Home Blog Page 19

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों के लिए नई सुविधा, वेतन के आधार पर तुरंत मिलेगा लोन…

0

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने कर्मचारियों को आर्थिक रूप से राहत देने के उद्देश्य से एक नई सुविधा शुरू की है। अब शासकीय सेवक अपने वेतन के आधार पर अल्पावधि ऋण ले सकेंगे, जिससे अचानक आने वाली जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था राज्यभर में 16 मार्च 2026 से लागू कर दी गई है। इस योजना के तहत कर्मचारी अपने सैलरी स्ट्रक्चर के अनुसार किसी भी समय अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें पारंपरिक लोन प्रक्रिया की जटिलताओं से राहत मिलेगी।

इस पूरी प्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे। साथ ही इसे भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे लेन-देन सुरक्षित तरीके से हो सके।

योजना के संचालन के लिए बैंगलोर की रिफाइन टेक प्राइवेट लिमिटेड को सेवा प्रदाता के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। कर्मचारियों की सुविधा के लिए आवेदन से लेकर राशि प्राप्त करने तक की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करने वाली मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की गई है।

छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के संकेत IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट…

0

छत्तीसगढ़ में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, मध्य क्षेत्र में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है. अगले 5 दिनों तक उत्तर और मध्य हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है. 4 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है. रायपुर में आंशिक बादल और बारिश के साथ तापमान 38°C के आसपास रहने का अनुमान है.

छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. पिछले 24 घंटों में मध्य छत्तीसगढ़ के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम और अधिक सक्रिय रहने वाला है. मौसम विभाग ने उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है. खासतौर पर 4 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अगले पांच दिनों तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बने रहने के संकेत हैं.

तापमान में हल्की गिरावट, आगे भी बदलाव के संकेत
पिछले 24 घंटों में मध्य छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अन्य क्षेत्रों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ. मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में तापमान में हल्की वृद्धि हो सकती है, लेकिन इसके बाद अगले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है.

गरजचमक और तेज हवाओं का अलर्ट
अगले 5 दिनों तक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने और वज्रपात होने की संभावना जताई गई है. 4 अप्रैल को कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है.

प्रदेश में बारिश, राजनांदगांव सबसे गर्म
प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है. तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में सर्वाधिक 40.0°C अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि दुर्ग में न्यूनतम तापमान 18.4°C रिकॉर्ड किया गया. वर्षा के मुख्य आंकड़ों में ओरछा में 3 सेमी बारिश दर्ज हुई.

सिनोप्टिक सिस्टम से मौसम सक्रिय
मौसम में इस बदलाव के पीछे दो प्रमुख सिस्टम सक्रिय हैं. एक द्रोणिका उत्तरी मध्य प्रदेश से उत्तरी विदर्भ तक 0.9 किमी ऊंचाई पर स्थित है, जबकि दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में 1.5 से 3.1 किमी के बीच ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इन सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में मौसम सक्रिय बना हुआ है.

रायपुर में बादल और बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में 4 अप्रैल को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 25°C के आसपास रहने का अनुमान है.

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है.

CG: महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जरूरी खबर, 30 जून तक करा ये यह काम, फिर हर महीने खाते में आएंगे 1000 रुपए…

0

‘महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जरूरी खबर, 30 जून तक करा ये यह काम, फिर हर महीने खाते में आएंगे 1000 रुपए’

  • 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी अनिवार्य
  • सभी हितग्राहियों का होगा सत्यापन
  • आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को दिया गया प्रशिक्षण

महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के द्वितीय चरण के ई-केवाईसी कार्य को सुचारू एवं प्रभावी ढंग से संपन्न कराने हेतु जनपद पंचायत लैलूँगा एवं तमनार में संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण प्रशासन के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मैदानी अमला उपस्थित रहा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति में सीएससी जिला प्रबंधक रवि सिंह द्वारा दोनों विकासखंडों के सभी सीएससी सेंटर संचालकों एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों को विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में ई-केवाईसी प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं, आवश्यक दस्तावेजों एवं समय-सीमा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार महतारी वंदन योजना के सभी हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया जाना अनिवार्य है। इसके लिए 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही का सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान सभी सीएससी संचालकों एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, हितग्राहियों को जागरूक करने एवं समय-सीमा के भीतर ई-केवाईसी पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए, जिससे योजना का लाभ समय पर हितग्राहियों तक पहुंच सके।

CG: खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: गोल्ड मेडल जीतने वाले को 2 और सिल्वर मेडल वाले को 1.5 लाख रुपए देगी सरकार…

0

”रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य समापन, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने लिया भाग, पदक तालिका में कर्नाटक पहले, ओडिशा दूसरे और झारखंड तीसरे स्थान पर”

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल आडिटोरियम रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर जो जोश और ऊर्जा देखने को मिली, उसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की आदिवासी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने और उनकी खेल क्षमता को सामने लाने का अनूठा अवसर साबित हुआ है।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी

मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विजन और मार्गदर्शन के कारण छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। साथ ही केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के निरंतर सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज देश के खेल मानचित्र में प्रमुख स्थान पर स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब यह गेम्स प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ में आयोजित किए जाएंगे, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

30 राज्यों के जनजातीय खिलाड़ियों ने लिया भाग

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज और खेल का रिश्ता सदियों पुराना है। तीरंदाजी, दौड़ और कुश्ती जैसे खेल जनजातीय जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। उन्होंने स्वयं के जनजातीय पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज में अपार ऊर्जा और प्रतिभा निहित है, जिसे सही मंच मिलने पर देश-विदेश में पहचान मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश की एकता, संस्कृति और कौशल का महाकुंभ बनकर उभरा है। देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जनजातीय खिलाड़ियों ने इसमें भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह आयोजन आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने और खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों ने केवल जीत के लिए नहीं, बल्कि साहस और उत्कृष्टता की नई कहानियां रचने के लिए प्रतिस्पर्धा की है। उन्होंने यह साबित किया है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं, बल्कि बस्तर, सरगुजा, झारखंड और पूर्वोत्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में भी भरपूर है।

पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर कर्नाटक

समारोह में मुख्यमंत्री साय ने पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले कर्नाटक, द्वितीय स्थान ओडिशा और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले झारखंड के खिलाड़ियों को बधाई दी।

साथ ही छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने कुल 19 पदक (03 स्वर्ण, 10 रजत और 06 कांस्य) हासिल किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि स्विमिंग में अनुष्का भगत ने 4 रजत पदक जीते, निखिल खलखो और न्यासा पैकरा ने भी पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया।

एथलेटिक्स में सिद्धार्थ नागेश ने स्वर्ण और रजत पदक जीते, वहीं अन्य खिलाड़ियों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वेटलिफ्टिंग में निकिता ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश की बेटियों का मान बढ़ाया। बालिका वर्ग फुटबॉल टीम ने स्वर्ण और बालक वर्ग हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और समर्पण से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने दिखाई दरियादिली

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने पदक विजेताओं के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा भी की। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक के लिए 2 लाख रुपये, रजत के लिए 1.5 लाख रुपये और कांस्य के लिए 1 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। वहीं दलीय स्पर्धाओं में स्वर्ण के लिए 1 लाख रुपये, रजत के लिए 75 हजार रुपये और कांस्य के लिए 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने अंत में सभी खिलाड़ियों, कोच, आयोजन समिति, अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं को इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ जनजातीय खेलों का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत उन्हें ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक अवश्य पहुंचाएगी।

कल्याण मंत्री अरुण साव ने दी बधाई

समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि पूरे देश के जनजातीय खिलाड़ियों ने इस खेल महाकुंभ में उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। उन्होंने बताया कि यह पहला अवसर है जब इस स्तर पर ट्राइबल गेम्स का आयोजन किया गया, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिला।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में यह आयोजन संभव हो पाया। डिप्टी सीएम साव ने कहा कि राज्य सरकार ने खिलाड़ियों के आगमन से लेकर प्रतियोगिता के दौरान आवास, भोजन और अन्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की।

साथ ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आतिथ्य का अनुभव कराने का भी प्रयास किया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह आयोजन और अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। उन्होंने पदक तालिका में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की।

इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील ने सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देशभर के 2000 से अधिक जनजातीय खिलाड़ी एवं अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे यह प्रतियोगिता एक राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बन गई।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया है। यह मंच खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर देता है।

भारत का रक्षा निर्यात: ऐतिहासिक वृद्धि और वैश्विक पहचान…

0

भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट: एक नई ऊंचाई

भारत अब केवल हथियारों की खरीदारी नहीं कर रहा है, बल्कि मेक इन इंडिया के तहत अपने स्वदेशी उत्पादों की ताकत भी प्रदर्शित कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा साझा किए गए आंकड़े एक ऐतिहासिक उपलब्धि को दर्शाते हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा ₹3,622 करोड़ था, जो इस वर्ष के मुकाबले एक विशाल वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि 62.66% है, जो किसी भी देश के लिए एक साल में इतना बड़ा इजाफा करना लगभग असंभव माना जाता है। पिछले पांच वर्षों में भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ चुका है, जो कि स्वदेशी तकनीक और इंजीनियरिंग पर बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।

सरकारी और निजी कंपनियों की भूमिका

इस वर्ष की प्रमुख खबरों में सरकारी रक्षा कंपनियों जैसे एचएल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की प्रदर्शन शामिल है, जिनके निर्यात में 151% की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष का निर्यात ₹8,389 करोड़ था, जो इस वर्ष ₹21,171 करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, निजी कंपनियों जैसे Tata एडवांस सिस्टम और L&T ने भी अपने योगदान में मजबूती दिखाई है, जिन्होंने कुल निर्यात का लगभग 45.16% योगदान दिया। इस प्रकार, भारत का रक्षा इकोसिस्टम अब एक संतुलित इंजन की तरह कार्य कर रहा है, जिसमें बड़ी और छोटी कंपनियां दोनों शामिल हैं।

वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति

भारत अब 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है, जिसमें छोटे देशों से लेकर विकसित राष्ट्र शामिल हैं। भारत के निर्यात में प्रमुख उत्पादों में ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश डिफेंस सिस्टम और पिनाका मल्टीबैरल रॉकेट लांचर शामिल हैं। इसके अलावा, भारत ने बुलेट प्रूफ जैकेट और रडार जैसे उपकरणों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। निर्यात करने वाली कंपनियों की संख्या 128 से बढ़कर 145 हो गई है, जो नए खिलाड़ियों के मैदान में आने का संकेत है।

सरकारी नीतियों का प्रभाव

यह सफलता रातोंरात नहीं आई है, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित रणनीति है। सरकार ने ऑनलाइन पोर्टल और मानक संचालन प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, जिससे कंपनियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके अलावा, सरकार ने 500 से अधिक रक्षा वस्तुओं की सूची जारी की है, जिनका आयात पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ी है और भारतीय सेना अब मेड इन इंडिया उत्पादों का उपयोग कर रही है, जिससे वैश्विक बाजार में भारत की ब्रांड वैल्यू में वृद्धि हुई है।

एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने की सलाह…

0

एलपीजी की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मंत्रालय ने बताया कि केवल 17 राज्य नियमित प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जिससे अन्य राज्यों को भी अपनी संचार व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

केंद्र सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि केवल 17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित रूप से प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं, जो स्थिति को संभालने के लिए अपर्याप्त है।

राज्यों से संचार व्यवस्था को सुधारने की अपील

पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने पत्र में उल्लेख किया कि कुछ क्षेत्रों में अभी भी अफवाहें और गलत जानकारी फैल रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय उत्पन्न हो रहा है और कई स्थानों पर घबराहट में खरीदारी की जा रही है। मंत्रालय ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे अपनी संचार व्यवस्था को और अधिक मजबूत करें ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।

वर्तमान में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे 17 राज्य/यूटी नियमित या अंतराल पर प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं। केंद्र ने अन्य राज्यों से भी इसी तरह के कदम उठाने का निर्देश दिया है।

मंत्रालय की सलाह

मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि वरिष्ठ स्तर पर रोजाना प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की जाए और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से सही और समय पर जानकारी प्रदान की जाए, ताकि लोगों को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारु वितरण का विश्वास हो सके और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।

इसके अलावा, केंद्र ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि इस प्रकार की गलत गतिविधियों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

यह निर्देश 27 मार्च को जारी की गई चेतावनी के बाद आया है, जिसमें मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर प्रभाव की बात कही थी। इन परिस्थितियों के चलते पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें तेजी से फैल रही हैं, जिससे घरेलू वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ा है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा ने जारी की पहली उम्मीदवार सूची, जानें प्रमुख नाम…

0

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी की है। यह सूची शुक्रवार, 3 अप्रैल को सामने आई, जिसमें कुल 27 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।

पार्टी ने केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन को अवनाशी (एससी) सीट से और पूर्व तेलंगाना राज्यपाल तमिलिसाई साउंडराराजन को मायलापुर से चुनावी मैदान में उतारने का निर्णय लिया है।

प्रमुख उम्मीदवारों की सूची

भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनथी श्रीनिवासन कोयंबटूर (उत्तर) सीट से चुनाव लड़ेंगी। इसके अलावा, कीर्तिका शिवकुमार मोदक्कुरिची, एस विजयधारानी विलावनकोड और नागेश कुमार थल्ली सीट से पार्टी के अन्य उम्मीदवार होंगे।

भाजपा की पहली सूची में शामिल उम्मीदवार

  • अवादी: राजसिम्हा महिंद्रा (एम अश्विनकुमार)
  • मायलापुर: तमिलिसाई साउंडराराजन
  • थाली: नागेश कुमार
  • तिरुवन्नामलाई: सी एलुमलाई
  • रासीपुरम (एससी): एसडी प्रेमकुमार
  • मोदक्कुरिची: कीर्तिका शिवकुमार
  • उधगमंडलम: भोजराजन
  • अवनाशी (एससी): एल मुरुगन
  • तिरुप्पुर (दक्षिण): एस थंगराज
  • कोयंबटूर (उत्तर): वनथी श्रीनिवासन
  • थिरुवरुर: गोवी चंद्रू
  • तंजावुर: एम मुरुगनंदम
  • गंधर्वकोट्टई (एससी): सी उदयकुमार
  • पुदुक्कोट्टई: एन रामचंद्रन
  • अरंथांगी: कविता श्रीकांत
  • तिरुप्पत्तूर: केसी थिरुमारन
  • मनमादुरई (एससी): पोन वी बालागणपति
  • मदुरै दक्षिण: रामा श्रीनिवासन
  • सत्तूर: नैनार नागेंथ्रान
  • रामनाथपुरम: जीबीएस के नागेंद्रन
  • तिरुचेन्डुर: केआरएम राधाकृष्णन
  • वासुदेवनल्लूर (एससी): अनंतन अय्यासामी
  • राधापुरम: एसपी बालकृष्णन
  • नागरकोइल: श्री गांधी
  • कोलाचेल: टी शिवकुमार
  • पद्मनाभपुरम: पी रमेश
  • विलावनकोड: एस विजयधारानी

एनडीए में सीट बंटवारा

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत एआईएडीएमके 169 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि भाजपा को 27 सीटें मिली हैं। पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) को 18 और अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) को 11 सीटें आवंटित की गई हैं।

चुनाव की तारीखें

तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त होगा। चुनाव एक चरण में 23 अप्रैल 2026 को होंगे, और वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन और एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच होने की संभावना है। भाजपा इस चुनाव में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। यह उनकी पहली सूची है, और पार्टी अन्य उम्मीदवारों की घोषणा बाद में कर सकती है।

अब जेब पर पड़ेगी मार! साबुन, तेल और अन्य FMCG प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ाने की तैयारी, जाने कब से लागू होंगे बढ़े हुए दाम ?

0

ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव से आर्थिक दबाव बढ़ने लगा है, और महंगाई का असर भी दिखने लगा है। अगर मौजूदा हालात ऐसे ही रहे, तो रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ें-साबुन और सोडा से लेकर खाना पकाने के तेल तक-कुछ ही दिनों में और महंगी हो जाएंगी। इससे आम आदमी के लिए गुज़ारा करना और भी मुश्किल हो जाएगा। फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) कंपनियाँ पहले से ही 2027 के वित्त वर्ष की पहली तिमाही से कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी करने की तैयारी में जुट गई हैं।

NuVama की रिपोर्ट में सामने आए नतीजे

NuVama इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और भारतीय रुपये के कमज़ोर होने की वजह से इनपुट कॉस्ट (लागत) लगातार बढ़ रही है। नतीजतन, कंपनियों के लिए कीमतों में स्थिरता बनाए रखना एक बहुत ही मुश्किल काम साबित हो रहा है। ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट का अनुमान है कि अगर कच्चे माल की कीमतों में महंगाई का मौजूदा रुझान जारी रहा, तो वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में उत्पादों की कीमतें कम से कम 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।

हालांकि, मौजूदा इन्वेंट्री (स्टॉक) के स्तरों की वजह से वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में इसका असर सीमित रहने की उम्मीद है, लेकिन जैसे-जैसे यह स्टॉक खत्म होने लगेगा, इंडस्ट्री कीमतों में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। NuVama की रिपोर्ट में कहा गया है, “हमारी राय में, कंपनियाँ आमतौर पर कच्चे माल और तैयार उत्पादों का इतना स्टॉक रखती हैं जो 30-45 दिनों के लिए काफी हो; इसलिए, वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में कीमतों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना है।”

कंपनियाँ कीमतें बढ़ाने के लिए तैयार

यह ध्यान देने वाली बात है कि लगभग हर FMCG कंपनी अपने उत्पादों-जैसे साबुन, बिस्किट और शैम्पू-की पैकेजिंग के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल करती है, जो कि पेट्रोलियम से बना एक पदार्थ है। चूंकि अब पैकेजिंग की लागत बढ़ने वाली है, इसलिए कंपनियाँ अनिवार्य रूप से इस बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डालेंगी और अपने उत्पादों को ज़्यादा कीमतों पर बेचेंगी। इसके अलावा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से लॉजिस्टिक्स (परिवहन) का खर्च भी बढ़ रहा है। शिपिंग कंटेनर के किराए से लेकर समुद्री बीमा के प्रीमियम तक, सब कुछ महंगा हो गया है। भारत न केवल अपनी कच्चे तेल की ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, बल्कि दूसरे देशों से बड़ी मात्रा में खाने का तेल भी मंगाता है, और यह आयात मुख्य रूप से समुद्री रास्तों से होता है। अगर सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) टूट जाती है, तो खाना पकाने का तेल भी अपने आप महंगा हो जाएगा।

AAP ने Raghav Chadha पर साधा निशाना, राजनीतिक मुद्दों से भागने का आरोप…

0

राजनीतिक विवाद में Raghav Chadha का नाम

आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने राज्यसभा सांसद Raghav Chadha पर तीखा हमला किया है, उन पर ‘सॉफ्ट पीआर’ में लिप्त रहने और संसद में महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों से बचने का आरोप लगाया गया है।

यह कार्रवाई एक दिन बाद हुई जब उन्हें पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया गया।

दिल्ली AAP के अध्यक्ष Saurabh Bharadwaj ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि Chadha ने कई मौकों पर पार्टी की राजनीतिक लाइन का पालन नहीं किया और महत्वपूर्ण विपक्षी कार्यों से खुद को दूर रखा।

हम सभी अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। केंद्र को सॉफ्ट पीआर या हवाई अड्डे के कैंटीन में समोसे के बारे में बात करने की परवाह नहीं है जब बड़े मुद्दे सामने हैं,” Bharadwaj ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा।

उन्होंने आगे Chadha पर संसद में विपक्षी वॉकआउट में भाग नहीं लेने और राज्य-विशिष्ट मुद्दों को उठाने से बचने का आरोप लगाया।

“जब भी विपक्ष ने संसद में वॉकआउट किया, आप शामिल नहीं हुए। आपने पंजाब से संबंधित मुद्दे नहीं उठाए, जहां से आप चुने गए हैं, और जब अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया, तो आप एक विदेशी देश में छिपे रहे,” उन्होंने कहा।

AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने भी Chadha की आलोचना की, उनके राजनीतिक प्रतिबद्धता और केंद्र का सामना करने की इच्छा पर सवाल उठाया।

“संसद में हमें बोलने के लिए सीमित समय मिलता है, और इसे या तो देश के लिए लड़ने में या हवाई अड्डे के कैंटीन में सस्ते समोसे पर चर्चा करने में इस्तेमाल किया जा सकता है,” Dhanda ने कहा, यह जोड़ते हुए कि Chadha पिछले कुछ वर्षों में ‘वास्तविक मुद्दों’ को उठाने में हिचकिचाते रहे हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि Chadha ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से परहेज किया और सवाल किया कि क्या कोई जो नरेंद्र मोदी से ‘डरता’ है, वह देश के लिए प्रभावी रूप से लड़ सकता है।

पार्टी की ओर से ये तीखे बयान Chadha के अपनी बर्खास्तगी पर चुप्पी तोड़ने के कुछ घंटे बाद आए, जिसमें उन्होंने एक चुनौतीपूर्ण स्वर में कहा कि उन्हें जानबूझकर दरकिनार किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा, “चुप, पर हार नहीं मानी।” ‘आम आदमी’ को संबोधित करते हुए, उन्होंने सुझाव दिया कि उनकी आवाज को दबाया गया है लेकिन उनकी संकल्प शक्ति को नहीं।

एक वीडियो संदेश में, Chadha ने अपने संसदीय रिकॉर्ड का बचाव करते हुए कहा कि वह हमेशा आम नागरिकों से संबंधित मुद्दों को उठाते हैं।

“जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं लोगों से संबंधित मुद्दों को उठाता हूं… क्या सार्वजनिक मुद्दों पर बोलना अपराध है?” उन्होंने पूछा।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को उनके भागीदारी को सीमित करने के लिए लिखा है।

“AAP ने कहा है कि Raghav Chadha को बोलने का अवसर नहीं दिया जाना चाहिए। मुझे संसद में बोलने से कोई क्यों रोके?” उन्होंने कहा।

Chadha ने उन मुद्दों की सूची दी है जिन पर उन्होंने ध्यान केंद्रित किया है, जैसे कि डिलीवरी कर्मचारियों की चुनौतियाँ, हवाई अड्डों पर खाद्य कीमतों में वृद्धि, खाद्य मिलावट, टोल शुल्क, मध्यवर्गीय कराधान, और टेलीकॉम रिचार्ज प्रथाएँ।

“मैंने इन मुद्दों को उठाया है, और आम लोगों को लाभ हुआ है… AAP को इससे क्या नुकसान होता है?” उन्होंने सवाल किया।

यह विवाद AAP के Ashok Mittal को राज्यसभा में नए उप नेता के रूप में नियुक्त करने के निर्णय के बाद उत्पन्न हुआ, जिन्होंने Chadha की जगह ली। पार्टी ने औपचारिक रूप से सचिवालय को इस बदलाव की सूचना दी।

AAP के पास वर्तमान में राज्यसभा में 10 सदस्य हैं, जिनमें से अधिकांश पंजाब से हैं, जो एकमात्र राज्य है जहां पार्टी सत्ता में है।

IRCTC का नया धमाका! अयोध्या से काठमांडू तक आस्था टूर, होटल-खाना और यात्रा सब एक पैकेज में पढ़े पूरी डिटेल…

0

IRCTC ने भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए “भारत-नेपाल आस्था टूर” शुरू किया है। यह यात्रा *भारत गौरव डीलक्स AC टूरिस्ट ट्रेन* में की जाएगी, जिससे यात्रियों को दोनों देशों के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों पर जाने का अवसर मिलेगा।

यह टूर 9 रातों और 10 दिनों का है, जो 21 अप्रैल, 2026 को शुरू होगा। यात्रा कार्यक्रम दिल्ली से शुरू होता है और अयोध्या, वाराणसी, जनकपुर, काठमांडू और पोखरा होते हुए वापस दिल्ली लौटता है। ट्रेन दिल्ली, अयोध्या, वाराणसी, सीतामढ़ी और नौतनवा मार्ग पर चलेगी; यात्री गाजियाबाद, टुंडला, अलीगढ़, इटावा, कानपुर और लखनऊ जैसे स्टेशनों पर भी ट्रेन में चढ़ या उतर सकते हैं। इस विशेष ट्रेन में कुल 150 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें AC I, AC II और AC III श्रेणियां शामिल हैं।इस यात्रा के दौरान, यात्रियों को हर तरह का आराम और सुविधा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। दी जाने वाली सुविधाओं में शामिल हैं:

3-स्टार या उसके समकक्ष होटलों में ठहरने की व्यवस्था

AC बसों द्वारा स्थानीय परिवहन

भोजन, टूर गाइड, यात्रा बीमा

खास बात यह है कि इस पैकेज में *भारत गौरव योजना* के तहत लगभग 33% की छूट पहले से ही शामिल है।

टूर के दौरान, यात्री निम्नलिखित स्थलों पर जाएंगे:

  • अयोध्या में राम जन्मभूमि और हनुमान गढ़ी
  • वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा आरती
  • जनकपुर में राम-जानकी मंदिर
  • काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर, बौद्धनाथ स्तूप और मनकामना मंदिर
  • पोखरा के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल।

इसकी लागत कितनी होगी?

कीमतों के मामले में, विभिन्न श्रेणियों-AC III से लेकर AC I तक-में पैकेज उपलब्ध हैं, जिनकी लागत लगभग ₹73,000 से ₹1,03,000 प्रति व्यक्ति तक है। AC I: ₹1,03,845 (सिंगल), ₹90,445 (डबल), ₹88,535 (ट्रिपल)

AC II: ₹98,095 (सिंगल), ₹84,700 (डबल), ₹82,785 (ट्रिपल)

AC III: ₹86,600 (सिंगल), ₹73,200 (डबल), ₹71,285 (ट्रिपल)

बच्चे (5-11 साल): ₹65,550 से ₹82,795

**यात्रा से पहले जानने लायक ज़रूरी नियम**

IRCTC की वेबसाइट के अनुसार, यात्रा के संबंध में कई ज़रूरी गाइडलाइंस बताई गई हैं। बर्थ का अलॉटमेंट यात्रा शुरू होने से तीन दिन पहले फ़ाइनल किया जाएगा, और हर दो यात्रियों के लिए एक लोअर बर्थ अलॉट की जाएगी। इस टूर में सिर्फ़ भारतीय नागरिक ही हिस्सा ले सकते हैं; इसके अलावा, यात्रा के जिस हिस्से में नेपाल शामिल है, उसके लिए एक वैलिड वोटर ID या कम से कम छह महीने की वैलिडिटी वाला पासपोर्ट होना ज़रूरी है।

कुल मिलाकर, यह टूर उन श्रद्धालुओं के लिए एक बेहतरीन मौका है जो एक ही यात्रा में भारत और नेपाल के बड़े धार्मिक स्थलों के दर्शन करना चाहते हैं, और साथ ही ट्रेन यात्रा के आराम का भी मज़ा लेना चाहते हैं। आप IRCTC की वेबसाइट पर जाकर इस टूर की बुकिंग कर सकते हैं।