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सौरव गांगुली बनेंगे BCCI के नए अध्‍यक्ष, तोड़ेंगे 65 साल पुराना रिकॉर्ड…

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भारतीय टीम के सबसे सफल कप्तानों में शुमार सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के नए अध्यक्ष होंगे. अपनी आक्रामक कप्तानी की बदौलत भारत को वर्ल्ड कप के फाइनल तक लेकर जाने वाले गांगुली ये पद संभालने वाले दूसरे भारतीय कप्तान होंगे. वो भारत के लिए 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं. गांगुली 10 महीने के लिए बोर्ड के अध्यक्ष बनेंगे, उनका कार्यकाल सितंबर 2020 में खत्म होगा.

65 साल बाद होगा ऐसा
गांगुली BCCI अध्यक्ष पद संभालने वाले भारत के दूसरे ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी भी की है. गांगुली से पहले बीसीसीआई के अध्यक्ष बनने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान विजयनग्राम (विजय आनंद गणपति राजू) या विज्जी के महाराजकुमार थे.

महाराजकुमार ने साल 1936 में भारतीय टीम की इंग्लैंड दौरे के दौरान 3 टेस्ट मैचों में भारत के लिए कप्तानी की थी. जिसके बाद वे साल 1954 में बीसीसीआई के अध्यक्ष बने और उनका कार्यकाल 1956 तक था. ये 65 साल बाद होगा जब कोई भारतीय क्रिकेटर और कप्तान रहा खिलाड़ी बीसीसीआई का अध्यक्ष पद संभालेगा.

महाराजकुमार.

सुनील गावस्कर बने थे अंतरिम अध्यक्ष
सौरव गांगुली से पहले भारत के दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर को 2014 में बीसीसीआई का अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. सुनील गावस्कर ने भारत के लिए 233 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. गावस्कर के अलावा में भारत के लिए 42 मैच खेलने वाले शिवलाल यादव ने भी बोर्ड का अध्यक्ष पद संभाला है लेकिन दोनों ही बोरसद के अंतरिम अध्यक्ष की भूमिका में थे.

टीवी9 भारतवर्ष से की बातचीत
अध्यक्ष पद पर नामांकन के बाद सौरव गांगुली ने कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है और ये उनके लिए बहुत अच्छा मौका है जिससे वो भारतीय क्रिकेट के सुधार के लिए कुछ कर सकते हैं. सौरव गांगुली ने टीवी9 भारतवर्ष से खास बातचीत की है.

गांगुली ने कहा, “मुझे खुशी है कि जिन लोगों ने 40-50 सालों पहले बीसीसीआई को बनाया था ताकि भारतीय क्रिकेट को नई दिशा प्रदान की जा सके, मैं उसको पूरा करने की पूरी कोशिश करूंगा. उन्होंने कहा कि बीसीसीआई आज भी अपने सदस्यों से चलती है. मैं इसको आगे ले जाने का काम करूंगा.”

गांगुली ने आगे कहा, “छोटे कार्यकाल में मेरी पहली प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल करना होगा. भारतीय क्रिकेट में सभी हितधारकों से मिलने की योजना है. मैं कुछ ऐसा करना चाहता हूं जो सीओए ने 33 महीनों तक नहीं किया.

इस राज्य के मुख्यमंत्री बने ‘बुलेट राजा’, 122 किमी बाइक दौड़ाकर दिखाई खूबसूरती…

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पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्य प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है जहां पर टूरिज्म को बढ़ावा देने का काम तेजी से किया जा रहा है। इसी पहल के तहत अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपने राज्य में टूरिज्म सेक्टर को प्रमोट करने के लिए बुलेट बाइक दौड़ा कर राज्य की खूबसूरती और राइडिंग एडवेंचर को दिखाने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री के इस कार्य को आउट आफ दी बॉक्स आइडिया कहा जा रहा है।

खांडू ने अपने इस राइडिंग के तहत बाइक से 112 किलोमीटर की यात्रा की जो यिंगकिओंग से शुरू होकर पासीघाट पर खत्म हुई। अपनी इस यात्रा से उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश थी कि अरूणाचल प्रदेश मोटरसाइकिल से लॉंन्ग राइडिंग के लिए एक परफेक्ट जगह है।

खांडू ने अपनी इस यात्रा को लेकर कहा कि अरूणाचल मोटरसाइकिल से लंबी यात्रा के लिए एक परफेक्ट जगह होने के साथ ही शानदार पर्यटन स्थल भी है। इस 122 किलोमीटर की यात्रा के दौरान रास्ते का अतिसुंदर नजारा और दृश्य स्थल देखने को मिले। इसके अलावा राइडिंग करने वालों के लिए यह सबसे शानदार समय है। मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा की शुरूआत यिंगकिओंग सर्किट से सुबह 8 बजे से की थी तथा सुबह 10:30 पर पासीघाट एयरपोर्ट पर पहुंचे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस यात्रा के रूट पर फोटोशूट करने के लिए सियांग वेली तथा आदी गांवों के शानदार नजारे हैं। उनका अरूणाल को बाइकिंग व एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए प्रमोटर करने यह प्रयास सफल रहा। 

ये स्मार्टफोन है बेहद दमदार, जानिए इनके बारे में और भी बहुत कुछ…

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इस स्मार्टफोन में 48 मेगापिक्सल तथा 12 मेगापिक्सल तथा 16 मेगापिक्सल का ट्रिपल बैक कैमरा दिया गया है तथा परफेक्ट सेल्फी के लिए 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इस स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट सेंसर तथा फेस अनलॉक फीचर दिए गए हैं। 3800mAh की बैटरी के साथ 30WT वार्प चार्ज सपोर्ट भी दिया गया है।

Redmi K20 Pro :-
इस स्मार्टफोन में 48 मेगापिक्सल तथा 13 मेगापिक्सल तथा 8 मेगापिक्सल का ट्रिपल बैक कैमरा दिया गया है तथा परफेक्ट सेल्फी के लिए 20 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इस स्मार्टफोन में पावर देने के 4000 एमएएच की लॉन्ग लास्टिक बैटरी दी गई है। इस स्मार्टफोन में 6.39 इंच की फुल एचडी डिस्प्ले दी गई है।

Vivo Z1x :-
इस स्मार्टफोन में 48 मेगापिक्सल तथा 8 मेगापिक्सल तथा 2 मेगापिक्सल का ट्रिपल बैक कैमरा दिया गया है तथा सेल्फी के लिए 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन में आपको वाटर-ड्राप नौच डिस्प्ले के साथ स्नैपड्रैगन 712 चिपसेट, 6GB रैम और 128GB तक की स्टोरेज और 4,500mAh की बैटरी 22.5W फ़ास्ट चार्जर मिलते हैं।

Mi A3 :-
इस स्मार्टफोन में 48 मेगापिक्सल तथा 8 मेगापिक्सल तथा 2 मेगापिक्सल का ट्रिपल बैक कैमरा दिया गया है तथा परफेक्ट सेल्फी के लिए 32 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। इस स्मार्टफोन में पावर देने के लिए 4030mAh की लॉन्ग लास्टिक बैटरी दी गई है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा : पीएसए के तहत हिरासत में हैं उमर और महबूबा…

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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती इस समय हिरासत हैं। उन्हें लगातार हिरासत में रखे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसपर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। उमर और महबूबा को हिरासत में रखे जाने के सवाल का जवाब देते हुए शाह ने एक निजी चैनल से बातचीत में बताया, ‘उनको पीएसए के तहत अभी हिरासत में रखा है।’ इस बयान वाले वीडियो को भाजपा ने अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। उमर और महबूबा राज्य की मुख्य पार्टियों के नेता हैं जिन्हें पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने से पहले हिरासत में लिया गया था। उमर के पिता फारूक अब्दुल्ला पर लगे पीएसए को हटा लिया गया है। फारूक तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में श्रीनगर से सांसद हैं। पीएसए के तहत सरकार किसी शख्स को बिना ट्रायल के छह महीने से दो साल की समयावधि के लिए हिरासत में रख सकती है।

जब इन नेताओं को हिरासत में रखने को लेकर सवाल किया गया तो शाह ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जब घटना ताजी थी, तब निश्चित तौर पर लोगों के लिए यह झटका था जोकि सामान्य है। यदि कोई उकसाने की कोशिश करता है, तो जाहिर है कि स्थिति को नियंत्रित करने में समस्या होगी।’

गृह मंत्री ने कहा कि 4,000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। जिसमें से 1,000 अब भी जेल में हैं। इसमें से 800 पत्थरबाज हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण पिछले कुछ सालों में 40,000 लोगों की मौत हुई है। मेरा मानना है कि उनकी मौत अनुच्छेद 370 के कारण हुई। यदि कोई घाव को लगातार खरोंचता रहता है, तो लोग भड़क सकते हैं। एहतियान हमने उन्हें हिरासत में रखा। किसी की जिंदगी का नुकसान होने से बेहतर है एहतियात बरतना।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा : पीएसए के तहत हिरासत में हैं उमर और महबूबा…

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जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती इस समय हिरासत हैं। उन्हें लगातार हिरासत में रखे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसपर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था। उमर और महबूबा को हिरासत में रखे जाने के सवाल का जवाब देते हुए शाह ने एक निजी चैनल से बातचीत में बताया, ‘उनको पीएसए के तहत अभी हिरासत में रखा है।’ इस बयान वाले वीडियो को भाजपा ने अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है। उमर और महबूबा राज्य की मुख्य पार्टियों के नेता हैं जिन्हें पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने से पहले हिरासत में लिया गया था। उमर के पिता फारूक अब्दुल्ला पर लगे पीएसए को हटा लिया गया है। फारूक तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में श्रीनगर से सांसद हैं। पीएसए के तहत सरकार किसी शख्स को बिना ट्रायल के छह महीने से दो साल की समयावधि के लिए हिरासत में रख सकती है।

जब इन नेताओं को हिरासत में रखने को लेकर सवाल किया गया तो शाह ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जब घटना ताजी थी, तब निश्चित तौर पर लोगों के लिए यह झटका था जोकि सामान्य है। यदि कोई उकसाने की कोशिश करता है, तो जाहिर है कि स्थिति को नियंत्रित करने में समस्या होगी।’

गृह मंत्री ने कहा कि 4,000 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया था। जिसमें से 1,000 अब भी जेल में हैं। इसमें से 800 पत्थरबाज हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के कारण पिछले कुछ सालों में 40,000 लोगों की मौत हुई है। मेरा मानना है कि उनकी मौत अनुच्छेद 370 के कारण हुई। यदि कोई घाव को लगातार खरोंचता रहता है, तो लोग भड़क सकते हैं। एहतियान हमने उन्हें हिरासत में रखा। किसी की जिंदगी का नुकसान होने से बेहतर है एहतियात बरतना।

छत्तीसगढ़ : श्री भूपेश बघेल ने पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक भारत रत्न डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को उनकी जयंती 15 अक्टूबर पर नमन किया…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक भारत रत्न डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को उनकी जयंती 15 अक्टूबर पर नमन किया। श्री बघेल ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि देश को विज्ञान के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में मिसाइलमैन डॉ.कलाम का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डॉ.कलाम सफलता की उंचाइयां छूने के बाद भी जमीन से जुड़े रहे। उन्होंने सरल व्यक्तित्व और ऊंचे विचारों से बच्चे से लेकर बूढ़ों तक के मन में अपनी जगह बनाई और सबके चहेते बने। डॉ.कलाम कठिन परिस्थितियों में संघर्ष कर आगे बढ़े। श्री बघेल ने कहा कि डॉ. कलाम के जीवन मूल्य और विचार हमें सदा प्रेरित करते रहेंगे।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री निवास में 16 अक्टूबर को ‘जनचौपालः भेंट-मुलाकात‘ कार्यक्रम स्थगित’

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास में आगामी 16 अक्टूबर बुधवार को आयोजित होने वाला ‘जनचौपाल भेंट-मुलाकात‘ का कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ – सभी कलेक्टरों को निर्देश, हॉस्टल के बच्चों के साथ खाएं खाना, परिवार की तरह रखें ख्याल…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टर को चिट्‌ठी लिखी है। इस पत्र में उन्हें आवासीय शालाओं, छात्रावासों और आश्रमों में रह रहे बच्चों को सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ कलेक्टरों से कहा है कि ऐसे परिसरों के निरीक्षण के लिए रोस्टर और चेकलिस्ट तैयार करें, समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण भी करें। वहां भोजन की गुणवत्ता जांचने छात्रों के साथ भोजन भी करें। सीएम ने कहा है कि कई जगहों से अव्यवस्था की शिकायतें मिल रही हैं। जबकि यहां सुविधा देने में सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं की जा रही।
 

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे शासकीय परिसरों में रहने वाले छात्रों के प्रति संवदेनशीलता रखें और उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानते हुए उनके लिए जरुरी हर तरह सुविधाएं उन्हें निरंतर मुहैया कराने के लिए विशेष प्रसास करें। उन्होंने छात्रावासों में साफ-सफाई, रंग-रोगन यहां तक की बच्चों के कपड़े, गद्दे, तकिए, चादर, टेबल, कुर्सी, पलंग, लाइट वगैरह की व्यवस्था, किताबें, कम्प्यूटर, इनवर्टर, फर्स्ट एड, टेलीविजन और गुणवत्तायुक्त भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कलेक्टरों को आवासीय शालाओं में विद्यार्थियों के रहने के लिए गरिमापूर्ण व्यवस्था करने कहा है जिससे कि उन्हें पढ़ाई का अनुकूल वातावरण मिल सके और वे उत्कृष्ट नागरिक बन सकें।   

छत्तीसगढ़ – ऑनलाइन शाॅपिंग साइट 20 दिन में 25 लाख ने सर्च की, पुलिस ने शुरू की ठगी से बचाने की मुहिम…

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त्योहारी सीजन के हिसाब से लोगों ने खरीदारी शुरू की है और बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लेकिन पिछले 20 दिन से काफी लोग अाॅनलाइन शापिंग साइट्स भी खंगाल रहे हैं। पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट्स के जरिए प्रदेश में 25 सितंबर से अब तक 25 लाख से ज्यादा लोगों ने गूगल पर शॉपिंग साइट को सर्च किया है और प्रोडक्ट के डीटेल देखे हैं। इनमें सबसे ज्यादा लोग बिलासपुर से हैं। भिलाई-दुर्ग इस मामले में दूसरे नंबर पर है।

रायपुर के लोग अब भी शापिंग साइट्स के बजाय यहां के बाजार पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। हालांकि अाॅनलाइन शापिंग जिस तरह लाखों की संख्या में लोग सर्च कर रहे हैं, उससे पुलिस के साइबर एक्सपर्ट्स को अाशंका है कि इन शापिंग साइट्स के नाम पर भी ठगी हो सकती है। इसलिए सबसे पहले रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू कर दिया है।


पुलिस के साइबर एक्सपर्ट के अनुसार प्रदेश में इंटरनेट के 55 लाख से ज्यादा यूजर्स है। इसमें से 25 लाख लोग बड़ी शापिंग वेबसाइट ही सर्च कर रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले यूजर्स लगातार बढ़े हैं। शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में यह संख्या ज्यादा बढ़ी है। पुलिस को अाशंका है इतना सर्च होने की वजह से फेक वेबसाइटें बनाकर ठगों के सक्रिय होने की अाशंका है। इसलिए रायपुर पुलिस रोजाना 5 हजार लोगों को सोशल मीडिया पर अलर्ट वाले मैसेज पोस्ट कर रही है। कुछ वीडियो भी तैयार किए गए हैं, जो यह बता रहे हैं कि अाॅनलाइन साइटों से किस तरह से ठगी की जा सकती है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।

ऑनलाइन ठगी के केस

  • 2017   केस106 
  • ठगी 38,76, 183
  • 2018  केस 37
  • ठगी 16,89,067

कस्टमर केयर से बढ़ा खतरा : पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगों की ऐसी 200 से ज्यादा फेक वेबसाइटों का पता चला है, जो बड़ी अानलाइन शापिंग साइट्स के नाम पर हैं। ये बिलकुल ओरिजिनल साइट्स की हूबहू दिखती हैं। यही नहीं, इंटरनेट पर हर कंपनी ने कस्टमर केयर के नाम पर मोबाइल नंबर अपलोड कर रखे हैं। सबसे ज्यादा ठगी की अाशंका इसी से हैं। 


एक्सपर्ट्स के अनुसार लोग गूगल में जाकर कंपनी का नाम सर्च करते हैं तो पहले डिस्प्ले होने वाली अधिकांस साइट्स फर्जी रहती हैं। लोग इसकी जांच किए बिना उसमें जाकर शॉपिंग करते है। ऑनलाइन पेमेंट के लिए जैसे ही खाते की जानकारी अपलोड करते हैं, खाते से पैसे पार हो जाते हैं। इसी तरह से मदद के लिए लोग कस्टमर केयर में कॉल करके फंस रहे हैं। ठगी और ज्यादा हाईटेक हो गए हैं। ऐसे लिंक शेयर कर रहे हैं, जिसमें क्लिक करने पर ही ठगी हो रही है। पुलिस के मुताबिक शॉपिंग साइट में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की खरीदारी की जा रही है।


 मोबाइल, लैपटॉप, हेडफोन और घड़ी जैसे सामान ज्यादा मंगाए जा रहे हैं। खासतौर पर सेल के समय लोग ज्यादा शॉपिंग कर रहे हैं। इलेक्ट्रानिक्स की शापिंग में कस्टमर केयर की जरूरत ज्यादा रहती है, इसलिए ठगे जाने की अाशंका इसी में सबसे ज्यादा है।

साइबर क्राइम एक्सपर्ट की ओर से पुलिस ने जारी की एडवायजरी

  •  गूगल की जगह किसी भी कंपनी के होम पेज में जाकर कस्टमर केयर नंबर देखें।
  •  सही साइट में रिफंड पॉलिसी, प्राइवेट पॉलिसी होती है। उसे देखें, फिर खरीदी करें।
  •  किसी भी कंपनी की https: जरूर देखें। फर्जी वेबसाइट में यह नहीं होता है।
  •  किसी भी लिंक या साइट में अपने खाता की जानकारी शेयर न करें।
  •  जिन खातों से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते हैं, उसमें हमेशा लिमिट में ही पैसे रखें। 

(साइबर एक्सपर्ट मोहित साहू ने बताया)


जागरूकता के लिए कल क्विज : रायपुर पुलिस पिछले कुछ दिन से शापिंग साइट्स से होने वाली ठगी को लेकर कालेजों में युवाओं को बचने के उपाय बता रही है। शॉर्ट फिल्म से लेकर वीडियो से जागरुक किया जा रहा है, ताकि वे अपने घर जाकर परिजन को भी जागरुक करें। इसी कड़ी में 16 अक्टूबर को पुलिस छात्रों के लिए क्विज कॉम्पटीशन करने जा रही है। इसमें ऑनलाइन ठगी या साइबर क्राइम से संबंधित सवाल-जवाब किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ – पीने वाले कितने हैं पता लगाने गिनी जाएगी बोतलों की बिक्री…

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प्रदेश में शराब बंदी करने के बजाय सरकार अब एक अजीब फॉर्मूला लाई है। और वो है- शराब पीने वालों के आंकड़े जुटाने के लिए बिक्री का डाटा इकट्‌ठा किया जाएगा। ये सुझाव पिछले दिनों शराब बंदी के लिए हुई प्रशासनिक समिति की बैठक में एक सदस्य ने दिया था। समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा के अनुसार पीने वालों की निजता का ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए पीने वालों की गिनती करने के बजाय बोतलों की गिनती के आधार पर आंकलन होगा।

शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शराब के आदि लोगों की स्थिति जल बिन मछली की तरह हो गई है। समिति ने राज्य में नशा मुक्ति केंद्र बढ़ाने की बात जरूर कही है। दरअसल, शराब बंदी के लिए प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक समिति बनाई थीं। इन सभी की अलग-अलग जिम्मेदारी तय की गई और सुझाव मांगे गए। इसके बाद ये गिनती का फॉर्मूला सामने आया।  


छत्तीसगढ़ में आबादी के अनुपात में प्रति व्यक्ति 1764 रुपए सालाना शराब पर खर्च हो रहे हैं। 2018-19 में शराब की बिक्री से लगभग 4500 करोड़ की आमदनी हुई। प्रदेश में 651 शराब दुकानें हैं, इनमें विदेशी की 305 और 346 देशी की हैं।
सत्यनारायण शर्मा ने भाजपा और जोगी कांग्रेस पर शराबबंदी के मुद्दे पर असहयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समिति में शामिल करने के लिए दोनों दलों ने अपने-अपने विधायकों के नाम अब तक नहीं भेजे। समिति में भाजपा के दो और जोगी कांग्रेस के एक विधायक को शामिल किया जाना है। समिति की पहली बैठक 19 अगस्त को बुलाई गई थी, जिसमें कांग्रेस के विधायकों के अलावा बसपा विधायक केशव चंद्रा शामिल हुए थे। शर्मा ने कहा कि भाजपा और जोगी कांग्रेस मुद्दे को जिंदा रखना की राजनीति कर रही हैं।

प्रदेश में सालाना खपत 
देसी    4036023.99
िवदेशी    157901.45
बीयर    1627966.08
प्रूफ लीटर में