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छत्तीसगढ़ : मां मानकेश्वरी देवी : जहां भोग में दी जाती है सैकड़ों बकरों की बलि, बैगा पी जाता है खून

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जिले में आज रियासतकालीन परंपरा को दैवीय आस्था के नाम पर बरकरार रखा है, जिसमें भक्ति की अलौकिक मिसाल तरह तरह से देवालयों से जुड़ी हुई है। कुछ ऐसी ही आस्था रायगढ़ जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर तमनार ब्लाक के ग्राम कर्मागढ़ में देखने को मिलती है, जहां कर्मागढ़ मंदिर में नवरात्र के आरंभ होते ही आस्था का ज्योत प्रज्ज्वलित होती है, जो शरद पूर्णिमा के दूसरे दिन समाप्त होती है। इस दौरान यहां बलि की भी परंररा है।

कर्मागढ के राजघराने की कुलदेवी मां मानकेश्वरी देवी की पूजा हर वर्ष शरद पूर्णिमा के दिन की जाती है इस वर्ष भी यहां विधि विधान से पूजा-अर्चना के बाद बलि पूजा की गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर माता के चरणों में मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। शरद पूर्णिमा के दिन दोपहर में बलि पूजा कार्यक्रम शुरू किया गया।

बकरों की बलि की परंपरा

यहां ऐसी स्थानीय मान्यता है कि पूजा के दौरान बैगा बीरबल सिदार के शरीर में भीतर जब माता का प्रभाव होता है तो भक्तों के बकरों की बलि भोग के स्वरूप उपहार में दी जाती है। दोपहर से शुरू हुई पूजा देर शाम तक चली, इसके बाद भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया है। ऐसी मान्यता है कि मंदिर में रायगढ़ राजपरिवार की कुलदेवी मां मानकेश्वरी देवी आज भी अपने चैतन्य रुप में विराजमान है, जहां माता समय-समय पर अपने भक्तों को अपनी शक्ति अवगत कराती है।

मंदिर और पूजा पर पुराणिक मान्यता

ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 1700 ईसवी में हिमगिरि (ओड़िसा) रियासत का राजा, जो युद्ध में पराजित हो गया था, उसे जंजीरों में बांधकर जंगल में छोड़ दिया गया। राजा जंगल में भटकते हुए वर्तमान तमनार ब्लाक के ग्राम कर्मागढ़ में पहुंच गया, तब उन्हें देवी ने दर्शन देकर बंधन मुक्त किया।

बताया जाता है कि इस तरह एक घटना सन 1780 में तब हुई थी, जब ईस्ट इंडिया कंपनी के एक अंग्रेज ने कठोर लगान वसूलने के लिए रायगढ़ और हिमगिरी पर हमला किया था। तब यह युद्ध कर्मागढ के जंगली मैदान पर हुआ था। इसी दौरान जंगल से मधुमक्खियों, जंगली कीटों का हमला मंदिर की ओर से अंग्रेज पर हुआ। इस दौरान अंग्रेज पराजित होकर लौट गए और उन्होंने भविष्य में रायगढ़ स्टेट को स्वतंत्र घोषित कर दिया।

माता का वास होते ही अंगूठी होती है टाइट

मान्यता अनुसार बलि पूजा से पूर्व रात्रि पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। जब निशा पूजन होता है, उस दिन राजपरिवार से बैगा को एक अंगूठी पहनाई जाती है। यह इतनी ढीली होती है कि यह बैगा अंगुली के नाप में नहीं आती, लेकिन शरद पूर्णिमा के दिन बलपूजा के दौरान वह अंगूठी बैगा के हाथों में इस कदर कस जाती है कि जैसे वह अंगूठी उन्हीं के नाप की बनाई गई हो और टाइट होकर उंगली को फंस जाती है। इससे पता चलता है कि माता का वास बैगा के शरीर में हो गया है।

रक्तपान से नही होता है शरीर में कोई दुष्प्रभाव

ग्रामीणों ने बताया कि बैगा में माता प्रवेश करती है तो बैगा पशुबलि का रक्तपान करता है। इसका दुष्प्रभाव भी माता की कृपा से उसके शरीर पर नहीं पड़ता है। कई गुना रक्त पीने के बावजूद उनका स्वास्थ्य सही रहता है। बल पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया।

बलि के बाद बैगा करता है रक्तपान

इतिहास को संजोय रखने वाले कर्मागढ़ मंदिर में हर वर्ष सैकड़ो बकरों को बलि दी जाती है। मान्यता है कि यहां बलि भोग के रूप में दी जाती है। कुछ लोग मनोकामना के स्वरूप में बकरे की बलि करवाते है। मान्यता है कि संतान से लेकर अन्य सुख समृद्धि में वृद्धि होती है। इस वर्ष शरद पूर्णिमा के दूसरे दिन 45 बकरों की बलि दी गई।

पीएमसी बैंक घोटाला : संजय गुलाटी के बाद एक और खाताधारक की हार्ट अटैक से मौत

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संजय गुलाटी के बाद एक और खाताधारक की हार्ट अटैक से मौत की खबर सामने आ रही है। मिली जानकारी के मुताबिक, खाताधारक फट्टो पंजाबी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। मृतक का अकाउंट पीएमसी बैंक के मुलुंड शाखा में था। पीएमसी बैंक घोटाला मामले में इससे पहले संजय गुलाटी नामक खाताधारक की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है।

इसके बाद संजय गुलाटी के परिवार वालों ने उनकी मौत का जिम्मेदार पीएमसी बैंक को ठहराया है। मिली जानकारी के अनुसार 51 वर्षीय संजय सोमवार को बैंक के खिलाफ आयोजित एक रैली में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने बैंक खाताधारकों और निवेशकों को अपने ही पैसों के लिए परेशान होते देखा। इसके बाद वे बेहद तनाव में आ गए। तब वे रैली की बाद घर लौटे तो, उन्हें अचानक घबराहट होने के साथ-साथ सीने में दर्द होने लगा। इसके बाद शाम तक उनकी कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। अब और एक खाताधारक के मौत से खलबली मच गयी है।

बेहद काम की चीज़ है संतरा, जानिए इसके अद्भुत लाभ…

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ओरेंज यानि संतरा विटामिन सी से भरपूर बहुत उपयोगी फल है। यह हमारे शरीर में पानी की कमी को दूर करता है। इसके अलावा संतरे के कई ऐसे लाभ हैं जिनके बारे मे हमारे लिए जानना बहुत जरूरी है। यह लाभ हमारे शरीर और हेल्थ के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकते हैं।

संतरे के छिलके का चूर्ण बनाकर उसकी चाय पीने से वजन कम होता है।

इसके अलावा इससे दिल की बीमारी, अवसाद, उच्च रक्तचाप जैसे रोगों से राहत प्रदान करता है।

संतरा ठंडा फल है जिसको खाने से दिल ओर दिमाग ठंडा रहता है।

उपवास और सभी रोगों में नारंगी दी जा सकती है।

जिनकी पाचन शक्ति खराब हो, उनको नारंगी का रस तीन गुने पानी में मिलाकर देना चाहिये।

एक व्यक्ति को एक बार में एक या दो नारंगी लेना पर्याप्त है। एक व्यक्ति को जितने विटामिन ‘सी’ की

आवश्यकता होती है, वह एक नारंगी प्रतिदिन खाते रहने से पूरी हो जाती है।

खांसी-जुकाम होने पर नारंगी के रस का एक गिलास नित्य पीते रहने से लाभ होगा। स्वाद के लिये नमक या मिश्री डालकर पी सकते है।

Ayodhya Case: वैद्यनाथन ने कहा- अंग्रेजों ने जो भूमि उन्हें दी, वह यह स्थान नहीं था जो राम जन्म भूमि है

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अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में 39वें दिन की सुनवाई पूरी हो गयी. आइये जानते हैं सुनवाई के दौरान कोर्ट में किस पक्ष ने क्या दी दलील.

  • वैद्यनाथन- मुस्लिम पक्ष ने इस मामले की सुनवाई के दौरान जून 1860 के दस्तावेज का उपयोग किया है जो इस केस से जुड़ा पहला लीगल दस्तावेज है. सबसे पहले तो इस दस्तावेज़ का अनुवाद ही गलत लगाया गया है. पहले लगाए गए तर्जुमे की तुलना में इसमें नए बिंदु जोड़ दिए गए हैं और वक्फ का ज़िक्र किया गया है. इस तरह कैसे चल सकता है. इस ज़मीन के सम्बंध में स्वामित्व के लिए 1860 के जिस दस्तावेज़ का उल्लेख किया गया है, उस पर यह विचार करना ज़रूरी है कि उस समय अंग्रेजों ने बाबर के समय मस्ज़िद बनवाने वाल साहब बाकी से मीर रजब अली तक परिवार श्रृंखला की कोई जाँच नहीं की थी. ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जो इसे न तो ग्रांट टाइटल साबित करता है और न ही डेडिकेशन टाइटल कहा जा सकता है इस जमीन को.
  • SC ने वैद्यनाथन से पूछा कि आपको कितना समय चाहिए. वैद्यनाथन ने कहा कि कोर्ट जितना उचित समय चाहे हमको दे सकता है.CJI ने हिंदू पक्षकार के सभी वकीलों को 45-45 मिनट अपनी जिरह पूरी करने के लिए दिया.इसके बाद राजीव धवन को कल जिरह पूरी करने के लिए एक घंटे का समय दिया जाएगा.उसके बाद दोनों पक्षों को अपनी दलील पर बोलने के लिए 45- 45 मिनट दिया जाएगा.17 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट मोल्डिंग ऑफ रिलीफ़ पर बहस करेगा.
  • वैद्यनाथन- एक देवता को समर्पित संपत्ति प्रतिकूल कब्ज़ा नहीं हो सकती. मुस्लिम पक्ष को इस मामले में मालिकाना हक साबित करना होगा, क्योंकि उनके पास कोई विशेष अधिकार नहीं था. उन्होंने इसके अनुवाद के साथ एक दस्तावेज दिखाया जिसमें बाबर अनुदान का जिक्र था जो सुप्रीम कोर्ट को दिए गए अनुवाद के पूरी तरह विपरीत था. वैद्यनाथन ने कहा कि अंग्रेजों ने जो भूमि उन्हें दी थी, वह यह स्थान नहीं था जो राम जन्म भूमि है.
  • वैद्यनाथन- मुस्लिमों का विशिष्ट अधिकार नहीं था.
    जस्टिस बोबडे- लेकिन इसका इस्तेमाल मस्जिद के रूप में किया जाता था.
    वैद्यनाथन- हां. मुसलमानों द्वारा कब्जे का कोई सबूत नहीं है. वे इस पर भरोसा करते हैं.
    जस्टिस चंद्रचूड़ – निष्कर्षों का सारांश है कि वे इस पर भरोसा नहीं कर रहे हैं.
  • सीएस वैद्यनाथन ने 1994 के इस्माइल फरूकी केस के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से दी गई दलीलों का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमान बाबर की ग्रांट या स्वामित्व साबित नहीं कर पाए हैं.
  • वैद्यनाथन ने कहा कि पूरे मामले में यह सिर्फ़ शंका जताते रहे. कुछ भी स्पष्ट नहीं कर पाए. इनकी दलीलें जो मालिकाना हक के संबंध के मद्देनजर दी गईं, उसमें अवैध कब्जा और अपने मालिकाना हक को यह साबित नहीं कर सके.
  • वैद्यनाथन ने कहा कि ये साबित नहीं कर पाए कि इनका कब्जा पहले था. मस्जिद किसने बनवाई और मंदिर तोड़कर मंदिर नहीं बनी. कोई साक्ष्य नहीं इनके पास.
  • सीएस वैद्यनाथन और राजीव धवन के बीच कोर्ट के बीच नोंकझोंक. वैद्यनाथन ने कहा कि मैं कोई हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करूंगा. धवन ने कहा मुझे आरोपित मत करो. चुप रहो. सीजेआई ने वैद्यनाथन से कहा कि आप बोलिए हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा. सीएस वैद्यनाथन का कहना है कि राजीव धवन एक स्लैंगिंग मैच के दौरान ‘हताश’ हो रहे हैं, जिसकी शुरुआत स्लेजिंग के बाद के आरोपों के साथ हुई थी. धवन वैद्यनाथन पर चिल्लाते हैं “इसे बंद करो”. वैद्यनाथन ने धवन पर अनुचित आचरण का आरोप लगाया- वह मुझे कैसे रोकने के लिए कह सकते हैं?
  • रामलला विराजमान की तरफ से सीएस वैद्यनाथन ने कहा कि जब 1528 में मस्जिद बनाई गई तब उन्होंने अवैध कब्जा किया था. लंबे समय तक जिसका उपयोग किया गया और यह स्वीकार भी किया गया है कि वह देवता का स्थान था.
  • वैद्यनाथन ने सुप्रीम कोर्ट से जिरह करने के लिए समय मांगा. वैद्यनाथन ने कहा कि मुझको कल जिरह के लिए 60 मिनट दीजिये.CJI ने कहा कि अपनी लिखित दलील कोर्ट को दीजिये.वैद्यनाथन ने कहा कि कोर्ट को हमको सुनना चाहिए. हम गंभीर मामलों पर दलील दी रहे हैं.इस पर CJI ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ठीक है फिर दिवाली तक सुनवाई करते हैं.
  • परासरन ने अभी तक अपनी प्रस्तुतियां पूरी नहीं की हैं. सीजेआई ने सीएस वैद्यनाथन को एक घंटे का अतिरिक्त समय देने से इंकार कर दिया. परासरन ने कहा कि दलील होने के बाद आज ही बचे हुए समय में सीएस वैद्यनाथन को दलीलें पूरी करने के लिए पीठ ने कहा.
  • 1885 का फैजाबाद कोर्ट का जो फैसला महंथ रघुबर दास के मामले में आया था, वो हिंदुओं के खिलाफ नहीं है जैसा कि मुस्लिम पक्ष कह रहा है. उस फैसले में ये कहा गया था कि मस्जिद हिंदुओं की धार्मिक जगह पर बनाई गई है. उस फैसले में ये भी कहा गया था कि चूंकि मस्जिद सदियों पहले बनाई गई है, इसलिए अब इस मुद्दे पर कोर्ट फैसला नहीं दे सकता. परासरन ने कहा कि खाली जमीन पर मस्जिद बनाई गई, ये साबित करने की जिम्मेदारी मुस्लिम पक्ष की है, हिंदू पक्ष की नहीं.
  • जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा कि दोनों पक्षों के पास जमीन के कागजात नहीं हैं फिर भी दोनों जमीन के हक की मांग कर रहे हैं. कोई भी एडवर्स पजेशन की बात नहीं कर रहा. ऐसे में कौन सा कानूनी सिद्धांत लागू होगा.परासरन- हम इस पर देखकर बाद में बताएंगे.जस्टिस चंद्रचूड़- अगर जमीन सरकार की है और आप लंबे समय से बैठे हैं. ऐसे में आप मालिकाना हक की मांग एडवर्स पजेशन के आधार पर कर सकते हैं कि हम लंबे समय से यहां काबिज हैं.परासरन- यहां कोई एडवर्स पजेशन की मांग नहीं कर रहा है.
  • परासरन- इलाहाबाद की कोर्ट ने भी 1885 के केस के बारे में कहा था कि तब मजिस्ट्रेट के द्वारा उस जगह की जांच की गई थी. उस दौरान उन्होंने इस बात पर नाराजगी जाहिर की थी कि हिंदुओं के पवित्र स्थान पर मस्जिद बनाई गई है. परासरन ने कहा कि बाद में यह बात सामने आई कि ये 250 साल पुराना मामला है.
  • राजीव धवन ने परासरन की दलीलों पर हस्तक्षेप किया. जवाब में परासरन ने कहा कि मेरा कर्तव्य है कि मैं जजों के सवाल का जवाब दूं और हस्तक्षेप को नजरअंदाज करूं.
  • परासरन- किसी भी स्थान पर अन्य कब्जे का दावा नहीं किया जा सकता. हिंदू या मुस्लिम, क्योंकि यह स्थान सार्वजनिक पूजा का स्थान है.
  • के परासरन ने सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए कहा यह मामला रेस ज्युडी काटा के दायरे में नहीं आता.
  • लंच के बाद अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू, के परासरन सुन्नी वक्फ बोर्ड के सूट 4 के खिलाफ दे रहे दलील.
  • जस्टिस नजीर- क्या आप प्रतिकूल कब्जे के बिना लंबे कब्जे के आधार पर मालिकाना हक मान सकते हैं? के परासरन- अगर किसी ने आपकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया हो तो माना जा सकता है.
  • CJI: क्या आप डॉ. धवन के इस तर्क को स्वीकार करते हैं कि एक बार एक मस्जिद बनती है तो वो मस्जिद ही रहती है?
    परासरन: नहीं .. मेरा मामला यह है कि एक बार मंदिर बनता है तो वह हमेशा एक मंदिर रहता है. मैं उनके तर्क पर टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि मैं विशेषज्ञ नहीं हूं.
  • कई सवाल पूछने के बाद CJI गोगोई ने मुस्लिम पार्टी के वकील राजीव धवन से पुष्टि की. डॉ. धवन, क्या हम हिंदू दलों से पर्याप्त संख्या में सवाल पूछ रहे हैं?
  • धवन ने कहा कि परासरन ने पूछा कि अयोध्या में कितने मंदिर हैं? परासरन ने जवाब दिया कि उन्होंने जन्मस्थान के महत्व को समझाने के लिए नंबर दिए हैं. इसके अलावा, आबादी पर भी विचार करें.
  • परासरन ने कहा कि हिंदुओं ने भगवान राम के जन्म स्थान के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी है. हमारी सदियों से आस्था है कि वह भगवान राम का यह जन्म स्थल है.
  • हिंदू पक्षकार ने कहा- इतिहास में जो भूल हुई उसे सुधारने का वक्त है. किसी भी आक्रमणकारी को इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती कि वह भारतीय इतिहास के गौरव को नष्ट करे.
  • परासरन ने कहा कि हिंदुओं ने भारत के बाहर जाकर किसी को तहस नहस नहीं किया, बल्कि बाहर से लोगों ने भारत में आकर तबाही मचाई. हमारी प्रवृति अतिथि देवो भवा की है.
  • परासरन ने कहा कि हिंदुओं की आस्था है कि वहां पर भगवान राम का जन्म हुआ था, और मुस्लिम कह रहे है कि मस्जिद उनके लिए हैरिटेज प्लेस है
  • राजीव धवन ने के परासरन को टोकते हुए कहा कि परासरन नई बहस कर रहे हैं. परासरन ने कहा कि भारत बहुत सभ्य देश था. यहां तुर्की, मुग़ल, एलेक्ज़ेंडर सब आए.
  • हिंदू पक्ष के वकील के परासरन ने कहा कि आज 39वां दिन है. CJI ने कहा और आखिरी दिन 40वां हैं. यानी कल ही अयोध्या मामले पर सुनवाई खत्म हो सकती है.
  • राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सुशील कुमार जैन की माता जी का निधन हुआ है, इसलिए वह आज सुप्रीम कोर्ट में जिरह नहीं कर पाएंगे. वकील के परासरन ने जिरह शुरू की. के परासरन पहले सूट 4 पर जिरह करेंगे.

24 साल छोटी प्रेमिका बना रही थी शादी के लिए दबाव, अधेड़ ने हत्या कर जंगल में फेंकी लाश…

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक महीने पहले हुए कत्ल का पता पुलिस ने लगा ही लिया। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। घटना पीपरछेड़ी थाना इलाके में आने वाले गांव कोचईमुड़ा की है। 25 साल की शादीशुदा महिला जयंती बाई का गांव में ही रहने वाले 49 साल के प्रीतम ओटी से प्रेम संबंध था। जयंती अपने मौजूदा पति सुरेश को छोड़कर प्रीतम से शादी करना चाहती थी। अधेड़ प्रेमी इस बात को टालता रहा। आखिर में तंग अपने गमछे से गला घोंटकर प्रेमिका की जान ले ली। 

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी प्रीमत को समाज का डर सता रहा था। जब भी मृतका उसे अपने साथ ले जाने की बात कहती वह इसी के चलते इंकार कर दिया करता था। यही वजह थी कि उसने मर्डर का प्लान बनाया। आरोपी ने मृतका को ले जाने की बात कही। देर रात वह उसके घर गया और जंगल में ले जाकर घटना को अंजाम दिया। मृतका के रुपए और जेवर लेकर भाग गया। इस तफ्तीश में पुलिस को प्रेम संबंध के बारे में पता चला। पूछताछ में आरोपी ने सारे घटनाक्रम की जानकारी दी। 
 

छत्तीसगढ़ – फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर कर रहे थे अश्लील मैसेज, पिता-पुत्र गिरफ्तार…

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 छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर के ट्रांसपोटर की फर्जी फेसबुक आईडी बनाने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी इस आईडी से लोगों को अश्लील मैसेज किया करता था। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए  साइबर सेल की टीम ने आरोपी को ट्रेस कर लिया। आरोपी के पिता को भी इस मामले में पकड़ा गया है। नगर पुलिस अधीक्षक जेपी भारतेंदु ने बताया कि एसईसीएल आवासीय माईनस कालोनी निवासी विकास सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई। 


शिकायत में कहा गया था कि उनके नाम से फेसबुक आईडी बनाकर पिछले दिनों किसी अज्ञात व्यक्ति ने परिचितों को गंदे मैसेज किए हैं । पुलिस ने आईपी एड्रेस को खोज निकाला जिससे आरोपी के फोन नंबर का पता चला। इसके बाद इस नंबर की लोकेशन को ट्रेस कर पुलिस  वन बी कॉलोनी निवासी पीयूष वर्मा व उसके पिता एसईसीएल कर्मी रवि वर्मा तक पहुंची। दरअसल आरोपी का विकास सिंह का ट्रासपोट के कारोबार को लेकर पुराना विवाद था। इसी के चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया। 
 

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को नहीं मिली लैंडिंग की इजाज़त,आरएसएस-भाजपा पर लगाए आरोप…

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 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हेलीकॉप्टर को लैंडिंग की इजाज़त नहीं दी गई। मामला महाराष्ट्र के सकोली का है। मंगलवार को सीएम का चुनावी कार्यक्रम तय था, लेकिन ऐन मौके पर उन्हें वहां हेलीकॉप्टर से जाने पर जिला प्रशासन ने रोक दिया। भंडारा में कार्यक्रम के बाद सीएम बघेल को सकोली पहुंचना था। इस पर मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि जिस स्थान पर दो दिन पहले प्रधानमंत्री सभा करके गए, उस स्थान पर एक निर्वाचित मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर न उतरने देना लोकतंत्र की हत्या है। जिला प्रशासन चुनाव को लेकर निष्पक्ष नहीं है। भाजपा और आरएसएस ने आज फिर दिखा दिया कि उनका राष्ट्रवाद हिटलर और मुसोलिनी से प्रेरित है।


इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने नागपुर में चुनावी सभाओं को संबोधित किया था। उन्होंने नागपुर पूर्व विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी पुरुषोत्तम हजारे के लिए प्रचार किया। पुरुषोत्तम नागपुर में एक किराए के मकान में रहते हैं उनकी मां सब्जी बेचने का काम करती हैं। नागपुर उत्तर से प्रत्याशी डॉ. नितिन राउत के प्रचार में उन्होंने कहा कि हास्यास्पद यह है कि महाराष्ट्र में गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है जो नागपुर की ही एक सीट से विधायक हैं, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी भी इसी शहर से सांसद हैं। फिर भी नागपुर कानून व्यवस्था, बदहाल सड़कों जैसी कई समस्याओं से गुजर रहा है।

छत्तीसगढ़ : महिला पटवारी 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार…

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छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला मुख्यालय में नियुक्त महिला पटवारी को एसीबी ने मंगलवार को 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई महिला पटवारी ने जमीन का नकल खसरा देने के नाम पर 10 हजार रुपए मांगे थे। इस पर जमीन मालिक ने इसकी शिकायत रायपुर में एसीबी कार्यालय में कर दी। 

15 दिन बाद रुपए देने का तय हुआ दोनों के बीच 

  1. जानकारी के मुताबिक, वार्ड नंबर 6 निवासी दुलहा साहू को अपनी जमीन बेचनी थी। ऐसे में उसे खसरा नकल की जरूरत थी। इस पर उसने हल्का नंबर 49 के पटवारी आकांक्षा मेमन से संपर्क किया। आरोप है कि जमीन संबंधी नकल खसरा देने के एवज में पटवारी आकांक्षा ने 10 हजार रुपए मांगे। इतने रुपए देने में ग्रामीण ने असमर्थता जताई। 
  2. इस पर दोनों के बीच कई दिनों तक बात चली और 7 हजार रुपए में नकल खसरा देना तय हो गया। ग्रामीण ने 15 अक्टूबर तक रुपयों के व्यवस्था करने की बात कही। वहीं परेशान होकर इसकी शिकायत 30 सितंबर को एसीबी कार्यालय रायपुर में कर दी। जिसके बाद मंगलवार को एसीबी ने पटवारी आकांक्षा मेमन को 7 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया है।

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को नहीं मिली लैंडिंग की इजाज़त,आरएसएस-भाजपा पर लगाए आरोप…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हेलीकॉप्टर को लैंडिंग की इजाज़त नहीं दी गई। मामला महाराष्ट्र के सकोली का है। मंगलवार को सीएम का चुनावी कार्यक्रम तय था, लेकिन ऐन मौके पर उन्हें वहां हेलीकॉप्टर से जाने पर जिला प्रशासन ने रोक दिया। भंडारा में कार्यक्रम के बाद सीएम बघेल को सकोली पहुंचना था। इस पर मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि जिस स्थान पर दो दिन पहले प्रधानमंत्री सभा करके गए, उस स्थान पर एक निर्वाचित मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर न उतरने देना लोकतंत्र की हत्या है। जिला प्रशासन चुनाव को लेकर निष्पक्ष नहीं है। भाजपा और आरएसएस ने आज फिर दिखा दिया कि उनका राष्ट्रवाद हिटलर और मुसोलिनी से प्रेरित है।


इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने नागपुर में चुनावी सभाओं को संबोधित किया था। उन्होंने नागपुर पूर्व विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी पुरुषोत्तम हजारे के लिए प्रचार किया। पुरुषोत्तम नागपुर में एक किराए के मकान में रहते हैं उनकी मां सब्जी बेचने का काम करती हैं। नागपुर उत्तर से प्रत्याशी डॉ. नितिन राउत के प्रचार में उन्होंने कहा कि हास्यास्पद यह है कि महाराष्ट्र में गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है जो नागपुर की ही एक सीट से विधायक हैं, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री जी भी इसी शहर से सांसद हैं। फिर भी नागपुर कानून व्यवस्था, बदहाल सड़कों जैसी कई समस्याओं से गुजर रहा है।

छत्तीसगढ़ – ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से होंगे निकाय चुनाव, पार्षद ही चुनेंगे महापौर…

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 छत्तीसगढ़ में होने वाले निकाय चुनाव बैलेट पेपर से होंगे। इसमें अब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का इस्तेमाल नहीं होगा। यह फैसला छत्तीसगढ़ सरकार की सब कैबिनेट कमेटी ने लिया। मंगलवार को यह अहम बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में हुई। इस बैठक में मंत्री शिव डहरिया, मो अकबर और रविंद्र चौबे शामिल हुए। मंत्रियों ने पत्रकारों को बताया कि यह फैसले स्थानीय सरकार को मजबूत करने के लिए, हुए हैं। इससे पार्षद ताकतवर होंगे। इस फैसले को अब कैबिनेट में रखा जाएगा उसके बाद अध्यादेश लाकर इसे पूरा कर लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक दो दिनों के भीतर या आने वाले सप्ताह में कैबिनेट की बैठक हो सकती है। 


चुनाव प्रक्रिया में बदलाव के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन मंत्रियों की उपसमिति गठित की थी। सीएम भूपेश, महापौर अथवा अध्यक्ष के सीधे निर्वाचन प्रक्रिया को बदलने के संकेत पहले ही दे चुके थे। अविभाजित मध्यप्रदेश में 1994 में महापौर-अध्यक्षों का निर्वाचन पार्षदों के जरिए होता था। इसके बाद व्यवस्था बदली और फिर 1999 में महापौर और अध्यक्ष के सीधे चुनाव होने लगे। इस पर पूर्व सीएम और भाजपा नेता डॉ रमन सिंह ने कहा था कि- इस फैसले के द्वारा कांग्रेस सत्ता का दुरुपयोग करेगी। यह जनता के निर्णय को बदलने की साजिश है।