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CG: नववर्ष, नव ऊर्जा और नव संकल्प का संदेश: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी चैत्र नवरात्रि, नव संवत्सर और गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं….

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि, हिंदू नववर्ष (नव संवत्सर) एवं गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने इस मंगल अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चैत्र मास के प्रथम दिन से प्रारंभ होने वाला हिंदू नववर्ष नव ऊर्जा, नव संकल्प और नव चेतना का प्रतीक है। इसी पावन अवसर से शक्ति उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि का भी शुभारंभ होता है, जो श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था के साथ पूरे देश में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि गुड़ी पड़वा विशेष रूप से महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में नववर्ष के स्वागत का उत्सव है, जो आशा, उत्साह और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। यह पर्व समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नव शुरुआत और उत्सवधर्मिता का संदेश देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध देवी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मां शीतला, मां दंतेश्वरी, महामाया, बम्लेश्वरी, कंकाली, बिलईमाता और चंद्रहासिनी देवी जैसे विविध स्वरूपों में प्रदेश की आस्था और संस्कृति गहराई से रची-बसी है। यह आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की पहचान को सशक्त बनाती है।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इन पावन दिनों में छत्तीसगढ़ की धरती भक्ति, साधना और शक्ति आराधना से आलोकित हो उठती है। देवी उपासना केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि सामाजिक समरसता, सकारात्मक सोच और आंतरिक चेतना का भी संचार करती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास और विश्वास के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मां भगवती से प्रार्थना करते हुए कहा कि उनकी कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे और प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास बना रहे।

CG” जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वालों पर की जाए कड़ी कार्यवाही…

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केवल नगर निगम अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही कराया जाए सीवरेज सफाई का कार्य’

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य में जबरन दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर कड़ाई से कार्यवाही की जाए। उन्होंने सीवरेज सफाई के संबध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतर्गत केवल नगर निगम के माध्यम से अथवा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही सीवरेज सफाई का कार्य करवाया जाए। साथ ही सफाई के दौरान सुरक्षा मापदंडों का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए, जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना होने पाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आज अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य अनुश्रवण समिति की छत्तीसगढ विधानसभा स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक की अध्यक्षता के दौरान ये निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कल राज्य के एक निजी बड़े हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित वर्ग को हर संभव सहायता दी जाए साथ ही घटना के जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अप्रिय घटना ना होने पाए।

इस मौके पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि जबरन हाथ से मैला उठाने का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों पर ऐक्ट में दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु उचित प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया है जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों / संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की।

बैठक में वर्ष 2018 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 20 अक्टूबर 2023 के आदेश के अनुसरण में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से प्राप्त मैनुअल स्कैवेजर्स के पुनसर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं अनुमोदन किया गया।

बैठक में केबिनेट मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा,  मुख्य सचिव श्री विकासशील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम,  अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव श्री बसव राजू  सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

CG: यात्रा वृत्तांत से सजीव होती है इतिहास और संस्कृति की तस्वीर- मुख्यमंत्री श्री साय…

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मुख्यमंत्री नेमोदी के राज्य से लौटकरपुस्तक का किया विमोचन

छत्तीसगढ़ की महिला पत्रकारों के गुजरात भ्रमण पर आधारित सुश्री निशा द्विवेदी की पुस्तक

यात्रा वृत्तांत से सजीव होती है इतिहास और संस्कृति की तस्वीरमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित अपने कार्यालय के सभा कक्ष में युवा पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी की पुस्तक ‘मोदी के राज्य से लौटकर’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा वृत्तांत से पाठकों के लिए इतिहास और संस्कृति की तस्वीर सजीव हो जाती है। पुस्तक में सुश्री निशा द्विवेदी ने एक पत्रकार की नजर से गुजरात यात्रा का वर्णन किया है जो बहुत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जनसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहे नेतागण और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हमारे पत्रकार साथियों के जीवन में यह एक समानता है कि दोनों ही अपने कार्यक्षेत्र में हमेशा व्यस्त रहते हैं। सक्रिय पत्रकारिता के बीच यात्रा वृत्तांत जैसी रचना के लिए समय निकाल पाना जरूर कठिन रहा होगा। ये बहुत सुखद है कि सुश्री द्विवेदी ने अध्ययन भ्रमण के अनुभवों को किताब के रूप में हम सभी के सामने लेकर आई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पत्रकार बहनों से मिलना हुआ था। मुलाकात में महिला पत्रकारों के अध्ययन भ्रमण के विषय में भी चर्चा हुई। ये बहुत खुशी की बात है कि पहली बार छत्तीसगढ़ की 26 महिला पत्रकारों का दल गुजरात राज्य के भ्रमण पर गया। भ्रमण से लौटने के बाद मैंने मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार बहनों से मुलाकात की। उसी समय मैंने उन्हें यह सुझाव दिया था कि वे अपनी यात्रा के अनुभवों को जरूर लिखें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा इस वर्ष के बजट में भी हमने पत्रकारों के एक्सपोजर विजिट का प्रावधान किया है। हमारे पत्रकार साथी बड़े परिश्रम से सामाजिक सरोकार का कार्य करते हैं। हमारी सरकार हर स्तर पर पत्रकार साथियों को प्रोत्साहित कर रही है। अभी तक पत्रकारों के विविध दल महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, राजस्थान जैसे अनेक राज्यों में हुए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुजरात भ्रमण का उद्देश्य महिला पत्रकारों को विकास के मॉडल को देखने, समझने और उससे सीखने का अवसर देना था। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा थी कि इस यात्रा को कोई महिला पत्रकार पुस्तक के रूप में लिखे, और यह पुस्तक उसी भावना का परिणाम है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, जनसंपर्क आयुक्त डॉ रवि मित्तल, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी सहित अनेक पत्रकारगण उपस्थित रहे।

CG : राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में होगा अलग से संचालनालय का गठन…

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नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न’

नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गईमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा स्थित समिति कक्ष में राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में अलग से संचालनालय गठन,नवीन हॉस्टल भवन निर्माण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा हमारी सरकार पिछड़ा वर्ग समाज के विकास लिए प्रतिबद्ध है। हम उनकी चिंता कर नये विकास का कार्य कर रही है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की बड़ी संख्या निवास करती है, जिनमें  लगभग 95 जातियां एवं उनके उपसमूह निवासरत है। हमारी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक एवं सामाजिक आर्थिक विकास की चुनौतियों के प्रति संवेदनशील है।

हमारी सरकार समाज के महत्वपूर्ण किन्तु विकास में पीछे रह गये इन वर्गों के सामाजिक सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष बल देते हुए समग्र विकास के लिए कृत संकल्पित है।

संकल्प को पूर्ण करने हेतु हमारी सरकार ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग,मंत्रालय गठित किया है, जिससे इन वर्गों के विकास के लिए गति प्रदान की जा सके तथा इनके लिए नवाचार योजनाओं को लागू किया जा सके। इसके अतिरिक्त इन वर्गों के समस्याओं पर सम्यक रुप से विचार कर समस्या का समाधान किया जा सके, जिससे यह समाज भी विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सके।

पिछड़ा वर्ग के विकास हेतु अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भी गठित किया गया है। इसके लिए लौहशिल्प विकास बोर्ड, रजककार विकास बोर्ड तथा तेलघानी विकास बोर्ड भी गठित किया गया है।

इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु विभाग ने नवीन मुख्य बजट में इन वर्गों के शैक्षणिक विकास हेतु छात्रावास, आश्रम, प्रयास आवासीय विद्यालय संस्थान स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से छात्रवृत्ति विद्यार्थी के खाते में सीधे भुगतान किया जा रहा है। इस हेतु रुपये 150 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भुगतान की व्यवस्था को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु नवाचार करते हुए निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से छात्रवृत्ति की स्वीकृति एवं भुगतान चालू वर्ष में ही किये जाने की व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता की योजना मुख्य बजट में लाई गई है, जिसके माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेल्वे, बैंकिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के छ.ग. राज्य के भौगोलिक एवं प्राकृतिक संरचनाओं के अध्ययन तथा सांस्कृतिक धरोहरों के संबंध में अभिरुचि के विकास हेतु शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि हमने मुख्य बजट में नवीन योजना मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना लाई गई है, जिसके माध्यम से जिन विद्यार्थियों को छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल पाता है, उनको अध्ययन के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वर्तमान में 55 विभागीय छात्रावास स्वीकृत है। वर्तमान में नवीन बजट में 06 जिलों (रायगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी भरतपुर, धमतरी, रायपुर, जशपुर) में अन्य पिछड़ा वर्ग पो. मैट्रिक छात्रावास स्वीकृत किये गये है।

इस दौरान राज्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उक्त बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल,राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकासशील,मुख्यमंत्री के प्रमुख  सचिव श्री सुबोध सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण एवं अधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फिर गिरा भारतीय रुपया, जानिए डॉलर के मुकाबले कहाँ पहुंची कीमत…

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मध्य पूर्व में तनाव के बीच, भारतीय रुपया लगातार नीचे गिर रहा है। मज़बूत होते अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपया दबाव में बना हुआ है। हफ़्ते के तीसरे कारोबारी दिन-बुधवार को-रुपया एक बार फिर तीन पैसे गिरकर डॉलर के मुकाबले 92.43 के स्तर पर पहुँच गया।

विदेशी निवेशकों द्वारा पूँजी निकाले जाने और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अमेरिकी डॉलर के मज़बूत रुख़ की वजह से घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ रहा है। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी और घरेलू शेयर बाज़ारों में सकारात्मक शुरुआत ने, फिलहाल, रुपये में और ज़्यादा गिरावट को रोक दिया है।

रुपया क्यों गिर रहा है?

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाज़ार में, रुपया डॉलर के मुकाबले 92.42 पर खुला और उसके बाद गिरकर 92.43 प्रति डॉलर पर पहुँच गया, जो इसकी पिछली बंद कीमत से तीन पैसे की गिरावट दर्शाता है। पिछले हफ़्ते, गुरुवार को कारोबार के दौरान, रुपया डॉलर के मुकाबले 92.47 के निचले स्तर को छू गया था। हालाँकि, अंततः यह 92.40 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। इस बीच, डॉलर इंडेक्स-जो छह प्रमुख मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मज़बूती को मापता है-0.03 प्रतिशत बढ़कर 99.60 पर पहुँच गया।

घरेलू शेयर बाज़ारों में, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 373.53 अंक (0.49 प्रतिशत) उछलकर 76,444.37 अंक पर पहुँच गया, जबकि निफ्टी 114.40 अंक (0.49 प्रतिशत) बढ़कर 23,695.55 अंक पर पहुँच गया। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.32 प्रतिशत गिरकर $102.0 प्रति बैरल पर पहुँच गई। शेयर बाज़ार के आँकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) मंगलवार को शुद्ध विक्रेता रहे, जिन्होंने ₹4,741.22 करोड़ के शेयर बेचे। **विशेषज्ञ क्या कहते हैं?** Mirae Asset Sharekhan के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी के अनुसार, घरेलू करेंसी में गिरावट के मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार पूंजी का बाहर जाना है। हालाँकि, घरेलू बाज़ारों में सुधार और अमेरिकी डॉलर में थोड़ी नरमी ने रुपये की तेज़ गिरावट को कुछ हद तक रोक दिया है।

उन्होंने बताया कि Strait of Hormuz के फिर से खुलने की उम्मीदें, और साथ ही भारतीय रिज़र्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से, निचले स्तरों पर रुपये को सहारा मिल सकता है। इसके अलावा, इस हफ़्ते निवेशक Federal Open Market Committee (FOMC), European Central Bank (ECB), Bank of Japan और Bank of England के मौद्रिक नीति संबंधी फ़ैसलों पर भी पैनी नज़र रखेंगे। उनके अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्पॉट कीमत ₹92.10 से ₹92.75 की सीमा के भीतर रहने की संभावना है।

“भारत का झंडा लिए क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पहुंचा”

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पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ‘जग लाडकी’ की सफल यात्रा

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत का झंडा लिए क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ आज गुजरात के अडानी पोर्ट्स मुंद्रा पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है।

यह घटना देश के ऊर्जा आयात में महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देती है।

जग लाडकी का आयात

टैंकर ‘जग लाडकी’ लगभग 80,886 मीट्रिक टन क्रूड ऑयल लेकर पोर्ट पर पहुंचा है। यह कार्गो यूएई से लाया गया था और फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया था। इस टैंकर की कुल लंबाई 274.19 मीटर और चौड़ाई 50.04 मीटर है। इसका डेडवेट टनेज लगभग 164,716 टन और ग्रॉस टनेज लगभग 84,735 टन है।

अडानी पोर्ट्स की भूमिका

मुंद्रा पोर्ट पर ‘जग लाडकी’ का पहुंचना यह दर्शाता है कि अडानी पोर्ट्स की सुविधाएं बड़े क्रूड आयात को संभालने में कितनी महत्वपूर्ण हैं। ये डिलीवरी बड़ी रिफाइनरियों के लिए आवश्यक हैं, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इन शिपमेंट पर निर्भर करती हैं।

अन्य टैंकरों की सुरक्षित यात्रा

इससे पहले, भारत के झंडे वाले दो LPG कैरियर, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी, 16 और 17 मार्च को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। इन टैंकरों ने लगभग 92,712 मीट्रिक टन LPG लेकर यात्रा की थी। भारत ने अपने व्यावसायिक हितों की सुरक्षा के लिए ‘आपरेशन संकल्प’ के तहत इन जल क्षेत्रों में लगातार नौसैनिक उपस्थिति बनाए रखी है।

स्थिति पर नजर

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शिपिंग महानिदेशालय जहाज मालिकों और भारतीय डिप्लोमैटिक मिशनों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर रख रहा है। केंद्रीय शिपिंग मंत्री भी स्थिति की सक्रिय निगरानी कर रहे हैं। सरकार पोर्ट, शिपिंग लाइन और लॉजिस्टिक्स स्टेकहोल्डर के साथ मिलकर समुद्री व्यापार में किसी भी रुकावट को कम करने के लिए प्रयासरत है।

“भारतीय शेयर बाजार में तेजी, निवेशकों का विश्वास बढ़ा” शेयर बाजार में लगातार बढ़त…

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वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय बेंचमार्क सूचकांक बुधवार, 18 मार्च को लगातार बढ़ते रहे, जिसमें सभी क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी देखी गई। यह तेजी तब आई है जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है, कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, और रुपया कमजोर होने के संकेत दे रहा है, जो आमतौर पर निवेशक भावना पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

बेंचमार्क सूचकांकों ने इंट्राडे ट्रेड में मजबूत लाभ दर्ज किया।

सेंसेक्स 850 से अधिक अंक चढ़कर 76,900 के स्तर को पार कर गया, जबकि निफ्टी 50 250 से अधिक अंक बढ़कर 23,836 के करीब पहुंच गया। व्यापक बाजारों ने भी इस तेजी में भाग लिया, जिसमें मिड- और स्मॉल-कैप सूचकांक 2 प्रतिशत तक चढ़ गए। यह बाजारों के लिए लगातार तीसरा दिन है जब लाभ हुआ है। इस अवधि में, सेंसेक्स ने 2,350 से अधिक अंक जोड़े हैं, जबकि निफ्टी ने लगभग 700 अंक जोड़े हैं। निवेशक संपत्ति में भी तेज वृद्धि देखी गई है, जिसमें बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण केवल तीन सत्रों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गया है।

बाजार में तेजी के पीछे के कारण

इस तेजी के पीछे एक प्रमुख कारण निरंतर शॉर्ट कवरिंग है। हाल ही में अमेरिका-इजराइल बलों और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद हुई सुधार ने मूल्यांकन को अधिक आकर्षक बना दिया था। निवेशक अब मौलिक रूप से मजबूत

शेयरों  को अपेक्षाकृत निम्न स्तरों पर जमा करने के लिए कदम बढ़ा रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल ब्लू-चिप शेयरों में बल्कि मिड- और स्मॉल-कैप शेयरों में भी देखी जा रही है, जहां सौदेबाजी की खोज सक्रिय है।

भू-राजनीतिक तनाव में कमी के संकेत

हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष जारी है, लेकिन यह उम्मीदें बढ़ रही हैं कि यह ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। नए कूटनीतिक प्रयासों की रिपोर्टों ने संभावित कमी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। “शॉर्ट कवरिंग हो रही है। बाजार अब ईरान और वहां हो रही घटनाओं की ओर देख रहा है। यह धारणा बढ़ रही है कि शायद यह और अगले सप्ताह इस युद्ध का अंतिम हिस्सा हो सकता है,” विनोद नायर, रिसर्च प्रमुख, जियोजिट इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने कहा। ऐसी उम्मीदें निवेशकों को निकट-अवधि के जोखिमों से परे देखने और संभावित सुधार पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

ऊर्जा आपूर्ति की उम्मीदें और तेल की कीमतों में कमी

ऊर्जा क्षेत्र में विकास भी शेयर बाजार की भावना को समर्थन दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत ईरान के साथ कच्चे और एलपीजी शिपमेंट के आंदोलन को सुविधाजनक बनाने के लिए बातचीत कर रहा है, जिसे “सकारात्मक” बताया गया है। “कच्चे तेल के आंशिक पारगमन की रिपोर्टें प्रतिभागियों को यह उम्मीद दे रही हैं कि ऊर्जा आपूर्ति अंततः सामान्य हो जाएगी। इसके अलावा, सूचकांक में तेज गिरावट के बाद सामान्यीकरण भी एक भूमिका निभा रहा है,” रिलigare ब्रोकिंग के रिसर्च के एसवीपी अजीत मिश्रा ने कहा। इस बीच, तेल की कीमतें हाल के उच्च स्तर से कम हुई हैं, जिसमें ब्रेंट क्रूड लगभग 3 प्रतिशत गिरकर $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। यह कमी मुद्रास्फीति और आर्थिक दबावों के बारे में चिंताओं को कम करने में मदद कर रही है।

तकनीकी दृष्टिकोण से बाजार की स्थिति

तकनीकी दृष्टिकोण से, बाजार ताकत हासिल करता हुआ प्रतीत हो रहा है। निफ्टी का 23,800 के स्तर को पुनः प्राप्त करना विश्लेषकों द्वारा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, और निकट भविष्य में और भी वृद्धि की संभावना है। “निफ्टी के लिए, हम 24,000 का सर्वश्रेष्ठ मामला देख सकते हैं। शायद यह 24,100 या 24,150 तक बढ़ सकता है,” नायर ने कहा। हालांकि, विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि 24,000-24,150 के आसपास प्रतिरोध स्तर लाभ को सीमित कर सकते हैं, जबकि 23,000-22,900 क्षेत्र एक महत्वपूर्ण समर्थन रेंज है जिसे बैल को बचाना होगा।

बिहार राज्यसभा चुनाव में एनडीए का क्लीन स्वीप, 5वीं सीट पर ऐसे मारी बाजी…

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राज्यसभा चुनावों के दौरान बिहार की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक मोड़ आया है। NDA ने 5-0 से शानदार जीत हासिल की है। राज्यसभा चुनावों में अपनी पाँचवीं सीट जीतने के लिए, NDA को तीन विधायकों के समर्थन की ज़रूरत थी।

इसी ज़रूरत के बीच, *महागठबंधन* (Grand Alliance) के चार विधायक वोटिंग प्रक्रिया से अनुपस्थित रहे। *महागठबंधन* को जीत सुनिश्चित करने के लिए छह विधायकों के समर्थन की ज़रूरत थी। तेजस्वी यादव ने यह समर्थन जुटा भी लिया था – पाँच AIMIM विधायकों और एक BSP विधायक का समर्थन हासिल करके – लेकिन, अंत में, एक RJD विधायक और तीन कांग्रेस विधायक गायब हो गए।

चूँकि ये चारों विधायक वोट नहीं डाल पाए, इसलिए राज्यसभा चुनावों का नतीजा NDA के पक्ष में गया। नतीजतन, पाँचवीं सीट भी NDA के खाते में चली गई। जिन विधायकों ने वोट डालने के लिए हाज़िरी नहीं दी, उनमें वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, फोर्ब्सगंज से कांग्रेस विधायक मनोज बिस्वास, मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर सिंह और ढाका से RJD विधायक फैसल रहमान शामिल थे।

**नीतीश कुमार को 44 पहली पसंद के वोट मिले**

RJD नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके विधायकों को खरीदा गया या उनका अपहरण कर लिया गया। इस चुनाव में, नीतीश कुमार को 44 पहली पसंद के वोट मिले। नितिन नवीन को भी 44 वोट मिले, जबकि उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर को 42 वोट मिले। इसके विपरीत, *महागठबंधन* के उम्मीदवार, ए.डी. सिंह को 37 वोट मिले।

**गठबंधन पूरी ताक़त के साथ चुनावी मैदान में उतरा**

वरिष्ठ JDU नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने ज़ोर देकर कहा कि NDA के सभी 202 विधायकों ने वोट डाला, जबकि विपक्षी *महागठबंधन* के चार विधायकों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी ताक़त के साथ चुनावी मैदान में उतरा था, और उसके सभी विधायकों ने पूरी एकता दिखाई। उन्होंने आगे कहा, “हमारे गठबंधन ने सफलतापूर्वक अपनी एकता और रणनीतिक सूझबूझ का प्रदर्शन किया है।”

**चुनावों के बीच अनंत सिंह ने एक बड़ी घोषणा की**

इन चुनावों के बीच, मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने ऐलान किया, “अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से हट जाते हैं, तो मैं अगला चुनाव नहीं लड़ूँगा। मेरे बच्चे चुनाव लड़ेंगे।” यह बात ध्यान देने लायक है कि अनंत सिंह को पिछले साल-विधानसभा चुनावों से पहले-दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ़्तार किया गया था। अब तक अनंत सिंह को ज़मानत नहीं मिली है। हालाँकि, पैरोल पर होने के बावजूद उन्हें वोट डालने की अनुमति दी गई थी।

खरगे की चुटीली टिप्पणी ने संसद में हंसी का माहौल बनाया…

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संसद में खरगे का व्यंग्यात्मक कटाक्ष

कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में चल रही गंभीर चर्चा को एक मजेदार मोड़ दिया। पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा पर उनकी चुटीली टिप्पणी ने न केवल सदन में हंसी बिखेरी, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया।

खरगे ने देवेगौड़ा के प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा में दिए गए बयान पर हल्के-फुल्के अंदाज में तंज कसा। उन्होंने कहा, ‘देवेगौड़ा जी विपक्ष के साथ साझेदारी तो चाहते हैं, लेकिन भाजपा के साथ विवाह करना चाहते हैं।’ इस पर उन्होंने मजाक में कहा, ‘प्रेम हमारे साथ, शादी मोदी जी के साथ,’ जिससे सदन में हंसी की लहर दौड़ गई।

खरगे का देवेगौड़ा के प्रति सम्मान

खरगे ने आगे कहा कि वह देवेगौड़ा को 54 वर्षों से जानते हैं और उनके साथ काम किया है। उन्होंने कहा, ‘मोहब्बत हमारे साथ कीजिए, शादी मोदी साहब के साथ।’ यह टिप्पणी विपक्ष द्वारा देवेगौड़ा और उनकी पार्टी के प्रति हाल के मिले-जुले संकेतों की ओर इशारा करती है। देवेगौड़ा ने भाजपा सरकार की प्रशंसा की है, जिससे राजनीतिक हलचलें पैदा हुई हैं।

विदाई समारोह में खरगे की भागीदारी

खरगे ने उच्च सदन से सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों को विदाई देने में भी भाग लिया। उन्होंने लोक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता की बात की, जो औपचारिक पदों से परे होती है। खुद जून में राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने वाले खरगे ने विदाई समारोह में भाग लिया, जिसमें सांसदों ने सेवानिवृत्त सांसदों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान, खरगे ने संसदीय जिम्मेदारियों की स्थायी प्रकृति और सदन की निरंतरता पर जोर दिया।

शरद पवार की वापसी पर संतोष

खरगे ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार की सदन में वापसी पर भी खुशी व्यक्त की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के बारे में मजाक करते हुए कहा कि वे हमेशा अपनी कविताओं के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हैं। इस पर सदन में फिर से हंसी गूंज उठी।

 

दिल्ली और इंदौर अग्निकांड पर पीएम मोदी ने जताया शोक, पीड़ित परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के पालम और मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने के कारण कई लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी।

मध्य प्रदेश के इंदौर की घटना पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि मध्य प्रदेश के इंदौर में आग लगने की घटना में हुई जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”

एक अन्य पोस्ट में दिल्ली की घटना पर दुख जताया गया। पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली के पालम में आग लगने की घटना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर करे कि घायल जल्द से जल्द स्वस्थ हों।

उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि पीएमएनआरएफ (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।

बता दें कि दिल्ली के पालम में बुधवार सुबह 7:04 बजे राम मार्केट में स्थित चार मंजिला इमारत में आग लग गई। यह इमारत राजेंद्र कश्यप की थी, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल पर उनका कपड़े और कॉस्मेटिक का शोरूम था और दूसरी-तीसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता था। इस घटना में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई।

वहीं, मध्य प्रदेश के इंदौर में कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई, जिसने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कम से कम 8 लोग आग के चलते मर गए। मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को बंगाली चौराहा क्षेत्र में स्थित बृजेश्वरी कॉलोनी में कार को चार्ज किया जा रहा था, तभी चार्जिंग के दौरान आग लग गई और देखते ही देखते इस आग ने विकराल रूप ले लिया। पूरी इमारत में आग की लपटें नजर आने लगीं। इस आग की चपेट में घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर भी आ गए और एक-एक कर कई गैस सिलेंडर में धमाका हुआ। इसके चलते मकान का कुछ हिस्सा भी ढह गया।