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सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी नाम पर मस्जिद निर्माण रोकने की मांग ठुकराई…

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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बाबर के नाम पर किसी भी मस्जिद के बनने या उसका नाम रखने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि ऐसी संरचनाएं एक ‘क्रूर हमलावर’ का सम्मान करती हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने शुक्रवार को एक थोड़ी देर सुनवाई के बाद याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। याचिका में मांग की गई थी कि बाबर एक हिंदू-विरोधी हमलावर था। वह हिंदुओं की हत्या में शामिल था। इसलिए इसके नाम पर कोई कोई मस्जिद नहीं बनाई जानी चाहिए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बन रही मस्जिद का भी जिक्र किया। कील ने कहा कि बाबर के क्रूर हिंदू-विरोधी हमलावर होने के बावजूद मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर एक मस्जिद का निर्माण हो रहा है।

बाबर के नाम पर मस्जिद के निर्माण को लेकर हालिया विवाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से शुरू हुआ। टीएमसी विधायक रहते हुए हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की घोषणा की थी। कई हिंदू संगठनों और मुस्लिम धर्मगुरुओं ने मस्जिद के नाम को लेकर आपत्ति जताई थी। हालांकि, भारी विरोध के कारण उन्हें टीएमसी से निलंबित कर दिया गया।

बाद में हुमायूं कबीर ने ‘जनता उन्नयन पार्टी’ नाम नया राजनीतिक दल बनाया। फिलहाल, हुमायूं की ओर से अभी मुर्शिदाबाद में ‘बाबरी मस्जिद’ का निर्माण कराया जा रहा है। अयोध्या के विवादित ढांचे को गिराए जाने की बरसी पर 6 दिसंबर 2025 को हुमायूं कबीर ने इसकी नींव रखी।

हुमायूं कबीर ने कहा कि निर्माण कार्य तीन साल के भीतर पूरा हो जाएगा। इस ढांचे के निर्माण में लगभग 55 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मस्जिद के द्वार की ऊंचाई 14 मीटर होगी। इसकी चौड़ाई 5 मीटर होगी। अकेले द्वार के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 5 करोड़ रुपये होगी।

पश्चिम बंगाल में फिर से वापस आएगा कानून का राज, जनता भाजपा की बनाएगी सरकार: गिरिराज सिंह…

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पश्चिम बंगाल में बन रही ‘बाबरी मस्जिद’ को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज खत्म हो गया है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “बंगाल में ममता बनर्जी चुनाव आयोग को काम नहीं करने दे रही हैं। यह सब अब चलने वाला नहीं है। वहां अब कानून का राज चलेगा, शरिया कानून नहीं। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने जा रही है। जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास है, इसीलिए ममता सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।”

उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले लोग भारतीय कहलाते हैं, यहां कोई बाबर या औरंगजेब का वंशज नहीं है। अगर कोई यहां का है तो वे सभी भगवान श्री राम के वंशज हैं, चाहे वह मदनी हो या कोई और। जो लोग गलतफहमियों का शिकार हो रहे हैं, तो उन्हें गलतफहमियां दिमाग से निकाल देनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “राहुल गांधी पर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार, भारत विरोधी बयान और भारत के विकास की आलोचना साफ तौर पर दिखाती है कि उन्होंने भारत विरोधी सोच बना ली है। यह समझना मुश्किल है कि वह भारत के साथ खड़े हैं या उसके खिलाफ खड़े हो रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “कोई माहौल नहीं बन रहा है। लोग देश के अंदर और दुनियाभर में देश की तरक्की की बात करते हैं, लेकिन राहुल गांधी देश और विदेश में जाकर देश की शिकायत करते हैं। सदन के अंदर विपक्ष के नेता की भूमिका निभाने के बजाय, ऐसा लगता है कि राहुल गांधी के शब्द सिर्फ भारत की छवि खराब करने पर केंद्रित हैं।”

फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “यह फिल्म सच्चाई दिखा रही है और फिल्म बनाने वालों और प्रोड्यूसर्स को देश को सच्चाई दिखाने का अधिकार है और अगर यह नहीं देखा गया तो आज का युवा अस्पष्ट हो जाएगा।”

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की ‘घर वापसी’ वाली टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “भारतीय भगवान राम के वंशज हैं, बाबर के नहीं।”

CG: अफसरों ने पेपर लीक कर डकारे 2.5 करोड़ रुपये, पटवारी-RI पदोन्नति परीक्षा घोटाला, EOW ने किया खुलासा…

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रायपुर में पटवारी से राजस्व निरीक्षक विभागीय पदोन्नति परीक्षा 2024 में हुए घोटाले का खुलासा ईओडब्ल्यू ने किया है।

पेपर लीक कर 200 अभ्यर्थियों से वसूले लाखों, राजस्व विभाग परीक्षा में बड़ा भ्रष्टाचार उजागर’

रायपुर में वर्ष 2024 की पटवारी से राजस्व निरीक्षक (आरआई) विभागीय पदोन्नति परीक्षा में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। Economic Offences Wing (ईओडब्ल्यू) ने जांच के बाद कोर्ट में पेश चार्जशीट में बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को सुनियोजित तरीके से कमाई का जरिया बनाया गया। करीब ढाई करोड़ रुपये की अवैध वसूली कर अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। मामले में कई अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

ढाई करोड़ की अवैध वसूली का आरोप

ईओडब्ल्यू की चार्जशीट के अनुसार सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव और हेमंत कुमार कौशिक ने लगभग 200 अभ्यर्थियों से सौदा किया। प्रत्येक से प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने के बदले एक से डेढ़ लाख रुपये वसूले गए। जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले ही पेपर लीक कर दिया गया था।

ओएमआर शीट और बैठने की व्यवस्था में हेरफेर

गोपनीयता भंग करने के लिए परीक्षार्थियों से ओएमआर शीट पर मोबाइल नंबर लिखवाए गए, ताकि उनकी पहचान कर अंकों में बढ़ोतरी की जा सके। परीक्षा केंद्रों में रिश्तेदारों और भाई-बहनों को पास-पास बैठाया गया, जिनके अंक समान पाए गए।

सेवा अवधि के अनिवार्य तीन वर्ष पूरे नहीं करने वाले अभ्यर्थी अंकित शर्मा को भी कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश पत्र जारी कर चयनित किया गया।

18 प्रश्नों पर आपत्ति, फिर भी 90 अंक

50 प्रश्नों में से 18 पर आपत्तियां दर्ज हुईं और तीन प्रश्न विलोपित किए गए। इसके बावजूद एक अभ्यर्थी द्वारा 90 अंक प्राप्त करना जांच एजेंसी के अनुसार संदेहास्पद है। आरोप है कि अधिकांश चयनित अभ्यर्थियों को परीक्षा पूर्व ही प्रश्न-पत्र उपलब्ध करा दिए गए थे।

होटल और रिसॉर्ट में रटवाए गए उत्तर

जांच में यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों को शहर के विभिन्न होटलों, फार्म हाउस और रिसॉर्ट में ठहराया गया। वहां उन्हें लीक प्रश्न-पत्र देकर पूरी रात उत्तर याद करवाए गए। जब्त डिजिटल उपकरणों और व्हाट्सएप चैट से पैसों के लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं।

बड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

राजस्व विभाग के संचालक रमेश शर्मा की भूमिका को भी संदिग्ध माना गया है। चार्जशीट में उल्लेख है कि पेपर लीक की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। ईओडब्ल्यू ने होटल बिल और लोकेशन डेटा को भी साक्ष्य के रूप में कोर्ट में पेश किया है।

CG NEET PG Counselling 2025: सीजी नीट पीजी स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग आज से शुरू…

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सीजी नीट पीजी काउंसलिंग के स्ट्रे वैकेंसी राउंड में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे संस्था चयन करते समय केवल उसी संस्था एवं विषय का चयन करें, जिसमें वे प्रवेश लेने के इच्छुक हों।

“यदि अभ्यर्थी संस्था चयन नहीं करेंगे तो उन्हें स्ट्रे वेकेंसी राउंड की काउंसलिंग में सीट आवंटन नहीं किया जा सकेगा। (आधिकारिक वेबसाइट)”

कार्यालय आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ की तरफ से सीजी नीट पीजी काउंसलिंग के स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज 20 फरवरी से शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट cgdme.in एवं cgdme.admissions. nic.in के माध्यम से 21 फरवरी तक पंजीकरण पूरा कर सकते हैं।

सीजी नीट पीजी स्ट्रे वैकेंसी राउंड काउंसलिंग के लिए चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया 20 से 22 फरवरी तक चलेगी। सभी अभ्यर्थियों को यह भी सूचित किया जाता है कि इस चरण के प्रवेश के बाद यदि सीटें रिक्त रह जाती हैं तो इस चरण में की गई चॉइस फिलिंग का उपयोग एक अतिरिक्त आवंटन जारी करने के लिए किया जाएगा। अतः अभ्यर्थी इस तथ्य को ध्यान रखते हुए अपनी संस्था एवं विषय का चयन करें।

CG NEET PG Counselling 2025: काउंसलिंग शेड्यूल

काउंसलिंग प्रक्रिया

काउंसलिंग शेड्यूल

ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि

20 फरवरी 2026 से 21 फरवरी 2026 (रात 11:59 बजे) तक

च्वाइस फिलिंग एवं लॉकिंग की तिथि

20 फरवरी 2026 से 22 फरवरी 2026 (दोपहर 1 बजे) तक

CG Train Cancelled: छत्तीसगढ़ जाने वाले मुसाफिरों के लिए बुरी खबर, इस तारीख 26 ट्रेनें कैंसिल, देखें लिस्ट…

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छत्तीसगढ़ रूट पर सफर करने वालों के लिए बड़ा अपडेट है. इन तारीखों में 26 ट्रेनें कैंसिल रहेंगी. जिससे कई राज्यों के यात्रियों को होगी परेशानी. सफर से पहले स्टेटस जरूर जांच लें.

छत्तीसगढ़ की ओर सफर पर जाने की प्लानिंग कर रहे यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट है.  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 4 से 26 अप्रैल के बीच कुल 26 ट्रेनों को कैंसिल करने का फैसला लिया है. इनमें एक्सप्रेस और मेमू दोनों तरह की ट्रेनें शामिल हैं. जिससे रोजाना यात्रा करने वाले और लंबी दूरी के मुसाफिरों पर सीधा असर पड़ेगा.

नागपुर मंडल के गोंदिया स्टेशन पर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के चलते उठाया गया है. प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर वॉशेबल एप्रन हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक बिछाया जाएगा. जिसके लिए करीब 20 दिन का ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है. इसके अलावा भिलाई स्टेशन पर डिसमेंटलिंग काम के चलते भी कुछ ट्रेनें प्रभावित रहेंगी. सफर से पहले ट्रेन स्टेटस जरूर चेक करें.

कुल 26 ट्रेनें कैंसिल

रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक 14 और 15 फरवरी को कुल 26 ट्रेनें कैंसिल रहेंगी. जिससे अलग अलग रूट पर सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इस फैसले का असर छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार और पंजाब जाने वाले पैसेंजर्स पर पड़ेगा.

रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, गोंदिया और नागपुर के साथ शालीमार, अमृतसर, हज़रत निजामुद्दीन और लोकमान्य तिलक टर्मिनल रूट खास तौर पर प्रभावित रहेंगे. यात्रियों को सलाह दी गई है कि सफर से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें. अगर ट्रेन कैंसिल है तो समय रहते दूसरा विकल्प तय कर लें, ताकि स्टेशन पहुंचकर परेशानी का सामना न करना पड़े.

कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट

  • ट्रेन नंबर 15231-15232 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस 5 से 26 अप्रैल तक सिर्फ दुर्ग स्टेशन तक चलेगी. दुर्ग और गोंदिया और गोंदिया के बीच कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 18030 शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस 4 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक शालीमार से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 18029 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-शालीमार एक्सप्रेस 6 अप्रैल 2026 से 26 अप्रैल 2026 तक लोकमान्य तिलक टर्मिनस से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 18237 कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस 5 अप्रैल 2026 से 25 अप्रैल 2026 तक कोरबा से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस 7 अप्रैल से 27 अप्रैल तक अमृतसर से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 12410 हजरत निज़ामुद्दीन-रायगढ़ एक्सप्रेस 2, 4, 6, 7, 8, 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल को हजरत निज़ामुद्दीन से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 12409 रायगढ़-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल को रायगढ़ से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 12101 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-शालीमार एक्सप्रेस 4, 6, 7, 10, 11, 13, 14, 17, 18, 20 और 21 अप्रैल को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 12102 शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस 6, 8, 9, 12, 13, 15, 16, 19, 20, 22 और 24 अप्रैल को शालीमार से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 12807 विशाखापत्तनम – हज़रत निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल को विशाखापत्तनम से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 12808 हज़रत निज़ामुद्दीन – विशाखापत्तनम एक्सप्रेस 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल को हज़रत निज़ामुद्दीन से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 68815 बल्लारशाह – गोंदिया MEMU पैसेंजर 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक बल्लारशाह से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 68816 गोंदिया – बल्लारशाह MEMU पैसेंजर 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक गोंदिया से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 78805 गोंदिया – कटंगी DEMU पैसेंजर 5 अप्रैल से 25 अप्रैल तक गोंदिया से कैंसिल की गई.
  • ट्रेन नंबर 78806 कटंगी – गोंदिया DEMU पैसेंजर 5 अप्रैल से 26 अप्रैल तक कटंगी से कैंसिल की गई.

CG: देश की ऊर्जा राजधानी बनेगा अपना छत्तीसगढ़, विभागीय सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया प्लान, गिनाई उपलब्धियां…

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छत्तीसगढ़ को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास तेज कर दिये गये हैं।

छत्तीसगढ़ को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास तेज कर दिये गये हैं। इसके लिये 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं के लिये विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 12 हजार 100 मेगावाट ताप विद्युत, 4 हजार 200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2 हजार 500 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर और 13 हजार 300 मेगावाट पंप स्टोरेज क्षमता शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हो गया है। इसमें कई प्रमुख संस्थाएं की भी भागीदारी है। ये बातें छत्तीसगढ़ ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने गुरुवार को नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद ऑडिटोरियम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर जानकारी शेयर करते हुए कहीं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में शानदार प्रगति हुई है। आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है।

ताप विद्युत पर निर्भरता कम करने पर फोकस
आईएएस डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।

पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा
राज्य शासन के पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

यादव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य उत्पादन कंपनी के संयुक्त उपक्रम की ओर से लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है।

कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयां
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की तरफ से कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों एवं मड़वा में 800 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। पारेषण क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच उपकेन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 137 हो गई है। ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 132 केवी लाइनों में पुराने कंडक्टरों को उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस कंडक्टर से बदला जा रहा है। साथ ही 5 हजार 200 किमी ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर का इंस्टॉलेशन पूर्ण कर 131 उपकेन्द्रों को डिजिटल संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।

उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक ज्यादा
ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।

रायपुर में अंडरग्राउंड केबल योजना
ऊर्जा सचिव ने बताया कि राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में ओवरहेड लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसे लेकर रायपुर में 7,600 करोड़ और बिलासपुर में 3,100 करोड़ रुपये का बजट अनुमानित है।

पीएम सूर्यघर योजना के लिए सवा लाख लोगों ने कराया पंजीयन
प्रदेश में  प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के व्यापर पैमाने पर प्रचार-प्रसार का असर देखने को मिल रहा है। योजना के तहत 1.32 लाख पंजीयन हुआ हैं। 8.30 लाख किसानों को कृषि पंपों पर सब्सिडी, 14.99 लाख बीपीएल उपभोक्ताओं को 30 यूनिट मुफ्त बिजली और मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक खपत पर रियायत दी गई है।

नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज पर कार्य
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 2000 MWh बैटरी स्टोरेज सिस्टम 2027-28 तक स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही सोलर सिंचाई, सोलर पेयजल और सोलर हाईमास्ट योजनाओं के तहत हजारों इकाइयां स्थापित की जायेगी।

तीन वर्षों की कार्य योजना पर डाला प्रकाश
वहीं क्रेडा की उपलब्धियों पर ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित मिश्रण, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के भी विस्तृत उत्तर दिए और विभाग की आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना साझा की।

CG: भुगतान के इंतजार में गन्ना किसान, 8 करोड़ रुपए अटके, बोले- समय पर पैसा नहीं मिला तो कैसे करेंगे खेती?

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दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना बेचने वाले किसानों को भुगतान करने के लिए राशि नहीं है। दो महीने से राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

बालोद जिले के दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना में गन्ना बेचने वाले किसानों को भुगतान करने के लिए राशि नहीं है। दो महीने से राशि का भुगतान नहीं किया गया है। अब किसान राशि की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर भुगतान नहीं होगा तो गन्ना की फसल कैसे लेंगे।

जिले में दिसंबर से शक्कर कारखाना में गन्ना की पेराई शुरू हुई है। दिसंबर में ही किसानों को भुगतान किया गया। इसके बाद राशि की कमी के कारण भुगतान अटका है। किसानों कब भुगतान किया जाएगा, इसकी जानकारी कारखाना प्रबंधन ने नहीं दी है।

मात्र 3.68 करोड़ का ही हुआ भुगतान

शक्कर कारखाना के मुताबिक, 16 फरवरी की स्थिति में मात्र 3.68 करोड़ रुपए का ही भुगतान किसानों को किया गया है। जबकि 755 किसान गन्ना बेच चुके हैं। बेचे गए गन्ने की कुल कीमत लगभग 11 करोड़ 93 लाख रुपए है। वहीं अभी भी लगभग 8 करोड़ रुपए का भुगतान बाकी है।

शक्कर बिकेगी, इसके बाद होगा भुगतान

कारखाना के मुताबिक शक्कर कारखाना में लगभग 36 हजार 500 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। इसकी कीमत लगभग 10 करोड़ के करीब है। यह शक्कर बिकेगी, तब राशि आएगी। शक्कर का जिले की शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में राशन कार्डधारियों को वितरण किया जाता है। इस बार शक्कर की बिक्री देर से हो रही है। इसलिए राशि की कमी हो रही है।

गन्ना खरीदी और अब तक भुगतान

  • गन्ना खरीदी – 36,251 मीट्रिक टन
  • गन्ना पेराई – 35,940 मीट्रिक टन
  • शक्कर उत्पादन – 36,500 क्विंटल
  • गन्ना खरीदी राशि – 11.93 करोड़
  • भुगतान राशि – 3.68 करोड़ रुपए
  • गन्ना बेचने वाले किसान – 755

सिर्फ गन्ना किसानों से हो रहा भेदभाव

गन्ना उत्पादक किसान शुभाष साहू, रोहित साहू, जयंत साहू ने बताया कि धान खरीदी के कुछ दिन बाद किसानों के खाते में राशि आ जाती है, वह भी पूरी। गन्ना किसानों को एक-दो माह बाद भुगतान किया जाता है। उनके लिए भी ऐसी योजना बनाएं कि गन्ना बेचने के कुछ दिन में भुगतान हो जाए।

कोई प्रोत्साहन नहीं तो कैसे करें गन्ना उत्पादन

जिले में लगातार गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या घट रही है। इससे शक्कर कारखाना में भी खतरा मंडराने लगा है। जिला गन्ना उत्पादक किसान संघ के संरक्षक छगन देशमुख ने कहा कि गन्ना फसल के प्रति किसानों को सुविधाएं प्रदान करने प्रशासन को भी ध्यान देने की जरूरत है। किसानों की उपेक्षा करने पर वे गन्ना की फसल लेने कैसे आगे आएंगे।

जल्द भुगतान किया जाएगा

दंतेश्वरी मईया सहकारी शक्कर कारखाना के जिला अधिकारी राजेंद्र प्रसाद राठिया ने कहा कि जल्द किसानों को बेचे गए गन्ने का भुगतान किया जाएगा।

CG: युवाओं के लिए सुनहरा मौका, छत्तीसगढ़ में 5000 पदों पर होगी सीधी भर्ती, पढ़ें पूरी डिटेल…

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छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग फरवरी 2026 से 5000 पदों पर सीधी भर्ती शुरू होने जा रही है. इसमें सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और लैब सहायक पदों पर लिखित परीक्षा से चयन होगा, जिससे शिक्षकों की कमी दूर होगी.

छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. जो अभ्यर्थी सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता और सहायक प्रयोगशाला जैसे पदों पर नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उनके लिए स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही 5000 पदों पर सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी करने जा रहा है. विभाग ने शिक्षक सीधी भर्ती 2023 की प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब फरवरी महीने में नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी है. लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं में इस खबर से खासा उत्साह देखा जा रहा है.

स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि कुल 5000 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. छत्तीसगढ़ शासन ने इस भर्ती परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ व्यापम को सौंपी है. विभाग द्वारा भर्ती विज्ञापन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया पूरी कर व्यापम को भेज दी गई है. इससे यह संकेत मिल रहा है कि भर्ती प्रक्रिया तय समय पर शुरू होगी और किसी तरह की देरी नहीं होगी.

शिक्षकों की कमी जल्द होगी पूरी  

मिली जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 से शुरू करने जा रही है. इन सभी पदों पर चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसका आयोजन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा किया जाएगा. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद इस भर्ती को प्राथमिकता दी गई है, ताकि राज्य के अलग-अलग स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके.

स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर
सरकारी स्कूलों में होने वाली इस भर्ती से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. इस सीधी भर्ती में व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं. खास बात यह है कि अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को इसमें अवसर मिलेगा. इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है.

नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया
शिक्षक सीधी भर्ती 2023 के तहत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण में एक अहम फैसला भी लिया गया है. माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किए गए 2621 बीएड अर्हताधारी अभ्यर्थियों के स्थान पर डीएड अर्हताधारी उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर दिया गया है. इस निर्णय से लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे डीएड योग्य अभ्यर्थियों को राहत मिली है और नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है.

शिक्षा व्यवस्था को स्थायी मजबूती
स्कूल शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी. भर्ती से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएंगी. विभागीय सूत्रों का मानना है कि विज्ञापन फरवरी से मार्च 2026 के बीच जारी किया जा सकता है. यह सीधी भर्ती प्रदेश में प्रस्तावित 30,000 शिक्षकों की समग्र भर्ती योजना का अहम हिस्सा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

CG: बीजेपी शासित छत्तीसगढ़ में मुस्लिम कर्मचारियों को मिला तोहफा, रमजान में एक घंटे पहले मिलेगी ऑफिस से छुट्टी…

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रमजान के पाक महीने में छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी घोषणा की है। मुस्लिम समाज के शासकीय अधिकारी और कर्मचारी एक घंटा पहले ऑफिस छोड़कर जा सकते हैं। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने इस निर्णय का स्वागत किया है

मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटे पहले मिलेगी छुट्टी

रमजान के पाक महीने की शुरुआत हो गई है। बीजेपी शासित छत्तीसगढ़ में विष्णु देव की सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। रमजान के महीने में कर्मचारियों को ऑफिस से एक घंटे पहले नमाज पढ़ने के लिए छुट्टी मिल जाएगी। 19 फरवरी से सभी शासकीय कार्यालयों में यह नियम लागू होगा।

एक घंटे पहले मिल जाएगी छुट्टी

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने कहा है कि मुस्लिम धर्म से सबसे पवित्र माह कहा जाने वाला रमजान महीना 19 फरवरी से शुरू हो गया है। इस माह में मुस्लिम समाज के लोग पूरे दिन रोजा रखकर खुदा की इबादत करते हैं। साथ ही हर दिन रात्रि में विशेष नमाज तरावीह का भी आयोजन किया जाता है। इसमें संपूर्ण कुरान का पाठ किया जाता है।

उन्होंने कहा कि रमजान को देखते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार ने राज्य समस्त शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को एक घंटा पूर्व कार्यालय छोड़ने की अनुमति प्रदान की गई है। यह बहुत ही सराहनीय कार्य है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में हर जाति, धर्म, पंथ और समाज के आस्था का सम्मान किया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का ही स्वरूप है।

मुस्लिम समाज के लोगों ने किया स्वागत

वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय का मुस्लिम समाज के लोगों ने स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर भी इस आदेश की खूब चर्चा हो रही है। आम तौर पर लोगों ने यह धारणा बना रखी है कि बीजेपी की नीति अलग रहती है। मगर विष्णु देव साय की सरकार ने इस मिथक को तोड़ दिया है।

INDIA पर बड़ा दावा! राहुल गांधी का नाम लेकर संजय राउत ने मचाई सियासी हलचल, अब कांग्रेस का आया बयान…

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शिवसेना उद्धव बाला साहेब ठाकरे के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भारतीय राष्ट्रीय विकासशील समावेशी गठबंधन यानी INDIA पर बड़ा बयान दिया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लेते हुए राउत के दावे के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया आई है.

शिवसेना (UBT) के MP संजय राउत ने कहा कि, ‘INDIA ब्लॉक का काम तब शुरू होता है जब लोकसभा चुनाव पास आते हैं. तब तक किसी के बीच कोई बातचीत नहीं होती. तब तक, INDIA ब्लॉक में लोग क्या कर रहे हैं, किसी को पता नहीं चलता. देश में बहुत सारी दिक्कतें हैं. अमेरिका के साथ हुई डील का नतीजा यह होगा कि देश के किसान मरेंगे, आत्महत्या करेंगे और भूखे मरेंगे. लेकिन INDIA ब्लॉक के सिर्फ पार्लियामेंट में आवाज उठाने से काम नहीं चलने वाला. वे राहुल गांधी को भी पार्लियामेंट में बोलने नहीं देते. क्या हम बाहर कुछ कर सकते हैं?

राउत के बयान पर क्या बोली कांग्रेस?

राउत ने कहा कि देश में बहुत सारे मुद्दे हैं, मणिपुर का मुद्दा, कानून-व्यवस्था का मुद्दा. INDIA ब्लॉक को हमेशा चौकन्ना रहना चाहिए. उन्हें एक-दूसरे से बातचीत करनी चाहिए. महीनों, सालों तक वे किसी से बात नहीं करते. चाहे वह उद्धव ठाकरे हों या दूसरे नेता, हम चाहते हैं कि INDIA ब्लॉक सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले ही नहीं, बल्कि उससे भी पहले एक्टिव हो. किसी ने सुझाव दिया है कि ममता बनर्जी को INDIA ब्लॉक को लीड करना चाहिए. दूसरे का कहना है कि स्टालिन को करना चाहिए. यह उनकी पर्सनल राय है. इंडिया ब्लॉक की एक मीटिंग होनी चाहिए.’

शिवसेना UBT MP संजय राउत के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी.उन्होंने कहा कि, वह एक सीनियर लीडर हैं. अगर उन्होंने कुछ कहा है, तो बेशक, INDIA के सभी अलायंस पार्टनर इसे सुनेंगे और देखेंगे कि क्या करना है.