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Maharashtra Rain: मराठवाड़ा-विदर्भ में किसानों पर कहर बनकर टूटी बिन मौसम बरसात, 1.22 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद…

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Maharashtra Rain: महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे किसानों और आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ा है। Maharashtra के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों, मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में अब तक 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई है।

सबसे अधिक असर नासिक क्षेत्र में देखा गया है, जहां बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत भी हो गई है। इसके अलावा जलगांव, धुले, बुलधाना और छत्रपति संभाजीनगर जैसे जिलों में भी भारी नुकसान की खबर है। इन क्षेत्रों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार रबी फसलें जैसे गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

Maharashtra Rain: प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा

– राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने कहा है कि सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देगी। उन्होंने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए विभिन्न जिलों में सर्वेक्षण जारी है।

Maharashtra Weather Alert: बिन मौसम बरसात रुला रही किसानों को, 7 जिलों में 5 दिन का बारिश का अलर्ट

– कृषि विभाग के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा से 82,000 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। फलों के बागानों को भी भारी नुकसान हुआ है।

– अंगूर, अनार और आम जैसी फसलों में बड़े पैमाने पर फल गिर गए हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

– प्याज, टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों की फसलें भी खराब हो गई हैं और कई खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

Marathwada Vidarbha Rain: जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त

पुणे जिले में भी हालात चिंताजनक हैं। पिंपरी-चिंचवड़ और अंबेगांव तालुका में भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारामती से सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने प्रभावित किसानों के लिए तत्काल वित्तीय सहायता की मांग की है। राज्य सरकार ने भी किसानों को आर्थिक मुआवजा देने की बात कबूल की है।

Maharashtra Rain Update: ओलावृष्टि और तेज बारि का अलर्ट

इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने अगले तीन से चार दिनों में और अधिक बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। अकेले उत्तरी महाराष्ट्र में लगभग 64,000 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिसमें नासिक मंडल में 50,000 हेक्टेयर से अधिक फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। यह बेमौसम बारिश महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। अब सभी की नजर सरकार द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे और राहत कार्यों पर टिकी हुई है, ताकि इस नुकसान की भरपाई कुछ हद तक की जा सके।

America Iran War: ईरान ने निकाली Trump की हेकड़ी, 24 घंटे में 2 चॉपर- 2 फाइटर जेट मिट्टी में मिलाए…

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America Iran War: जब अमेरिका ने ईरान के साथ जंग शुरू की थी तब दावा किया था कि 2-3 हफ्ते या उससे भी कम में उसके टारगेट अचीव हो जाएंगे। लेकिन युद्ध के पांचवे हफ्ते में ऐसा लग रहा है कि ये दांव अमेरिका पर ही उल्टा पड़ गया है। पिछले 24 घंटे में अमेरिका ने दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और दो फाइटर जेट्स को ईरान ने हवा में मार गिराया। जिसका एक मैसेज अमेरिका तक साफ गया कि हल्के में मत लेना।

कुवैत में चिनूक हेलीकॉप्टर पर हमला

ईरानी की न्यूज एजेंसी ने तस्वीरें जारी कर दावा किया है कि कुवैत के कैंप बुहरिंग पर हुए हमलों में अमेरिकी सेना का Boeing CH-47 Chinook हेलीकॉप्टर बर्बाद हो गया है। 28 फरवरी को जंग शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह सीधे निशाना बनाया गया है। इस घटना ने वाशिंगटन के एयर सुपीरियरिटी के दावों को मिट्टी में मिला दिया।

ईरान के अंदर गिरा F-15E, पायलट लापता

जानकारी के मुताबिक, ईरान की सीमा के अंदर घुसकर ऑपरेशन को अंजाम देने गया एक अमेरिकी F-15E Strike Eagle फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस विमान में दो क्रू मेंबर थे, जिनमें से एक को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है। आशंका जताई जा रही है कि वह ईरान में कहीं छिपा हुआ हो सकता है।

A-10 वॉर्थॉग भी बना निशाना, पायलट ने बचाई जान

इसी बीच, एक और घटना में कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहा अमेरिकी A-10 Thunderbolt II अटैक एयरक्राफ्ट भी निशाने पर आ गया। इसके बाद विमान क्रैश हो गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि पायलट समय रहते इजेक्ट कर सुरक्षित बच निकला।

रेस्क्यू मिशन ईरानियों ने किया हमला

लापता पायलट की तलाश में भेजे गए दो HH-60W Jolly Green II हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलाबारी की चपेट में आ गए। हालांकि इन हेलीकॉप्टरों का क्रू सुरक्षित है, लेकिन कुछ जवान घायल हुए हैं। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी आ चुका है।

F-16 और KC-135 को करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

इसी दौरान, एक F-16 Fighting Falcon फाइटर जेट और दो KC-135 Stratotanker टैंकर विमानों को तकनीकी खराबी या संभावित खतरे के चलते इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। ये लगातार घटनाएं अमेरिकी सेना के लिए बड़ा झटका मानी जा रही हैं।

IRGC ढूंढ रही अमेरिकी पायलट को इन घटनाओं के बाद Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए बड़ा ‘पायलट हंट’ अभियान शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि अगर किसी को लापता अमेरिकी पायलट के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत साझा करें। इतना ही नहीं, एक क्षेत्रीय अधिकारी ने दुश्मन सैनिकों को पकड़ने या मारने वाले को भारी इनाम देने का भी ऐलान कर दिया है।

घटना पर बयान देकर घिरे ट्रंप

इन घटनाओं पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान देते हुए कहा कि “यह जंग है और ऐसा होता रहता है।” इससे अलग एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये घटनाएं ट्रंप के उन दावों के उलट हैं, जिनमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह कंट्रोल कर लिया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कमजोर एयर डिफेंस सिस्टम भी मोबाइल मिसाइल और ग्राउंड फायरिंग के जरिए बड़े खतरे पैदा कर सकते हैं।

MAGA धड़े से लोगों का Exit जारी

ट्रंप के कट्टर MAGA समर्थक भी अब ईरान के खिलाफ चल रही जंग को खींचने में राजी नहीं दिख रही है। जो केंट से लेकर रेंडी जॉर्ज तक करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोग या तो खुद अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं या असहमति जताने के कारण ट्रंप ने उनको निकाल दिया है। ये बताता है कि ट्रंप के क्लोज सर्कल में भी जंग को लेकर उठा-पटक जारी है।

Railways: लोकमान्य तिलक टर्मिनस से सांतरागाछी तक चलेगी नई समर स्पेशल ट्रेन, देखें छत्तीसगढ़ में स्टॉपेज…

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा को लेकर समर सीजन में लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) – सांतरागाछी (SRC) – लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन (01001/01002) चलाई जा रही है। यात्रियों की भीड़ कम करने के लिए 21 अप्रैल से 16 जुलाई 2026 तक यह ट्रेन चलाई जा रही है।

गाड़ी संख्या 01001 लोकमान्य तिलक टर्मिनस संतरागाछी समर स्पेशल दिनांक 21 अप्रैल से 14 जुलाई 2026 तक 13 फेरों के लिए प्रत्येक मंगलवार को 20:15 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से चलकर नासिक भुसावल के रास्ते होते हुए 10:15 बजे नागपुर, 1153 बजे गोंदिया, 14:10 बजे दुर्ग, 1450 बजे रायपुर, 1635 बजे बिलासपुर झारसुगुड़ा राउरकेला चक्रधरपुर टाटानगर खड़कपुर होते हुए गुरुवार को सुबह 05:00 बजे सांतरागाछी पहुंचेगी।

गाड़ी संख्या 01002 सांतरागाछी – लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) समर स्पेशल ट्रेन दिनांक 23 अप्रैल से 16 जुलाई 2026 तक 13 फेरों के लिए प्रत्येक गुरुवार दोपहर 15:50 बजे सांतरागाछी से रवाना होकर खड़कपुर टाटानगर चक्रधरपुर राउरकेला झारसुगुड़ा होते हुए 3:50 बजे बिलासपुर, 05:35 बजे रायपुर, 6:30 बजे दुर्ग, 08:33 बजे गोंदिया 10:50 बजे नागपुर होते हुए भुसावल, नासिक, कल्याण के रास्ते शुक्रवार को 23.45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) पहुंचेगी।

जानें स्टॉपेज :

ठाणे, कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, अकोला, बडनेरा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, टाटानगर और खड़गपुर।

ये है कोच:

22 एलएचबी कोच के साथ जिसमें एसी 2-टीयर के दो कोच, एसी 3-टीयर इकोनॉमी के 10 कोच, स्लीपर क्लास के 4 कोच, और सामान्य द्वितीय श्रेणी के 4 कोच और दो पॉवर कार रहेगी।

CG” पश्चिम एशिया संकट के बीच अलर्ट पर सरकार, किसानों को समय पर खाद देने की तैयारी..

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच छत्तीसगढ़ में उर्वरकों की आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क हो गई है। आयातित खाद पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर खरीफ सीजन 2026 के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है, ताकि किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक मिल सके।

सरकार के मुताबिक खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया गया है। वर्तमान में राज्य के गोदामों और समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जिससे शुरुआती जरूरतों को पूरा करने की तैयारी है।

हाल ही में हुई वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ की स्थिति भी साझा की गई, जिसमें बताया गया कि राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

आंकड़ों के अनुसार राज्य को आवंटित कुल उर्वरकों में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं। वहीं 30 मार्च 2026 की स्थिति में उपलब्ध स्टॉक में भी इन सभी उर्वरकों की पर्याप्त मात्रा मौजूद है, जिससे किसानों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का दावा किया गया है।

संभावित कमी की स्थिति से निपटने के लिए सरकार किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसके तहत जैविक खाद, हरी खाद और नैनो उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही सहकारी समितियों और निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए राज्य में जल्द ही ई-उर्वरक वितरण प्रणाली लागू करने की तैयारी है। इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए किसानों को उनके पंजीकृत रकबे के अनुसार खाद उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अनियमितता पर रोक लगेगी।

इसके अलावा कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों को सक्रिय किया जा रहा है। किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए नई सुविधा, वेतन के आधार पर तुरंत मिलेगा लोन…

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छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत देने के उद्देश्य से एक नई सुविधा शुरू की है। अब शासकीय सेवक अपने वेतन के आधार पर अल्पावधि ऋण ले सकेंगे, जिससे अचानक आने वाली जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था राज्यभर में 16 मार्च 2026 से लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत कर्मचारी अपने सैलरी स्ट्रक्चर के अनुसार किसी भी समय अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें पारंपरिक लोन प्रक्रिया की जटिलताओं से राहत मिलेगी।

इस पूरी प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे। साथ ही इसे भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे लेन-देन सुरक्षित तरीके से हो सके।

योजना के संचालन के लिए बैंगलोर की रिफाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड को सेवा प्रदाता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। कर्मचारियों की सुविधा के लिए आवेदन से लेकर राशि प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करने वाली मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की गई है।

छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के संकेत IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट…

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छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, मध्य क्षेत्र में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. अगले 5 दिनों तक उत्तर और मध्य हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है. 4 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है. रायपुर में आंशिक बादल और बारिश के साथ तापमान 38°C के आसपास रहने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. पिछले 24 घंटों में मध्य छत्तीसगढ़ के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम और अधिक सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. खासतौर पर 4 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अगले पांच दिनों तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बने रहने के संकेत हैं.

तापमान में हल्की गिरावट, आगे भी बदलाव के संकेत
पिछले 24 घंटों में मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ. मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है, लेकिन इसके बाद अगले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है.

गरजचमक और तेज हवाओं का अलर्ट
अगले 5 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने और वज्रपात होने की संभावना जताई गई है. 4 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है.

प्रदेश में बारिश, राजनांदगांव सबसे गर्म
प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है. तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में सर्वाधिक 40.0°C अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 18.4°C रिकॉर्ड किया गया. वर्षा के मुख्य आंकड़ों में ओरछा में 3 सेमी बारिश दर्ज हुई.

सिनोप्टिक सिस्टम से मौसम सक्रिय
मौसम में इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं. एक द्रोणिका उत्तरी मध्य प्रदेश से उत्तरी विदर्भ तक 0.9 किमी ऊंचाई पर स्थित है, जबकि दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में 1.5 से 3.1 किमी के बीच ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में मौसम सक्रिय बना हुआ है.

रायपुर में बादल और बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में 4 अप्रैल को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 25°C के आसपास रहने का अनुमान है.

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है.

CG: महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जरूरी खबर, 30 जून तक करा ये यह काम, फिर हर महीने खाते में आएंगे 1000 रुपए…

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‘महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जरूरी खबर, 30 जून तक करा ये यह काम, फिर हर महीने खाते में आएंगे 1000 रुपए’

  • 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी अनिवार्य
  • सभी हितग्राहियों का होगा सत्यापन
  • आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को दिया गया प्रशिक्षण

महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के द्वितीय चरण के ई-केवाईसी कार्य को सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने हेतु जनपद पंचायत लैलूँगा एवं तमनार में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण प्रशासन के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति में सीएससी जिला प्रबंधक रवि सिंह द्वारा दोनों विकासखंडों के सभी सीएससी सेंटर संचालकों एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में ई-केवाईसी प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं, आवश्यक दस्तावेजों एवं समय-सीमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार महतारी वंदन योजना के सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही का सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सभी सीएससी संचालकों एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, हितग्राहियों को जागरूक करने एवं समय-सीमा के भीतर ई-केवाईसी पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए, जिससे योजना का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंच सके।

CG: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: गोल्ड मेडल जीतने वाले को 2 और सिल्वर मेडल वाले को 1.5 लाख रुपए देगी सरकार…

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”रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य समापन, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने लिया भाग, पदक तालिका में कर्नाटक पहले, ओडिशा दूसरे और झारखंड तीसरे स्थान पर”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल आडिटोरियम रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर जो जोश और ऊर्जा देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की आदिवासी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने और उनकी खेल क्षमता को सामने लाने का अनूठा अवसर साबित हुआ है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी

मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विजन और मार्गदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। साथ ही केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज देश के खेल मानचित्र में प्रमुख स्थान पर स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

30 राज्यों के जनजातीय खिलाड़ियों ने लिया भाग

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज और खेल का रिश्ता सदियों पुराना है। तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल जनजातीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने स्वयं के जनजातीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज में अपार ऊर्जा और प्रतिभा निहित है, जिसे सही मंच मिलने पर देश-विदेश में पहचान मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और कौशल का महाकुंभ बनकर उभरा है। देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि साहस और उत्कृष्टता की नई कहानियां रचने के लिए प्रतिस्पर्धा की है। उन्होंने यह साबित किया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर, सरगुजा, झारखंड और पूर्वोत्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी भरपूर है।

पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर कर्नाटक

समारोह में मुख्यमंत्री साय ने पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कर्नाटक, द्वितीय स्थान ओडिशा और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों को बधाई दी।

साथ ही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक (03 स्वर्ण, 10 रजत और 06 कांस्य) हासिल किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि स्विमिंग में अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते, निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।

एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, वहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश की बेटियों का मान बढ़ाया। बालिका वर्ग फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक वर्ग हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और समर्पण से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने दिखाई दरियादिली

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने अंत में सभी खिलाड़ियों, कोच, आयोजन समिति, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं को इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन्हें ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अवश्य पहुंचाएगी।

कल्याण मंत्री अरुण साव ने दी बधाई

समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश के जनजातीय खिलाड़ियों ने इस खेल महाकुंभ में उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर है जब इस स्तर पर ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिला।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन संभव हो पाया। डिप्टी सीएम साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के आगमन से लेकर प्रतियोगिता के दौरान आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की।

साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराने का भी प्रयास किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। उन्होंने पदक तालिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील ने सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देशभर के 2000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह प्रतियोगिता एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बन गई।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह मंच खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर देता है।

भारत का रक्षा निर्यात: ऐतिहासिक वृद्धि और वैश्विक पहचान…

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भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट: एक नई ऊंचाई

भारत अब केवल हथियारों की खरीदारी नहीं कर रहा है, बल्कि मेक इन इंडिया के तहत अपने स्वदेशी उत्पादों की ताकत भी प्रदर्शित कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा साझा किए गए आंकड़े एक ऐतिहासिक उपलब्धि को दर्शाते हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा ₹3,622 करोड़ था, जो इस वर्ष के मुकाबले एक विशाल वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि 62.66% है, जो किसी भी देश के लिए एक साल में इतना बड़ा इजाफा करना लगभग असंभव माना जाता है। पिछले पांच वर्षों में भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ चुका है, जो कि स्वदेशी तकनीक और इंजीनियरिंग पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

सरकारी और निजी कंपनियों की भूमिका

इस वर्ष की प्रमुख खबरों में सरकारी रक्षा कंपनियों जैसे एचएल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की प्रदर्शन शामिल है, जिनके निर्यात में 151% की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष का निर्यात ₹8,389 करोड़ था, जो इस वर्ष ₹21,171 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, निजी कंपनियों जैसे Tata एडवांस सिस्टम और L&T ने भी अपने योगदान में मजबूती दिखाई है, जिन्होंने कुल निर्यात का लगभग 45.16% योगदान दिया। इस प्रकार, भारत का रक्षा इकोसिस्टम अब एक संतुलित इंजन की तरह कार्य कर रहा है, जिसमें बड़ी और छोटी कंपनियां दोनों शामिल हैं।

वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति

भारत अब 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है, जिसमें छोटे देशों से लेकर विकसित राष्ट्र शामिल हैं। भारत के निर्यात में प्रमुख उत्पादों में ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश डिफेंस सिस्टम और पिनाका मल्टीबैरल रॉकेट लांचर शामिल हैं। इसके अलावा, भारत ने बुलेट प्रूफ जैकेट और रडार जैसे उपकरणों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। निर्यात करने वाली कंपनियों की संख्या 128 से बढ़कर 145 हो गई है, जो नए खिलाड़ियों के मैदान में आने का संकेत है।

सरकारी नीतियों का प्रभाव

यह सफलता रातोंरात नहीं आई है, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित रणनीति है। सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल और मानक संचालन प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, जिससे कंपनियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके अलावा, सरकार ने 500 से अधिक रक्षा वस्तुओं की सूची जारी की है, जिनका आयात पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ी है और भारतीय सेना अब मेड इन इंडिया उत्पादों का उपयोग कर रही है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की ब्रांड वैल्यू में वृद्धि हुई है।

एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने की सलाह…

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एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने बताया कि केवल 17 राज्य नियमित प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जिससे अन्य राज्यों को भी अपनी संचार व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

केंद्र सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि केवल 17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित रूप से प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जो स्थिति को संभालने के लिए अपर्याप्त है।

राज्यों से संचार व्यवस्था को सुधारने की अपील

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने पत्र में उल्लेख किया कि कुछ क्षेत्रों में अभी भी अफवाहें और गलत जानकारी फैल रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय उत्पन्न हो रहा है और कई स्थानों पर घबराहट में खरीदारी की जा रही है। मंत्रालय ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे अपनी संचार व्यवस्था को और अधिक मजबूत करें ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।

वर्तमान में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे 17 राज्य/यूटी नियमित या अंतराल पर प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं। केंद्र ने अन्य राज्यों से भी इसी तरह के कदम उठाने का निर्देश दिया है।

मंत्रालय की सलाह

मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि वरिष्ठ स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाए और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सही और समय पर जानकारी प्रदान की जाए, ताकि लोगों को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारु वितरण का विश्वास हो सके और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।

इसके अलावा, केंद्र ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार की गलत गतिविधियों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

यह निर्देश 27 मार्च को जारी की गई चेतावनी के बाद आया है, जिसमें मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर प्रभाव की बात कही थी। इन परिस्थितियों के चलते पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें तेजी से फैल रही हैं, जिससे घरेलू वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ा है।