे भूषण कुमार ने कारोबार संभाला और आज टी-सीरीज भारत की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनियों में से एक है.

आज है आखिरी दिन, 28 हज़ार रुपये सस्ते में खरीदें 43 इंच का Smart TV

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अमेज़न फ्रीडम सेल (Amazon Freedom Sale) का आज चौथा और आखिरी दिन है. सेल आज यानी कि 11 अगस्त तक चलेगी. इस सेल के दौरान अमेज़न(Amazon) पर कई तरह के ऑफर्स दिए जा रहे हैं. सेल में TV पर भी भारी छूट है. आइए जानते हैं इन ऑफर्स के बारे में…

अगर आप टीवी खरीदने की सोच रहे हैं तो तो यह आपके लिए बेहतरीन मौका है. इस सेल के दौरान आप एक्सचेंज ऑफर में अपनी पुरानी टीवी देकर नई टीवी घर ला सकते हैं. इसके अलावा नई टीवी की खरीद पर 60% तक की छूट भी दी जा रही है. जैसे अगर आप TCL की 163.8 सेंटीमीटर यानी 65 इंच की टीवी खरीदते हैं तो यह 58,999 रुपये में मिल जाएगी जबकि इसकी असल कीमत 1,49,900 है. यानी इस प्रोडक्ट पर 60% की छूट के साथ 90,901 रुपये कम देने होंगे.

SBI कार्ड पर है ऑफर
अगर आप ये खरीददारी के लिए SBI क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो आपको 10% का अडिशनल डिस्काउंट मिलेगा. इसी तरह से Panasonic 108 cm (43 इंच) की टीवी अब ग्राहकों को 33,900 रुपये में उपलब्ध है, जबकि इसकी असल कीमत 61,900 रुपये है. यानी कि इस TV को 28 हज़ार रुपये सस्ते में घर लाया जा सकता है. 

वहीं फुटवियर में प्यूमा, बाटा, रेड टेप और क्रॉक्स पर 70 फीसद तक का डिस्काउंट मिल रहा है. ऐसे ही बैकपैक्स और लगेज पर 70 फीसद तक का डिस्काउंट मिल रहा है. इस सेक्शन में आपको अमेरिकन टूरिस्टर, स्काइबैग्स और सफारी जैसे ब्रैंड्स पर बेहतरीन डिस्काउंट मिल रहा है.

कुछ ऐसी है ‘तारक मेहता’ के स्टार कास्ट की रियल फैमिली, एक एपिसोड के लिए इतनी फीस लेते हैं ‘बापूजी’

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‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा (Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah)’ के बापू जी यानी की अमित भट्ट का आज जन्मदिन है। अमित आज 47 साल के हो गए हैं। अमित भट्ट ने खिचड़ी, यस बॉस, चुपके चुपके, एफ.आई.आर. जैसे कुछ शोज किए हैं लेकिन तारक मेहता में चंपक चाचा के किरदार ने उन्हें फेमस किया है। बापूजी के एक एपिसोड की फीस 70 से 80 हजार रुपये है। तारक मेहता के चंपक चाचा के जन्मदिन पर आइए आपको मिलाते हैं ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के स्टार कास्ट की रियल फैमिली से।

जेठालाल 
जेठालाल का असली नाम दिलीप जोशी है। उनकी शादी को 20 साल से ज्यादा साल हो चुके हैं। उनकी पत्नी का नाम जयमाला जोशी है। वे दो बच्चों (बेटी नियति और बेटा ऋत्विक) के पिता हैं। दिलीप जोशी को शो में सबसे अधिक फीस मिलती है। दिलीप जोशी को एक लाख 50 हजार रूपये प्रति एपिसोड दिया जा रहा है l

दयाबेन 
दयाबेन का असली नाम दिशा वकानी है। हालांकि दयाबेन अब शो का हिस्सा नहीं हैं लेकिन पिछले कई सालों से वह इस शो से जुुड़ी रही हैं। दिशा ने मुंबई बेस्ड चार्टर्ड अकाउंटेंट मयूर परीहा से 24 नवंबर 2015 को शादी की थी।

तारक मेहता 
तारक मेहता उर्फ शैलेश लोढ़ा पत्नी स्वाति के साथ। शो में सूत्रधार के रूप में तारक मेहता का किरदार निभाने वाले कवि शैलेश लोढ़ा को हर एपिसोड के लिए एक लाख रूपये तय किया गया है।

आत्माराम भिड़े 
तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो में भिड़े का रोल एक्टर ‘मंदार चांदवडकर’ प्ले कर रहे हैं। मंदार चांदवडकर एक एपिसोड के 80 हजार चार्ज करते हैं।

बबीता जी 
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बबीता का किरदार निभा रहीं ऐक्ट्रेस का नाम मुनमुन दत्ता है। शो में जेठालाल का दिल हमेशा उनकी पड़ोसन बबीता अय्यर पर अटका रहता है।

पोपटलाल 
टीवी पर भले ही अपने लिए लड़की ढूंढ रहे पोपटलाल रियल लाइफ में शादीशुदा है। पत्रकार पोपटलाल उर्फ श्याम पाठक पत्नी और बच्चों के साथ…

डाक टिकटों की बिक्री में 78 फीसदी से ज्यादा की गिरावट, अब कम आती हैं चिट्ठियां

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वाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया की लोकप्रियता के दौर में चिट्ठी पत्र का चलन कम होता जा रहा है और हालत यह हो गई है कि डाक टिकटों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत डाक विभाग से मिले आधिकारिक आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं, जिनके मुताबिक टिकटों की बिक्री में साल दर साल गिरावट आती जा रही है.

मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा हासिल इन आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में डाक विभाग को टिकटों की बिक्री से मिलने वाला राजस्व इसके पिछले साल के मुकाबले 78.66 प्रतिशत घटकर 78.25 करोड़ रुपये रह गया.

वित्तीय वर्ष 2017-18 में डाक विभाग ने टिकट बेचकर 366.69 करोड़ रुपये कमाए थे. वित्तीय वर्ष 2016-17 में डाक विभाग ने टिकट बिक्री से अपने खजाने में 470.90 करोड़ रुपये जमा किए थे.

डाक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह महकमा आम डाक टिकटों के अलावा राजस्व टिकट, फिलैटली (डाक टिकटों का शौकिया संग्रह) के टिकट और अन्य टिकट भी बेचता है. हालांकि, महकमे के सकल टिकट राजस्व में सबसे बड़ा हिस्सा डाक टिकटों का ही होता है.

इंदौर के तिलक नगर स्थित डाकघर में पदस्थ एक वरिष्ठ पोस्टमैन ने बताया, ‘एक जमाना था, जब हमारा थैला चिट्ठयों से ठसाठस भरा रहता था. इसमें निजी और सरकारी सब तरह की ढेरों चिट्ठियां होती थीं, लेकिन अब निजी पत्र कम ही देखने को मिलते हैं. इन दिनों हमारे थैले में अलग-अलग सरकारी विभागों और निजी कम्पनियों की चिट्ठियों की भरमार होती है.’

जन मानस पर संचार के आधुनिक साधनों के प्रभावों को लेकर मनोविज्ञानियों की भी नजर बनी हुई है. पेशेवर मनोविज्ञानी डॉ. स्वाति प्रसाद ने कहा, ‘यह सच है कि हाथों से लिखी चिट्ठी पढ़कर मन में अपनेपन की अनुभूति होती है और अक्सर ऐसे पत्र से एक भावनात्मक याद जुड़ जाती है. लेकिन इस तेज रफ्तार दौर में सोशल मीडिया और तुरंत संदेश भेजने वाली सेवाओं का भी अपना महत्व है. सवाल बस इतना है कि आप संचार के साधनों का इस्तेमाल किस तरह करते हैं?’

उन्होंने कहा, ‘अक्सर देखा गया है कि सोशल मीडिया के कई उपयोगकर्ता किसी पोस्ट पर खासकर नकारात्मक प्रतिक्रिया देने में बड़ी जल्दबाजी करते हैं. यह अधीरता उनके लिए बाद में तनाव और भावनात्मक उथल-पुथल का सबब बन जाती है, क्योंकि हर बात पर फौरन प्रतिक्रिया देने की आदत से मानवीय रिश्ते प्रभावित हो रहे हैं.’

गौरतलब है कि डाक टिकटों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये डाक विभाग ‘माय स्टाम्प’ योजना चला रहा है.

माय स्टाम्प, निजी पसंद पर आधारित (पर्सनलाइज्ड) डाक टिकटों की शीट है. इस योजना के जरिए ग्राहक निर्धारित शुल्क चुकाकर डाक टिकट पर अपनी या अपने प्रियजन की तस्वीर अथवा धरोहर भवनों, उनके प्रतीक चिह्नों आदि की फोटो छपवा सकते हैं.

अरुण जेटली अभी भी ICU में भर्ती, जानिए डॉक्टरों ने क्या कहा

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था यानी एम्स में भर्ती पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की तबीयत अब स्थिर है। वह अब भी आइसीयू में भर्ती हैं। शनिवार सुबह उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने एम्स पहुंचकर उनका हाल लिया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से भी उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत की। बाद में उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एम्स के डॉक्टरों ने बताया है कि अरुण जेटली पर दवाओं का असर हो रहा है और हालत स्थिर है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी लगातार एम्स के डॉक्टरों के संपर्क में हैं। उन्होंने शनिवार को दोबारा अस्पताल पहुंचकर जेटली के स्वास्थ्य का हाल लिया। वहीं एम्स का कहना है कि कार्डियोलॉजी, इंडोक्रेनोलॉजी, नेफ्रोलॉजी व पल्मोनरी मेडिसिन के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। डॉक्टर नियमित उनकी देखरेख कर रहे हैं। हालांकि अभी तक उनके स्वास्थ्य में खास सुधार तो नहीं हुआ है, लेकिन दवाओं का असर हो रहा है। इसलिए पहले के मुकाबले स्थिति थोड़ी बेहतर है। उल्लेखनीय है कि वह लंबे समय से बीमार चल रहे हैं।

सितंबर 2014 में वजन कम करने के लिए मैक्स अस्पताल में उनकी बैरियाट्रिक सर्जरी की गई। इसके बाद पिछले साल उन्हें किडनी की बीमारी होने की बात सामने आई। इस वजह से मई 2018 में एम्स में उनकी किडनी प्रत्यारोपण सर्जरी भी हुई। इसके कुछ महीने बाद उन्हें सॉफ्ट टिश्यू कैंसर होने का मामला सामने आया। शुक्रवार को सांस लेने में परेशानी व घबराहट के बाद सुबह में उन्हें एम्स लाया गया था। एम्स का कहना है कि उनका ब्लड प्रेशर, धड़कन व पल्स रेट सामान्य है।

अगर गुटखे और सिगरेट से खराब हो गए हैं दांत तो इन चीजों से चुटकियों मे करें साफ..

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आज के दौर में सिगरेट पीना और गुटखा खाना एक आम बात हो गई है, लेकिन इन दोनों चीजों के सेवन से न सिर्फ सेहत पर बुरा असर पड़ता है बल्कि दांतों पर कालापन भी जम जाता है। दांतों पर पड़े ये निशान देखने में तो बुरे लगते ही हैं, इन्हें हटाना भी कोई आसान नहीं होता।

हल्दी में सरसों का तेल और नमक मिलाकर दांतों पर ब्रश की तरह इस्तेमाल करें। ऐसा करने से दांतों का पीलापन साफ होगा और मजबूती भी आएगी।

सबसे पहले दिन में दो बार दांतों को अच्छी तरह से ब्रश करें। इसके साथ ही माउथ वॉश और दिन में 1 बार मुंह में फ्लॉस करना चाहिए। ऐसा करने से दांतों पर जमी गंदगी धीरे-धीरे साफ होने लगेगी।

कच्चे फल सब्जियां खाना सेहत के साथ-साथ दांतों के लिए भी फायदेमंद होती है। रोजाना एक कच्ची गाजर को दांतों से काटकर खाएं और चबाएं। गाजर में मौजूद रेशे दांतों को साफ करने में सहायक होते हैं।

बेकिंग सोडा भी सिगरेट और गुटखे से दांतों के पीलेपन को दूर भगाने में मददगार साबित होता है। ब्रश करने के बाद बेकिंग सोडा थोड़ा सा लेकर दांतों पर रगड़े ऐसा करने से दांत साफ हो जाएंगे।

रायपुर में 15 किमी. लंबे तिरंगे के साथ 10 हजार लोगों ने बनाई मानव श्रृंखला

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बीते रविवार को 15 किलोमीटर लंबे तिरंगे के साथ 10 हजार लोगों ने मानव श्रृंखला बनाई. इस दौरान लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया. सभी ने पौधे लगाकर पर्यावरण की रक्षा करने और अन्य लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हुए.

आमापारा से पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय तक बनाई मानव श्रृंखला वसुधैव कुटुंबकम फाउंडेशन की तरफ से स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को तिरंगा यात्रा आयोजित की गई थी. इसमें 15 किलोमीटर लंबे तिरंगे को करीब 10 हजार लोगों ने हाथों में पकड़कर आमापारा से पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय तक मानव श्रृंखला बनाई. आपको बता दें कि इस कार्यक्रम को चैम्पियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने विश्व कीर्तिमान बताया है. वहीं, दक्षिण अफ्रीका की ब्रावो इंटरनेशनल ने ब्रावो अवॉर्ड से सम्मानित किया है.

इस दौरान चंद्रयान-2 की झांकी को भी प्रदर्शित किया गया. हाइड्रोलिक्स की मदद से रॉकेट को लॉन्च होता दिखाया गया. नाग मिसाइल और इंडिया गेट की भी झांकी बनाई गई. साइंस कॉलेज के पास बने मंच पर स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी. आयोजन मंडल के डीके शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी पिछले 4 महीने से की जा रही थी, जिसका रविवार को भव्य आयोजन किया गया. 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और अजीत जोगी भी शामिल हुए. कार्यक्रम में 40 शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया. वसुधैव कुटुंबकम फाउंडेशन के रोहित सिंह ने बताया कि सुबह बंगाली समाज के लोगों ने अपनी परंपरा के अनुसार आमानाका चौक में धुनची आरती की. इस दौरान 51 पंडितों ने मंत्रोच्चारण किया था. इसके बाद 10 दिव्यांग व्हीलचेयर के साथ तिरंगा मार्च पास्ट करते हुए आगे बढ़े.

जन्मदिन विशेष : ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के ‘बापूजी’ रियल लाइफ में दिखते हैं ऐसे

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टीवी के पॉपुलर शो ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बापूजी का किरदार निभाने वाले अमित भट्ट का आज जन्मदिन है। अमित भट्ट 47 साल के हो गए हैं। अमित शो में एक बुजुर्ग का किरदार निभाते हैं, लेकिन रियल लाइफ में उन्हें आप देखेंगे तो चौंक जाएंगे। बता दें कि अमित काफी समय से तारक मेहता का उल्टा चश्मा में काम कर रहे हैं। अमित रियल लाइफ में काफी फन लविंग टाइप के इंसान हैं। इसके साथ ही वो बड़े ही डैडिकैटेड हसबैंड हैं। इंस्टाग्राम पर वो पत्नी के साथ तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। अमित के दो बेटे भी हैं जो कि ट्विन्स हैं।

वैसे अमित तारक मेहता का उल्टा चश्मा से पहले भी कई शोज में नजर आ चुके हैं। उन्होंने खिचड़ी, यस बॉस, चुपके चुपके, फनी फैमिली डॉट कॉम, गपशप कॉफी शॉप और FIR जैसे टीवी धारावाहिकों में काम किया है।

अमित भट्ट सलमान खान की फिल्म ‘लवयात्री’ में भी नजर आए थे। इसके साथ ही वह गुजराती फिल्मों में काफी पॉपुलर हैं।

हर मिनट कर रहा है 70 हजार डॉलर का इजाफा, दुनिया का सबसे अमीर परिवार अपनी संपत्ति में जनिए…

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ये बात तो अकसर सुनने में आती है कि अमीरी और गरीबी के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है. लेकिन शायद आपको यकीन ना हो कि एक परिवार की संपत्ति 70 हजार डॉलर प्रति मिनट, 40 लाख डॉलर प्रति घंटे और 10 करोड़ डॉलर प्रति साल के हिसाब से बढ़ रही है. भारतीय रुपयों में ये रफ्तार सात हजार करोड़ प्रति साल से ऊपर निकल जाएगी.

ब्लूमबर्ग रैंकिंग के मुताबिक वाल्टन परिवार जो कि वॉलमार्ट का मालिक है, इसी रफ्तार से अपनी संपत्ति में इजाफा कर रहा है. फिलहाल ये दुनिया का सबसे अमीर परिवार है.

अब इस पूरे कारोबार पर वॉलमार्ट के संस्थापक सैम वाल्टन के परिवार का कब्जा है. इनकी संपत्ति जिस गति से बढ़ रही है वैसा पहले कभी नहीं देखा गया है. जून 2018 में ये परिवार दुनिया का सबसे अमीर परिवार बना था. तब से इसकी संपत्ति में 39 अरब डॉलर का इजाफा हो चुका है.

दूसरे सबसे अमीर अमेरिकी परिवार भी काफी तेजी से बढ़े हैं. मार्स परिवार ने इसी दौरान अपनी संपत्ति में 37 अरब डॉलर और जोड़े हैं. इसके अलावा औद्योगिक घराना और राजनीति में सक्रिय कोच परिवार ने भी अपनी संपत्ति में 26 अरब डॉलर जोड़े हैं.

ये सिर्फ अमेरिका की कहानी नहीं है, पूरी दुनिया में कुछ ऐसा ही हो रहा है. अमेरिका के 0.1 फीसदी लोग 1929 के बाद अब तक के पूरे अमेरिकी इतिहास में कुल संपत्ति में सबसे बड़े हिस्सेदार हैं.

एशिया और यूरोप में भी अमीर परिवार बहुत तेजी से संपत्ति इकट्ठा कर रहे हैं. दुनियाभर के करीब 25 सबसे अमीर परिवारों के पास लगभग 1.4 खरब डॉलर की संपत्ति है. इसमें इजाफे की गति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले साल के मुकाबले इसमें 24 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है.

जिस तरह से आकड़े सामने आ रहे हैं, कुछ आलोचक कहते हैं कि अब पूंजीवाद को काबू में करने की जरूरत है. आज के दौर में असमानता खतरनाक राजनीतिक मुद्दा बन चुका है.

इसकी झलक पेरिस, सियाटल से लेकर हांगकांग तक में देखी जा सकती है. लेकिन सवाल ये है कि इस बढ़ती खाई को पाटा कैसे जाए?

हालांकि दुनिया में कुछ धनकुबेर ऐसे हैं जो खुद इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं. लीजर सिमेंस का परिवार ब्लूमबर्ग की सूची में 17वें नंबर पर आता है.

सिमेंस वेल्थ टैक्स यानी कि संपत्ति कर के समर्थक हैं. वे कहते हैं, “अगर हम ये नहीं कर रहे हैं तो क्या कर रहे हैं, हम धन की इस कदर जमाखोरी कर रहे हैं कि ये अपनी क्षमता से ही बाहर जाने लगा है.”

सिमेंस कहते हैं कि ये वो अमेरिका नहीं है जिसमें हम रहना चाहते हैं.

लगातार घट रहा है देश का विदेशी मुद्रा भंडार

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार दूसरे सप्ताह घटते हुये 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 69.72 करोड़ डॉलर घटकर 428.95 अरब डॉलर रह गया।

इससे पहले 26 जुलाई को समाप्त सप्ताह में यह 72.71 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 429.65 अरब डॉलर पर रहा था। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 02 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्ति 63.30 करोड़ डॉलर 398.72 अरब डॉलर पर आ गया।

इस दौरान स्वर्ण भंडार 16.64 करोड़ डॉलर की गिरावट के साथ 25.16 अरब डॉलर पर रहा। आलोच्य सप्ताह में रिजर्व बैंक के पास आरक्षित निधि 11.17 करोड़ डॉलर बढ़कर 3.63 अरब डॉलर पर पहुंच गया जबकि विशेष आहरण अधिकार 95 लाख डॉलर की गिरावट में 1.43 अरब डॉलर रह गया।