Home Blog Page 1151

चीन के विदेश मंत्री के बाद अब रक्षा मंत्री भी हुए गायब! 2 हफ्तों से कहीं नहीं आए नजर…

0

बीजिंग. चीन अपने मंत्रियों के गायब होने का नाटक कर रहा है. भले ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन में भाग न लेने का फैसला किया, लेकिन इससे अधिक एक और चीनी अधिकारी की गैर-मौजूदगी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है.

चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू करीब दो हफ्तों से गायब हैं. किसी को नहीं पता कि वे कहां हैं.

अब सार्वजनिक जीवन में उनकी अनुपस्थिति को लेकर अफवाहें फैल रही हैं. इस बारे में जापान में संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत रहम एमानुएल ने पिछले शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी भी की थी.

यह चीन में दूसरी हाई-प्रोफ़ाइल गुमशुदगी है – इससे पहले, पूर्व विदेश मंत्री किन गैंग भी जनता की नजरों से गायब रहे हैं. बीजिंग में क्या चल रहा है? इस बारे में फिलहाल किसी को कुछ नहीं पता.

Weather; बारिश के बाद कहीं राहत तो कहीं आफत! दिल्ली समेत अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम…

0

Weather : देश के अलग-अलग राज्यों में बारिश के बाद इस वक्त मौसम सुहाना बना हुआ है. राजधानी में पिछले दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद दिल्लीवासियों को भी उमस भरी गर्मी से राहत मिली.

मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी 11 सितंबर को यूपी, उत्तराखंड जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में आज भी बारिश की संभावना है. इस दौरान कई जगहों पर तेज हवा के साथ-साथ बिजली गिरने की भी आशंका है.

दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में सोमवार (11 सितंबर) को मौसम साफ रह सकता है, हालांकि कुछ इलाकों में बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं. इसके अलावा राजधानी में 16 सितंबर तक बादल छाए रहने के आसार हैं. 9 सितंबर सुबह से 10 सितंबर सुबह साढ़े आठ बजे तक दिल्ली में 38.6 एमएम बारिश दर्ज हुई. वहीं शाम 5 बजे तक 1.3 एमएम बारिश दर्ज की गई.

इन राज्यों में क्या रहेगा हाल

यूपी में बारिश के बाद मौसम के मिजाज में बदलाव देखने को मिला. प्रदेश के कई जिलों में तो मूसलाधार बारिश ने लोगों की टेंशन ही बढ़ा दी. सड़कें नदियों में तब्दील हो गई जिसके बाद यातायात व्यवस्था बाधित हो गई. मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में 12 सितंबर तक बारिश जारी रहने की संभावना है. इसके अलावा उत्तराखंड में अगले चार दिन हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है. मौसम ने पर्वतीय जिलों के साथ ऊधमसिंह नगर के कुछ इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी इस वक्त जोरदार बारिश देखने को मिल रही है. मौसम विभाग की मानें तो एमपी में 12 सितंबर तो छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर तक मौसम खराब रहने वाला है. कुछ जगहों पर तो आंधी, तूफान के साथ ही बिजली गिरने की भी आशंका है. महाराष्ट्र के भी कई जिलों में आईएमडी ने येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सावधान रहने की अपील की है. यह येलो अलर्ट ठाणे पालघर रायगढ़ रत्नागिरी और अन्य जिलों के लिए जारी किया गया है.

Loksabha Election: 2024 का मुकाबला जीतने के लिए BJP कर रही इस ‘मास्टरस्ट्रोक’ पर काम, क्या है वो फॉर्म्युला जिसे साधने में जुटी NDA

0

Loksabha Election 2024 : कहते हैं कि केंद्र की कुर्सी का रास्ता यूपी से होकर जाता है और इस रास्ते पर अपना दबदबा बनाने के लिए हर दल पूरी ताकत झोंकने को तैयार है. यहां भी दलित राजनीति सत्ता की चाबी है.

इस बार केंद्र में बहुजन समाज पार्टी नहीं है. ऐसे में सत्तारूढ़ बीजेपी और उसके सहयोगी दल पहले से ही दलित वोट बैंक में और सेंध लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं.

भाजपा इस वर्ग को लुभाने के लिए रियायतों का सहारा ले रही है. पार्टी ने इस वर्ग के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं के बारे में अधिक जागरूकता पैदा करने के लिए अपनी कई टीमें तैनात कर दी हैं. सरकारी योजना के लाभार्थियों में दलित वर्ग का एक बड़ा हिस्सा है. इस वर्ग ने 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा का समर्थन किया था, इस वजह से ही बहुजन समाज पार्टी का पतन हुआ. 403 सदस्यों वाली यूपी विधानसभा में बसपा के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी.

इस तरह रेस से बाहर हो रही बसपा

बसपा के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसके पास दूसरी पंक्ति का कोई नेतृत्व नहीं बचा है जो उसके वोटर्स तक पहुंच सके. मायावती बहुत ज्यादा एक्टिव नजर नहीं आ रही हैं, जबकि उनके भतीजे आकाश आनंद भी पार्टी कार्यकर्ताओं तक पहुंचने के लिए तैयार नहीं हैं. परिणामस्वरूप, बसपा में जमीनी स्तर के कार्यकर्ता अन्य दलों की ओर जा रहे हैं. बीएसपी ने उन दलितों के घर जाने की भी जहमत नहीं उठाई, जिन्होंने पिछले कुछ साल में अत्याचार झेले हैं.

सपा कर रही PDA फॉर्म्युले पर काम

इस बीच, जहां बीजेपी 2024 में अपनी स्थिति में सुधार करने के लिए ओबीसी उप-जातियों और दलितों पर ध्यान केंद्रित कर रही है. वहीं समाजवादी पार्टी अपनी पीडीए रणनीति पर काम कर रही है, जिसका लक्ष्य ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ को साधना है. सपा स्वामी प्रसाद मौर्य के जरिये भी दलित वोट बैंक को साधने में लगे हैं. इसके अलावा समाजवादी पार्टी बसपा के उन दलित नेताओं की मदद से दलित मतदाताओं को अपने पाले में करने की योजना बना रही है जो सपा में शामिल हो गए हैं और इनमें स्वामी प्रसाद मौर्य, लालजी वर्मा, इंद्रजीत सरोज जैसे नेता शामिल हैं.

कांग्रेस ने भी इस बार झोंकी अपनी ताकत

दूसरी ओर, कांग्रेस भी अपना दलित वोट बैंक वापस पाने के लिए बसपा से आए नसीमुद्दीन सिद्दीकी और नकुल दुबे जैसे नेताओं पर भरोसा कर रही है. पार्टी को भरोसा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा, जिसने उनकी छवि एक गरीब समर्थक नेता के रूप में उजागर की है, से पार्टी को उत्तर प्रदेश में बढ़त हासिल करने में मदद मिलेगी.

भीम आर्मी कई दलों को कर सकती है परेशान

इस बीच, पश्चिमी यूपी में दलितों के बीच एक और उभरती ताकत भीम आर्मी के चंद्र शेखर हैं. हालांकि भीम आर्मी को अभी तक कोई चुनावी सफलता नहीं मिली है, लेकिन उसकी बढ़ती लोकप्रियता और राष्ट्रीय लोक दल के साथ उसकी दोस्ती लोकसभा चुनाव में अन्य पार्टियों के लिए परेशानी का सबब बना सकती है.

क्या है महाराष्ट्र में आरक्षण का मुद्दा? जिस पर नहीं थम रहा बवाल, सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक…

0

Maratha Quota Stir:लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मराठा आरक्षण मुद्दा एक बार फिर विवादों में है, जिसको लेकर महाराष्ट्र सरकार ने आज यानी सोमवार (11 सितंबर) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार ने जानकारी दी.

पवार ने कहा कि मराठा समुदाय को आरक्षण देते समय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग प्रभावित न हो. इस मुद्दे का समाधान केवल चर्चा और बैठक से ही निकाला जा सकता है.

पुणे में डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, “हमने मनोज जारांगे पाटिल की भूख हड़ताल को खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं, लेकिन उन्होंने इसे खत्म करने से इनकार कर दिया इसलिए सोमवार को मुंबई में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है.’ इतना ही नहीं कोल्हापुर में अपने संबोधन के दौरान अजित पवार ने कहा कि मराठा समुदाय के कई लोग अमीर थे, लेकिन बहुत से लोग गरीब थे जिन्हें मदद की जरूरत है.

क्या है पूरा मामला

जालना में एक सितंबर को भड़की हिंसा के बाद राजनीति गरमाई हुई है. मराठाओं के लिए नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग करने वाले हजारों प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज के बाद हिंसा भड़की थी. मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे समुदाय को कुनबी दर्जा देने की मांग को लेकर करीब दो हफ्ते से भूख हड़ताल पर हैं.

क्या है मराठा आरक्षण की लड़ाई
साल 2018 में महाराष्ट्र सरकार ने कानून बनाकर मराठा समुदाय को 13% आरक्षण दिया था, मगर मई 2021 में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने मराठा आरक्षण पर रोक लगा दी और कहा कि आरक्षण को लेकर 50 फीसदी की सीमा को नहीं तोड़ा जा सकता. सुप्रीम कोर्ट ने साल 1992 में आरक्षण की सीमा को अधिकतम 50 फीसदी तक सीमित कर दिया था.

मराठा समुदाय की क्या है मांग
मराठा समुदाय के लोगों की मांग है कि उन्हें नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण दिया जाए, जैसे पिछड़ी जातियों को मिला हुआ है. मराठाओं का दावा है कि समुदाय में एक छोटा तबका है तो समाज में ऊंची पैठ रखता है, लेकिन समुदाय के बाकी लोग गरीबी में जी रहे हैं. जबकि सुप्रीम कोर्ट इस बात से इनकार कर चुका है कि मराठा समुदाय पिछड़ा हुआ है.

MP Election 2023: एमपी चुनाव में BJP-कांग्रेस की टेंशन बढ़ाने आ रही है ये पार्टी! जानें क्या है इस दल की रणनीति!

0

Madhya Pradesh Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं. इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कुछ पूर्व प्रचारकों ने एक राजनीतिक दल बनाया है और इसका नाम जनहित पार्टी रखा है.

संघ के पूर्व प्रचारक अभय जैन (60) ने यहां इस उद्देश्य से की गई बैठक में भाग लेने के बाद संवाददाताओं को यह जानकारी दी. जैन ने कहा कि हम आने वाले विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी भी खड़ा करेंगे. जैन ने कहा, “हमने (संघ के कुछ पूर्व प्रचारकों ने) जनहित पार्टी का गठन किया है क्योंकि अभी सारे राजनीतक दलों की राजनीतिक संस्कृति लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और लोकतंत्र की कसौटी पर विफल रहे हैं.”

गृह मंत्री अमित शाह कल आएंगे बस्तर, चुनावी दौरे से पहले सुरक्षा व्यवस्था पर जवान तैनात…

0

गृहमंत्री अमित शाह 12 सितंबर को छत्तीसगढ़ के नक्सलगढ़ दंतेवाड़ा जिला आने वाले हैं. अपने एक दिवसीय प्रवास पर गृहमंत्री अमित शाह यहां प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर में देवी दर्शन के बाद भाजपा की परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे.

साथ ही विशाल आम सभा को भी संबोधित करेंगे . गृह मंत्री के प्रवास को लेकर भाजपा के साथ-साथ प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है. वही बस्तर पुलिस के द्वारा कार्यक्रम स्थलों के साथ-साथ जिले के सीमावर्ती इलाकों में चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं. स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ सीआरपीएफ के जवान भी सुरक्षा की कमान संभालेंगे. बताया जा रहा है कि गृह मंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए दंतेवाड़ा जिले और बस्तर संभाग के अलग-अलग सीमावर्ती इलाकों में 1 हजार से ज्यादा जवानों को तैनात किया जा रहा है.

3 दिन पहले से ही भाजपा के पदाधिकारी जुटे तैयारी में

छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा कांग्रेस के बड़े नेताओं का छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में प्रवास का सिलसिला शुरू हो गया है. हाल ही में राजधानी रायपुर में गृहमंत्री अमित शाह के प्रवास के बाद अब फिर 12 सितंबर मंगलवार को गृहमंत्री अमित शाह बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिला पहुंच रहे हैं. उनके प्रवास को देखते हुए पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा और पूर्व शिक्षा मंत्री केदार कश्यप तीन दिन पहले से ही दंतेवाड़ा में डेरा जमाए हुए हैं. और लगातार तैयारी में जुटे हुए हैं. महेश गागड़ा इस कार्यक्रम के संयोजक हैं.

उन्होंने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को माँ दन्तेश्वरी देवी के दर्शन करने के बाद विशाल आम सभा को संबोधित करेंगे और इसके बाद भाजपा की परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ करेंगे. गृहमंत्री के आम सभा में लगभग एक लाख भीड़ जुटाने की तैयारी चल रही है. संभाग के 7 जिलों से भीड़ लाने की तैयारी भाजपा के पदाधिकारी कर रहे हैं. इस परिवर्तन यात्रा को सफल बनाने के लिए भाजपा इसके शुभारंभ में अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं.

एक हजार से ज्यादा सुरक्षा बल होंगे तैनात

इधर दंतेवाड़ा जिला नक्सल प्रभावित होने की वजह से सुरक्षा के भी तगड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. बस्तर के आईजी सुंदरराज पी का कहना है कि गृहमंत्री के प्रवास को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ बल की भी तैनाती की जा रही है. गृहमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था चार लेयर में होगी. मंदिर से लेकर आमसभा और परिवर्तन यात्रा की शुभारंभ के दौरान चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहेंगे .इसके अलावा जिले के सीमावर्ती इलाकों में भी चेक पोस्ट नाका लगाया गया है. जहां जवान सभी वाहनों की चेकिंग करने के साथ संदिग्धों पर भी नजर रखेंगे. इसके अलावा गृहमंत्री के सुरक्षा व्यवस्था में बस्तर पुलिस के अलावा प्रदेश के तमाम पुलिस के आला अधिकारी यहां मौजूद रहेंगे. पूरे दंतेवाड़ा जिला और सीमावर्ती इलाकों को छावनी में तब्दील किया जा रहा है…और बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है… हालांकि गृहमंत्री अमित शाह के कार्यक्रम को लेकर अब तक प्रोटोकॉल नहीं आया है.

कुत्‍ता काट ले तो तुरंत लगाएं घर में रखी ये चीज, खाने में न दें ये सब्जियां, डॉ. की सलाह लक्षणों का रखें ध्‍यान, नहीं होगा रेबीज…

0

Dog bite self care information: डॉगी पालने का शौक किसी को भी हो सकता है लेकिन कुत्‍ता पालना इतना आसान भी नहीं है. अगर आपके घर में बच्‍चे हैं तो आपको बहुत सावधान होने की जरूरत है. बहुत ज्‍यादा लाड़-प्‍यार से पाले गए कुत्‍ते भी कई बार गुस्‍से में या खेल-कूद में काट लेते हैं या खरोंच देते हैं.

जिससे रेबीज होने का खतरा होता है. विश्व में रेबीज से होने वाली कुल मौतों में 36 फीसदी मौतें भारत में होती हैं. यहां रेबीज से हर साल 18 से 20 हजार लोगों की जान जाती है. इनमें बच्‍चों की संख्‍या ज्‍यादा है क्‍योंकि बच्‍चे कुत्‍तों का आसान शिकार होते हैं.

बच्‍चों को ज्‍यादा काटते हैं कुत्‍ते

भारत में रिपोर्ट किये गए रेबीज़ के लगभग 30 से 60 फीसदी मामलों और मौतों में 15 साल से कम उम्र के बच्‍चे शामिल हैं. यानि कुत्‍ते बच्‍चों को सबसे आसान शिकार मानते हैं. इसके अलावा बच्चों में काटने या खरोंचने के निशान को अक्सर पहचाना नहीं जाता एवं रिपोर्ट नहीं किया जाता, जिसकी वजह बच्‍चों में रेबीज का खतरा बढ़ जाता है. भारत में मानव रेबीज के लगभग 97 फीसदी मामलों के लिये कुत्ते जिम्मेदार हैं, इसके बाद बिल्लियां (2%), गीदड़, नेवले एवं अन्य (1%) हैं.

अगर काट ले कुत्‍ता तो सबसे पहले करें ये काम

अगर किसी भी पालतू या आवारा कुत्‍ते ने काट लिया है तो तुरंत उस जगह को धो देना चाहिए. इसके बाद घर में रखे डिटर्जेंट साबुन जैसे कि रिन या सर्फ एक्सेल साबुन को घाव पर रगड़कर इस जगह को अच्‍छी तरह गर्म पानी से साफ कर लेना चाहिए. अगर जख्म बहुत गहरा है तो इस जगह पर पहले साबुन से धोएं और उसके बाद बीटाडिन मलहम लगा लें.

ध्यान रखें कि कुत्ता काटने के बाद घाव पर पट्टी नहीं बांधना चाहिए. घाव पर तेल, हल्दी या किसी घरेलू चीज को लगाने से बचें. घाव को धोने के बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

खाने में न दें ये चीजें

चूंकि रेबीज का वायरस फैलता है ऐसे में उसकी रोकथाम के लिए वैक्‍सीनेशन के अलावा खानपान भी ठीक रखना जरूरी है. मरीज को इम्‍यूनिटी बढ़ाने वाला खाना जैसे ताजा फल, सब्जियां, जूस, सुपाच्‍य खाना दें. तला-भुना भोजन, चिप्‍स आदि ज्‍यादा मसालेदार चीजें, आलू, टमाटर, धनिया आदि सब्जियां और मीट कुछ दिन खाने के लिए न दें.

रेबीज के इन लक्षणों पर करते रहें गौर

फेलिक्‍स अस्‍पताल के एमडी डॉ. डीके गुप्‍ता कहते हैं कि रेबीज बीमारी के लक्षण संक्रमित पशुओं के काटने के बाद या कुछ दिनों में प्रकट होने लगते हैं. अधिकतर मामलों में रोग के लक्षण प्रकट होने में कई दिनों से लेकर कई वर्षों तक लग जाते हैं. ऐसे जिसको भी कुत्‍ते ने काटा है उसके लक्षणों पर गौर करते रहें.

रेबीज बीमारी का खास लक्षण यह है कि जहां पर पशु ने काटा है वहां मासपेशियों में सनसनाहट होगी. इसके अलाव ये लक्षण अगर होते हैं तो तत्‍काल अस्‍पताल जाना जरूरी है..

. थकावट महसूस करना. सिरदर्द होना. बुखार आना. मांसपेशियों में जकड़न होना. घूमना-फिरना ज्यादा हो जाता है. चिड़चिड़ा होना या उग्र स्वाभाव होना. व्याकुल होना. अजोबो-गरीब विचार आना. कमजोरी होना या लकवा होना. लार व आंसुओं का बनना ज्यादा हो जाता है. तेज रौशनी, आवाज से चिड़न होने लगती है. बोलने में बड़ी तकलीफ होती है. अचानक आक्रमण का धावा बोलना.

वहीं जब संक्रमण बहुत अधिक हो जाता है और नसों तक पहुंच जाता है तो सभी चीजें या वस्तुएं दो दिखाई देने लगती हैं. मुंह घुमाने में परेशानी होती है. सीना या पेट का घुमाव विचित्र तरीके से होता है. लार ज्यादा बनने लगती है और मुंह में झाग बनने लगते हैं. मुंह से मरीज आवाज करने लगता है.

रेबीज का नहीं कोई इलाज

डॉ. गुप्‍ता कहते हैं कि कुत्‍ते के काटने या खरोंचने के बाद एक बार संक्रमण होने पर रेबीज का कोई इलाज नहीं है. हालांकि कुछ लोग जिंदा रहने में कामयाब रहे हैं लेकिन यह बीमारी जान ले लेती है. ऐसे में जरूरी है कि इस बीमारी को घातक होने से पहले ही रोक दिया जाए और कुत्‍ते के काटने या खरोंचने पर तुरंत वैक्‍सीनेशन कराया जाए.

पालतू कुत्‍तों के लिए बरतें ये सावधानी

जिन लोगों के घर में पालतू जानवर या कुत्ते है, वे डॉग के खानपान और उसको दिया जाने वाले माहौल का खास ध्‍यान रखें. ज्‍यादा खूंखार बनाने या छेड़ते रहने से वह किसी को भी अपना शिकार बना सकता है. इसके साथ ही कुत्‍ते को पालने से पहले वैक्‍सीनेशन जरूर करवाएं.

Petrol Diesel Prices: महाराष्ट्र में पेट्रोल हुआ सस्ता, उत्तर प्रदेश में भी गिर गए दाम, देखें ताजा रेट…

0

नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है. WTI क्रूड 87.51 डॉलर प्रति बैरल पर बिक रहा है. वहीं, ब्रेंट क्रू़ड 90.65 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है.

देश में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए हैं. भारत में हर सुबह 6 बजे ईंधन के दामों में संशोधन किया जाता है. जून 2017 से पहले कीमतों में संशोधन हर 15 दिन के बाद किया जाता था.

महाराष्ट्र में पेट्रोल 62 पैसे और डीजल 60 पैसे सस्ता होकर बिक रहा है. पंजाब में पेट्रोल 53 पैसे और डीजल 51 पैसे सस्ता हो गया है. राजस्थान में पेट्रोल 47 पैसे और डीजल 43 पैसे सस्ता हो गया है. उत्तर प्रदेश में भी पेट्रोल और डीजल 43 पैसे सस्ता हो गया है. हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल 20 और डीजल 18 पैसे महंगा हो गया है. केरल में भी पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है.

चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम

– दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 90..08 रुपये प्रति लीटर

– मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये और डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर

– कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये प्रति लीटर

– चेन्नई में पेट्रोल 102.63 रुपये और डीजल 94.24 रुपये प्रति लीटर

इन शहरों में कितने बदले दाम

– नोएडा में पेट्रोल 96.77 रुपये और डीजल 89.94 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

– गाजियाबाद में 96.58 रुपये और डीजल 89.75 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

– लखनऊ में पेट्रोल 96.57 रुपये और डीजल 89.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

– पटना में पेट्रोल 107.24 रुपये और डीजल 94.04 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

– पोर्टब्‍लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपये और डीजल 79.74 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेट

सुबह 6 बजे हर दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है और नए रेट जारी किए जाते हैं. पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसकी कीमत मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाती है. यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल हमें इतना महंगा खरीदना पड़ता है.

ऐसे पता कर सकते हैं आज के ताजा दाम

आप SMS के जरिए भी पेट्रोल डीजल का रोज का रेट जान सकते हैं. इंडियन ऑयल के कस्टमर RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर और बीपीसीएल उपभोक्ता RSP व अपने शहर का कोड लिखकर 9223112222 नंबर पर SMS भेज जानकारी हासिल कर सकते हैं. वहीं, एचपीसीएल उपभोक्ता HPPrice व अपने शहर का कोड लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजकर भाव पता कर सकते हैं.

अयोध्या: राम मंदिर के उद्घाटन की तारीख का ऐलान! इस दिन विराजमान होंगे रामलला…

0

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में अगले साल 22 जनवरी को मंदिर में भगवान राम विराजमान हो जाएंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 22 जनवरी को राम मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा और राम लला को गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा.

ये फैसाल अयोध्या में चल रही बैठक में हुआ है. वहीं, कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे और उन्हीं के हाथों मंदिर का उद्घाटन कराया जाएगा. इसके लिए पहले ही न्योता भेजा जा चुका है.

जानकारी के मुताबिक, उद्घाटन से एक हफ्ते पहले ही प्राण प्रतिष्ठा की पूजा शुरू कर दी जाएगी. तैयारियों को लेकर सीएम योगी और पीएम की भी 5 सितंबर को बैठक हो चुकी है. इस संबंध में दिल्ली में पीएम मोदी को प्रेजेंटेशन दिया गया था, जिसमें राम मंदिर म्यूजियम समेत अयोध्या के डेवलपमेंट पर भी चर्चा हुई थी. बताया जा रहा है कि इस साल दिसंबर तक राम मंदिर के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा.

बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय रहे मौजूद

राम मंदिर उद्घाटन की तैयारियों को लेकर बीते दिन से भवन निर्माण समिति की बैठक चल रही थी. इस बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, विश्व हिंदू परिषण (विहिप) के अध्यक्ष आलोक कुमार और उपाध्यक्ष जीवेश्वर मिश्रा मौजूद रहे हैं.

अभी हाल ही में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने राम मंदिर की पहली मंजिल की तस्वीरें शेयर की थीं. इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जायजा लिया था. उन्होंने रामलला की पूजा-अर्चना भी की थी. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का काम जोरों से चल रहा है. 5 अगस्त 2020 को पीएम मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था.

रामलला के पक्ष में फैसला 9 नवंबर, 2019 को आया

फरवरी 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की देखरेख के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के गठन की घोषणा की थी. इससे पहले 9 नवंबर, 2019 को भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पांच-जजों की सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया था और कहा था कि 2.7 एकड़ में फैली पूरी विवादित भूमि को सरकार की ओर से बनाए गए एक ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा, जो स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की निगरानी करेगा.

दिल्ली-NCR में लगातार बारिश, बदला मौसम का मिजाज, जानें आज का ताजा अपडेट!

0

दिल्ली-NCR में मौसम का मिजाज बदल गया है. यहां पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है. आज भी कुछ इलाकों में बारिश हुई है. हल्की बारिश के कारण दिल्ली का मौसम सुहाना हो गया है. इसके साथ ही यहां की आबोहवा भी पहले से काफी अच्छी हो गई है.

शनिवार को नई दिल्ली में एवरेज एक्यूआई 39.20 दर्ज किया गया था. बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है.

वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण राष्ट्रीय राजधानी में तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है. दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. वहीं, आज राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. वहीं, आज कभी भी बारिश हो सकती है. देर रात कुछ इलाकों में हुई भी है.

दिल्ली के प्रयासों को इंद्रदेव का भी सहयोग- LG

दिल्ली में फिलहाल जो मौसम की स्थिति है उससे उपराज्यपाल वीके सक्सेना भी खुश है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि G20 के माननीय अतिथियों का प्रवास सुखद रहे, इसके लिए टीम दिल्ली के प्रयासों को इंद्रदेव का भी सहयोग और आशीर्वाद प्राप्त हुआ. रुक रुक कर हो रही हल्की बारिश तापमान और AQI दोनों को नीचे रख, साफ सुथरी और सुसज्जित दिल्ली को और खुशनुमा बनाए हुए हैं.

पेड़ गिरने की भी सूचना

बता दें कि दिल्ली में पिछले दो दिनों रही बारिश की वजह कुछ जगहों पर जलभराव की स्थिति है जबकि दो जगहों पर पेड़ गिरने की सूचना है. MCD के मुताबिक, इंद्रपुरी के रत्नपुरी चौक और वेस्ट पटेल नगर में जलभराव हो गया है. वहीं, सराय काले खां डीडीए फ्लैट और जनकपुरी बी ब्लॉक में पेड़ गिर गिरने की सूचना मिली है.

देश के इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक, असम, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटे के बीच बारिश की संभावना जताई है. इसके अलावा गोवा, केरल, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप और ओडिशा में भी बारिश के आसार हैं. उधर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, कर्नाटक, और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.