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राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद : 1528 से आज तक का…

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राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर उच्चतम न्यायालय में बुधवार को 40 दिन की सुनवाई समाप्त हो गई. अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. इस मामले का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है:

1528 : मुगल शासक बाबर के कमांडर मीर बाकी ने बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाया.

1885 : महंत रघुबीर दास ने फैजाबाद जिला अदालत में याचिका दायर कर विवादित ढांचे के बाहर शामियाना तानने की अनुमति मांगी. अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी.

1949 : विवादित ढांचे के बाहर मध्य गुंबद के नीचे रामलला की मूर्तियां स्थापित की गईं.

1950 : रामलला की मूर्तियों की पूजा का अधिकार हासिल करने के लिए गोपाल शिमला विशारद ने फैजाबाद जिला अदालत में याचिका दायर की. इसी साल परमहंस रामचंद्र दास ने पूजा जारी रखने और मूर्तियां रखने के लिए याचिका दायर की.

1959 : निर्मोही अखाड़ा ने जमीन पर अधिकार दिए जाने के लिए याचिका दायर की.

1981 : उत्तर प्रदेश सुन्नी केंद्रीय वक्फ बोर्ड ने स्थल पर अधिकार के लिए याचिका दायर की.

एक फरवरी 1986 : स्थानीय अदालत ने सरकार को हिंदू श्रद्धालुओं की पूजा के लिए स्थान खोलने का आदेश दिया.

14 अगस्त 1986 : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने विवादित ढांचे के लिए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया.

छह दिसम्बर 1992 : रामजन्मभूमि – बाबरी मस्जिद ढांचे को ढहाया गया.

तीन अप्रैल 1993 : विवादित स्थल में जमीन अधिग्रहण के लिए केंद्र ने ‘अयोध्या में निश्चित क्षेत्र अधिग्रहण कानून’ पारित किया. अधिनियम के विभिन्न पहलुओं को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कई रिट याचिकाएं दायर की गईं. इनमें इस्माइल फारूकी की याचिका भी शामिल थी. उच्चतम न्यायालय ने अनुच्छेद 139ए के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल कर इन सभी रिट याचिकाओं को अपने पास स्थानांतरित कर दिया.

24 अक्टूबर 1994 : उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक इस्माइल फारूकी मामले में कहा कि मस्जिद इस्लाम से जुड़ी हुई नहीं है.

अप्रैल 2002 : इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विवादित स्थल के मालिकाना हक को लेकर सुनवाई शुरू हुई.

13 मार्च 2003 : उच्चतम न्यायालय ने असलम उर्फ भूरे मामले में कहा कि अधिग्रहीत स्थल पर किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है.

30 सितम्बर 2010 : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक के मुकाबले दो के मत से विवादास्पद जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाडा और रामलला के बीच तीन हिस्सों में बांटने का फैसला सुनाया.

नौ मई 2011 : उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या जमीन विवाद में उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाई.

26 फरवरी 2016 : सुब्रमण्यम स्वामी ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर विवादित स्थल पर राम मंदिर बनाए जाने की मांग की.

21 मार्च 2017 : सीजेआई जेएस खेहर ने संबंधित पक्षों के बीच अदालत के बाहर समाधान का सुझाव दिया.

सात अगस्त 2017 : उच्चतम न्यायालय ने तीन सदस्यीय पीठ का गठन किया जिसने 1994 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की.

आठ अगस्त 2017 : उत्तरप्रदेश शिया केंद्रीय वक्फ बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि विवादित स्थल से उचित दूरी पर मुस्लिम बहुल इलाके में मस्जिद बनाई जा सकती है.

11 सितम्बर 2017 : उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को निर्देश दिया कि दस दिनों के अंदर दो अतिरिक्त जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति करें जो विवादिस्त स्थल की यथास्थिति की निगरानी करें.

20 नवम्बर 2017 : यूपी शिया केंद्रीय वक्फ बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि मंदिर का निर्माण अयोध्या में किया जा सकता है और मस्जिद का लखनऊ में.

एक दिसम्बर 2017 : इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले को चुनौती देते हुए 32 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने याचिका दायर की.

आठ फरवरी 2018 : सिविल याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई शुरू की.

14 मार्च 2018 : उच्चतम न्यायालय ने सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका सहित सभी अंतरिम याचिकाओं को खारिज किया.

छह अप्रैल 2018 : राजीव धवन ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर 1994 के फैसले की टिप्पणियों पर पुनर्विचार के मुद्दे को बड़ी पीठ के पास भेजने का आग्रह किया.

छह जुलाई 2018 : यूपी सरकार ने उच्चतम न्यायालय में कहा कि कुछ मुस्लिम समूह 1994 के फैसले की टिप्पणियों पर पुनर्विचार की मांग कर सुनवाई में विलंब करना चाहते हैं.

20 जुलाई 2018 : उच्चतम न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा.

27 सितम्बर 2018 : उच्चतम न्यायालय ने मामले को पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष भेजने से इंकार किया. मामले की सुनवाई 29 अक्टूबर को तीन सदस्यीय नयी पीठ द्वारा किए जाने की बात कही.

29 अक्टूबर 2018 : उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई उचित पीठ के समक्ष जनवरी के पहले हफ्ते में तय की जिसे सुनवाई के समय पर निर्णय करना था.

12 नवम्बर 2018 : अखिल भारत हिंदू महासभा की याचिकाओं पर जल्द सुनवाई से उच्चतम न्यायालय का इंकार.

चार जनवरी 2019 : उच्चतम न्यायालय ने कहा कि मालिकाना हक मामले में सुनवाई की तारीख तय करने के लिए उसके द्वारा गठित उपयुक्त पीठ दस जनवरी को फैसला सुनाएगी.

आठ जनवरी 2019 : उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ का गठन किया जिसकी अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई कर रहे थे और इसमें न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमन्ना, न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ शामिल थे.

दस जनवरी 2019 : न्यायमूर्ति यूयू ललित ने मामले से खुद को अलग किया जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई 29 जनवरी को नयी पीठ के समक्ष तय की.

25 जनवरी 2019 : उच्चतम न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ का पुनर्गठन किया. नयी पीठ में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर शामिल थे.

29 जनवरी 2019 : केंद्र विवादित स्थल के आसपास की 67 एकड़ अधिग्रहीत जमीन मूल मालिकों को लौटाने की अनुमति मांगते हुए उच्चतम न्यायालय पहुंचा.

26 फरवरी 2019 : उच्चतम न्यायलाय ने मध्यस्थता की वकालत की और यह तय करने के लिए पांच मार्च की तारीख तय की कि इस मामले को शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त मध्यस्थ के पास भेजा जाए या नहीं.

आठ मार्च 2019 : उच्चतम न्यायालय ने इस विवाद को शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कल्लीफुल्ला की अगुवाई में एक समिति के पास मध्स्थता के लिए भेजा.

नौ अप्रैल 2019: निर्मोही अखाड़े ने अयोध्या के विवादित स्थल के आसपास की अधिग्रहीत जमीन मालिकों को लौटाने की केंद्र की अर्जी का उच्चतम न्यायालय में विरोध किया.

नौ मई, 2019 : तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति ने उच्चतम न्यायालय में अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी.

10 मई 2019 : उच्चतम न्यायालय ने मध्यस्थता प्रक्रिया को पूरा करने की समय सीमा 15 अगस्त तक के लिए बढ़ायी.

11 जुलाई 2019 : उच्चतम न्यायालय ने मध्यस्थता की प्रगति पर रिपोर्ट मांगी.

18 जुलाई 2019 : उच्चतम न्यायालय ने मध्यस्थता प्रक्रिया को जारी रखने की अनुमति देते हुए एक अगस्त तक रिपोर्ट देने के लिये कहा.

एक अगस्त 2019 : मध्यस्थता की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को दी गई.

दो अगस्त 2019 : उच्चतम न्यायालय ने मध्यस्थता नाकाम होने पर छह अगस्त से रोजाना सुनवाई का फैसला किया.

छह अगस्त 2019 : उच्चतम न्यायालय में रोजाना सुनवाई शुरू हुई.

चार अक्टूबर 2019 : अदालत ने कहा कि 17 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी कर 17 नवंबर तक फैसला सुनाया जाएगा. साथ ही उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष को सुरक्षा प्रदान करने के लिये भी कहा.

16 अक्टूबर 2019 : उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा.

गायों की आबादी 18 फीसदी बढ़ी, गदहों की संख्या 61 फीसदी घटी…

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देश में गायों की आबादी विगत पशुगणना के मुकाबले 18 फीसदी बढ़ी है, जबकि गदहों की संख्या 61 फीसदी घट गई है। इसी प्रकार भैंस, भेड़, बकरे और मिथुन की आबादी बढ़ी है जबकि सूअर, घोड़े, खच्चर और ऊंट की आबादी घटी है। केंद्रीय मत्स्यपालन एवं डेरी मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी 20वीं पशुगणना की रिपोर्ट के अनुसार, देश में पशुधन की आबादी 2012 के बाद 4.6 फीसदी बढ़कर 35.75 करोड़ हो गई है।

गायों की आबादी में 18 फीसदी की वृद्धि हुई है और पशुगणना की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश में गायों की संख्या 14.51 करोड़ है, जबकि गोधन (गाय-बैल) की आबादी 0.8 फीसदी बढ़कर करीब 18.25 करोड़ हो गई है। वहीं, गोजातीय (गाय, बैल, भैंस, मिथुन और याक) की आबादी पिछली पशुगणना के मुकाबले एक फीसदी बढ़कर करीब 3.28 करोड़ हो गई है।

विदेशी या संकर और देसी मवेशियों की आबादी क्रमश: 5.04 करोड़ और 14.21 करोड़ हो गई है। देसी गाय की आबादी में पिछली पशुगणना के मुकाबले 2019 में 10 फीसदी की वृद्धि हुई है। विदेशी या संकर गोधन की आबादी पिछली पशुगणना की तुलना में इस साल 26.9 फीसदी बढ़ी है।

हालांकि कुल देसी गोधन की संख्या छह फीसदी घट गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2012-2019 के दौरान देसी गोधन की आबादी में गिरावट की दर बीती पशुगणना 2007-12 के मुकाबले नौ फीसदी से कम है।

देश में भैंस की आबादी पिछली पशुगणना के मुकाबले करीब एक फीसदी बढ़कर 10.98 करोड़ हो गई है।

दुधारू पशुओं (गाय और भैंस) की आबादी छह फीसदी बढ़कर 12.53 करोड़ हो गई है।

20वीं पशुगणना की रिपोर्ट के अनुसार, देश में भेड़ों की संख्या बीती पशुगणना के मुकाबले 14.1 फीसदी बढ़कर करीब 7.43 करोड़ हो गई है।

वहीं, बकरों की आबादी 10.1 फीसदी बढ़कर करीब 14.89 करोड़ हो गई है जबकि सूअर की संख्या 12.03 फीसदी घटकर 90.6 लाख हो गई है। मिथुन की आबादी 30 फीसदी बढ़कर 3.9 लाख जबकि याक की आबादी 24.67 फीसदी घटर 58,000 रह गई है।

देश में घोड़ों और टट्टओं की आबादी 45.6 फीसदी घटकर 3.4 लाख रह गई है। खच्चर की कुल आबादी 57.1 फीसदी घटकर 84,000 रह गई। वहीं, गदहों की आबादी पिछली पशुगणना के मुकाबले 61.23 फीसदी घटकर महज 1.2 लाख रह गई है।

ऊंट की आबादी भी 37.1 फीसदी घटकर महज 2.5 लाख रह गई। देश में पोल्ट्री यानी कुक्कुटों (मुर्गा-मुर्गी) की आबादी 16.8 फीसदी बढ़कर 85.18 करोड़ हो गई है। बैकयार्ड पोल्ट्री की आबादी 45.8 फीसदी बढ़कर 31.70 करोड़ और कमर्शियल पोल्ट्री की आबादी 4.5 फीसदी बढ़कर 53.47 करोड़ हो गई है।

देश के कुल पशुधन में बकरे की तादाद 27.8 फीसदी, भेड़ की 13.87 फीसदी, गोधन की 35.94 फीसदी और भैंस की 20.45 फीसदी है।

यात्रियों की इस हरकत से हैं परेशान, तेजस एक्सप्रेस में काम कर रही महिलाओं ने की बड़ी शिकायत…

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देश की पहली कॉरपोरेटेड ट्रेन तेजस अभी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। गौरतलब है कि इस ट्रेन ने अपने शुरुआती दिनों में सत प्रतिशत बुकिंग प्राप्त की थी। लेकिन बीते दिनों यह ट्रेन 40 से 50 फ़ीसदी सीटें खाली रहने के चलते चर्चा का विषय बनी थी। लेकिन इस बार यह ट्रेन जिस वजह से यह ट्रेन चर्चा में आई है, वह बेहद चौंकाने वाला है।
जानकारी के लिए बता दें कि तेजस एक्सप्रेस में एरोप्लेन की भांति रेल होस्टेस काम कर रही हैं, जो यात्रियों को खाना परोसने सहित तमाम अन्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाती हैं। लेकिन हाल ही में उन्होंने आईआरसीटीसी से एक बड़ी शिकायत की है।
तेजस एक्सप्रेस में काम कर रही सभी एयर होस्टेस ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह इस ट्रेन में आने वाले सभी यात्रियों की सेल्फी लेने और वीडियो बनाने की हरकत से बेहद परेशान हैं। कई यात्री उन्हें बिना बताए सेल्फी लेने लगते हैं या वीडियो बनाने लगते हैं। जिससे उन्हें काफी असहजता महसूस होती है। आपको जानकर हैरानी होगी कि फिलहाल आईआरसीटीसी ने इस बात को लेकर कोई भी कड़ा नियम नहीं बनाया है।
हालांकि रेल होस्टेस की शिकायत मिलने के बाद आईआरसीटीसी ने इस पर विचार करने की बात कही है,

अगर यहां से बनवाया है आधार कार्ड तो हो जायें तैयार, किसी भी समय पुलिस कर सकती है गिरफ्तार…

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जनपद के लोनी बॉर्डर थाना पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो जन सेवा केंद्र (Jan Seva Kendra) बनाकर फर्जी आधार कार्ड (Aadhar Card) तैयार किया करता था। पुलिस ने इस पूरे मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से आठ नकली आधार कार्ड (Fake Aadhar Card), 43,500 रुपए की नकदी के अलावा आधार कार्ड बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाला सामान बरामद किया है।
पुलिस अभी गिरफ्तार किए गए इन दोनों लोगों से गहन पूछताछ में जुटी है और अभी यह भी जानकारी की जा रही है कि आखिर इनके द्वारा अभी तक कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए गाजियाबाद लोनी इलाके के क्षेत्राधिकारी ने बताया कि लोनी बॉर्डर थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। जिसके चलते पुलिस ने थाना लोनी बॉर्डर इलाके की राहुल गार्डन कॉलोनी में रहने वाले अबरार और अनिल नाम के दो शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है।

जिनके कब्जे से पुलिस ने 8 फर्जी आधार कार्ड और 43,500 कि नकदी के अलावा आधार कार्ड बनाने वाले 4 लैपटॉप, आई स्केनिंग मशीन और प्रिंटर तथा अन्य ऐसा समान भी बरामद किया है जिसके माध्यम से यह लोग फर्जी आधार कार्ड बनाया करते थे। उन्होंने बताया कि सरकार के निर्देश के अनुसार कोई भी आधार अब बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा ही बनवाया जाता है। लेकिन इनसे की गई पूछताछ के बाद इन्होंने बताया है कि ये लोग पिछले काफी समय से इस धंधे में लिप्त थे। बाकायदा इन लोगों के द्वारा जनसेवा केंद्र के नाम का बोर्ड भी लगाया हुआ था।

अपने बेटे के साथ एयरपोर्ट पर नजर आई दुनिया के सबसे बड़े यूट्यूब चैनल की मालकिन

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दिव्या खोसला कुमार एक भारतीय अभिनेत्री, निर्माता और निर्देशक हैं। यह अपने निर्देशन की शुरुआत यारियां नामक फ़िल्म से की, जो 10 जनवरी 2014 को सिनेमाघर में प्रदर्शित हुई थी।
आप सभी जानते हो टीसीरिज इंडिया की सबसे बड़ी यूट्यूब चैनल हैं। और आप सभी जानते हैं कि दिव्या खोसला कुमार बॉलीवुड की एक जानी मानी हस्ती में से एक हैं। दुनिया के सबसे बड़े YouTube चैनल टी-सीरीज़ की मालकिन दिव्या ने अपने करियर में भले ही काफी कम फिल्मों में काम किया हो, पर उनके चर्चे तो हर जगह होती हैं।

दरअसल इन्होंने भूषण कुमार से शादी करने के बाद फिल्मों में अभिनय छोड़ दिया और बाद में चलकर कई फ़िल्मों का निर्देशन भी किया है। हाल ही में दिव्या को एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया एयर इसी के चलते वो इन दिनों सुर्खियों में हैं। एक बार फिर चर्चा में आई हैं। हाल ही में जॉन अब्राहम की फिल्म ‘सत्यमेव जयते 2’ का पोस्टर जारी किए गए हैं। एक पोस्टर में जॉन और दूसरे पोस्टर में दिव्या नजर आ रही हैं।
अगर मीडिया रिपोर्ट की मानें तो दिव्य खोसला कुमार जॉन के साथ ‘सत्यमेव जयते 2’ में नजर आएंगे। काफी दिनों बाद वह इस फ़िल्म से कमबैक करने वाली है।

रास्तों पर आवारा घूमने वाली गायों पर सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जाने क्या लिया है बड़ा फैसला…

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भारत में गाय – भारतीय गोवंश को माता का दर्जा दिया गया है इसलिए उन्हें “गौमाता” कहते है | हमारे शास्त्रों में गाय को पूजनीय बताया गया है इसीलिए हमारी माताएं बहनें रोटी बनाती है तो सबसे पहली रोटी गाय के की होती है गाय का दूध अमृत तुल्य होता है |
हम आपको बताने वाले हैं कि सड़कों पर घूमने वाली आवारा गायों को लेकर सरकार ने एक बहुत बड़ा निर्णय लिया है। आज मौजूदा समय में सड़कों पर बहुत सारी गाय घूमती हुई नजर आती हैं। इन्हीं गायों को घूमते हुए देखकर सरकार ने एक फैसला लिया है तो चलिए जानते हैं। इसके बारे में
सड़कों पर घूमने वाली आवारा गायों के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैसला लिया है। दरअसल उत्तर प्रदेश में सड़कों पर घूमने वाली आवारा गायों की परेशानियों से निजात पाने के लिए एक नया विचार किया जा रहा है। इस योजना में दो काम एक साथ होने वाले हैं। सबसे पहला तो किसानों को आवारा गायों के आतंक से आजादी मिल जाएगी और दूसरा लोगों को रोजगार भी मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आवारा घूमने वाली गायों को संरक्षण देने के लिए बेसहारा गोवंश सहभागिता योजना शुरू की है।
क्या है यह योजना
इस योजना के अंतर्गत सरकारी गौशाला की 1 लाख गायों को उन किसानों को दिया जाएगा। जो इनकी देखभाल कर सकते हैं इन गायों की देखभाल करने वाले आदमी को रोज के 30 रुपए दिए जाएंगे। सरकार हर महीने उस आदमी के खाते में 900 रुपए जमा करेगी। इसके अलावा आपको बता दें कि 3 महीने का वेतन एक साथ में दे दिया जाएगा।

विश्व बैंक से सर्वाधिक कर्ज लेने वाले 4 सबसे बड़े देश, पहला नाम जानकर यकीन नहीं करोगे

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विश्व बैंक विशिष्ट संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य सदस्य राष्ट्रों को पुनर्निमाण और विकास के कार्यों में आर्थिक सहायता देना है। विश्व बैंक समूह पांच अन्तर राष्ट्रीय संगठनों का एक ऐसा समूह है जो सदश्य देशों को वित्त और वित्तीय सलाह देता है। इसका मुख्यालय वॉशिंगटन, डी॰ सी॰ में है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जनसंख्या वाला देश माना जाता है। भारत तेजी से तरक्की करता हुआ एक बहुत बड़ा अर्थव्यवस्था वाला देश है। भारत को अपने विकास कार्य में पैसे लगाने के लिए विश्व बैंक से कर्ज लेना पड़ता है। आज हम आप लोगों को दुनिया के 5 ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने विश्व बैंक से सबसे ज्यादा कर्ज लिया है।

 4. कोलंबिया
कोलंबिया दुनिया का चौथा ऐसा देश है जिसने विश्व बैंक से सबसे ज्यादा कर्ज लिया है। कोलंबिया की दुनिया का एक विकसित और समृद्ध देश माना जाता है। कोलंबिया के ऊपर लगभग 1687 लाख डॉलर का कर्ज है।
3. इंडोनेशिया
इंडोनेशिया दुनिया का तीसरा ऐसा देश है जिसने विश्व बैंक से सबसे ज्यादा कर्ज लिया है, इंडोनेशिया वर्तमान समय में दुनिया का एक तेजी से तरक्की करता हुआ बड़ा अर्थव्यवस्था वाला देश माना जा रहा है। इंडोनेशिया के ऊपर लगभग 1692 लाख डॉलर का कर्ज है।
2. भारत
भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जिसने विश्व बैंक से सबसे ज्यादा कर्ज लिया है, भारत भी वर्तमान समय का तेजी से विकास करता हुआ सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था वाला देश है। भारत ने पिछले कुछ सालों में काफी ज्यादा तरक्की की है। भारत के ऊपर लगभग 1776 लाख डॉलर का कर्ज है।
1. चीन
चीन दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसने विश्व बैंक से सबसे ज्यादा कर्ज लिया है। चीन को दुनिया का एक तेजी से विकसित होने वाला शक्तिशाली देश माना जाता है। चीनी वर्तमान समय में काफी ज्यादा तरक्की कर ली है, आने वाले समय में चीन दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बन सकता है। चीन के ऊपर लगभग विश्व बैंक का 2420 लाख डॉलर का कर्ज है।

जानिए भारत के अरबपति बिजनेसमैन की बेटियाँ जिन्होंने अपने दम पर बनाई है पहचान…

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हाल ही में डॉटर्स दे मनाया गया था|यह दिन खास बेटियों के लिए मनाया जाता है जिसमें हर कोई अपनी बेटियों को ख़ास महसूस करवाने की कोशिश करता है|लेकिन आज के इस आर्टिकल में हम आपको भारत के उन अरबपति बिजनेसमैन की बेटियों के बारे में बताने वाले हैं जिहोने अपने दम पर पहचान बनाई है|तो आइए जानते हैं इस बारे में|

ईशा अंबानी
मुकेश अंबानी और नीता अंबानी की बेटी ईशा का बिजनेस वर्ल्ड की दुनिया में बड़ा नाम है|ईशा अंबानी जियो और रिलायंस रिटेल की निदेशक मंडल है|अपने पिता के इस बिजनेस में ईशा बचपन से ही समझ बाना ली थी|इस मुकाम पर ईशा ने अपने आपको हर कदम पर साबित किया है जिसमें उन्हें साल 2015 में फ़ोर्ब्स की कम उम्र की अरबपति बिजनेस वुमन की लिस्ट में दूसरे नंबर पर आपना नाम किया था तो वहीं 2018 में उन्हें उत्तराधिकारियों की लिस्ट में दो नंबर पर रखा|

गोदरेज की बेटी निशा
भारत की मशहूर कम्पनी के मालिक गोदरेज जी बेटी निशा एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर है और कंपनी की इनोवेशन और स्ट्रेटजी विभाग की हेड है|आपको बता दें की निशा ने अमेरिका के वॉरटन स्कूल से बीएसई की डिग्री ली है|वहीँ हॉवर्ड से एमबीए किया है|निशा की शादी कल्पेश मेहता से हुई है|

स्टील कंपनी मित्तल की बेटी वनिशा मित्तल
भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के मशहूर स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल की बेटी वनिशा मित्तल ने लंदन के बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट की पढ़ाई की और फिर फैमिली बिजनेस को जॉइन कर लिया|वह पिता की कंपनी के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर में शामिल हैं|हालांकि अभी उन्हें कंपनी में कोई परफेक्ट स्थान नहीं सौंपा गया है|लेकिन वनिशा इसके बावजूद बिजनेस में अपना पूरा योगदान दे रही है|

कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी अनन्या बिड़ला
कुमार मंगलम बिड़ला की सिंगर-गीतकार बेटी अनन्या बिड़ला सिर्फ बिजनेस तक ही सिमित नहीं है|बल्कि वो फैशन और सिंगिंग की दुनिया में भी नाम कमा रही है|आपको बता दें की उन्होंने माइक्रोफाइनेंस फर्म ‘स्वतंत्र प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी बनाई है जो की 2 राज्यों में फैली हुई है|अनन्या लग्जरी प्रोडक्ट की ई-कॉमर्स कंपनी क्योरोकोर्ट की फाउंडर और सीईओ भी है| वहीँ अनन्या ने कई गाने भी गाए हैं|

क्या आप जानते हैं एशिया के 4 सबसे गरीब देश कौन से हैं?

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एशिया या जम्बुद्वीप आकार और जनसंख्या दोनों ही दृष्टि से विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है, जो उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है। पश्चिम में इसकी सीमाएं यूरोप से मिलती हैं, हालाँकि इन दोनों के बीच कोई सर्वमान्य और स्पष्ट सीमा नहीं निर्धारित है। एशिया और यूरोप को मिलाकर कभी-कभी यूरेशिया भी कहा जाता है।

एशिया दुनिया का सबसे बड़ा महादीप है जिसमें 51 देश मौजूद है एशिया में कई विकसित देश और विकासशील देश अपना स्थान रखते हैं लेकिन कई ऐसे देश है जो गरीब की श्रेणी में आते हैं आज हम आपको एशिया के 5 सबसे गरीब देशों के बारे में जानकारी देने वाले हैं, तो चलिए शुरू करते हैं।

4- यमन देश
एशिया का यमन देश चौथे नंबर का गरीब देश माना जाता है आपकी जानकारी के लिए बता दें इस देश की कुल जनसंख्या 25 करोड़ है यमन देश में बेरोजगारी की समस्या मुख्य है यमन देश में सालाना प्रति व्यक्ति आय लगभग 2776 डॉलर है भारतीय करेंसी के अनुसार 2776 डॉलर 197181.22 रुपए बनते हैं।

3- नेपाल देश
एशिया का नेपाल देश तीसरे नंबर का गरीब देश माना जाता है लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें नेपाल अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है इसलिए नेपाल को घूमने के लिए दूर देश से लोग आते हैं नेपाल में आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है नेपाल देश में प्रति व्यक्ति सालाना आय लगभग 2563 डॉलर है भारतीय करेंसी के अनुसार 2563 डॉलर 182051.68 रुपए बनते हैं।

2- अफगानिस्तान देश एशिया का अफ़गानिस्तान देश दूसरे नंबर का गरीब देश माना जाता है अफगानिस्तान देश के आतंकवाद के कारण आर्थिक स्थित काफी कमजोर है आतंकवाद के चलते इस देश की आर्थिक स्थिति नीचे जा चुकी है अफगानिस्तान देश में सालाना प्रति व्यक्ति आय लगभग 2000 डॉलर है भारतीय करेंसी के अनुसार 2000 डॉलर 142061.40 रुपए बनते हैं।

1- नॉर्थ कोरिया
एशिया का नॉर्थ कोरिया देश सबसे गरीब देश माना जाता है आपकी जानकारी के लिए बता दें नॉर्थ कोरिया की गवर्नमेंट ज्यादातर ऐसा नागरिकों के उत्थान में ना लगाकर हथियारों पर इन्वेस्ट करते हैं जिस कारण यहां की अर्थव्यवस्था की स्थिति कमजोर हो चुकी है नॉर्थ कोरिया के लोगों की प्रति व्यक्ति सालाना आय लगभग 1800 डॉलर है भारतीय करेंसी के अनुसार 1800 डॉलर 127855.26 रुपए बनते हैं।

नकली नोटों के चलन को रोकने के लेकर शुरू हुई हाई लेवल मीटिंग! जानिए पूरा मामला…

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देश में नकली नोट (Fake Currency) के चलन को रोकने के लिए सरकार (Modi Government) फुल एक्शन में आ गई है. इसको लेकर एक अहम बैठक सबऑर्डिनेट लेजिस्लेशन समिति राज्यसभा के चेयरमैन ले रहे है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में RBI के डिप्टी गवर्नर बीपी कानूनगो, वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार, पीएनबी (Punjab National Bank), ओबीसी Oriental Bank of Commerce), इलाहाबाद बैंक (Allahabad Bank) के एमडी मौजूद है. आपको बता दें कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए (National Investigation Agency) ने कहा है कि भारत में बिल्कुल असली नोट की तरह जाली नोट फिर से आ गए हैं. NIA के अनुसार जाली नोटों का मुख्य स्रोत पाकिस्तान है.

क्या है मामला

नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए (National Investigation Agency) के मुताबिक पाकिस्तान भारत में नकली नोटों की सप्लाई कर रहा है. >> पाकिस्तान बिल्कुल असली दिखने वाले नोट भारत के बाजारों में फैला रहा है. दिवाली से पहले भारतीय बाजारों में नकली नोटों की तादात कई गुना बढ़ गई है.

 NIA के अनुसार जाली नोटों का मुख्य स्रोत पाकिस्तान है. पाकिस्तान भारतीय बाजार नकली 500 और 2000 रुपए के नोट सप्लाई कर रहा है.

आपको बता दें कि हाल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि बाजार में सबसे ज्‍यादा 500 रुपए के नकली नोट चल रहे हैं. >> वहीं 2000 रुपए के जाली नोटों में 21.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. RBI की रिपोर्ट के मुताबिक 500 रुपए के नोट की जालसाजी में वित्त वर्ष 2018-19 में पिछले साल की तुलना में 121 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

आरबीआई की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 के दौरान बैंकिंग सेक्टर में जब्त कुल फेक इंडियन करेंसी नोट (FICN) में से 5.6 फीसदी की रिजर्व बैंक और 94.4 फीसदी की अन्य बैंकों ने पहचान की थी.

 रिजर्व बैंक नए नोटों को चरणबद्ध तीरके से पुराने नोटों की जगह लेने के लिए लाया था. उस वक्त यह दलील दी गई थी कि पुरानों नोटों की नकल करने का खतरा ज्यादा है. इसके तुरंत बाद नवंबर 2016 में नोटबंदी हुई थी.