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भारत-EU के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील्‍स’, कौन-कौन सी चीजें होंगी सस्ती; देखें

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भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर हस्ताक्षर हो चुकें हैं। दोनों पक्ष 2007 से इसपर बातचीत कर रहे हैं। वहीं, अब 18 साल बाद ये कोशिश कामयाब हो गई है।

 इससे भारत में यूरोपीयन यूनियन से आने वाले कई सामान सस्ते हो सकते हैं।

भारत-यूरोपीयन यूनियन FTA की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने भी इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है। यह समझौता ग्लोबल GDP के करीब 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

यूरोपीय यूनियन बनाम भारत

पैरामीटर

  • यूरोपीय यूनियन (EU)
  • भारत

जीडीपी (GDP)

  • 20 ट्रिलियन डॉलर
  • 4.18 ट्रिलियन डॉलर

आबादी (Population)

  • 45 करोड़ (450 मिलियन)
  • 140 करोड़ (1.4 बिलियन)

निर्यात (Exports)

  • 2.9 ट्रिलियन डॉलर
  • 824.5 अरब डॉलर (0.8245 ट्रिलियन)

आयात (Imports)

  • 2.6 ट्रिलियन डॉलर
  • 915 अरब डॉलर (0.915 ट्रिलियन)

भारत में क्या होगा सस्ता?

  • मर्सिडीज, BMW और पॉर्श जैसी लग्जरी कारों की कीमतों में आएगी कमी
  • 15000 यूरो (16.3 लाख रुपये) से अधिक मूल्य वाली की कारों पर लगेगा सिर्फ 40 प्रतिशत टैरिफ
  • विमान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, केमिकल्स, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और मेटल स्क्रैप भी हो सकते हैं सस्ते
  • भारतीय बाजार में घट सकती हैं यूरोप से आने वाली शराब की कीमतें
  • आईटी, इंजीनियर, टेलीकॉम और बिजनेस जैसे सर्विस सेक्टर में भारतीयों को मिलेंगे मौके

50 अरब डॉलर से ज्यादा का होगा ट्रेड

एमके ग्लोबल की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच FTA स 2031 तक दोनों देशों के बीच का ट्रेड 51 अरब डॉलर (4,67,925 करोड़ रुपये) तक पहुंचने की संभावना है। इससे भारत के निर्यात में भी बढ़ोत्तरी होगी।

CG: किरंदुल–कोट्टावालसा रेलमार्ग पर बड़ा रेल हादसा, मालगाड़ी के दो डिब्बे बेपटरी, कारणों की जांच जारी…

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किरंदुल–कोट्टावालसा रेललाइन पर ओडिशा के कोरापुट जंक्शन आउटर क्षेत्र में लौह अयस्क से लदी एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए।

छत्तीसगढ़–ओडिशा रेल कॉरिडोर पर एक बार फिर बड़ा रेल हादसा सामने आया है। किरंदुल–कोट्टावालसा रेललाइन पर ओडिशा के कोरापुट जंक्शन आउटर क्षेत्र में लौह अयस्क से लदी एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। यह घटना बुधवार रात करीब 9 बजे हुई, जिससे इस महत्वपूर्ण खनिज परिवहन मार्ग पर रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

किरंदुल से विशाखापत्तनम जा रही थी मालगाड़ी

जानकारी के अनुसार मालगाड़ी छत्तीसगढ़ के किरंदुल से लौह अयस्क लेकर विशाखापत्तनम की ओर रवाना हुई थी। जैसे ही ट्रेन कोरापुट जंक्शन आउटर के पास पहुंची, तभी अचानक दो डिब्बे पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

डाउन लाइन पर आवागमन ठप

दुर्घटना डाउन लाइन पर होने के कारण इस मार्ग पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया है। हादसे के बाद किरंदुल–विशाखापत्तनम नाइट एक्सप्रेस को जड़ती स्टेशन में रोक दिया गया। यात्रियों को स्टेशन पर ही इंतजार करना पड़ा, जिससे असुविधा बढ़ गई।

नाइट एक्सप्रेस को वैकल्पिक मार्ग से भेजने की तैयारी

रेलवे सूत्रों के अनुसार, यदि डाउन लाइन को जल्द बहाल नहीं किया जा सका, तो किरंदुल–विशाखापत्तनम नाइट एक्सप्रेस को अप लाइन से या रायगढ़ा–विजयनगरम के परिवर्तित मार्ग से रवाना किया जा सकता है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जा रहा है।

हादसे का कारण अभी रहस्य

मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। तकनीकी खराबी, ट्रैक में दोष या किसी अन्य वजह से हादसा हुआ—इसकी जांच रेलवे द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ पाएगी।

मौके पर पहुंचे रेल अधिकारी, बहाली का कार्य शुरू

घटना की सूचना मिलते ही कोरापुट के रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वहीं जगदलपुर से भी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया है, ताकि जल्द से जल्द रेल यातायात सामान्य किया जा सके।

खनिज परिवहन पर पड़ा असर

किरंदुल–कोट्टावालसा रेललाइन देश की महत्वपूर्ण लौह अयस्क परिवहन लाइनों में से एक है। इस मार्ग पर रुकावट आने से खनिज परिवहन प्रभावित हुआ है, जिसका असर आने वाले दिनों में औद्योगिक आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और अफवाहों पर ध्यान न दें। स्थिति सामान्य होते ही यात्रियों को आगे की सूचना दी जाएगी।

CG: शिवराज सिंह चौहान का आज छत्तीसगढ़ दौरा! प्रतिभास्थली स्कूल में महोत्सव में होंगे शामिल, जानें पूरी खबर…

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज एकदिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज एकदिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार, केंद्रीय मंत्री चौहान सुबह 10:15 बजे दिल्ली से इंडिगो की उड़ान से रवाना होकर दोपहर 12:15 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

जैनाचार्य विद्यासागर समाधि स्मारक महोत्सव में शामिल

रायपुर पहुंचने के बाद वे हेलीकॉप्टर के जरिए सीधे डोंगरगढ़ (जिला राजनांदगांव) जाएंगे। वहां प्रतिभास्थली स्कूल परिसर में आयोजित अखिल भारतीय विश्वगुरु जैनाचार्य विद्यासागर समाधि स्मारक महोत्सव में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में देशभर से जैन समाज के संत, अनुयायी और गणमान्य नागरिक शामिल हो रहे हैं।

महोत्सव में शामिल होने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान शाम को वापस रायपुर लौटेंगे और इसके बाद दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर उनके दौरे को लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

दिल्ली में भाजपा महिला नेताओं की अहम बैठक

इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय महिला समन्वय समिति की बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन आज दिल्ली स्थित भाजपा राष्ट्रीय कार्यालय में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ से भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेंडी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा अवस्थी तथा महिला आयोग सदस्य सरला कोसरिया शामिल होंगी।

बैठक के दौरान महिला सशक्तिकरण, संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस बैठक को आगामी चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

CG: बटुकेश्वर महादेव छत्तीसगढ़ स्वरूप में हुआ बाबा भूतनाथ का दिव्य श्रृंगार…

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शिवरात्रि महोत्सव तक रोजाना बाबा भूतनाथ का अलगअलग रूप में माखन से श्रृंगार किया जाएगा.

बाबा भूतनाथ का बटुकेश्वर महादेव छत्तीसगढ़ स्वरूप में श्रृंगार

हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी में इन दिनों शिव भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है. शिवरात्रि से एक माह पहले ही बाबा भूतनाथ का हर दिन अलग-अलग रूपों में श्रृंगार किया जाता है, जो कि शिवरात्रि तक जारी रहता है. इसी कड़ी में शिव के दसवें स्वरूप के रूप में बाबा भूतनाथ को बटुकेश्वर महादेव छत्तीसगढ़ स्वरूप में सुसज्जित किया गया. इस अलौकिक श्रृंगार को देखने के लिए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया और पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा.

“शिवरात्रि महोत्सव की शुरुआत परंपरागत रूप से बाबा के मक्खन श्रृंगार से की जाती है. हर साल बाबा को विभिन्न स्वरूपों में सजाया जाता है और इस बार दसवें स्वरूप में बटुकेश्वर महादेव छत्तीसगढ़ के रूप में बाबा भूतनाथ का श्रृंगार किया गया है. यह स्वरूप न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का भी सुंदर प्रतीक है.”

बाबा भूतनाथ का दिव्य श्रृंगार

बटुकेश्वर महादेव छत्तीसगढ़ मंदिर की खासियत

महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कचहरी रोड पर स्थित यह प्राचीन धाम अपनी भव्यता, आस्था और अनोखी संरचना के कारण देशभर में प्रसिद्ध होता जा रहा है. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां न तो छत है और न ही परंपरागत दीवारें. करीब 300 वर्ष पुराने विशाल बरगद के पेड़ की जड़ें ही इस मंदिर को प्राकृतिक दीवारों और छाया का रूप देती हैं. यही कारण है कि यह मंदिर आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी जीवंत उदाहरण माना जाता है. उन्होंने कहा कि मान्यता है कि बाबा बटुकेश्वर इसी बरगद के वृक्ष के बीच से स्वयं प्रकट हुए थे. तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है. यहां आने वाले भक्त प्रकृति की गोद में बैठकर महादेव की आराधना करते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है.

शिवरात्रि महोत्सव में इन कार्यक्रमों का होगा आयोजन

महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि शिवरात्रि महोत्सव के तहत आने वाले दिनों में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम भी किए गए हैं. इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, श्रद्धालु और साधु-संत मौजूद रहे. सभी ने बाबा भूतनाथ के दिव्य श्रृंगार के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की. शिवरात्रि महोत्सव की इस भव्य शुरुआत ने पूरे मंडी क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना दिया है.

छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, इस दिन होगी झमाझम बारिश! अलर्ट जारी….

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28 जनवरी को उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना, कुछ जगहों पर वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं, न्यूनतम तापमान में अगले 2 दिनों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा…

देश के कई हिस्सों में अभी भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिसकी वजह से लगातार तापमान में गिरावट आ रही है। वहीं बात करें छत्तीसगढ़ की तो यहां लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली है। लेकिन दूसरी ओर प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। यहां गरज चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग ने 28 जनवरी को उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों मे गरज चमक के साथ बारिश की संभावना चताई है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रायपुर, राजनांदगांव, कबीरधाम, मुंगेली, गरैला पेंड्रा मरवाही, कोरबा, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी-भरतपुर, खैरागढ़ छुईखदान गंडई जिलों के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की चेतावनी दी है। इस दौरान कुछ जगहों पर वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान मौसम शुष्क रहेगा। वहीं राजधानी रायपुर में भी 27 जनवरी को सुबह के वक्त धंध देखी जा सकती है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में अगले 2 दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आने की संभावना है।

CG: थाना-प्रभारी से लेकर आरक्षकों का तबादला आदेश स्थगित.. पुलिस कमिश्नर दफ्तर से आदेश जारी, जानें क्या है वजह…

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शनिवार रात 10 बजे पुलिस आयुक्त डॉ संजीव शुक्ला ने लॉ एंड ऑर्डर पर सख्ती को लेकर पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कमिश्नरी सिस्टम के बारे में जानकारी दी। बैठक में कमिश्नर संजीव शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

  1. रायपुर में लागू हुई पुलिस आयुक्त प्रणाली
  2. पुराने ट्रांसफर आदेशों पर लगी रोक
  3. कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश जारी

इसी महीने के 23 तारीख से राजधानी रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू कर दी गई है। वरिष्ठ IPS और बिलासपुर जिले के पुलिस महानिरीक्षक रहें IPS डॉ संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके अलावा दर्जन भर अधिकारियों को उनके मातहत एडिशनल सीपी, डीसीपी और एसीपी के तौर पर तैनात किया गया है। सभी पुलिस अफसरों ने पदभार सँभालने के बाद विधिवत अपना कामकाज शुरू कर दिया है।

इस बीच रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ संजीव शुक्ला ने कमिश्नरी के तहत आने वाले थाना क्षेत्रों को लेकर एक अहम आदेश जारी किया है। उन्होंने आयुक्त प्रणाली लागू होने से ठीक पहले जारी किये गये पुलिस के अफसरों और कर्मचारियों के ट्रांसफर आदेश पर रोक लगा दी है। इस संबंध में जारी आदेश के तहत कहा गया है कि, “आरक्षक से निरीक्षक स्तर की अधिकारी/कर्मचारियों के संबंध में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के पूर्व जारी स्थानांतरण आदेशों को स्थगित किया जाता है। नवीन पदस्थापना पर रवानगी हेतु शेष अधिकारी/कर्मचारियों को रवानगी न दी जावे।”

पुलिस आयुक्त की बैठक, दिए गए सख्त निर्देश

इससे पहले बीते शनिवार रात 10 बजे पुलिस आयुक्त डॉ संजीव शुक्ला ने लॉ एंड ऑर्डर पर सख्ती को लेकर पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कमिश्नरी सिस्टम के बारे में जानकारी दी। बैठक में कमिश्नर संजीव शुक्ला ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चालान के नाम पर वाहन स्वामियों को जबरन परेशान नहीं किया जाए। कमिश्नर ने शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की प्राथमिकताओं पर जोर दिया। मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर सहित सभी डिप्टी पुलिस कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

बैठक में उन्होंने कहा कि रायपुर कमिश्नरी क्षेत्र में बिना कमिश्वर से अनुमति लिए किसी तरह का धरना प्रदर्शन, रैली आयोजित नहीं की जाएगी। इसके लिए अनुमति लेनी होगी उसके बाद ही ऐसे आयोजन हो सकेंगे। इसी तरह कमिश्नर ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए निर्धारित समय के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट अनिवार्य रूप से बंद कर दिए जाएं। अगर निर्धारित समय के बाद कुछ खुला मिलता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

CG: राजधानी पुलिस को मिली बड़ी सफलता, अंतरराज्यीय तस्करों के साथ इतने लाख रुपए का गांजा किया जब्त…

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राजधानी पुलिस को मिली बड़ी सफलता, अंतरराज्यीय तस्करों के साथ इतने लाख रुपए का गांजा किया जब्त…

  • पुलिस ने 35 किलो गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया
  • तस्करों ने कई चेकपोस्ट तोड़कर भागने की कोशिश की और एक पुलिसकर्मी घायल हुआ
  • रायपुर में घेराबंदी कर दोनों को दबोचा गया, कुल जब्ती ₹25 लाख की

छत्तीसगढ़ के राजधानी में गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ा एक्शन हुआ है। पुलिस ने करीब 35 किलो गांजा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। जिसकी कीमत करीब साढ़े 17 लाख रुपए आंकी गई है। वहीं कुल जब्ती करीब 25 लाख रुपये की है।

मिली जानकारी के अनुसार, तस्कर सिंगोड़ा, पटेवा और तुमगांव के चेकपोस्ट तोड़ते हुए फरार हो गए थे। इस दौरान तुमगांव चेकपोस्ट पर एक पुलिसकर्मी को घायल कर तस्कर भागने में सफल हो गए। जिसके बाद आरंग की चेकपोस्ट देखकर तस्करों ने अपना रास्ता बदल लिया और खरोरा की ओर फरार हो गए। इसके बाद डायल 112 की गाड़ियां लगाकर घेराबंदी की और पुलिस ने रायपुर आमासिवनी ब्रिज के नीचे रिंग रोड नंबर 3 पर दोनों तस्करों को दबोच लिया।

पकड़े गए तस्करों की पहचान राकेश गुप्ता और अमित सिंह के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि दो तस्कर महाराष्ट्र के निवासी है। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को 2 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

Magh Purnima 2026: 1 या 2 फरवरी कब है माघ पूर्णिमा, दुविधा करें दूर…

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Magh Purnima 2026 date: माघ महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा (Maghi Purnima) के नाम से भी जाना जाता है. यह तिथि इसलिए भी विशेष होती है, क्योंकि इस दिन माघ मास का अंतिम स्नान (Magh Snan) किया जाएगा.

यही कारण है कि, माघी पूर्णिमा पर स्नान का महत्व काफी बढ़ जाता है. इसके साथ ही इस तिथि पर दान, पूजा, व्रत और जप का भी महत्व होता है.

माघ पूर्णिमा माघ महीने के अंतिम दिन मनाया जाता है. इसके बाद फाल्गुन मास (Falgun 2026) आरंभ हो जाता है. लेकिन माघ पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. लोग दुविधा में हैं कि, माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को है या 2 फरवरी को. अगर आप भी दिन-तारीख को लेकर कंफ्यूजन में हैं तो यहां जानें माघ पूर्णिमा की सही तिथि, स्नान का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त.

माघ पूर्णिमा 2026 कब है (Magh Purnima 2026 Exact Date)

दिक्र पंचांग के अनुसार (Magh Purnima Panchang) माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को रहेगी. क्योंकि रविवार 1 फरवरी को सुबह 05.52 से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी और 2 फरवरी को तड़के 3.28 पर समाप्त हो जाएगी. उदयातिथि के साथ ही 1 फरवरी को पूरे दिन पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन माघी पूर्णिमा का स्नान, दान, पूजन और व्रत आदि जैसे धार्मिक कार्य किए जाएंगे.

माघ पूर्णिमा शुभ मुहूर्त (Magh Purnima 2026 Shubh Muhurat)

माघ पूर्णिमा पर रवि पुष्य योग का निर्माण हो रहा है, जोकि सुबह 07.10 से रात 11.58 तक रहेगा. साथ ही इस तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति योग और आयुष्मान योग भी रहेगा. इन योग को बहुत ही शुभ माना जाता है. इन योगों में किए स्नान, दान और पूजन का शीघ्र फल मिलता है. स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त को शुभ माना जाता है. वहीं पूजा के लिए सुबह 05.24 से 06.32 तक शुभ मुहूर्त रहेगा. स्नान और पूजन के बाद आप दान कर सकते हैं. पूर्णिमा का व्रत रखने वाले जातक 2 फरवरी को सुबह 06.33 से सुबह 07.55 के बीच पारण कर अपना व्रत खोल सकते हैं.

बजट 2026 से क्या हेल्थ सेक्टर का होगा कायाकल्प? जानें क्या है उम्मीदें…

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Union Budget 2026: आगामी यूनियन बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह देश की स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा और गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार यदि स्वास्थ्य बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करती है तो इससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे, आधुनिक उपकरणों तथा दवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा.

खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी दूर करने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं लाए जाने की उम्मीद है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच समान रूप से बढ़ सके.

हेल्थ सेक्टर की क्या उम्मीदें?

स्वास्थ्य बीमा कवरेज के विस्तार, निवारक देखभाल, डिजिटल हेल्थ और मेडिकल रिसर्च में निवेश को भी इस बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किए जाने की संभावना है. डॉ. एन.के. सोनी के अनुसार, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और प्रिवेंटिव सेवाओं के लिए अधिक आवंटन से खासकर टियर-II और टियर-III शहरों में मरीजों के इलाज के नतीजों में सुधार होगा. डिजिटल हेल्थ और बीमा सुविधाओं की बेहतर पहुंच से न सिर्फ इलाज सस्ता होगा, बल्कि मरीजों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा, जिससे एक मजबूत और टिकाऊ हेल्थकेयर इकोसिस्टम तैयार हो सकेगा.

वहीं महिला और बाल स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिए जाने की भी व्यापक अपेक्षा है. मानसी बंसल झुनझुनवाला का कहना है कि मातृ स्वास्थ्य, पोषण, समय पर जांच और नवजात देखभाल पर बढ़ा हुआ खर्च दीर्घकालिक रूप से समाज के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही टेलीमेडिसिन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी में निवेश से बेहतर डायग्नोसिस और गुणवत्तापूर्ण इलाज तक मरीजों की पहुंच आसान होगी.

महिला हेल्थ पर फोकस की जरूरत

महिला स्वास्थ्य को लेकर विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि निवारक और विशेषीकृत देखभाल पर फोकस समय की मांग है. डॉ. संदीप सोनारा के अनुसार, समय पर निदान, उन्नत इमेजिंग तकनीक और न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी जैसी सुविधाओं तक शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाने से एंडोमेट्रियोसिस जैसी जटिल बीमारियों में बेहतर परिणाम मिलेंगे और लंबे समय में सामाजिक व आर्थिक बोझ भी घटेगा.

कुल मिलाकर, आगामी यूनियन बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार, तकनीकी नवाचार और समावेशी नीतियों की मजबूत उम्मीद की जा रही है. यदि सरकार प्राथमिक, निवारक और विशेषीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को संतुलित रूप से सशक्त करती है, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और किफ़ायत में व्यापक सुधार होगा और भारत एक भविष्य-तैयार तथा समान हेल्थकेयर सिस्टम की ओर तेजी से आगे बढ़ सकेगा.

Republic Day 2026: शेरशाह से बॉर्डर तक,  गणतंत्र दिवस पर घर बैठे देखें…

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गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का दिन होता है. इस दिन हम उन वीर सैनिकों को याद करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की परवाह नहीं की. बॉलीवुड की कई फिल्मों ने भी युद्ध, सैनिकों की बहादुरी और देशभक्ति को पर्दे पर बड़े ही रोमांचक और भावुक अंदाज में दिखाया है.

ये फिल्में परिवार के साथ देखने के लिए भी शानदार अनुभव देती हैं.

जेपी दत्ता की फिल्म ‘बॉर्डर’ साल 1997 में रिलीज हुई थी और इसे बॉलीवुड की क्लासिक वॉर फिल्म माना जाता है. ये फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट की कहानी दिखाती है जहां सिर्फ 120 भारतीय सैनिक अपनी पोस्ट की रक्षा करते हैं. फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना मुख्य भूमिका में थे. सैनिकों की हिम्मत, दोस्ती और देशभक्ति का जज्बा पर्दे पर बेहद रोमांचक तरीके से दिखाया गया है. ये फिल्म उस साल की बड़ी हिट भी रही है.

इस कड़ी में बीते शुक्रवार इसका सीक्वल ‘बॉर्डर 2’ रिलीज हुआ. इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ऑफिसर्स की भूमिका निभाई है.

साल 2003 में जेपी दत्ता ने एक और वॉर-ड्रामा फिल्म ‘एलओसी कारगिल’ बनाई. ये फिल्म भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय पर आधारित थी. फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे बड़े कलाकार नजर आए. इस फिल्म ने युद्ध की कठिनाइयों और सैनिकों की बहादुरी को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाया. लोग इसे देखकर भावनात्मक रूप से भी झकझोर गए.

आदित्य धर की फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ 2019 में रिलीज हुई थी. ये फिल्म 2016 में पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित थी. विक्की कौशल ने मेजर विहान सिंह शेरगिल का किरदार निभाया था. फिल्म ने रिलीज होते ही खूब चर्चा बटोरी और लोगों ने इसे बेहद पसंद किया. इसे साल की सबसे हिट फिल्मों में से एक माना गया था.

सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘शेरशाह’ साल 2021 में रिलीज हुई. ये मेजर विक्रम बत्रा की बायोपिक है जिन्होंने कारगिल युद्ध में देश की खातिर अपनी जान दे दी. फिल्म में उनकी बहादुरी और देशभक्ति को बड़े ही प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया. विष्णुवर्धन द्वारा निर्देशित ये फिल्म न केवल भावनाओं को छूती है बल्कि लोगों के अंदर देशभक्ति की भावना भी जगाती है.

साल 2026 की शुरुआत में आई फिल्म ‘इक्कीस’ में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई. ये फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल के बलिदान पर आधारित है. धर्मेंद्र की ये आखिरी फिल्म थी. ‘इक्कीस’ सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं बताती बल्कि सैनिकों के दर्द, संघर्ष और उनके साहस को भी दिखाती है.