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VCK के बाद IUML ने भी TVK को दिया समर्थन, तमिलनाडु में 120 विधायकों के साथ विजय बनाएंगे सरकार…

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तमिलनाडु की विजय सरकार का सत्ता संभालने का रास्ता साफ हो गया है. वीसीके ने शनिवार को टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है. विजय के पास 116 विधायकों का समर्थन था.

तमिलनाडु की विजय सरकार का सत्ता संभालने का रास्ता साफ हो गया है. वीसीके ने शनिवार को टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है. विजय के पास 116 विधायकों का समर्थन था. इधर, टीवीके को इंडियन मु्स्लिम लीग (IUMLS) ने भी समर्थन दे दिया है. अब आंकड़ा बढ़कर 120 हो गया है.

शनिवार की शाम को वीसीके की अहम मीटिंग थी. इसमें टीवीके को समर्थन देने पर फैसला लेना था. मीटिंग में विजय को समर्थन देने पर सहमति बनी. अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री विजय बन सकते हैं. वीसीके ने बिना किसी शर्त के टीवीके को समर्थन दिया है.

4 मई को आए नतीजे ने तमिलनाडु में सभी को चौंका दिया था. यहां टीवीके ने डीएमके और एआईडीएमके को पछाड़ते हुए, राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी. हालांकि, 108 के आंकड़े तक ही पहुंच सकी, और बहुमत से 10 सीट पीछे रह गईं. इसके बाद कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन टीवीके को मिला, वहीं, सीपीआई और सीपीआईएम के दो दो विधायकों ने भी सपोर्टि किया. इससे आंकड़ा बढ़कर 116 पर पहुंच गया. अब वीसीके ने टीवीके को समर्थन दिया है. टीवीके ने सभी समर्थन करने वाली पार्टियों का आभार जताया है, साथ ही पार्टी के नेता अर्जुन ने कहा है कि अब विजय सरकार बनाने के लिए तैयार हैं.

AIADMK चीफ के बयान ने पहले ही बढ़ा दी थी हलचल
इधर, कुछ देर पहले AIADMK के चीफ एडप्पादी के. पलानीस्वामी के एक पोस्ट ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी थी. उन्होंने एक पोस्ट में सरकार बनाने वाली पार्टी को बधाई दी थी. ऐसे में टीवीके के समर्थन को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं. पलानीस्वामी ने एक पोस्ट करते हुए कहा था कि हाल ही में संपन्न 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा. जीत दर्ज की. मैं तमिलनाडु में सरकार बनाने वाली पार्टी को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं.

Tamil Nadu CM LIVE: तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शनिवार को टीवीके प्रमुख विजय को राज्य का नया मुख्यमंत्री नियुक्त किया…

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चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी TVK के पास शुरुआत में बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम, यानी 108 सीटें थीं. कांग्रेस के 5, CPI-CPM-VCK के 2-2 विधायक हैं.

टीवीके चीफ विजय आज चेन्नई में सीएम पद की शपथ लेंगे. राज्यपाल ने विजय को 13 मई या उससे पहले तक विश्वास मत हासिल करने का समय दिया है.

वीसीके और आईयूएमएल द्वारा टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की घोषणा के बाद अभिनेता-राजनेता विजय ने शनिवार को राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात की और उन्हें पार्टियों के उन पत्रों को सौंपा जिनमें बिना शर्त समर्थन देने का वादा किया गया था. विजय ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के प्रमुख के. सेल्वपेरुंथगई और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव पी. षणमुगम सहित सहयोगी दलों के नेताओं के साथ राज्यपाल से मुलाकात की.

वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पास दो-दो सीट हैं. दोनों पार्टियों के समर्थन को मिलाकर तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सीट की संख्या अब 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 हो गई है. टीवीके के संस्थापक नेता ने राज्यपाल से उन्हें सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित करने का आग्रह किया था. विजय चौथी बार लोकभवन में राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे.

विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के पास शुरुआत में बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम, यानी 108 सीटें थीं. टीवीके ने अपने पहले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद, सरकार बनाने के लिए द्रमुक के सहयोगी दलों कांग्रेस, भाकपा, माकपा और वीसीके से संपर्क किया था और समर्थन मांगा था. हालांकि विजय, जिन्होंने दो सीटों पर जीत हासिल की है, को उनमें से एक सीट छोड़नी पड़ेगी. इससे पार्टी के विधायकों की संख्या घटकर 107 रह जाएगी. टीवीके को समर्थन देने वाली पार्टियों – कांग्रेस के 5 तथा भाकपा, माकपा और वीसीके के 2-2 विधायक हैं.

CG: अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम, आंधी-बारिश के बीच बढ़ेगी उमस, स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी…

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मई की शुरुआत में आंधी, बारिश और बादलों के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन अब प्रदेश में तेज गर्मी का नया दौर शुरू होता दिख रहा है. मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में कई जिलों के तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. रायपुर, सुकमा, बिलासपुर और रायगढ़ में भी पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है. जबकि रायगढ़ और महासमुंद में गरज-चमक और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक और बढ़ सकता है.

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में ट्रफ लाइन और ऊपरी हवा में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण का असर बना हुआ है. इसी कारण कुछ जिलों में गरज-चमक, हल्की बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है. रायगढ़ और महासमुंद जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में बिजली गिरने और हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है. हालांकि राहत वाली बारिश के बावजूद कुल मिलाकर अगले कुछ दिनों में गर्मी का असर बढ़ने वाला माना जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 12 मई के बाद प्रदेश में तापमान और तेजी से बढ़ सकता है.

राजनांदगांव सबसे गर्म, रायपुर में भी बढ़ी तपिश
प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया. यहां पारा 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. रायपुर में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि सुकमा में 38.8, बेमेतरा में 38.2 और बिलासपुर में 37.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. सरगुजा सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. मौसम विभाग के मुताबिक सुबह और रात के समय कुछ राहत महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर में गर्म हवाओं का असर बढ़ रहा है.

अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम
IMD रायपुर के अनुसार अगले 4 दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है. कई जिलों में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश के संकेत हैं, लेकिन इसके साथ तापमान भी लगातार ऊपर जाएगा. रायपुर में 11 मई तक अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है. कुछ जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में कम निकलने की सलाह दी है.

आंधी-बारिश के बीच बढ़ेगी उमस
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्री-मानसून गतिविधियों के कारण प्रदेश में आंधी और हल्की बारिश हो रही है, लेकिन इससे उमस भी बढ़ेगी. कई शहरों में दिन में तेज धूप और शाम को बादल छाने जैसी स्थिति बन सकती है. पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली थी, लेकिन अब शुष्क हवाएं और तेज धूप गर्मी को और बढ़ाने लगी हैं.

किसानों के लिए बढ़ी चिंता
तापमान बढ़ने और तेज हवाओं का असर फसलों पर भी पड़ सकता है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सिंचाई का समय बदलने और फसलों को तेज हवा व ओलावृष्टि से बचाने की सलाह दी है. सब्जी और फल उत्पादकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. एग्रोमेट एडवाइजरी में खेतों में नमी बनाए रखने और छायादार जाल का उपयोग करने की सलाह दी गई है.

स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है. लोगों से ज्यादा पानी पीने, हल्के रंग के कपड़े पहनने और धूप में सिर ढंककर निकलने को कहा गया है. आंधी-बारिश के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की भी सलाह दी गई है.

CG: बंगाल की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम साय, नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को बहुत-बहुत बधाई व शुभकामनाएं…

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छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय कोलकाता में आयोजित बंगाल की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल…

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 9 मई को कोलकाता में आयोजित पश्चिम बंगाल (West Bengal) की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।

समारोह से लौटकर सीएम साय ने रायपुर में कहा कि हम सभी लोग कोलकाता गए थे और शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, अनेक केंद्रीय मंत्रीगण, भाजपा (BJP) शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों आदि सभी की उपस्थिति में ये शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मैं छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से वहां के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को बहुतबहुत बधाई शुभकामनाएं देता हूं।

CG: निकाय और पंचायत चुनाव की घोषणा… आदर्श आचरण संहिता लागू, यह है चुनावी कार्यक्रम…

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राज्य निर्वाचन आयोग ने निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायत आम व उप चुनाव का कार्यक्रम किया जारी है।

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में 1228 पदों पर मतदान होंगे..

राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम व उप चुनाव के लिए कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन चुनाव की प्रक्रिया 11 मई से शुरू होकर 4 जून तक चलेगी। मतदान 1 जून को होगा। नतीजों की घोषणा 4 जून को होगी। जारी अधिसूचना के मुताबिक, नगर पंचायत बम्हनीडीह, शिवनंदनपुर, पलारी, धुमका और सहसपुरलोहारा में अध्यक्ष के पदों के साथ-साथ वार्ड चुनाव भी होंगे।

आदर्श आचरण संहिता लागू

इसके अलावा 12 वार्ड में उपचुनाव होंगे। इसी प्रकार त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 10, सरपंच के 82 तथा पंच के 1136 पद मिलाकर कुल 1228 रिक्त पद के लिए चुनाव होंगे। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ऐसे नगर पालिकाओं एवं पंचायत क्षेत्रों में जहां निर्वाचन सम्पन्न होना है, आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है।

यह है चुनावी कार्यक्रम

नगरीय निकाय और त्रि-स्तरीय पंचायत आम व उपचुनाव के लिए 11 मई से नामांकन मिलना शुरू होगा। इसकी अंतिम तिथि 18 मई है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 19 मई को होगी। 21 मई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। नगरीय निकायों के लिए मतदान 1 जून को और परिणामों की घोषणा 4 जून को की जाएगी। त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए मतदान एवं मतगणना 1 जून 2026 को की जाएगी। सारणीकरण एवं परिणामों की घोषणा दिनांक 4 जून को की जाएगी।

निकायों में 115 और त्रि-स्तरीय पंचायतों में 937 मतदान केंद्र

राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से चुनाव कराने के लिए आयोग द्वारा व्यापक तैयारियां कर ली गई है। निर्वाचन कार्यक्रम अनुसार नगरीय निकायों के कुल 44525 मतदाता तथा त्रिस्तरीय पंचायतों के कुल 1037789 मतदाता चुनाव में भाग लेंगे। नगरीय निकायों के निर्वाचन के लिए कुल 115 तथा त्रि-स्तरीय पंचायतों के अंतर्गत कुल 937 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

निकायों में ईवीएम से चुनाव

नगरीय निकायों में चुनाव दलीय आधार पर ईवीएम से तथा त्रि-स्तरीय पंचायतों में चुनाव गैर दलीय आधार पर मतपेटी के माध्यम से कराए जाएंगे। सभी नगरीय निकायों में मतदान सुबह 8 से शाम 5 बजे तक तथा त्रि-स्तरीय पंचायतों में मतदान सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक होंगे।

(CGPSC) ने स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस एग्जामिनेशन 2026 के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी…

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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस एग्जामिनेशन का नोटिस जारी कर दिया है.

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने स्टेट इंजीनियरिंग सर्विस एग्जामिनेशन 2026 के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है. इस भर्ती अभियान के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में कुल 46 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. इंजीनियरिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे.

सीजीपीएससी द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 मई 2026 से शुरू होगी. उम्मीदवार 11 जून 2026 तक आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं. आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद किसी भी आवेदन को स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऐसे में अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है.

सैलरी कितनी मिलेगी

इस भर्ती के तहत सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से जुड़े सहायक अभियंता स्तर के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. चयनित उम्मीदवारों को 56,100 रुपये से लेकर 1,77,500 रुपये तक का आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा. भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन मोड में आयोजित होगी.

शैक्षणिक योग्यता

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से सिविल, मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई या बीटेक की डिग्री होना अनिवार्य है. कुछ विशेष पदों के लिए एएमआईई (AMIE) प्रमाणपत्र को भी मान्यता दी गई है. इसके अलावा आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाणपत्र आवश्यक होगा.

आयु सीमा के अनुसार आवेदन करने वाले उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है. आयु की गणना 11 जून 2026 को आधार मानकर की जाएगी. वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी.

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन दो चरणों में किया जाएगा. पहले चरण में लिखित परीक्षा आयोजित होगी, जबकि दूसरे चरण में इंटरव्यू या पर्सनैलिटी टेस्ट लिया जाएगा. अंतिम चयन मेरिट के आधार पर होगा, जिसमें लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों के अंक शामिल किए जाएंगे.

आवेदन शुल्क

आवेदन शुल्क की बात करें तो छत्तीसगढ़ के एससी, एसटी, ओबीसी (एनसीएल) और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए शुल्क 300 रुपये रखा गया है. वहीं सामान्य वर्ग और अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को 400 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा. आवेदन पत्र में सुधार के लिए 500 रुपये करेक्शन फीस निर्धारित की गई है. उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे.

CG: नगरीय प्रशासन विभाग में बड़ा फेरबदल, कई इंजीनियरों के तबादले…

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विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंताओं को अलग-अलग नगरीय निकायों में नई पदस्थापना दी गई है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए कई इंजीनियरों के तबादले किए हैं। विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंताओं को अलग-अलग नगरीय निकायों में नई पदस्थापना दी गई है।

यहां देखें आदेश की कॉपी

Kerala BJP Candidate Sonia Gandhi: कौन हैं केरल में BJP की उम्मीदवार सोनिया गांधी? कैसे पड़ा नाम, क्यों पूरे देश में हो रही चर्चा?

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Who is Kerala BJP Candidate Sonia Gandhi: केरल की मुन्‍नार पंचायत में BJP उम्मीदवार सोनिया गांधी इस चुनाव की सबसे चर्चित शख्सियत बन गई हैं. पिता ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के प्रति सम्मान में उनका नाम रखा था, लेकिन शादी के बाद उन्होंने BJP का रास्ता अपना लिया. अब उनका नाम स्थानीय चुनाव में नया राजनीतिक समीकरण और उत्सुकता पैदा कर रहा है.

केरल के इडुक्की जिले के मुन्‍नार पंचायत चुनाव में इस बार एक नाम सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है. इस नाम ने पूरे प्रदेश से लेकर देशभर में लोगों का ध्यान खींच लिया है. यह नाम BJP उम्मीदवार सोनिया गांधी की है. नाम सुनते ही पहली प्रतिक्रिया यही होती है कि यह कोई गलती या संयोग होगा. लेकिन स्थानीय राजनीति में यह नाम एकदम असली है और इसी वजह से यह मुकाबला सबसे दिलचस्प बन गया है.

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम से मिलते-जुलते नाम वाली इस उम्मीदवार की कहानी उतनी ही अनोखी है जितनी कि यह चुनावी स्थिति. दिलचस्प यह है कि उनका जन्म एक ऐसे घर में हुआ जहां कांग्रेस की मजबूत राजनीतिक विरासत मौजूद थी. लेकिन आज वे उसी पार्टी की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी BJP की ओर से चुनाव मैदान में हैं. यही उलटफेर मतदाताओं के बीच भारी चर्चा का कारण है.

कांग्रेस के घर में जन्म, BJP में नई पहचान

सोनिया गांधी के पिता दिवंगत दुरे राज कांग्रेस के वरिष्ठ स्थानीय नेता थे और नल्लथानी कल्लार क्षेत्र में पार्टी के सक्रिय चेहरे रहे. कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के प्रति सम्मान और अपनी नवजात बेटी के प्रति भावनात्मक लगाव के चलते उन्होंने उसका नाम सोनिया गांधी रखा था. लेकिन जीवन की राहें अक्सर राजनीति के समीकरण बदल देती हैं. सोनिया की राजनीतिक यात्रा भी कुछ ऐसी ही रही.

पिता कांग्रेस नेता थे, लेकिन शादी के बाद उन्होंने BJP का रास्ता चुना.

शादी के बाद बदला राजनीतिक रास्ता

सोनिया गांधी की शादी के बाद उनकी राजनीतिक पहचान नई दिशा में मुड़ी. उनके पति सुभाष एक सक्रिय BJP कार्यकर्ता हैं और इस समय पंचायत के जनरल सेक्रेटरी के पद पर हैं. डेढ़ साल पहले वे मुन्‍नार के पुराने मोलक्कडा वार्ड में उपचुनाव में BJP उम्मीदवार भी रहे थे. पति के राजनीतिक रुख और परिवारिक माहौल ने धीरे-धीरे सोनिया को भी BJP से जोड़ दिया, और अब वे उसी पार्टी के टिकट पर पंचायत चुनाव मैदान में हैं.

प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार के लिए चुनौती

कांग्रेस प्रत्याशी मंजुला रमेश के लिए यह मुकाबला बेहद असामान्य हो गया है. कारण यह कि मतपत्र पर “सोनिया गांधी (BJP)” लिखा देख कई वोटर पहली नजर में असमंजस में पड़ जाते हैं. राजनीतिक इतिहास में ऐसे कई अवसर रहे हैं जब नाम की समानता से वोट बंटे हैं और स्थानीय निकाय चुनावों में यह फैक्टर और अधिक प्रभावी होता है. इसी वजह से कांग्रेस खेमे में हल्की बेचैनी है कि कहीं यह चुनावी मनोविज्ञान परिणाम पर असर न डाल दे.

कौन हैं मुन्‍नार की सोनिया गांधी?

  • मूल रूप से नल्लथानी कल्लार की रहने वाली.
  • पिता दुरे राज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता.
  • पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रेरित होकर रखा गया नाम.
  • पति सुभाष BJP के सक्रिय नेता और पंचायत महासचिव.
  • अब खुद BJP समर्थित उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में.

केरल चुनाव 2025: कब, कहां, कैसे?

2025 के स्थानीय निकाय चुनाव दो चरणों में 9 और 11 दिसंबर को होंगे, जबकि काउंटिंग 13 दिसंबर को होगी. पहले चरण में तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, अलप्पुझा और एर्नाकुलम जिले शामिल हैं. दूसरे चरण में त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड़ में मतदान होगा. सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक लोग वोट डालेंगे. ट्रेंड 2025 पोर्टल के जरिए रियल-टाइम रिजल्ट जारी किए जाएंगे. कुल 1,199 स्थानीय निकाय चुनाव लड़ेंगे. इनमें ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत, जिला पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम शामिल हैं.

क्यों बन गई यह सीट राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र?

एक पंचायत स्तर का चुनाव आमतौर पर राष्ट्रीय समाचारों में जगह नहीं बनाता, लेकिन “सोनिया गांधी- BJP” का यह अनोखा समीकरण राजनीतिक जिज्ञासा जगाने के लिए काफी था. मुन्‍नार में लोग सिर्फ उम्मीदवार के वादों पर नहीं, बल्कि नाम के अनूठे प्रभाव पर भी चर्चा कर रहे हैं. स्थानीय स्तर पर यह नाम जिज्ञासा पैदा कर रहा है, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे एक “मनोवैज्ञानिक चुनावी फैक्टर” मान रहे हैं, जो अंतिम नतीजों को दिलचस्प बना सकता है.

बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग के 45 साल पूरे, स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी करेंगे ध्यान मंदिर का उद्घाटन…

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बेंगलुरु में कल आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस और गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन पर भव्य कार्यक्रम होने जा रहा है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. पीएम मोदी यहां नए बने ध्यान मंदिर का उद्घाटन करेंगे और कई सामाजिक व मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत करेंगे. कार्यक्रम में भारत समेत दुनिया के कई देशों से लोग पहुंचेंगे. आर्ट ऑफ लिविंग की 45 साल की यात्रा, सुदर्शन क्रिया, ग्रामीण विकास और विश्व शांति जैसे विषय इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेंगे.

कल बेंगलुरु में एक बेहद खास और भव्य कार्यक्रम होने जा रहा है, जहां आध्यात्म, मेडिटेशन, सेवा और भारतीय संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. आर्ट ऑफ लिविंग अपने 45वें स्थापना दिवस का जश्न मनाने जा रहा है और इसी मौके पर संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का 70वां जन्मदिन भी मनाया जाएगा. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. कार्यक्रम का आयोजन बेंगलुरु के कनकपुरा रोड स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में किया जाएगा, जहां हजारों लोग मौजूद रहेंगे. देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी लोग इस समारोह में पहुंचने वाले हैं. आयोजन को लेकर तैयारियां कई दिनों से चल रही हैं और पूरा परिसर रोशनी, सजावट और सांस्कृतिक माहौल से भर गया है.

पीएम मोदी करेंगे ध्यान मंदिर का उद्घाटन
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण नया बना “ध्यान मंदिर” होगा, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. यह ध्यान मंदिर एक विशाल मेडिटेशन हॉल है, जिसे खास तौर पर मानसिक शांति, ध्यान और आध्यात्मिक अनुभव के लिए तैयार किया गया है. बताया जा रहा है कि यहां एक साथ बड़ी संख्या में लोग बैठकर ध्यान कर सकेंगे. मंदिर का डिजाइन ऐसा बनाया गया है कि यहां आने वाले लोगों को शांत और सकारात्मक माहौल महसूस हो.

ध्यान मंदिर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि इसे मानसिक स्वास्थ्य और अंदरूनी शांति का केंद्र माना जा रहा है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां तनाव और चिंता तेजी से बढ़ रही है, वहां इस तरह के मेडिटेशन सेंटर लोगों को मानसिक राहत देने का काम करेंगे. आर्ट ऑफ लिविंग का कहना है कि आने वाले समय में यहां नियमित ध्यान सत्र, योग कार्यक्रम और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अभियान चलाए जाएंगे.

45 साल पहले शुरू हुई थी आर्ट ऑफ लिविंग की यात्रा
आर्ट ऑफ लिविंग की शुरुआत साल 1981 में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने की थी. शुरुआत में यह एक छोटा आध्यात्मिक अभियान था, लेकिन धीरे-धीरे यह दुनिया की सबसे बड़ी वॉलंटियर आधारित संस्थाओं में शामिल हो गया. आज यह संस्था 180 से ज्यादा देशों में काम कर रही है और करोड़ों लोगों तक पहुंच बना चुकी है. संस्था का मुख्य उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त और खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है. गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने कम उम्र में ही आध्यात्म की राह पकड़ ली थी. कहा जाता है कि बचपन से ही उन्हें भगवद गीता और ध्यान में रुचि थी. बाद में उन्होंने “सुदर्शन क्रिया” नाम की खास ब्रीदिंग तकनीक विकसित की, जो आज दुनिया भर में लोकप्रिय है. लाखों लोग इसे तनाव कम करने और मानसिक शांति पाने के लिए अपनाते हैं.

सामाजिक कामों में भी सक्रिय रही संस्था
आर्ट ऑफ लिविंग सिर्फ मेडिटेशन और योग तक सीमित नहीं रही. संस्था ने ग्रामीण विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और जेल सुधार जैसे कई क्षेत्रों में भी काम किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, संस्था ने हजारों गांवों में विकास कार्यक्रम चलाए हैं और लाखों युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी है. पर्यावरण के क्षेत्र में भी संस्था ने कई नदियों को पुनर्जीवित करने और बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने का दावा किया है. इसके अलावा जेलों में बंद कैदियों के लिए भी मेडिटेशन और सुधार कार्यक्रम चलाए गए हैं, जिनसे लाखों लोग जुड़े हैं. संस्था के कई अभियान मानसिक स्वास्थ्य और समाज में सकारात्मक बदलाव पर केंद्रित रहे हैं.

दुनियाभर की संस्कृतियों का भी होगा प्रदर्शन
इस कार्यक्रम में सिर्फ आध्यात्मिक सत्र ही नहीं होंगे, बल्कि अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी. संगीत, डांस और कला के जरिए दुनिया की विविध संस्कृतियों को मंच पर दिखाया जाएगा. आयोजन में सरकारी अधिकारी, बिजनेस लीडर्स, युवा, छात्र, कलाकार और कई अंतरराष्ट्रीय मेहमान भी शामिल होंगे. इसके अलावा आने वाले दिनों में कई खास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ग्लोबल मेडिटेशन फॉर वर्ल्ड पीस सबसे खास माना जा रहा है. यह 13 मई को होगा और दुनिया भर के लोग ऑनलाइन भी इससे जुड़ सकेंगे.

भारत की सॉफ्ट पावर के रूप में देखा जा रहा आयोजन
आर्ट ऑफ लिविंग को लंबे समय से भारत की “सॉफ्ट पावर” का हिस्सा माना जाता है. योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने में इस संस्था की बड़ी भूमिका रही है. यही वजह है कि इस आयोजन को सिर्फ एक आध्यात्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक प्रभाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस कार्यक्रम में शामिल होना भी इस बात को दिखाता है कि योग, मेडिटेशन और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषय अब राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर कितने महत्वपूर्ण बन चुके हैं. बेंगलुरु का यह आयोजन आने वाले दिनों में देश और दुनिया में चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है.

भारत के पड़ोस में निकला ‘लाल हीरा’, म्यांमार को मिला 2.1 किलो का रूबी, 11,000 कैरेट का है खजाना…

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म्यांमार की किस्मत अचानक से खुल गई है. म्यांमार को अब तक दूसरा सबसे बड़ा रूबी मिला है. यह रूबी 11,000 कैरेट का है. इसकी अनुमानिक कीमत कई करोड़ में होगी. इसके वजन की बात करें तो यह 2.1 किग्रा का है. 1996 में म्यांमार ने अपने देश का सबसे बड़ा रूबी खोजा था, जो 21,450 कैरेट का था.

भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में इस समय गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है. हर समय यहां गोलियों की बौछार दिख रही है. लेकिन इसी बीच म्यांमार के हाथ एक बड़ा खजाना निकला है. बम और बारूद के बीच यहां धरती से अचानक एक ‘लाल हीरा’ निकला है. म्यांमार में खनिकों ने एक ऐसा रूबी खोज निकाला है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. म्यांमार के मोगोक इलाके में खनन के दौरान करीब 11,000 कैरेट का विशाल रूबी मिला है. इसका वजन करीब 2.1 किग्रा बताया जा रहा है. इसे देश में अब तक मिले दूसरे सबसे बड़े रूबी के तौर पर देखा जा रहा है. इसकी कीमत का अंदाजा अभी नहीं आया है. लेकिन माना जा रहा है कि बिना कट के ही यह रूबी करोड़ों में होगा.

यह खोज इसी साल अप्रैल के मध्य में हुई, ठीक उस समय जब देश में पारंपरिक नए साल का त्योहार खत्म हुआ था. मोगोक इलाका म्यांमार के रत्न उद्योग का दिल माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय से यहां जबरदस्त लड़ाई भी चल रही है. दिलचस्प बात यह है कि यह रूबी आकार में भले ही 1996 में मिले 21,450 कैरेट के पत्थर से छोटा है, लेकिन इसकी क्वालिटी ज्यादा बेहतर बताई जा रही है. CBS न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रूबी का रंग बैंगनी-लाल है, जिसमें हल्का पीला टोन भी दिखता है. इसकी चमक और पारदर्शिता इसे और खास बनाती है.

दुनिया का सबसे बड़ा रूबी उत्पादन वाला देश है म्यांमार

म्यांमार दुनिया का सबसे बड़ा रूबी उत्पादक देश है. माना जाता है कि दुनिया के करीब 90% रूबी यहीं से आते हैं. यही वजह है कि यहां के रत्न बाजार का अंतरराष्ट्रीय महत्व बहुत ज्यादा है. लेकिन इस चमक के पीछे एक कड़वा सच भी छिपा है. म्यांमार का रत्न उद्योग लंबे समय से विवादों में रहा है. मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि इन रत्नों की कमाई का बड़ा हिस्सा सेना और सशस्त्र समूहों तक जाता है, जिससे देश में संघर्ष और बढ़ता है.

जहां से रूबी निकला, वहां सत्ता की लड़ाई

मौजूदा समय में भी म्यांमार की राजनीति और हालात काफी अस्थिर हैं. हाल ही में यहां एक नई सरकार बनी, लेकिन कई संगठनों ने चुनावों को निष्पक्ष नहीं माना. देश के सैन्य प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग फिर से सत्ता में हैं और उन्होंने खुद इस विशाल रूबी को राजधानी नेप्यीडॉ में देखा. खनन वाले इलाके की स्थिति भी काफी संवेदनशील है. मोगोक क्षेत्र पर 2024 में ताआंग नेशनल लिबरेशन आर्मी (TNLA) नाम के एक सशस्त्र समूह ने कब्जा कर लिया था. बाद में चीन की मध्यस्थता से हुए सीजफायर के बाद यह इलाका फिर से सेना के नियंत्रण में आया. यानी जिस जमीन से यह अनमोल रूबी निकला है, वहां सिर्फ खनन ही नहीं, बल्कि सत्ता और संघर्ष की लड़ाई भी चल रही है.