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‘बिहार के नए CM के सामने होंगी 5 बड़ी चुनौतियां’, शराबबंदी के नियमों में ढील के दावों के बीच JDU नेता का दावा…

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला कर लिया है. उन्होंने राज्यसभा में जीत दर्ज करने के बाद सोमवार (30 मार्च) को एमएलसी के पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में अब कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही वे सीएम पद से भी इस्तीफा दे देंगे. इस बीच बिहार में नए सीएम को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसे में नए मुख्यमंत्री के सामने बिहार को लेकर कई चुनौतियां हैं. वहीं जेडीयू नेता नीरज कुमार ने नए मुख्यमंत्री को लेकर बड़ा दावा कर दिया है. नीरज कुमार ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के सामने आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया. राज्य में शराबबंदी को लेकर भी बहस छिड़ी हुई है. बजट सत्र के दौरान सदन के अंदर सत्तारूढ़ दलों के ही कई विधायकों ने शराबबंदी खत्म करने या फिर नियमों में ढील देने की मांग की थी. अब जब नए मुख्यमंत्री का चयन किया जाना है तो यह मुद्दा अहम माना जा रहा है.

जेडीयू नेता ने बताईं नए सीएम के लिए चुनौतियां

जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि नए मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानून का राज है. उन्होंने दूसरी चुनौती पर कहा कि महिलाओं के सुहाग की रक्षा वह शराबबंदी के रूप में उसके जीवन कोलाहल पैदा न हो. उन्होंने तीसरी चुनौती पर कहा कि समाज में धर्म और जाति के आधार पर कोई भेदभाव का नहीं होना चाहिए. साथ ही बिहार में सद्भाव का वातावरण बना रहे. वहीं उन्होंने आगे कहा कि बिहार को औद्योगिक उड़ान में सफलता प्राप्त हो.

नीतीश कुमार ने सभापति को सौंपा इस्तीफा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार (30 मार्च) को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और जनता दल (यूनाइटेड) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) संजय कुमार ने कुमार का इस्तीफा विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह को सौंपा.

SIM Binding को लेकर डेडलाइन बढ़ा सकती है सरकार, जानिए क्या है वजह…

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SIM Binding: भारत सरकार मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए लागू किए जा रहे SIM-बाइंडिंग नियम की समयसीमा को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है. तकनीकी दिक्कतों के चलते कंपनियों ने अतिरिक्त समय मांगा है जिसके बाद अब नई डेडलाइन दिसंबर 2026 तक बढ़ाई जा सकती है.

क्या है SIM-बाइंडिंग नियम?

सरकार ने नवंबर 2025 में एक नया नियम लागू किया था जिसके तहत WhatsApp, Telegram और Arattai जैसे ऐप्स को यूजर के मोबाइल नंबर को उसी SIM कार्ड से जोड़ना अनिवार्य किया गया था जो फोन में मौजूद हो. इसका मतलब साफ है अगर आपके फोन में रजिस्टर्ड SIM नहीं है तो आप उस ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. इस कदम का मकसद फर्जी अकाउंट्स और साइबर फ्रॉड पर रोक लगाना है खासकर उन मामलों में जहां विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है.

वेब वर्जन पर भी सख्ती

सरकार ने सिर्फ मोबाइल ऐप तक ही नहीं बल्कि वेब वर्जन पर भी नियम लागू करने की बात कही थी. उदाहरण के तौर पर, WhatsApp Web जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूजर को हर 6 घंटे में लॉगआउट किया जा सकता है. फिर से लॉगिन करने के लिए दोबारा वेरिफिकेशन करना जरूरी होगा जिससे अकाउंट की सुरक्षा और मजबूत हो सके.

क्यों बढ़ सकती है डेडलाइन?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई कंपनियों ने सरकार को बताया कि इस सिस्टम को लागू करना इतना आसान नहीं है. टेक्निकल टेस्टिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट और अलग-अलग डिवाइस पर काम करने जैसी चुनौतियों के कारण कंपनियां तय समयसीमा में इस नियम को लागू नहीं कर पाईं. इसी वजह से सरकार अब इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रही है.

Android और iOS में अलग-अलग चुनौती

बताया जा रहा है कि सबसे पहले Android डिवाइस पर यह फीचर लागू किया जाएगा. वहीं, iPhone यानी iOS प्लेटफॉर्म पर कुछ तकनीकी बाधाएं हैं जिन्हें दूर करने पर काम जारी है. Apple और अन्य कंपनियां मिलकर इस सिस्टम को सुचारू बनाने की कोशिश कर रही हैं.

WhatsApp और अन्य कंपनियों की तैयारी

WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta इस दिशा में सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है. फिलहाल Android यूजर्स के लिए SIM-बाइंडिंग फीचर बीटा टेस्टिंग में है. वहीं, भारतीय ऐप Arattai भी जल्द जरूरी अपडेट लाने की तैयारी में है ताकि वह इस नियम का पालन कर सके.

क्यों जरूरी है यह नियम?

सरकार का मानना है कि SIM-बाइंडिंग से साइबर अपराधों पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2024 में साइबर फ्रॉड से देश को 22,800 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ था. ऐसे में KYC-वेरीफाइड SIM को सीधे डिवाइस से जोड़ने से अकाउंट की पहचान पुख्ता होगी और धोखाधड़ी के मामलों को ट्रैक करना आसान बनेगा.

यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर?

अगर यह नियम पूरी तरह लागू होता है तो यूजर्स को अपने मैसेजिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के लिए उसी SIM का इस्तेमाल करना होगा जिससे अकाउंट बनाया गया है. हालांकि, डेडलाइन बढ़ने से फिलहाल यूजर्स और कंपनियों दोनों को राहत मिल सकती है.

हिमंत बिस्वा, स्टालिन और पिनरई विजयन.किस मुख्यमंत्री की कितनी संपत्ति? एक्टर विजय इनसे कितना आगे…

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असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल के मुख्यमंत्रियों ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है. असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा, केरल के सीएम पी विजयन, पुडुचेरी के सीएम एन रंगासामी और तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने हलफनामे में अपनी-अपनी संपत्तियों की जानकारी दी. दस्तावेजों के मुताबिक, चारों सीएम में स्टालिन की संपत्ति सबसे ज्यादा है. साउथ के सुपरस्टार और TVK पार्टी के संस्थापक विजय ने भी नामांकन दाखिल किया है. उनकी संपत्ति इन सभी मुख्यमंत्रियों से कहीं ज्यादा है. एक्टर विजय 620 करोड़ रुपये से ज्यादा के मालिक हैं.

केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन की संपत्ति-

अपने हलफनामे में दो बार के मुख्यमंत्री विजयन ने कुल ₹1.01 करोड़ की संपत्ति घोषित की. 2021 में ये ₹1.18 करोड़ थी. उनकी चल संपत्तियों का मूल्य ₹45 लाख से अधिक है, जिसमें बैंक जमा और मलयालम कम्युनिकेशंस लिमिटेड (जिसके स्वामित्व में कैराली टीवी है) तथा कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड जैसी कंपनियों के शेयर शामिल हैं.

हिमंत की संपत्ति-

₹2.36 करोड़ की चल संपत्ति है. 2021 में ये 1.72 करोड़ रुपये थी. उनकी पत्नी के पास ₹13.54 करोड़ की चल संपत्ति है. परिवार की कुल संपत्ति ₹35.15 करोड़ है. अचल संपत्ति की श्रेणी में सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी दोनों के पास कोई भी कृषि भूमि नहीं है और मुख्यमंत्री के पास कोई गैर-कृषि भूमि भी नहीं है.

स्टालिन की संपत्ति-

6.26 करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति. इसमें चल संपत्ति 3.30 करोड़ रुपये है. स्टालिन (72) के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी अचल संपत्तियों का कुल वर्तमान बाजार मूल्य 2.96 करोड़ रुपये है, जिसमें 2.70 करोड़ रुपये की स्व-अर्जित संपत्तियां और 25.98 लाख रुपये की विरासत में मिली संपत्तियां शामिल हैं. इसके अनुसार उनकी पत्नी, दुर्गा स्टालिन के पास 1.32 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां और 2.11 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां हैं. हलफनामे के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-2025 के लिए, स्टालिन ने 30.94 लाख रुपये की कुल आय घोषित की. इसके अनुसार उनकी आय के घोषित स्रोतों में विधानसभा सदस्य के रूप में उनका वेतन, बैंक जमा पर ब्याज और पुस्तक रॉयल्टी शामिल हैं. उनकी पत्नी ने इसी वित्तीय अवधि के लिए 5,33,740 रुपये की आय घोषित की, जिसमें उन्होंने किराये को अपनी आय का स्रोत बताया. हलफनामे में यह भी बताया गया है कि द्रमुक नेता स्टालिन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है और ना ही उन्हें किसी मामले में दोषी ठहराया गया है. इसके अलावा, उन्होंने शून्य देनदारियां घोषित की हैं, जिसमें बैंकों, वित्तीय संस्थानों या सरकारी एजेंसियों का कोई बकाया या ऋण शामिल नहीं है.

पुडुचेरी CM की संपत्ति:

AINRC के संस्थापक और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने 27.99 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की है. उनके द्वारा घोषित अचल संपत्तियों में थट्टानचावडी में 8 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि, थट्टानचावडी गांव में स्थित दो आवासीय इमारतें है.हलफनामे में कहा गया है कि उनके नाम पर न तो कोई कृषि भूमि है और न ही कोई क्रिमिनल केस है.

एक्टर विजय की संपत्ति–

एक्टर और TVK पार्टी के संस्थापक विजय ने अपने चुनावी हलफनामे में 620 करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति बताई है. इसमें करीब 404.58 करोड़ रुपये की चल संपत्ति शामिल है, जिसमें कई बैंकों में जमा रकम और लग्ज़री कारें शामिल हैं. 220.15 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है.

दैनिक अंक ज्योतिष ( Dainik Ank Jyotish 1 April 2026): 1 अप्रैल को खुलेंगे तरक्की के रास्ते, जानें अपना अंक ज्योतिष राशिफल…

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Dainik Ank Jyotish 1 April 2026: 1 अप्रैल का दिन अपने साथ एक नई उमंग और ताजगी लेकर आया है. आज का मूलांक 1 है, जो आगे बढ़ने, साहस दिखाने और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. मूलांक 1 को ‘शुरुआत करने वाला’ कहा जाता है, इसलिए ये दिन आपको कुछ नया करने, पहला कदम बढ़ाने और अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने के लिए प्रेरित करेगा. अगर पिछला महीना थकान या उलझनों भरा रहा था, तो ये दिन आपके लिए एक कोरी स्लेट की तरह है, जहां आप अपनी कहानी नए सिरे से लिख सकते हैं.

मूलांक के अनुसार भविष्यफल.मूलांक 1 (यदि आपका जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ है)

1 अप्रैल का दिन आपके लिए बहुत असरदार रहेगा. मूलांक 1 की ऊर्जा आपके अपने स्वभाव से पूरी तरह मेल खाती है, जिससे आप खुद को काफी प्रेरित महसूस करेंगे. आप कामकाज में कमान संभालने या नई योजनाएं बनाने के लिए तैयार रहेंगे. भाग्यांक 6 सलाह देता है कि आपकी तरक्की सही रणनीति और प्लानिंग से ही होगी. अपनी काबिलियत पर भरोसा रखें, पर जल्दबाजी में फैसले न लें.

किससे बचें: अहंकार दिखाने या दूसरों को कंट्रोल करने की कोशिश से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: असली संचालन वही है जो दबाव से नहीं, बल्कि स्पष्ट सोच से किया जाए.

मूलांक 2 (यदि आपका जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ है)

दिन आपको सामान्य से थोड़ा ज्यादा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा. आपको किसी की मदद के बिना खुद फैसले लेने या जिम्मेदारी उठाने की जरूरत पड़ सकती है. भाग्यांक 6 नई चीजें सीखने और पर्दे के पीछे रहकर योजना बनाने में आपका साथ देगा. अपने शेड्यूल को व्यवस्थित करने के लिए आज का दिन बहुत अच्छा है.

किससे बचें: दूसरों पर बहुत ज्यादा निर्भर रहने या छोटी-छोटी बातों को दिल पर लेने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: जब आप खुद पर भरोसा करते हैं, तो दुनिया ज्यादा सुरक्षित लगने लगती है.

मूलांक 3 (यदि आपका जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ है)

1 अप्रैल आपके लिए नई क्रिएटिविटी और अच्छे संवाद की ऊर्जा लेकर आया है. आप किसी पुराने प्रोजेक्ट को नए सिरे से शुरू करने या कोई नया आइडिया पेश करने के लिए उत्साहित रहेंगे. भाग्यांक 6 की सलाह है कि अपने विचारों को दूसरों के सामने रखने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें. रिसर्च और प्लानिंग के लिए आज का समय बहुत श्रेष्ठ है.

किससे बचें: फालतू की गपशप करने या बिना वजह जरूरत से ज्यादा बोलने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: आपके शब्द तभी असर करते हैं जब वे किसी मकसद के साथ कहे जाएं.

मूलांक 4 (यदि आपका जन्म 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ है)

दिन आपसे थोड़ी सहजता और फुर्ती की मांग करेगा, जो आपके अनुशासित स्वभाव के लिए थोड़ा अलग हो सकता है. मूलांक 1 आपको कुछ साहसी कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा. अगर आप काम शुरू करने से पहले थोड़ा सोच-विचार करेंगे, तो भाग्यांक 6 आपका पूरा साथ देगा. अधूरे कामों को पूरा करने और नए लक्ष्य तय करने के लिए आज का दिन अच्छा है.

किससे बचें: व्यवहार में बहुत ज्यादा कड़ापन लाने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: नई शुरुआत के लिए हिम्मत चाहिए होती है, हर चीज का परफेक्ट होना जरूरी नहीं.

मूलांक 5 (यदि आपका जन्म 5, 14, 23 तारीख को हुआ है)

ये दिन नई संभावनाओं से भरा है. मूलांक 1 नए मौकों और साहसी फैसलों में आपका साथ देगा. आप कुछ जोखिम उठाना चाहेंगे, लेकिन भाग्यांक 6 की सलाह है कि पहले बारीकियों को अच्छी तरह जांच लें. अगर आप अपने जोश और बुद्धिमानी के बीच तालमेल बिठाएंगे, तो बड़ी सफलता मिल सकती है.

किससे बचें: बिना सोचे-समझे पैसे खर्च करने या अचानक कोई इमोशनल फैसला लेने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: असली आजादी तभी मिलती है जब आपके फैसले पूरी जागरूकता के साथ लिए जाएं.

मूलांक 6 (यदि आपका जन्म 6, 15, 24 तारीख को हुआ है)

आपके लिए एक खास संदेश है: खुद पर ध्यान दें. आप अक्सर दूसरों की जरूरतों को पहले रखते हैं, लेकिन आज मूलांक 1 आपको अपनी तरक्की के लिए कदम उठाने की याद दिलाएगा. भाग्यांक 6 आपको भविष्य की योजना बनाने या कुछ नया सीखने में मदद करेगा, जिससे लंबी अवधि में आपको लाभ मिलेगा.

किससे बचें: आज का दिन नई शुरुआत, साहस और आत्मविश्वास का है. दूसरों के लिए अपनी खुशियों का त्याग न करें.

आध्यात्मिक सुझाव: खुद से प्यार करना भी आपकी अपनी एक जिम्मेदारी है.

मूलांक 7 (यदि आपका जन्म 7, 16, 25 तारीख को हुआ है)

दिन आपके लिए काफी खास है क्योंकि भाग्यांक 6 की ऊर्जा सीधे आपके स्वभाव से मेल खा रही है. आपको अपने करियर या जीवन की दिशा को लेकर मन ही मन कोई बड़ा इशारा या साफ़ रास्ता नजर आ सकता है. मूलांक 1 आपको नई योजना पर काम शुरू करने की हिम्मत देगा. याद रखें, आज लिया गया एक छोटा सा कदम भी भविष्य में बड़े और अच्छे नतीजे ला सकता है.

किससे बचें: खुद को एकदम अकेला कर लेने या बातचीत से पूरी तरह कट जाने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: जब आप अपने अंतर्मन की आवाज पर भरोसा करते हैं, तो जीवन आसान हो जाता है.

मूलांक 8 (यदि आपका जन्म 8, 17, 26 तारीख को हुआ है)

कामकाज की प्लानिंग के लिए आज का दिन बहुत बढ़िया रहने वाला है. मूलांक 1 आपको संचालन करने और नई पहल करने की हिम्मत देगा, वहीं भाग्यांक 6 सही रास्ता चुनने में आपकी मदद करेगा. पैसों से जुड़े फैसले लेते समय थोड़ा धीरज रखें. शॉर्टकट के चक्कर में पड़ने के बजाय लंबी दूरी के फायदों के बारे में सोचें. आज कोई नया मौका सामने आ सकता है, बस उसे अच्छी तरह जांच-परखकर ही आगे बढ़ें.

किससे बचें: स्थितियों को बहुत ज्यादा कंट्रोल करने या दूसरों पर दबाव बनाने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: सच्ची सफलता समझदारी से मिलती है, जोर-जबरदस्ती से नहीं.

मूलांक 9 (यदि आपका जन्म 9, 18, 27 तारीख को हुआ है)

आपको कोई ऐसा काम फिर से शुरू करने का मौका मिल सकता है, जिसे आप पूरी तरह खत्म मान चुके थे. मूलांक 1 आपको नई ऊर्जा देगा, वहीं भाग्यांक 6 पुराने अनुभवों से सीखकर बेहतर चुनाव करने में मदद करेगा. आज आप अपने काम करने के तरीके या अपने मकसद को नए सिरे से तय कर सकते हैं. बस अपने मन की आवाज सुनें, वही आपको सही रास्ता दिखा रही है.

किससे बचें: पुरानी बातों को लेकर दुखी होने या मन में कड़वाहट रखने से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: माफ कर देना ही एक नई और सुंदर शुरुआत करने का सबसे अच्छा तरीका है.

इनकम टैक्स रिटर्न भरना शुरू, नए ITR फॉर्म में क्या बदला? समझें पूरी बात…

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इनकम टैक्स भरने का समय एक बार फिर शुरू हो गया है. इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए सभी जरूरी ITR फॉर्म 1-7 जारी कर दिए हैं. अब नौकरी करने वाले, पेंशन पाने वाले और दूसरे टैक्स देने वाले लोग अपनी आमदनी के हिसाब से सही फॉर्म चुनकर रिटर्न भर सकते हैं.

इस बार रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है.

हर साल की तरह इस बार भी कुछ बदलाव किए गए हैं, जिससे टैक्स भरने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके. सबसे जरूरी बात यह है कि सही ITR फॉर्म का चुनाव करना बहुत जरूरी है. अगर कोई व्यक्ति गलत फॉर्म भर देता है, तो उसे बाद में नोटिस या परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी कमाई किन-किन स्रोतों से हो रही है.

ITR 1 में हुआ बदलाव

इस साल ITR 1 फॉर्म में एक बड़ा और राहत भरा बदलाव किया गया है. अब इस फॉर्म में दो घरों से होने वाली आमदनी को भी दिखाया जा सकता है. पहले ऐसा नहीं था और सिर्फ एक ही हाउस प्रॉपर्टी की जानकारी देने की अनुमति थी. इस बदलाव से उन लोगों को फायदा मिलेगा जिनके पास दो मकान हैं, क्योंकि अब उन्हें ज्यादा जटिल फॉर्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे छोटे और मध्यम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करना काफी आसान हो जाएगा.

किन्हें भरना है ITR 1

ITR 1 आमतौर पर उन लोगों के लिए होता है जिनकी कमाई सैलरी, पेंशन या घर से किराए के रूप में होती है. हालांकि इसमें कुछ तरह की कमाई को शामिल नहीं किया जा सकता, जैसे बिजनेस से होने वाली आय या प्रोफेशन से कमाई. इसके अलावा ज्यादा कैपिटल गेन या लॉटरी जैसी इनकम भी इसमें नहीं दिखाई जा सकती. इसलिए यह फॉर्म केवल सीमित और सरल आय वाले लोगों के लिए ही उपयुक्त है.

ITR 2

वहीं, ITR 2 उन लोगों के लिए होता है जिनकी आमदनी कई स्रोतों से होती है, जैसे शेयर या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन. लेकिन अगर किसी व्यक्ति की कमाई बिजनेस या प्रोफेशन से होती है, तो वह ITR 2 नहीं भर सकता. ऐसे मामलों में ITR 3 का इस्तेमाल करना जरूरी होता है. इसलिए फॉर्म भरने से पहले अपनी आय की प्रकृति को अच्छी तरह समझना बहुत जरूरी है.

ITR-U क्या है?

ITR-U एक ऐसा विकल्प है जिससे आप अपनी पुरानी गलती सुधार सकते हैं. अगर आपने रिटर्न नहीं भरा, कोई आय बताना भूल गए या गलत जानकारी दे दी थी, तो ITR-U के जरिए उसे बाद में ठीक किया जा सकता है.

ITR-V क्या है?

ITR-V एक रसीद की तरह होता है, जो बताता है कि आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा कर दिया है. रिटर्न भरने के बाद इसे 30 दिनों के अंदर वेरिफाई करना जरूरी होता है.

जल्दी ITR भरने का फायदा

समय पर ITR भरने से आपको जुर्माने से बचाव मिलता है और अगर रिफंड बनता है तो वो जल्दी मिल जाता है. देर से फाइल करने पर पेनल्टी लग सकती है और प्रक्रिया भी थोड़ी मुश्किल हो जाती है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महावीर जयंती के अवसर पर गुजरात में ‘सम्राट संप्रति म्यूजियम’ का उद्घाटन किया…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज महावीर जयंती के अवसर पर गुजरात में गांधीनगर के कोबा गांव में नवनिर्मित ‘सम्राट संप्रति म्यूजियम’ का उद्घाटन किया. श्री महावीर जैन आराधना केंद्र में स्थित इस म्यूजियम का नाम सम्राट संप्रति महाराज (224-215 ईसा पूर्व) के नाम पर रखा गया है. इस दौरान प्रणानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “महावीर जयंती के पावन पर्व पर मुझे इस पवित्र जैन तीर्थ आने का सौभाग्य मिला है. मैं कोबा तीर्थ से सभी को महावीर जयंती की शुभकामनाएं देता हूं.

पीएम मोदी ने कहा मुझे खुशी है कि हजारों वर्ष की भारतीय विरासत, जैन धर्म का समयातीत ज्ञान, हमारी धरोहरें और उनसे मिलने वाली प्रेरणाएं. उन्हें आने वाली सदियों तक अमर बनाने के लिए, उन्हें नए और आधुनिक रूप में अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए हमारे संतों ने इस जैन हेरिटेज म्यूजियम की संकल्पना की. प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यह संकल्पना एक भव्य रूप में साकार हो रही है. यह सम्राट संप्रति संग्रहालय, जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति और हमारी प्राचीन धरोहर का एक पवित्र केंद्र बना है. मैं इस अद्वितीय प्रयास के लिए हमारे सभी जैन संतों का अभिनंदन करता हूं. इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद रहे.

कुछ शासकों ने हिंसा को हथियार बनाकर किया शासन

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उस दौर में जहां एक ओर कुछ शासकों ने हिंसा को हथियार बनाकर शासन किया, वहीं सम्राट संप्रति ने सिंहासन पर बैठकर अहिंसा का विस्तार किया. उन्होंने सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह का प्रचार-प्रसार किया. इतने निस्वार्थ भाव से शासन को सेवा का माध्यम मानकर जीवन जीना, यह सीख हमें भारत के अतीत से ही मिलती है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में ज्ञान हमेशा से एक मुक्त प्रवाह रहा है. हर युग में तीर्थंकरों और ऋषियों-मनीषियों का अवतार हुआ। ज्ञान का संकलन बढ़ता चला गया. समय के साथ बहुत कुछ नया जुड़ता गया.

संदेश पूरी मानवता के लिए बहुत अहम

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया में जिस तरह के हालात हैं. जिस तरह विश्व अस्थिरता और अशांति की आग में झुलस रहा है, इस म्यूजियम की विरासत, इसका संदेश केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए बहुत अहम है. जो लोग यहां पर आएं, वे भारत की जैन धर्म की शिक्षाओं को विश्व के कोने-कोने में पहुंचाएं. भारत में ज्ञान हमेशा से एक मुक्त प्रवाह रहा है.

गांधीनगर, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज दुनिया में जिस तरह के हालात हैं। जिस तरह विश्व अस्थिरता और अशांति की आग में झुलस रहा है, इस म्यूजियम की विरासत, इसका संदेश केवल भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए बहुत अहम है…जो लोग यहां पर आएं, वे भारत की…

पीएम मोदी बोले- 10 संकल्प दोहराने का अवसर

  1. पहला संकल्प: पानी बचाने का
  2. दूसरा संकल्प: एक पेड़ मां के नाम
  3. तीसरा संकल्प: स्वच्छता का मिशन
  4. चौथा संकल्प: वोकल फॉर लोकल
  5. पांचवां संकल्प: देश दर्शन
  6. छठा संकल्प: प्राकृतिक खेती को अपनाना
  7. सातवां संकल्प: स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना
  8. आठवां संकल्प: योग और खेल को जीवन में लाना
  9. नौवां संकल्प: गरीबों की सहायता का संकल्प
  10. दसवां संकल्प: भारत की विरासत का संकल्प – जो आप सभी ने स्वयं से जोड़ लिया है.

सदियों पुरानी 2,000 से अधिक वस्तुएं रखी

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि म्यूजियम में सदियों पुरानी दुर्लभ जैन कलाकृतियां और पारंपरिक विरासत वस्तुएं हैं. इनमें जटिल रूप से गढ़ी गई पत्थर और धातु की मूर्तियां, लघु चित्र, चांदी के रथ, सिक्के और प्राचीन पांडुलिपियां शामिल हैं. विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस म्यूजियम में कई विशाल हॉल हैं जिनमें 2,000 से अधिक वस्तुएं रखी गई हैं. यह म्यूजियम विजिटर्स को जैन धर्म के विकास और इसके गहन सांस्कृतिक प्रभाव के बारे में कालानुक्रम आधारित समझ प्रदान करता है.

Iran Hormuz Plan: होर्मूज से गुजरने पर ईरान को देना होगा टोल! US-इजरायली शिप पूरी तरह से बैन, भारत का क्या होग…

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Iran Hormuz Plan: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच ने Strait of Hormuz के लिए एक नई मैनेजमेंट योजना को हरी झंडी दे दी है। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल का गुजरता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की संसद ने इस प्लान को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टोल लगाने की तैयारी कर रहा है।

जहाजों पर टोल और बैन की तैयारी

इस नई योजना के तहत अब होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाया जाएगा। इसके अलावा, US और Israel के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने से रोकने की भी तैयारी है। यानी जो देश ईरान के खिलाफ हैं, उनके लिए यह रास्ता और मुश्किल हो सकता है।

और भी देशों पर लगेंगे प्रतिबंध?

ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के एक सदस्य ने बताया कि यह प्लान सिर्फ अमेरिका और इजरायल तक सीमित नहीं है। जो देश ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगाते हैं, उनके जहाजों पर भी रोक लगाई जा सकती है। इस योजना का एक बड़ा मकसद ओमान के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार करना भी है।

जहाजों की सुरक्षा का भी लेगा ठेका

इस नई मैनेजमेंट योजना में सिर्फ टोल या बैन ही नहीं, बल्कि कई और चीजें भी शामिल हैं। इसमें जहाजों की सुरक्षा के लिए नए नियम, एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम और पर्यावरण की सुरक्षा के समाधानों को भी शामिल किया गया है। कुल मिलाकर, ईरान इस पूरे रास्ते को अपने हिसाब से रेगुलेट करना चाहता है।

पहले भी लगा चुका है पाबंदी

इससे पहले भी, अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई के कुछ दिनों बाद Islamic Revolutionary Guard Corps के एक सीनियर अधिकारी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आंशिक रूप से बंद करने की घोषणा की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे दुनिया भर में बड़ा एनर्जी क्राइसिस पैदा हो गया था, क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल और LNG (गैस) इसी रास्ते से गुजरता है। जब यह रास्ता प्रभावित हुआ, तो कई देशों में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ गईं। इसका सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर पड़ा और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया।

भारत पर क्या असर?

इस समुद्री रुकावट का असर India पर भी पड़ा। भारत अपनी कुल LPG का करीब 90% इसी रास्ते से आयात करता है, इसलिए सप्लाई में भारी कमी आ गई थी। इसका असर छोटे स्ट्रीट वेंडर्स से लेकर बड़े रेस्टोरेंट मालिकों तक देखने को मिला। हालांकि भारत उन 6 देशों में शामिल है जिनके जहाज युद्ध के बीच बिना रोक-टोक के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे हैं। जिससे यह कहा जा सकता है कि इस टोल सिस्टम और बैन से फिलहाल भारत को राहत है।

नंदा देवी और शिवालिक से मिली राहत

हालांकि बाद में स्थिति में सुधार हुआ, जब नंदा देवी और शिवालिक जैसे जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति मिल गई। ये जहाज LPG लेकर भारत पहुंचे और इससे सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।

कुल मिलाकर क्या है मतलब?

सीधे शब्दों में समझें तो ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना कंट्रोल और मजबूत करना चाहता है। अगर यह योजना पूरी तरह लागू होती है, तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की तेल सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है।

Thalapathy Vijay Net Worth: कई लग्जरी कारें, बैंक अकाउंट में 213 करोड़. थलपति विजय की नेटवर्थ उड़ा देगी होश…

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Thalapathy Vijay Net Worth 2026: विजय कई सालों से तमिल सिनेमा के सबसे पॉपुलर सितारों में से एक रहे हैं. लेकिन अब उन्होंने एक अलग राह चुन ली है. विजय ने फिल्मी सफर को छोड़ते हुए राजनीति की दुनिया में कदम रखने का फैसला किया है.

विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, चुनाव लड़ने के लिओ हर उम्मीदवार को एक हलफनामा (affidavit) जमा करना होता है, जिसमें उनकी संपत्ति, जमीन-जायदाद और बाकी चीजों का पूरा ब्योरा दिया जाता है. इसके लिए बीते दिन विजय ने अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया, जो खूब सुर्खियां बटोर रहा है.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में आए

थलपति विजय ने सोमवार को अपनी पार्टी तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (TVK) के प्रत्याशी के तौर पर नॉमिनेशन किया, जिसमें उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्योरा दिया है, जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे. ‘सिनेमा विकटन’ के मुताबिक हलफनामे से पता चला कि विजय के पास लगभग 404.58 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है.

404 करोड़ के मालिक हैं विजय

इस नॉमिनेशन के बाद थलपति विजय की संपत्ति को लेकर काफी चर्चा हो रही है. विजय की दौलत के बारे में जानकर हर कोई हैरान है. थलपति विजय के पास 404 करोड़ की चल संपत्ति है. वहीं, उनकी पत्नी संगीता सोरनालिंगम के पास लगभग 15.51 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है. दस्तावेजों से ये भी पता चलता है कि विजय के बैंक खातों में काफी रकम जमा है. खबरों के मुताबिक, सालिग्रामम स्थित ‘इंडियन ओवरसीज बैंक’ की एक ब्रांच में उनके बचत खाते में लगभग 213.36 करोड़ रुपये जमा हैं. इसके अलावा, ‘एक्सिस बैंक’ की इंदिरा नगर शाखा में उनकी लगभग 5.79 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट भी है.

विजय की लग्जरी कारें

हलफनामे से विजय की लग्जरी लाइफ के बारे में भी पता चलता है. विजय के पास कई लग्ज़री कारें हैं, जैसे BMW 530, Toyota Vellfire, और दूसरी कारें शामिल हैं. इन कारों की कुल कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये है. कारों के अलावा, विजय ने लगभग 883 ग्राम वजन के सोने के गहनों का भी खुलासा किया है, जिनकी कीमत 1.20 करोड़ रुपये है. उनकी पत्नी, संगीता के पास सोने के गहनों का कहीं ज्यादा कलेक्शन है, जिसमें लगभग 391 सॉवरेन सोने के गहने शामिल हैं, जिनकी कीमत 4.07 करोड़ रुपये है. परिवार के पास लगभग 1 करोड़ रुपये के हीरे भी हैं.

विजय की इन्वेस्टमेंट और बैंक बैलेंस

अपनी पर्सनल प्रॉपर्टी और बैंक खातों के अलावा, विजय ने कंपनियों, ट्रस्टों और व्यावसायिक संस्थाओं में भी बड़ी रकम इन्वेस्ट की है. हलफनामे में बताया गया है कि उन्होंने दुनिया भर में कंपनियों और व्यक्तियों में 56 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है. ये निवेश एजुकेशनल और सोशल इंस्टीट्यूट और कंपनियों में किए गए हैं.

Cicada COVID Variant: कितना घातक है कोविड-19 का नया वेरिएंट BA.3.2? भारत में क्या है स्थिति? 23 देशों में कहर!

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Cicada COVID Variant: अगर आपको लग रहा था कि कोविड अब पूरी तरह खत्म हो चुका है, तो ये खबर थोड़ा ध्यान खींचने वाली है। कोविड-19 का नया वेरिएंट BA.3.2, जिसे ‘Cicada’ नाम दिया गया है, अब धीरे-धीरे दुनिया के कई देशों में फैलने लगा है।

खासकर अमेरिका में इसके केस तेजी से बढ़ रहे हैं और यही वजह है कि लोग फिर से सतर्क हो रहे हैं।

इस वेरिएंट की शुरुआत 2024 के आखिर में चुपचाप हुई थी, लेकिन अब 2026 तक यह 20 से ज्यादा देशों में पहुंच चुका है। ऐसे में आपके मन में भी सवाल होगा कि क्या ये पहले से ज्यादा खतरनाक है या सिर्फ एक और नया वेरिएंट है? मौजूदा वैक्सीन इसे कंट्रोल कर पाएगी या नहीं? और भारत में स्थिति क्या है? आइए ऐसे ही 6 सवालों के जवाब विस्तार से समझते हैं…

Cicada BA.3.2 COVID-19 Variant: BA.3.2 कहां से आया और क्या है इसमें खास?

BA.3.2 ओमिक्रॉन वेरिएंट की शाखा है, जो दिसंबर 2021 में पहली बार सामने आया था। SARS-CoV-2 वायरस के स्पाइक प्रोटीन में इसमें 70 से 75 आनुवंशिक बदलाव पाए गए हैं। स्पाइक प्रोटीन वही हिस्सा है जो वायरस को हमारे शरीर की कोशिकाओं में घुसने में मदद करता है और वैक्सीन भी इसी प्रोटीन को टारगेट करके काम करती हैं।

शोधकर्ताओं ने इसे सबसे पहले नवंबर 2024 में अफ्रीका में पहचाना। 2025 में यह वैश्विक स्तर पर फैलना शुरू हुआ और फरवरी 2026 तक 23 देशों में पहुंच चुका था। अमेरिका में पहला मामला जून 2025 में एक विदेशी यात्री में मिला। उसके बाद से यह 29 राज्यों के मरीजों और अपशिष्ट जल (wastewater) सैंपल्स में पाया जा रहा है। अपशिष्ट जल निगरानी अभी भी वायरस के फैलाव का सबसे तेज़ शुरुआती संकेत देने वाला तरीका है।

BA.3.2 को अलग बनाने वाली सबसे बड़ी बात क्या है?

सभी वायरस समय के साथ बदलते रहते हैं, लेकिन SARS-CoV-2 बहुत तेजी से म्यूटेट करता है। हर बार जब यह कोशिका के अंदर अपनी कॉपी बनाता है, तो उसके जीन में छोटे-छोटे बदलाव होते हैं। ज्यादातर बदलाव गायब हो जाते हैं, लेकिन कुछ वायरस को फायदा देते हैं – जैसे प्रतिरक्षा प्रणाली से बचने की क्षमता।

समझिए सरल उदाहरण से: आप अपने हाईस्कूल के 25वें रीयूनियन में पहुंचते हैं। पुराने दोस्तों को देखकर लगता है कि वजन बढ़ गया, बाल रंगवा लिए, कॉन्टैक्ट लेंस लगा लिए। आप उन्हें पहचान तो लेंगे, लेकिन थोड़ा समय लगेगा। अगर आप उन्हें हर महीने मिलते रहते तो तुरंत पहचान लेते।

BA.3.2 के साथ भी यही हो रहा है। यह JN.1 लाइनेज (जिस पर मौजूदा 2024-25 वैक्सीन बनी थी) से इतना अलग है कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली इसे ‘नया चेहरा’ मानकर देर से पहचानती है। नतीजा – संक्रमण ज्यादा लोगों तक पहुंच सकता है।

Coronavirus New Variant BA.3.2 Risk Rate: BA.3.2 से क्या खतरे हैं?

संक्रमण की रफ्तार बढ़ सकती है: क्योंकि प्रतिरक्षा प्रणाली इसे जल्दी नहीं पहचान पाती, इसलिए यह तेजी से फैल सकता है और कोविड केस में अचानक उछाल आ सकता है।

गंभीरता: अभी कोई सबूत नहीं कि यह पुराने वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक या ज्यादा गंभीर बीमारी पैदा कर रहा है।

लॉन्ग कोविड: महामारी शुरू होने के बाद वायरस में बदलावों की वजह से लॉन्ग कोविड के मामले कम हुए हैं, लेकिन अभी भी हर 100 में से लगभग 3 मामलों में यह देखा जा रहा है।

सबसे बड़ा खतरा: कोविड के मामलों में बढ़ोतरी से भी ज्यादा गलत सूचना का खतरा है।

वैक्सीन की भूमिका – अभी भी जरूरी

मौजूदा कोविड वैक्सीन JN.1 आधारित हैं, इसलिए BA.3.2 के खिलाफ उनकी प्रभावशीलता कम हो सकती है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि वैक्सीन बेकार है। कई अध्ययनों से साफ है कि वैक्सीनेशन से अस्पताल में भर्ती और मौत की दर काफी कम होती है। अगर आप हाई-रिस्क ग्रुप में हैं तो डॉक्टर से बात करके बूस्टर डोज की सलाह जरूर लें।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्जीनिया विश्वविद्यालय के मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर काइल बी. एनफील्ड के मुताबिक, फेफड़ों और गहन चिकित्सा देखभाल के डॉक्टर के रूप में मैं रोज ऐसे मरीजों से मिलता हूं जिन्हें पुरानी फेफड़ों की बीमारी या लंबे कोविड (Long COVID) के कारण गंभीर संक्रमण का खतरा रहता है। ये मरीज मुझसे पूछते हैं – नए वेरिएंट के बारे में हमें कितना चिंतित होना चाहिए?

अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि BA.3.2 (Cicada) 2025-26 की सर्दियों में फैल रहे अन्य वेरिएंट्स की तुलना में अधिक घातक या अधिक गंभीर बीमारी पैदा कर रहा है। फिर भी यह चिंता का विषय है क्योंकि यह मौजूदा वैक्सीनों से काफी अलग है। नतीजतन, वैक्सीन से मिली प्रतिरक्षा इस वेरिएंट को उतनी तेजी से पहचान नहीं पा रही।

BA.3.2 Coronavirus Variant India Status: भारत में क्या स्थिति है?

भारत में अभी BA.3.2 के बड़े पैमाने पर मामले रिपोर्ट नहीं हुए हैं। लेकिन INSACOG के अनुसार, कोविड-19 का नया वेरिएंट XFG के 163 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और INSACOG लगातार निगरानी रख रहे हैं। अपशिष्ट जल और जीनोम सिक्वेंसिंग के जरिए किसी भी नए वेरिएंट का जल्दी पता लगाया जा रहा है।

अपनी और समाज की सुरक्षा कैसे करें?

BA.3.2 या किसी भी श्वसन वायरस से बचाव के लिए ये साधारण लेकिन प्रभावी कदम अभी भी सबसे मजबूत हथियार हैं:

हाथ नियमित धोएं – बाथरूम के बाद, खाना बनाने-खाने से पहले और बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद। इससे श्वसन संक्रमण का खतरा 16-21% तक कम हो जाता है।

बीमार महसूस करें तो घर पर रहें – न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की सुरक्षा के लिए।

भीड़भाड़ वाले बंद स्थानों में कम समय बिताएं।

अगर आप पुरानी बीमारी (फेफड़े, दिल, डायबिटीज आदि) से ग्रस्त हैं तो अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत सलाह जरूर लें।

Cicada (BA.3.2) अभी तक गंभीरता के लिहाज से पुराने वेरिएंट्स से अलग नहीं है, लेकिन इसकी प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता इसे तेज़ी से फैलाने वाली बना रही है। घबराने की जरूरत नहीं, सतर्क रहने की जरूरत है। वैक्सीन अपडेट, मास्क, हाथ धोना और बीमार होने पर घर रहना – ये पुराने लेकिन अभी भी सबसे कारगर हथियार हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO की नवीनतम अपडेट पर नजर रखें। सूचना सही स्रोतों से लें, अफवाहों से बचें।

Raj Panchak 2026: अप्रैल में इस दिन लगेगा राज पंचक, जानें इसकी तारीख और क्या है इसका प्रभाव…

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What is Raj Panchak: पंचांग के अनुसार, पंचक का विशेष महत्व माना जाता है. जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करता है, तब पंचक काल बनता है. आमतौर पर लोग पंचक का नाम सुनते ही डर जाते हैं और इसे अशुभ मानने लगते हैं, लेकिन सभी पंचक बुरे नहीं होते.

अप्रैल 2026 में लगने वाला पंचक राज पंचक है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में काफी सकारात्मक माना गया है. आइए जानते हैं अप्रैल में राज पंचक की सटीक तारीख, समय और इसका आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा.

राज पंचक 2026, तिथि और समय पंचांग गणना के अनुसार, अप्रैल के महीने में पंचक की शुरुआत 16 अप्रैल 2026 को हो रही है. पंचक प्रारंभ: 16 मार्च 2026, सोमवार, शाम 06:14 बजे होगा. पंचक समाप्त: 21 मार्च 2026, शनिवार, दोपहर 02:27 बजे होगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब पंचक की शुरुआत सोमवार से होती है, तो उसे राज पंचक कहा जाता है.

क्या होता है राज पंचक?

शास्त्रों में पांच प्रकार के पंचक बताए गए हैं, जैसे- रोग पंचक, अग्नि पंचक, मृत्यु पंचक, चोर पंचक और राज पंचक. सोमवार को शुरू होने वाला पंचक ‘राज पंचक’ कहलाता है. राज शब्द का अर्थ ही है, सुख, समृद्धि और वैभव देने वाला. माना जाता है कि राज पंचक के दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है. यह अन्य पंचकों की तरह डरावना या अशुभ नहीं होता.

राज पंचक का प्रभाव’

सरकारी और संपत्ति से जुड़े काम

राज पंचक को सरकारी कामकाज, संपत्ति की खरीद-बिक्री और जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दौरान किए गए निवेश भविष्य में उत्तम फल प्रदान करते हैं.

करियर और व्यापार में उन्नति

चूंकि यह राज सुख देने वाला है, इसलिए नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यह समय प्रगति के द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है. नए प्रोजेक्ट्स की योजना बनाने के लिए यह अच्छा समय है.

धार्मिक और मांगलिक कार्य

बाकी पंचक में कुछ काम जैसे लकड़ी इकट्ठा करना या घर की छत डालन की मनाही होती है, लेकिन राज पंचक में किए गए धार्मिक अनुष्ठान मानसिक शांति और यश दिलाते हैं.