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CG: ‘एक देश एक कानून’, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष का बड़ा बयान, कहा- यूसीसी कानून तत्काल लागू होना चाहिए…

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‘एक देश एक कानून’, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष का बड़ा बयान, कहा- यूसीसी कानून तत्काल लागू होना चाहिए’

डॉ. सलीम राज ने कहा कि देश संविधान और एक कानून से चलेगा, न कि अलग-अलग धार्मिक रीति-रिवाजों से, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में दो तरह के कानूनों की कोई आवश्यकता नहीं है.

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि देश मुस्लिम या ईसाई रीति-रिवाजों से नहीं, बल्कि एक कानून और संविधान से चलेगा। उन्होंने कहा कि भारत में दो तरह के कानून नहीं होने चाहिए और मुस्लिम रीति-रिवाजों के आधार पर अलग कानून की कोई ज़रूरत नहीं है।

इसके अलावा उन्होंने वंदे मातरम के गायन का समय बढ़ाए जाने के फैसले को भी स्वागतयोग्य बताया। उन्होंने कहा कि देश में अब मुगल या बाबर का शासन नहीं है। उन्होंने दावा किया कि तुष्टिकरण की राजनीति को खत्म किया गया है और अब समानता की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

कलेक्टर की अध्यक्षता में सुरक्षित इंटरनेट दिवस का आयोजन, नागरिकों को स्कैम से बचने के उपायों की दी जानकारी

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में “सुरक्षित इंटरनेट दिवस” का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नागरिकों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, इसके लाभ और संभावित खतरों के बारे में जागरूक किया गया।

हर साल फरवरी माह के दूसरे मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षित इंटरनेट दिवस मनाया जाता है, और इस दिन का उद्देश्य इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना है। कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि इंटरनेट का सही तरीके से इस्तेमाल जीवन को आसान बना सकता है, लेकिन इसके उपयोग में सतर्कता जरूरी है, ताकि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।

इस कार्यक्रम में इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रजेंटेशन के माध्यम से डिजिटल पेमेंट, ई-शॉपिंग, ई-लर्निंग और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले स्कैम्स से बचने के उपाय बताए गए। खास तौर पर नागरिकों को अनजान व्यक्ति से ओटीपी साझा न करने की सलाह दी गई और यह बताया गया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई चीज नहीं होती है।

कार्यक्रम में बताया गया कि वर्तमान में ओटीपी स्कैम, यूपीआई स्कैम, फिशिंग, नकली एसएमएस और अज्ञात एपीके फाइल्स के माध्यम से व्यापक पैमाने पर ठगी की जा रही है। इस ठगी से बचने के लिए, नागरिकों को अनजान व्यक्तियों से कोई भी संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई।

इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सीईओ जिला पंचायत ने जनदर्शन में सुनीं जनता की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन के दौरान जिले भर से आए नागरिकों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।

जनदर्शन में आए आवेदनों में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित समस्याओं के अलावा आधार कार्ड अपडेट करने, ऑनलाइन रिकॉर्ड सुधारने और अन्य सरकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। सुश्री सिंह ने सभी अधिकारियों से संबंधित मामलों का शीघ्र समाधान करने की अपील की और पात्र नागरिकों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए निर्देशित किया।

इस दौरान सीईओ ने सभी विभागीय अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं का निवारण प्राथमिकता से करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ जनसामान्य तक पहुंचाना प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है।

जनदर्शन में नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। जनदर्शन के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर मिला, जिससे उन्हें त्वरित समाधान मिलने की उम्मीद है।

कलेक्टर ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए, चावल उत्सव और धान उठाव कार्य पर भी चर्चा

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने, धान के उठाव कार्य को तेज़ी से पूरा करने और विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा की।

कलेक्टर ने धान खरीदी के बाद उठाव कार्य में गति लाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन और अन्य कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए और धान उठाव को गति दी जाए। इसके अलावा, धान खरीदी के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर खाद्य विभाग, राजस्व विभाग और अन्य अधिकारियों को बधाई दी।

स्वास्थ्य सुविधा को प्राथमिकता

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने जिला अस्पतालों और निजी अस्पतालों में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को तीन दिन तक डॉक्टर की देखरेख में रखने की बात की। इसके अलावा, कलेक्टर ने बाल और मातृत्व मृत्यु दर को घटाने के लिए भी विशेष कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पतालों में जच्चा और बच्चा के लिए अलग कक्ष बनाने और अस्पतालों में स्वच्छता बनाए रखने की भी बात की।

कलेक्टर ने टेली मेडिसिन के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की और आयुष विभाग के साथ मिलकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाने का सुझाव दिया।

चावल उत्सव और प्रधानमंत्री योजनाओं की समीक्षा

कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर 7 तारीख को ‘चावल उत्सव’ मनाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को इस उत्सव में शामिल करने का भी प्रस्ताव रखा।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों से सभी आवासों को समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए भी अधिकारियों को प्रोत्साहित किया।

अवैध उत्खनन और अन्य समस्याओं पर चर्चा

कलेक्टर ने अवैध उत्खनन पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही और लंबित मुआवजा प्रकरणों को शीघ्र निपटाने का आदेश दिया। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों को अपने काम को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने की हिदायत दी।

इस बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम, और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

मड़ई में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की कार्रवाई, लोहे के कड़े जब्त

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राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन में थाना सोमनी पुलिस ने सोमनी मड़ई क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रभावी कार्रवाई की।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ असामाजिक तत्व सार्वजनिक स्थानों पर लोहे के कड़े पहनकर घूम रहे थे, जिससे आम जनता में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन युवकों को पकड़ा और उन्हें समझाया।
सोमनी पुलिस ने युवकों से 20 से अधिक लोहे के कड़े उतरवाए और जब्त किए। साथ ही, पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियां कानून व्यवस्था को भंग करने की श्रेणी में आती हैं और भविष्य में ऐसे कृत्य से दूर रहने की हिदायत दी गई।
पुलिस का यह कदम क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने का एक ठोस प्रयास था। पुलिस ने क्षेत्रवासियों से भी अपील की कि वे शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
पुलिस ने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा क्षेत्र में सतत निगरानी जारी रखी जाएगी और अगर भविष्य में इस प्रकार की कोई भी गतिविधि सामने आती हैए तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
राजनांदगांव पुलिस ने अपने कर्तव्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।

दिगर राज्य से अवैध रूप से छत्तीसगढ़ में धान खपाने के मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य शासन के आदेशों के तहत दिगर राज्य से छत्तीसगढ़ राज्य की समितियों में धान अवैध रूप से खपाने की कोशिश कर रहे आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
दिनांक 14 जनवरी 2025 को तहसील छुरिया के कार्यपालिका दंडाधिकारी विजय कुमार कोठरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने 6 ट्रकों से 2170 कट्टे धान की बरामदगी की थी, जिसका कुल मूल्य 26 लाख 90 हजार 800 रुपये था। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपियों के फरार होने के बाद पुलिस ने मामले की गहन छानबीन की।
पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अति. पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी केसरीनंदन नायक के दिशा-निर्देशन में पुलिस चौकी चिचोला के प्रभारी निरीक्षक योगेश पटेल के नेतृत्व में पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नीरज सापेकर उर्फ नीरू (33 वर्ष), अरुण दमाहे (42 वर्ष) और कृष्ण कुमार डोंगरवार (35 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी आरोपी महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के निवासी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
इस मामले में पुलिस की जांच टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरीक्षक योगेश पटेल, सउनि विरेन्द्र नाविक, सउनि मो. शरीफुद्दीन शेख, प्रधान आरक्षक धर्मेन्द्र साहू और आरक्षक चंद्रशेखर प्रेमी की मेहनत से यह कार्रवाई सफल रही है।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में फरार आरोपियों के खिलाफ जल्द ही गिरफ्तारी की योजना बनाई है। राज्य की समितियों में अवैध धान खपाने के इस प्रयास को नाकाम करने के लिए पुलिस ने कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सतर्क रहें और सूचना मिलने पर पुलिस को सूचित करें, ताकि राज्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके।

सर्विस रोड की व्यवस्था में सुधार, 195 वाहनों पर कार्रवाई से जुर्माना वसूल

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राजनांदगांव। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने मुख्य मार्ग और सर्विस रोड पर नियमों का उल्लंघन कर खड़ी की गई गाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना और नागरिकों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना है।
पुलिस ने पिछले तीन दिनों में अग्रवाल ट्रांसपोर्ट तिराहा से लेकर पुराना बस स्टैंड चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, रेलवे स्टेशन रोड, भगत सिंह चौक, महावीर चौक, गुरुद्वारा चौक, नया बस स्टैंड, अम्बेडकर चौक, मनोकामना से आरके नगर चौक तक सर्विस रोड के दोनों ओर खड़े वाहनों पर कार्रवाई की। इस दौरान मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत 195 वाहनों पर लॉक लगाकर कुल 73,200 रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार किया जा सके।
यातायात पुलिस की निरंतर कार्रवाई से शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस अभियान में आम नागरिकों का भी सक्रिय सहयोग देखा जा रहा है। उदाहरण स्वरूप, हैदराबादी बिरयानी सेंटर ने अपनी दुकान के सामने नो पार्किंग बोर्ड लगाकर जागरूकता का परिचय दिया है, जिससे आसपास के लोग भी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
यातायात पुलिस ने सभी नागरिकों और दुकानदारों से अपील की है कि वे शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करें। पुलिस ने विशेष रूप से यह अनुरोध किया है कि नागरिक मुख्य मार्ग पर अपने वाहन न खड़े करें। वे केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन पार्क करें और सफेद पट्टी के अंदर ही वाहन खड़ा करें। साथ ही, फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग से भी बचें, ताकि आम जनता की आवाजाही में कोई अवरोध उत्पन्न न हो।
राजनांदगांव पुलिस का यह प्रयास नागरिकों के सहयोग से जारी रहेगा और यातायात नियमों के पालन के माध्यम से शहर में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में काम करता रहेगा।

पुलिस ने सिग्नल टाइमिंग में सुधार कर यातायात व्यवस्था को बनाया सुगम, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार

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राजनांदगांव। राजनांदगांव पुलिस द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के कुशल मार्गदर्शन में जिले में एक अभिनव और प्रभावशाली यातायात सुधार अभियान शुरू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को जाम से राहत प्रदान करना और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाना है।
इस अभियान के तहत यातायात प्रभारी नवरतन कश्यप ने शहर के प्रमुख चौराहों और अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक मूवमेंट का गहन निरीक्षण और विश्लेषण किया। पहले सभी सिग्नलों पर प्रत्येक दिशा के लिए समान रूप से 30 सेकंड का समय निर्धारित था, जिसके कारण कई स्थानों पर अनावश्यक जाम और विलंब की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। अब, चौक की संरचना, वाहन घनत्व और समय विशेष के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखते हुए सिग्नल टाइमिंग को 15 से 20 सेकंड के बीच निर्धारित किया गया है।
इस सुधार का सकारात्मक असर तुरंत देखा जा सकता है। पहले जहां एक सिग्नल चक्र को पार करने में लगभग 2 मिनट का समय लगता था, अब वही प्रक्रिया केवल 45 सेकंड में पूरी हो रही है। इससे न केवल यात्रा का समय घटा है, बल्कि प्रदूषण में कमी, ईंधन की बचत और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही में भी सुधार हुआ है।
इस बदलाव से पहले यातायात विभाग द्वारा एक संक्षिप्त फील्ड स्टडी की गई थी, जिसमें पीक आवर्स के दौरान वाहन संख्या, प्रतीक्षा समय और जाम की अवधि को रिकॉर्ड किया गया। अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि लंबे सिग्नल टाइमिंग के कारण क्रॉसिंग पर वाहनों का अनावश्यक जमावड़ा हो रहा था, जिससे पीछे तक ट्रैफिक ब्लॉक हो रहा था। इस डेटा और विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर सिग्नल टाइमिंग घटाने का निर्णय लिया गया, जो अब पूरी तरह से प्रभावी साबित हो रहा है।
यह पहल न केवल यातायात व्यवस्था के सुधार का बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रशासन कैसे आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल करके जनहित में बदलाव ला सकता है। राजनांदगांव पुलिस का यह कदम शहरवासियों को बेहतर यात्रा अनुभव और सुरक्षित सड़कें प्रदान कर रहा है।
पुलिस का यह प्रयास आने वाले समय में भी जारी रहेगा। यातायात नियमों के पालन को और मजबूत करने, जनजागरूकता अभियान चलाने और जनता से प्राप्त सुझावों के आधार पर निरंतर सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।

आयुक्त ने एसएलआरएम सेंटर प्रभारियों की बैठक में दिए कचरा पृथककरण और स्वच्छता को लेकर अहम निर्देश

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राजनांदगांव। स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने एसएलआरएम (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) सेंटर प्रभारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने कचरा पृथककरण के लिए जन जागरूकता बढ़ाने और पूरी तरह से यूजर चार्ज वसूली सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश दिए।

आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए सेंटर प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि प्रत्येक घर से कचरा एकत्रित किया जाए और उसमें गीले एवं सूखे कचरे का पृथककरण हो। इसके लिए नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कचरा पृथककरण के लिए नागरिकों से फीडबैक भी लिया जाए और उन्हें घर में ही गीला कचरा हरे डब्बे में और सूखा कचरा नीले डब्बे में डालने के लिए प्रेरित किया जाए।

बैठक में बताया गया कि कुछ नागरिक कचरे को पृथक नहीं करते, जिनके लिए एसएलआरएम सेंटर के कर्मचारी उन्हें समझाकर कचरा पृथक करने की प्रक्रिया सिखाते हैं। इसके अलावा, कई लोग यूजर चार्ज भी नहीं देते, और डस्टबिन की मांग करते हैं। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी सेंटर सुपरवाइज़र को प्रत्येक घर का सर्वे करना चाहिए और यूजर चार्ज न देने वालों को समझाना चाहिए कि इसी शुल्क से स्वच्छता दीदियों का वेतन दिया जाता है।

आयुक्त ने यह भी कहा कि एसएलआरएम सेंटर में आए हुए कचरे का उसी दिन पृथककरण किया जाए, और उसका खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके साथ ही तैयार खाद का विक्रय भी किया जाए। उन्होंने पीआईयू से सेंटरों का नियमित निरीक्षण करने और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

गाड़ियों की स्थिति पर भी चर्चा की गई, आयुक्त ने कहा कि सभी खराब गाड़ियों को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, साथ ही जिन गाड़ियों के स्पीकर खराब हैं, उन्हें भी सुधारा जाए। प्रत्येक गाड़ी में कचरा निकालने के लिए एक संदेश और कचरे के पृथककरण की जानकारी देने वाले गीत बजाए जाएं।

स्वच्छता के प्रति नागरिकों को और अधिक जागरूक करने के लिए आयुक्त ने कहा कि उन्हें गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने, प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग न करने, और कचरा नाली या सड़क पर न डालने के बारे में बताया जाए। उन्होंने आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया।

बैठक में स्वास्थ्य अधिकारी श्री राजेश मिश्रा, मिशन क्लीन सिटी सहायक प्रभारी श्री पवन कुर्रे, जिला समन्वयक एस.बी.एम. श्री देवेश साहू, श्री कीर्तन साहू और एस.एल.आर.एम. सेंटर प्रभारी उपस्थित थे।

कैसे राजी हुआ पाकिस्तान? किसके कहने पर लिया यू-टर्न? ICC ने कितनी शर्तें मानी? लाहौर मीटिंग की इनसाइड स्टोरी…

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कुछ दिन पहले तक पाकिस्तान, भारत के साथ मैच ना खेलने की बात पर अडिग था. मगर अब उसने यू-टर्न लेते हुए 15 फरवरी को टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के साथ खेलने के लिए हामी भर दी है. आखिर पाकिस्तान बॉयकॉट के फैसले को बदलने के लिए राजी कैसे हो गया?

आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी प्रतिनिधियों के बीच लाहौर में हुई उस बैठक में आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसके एक दिन बाद ही पाकिस्तान ने अपना बॉयकॉट का फैसला बदल दिया. पाकिस्तान ने कुछ शर्तें भी रखी थीं, उनमें से कुछ शर्तों को आईसीसी ने मान भी लिया. क्या केवल मांगों के माने जाने पर ही पाकिस्तान ने अपना फैसला बदला? यहां जानिए इस मामले की पूरी इनसाइड स्टोरी.

किसके कहने पर लिया यू-टर्न?

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के साथ लाहौर में हुई बैठक में इमरान ख्वाजा आईसीसी के प्रतिनिधियों में से एक रहे. इमरान ख्वाजा आईसीसी के उपाध्यक्ष हैं और क्रिकेट जगत में उनका नाम बहुत सम्मान से लिया जाता है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के फैसले बदलने में उनका बहुत बड़ा हाथ रहा.

इमरान ख्वाजा पेशे से एक लॉयर हैं. चूंकि आईसीसी के एसोसिएट और फुल मेंबर देश भी इमरान ख्वाजा को सम्मान की दृष्टि से देखते हैं, ऐसे में आमतौर पर राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दों का हल निकालने के लिए ICC, ख्वाजा को ही आगे करता है. पीसीबी और बीसीबी के साथ बैठक में ख्वाजा की भागीदारी साफ कर रही थी कि इस मसले का हल निकालने के लिए आईसीसी को उनपर पूरा भरोसा था.

पाकिस्तान की कितनी मांगें स्वीकार हुईं?

पाकिस्तान ने उस बैठक में कई सारी मांगें रखी थीं. उनमें से बांग्लादेश के टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के बावजूद उसे मुआवजा देने की मांग स्वीकार ली गई. बताया जा रहा है कि मुआवजे के तौर पर बांग्लादेश को आईसीसी टूर्नामेंटट्स की मेजबानी मिल सकती है. वहीं बांग्लादेश के आईसीसी राजस्व पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा.

दूसरी ओर पाकिस्तान की आईसीसी राजस्व में हिस्सा बढ़ाने की मांग विचाराधीन है, जिसको लेकर आईसीसी का कहना था कि वो इस पर विचार करेगा. वहीं भारत के साथ द्विपक्षीय सीरीज को दोबारा शुरू करने की मांग को आईसीसी ने साफतौर पर ठुकरा दिया था. पाकिस्तान-बांग्लादेश-भारत की त्रिकोणीय सीरीज की डिमांड भी की गई, लेकिन आईसीसी ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताकर ठुकरा दिया था. साथ ही बीसीसीआई की पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ नो-हैंडशेक पॉलिसी को बदले जाने की मांग को भी आईसीसी ने खारिज कर दिया था.