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केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में ठोस और संतुलित कदम : मधुसूदन यादव

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राजनांदगांव। नई दिल्ली में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 को देश के समग्र विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक दूरदर्शी तथा जनकल्याणकारी बजट बताते हुए महापौर मधुसूदन यादव ने केंद्र सरकार की सराहना की है।
श्री यादव ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग सभी को साथ लेकर चलने वाला बजट है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की मजबूत नींव रखता है। बजट में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने, सिंचाई, भंडारण एवं वैल्यू-एडिशन को बढ़ावा देने हेतु किए गए प्रावधान सराहनीय हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर बजट में किए गए प्रावधानों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्री यादव ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता, पोषण, स्वास्थ्य एवं कौशल विकास से जुड़े उपाय महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होंगे।
युवाओं और रोजगार के विषय में उन्होंने कहा कि बजट में कौशल विकास, स्टार्टअप्स, तकनीकी शिक्षा, डिजिटल इकोनॉमी और नए रोजगार सृजन पर जो फोकस किया गया है, उससे देश के युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। यह बजट युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप है।
महापौर ने दावा किया है कि बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, रेल, आवास, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी में निरंतर निवेश से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और राज्यों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
महापौर ने बजट की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा है कि सुरक्षा बजट में वृद्धि की गई है, जो स्वदेशी तकनीक और शोध पर खर्च होंगे। उसी प्रकार कैंसर और मधुमेह जैसी जानलेवा बिमारियों की 17 दवाईयों का सस्ता किया जाना, आयुर्वेदिक एम्स की संख्या दो से बढ़ाकर 5 करना स्वास्थ्य सुविधा में वृद्धि का परिचायक है। उल्लेखनीय है कि आयुर्वेद चिकित्सा में भारत अग्रणी देश है, जिसका सीधा लाभ स्वदेशी उत्पादकों को होने के साथ ही रोजगार में वृद्धि होना तयशुदा है। इसके अतिरिक्त रेयर अर्थ के परिष्करण और परिवहन के लिये केरल, तमिलनाडू, उड़ीसा कॉरिडोर को समर्थन देने से से, सेमीकंडक्टर इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉच होने से विदेशों पर निर्भरता खत्म होने के साथ ही स्वदेशी छात्रों और प्रतिभाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रत्येक जिले में महिला हॉस्टल की स्थापना एक दूरगामी क्रांतिकारी निर्णय है। उसी प्रकार पर्यटन के क्षेत्र में बजट वद्धि का उद्देश्य विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि करना है, इसके साथ ही खेलो इंडिया में बजट वृद्धि से भविष्य में ओलंपिक खेलों के आयोजन से भारत को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर उकेरने का सराहनीय कदम है। 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की स्वीकृति ना सिर्फ आवागमन वरन अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के निवेश में वृद्धि करेगी। इसी प्रकार किसानों के विकास और प्रगति के लिये केसीसी ऋण की सीमा 3 से 5 लाख करना, उसी प्रकार सूखे मेवे के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिये नवीन योजनाओं से अन्नदाताओं के ना सिर्फ जीवन स्तर वरन उनकी आय में भी वद्धि होगी।
पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने कहा कि यह बजट वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति देने वाला है, जो आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को और मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट देश के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने वाला है।

केंद्रीय बजट से देश की तकदीर एवं तस्वीर बदलेगी : संतोष अग्रवाल

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राजनांदगांव। वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष अग्रवाल ने कहा है कि केन्दि्रय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट से देश को नई दिशा मिलेगी। बजट में इफ्रास्ट्रख्र को मजबुत करने मेन्युफैख्रिंग मे वैल्यु एडिशन बढ़ाने और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के साथ-साथ बैकिंग सेक्टर को सस्ता और आसान कर्ज दिलाने पर फोकस किया गया है, जिसके क्रियान्वयन से देश की ग्रोथ तेजी से बढ़ेगी।
श्री अग्रवाल ने कहा कि विश्व के देशो की वर्तमान माली हालात बद से बदतर होते जा रहे है, परन्तु मोदी जी की कुशल रणनीति के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊंचाई अपने चरम अवस्था मे चल रही है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि दुनिया भर मे कंपनियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था पहले की तुलना मे मजबुत स्थिति में है, इसका मुख्य कारण मोदी सरकार का पब्लिक इन्वेस्टमेंट में लगातार फोकस रहा और टैक्स सुधार के कारण कंपनियों की बैलेंश शीट लगातार सुधर रही है। ऐसी स्थिति में निर्मला सीतारमन द्वारा बजट में इस बेहतर स्थिति को लंबे समय तक बरकरार रखने हेतु उद्योग और मैन्युफेख्रिंग हब पर प्रस्तुत बजट में राहत दी गई है। इलेक्टि्रक क्षेत्र में 40000 करोड़ की छूट दी गई है। मेडिकल के क्षेत्र में 17 कैंसर की दवाइयां को सस्ता किया गया है। ग्लोबल बायो के तहत 10000 करोड रुपए का विशेष पैकेज रखा गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु शी मार्ट के तहत उन्हें उद्यमी बनाने का प्रयास बजट में किया गया है। युवाओं, किसानों एवं सभी क्षेत्र के लोगों का विशेष ध्यान बजट में रखा गया है, जिसके कारण आने वाले समय मे भारत की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। लोक लुभावने बजट की बजाय आधारभूत ढांचे को सुधारने पर जोर दिया गया है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा समय में कुल खर्च और कर्ज को भारत की जीडीपी का 50 प्रतिशत तक लाने का प्रयास किया गया है, जिसके कारण भारत पुराने कर्ज से मुक्त होगा, तभी भारत 2047 तक विकसित हो सकेगा।

बजट क्रियान्वयन से देश विकसित भारत की ओर अग्रसर होगा : खूबचंद पारख

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राजनांदगांव। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता खूबचंद पारख ने निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कहा कि बजट के क्रिन्यानवन से आर्थिक रूप से भारत अग्रणी देशों की श्रेणी में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि बजटको सर्वव्यापी सर्वजन के हितों को ध्यान में रखकर दूरगामी सोच के साथ बनाया गया है, उन्होंने बजट की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि सर्वव्यापी एवं सर्वजन हितों को ध्यान में रखकर बने बजट मेंसभी वर्गों एवं सभी क्षेत्रों कासमान रूप से ध्यान रखा गया है । उन्होंने कहा कि मोदी जी के विकसित भारत 2047 तक भारत को विश्व का सिरमौर बनाने की दिशा मे बजट मील का पत्थर साबित होगा ।
आर्थिक रूप से भारत को सक्षम बनाने के लिए प्रत्येक सेक्टर में विशेष रूप से ध्यान रखा गया है उन्होंने कहा किमेडिकल सेंटर के क्षेत्र में बायो फॉर्म के लिए 10000 करोड़ का बजट दिया गया है जिससे ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से मेडिकल क्षेत्र में अनेकोंनेक प्रयास किए जाएंगे।

देश में 7 हाई स्पीड ट्रेन की स्वकृति से यात्री सेवा के साथ साथ परिवहन के साधन भी सुगम होगें।मेगा टेक्सटाइल्स पार्क बनाए जाएंगे। गलोबल बायो प्रोडक्ट पर तेजी सेकार्य किया जा रहा है ।पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्र का पुनरुद्धार किया जाएगा ।बंद पड़े उद्योगों को फिर से खोलने की तैयारी की जाएगी ।सर्विस सेक्टर में भी निवेश के हेतु पैनल का गठन किया गया है ।पी आर ओ एस में निवेश की सीमा 5% से 10% की गई है ।छोटे शहर में तीर्थ स्थल का निर्माण किया जाएगा ।
श्री खूबचंद पारख ने कहा की पांच रीजनल मेडिकल हब बनाने का प्रस्ताव रखा गया है ।सरकार ने बजट में शिक्षा रोजगार पर फोकस किया है । महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल का प्रावधान किया गया है । लखपति दीदी मॉडल के तहत महिला स्वच्छता समूह की उद्यमी महिलाओं के लिए शी मार्ट बनाए जाएंगे ।जिसमे महिलाओं द्वारा निर्मित खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प कपड़े और स्थानीय उत्पादन सीधे बेचे जाएंगे।

श्री पारख ने कहा कि निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट में देश की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर समावेशी बजट बनाया गया है ।इनकम टैक्स के स्लैब में कोई राहत नहीं दी गई है परंतु रिटर्न फाइलिंग करने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया गया है जिसके कारण व्यापारियों को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने में आसानी होगी । उन्होंने कहा कि बजट में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.5% से नीचे आया है जिसके कारण 2026 – 27 में घाटे में हल्की कमी आएगी । जिसके दूरगामी परिणाम देश को अग्रणी बनाने की ओर मार्ग प्रशस्त करेंगे।

खूबचंद पारख ने कहा कि देश के रक्षा बजट में भी .15.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है जिसके कारण हथियार खरीदी और सेना के आधुनिकरण पर पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष 2. ।9 लाख करोड़ अधिक खर्च किए जाएंगे।

केंद्रीय बजट 2026-27 : युवाओं के भविष्य को सशक्त करने वाला बजट : कमलेश प्रजापति

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राजनांदगांव। युवा मोर्चा के जिला सहकोषाध्यक्ष एवं दिग्विजय महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के सदस्य कमलेश प्रजापति ने आज 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट देश के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर लेकर आया है।
कमलेश प्रजापति ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत इस बजट में शिक्षा और कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल स्किल्स और उभरती आधुनिक तकनीकों में खुद को प्रशिक्षित कर सकेंगे।

यह कदम युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में सहायक होगा।
उन्होंने बताया कि रोजगार सृजन और जॉब-लिंक्ड स्किलिंग पर बजट का फोकस युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करेगा और शिक्षा से सीधे रोजगार तक का मार्ग आसान बनाएगा, स्टार्टअप और युवा उद्यमियों के लिए किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि SME (लघु एवं मध्यम उद्यम) और नवाचार आधारित उद्योगों को समर्थन मिलने से युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएंगे।

इसके साथ ही, Tier-2 और Tier-3 शहरों में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने से युवाओं को अपने ही क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, जिससे शहरों की ओर होने वाले पलायन में कमी आएगी।

अंत में उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 युवाओं के आत्मविश्वास, अवसर और भविष्य को मजबूत करने वाला बजट है, जो एक सशक्त और विकसित भारत की नींव रखता है।

आम बजट से जनता निराश, महंगाई-बेरोज़गारी पर सरकार की चुप्पी

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राजनांदगांव। आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों की बदहाली जैसे गंभीर मुद्दों पर बजट में कोई ठोस समाधान नहीं दिखता। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुएं लगातार महंगी हो रही हैं, लेकिन आम आदमी को राहत देने के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया।
प्रतिक्रिया में कहा गया कि देश का युवा वर्ग आज बेरोज़गारी से जूझ रहा है, लेकिन बजट में न तो बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियों की घोषणा की गई और न ही स्थायी रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट नीति सामने आई। किसानों की एमएसपी की कानूनी गारंटी जैसी प्रमुख मांग को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन-समृद्ध राज्य के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया, जिससे राज्य की जनता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी बजट की प्राथमिकताएं कमजोर नजर आती हैं। कुल मिलाकर यह बजट बड़े दावों और आंकड़ों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर आम नागरिक की समस्याओं का समाधान इसमें दिखाई नहीं देता।

संत रविदास जी की जयंती पर संत रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण

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राजनांदगांव। जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर समाज में समरसता और मानवता का संदेश देने वाले महान संत रविदास जी की जयंती पर आज शंकरपुर स्थित संत रविदास मंदिर एवं महावीर चौक स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संत रविदास जी की प्रतिमा की पूजा अर्चना की गई और कार्यक्रम में भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विहिप के प्रांत विधि प्रकोष्ठ प्रमुख अरुण गुप्ता, विहिप विभाग मंत्री अनूप श्रीवास, जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश अग्निहोत्री, जिला कोषाध्यक्ष लव मिश्रा, विहिप जिला सेवा प्रमुख राज तंवर, बजरंग दल के जिला संयोजक राहुल बलदेव मिश्रा, जिला गौ रक्षा प्रमुख प्रशांत हाथीबेड, नगर संयोजक मोहित यादव, नगर गौ रक्षा प्रमुख प्रणय मुल्लेवार, नगर साप्ताहिक सह मिलन प्रमुख सारंग ताम्रकार और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संत रविदास जी के विचारों को साझा करते हुए उनके जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में भाईचारे को बढ़ावा देना और हर वर्ग के लोगों को जोड़ना है। संत रविदास जी का संदेश आज भी समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्त्रोत बना हुआ है।
इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में आशु पटेल, ऋषभ रामटेके, तरुण पटेल, प्रिंस मानिकपुरी, सेयल साहू, नागेश साहू, कबीर मानिकपुरी, सिद्धू मेश्राम जैसे प्रमुख कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
संत रविदास जी की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय निवासियों में भी विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

2026 का बजट युवाओं के हक पर डाका : आफताब अहमद

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राजनांदगांव। मंडल अध्यक्ष एवं युवक कांग्रेस महासचिव आफताब अहमद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया वर्ष 2026 का बजट देश और हमारे क्षेत्र के युवाओं के साथ सरासर अन्याय है। इस बजट में युवाओं के लिए न तो ठोस रोजगार योजना है और न ही बढ़ती बेरोजगारी से निपटने का कोई रोडमैप।
आफताब अहमद ने कहा कि बजट में सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को टैक्स में राहत दी, कॉर्पोरेट सेक्टर को प्रोत्साहन दिया, लेकिन युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों, नई भर्तियों और रोजगार सृजन पर कोई ठोस घोषणा नहीं की। इस साल के बजट में न रेलवे, न बैंकए न शिक्षा और न ही स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े लाखों पदों को भरने की कोई समय-सीमा तय की गई।
आफताब अहमद ने कहा कि स्थानीय युवाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बजट में परीक्षाओं की नियमितता, भर्ती कैलेंडर और पारदर्शिता को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। शिक्षा बजट में मामूली बढ़ोत्तरी दिखाकर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि हकीकत यह है कि कॉलेज फीस, कोचिंग खर्च और रहने का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
आफताब अहमद ने कहा कि इस बजट में स्थानीय उद्योग, स्टार्ट-अप, स्किल ट्रेनिंग सेंटर और स्वरोजगार के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया, जिसके कारण हमारे क्षेत्र के युवा मजबूरी में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। अग्निवीर जैसी अस्थायी योजनाओं को बढ़ावा देकर युवाओं को स्थायी भविष्य से वंचित किया जा रहा है, यदि सरकार ने युवाओं की अनदेखी जारी रखी, तो युवा सड़क से संसद तक संघर्ष करने को मजबूर होगी।
आफताब अहमद ने कहा कि यह बजट नहीं, युवाओं के सपनों का बजट कट है।

विकसित भारत की संकल्पना साकार करने वाला जनहितैषी बजट : ऋषिदेव चौधरी

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राजनांदगांव। लोकसभा में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का हार्दिक स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री ऋषिदेव चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की दूरदर्शी नीतियों का प्रतिबिंब है, जो आर्थिक विकास को गति देने, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान करता है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाता है।
ऋषिदेव चौधरी ने आगे कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं करना, 3 आयुर्वेदिक एम्स खोले जाने की घोषणा, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब की घोषणा, कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया जाना, हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां ड्यूटी फ्री करना, 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा, 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान, 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाने की घोषणा, 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा सहित ऐसे तमाम चीजों को बजट में शामिल किया गया है, जो आम जनता के उज्जवल भविष्य की के लिए मिशाल साबित होंगी।
ऋषिदेव चौधरी ने विस्तार से बताया कि बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर को रिकॉर्ड 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से 11.5 प्रतिशत अधिक है। यह निवेश बुनियादी ढांचे के विकास, सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और शहरी परियोजनाओं को मजबूत करेगा, जिससे लाखों रोजगार सृजित होंगे और आर्थिक गति में तेजी आएगी। यह ना सिर्फ देश के विकास के बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करेगा अपितु आम जनता तक उसके लाभ सीधे तौर पर देखे जाएंगे।

रक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बजट आवंटन: 7.8 लाख करोड़ रुपये की घोषणा…

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रक्षा बजट में अभूतपूर्व वृद्धि

रक्षा और सैन्य आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के संघीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन करने की घोषणा की।

यह आवंटन पिछले वित्तीय वर्ष में 6.81 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 15% की वृद्धि दर्शाता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू रक्षा अधिग्रहण के लिए पूंजी व्यय में तेज वृद्धि है।

सशस्त्र बलों को सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो कि FY 2025-26 में निर्धारित 1.80 लाख करोड़ रुपये से 21.8% की वृद्धि है।

यह बढ़ा हुआ पूंजी व्यय बल आधुनिकीकरण को तेज करने, वायु रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने और सेना, नौसेना और वायु सेना में अगली पीढ़ी के प्लेटफार्मों को शामिल करने के लिए लक्षित है।

यह बढ़ा हुआ खर्च ऑपरेशन सिंदूर और तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के संदर्भ में किया गया है।

बजट सरकार के आत्मनिर्भर भारत के प्रमुख दृष्टिकोण के साथ भी निकटता से जुड़ा हुआ है, जिसमें रक्षा उपकरणों के स्वदेशी अनुसंधान, डिजाइन और निर्माण पर जोर दिया गया है।

घरेलू रक्षा निर्माण को समर्थन देने के लिए, सीतारमण ने विमान के पुर्जों के निर्माण के लिए कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क को माफ करने का प्रस्ताव रखा है, जो रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (MRO) गतिविधियों के लिए आवश्यक हैं।

यह कदम भारतीय रक्षा और एयरोस्पेस इकाइयों के लिए लागत को कम करने और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की उम्मीद है।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बढ़ा हुआ आवंटन भारत के दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्यों को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा, “यह बजट, ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद, देश की रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की हमारी संकल्प को पुनः पुष्टि करता है। यह सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच एक मजबूत संतुलन बनाता है।”

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, जो भारतीय वायु सेना से मजबूत आदेश बुक रखती है, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, जो नौसेना के लिए युद्धपोतों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड प्रमुख लाभार्थी होने की उम्मीद है।

छोटे निजी क्षेत्र के खिलाड़ी जैसे MIDHANI, BEML और भारत डायनामिक्स लिमिटेड, साथ ही कई ड्रोन प्रौद्योगिकी स्टार्टअप भी स्वदेशी अधिग्रहण के लिए इस प्रोत्साहन से लाभान्वित होने की संभावना है।

बजट का स्वागत करते हुए, DRDO के संयुक्त निदेशक बिनॉय कुमार दास ने कहा कि वित्तीय समर्थन कभी भी भारत के प्रमुख रक्षा अनुसंधान संगठन के लिए बाधा नहीं रहा है।

बजट दिवस पर प्रेस से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि संघीय सरकार ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन को लगातार बिना शर्त समर्थन दिया है।

“बजट हमारे लिए कभी भी बाधा नहीं रहा है। हमें अगली पीढ़ी की तकनीकों पर काम करने के लिए कहा गया है, जो वर्तमान में दुनिया में कोई और नहीं रखता,” दास ने कहा, यह बताते हुए कि भारत को तेजी से बदलते युद्ध परिदृश्यों और भू-राजनीतिक गतिशीलता के बीच आयात पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

दास ने यह भी जोर दिया कि बढ़ा हुआ बजट समर्थन भारत को न केवल अपनी घरेलू रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि उन्नत रक्षा प्रणालियों के वैश्विक निर्यातक के रूप में उभरने में भी सहायता करेगा।

“हम एक तकनीकी मोड़ पर हैं। जो हम विकसित करेंगे, वह हमारे सिस्टम को सशक्त करेगा और भारत को निर्यात के माध्यम से एक आर्थिक महाशक्ति बनाने में मदद करेगा,” उन्होंने कहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की, कहा- यह विकसित भारत की नींव है…

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केंद्रीय बजट 2026-27 की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को भारत के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की मजबूत आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश में सुधार की गति को नई ऊर्जा और दिशा देगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में लगातार नौवां बजट पेश किया। मोदी ने कहा कि यह बजट विकसित भारत के सपने की उड़ान के लिए एक ठोस आधार है। यह भारत में चल रहे सुधारों को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेगा। अभूतपूर्व सुधारों ने देश के युवा प्रतिभाओं के लिए विकास के नए अवसर खोले हैं। हमारा उद्देश्य कौशल, समावेशिता और स्थिरता को निरंतर बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों को देश की सबसे बड़ी संपत्ति बताते हुए कहा कि सरकार ने उनके विकास के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी संपत्ति उसके नागरिक होते हैं। हाल के वर्षों में, हमारी सरकार ने नागरिकों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। राजकोषीय और आर्थिक रणनीति पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि यह बजट राजकोषीय घाटे को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर केंद्रित है, साथ ही इसमें उच्च पूंजीगत व्यय और विकास का संयोजन भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगा। भारत के 14 करोड़ नागरिक न केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था से संतुष्ट हैं, बल्कि हम तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भी अग्रसर हैं। यह देश के करोड़ों नागरिकों का संकल्प है। भारत एक विश्वसनीय, लोकतांत्रिक सहयोगी और गुणवत्तापूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी भूमिका को निरंतर बढ़ा रहा है। हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापार समझौतों का लाभ भारत के युवाओं और लघु एवं मध्यम उद्योगों को मिलना चाहिए। इस दिशा में बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस बजट में नारियल, कोको, काजू और चंदन की खेती करने वाले किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय शामिल हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, विशेष रूप से पूर्वोत्तर में, महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों को मजबूत करके, यह बजट संतुलित और समान विकास की नींव रखता है।

बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण और छोटे शहरों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने से राज्यों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि बजट में कई प्रमुख पहलें शामिल हैं, जैसे समर्पित माल ढुलाई गलियारों का विकास, राष्ट्रीय जलमार्गों का विस्तार, और नगर निगम बांडों को बढ़ावा देना। ये सभी उपाय मिलकर विकसित भारत की दिशा में प्रगति को गति देंगे।