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स्वास्थ्य : इन खराब आदतों से जल्द पा लीजिये छुटकारा वरना हो सकती है दिल से जुडी यह जानलेवा परेशानी

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बदलती ज़िंदगी शैली व असंतुलित खानपान से कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (हृदय रोगों) में इजाफा हो रहा है. चौंकाने वाली बात है कि दिल रोगों की चपेट में अब युवा भी आ रहे हैं. ऐसा शरीर में सामान्य से ज्यादा कोलेस्ट्रोल बढ़ने से हो रहा है. कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ने से खून की सप्लाई बाधित होने लगती है.

जीएमसी व सुपर स्पेशलिटी जम्मू में प्रतिदिन हार्ट अटैक के 10 से 12 मुद्दे पहुंच रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों का सीजन आने पर इन मामलों में बढ़ोतरी होगी. ठंड से शारीरिक गतिविधियां कम होने से खून में कंपोनेंट आपस में जुड़कर सीधे दिल पर हमला करते हैं.

इससे खून की सप्लाई प्रभावित होने से हार्ट अटैक होता है. मोटापा, तनाव, डायबिटीज व ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक के लिए ज्यादा जिम्मेदार है. अमूमन 40 की आयु में होने वाला हार्ट अटैक अब 20-25 वर्ष के युवाओं को भी हो रहा है. इसमें अधिकतर मामलों में पुरुष पीड़ित हैं.

महिलाओं में हार्ट अटैक के कम होने का कारण

जीएमसी की इमरजेंसी में पहुंचने वाले अधिकतर मुद्दे शहर से हैं. सर्दी बढ़ने पर लोग शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं. ऐसे मौसम में खानपान पर ज्यादा तवज्जो दी जाती है. लेकिन यह हानिकारक होता है. सामान्य से ज्यादा खानपान करने से शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है.

सुपर स्पेशलिटी के कार्डियोलाजी यूनिट के एचओडी डाक्टर सुशील शर्मा के अनुसार तापमान में गिरावट से शरीर में कई हारमोन में परिवर्तन आता है. इसमें न्यूरो हारमोन अहम होता है. युवाओं में हार्ट अटैक में स्मोकिंग, हाइपरटेंशन आदि जिम्मेदार हैं. स्त्रियों में हार्ट अटैक के कम होने का कारण उनका नियमित माहवारी होना रहता है. लेकिन माहवारी रुकने पर ऐसी स्त्रियों में फैट की चर्बी बढ़ने लगता है, जो हार्ट अटैक का कारण बनता है.

लक्षण
1. आकस्मित घबराहट होना
2. सिर में तेज दर्द, नब्ज निर्बल होना
3. आकस्मित सांस फूलने लगना
4. तनाव से खून की सप्लाई में प्रेशर बढ़ना

सामान्य बचाव
1. दिल रोगी चढ़ाई या ज्यादा चलने से परहेज करें
2. कोलेस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें
3. तत्काल असर से तंबाकू के साथ धूम्रपान छोड़ें
4. फल सब्जियों का ज्यादा सेवन करें
5. प्रतिदिन आधा घंटा सैर, योग व एक्सरसाइज़ करें

1. ब्लड प्रेशर, डायबिटीज व अस्थमा के मरीज सर्दियों में विशेष सावधानी बरतें
2. शरीर में पर्याप्त कपड़े डालकर ही बाहर निकलें
3. नहाने के दौरान ठंडा पानी पहले पैरों पर डालें व बाद में शरीर के अन्य हिस्सों पर. इससे शरीर के तापमान में संतुलन बना रहेगा
3. ठंडे पानी का सेवन न करें, गुनगुना पानी लें
4. दुग्ध उत्पादकों का सेवन करने से परहेज करें
5. डायबिटीज के मरीज खाली पेट न रहें, प्रातः काल ब्रेकफास्ट में फ्रूट लें

छत्तीसगढ़ : ज्वेलरी शॉप से पांच लाख उड़ाने वाला नौकर निकला मास्टर माइंड

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कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान में हुए नकदी पांच लाख रुपये की चोरी का खुलासा हो गया है। दुकान में चोरी करने वाला मास्टर माइंड कोई और नहीं, बल्कि दुकान का ही नौकर निकला। उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था। तीनों आरोपितों को पुलिस उप्र के झांसी से गिरफ्तार करने में सफल रही। उनके पास से नकद तीन लाख 24 हजार रुपये बरामद किए गए। बाकी रकम खर्च कर दी थी।

साल भर पहले भी दुकान से पांच लाख कर चुका था पार

राजधानी की एक ज्वेलरी शॉप से पांच लाख उड़ाने के मामले का एएसपी सिटी प्रफुल्ल ठाकुर, सीएसपी कोतवाली देवचरण पटेल, थाना प्रभारी आरके मिश्रा ने शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सदर बाजार शांति विजय मार्केट स्थित ज्वेलरी दुकान में 30-31 जुलाई की दरम्यानी रात तिजोरी से नकदी पांच रुपये चोरी हुई थी। इस पूरे घटना का मास्टर माइंड दुकान में काम करने वाला मूलतः उप्र के झांसी जिले के कोछाभांवर कुरियाना मोहल्ला थाना नवाबाद निवासी गणेश शंकर वर्मा उर्फ गोलू (23) निकला। उसने तिजोरी की नकली चाबी बनवाकर अपने दो साथियों वीरेंद्र अहिरवार उर्फ विक्की (21) और प्रदीप अहिरवार (19) को दे दी थी। ये दोनों उसी के गांव के हैं। फिर मौका पाकर इन लोगों ने तिजोरी से रकम उड़ा दी। एक साल पहले भी विनोद ने तिजोरी से पांच लाख रुपये चुराए थे। उस दौरान दुकान संचालक को चोरी की भनक तक नहीं लगी, तब विनोद ने दोबारा हाथ मारने का प्लान तैयार किया।

सीसी फुटेज से मिला क्लू

ज्वेलरी दुकान के कर्मचारी अशोक कुमार रैकवार की शिकायत पर पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला। फुटेज में गणेश वर्मा छिपकर किसी से फोन पर बात करता कैद हुआ था। पुलिस ने उसके मोबाइल का कॉल डिटेल खंगाला, तब पता चला कि झांसी के साथियों से बात कर रहा था। संदेह के आधार पर गणेश शंकर वर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन कड़ाई बरतने पर टूट गया। पिछले पांच साल से वह जेवर दुकान में काम कर रहा था। काम करने के दौरान उसने दुकान की तिजोरी की डुप्लीकेट चाबी बनवा ली थी। फिर चोरी करने वह 15 दिन पहले छुट्टी लेकर गांव चला गया। वहां दोनों साथियों को डुप्लीकेट चाबी दी, फिर दुकान की रेकी करवाकर पैसा चोरी करवाया।

तीनों भेजे गए जेल

पूछताछ में गणेश शंकर वर्मा ने वीरेन्द्र अहिरवार और प्रदीप अहिरवार के छिपने के ठिकानों का पता दिया, जिस पर टीम ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तीनों को जेल भेज दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में स्टील फैक्ट्री के संचालकों को सताया गिरफ्तारी का डर

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धरसींवा क्षेत्र के कूंरा, कपसदा गांव स्थित फार्च्चून मेटालिका स्टील फैक्ट्री में काम करने वाले दो सौ मजदूरों को दक्षिण अफ्रीका ले जाकर वहां की फैक्ट्री में बंधक बनाकर काम कराने के मामले में फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ मानव तस्करी का केस दर्ज होने के बाद अब उन्हें गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। खबर है कि फैक्टरी मालिक गिरफ्तारी से बचने पुलिस अफसरों पर ऊपरी दबाव डलवा रहे हैं। यही वजह है कि बंधक मजदूरों की जानकारी मांगे जाने के 10 दिन बाद भी उनकी तरफ से पुलिस को कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई गई।

धरसींवा थाना प्रभारी नरेंद्र बंछोर ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका से भागकर भारत पहुंचे उत्तराखंड के ऊधमसिंहपुर जिले के टांडा मुस्तहकम पोस्ट कांशीपुर निवासी मजदूर प्रेम सिंह डभोरा ने 17 जून, 2018 को प्रोटेक्टर जनरल ऑफ इमीग्रेशन विदेश मंत्रालय नई दिल्ली में लिखित में यह शिकायत की थी कि वहां की फैक्ट्री में रायपुर से दो सौ मजदूरों को बंधक बनाकर बंधुआ मजदूरी कराई जा रही है। विदेश मंत्रालय इमीग्रेशन विभाग से इस शिकायत की जांच करने पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखा गया था। वहां से शिकायत एसएसपी के माध्यम से थाने पहुंची। प्रारंभिक जांच के बाद मामले में फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ धारा 370, उत्प्रास अधिनियम 1983 की धारा 10, 24 और 25 के तहत अपराध कायम कर लिया गया। अब फैक्ट्री संचालकों का बयान दर्ज करने के साथ बंधक बनाए गए मजदूरों की पूरी जानकारी लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित मजदूर ने बताई आपबीती

प्रेम सिंह ने विदेश मंत्रालय को भेजे गए पत्र में बताया कि वर्ष 2018 में पवन ओवरसीज प्रालि राजेंद्रनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद (उप्र) के एमडी एसएन गर्ग उर्फ पवन कुमार गर्ग ने फार्च्चून मेटालिका स्टील धरसींवा के एमडी अश्वनी गोयल और साउथ अफ्रीका स्थित फैक्ट्री के डायरेक्टर गौरव बसंल से संपर्क कराया था। अश्वनी गोयल ने वीजा की फाइल तैयार कर कुछ सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए। उसके बाद तीन माह पहले ही उसे रायपुर बुलवाकर फैक्ट्री में काम करवाया। बाद में अपनी रिश्तेदार शिखा बसंल की कंपनी साउथ अफ्रीका स्थित फैक्ट्री में काम करने मई 2018 में भेज दिया गया। वहां मुझसे 12 घंटे की हिसाब से पूरे महीने बिना किसी छुट्टी और हिसाब से काम कराया गया, जबकि उस विदेशी कंपनी में 40 घंटा प्रति सप्ताह से अधिक कार्य लेना अपराध है। प्रेम सिंह का वेतन डेढ़ लाख रुपये भी नहीं दिया गया। वहां पर खाने और मेडिकल की सुविधा भी नहीं थी। उत्पीड़न की शिकायत करने पर उल्टा कंपनी से बाहर होने और मारकर समुद्र में डाल देने की धमकी दी गई। जैसे की पहले भी किसी भारतीय को मार चुके हैं। परेशान होकर प्रेम सिंह परिवार की सहायता से किसी तरह प्लेन से मुंबई पहुंचा। मुंबई से घर जाने के लिए किराया भी नहीं था। सोने की अंगूठी बेचकर घर पहुंचा। रायपुर से साउथ अफ्रीका फैक्ट्री ले जाए गए सभी मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है।

अब लड़कियों को नहीं पढ़ा सकेंगे 50 साल से कम उम्र के पुरुष शिक्षक

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शिक्षा के क्षेत्र में समय-समय पर सरकार के द्वारा बदलाव किए जाते रहते हैं ताकि अच्छी शिक्षा के साथ सुरक्षा भी मुहैया कराई जा सकें। हाल ही में, राजस्थान की राज्य सरकार द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया हैं जिसके अनुसार अब 50 साल से कम उम्र के पुरुष शिक्षक लड़कियों को नहीं पढ़ा सकेंगे। इसकी जानकारी खुद राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा द्वारा दी गई है। सूत्रों के अनुसार हाल ही में कुछ पुरुष शिक्षकों द्वारा लड़कियों के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था, जिसके कारण ऐसा फैसला लिया गया है।

उन्होंने बताया है कि लड़कियों के सरकारी स्कूल में 50 साल से कम उम्र के पुरुष शिक्षा नहीं दे पढ़ाएंगे। बल्कि ऐसे में महिला टीचर इस जगहों को भरेंगी। राज्य सरकार के इस फैसले पर जब एक्सपर्ट्स की राय ली तो उन्होंने इसे बचकाना बताया है। बता दें अभी इस नियम को लागू नहीं किया गया है। शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा ने यह भी कहा कि यह फैसला तभी लागू किया जाएगा, जब हमारे पास पर्याप्त संख्या में महिला शिक्षक होंगी।

छत्तीसगढ़ : जीएम ने देखी रायपुर रेलवे स्टेशन में इंटीग्रेटेड सिस्टम की व्यवस्था

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक गौतम बनर्जी ने रायपुर रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इंटीग्रेटेड सिक्यूरिटी सिस्टम को देखा। वे शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े बजे स्टेशन ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से पहुंचे थे। ये उनका पहला निरीक्षण था। इस दौरान डीआरएम समेत अन्य अधिकारियों के साथ स्टेशन में यात्री सुविधों को जाना। उन्होंने स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर वेटिंग हॉल का निरीक्षण किया। उसमें दी जा रही शौचालय, स्नानागार की साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही रायपुर स्टेशन पर इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम को देखा। यात्रियों के प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था का जायजा लिया। पूछताछ काउंटर, स्टेशन पर लगे राष्ट्रध्वज और महात्मा गांधी की 3 डी इमेज सेल्फी प्वाइंट का भी अवलोकन किया। अंत में मंडल कार्यालय में अधिकारियों ने यात्री सुविधा बढ़ाने समेत मंडल में चल रहे विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की।

जीएम के निरीक्षण के बाद डीआएम को हार्ट अटैक

जीएम के निरीक्षण और उनके जाने के बाद वाहन से कार्यालय जाते वक्त डीआरएम को दिल का दौरा पड़ गया। सीने में उठे अचानक दर्द की शिकायत पर उन्हें रामकृष्ण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी एंजियोप्लास्टी की गई। अब उनकी सामान्य हालत हुई है। डॉक्टरों के अनुसार सर्जरी सफल रही। वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इधर निरीक्षण के बाद आए हार्ट अटैक से अफवाहें भी दिन भर खूब उड़ीं।

रेवाड़ी में बच्चों साथ राहुल गांधी ने खेला क्रिकेट, खुब लगाया चौके छक्के

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 अभी तक आपने राहुल गांधी को बतौर नेता देखा होगा। लेकिन आज वह क्रिकेटर बने नजर आए और बल्ले से जमकर गेंदों पर प्रहार किया। दरअसल, हरियाणा के महेंद्रगढ़ में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की आज की रैली कैंसल होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रैली को संबोधित किया। रैली से लौटते वक्त खराब मौसम के कारण राहुल के हेलिकॉप्टर को रेवाड़ी के केएलपी कॉलेज में इमरर्जेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।

लैंडिंग के बाद राहुल वहां क्रिकेट खेल रहे बच्चों के पास गए और क्रिकेट खेलने लगे। नेट में राहुल ने गेंदों पर जमकर प्रहार किया। इस दौरान वहां मौजूद बच्चों ने जमकर तालियां बजाईं। सड़क मार्ग से दिल्ली रवाना होने तक राहुल ने बच्चों के साथ जमकर क्रिकेट खेला।

छत्तीसगढ़ : इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों के लिए लगेगा रोजगार मेला

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इंजीनियरिंग के छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए 21 अक्टूबर को रोजगार मेला लगाया जा रहा है। इसमें देश भर की 50 प्रतिष्ठित कंपनियां हिस्सा लेंगी और इंजीनियरिंग छात्रों का चयन करेंगी। छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रदेश में पहली बार राज्य स्तर पर प्लेसमेंट कैंप का आयोजन करा रही है। राज्य सरकार द्वारा यह प्लेसमेंट कैंप रायपुर सेजबहार स्थित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। इसमें तकनीकी शिक्षा संचालनालय द्वारा शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय के अधिक से अधिक विद्यार्थियों का प्लेसमेंट राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित कंपनियों में करवाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। राज्य के तीन शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर में तीन हजार 370 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन्हें इसका लाभ मिलेगा।

पूर्व में सत्र 2018-19 में तीनों शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर से 82, बिलासपुर से 15 एवं जगदलपुर से मात्र 13 विद्यार्थियों का कैंपस प्लेसमेंट से चयन हुआ था।

तीनों महाविद्यालयों के लगभग 600 छात्र-छात्राएं लेंगे भाग

मेकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, माईनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्यूनिकेशन, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्प्यूटर साइंस, इनफारमेशन टेक्नालॉजी ब्रांच के विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

च्युइंगम चबाने से होते है ये सारे फायदे, जानिए कैसे

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च्यूइंग गम चबाना काफी लोग पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि च्यूइंग गम माउथ फ्रैशनेस के इलावा सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। कुछ लोगों को लगातार इसे चबाने की आदत होती है। हालांकि बच्चों को इसे नहीं खिलाना चाहिए लेकिन यह बात भी सही है कि इससे आप सेहत से जुड़ी कई प्रॉब्लम से छुटकारा पा सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे च्यूंइगम हमारे लिए कैसे फायदेमंद है।

आजकल काफी लोगों में दांतों के पीलापन कि प्रॉब्लम देखने को मिल रही है। इस प्रॉब्लम के च्यूंइगम बहुत फायदेमंद है। धीरे-धीरे च्यूंइगम चबाने से कुछ दिनों में दांत सफेद हो जाते हैं।

दांतों में सड़न से बचाने के लिए भी च्यूंइगम को चबाना बैस्ट है। इसे चबाने दांतों में कैविटी होने का खतरा नहीं रहता।

काफी लोग सांसों की बदबू से आजकल परेशान हैं। इस प्रॉब्लम से छुटकारा पाने के लिए मुंह का फ्रेश होना बहुत जरूरी है। मुंह को फ्रेश करने के लिए फ्लेवर वाली च्यूंइगम को चबाएं।

छत्तीसगढ़ : मूल्यांकनकर्ताओं की लापरवाही से हर साल बदल जाती है मेरिट सूची

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल(माशिमं) के लापरवाह मूल्यांकनकर्ताओं के कारण हर साल मेधावियों को अपने हक की लड़ाई लड़नी पड़ रही है। अंतिम टॉपटेन सूची में इस बार भी 10वीं- 12वीं में 11 नए टॉपर निकले हैं। दोबारा कॉपी जंचवाने के बाद 12वीं में सात नए मेधावियों ने मेरिट सूची में जगह हासिल की है। वहीं 10वीं में चार नए मेधावी शामिल हुए हैं। माशिमं को टॉपटेन की जगह टॉप 11 की मेरिट सूची जारी करनी पड़ी। बता दें कि 12वीं में अस्थायी सूची में 22 मेधावी टॉपटेन में थे। अब 12वीं के मेधावियों की संख्या 29 हो गई है। वहीं 10वीं में भी मेधावी 22 से बढ़कर 26 हो गए हैं। टॉपटेन सूची में लगातार फेरबदल से मूल्यांकन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बता दें कि माशिमं ने दो साल पहले स्टेपवाइज मार्किंग सिस्टम लागू किया था। इसके अनुसार हर लाइन लिखने पर कितना अंक देना तय है। माशिमं मूल्यांकनकर्ताओं को मॉडल पेपर भी देता है। इसके बावजूद इस तरह की गड़बड़ियां सामने आना समझ से परे हैं। पिछले सालों में पुनर्मूल्यांकन के बाद 40 फीसद तक बच्चों के अंक बढ़े हैं।

केस 01

साल 2016-17 में इस तरह हुआ था फेरबदल

माशिमं की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा-2016-17 के मूल्यांकन में जबरदस्त गड़बड़ी उजागर हुई थी। पुनगर्णना और पुनर्मूल्यांकन में कई विद्यार्थियों के अंक 40 फीसदी तक बढ़े थे। 10वीं की प्रथम अस्थायी टापटेन सूची के 12 विद्यार्थी दूसरी अस्थायी सूची में बाहर हो गए थे। वहीं 12वीं के 9 विद्यार्थी दूसरी सूची में बाहर हो गए थे।दोनों क्लास की मेरिट सूची में सात-सात नए मेधावी जुड़े थे।

केस 02

2017-18 में 14 नए मेधावी हुए थे शामिल

माशिमं ने 10वीं- 12वीं परीक्षा 2017-18 की अंतिम टॉपटेन सूची जारी थी। दसवीं की अस्थायी मेरिट सूची में 30 मेधावी थे, इनमें 10 नये मेधावी शामिल हो गए थे। बारहवीं की पहली सूची में सिर्फ 29 मेधावी थे, जिसमें चार नए मेधावी शामिल हुए थे। माशिमं ने नोटिस भेजा था तो कॉपी जांचने में गड़बड़ी करने वाले लापरवाह शिक्षकों ने माशिमं से लिखित में माफी मांगी थी।

ऐसे माशिमं करता है कार्रवाई

1. 20 से 40 अंक बढ़ने पर- सभी तरह के पारिश्रमिक काम से तीन साल के लिए वंचित रखने की सिफारिश।

2 . 41 से 49 अंक बढ़ने पर- सभी पारिश्रमिक काम से तीन साल के लिए वंचित कर एक वेतनवृद्घि रोकने की सिफारिश।

3. 50 से अधिक अंक बढ़ने पर- निलंबन के लिए राज्य शासन को पत्र, भविष्य के लिए पारिश्रमिक काम से वंचित।

साल लापरवाह मूल्यांकनकर्ता

2017-18 206

2016-17 321

2015-16 278

2014-15 205

वर्जन

20 फीसद से अधिक अंक बढ़ने पर मूल्यांकनकर्ता को देंगे नोटिस

मूल्यांकन में गड़बड़ी करने पर माशिमं कार्रवाई की अनुशंसा करता है। जिनकी जांची कॉपी में पुनर्मूल्यांकन के बाद 20 फीसद अंक बढ़े हैं उनको नोटिस दिया जाएगा। – प्रो. वीके गोयल, सचिव, माशिमं

लिफ्ट और दरवाजे बीच फंसी नौ साल की बच्ची, लिफ्ट ऑन होने कुचल गया शरीर

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एक बिल्डिंग में लगी लिफ्ट में नौ साल की बच्ची की फंसकर मौत होने सनसनीखेज घटना सामने आई है। घटना हैदराबाद की है जहां शुक्रवार को बच्ची लिफ्ट के गैप में कुचल गयी।

पुलिस ने बताया कि बच्चा लसया यादव दोपहर करीब 12.30 बजे हस्तिनापुर नॉर्थ एक्स्टेंशन में बने अपने घर से तीसरी मंजिल से लिफ्ट ले रही थी। तभी उसका पैर दरवाजे और लिफ्ट के बीच मौजूद गैप में फंस गया। बच्ची अपना पैर वहां से निकाल पाती कि इससे पहले किसी ने लिफ्ट का बटन दबा दिया और लिफ्ट चल पड़ी। इस दौरान जहां लिफ्ट खड़ी थी वहां की ग्रिल खुली हई थी। जिसका परिणाम यह हुआ कि बच्ची लसया का शरीर लिफ्ट में कुचल गया। उनका परिवार अभी यहां नया मकान खरीदकर शिफ्ट हुआ था।

बच्ची के पिता रोने चिल्लाने की आवज सुनी तो दौड़कर पहुंचा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। उसने फौरन एंबुलेंस और लिफ्ट कर्मचारियों को बुलाया और बच्ची को निकलवाकर अस्पताल ले गया। डॉक्टरों ने उसे यहां मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दुर्घटना का केस दर्ज किया है। वह बाल अधिकार संस्था ने अपना विरोध जताया और लिफ्ट सुरक्षा मानकों को न पालन करने का आरोप लगाया।