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गुजरात में PM Modi का हमशक्ल बेचता है गोलगप्पे, जानें कौन हैं लोगों को सोचने में मजबूर कर देने वाला डुप्लीकेट?

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गुजरात में PM Modi का हमशक्ल बेचता है गोलगप्पे, जानें कौन हैं लोगों को सोचने में मजबूर कर देने वाला डुप्लीकेट?

सोशल मीडिया पर आपको सलमान, शाहरुख और अजय देवगन के हमशक्लों की तमाम वीडियो मिल जाएगी। इसके अलावा राजनेताओं जैसे दिखने वाले भी खूब हैं। ऐसे ही अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी एक हमशक्ल मिला है।

जिसने पीएम मोदी को इतने अच्छे से कॉपी किया है कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाएगा।

लोकसभा चुनाव के बीच पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात से एक ऐसा शख्स वायरल हो रहा है, जो हूबहू पीएम मोदी की तरह दिखता हैं। कद काठी से लेकर पहनावा तक सब पीएम मोदी से मिलता-जुलता है। ऐसे में जानिए कौन हैं पीएम मोदी का हमशक्ल?

अनिल भाई ठक्कर पीएम मोदी के हमशक्ल!

पीएम मोदी की तरह दिखने वाले शख्स का नाम अनिल भाई ठक्कर हैं, जो गुजरात के आनंद में तुलसी पानी पुरी के मालिक हैं। उनको लॉकल लोग पीएम मोदी के नाम से बुलाते हैं, क्योंकि उनका साइड प्रोफाइल और शक्ल-सूरत प्रधानमंत्री से मिलती-जुलती है।

‘तुलसी पानी पुरी सेंटर’ चलाते हैं अनिल भाई

इतना ही नहीं उनका हेयरस्टाइल और सफेद दाढ़ी भी पीएम मोदी से मेल खाती है। पीएम मोदी के हमशक्ल अनिल भाई मूल रूप से जूनागढ़ के रहने वाले हैं और वह 18 साल की उम्र से चाट ‘तुलसी पानी पुरी सेंटर’ बेच रहे हैं। दुकान की शुरुआत उनके दादा ने की थी।

पीएम मोदी की वजह से मिलता है सम्मान

71 वर्षीय अनिल भाई का कहना है कि उनके लुक के कारण ग्राहक अक्सर उनके साथ सेल्फी खिंचवाते हैं। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी से मेरी समानता के कारण मुझे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों से बहुत प्यार और सम्मान मिलता है।”

ठक्कर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के मूल्यों से गहराई से प्रेरित हैं और स्वच्छता पर उनके जोर की तरह वह अपने स्टॉल को भी पूरी तरह से साफ रखते हैं।

 

 

विकास महंते भी हैं मोदी के हमशक्ल

हालांकि अनिल भाई पहले पीएम मोदी की तरह दिखने वाले शख्स नहीं है। विकास महंते, जो मुंबई के मलाड से हैं उनकी भी प्रधानमंत्री से अद्भुत समानता मिलती हैं। इस साल की शुरुआत में उनके गरबा खेलते हुए एक वीडियो को गलती से पीएम मोदी का डीपफेक मान लिया गया था।

शुरुआत में वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया गया था, यह अनुमान लगाते हुए कि यह डीपफेक हो सकता है। हालांकि, विकास महंते ने बाद में स्पष्ट किया था कि वीडियो में वह गरबा खेल रहे थे। महंते, जो अपने आप में भीड़ खींचने वाले व्यक्ति हैं, कहते हैं कि वह पीएम मोदी और उनकी राजनीति के ब्रांड के प्रशंसक हैं।

Arvind Kejriwal : ‘ईडी की मनमानी, लगाए गए आरोप आधारहीन’, ED के आरोपों पर केजरीवाल का SC में जवाब!

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Arvind Kejriwal : ‘ईडी की मनमानी, लगाए गए आरोप आधारहीन’, ED के आरोपों पर केजरीवाल का SC में जवाब!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हलफनामे पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया, जिसमें उन्होंने ईडी और केंद्र सरकार पर जमकर आरोप लगाए। दिल्ली के कथित शराब घोटाला केस से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद केजरीवाल ने शीर्ष अदालत में कहा है कि उनकी गिरफ्तारी एक उत्कृष्ट मामला है कि कैसे सत्तारूढ़ पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अपने सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी- आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं को कुचलने के लिए ईडी और पीएमएलए का दुरुपयोग किया है। केजरीवाल ने कहा कि ईडी ने जिन चार गवाहों के बयान के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया है, उनका भाजपा से संबंध है। इसी के साथ केजरीवाल ने कहा, “चुनावी चक्र के दौरान जब राजनीतिक गतिविधि अपने उच्चतम स्तर पर होती है, याचिकाकर्ता (केजरीवाल) की अवैध गिरफ्तारी से याचिकाकर्ता के राजनीतिक दल पर गंभीर पूर्वाग्रह पैदा हो गया है और केंद्र में सत्तारूढ़ दल को मौजूदा चुनावों में अन्यायपूर्ण बढ़त मिलेगी।” ED के हलफनामे पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात का कोई सबूत मौजूद नहीं है कि आम आदमी पार्टी ने दक्षिण के किसी समूह से फंड या रिश्वत ली हो। उन्होंने आगे कहा कि गोवा के चुनाव अभियान में इस धन का उपयोग करना दूर की बात है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी के पास एक भी रुपया नहीं आया और उन पर बिना किसी ठोस सबूत के आरोप लगाए गए हैं। दिल्ली के सीएम ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप आधारहीन हैं। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में अपने हलफनामे में कहा कि केजरीवाल ने अपने आचरण से जांच अधिकारी को यह विश्वास दिलाया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के दोषी हैं। आपको बता दें कि केजरीवाल को दिल्ली की शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। मामले में केजरीवाल को अब तक कोई कानूनी राहत नहीं मिली है।

राजस्थान में दूसरे चरण की 13 सीटों का सियासी गणित, वोट प्रतिशत से समझिए?

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राजस्थान में दूसरे चरण की 13 सीटों का सियासी गणित, वोट प्रतिशत से समझिए?

राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर दो अलग अलग चरणों में मतदान पूरा हो गया है। भाजपा-कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलो और निर्दलीय प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया।

अब 4 जून को परिणामों का इंतजार है।

”राजस्थान में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को 13 सीटों पर हुए मतदान के बाद अब फाइनल आंकड़ा 64.56% फीसदी आ गया है। दूसरे चरण में हुआ मतदान पहले चरण से करीब 6 फीसदी ज्यादा है।”

”अब अगर प्रदेश की सभी 25 सीटों की बात करें तो मतदान 61.60 प्रतिशत रहा, जो पिछले 2019 के चुनाव के 67.75 प्रतिशत से 5.11 फीसदी कम है।”

”राजस्थान में पहले चरण में 12 सीटों पर 57.87 फीसदी मतदान हुआ था और जारी हुए आंकड़े भी दिलचस्प है कि साल 2019 में लोकसभा चुनाव में पहले चरण की 13 सीटों पर 29 अप्रैल को 68.22 प्रतिशत वोटिंग हुई।”

”6 मई को दूसरे चरण की 12 सीटों पर 63.78 प्रतिशत मतदान रहा। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए कुल 66.12 प्रतिशत वोटिंग हुई। 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रदेश में 25 सीटों पर 63.10 वोटिंग हुई थी।”

राजस्थान के बाड़मेर में सबसे ज्यादा वोटिंग

”राजस्थान में दूसरे चरण का जोधपुर, बाड़मेर, पाली, जालोर, राजसमंद, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा, टोंक-सवाई माधोपुर, कोटा, झालावाड़-बारां सीट पर मतदान हुआ।”

”अब इन सभी लोकसभा सीटों की बात करें तो सबसे रौचक चुनाव बाड़मेर-जैसलमेर और बांसवाड़ा डूंगरपुर में हुआ है। बाड़मेर सीट पर सबसे ज्यादा 74.25 फीसदी वोट डाले गए है। माना जा रहा है कि इसकी सबसे बड़ी वजह त्रिकोणीय मुकाबला था। जो मतदान के दिन तक आते आते कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार की सीधी टक्कर में तब्दील हो गया ।”

मुसलमान वोटर करेगा तकदीर का फैसला

”बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार रविंद्र सिंह भाटी और कांग्रेस के उम्मीदवार उम्मेदाराम बेनीवाल के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। चर्चा है कि भाजपा के प्रत्याशी केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी मतदान के दिन तक आते-आते पिछड़े हुए दिखाई दिए हैं।”

”इस सीट पर एक-एक वोट के लिए संघर्ष हुआ, लेकिन ग्राउंड पर जो दिखा उससे साफ है कि ‘पार्टियों’ से ज्यादा इस सीट पर ‘जाति’ का चुनाव हुआ है। जाट राजपूत वोट बैंक में सेंधमारी के अलावा इस सीट पर मुसलमान एक बड़ा डिसाइडेड फैक्टर नजर आ रहा है।”

बांसवाड़ा पर क्या होगा ?

”राजस्थान में आदिवासी इलाके की बांसवाड़ा लोकसभा सीट पर भी रविंद्र सिंह भाटी की तरह राजकुमार रोत के रूप में नए राजनीतिक खिलाड़ी का उदय हुआ है।”

”बांसवाड़ा सीट पर 72.77 फीसदी मतदान हुआ। इसकी वजह बाप पार्टी के रोत और भाजपा में महेंद्रजीत सिंह मालवीय के बीच सीधा मुकाबला होने की चर्चा है।”

”कांग्रेस का यहां बीएपी पार्टी से गठबंधन होने के बाद भी उनका प्रत्याशी अरविंद डामोर चुनावी मैदान में डटे रहना भी हैरानी भरा रहा। यहां के लोगों का मानना है कि कभी कांग्रेस के गढ़ रहे इस बेल्ट में बीएपी पार्टी ने उसकी जगह ले ली है। यहां मुकाबला आदिवासी और गैर आदिवासी वोटों का हो गया है। यहां कांटे की टक्कर मानी जा रही है।”

हाड़ौती के गढ़ कोटा में ओम बिरला का क्या होगा ?

”अगर अब बात करे राजनीति के गढ़ हाड़ौती के कोटा-बूंदी सीट की। इस सीट पर शुरू से ही कांटे की टक्कर नजर आ रही है। एक ओर जहां भाजपा को छोड़ कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़ रहे प्रहलाद गुंजल सियासी विभिषण की भूमिका निभा रहे है। जो बिरला को हराने के साथ जीत कर राजा बनने का दावा कर चुका है। इसकी एक बड़ी वजह है मीना समाज का युवा और चर्चित चेहरा नरेश मीना जो लगातार अर्जून की तरह गुंजल की चुनावी प्रचार की कमान थामे हुए है।”

”लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के लिए इस सीट पर जीत की राह आसान नजर नहीं आती है। 70.82 फीसदी का वोटिंग प्रतिशत बताता है कि इस सीट की सियासी जंग में जोर आजमाइश पूरी हुई है।”

”हालांकि सियासी पंडित मानते हैं कि गुंजल के अच्छा चुनाव लड़ने के बाद भी इस सीट पर ओम बिरला का पलड़ा भारी है। असल में इस सीट को हिंदुत्ववादी सीट माना जाता है। यही वजह है कि बिरला पिछले दो बार से दो लाख से अधिक मतों से जीतते आए हैं। कांग्रेस के मूल वोटर के साथ गुर्जर मीणा के जातीय समीकरणों के बाद भी ये मार्जिन पाटना आसान नहीं है।”

सिरोही का मतदान प्रतिशत कर सकता बड़ा उलट फेर

”पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत की वजह से इस बार जालोर सिरोही सीट भी हॉट बन गई थी। इस सीट पर मतदान 62.28 फीसदी हुआ जो बता रहा है कि इस बार यहां चुनावी माहौल बना है।”

”लेकिन यहां पर पिछली बार भाजपा का जीत का 2.61 लाख अंतर कांग्रेस की सबसे बड़ी परेशानी है। हालांकि इस इलाके में माली प्रभाव के करीब सवा लाख वोटर के अलावा आठ विधानसभाओं में से चार में कांग्रेस का प्रभाव है।”

”यह सीट भाजपा के प्रत्याशी लुंबाराम के स्थानीय होने के चलते स्थानीय और बाहरी उम्मीदवार का नारा लगा था, लेकिन अशोक गहलोत ने बीएपी पार्टी से समझौता कर डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया है।”

पायलट के गढ़ में सबसे कम मतदान

”13 सीटों में सबसे कम मतदान टोंक-सवाईमाधोपुर सीट पर 56.55 प्रतिशत हुआ है, जो कि कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए चिंता का विषय है।”

”सचिन पायलट के गढ़ कहे जाने वाले इस इलाके में कांग्रेस ने हरीशचंद्र मीणा को चुनावी मैदान में उतारा तो भाजपा ने फिर से सुखबीर सिंह जौनपुरिया पर भरोसा किया।”

”गुर्जर मीणा बहुल इस सीट पर कम वोटिंग से माना जा रहा है कि जाट-गुर्जर वोटर धर्म संकट में पड़ गया है कि क्या पायलट के कहने पर मीणा को वोट दें? या फिर भाजपा के साथ जाकर अपना गुर्जर धर्म निभायें। लगता है कि इसी पसोपेश में गुर्जर वोटर वोट डालने नहीं निकला है।”

13 सीटों पर किसका पलड़ा भारी?

”पहले चरण में कम वोटिंग के बाद पीएम मोदी की अपील के बाद इस बार भाजपा का बूथ मेंनेजमेंट बेहतर नजर आया। कांग्रेस ने भी फंसी हुई सीटों पर वोटिंग बढ़ाने के लिए पूरा जोर लगाया।”

”अब सवाल यह है कि दूसरे चरण में बढ़े वोट प्रतिशत का लाभ किसे मिलेगा। भाजपा कांग्रेस दोनों के अपने अपने दावे हैं। लेकिन यह भी सच है कि इन 13 सीटों में केवल पांच सीट बाड़मेर जैसलमेर, बांसवाड़ा, टोंक सवाई माधोपुर, कोटा बूंदी और जालौर सिरोही ही ऐसी है जहां मुकाबला कड़ा है।”

”जबकि अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, राजसमंद, पाली, जोधपुर और झालावाड-बारां में भाजपा का पलड़ा भारी है। फिलहाल इंतजार 4 जून को नतीजे घोषित होने का है।”

NDA के प्रदर्शन को लेकर पीएम मोदी का बड़ा दावा, दूसरे चरण के मतदान के बाद क्या बोले? जानिए!

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NDA के प्रदर्शन को लेकर पीएम मोदी का बड़ा दावा, दूसरे चरण के मतदान के बाद क्या बोले? जानिए! लोकसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण के तहत 13 राज्यों की कुल 88 सीटों पर मतदान हुआ। इस चरण में अधिकतर राज्यों में वोटिंग प्रतिशत ठीक रहा। हालांकि पहले चरण की तुलना में मतदान करने कम लोग निकले।

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, जो Ballot Box लूटते थे,वहीआज EVM पर सवाल उठा रहे हैं!

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सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, जो Ballot Box लूटते थे,वहीआज EVM पर सवाल उठा रहे हैं!

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि जब भी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या इंडी गठबंधन से जुड़े दूसरे दल चुनाव हार रहे होते हैं तब यह हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ने का प्रयास करते हैं। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम से जुड़े विवाद पर अपना निर्णय सुनाते हुए कहा है कि मतपत्रों से चुनाव नहीं होंगे। यह बयान इसी संदर्भ में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2014 से लगातार आप यह बात सुन रहे हैं। बीते वर्ष हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनी। क्या यह बैलेट पेपर से बनी थी? 2009 में केंद्र में यूपीए की सरकार बनी, तो क्या ये बैलेट पेपर से बनी थी?…कांग्रेस और उसके सहयोगी दल देश को गुमराह करने प्रयास कर कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा लोग आज ईवीएम को नकार रहे हैं यह वही लोग हैं, जो बैलेट लूटने का काम करते थे। उन्होंने आगे कहा कि अब तक दो चरणों के चुनाव में रूझान फिर एक बार मोदी सरकार के हैं।

पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारतीय नेताओं के सभी दावों को खारिज, प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच!

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स्लामाबाद: पाकिस्तान ने शुक्रवार को भारतीय नेताओं से आग्रह किया कि वे चुनाव के दौरान राजनीतिक फायदे के लिए अपने भाषणों में उसे न घसीटें। विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने यहां आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि उनका देश जम्मू-कश्मीर को लेकर भारतीय नेताओं के सभी दावों को खारिज करता है। उन्होंने कहा, ”भारतीय नेता चुनावी कारणों से भारत के लोकलुभावन सार्वजनिक विमर्श में पाकिस्तान को घसीटने की अपनी प्रवृत्ति बंद करें।” बलोच ने कहा, ”हम जम्मू-कश्मीर पर अनुचित दावे करने वाले भारतीय नेताओं के भड़काऊ बयानों में चिंताजनक रूप से वृद्धि देख रहे हैं। पाकिस्तान इन दावों को खारिज करता है। अति-राष्ट्रवाद से प्रेरित, यह भड़काऊ बयानबाजी क्षेत्रीय शांति और संवेदनशीलता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।” उन्होंने दावा किया कि भारतीय दावे ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों के विपरीत हैं। बलोच ने कहा, ”ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों के साथ-साथ जमीनी हकीकत भी जम्मू-कश्मीर पर भारत के निराधार दावों को खारिज करती है।” भारत भी कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के बयानों को खारिज करता रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बार-बार कहा है कि ”केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर तथा केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं तथा हमेशा रहेंगे। किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।”

‘आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने के लिए मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएं’, गुजरात में बोले अमित शाह…

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‘आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने के लिए मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएं’, गुजरात में बोले अमित शाह…

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि यदि नरेन्द्र मोदी लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते हैं तो वह देश से आतंकवाद एवं नक्सलवाद को खत्म कर देंगे और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएंगे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार मनसुख मांडविया के समर्थन में गुजरात के पोरबंदर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जब अनुच्छेद 370 हटाया गया, तो कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कदम का विरोध किया था और कहा था कि इसके कारण कश्मीर में खून की नदी बहेगी। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को खत्म करने का काम किया अमित शाह ने कहा, ”पिछले पांच साल में खून की नदी बहना तो दूर, किसी ने वहां पत्थर फेंकने की भी हिम्मत नहीं की। प्रधानमंत्री मोदी ने देश से आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने का काम किया। जब मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे, तो कोई भी पाकिस्तान से देश में प्रवेश कर सकता था और बम विस्फोट कर सकता था।” उन्होंने कहा, ”जब पाकिस्तान ने पुलवामा और उरी में आतंकवादी हमले किए, तो वह भूल गया कि उस समय मोदी प्रधानमंत्री थे। प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान की धरती पर आतंकवादियों को खत्म करने के लिए 10 दिन में सर्जिकल और हवाई हमले किए।” मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का आग्रह किया केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने देश से आतंकवाद और नक्सलवाद को खत्म करने के लिए लोगों से नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी ने देश को सुरक्षित करने और इसे समृद्ध बनाने के लिए काम किया है। कांग्रेस पार्टी अपने शासन के 10 साल में देश की अर्थव्यवस्था को 11वें स्थान पर ले आई थी। प्रधानमंत्री मोदी केवल 10 वर्ष में इसे पांचवें स्थान पर ले आए। मैं आपको गारंटी देता हूं कि उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाइए और भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।”

जल संकट से गुजर रहा है दक्षिण भारत ,क्या कहती है केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट!

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जल संकट से गुजर रहा है दक्षिण भारत ,क्या कहती है केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट!

केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने हाल ही में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में जलाशय भंडारण स्तरों के बारे में एक बुलेटिन जारी किया, जिसमें यह बताया गया कि दक्षिणी क्षेत्र, जिसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, और तमिलनाडु शामिल हैं, ऐतिहासिक औसत की तुलना में जल भंडारण में महत्वपूर्ण कमी का सामना कर रहा है। CWC द्वारा निगरानी किए गए दक्षिणी क्षेत्र के 42 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 53.334 अरब घन मीटर (BCM) है, लेकिन उपलब्ध भंडारण वर्तमान में केवल 8.865 BCM है, जो उनकी कुल क्षमता का केवल 17% है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी समय के भंडारण स्तर (29%) और पिछले दस वर्षों के औसत (23%) की तुलना में बहुत कम है, जो इन राज्यों में सिंचाई, पेयजल आपूर्ति, और जलविद्युत उत्पादन के लिए संभावित चुनौतियों के संकेत देता है। इसी बीच, पूर्वी क्षेत्र, जिसमें असम, ओडिशा, और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं, ने पिछले वर्ष और पिछले दस वर्षों के औसत की तुलना में जल भंडारण स्तरों में सुधार दिखाया है। इस क्षेत्र में, 23 निगरानी किए गए जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 20.430 BCM है, वर्तमान में 7.889 BCM जल धारण करती है, जो उनकी कुल क्षमता का 39% है। अन्य क्षेत्रों को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिमी क्षेत्र, जिसमें गुजरात और महाराष्ट्र शामिल हैं, 49 निगरानी किए गए जलाशयों की कुल क्षमता का 31.7% जलाशय स्तर 11.771 BCM की रिपोर्ट करता है। यह पिछले वर्ष की तुलना में भंडारण स्तर (38%) और पिछले दस वर्षों के औसत (32.1%) की तुलना में काफी कम है।इसी तरह, उत्तरी और मध्य क्षेत्र भी ऐतिहासिक औसत की तुलना में जल भंडारण स्तरों में गिरावट दिखा रहे हैं।

पहले देश को बांटा, अब देश की संपत्ति बांटने की बात कर रहे..’, कांग्रेस के चुनावी वादे पर भड़के सीएम योगी…

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पहले देश को बांटा, अब देश की संपत्ति बांटने की बात कर रहे..’, कांग्रेस के चुनावी वादे पर भड़के सीएम योगी…

इस लोकसभा चुनाव में भाजपा अपने 370 सीटों के लक्ष्य को हासिल करने की पुरजोर कोशिश कर रही है। एक ओर जहां वो अपने 10 साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रख रही है और पीएम मोदी की नीतियों का बखान कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की गलतियां और नीतियां भी उजागर कर रही है। इसी क्रम में आज शनिवार को उत्तर प्रदेश में भाजपा की रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पार्टी को जमकर आड़े हाथों लिया। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस चुनाव में एक तरफ ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे के साथ भाजपा और NDA है और दूसरी तरफ तुष्टिकरण की राजनीति करने वाला कांग्रेस-सपा का INDI गठबंधन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने 1947 में देश का बंटवारा कराया। इन लोगों ने पहले देश को बांटा और अब कांग्रेस अपने घोषणापत्र में कह रही है कि भारत में संपत्ति का सर्वे करवाएंगे और उसका बंटवारा करेंगे। सीएम ने कहा कि यदि आपके बाप-दादा ने 4 कमरों का घर बनाया है, तो आप 2 कमरो में रहोगे और 2 कमरे कांग्रेस और सपा के कब्जे में चले जाएंगे। बता दें कि, कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में देश की संपत्ति का सर्वे करने की बात कही है, वहीं राहुल गांधी ने भी कई बार चुनावी रैलियों में कहा है कि, पार्टी देश की संपत्ति का मूल्यांकन करने के बाद इसका फिर से बंटवारा करेगी। इसी को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये लोग आज आपकी संपत्ति का बंटवारा करने की साजिश कर रहे हैं। पहले भी इन्होंने कहा था कि SC/ST और OBC का 6 फीसद आरक्षण काट करके मुसलमानों को दे दिया जाए। कांग्रेस ने जस्टिस रंगनाथ कमेटी इसलिए घठित की थी, ताकि बैकडोर से डकैती से डाली जा सके। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनता से पुछा कि कसाइयों को गौ माता का कत्ल करने का अधिकार दोगे क्या ? सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि INDI गठबंधन में शामिल दलों ने भगवान राम और भगवान श्री कृष्ण के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में आतंकवदियों को बिरयानी खिलाई जाती थी। इन लोगों ने पहले देश को बांटा और अब जनता की सम्पति बांटने की बात कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि संपत्ति का सर्वे करवा करके INDI गठबंधन वाले उसपर विरासत टैक्स लगवा देंगे। तीन तलाक का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कांग्रेस के घोषणापत्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कहना है कि वो पर्सनल कानून को वापस लागू कर देंगे, यानी पीएम मोदी ने जो तीन तलाक बंद कर दिया है, उससे वो लोग फिर से लागू कर देंगे।

”भारतीय जनता पार्टी देश में लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती है! प्रियंका गांधी”

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अहमदाबाद: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज शनिवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश में लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती है और पिछले 10 वर्षों में हर संस्था पर उसके खिलाफ टिप्पणी न करने का दबाव डाला है। वलसाड में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “वे (भाजपा) देश के लोकतंत्र और लोगों को कमजोर करना चाहते हैं। जो संस्थाएं आपके अधिकारों की रक्षा करती हैं, चाहे वह मीडिया हो, उन्हें कमजोर कर दिया गया है। मीडिया हमसे हर दिन सवाल पूछता था लेकिन आज ऐसा कुछ नहीं हो रहा है।’ ”संविधान को दोबारा लिखने” पर बीजेपी नेता अनंत कुमार हेगड़े की टिप्पणी का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि यह एक ”खतरनाक” चलन है। उन्होंने कहा कि, “आपने देखा होगा, बीजेपी नेताओं ने कहा है कि वे संविधान बदलना चाहते हैं और पीएम मोदी उस बयान का खंडन करते हैं। यह एक खतरनाक प्रवृत्ति है। इस संविधान ने आपको सभी अधिकार दिए हैं, फिर इसे बदलने की क्या जरूरत है?” उन्होंने विपक्षी नेताओं को “निशाना” बनाने के लिए भाजपा की आलोचना की। प्रियंका ने कहा कि, “पीएम मोदी लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। वह रोजाना विपक्ष पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज कर दिए। दो मुख्यमंत्री जेल में हैं, मेरे भाई (राहुल गांधी) को भी संसद से लगभग बाहर निकाल दिया गया था। सर्दियों में 150 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया था। केवल मोदीजी ईमानदार हैं।” बता दें कि, गुजरात में 26 में से सभी 25 सीटों पर एक ही चरण में मतदान होगा, जो 7 मई, 2024 को तीसरे चरण के लिए निर्धारित है। कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार नीलेश कुंभानी के नामांकन पत्र खारिज होने के बाद सूरत में भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल को निर्विरोध चुना गया। उनके तीन प्रस्तावकों ने जिला निर्वाचन अधिकारी को दिए हलफनामे में दावा किया कि उन्होंने उनके नामांकन फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।