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छत्तीसगढ़ – सरकार के खिलाफ एक साल आंदोलन नहीं करेगी भाजपा…

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कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा ने एक साल तक कोई बड़ा आंदोलन नहीं करने का फैसला किया है। पहले सरकार को काम करने का पूरा मौका देगी, फिर जनता के हित में सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। बीजेपी के इस फैसले को दो तरीके से देखा जा रहा है। पहला मौजूदा नेतृत्व के साथ संगठन का बड़ा वर्ग खड़ा नहीं है। दूसरा जोगी शासन की तरह पर्याप्त अवसर देने के बाद बीजेपी बड़े जन आंदोलन की शक्ल में सड़क पर उतरेगी। 15 साल बाद सत्ता में आई कांग्रेस सरकार को बीजेपी ने फिलहाल अभयदान दे दिया है। राज्य बनने के बाद अजीत जोगी के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब लोगों ने विपक्ष के रूप में सदन से सड़क तक आक्रामक बीजेपी को देखा था। अब फिर बीजेपी विपक्ष में है, लेकिन अब तक सरकार के खिलाफ कोई बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं हुआ है। 

विपक्ष के रूप में राजनीतिक बयानबाजी ही की जा रही है। मिली जानकारी के मुतािबक बीजेपी ने सरकार को कम से कम सालभर काम करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। कुछ दिनों पहले हुई बीजेपी पदाधिकारियों की बैठक में रायशुमारी के बाद यह तय किया गया है।


अविश्वास प्रस्ताव नहीं, आंदोलन की विकल्प : राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद विधानसभा के जो भी सत्र हुए हैं, उसमें बीजेपी विधायकों का आक्रामक रुख रहा, लेकिन वे बार-बार 15 साल की सरकार के दौरान हुई गड़बड़ियों और कमियों पर घिरते रहे। बीजेपी के पास अब महज 14 विधायक हैं। यानी जोगी कांग्रेस और बसपा की मदद के बाद भी सरकार को संकट में डालने के लिए अविश्वास प्रस्ताव काे हथियार नहीं बना सकते। ऐसे में सड़क पर उतरकर आंदोलन करने का ही विकल्प रह जाता है। यही वजह है कि बीजेपी पहले कांग्रेस को गलतियां करने का मौका देगी, फिर आंदोलन की शुरुआत करेगी।


आंदोलन नहीं, संगठन पर फोकस : सरकार को काम करने के लिए समय देना चाहिए। हमारा फोकस सरकार के खिलाफ कोई आंदोलन खड़ा करने के बजाय पहले संगठन को मजबूत बनाने पर है।

श्रीलंका के बाजारों में जल्द नजर आएगी छत्तीसगढ़ की ये खूबसूरत साड़ी, फेन हो जाएंगी महिलाएं

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छत्तीसगढ़ की कोसा सिल्क की साड़ियां कोलंबो के बाजारों में जल्द दिखाई देनी वाली हैं. अब हमरारी ये देशी कोसा सिल्क की साड़ियों श्रीलंका की महिलाओं की भी खूबसूरती में चार चांद लगाएगी.
छत्तीसगढ़ के जांजगीर, रायगढ़, बिलासपुर सहित कोरबा के कोसा सिल्क की आपूर्ति धीरे-धीरे श्रीलंका के अन्य शहरों में भी होगी. छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क की साड़ियों को लेकर श्रीलंका की महिलाओं ने रुचि दिखाई है. इसी वजह से श्रीलंका की सरकार ने छत्तीसगढ़ से हैंडलूम उत्पादों को लेकर एक समझौता किया है.

व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला में छत्तीसगढ़ हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ बिलासा एम्पोरियम और श्रीलंका के सहकारिता विकास विभाग की ओर से एक साझा सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया गया. समझौते के तहत अब आपसी व्यापार और व्यवसाय में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा. यह समझौता दो सालों के लिए किया गया है. समझौते के तहत दोनों देश के बीच हैंडलूम उत्पादों के संबंध में व्यापार और व्यवसाय की रुचि को समझकर, तकनीकों का आदान-प्रदान, अनुभवों और उद्देश्यों को समझा जाएगा. दोनों देशों की ज़िम्मेदारी होगी कि वे अपने आइडिया और अनुभव एक दूसरे से साझा करेंगे.

लोगों को होगी आसानी

इस समझौते के बाद छत्तीसगढ़ और श्रीलंका के हैंडलूम उत्पाद आसानी से लोगों को अपने ही देशों में उपलब्ध हो सकेगा. बता दें कि पिछले दिनों कोसा साड़ियों के कुछ सैंपल श्रीलंका भेजे गए थे, जिसके बाद वहां की महिलाओं ने छत्तीसगढ़ की सिल्क साड़ियों में रुचि दिखाई थी. श्रीलंका के कोआपरेटिव विभाग के असिस्टेंट कमिशनर नीलांगा डी सोमपाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ का कोसा सिल्क श्रीलंका में काफ़ी पसंद किया जा रहा है. यहां के कोसा सिल्क में उच्च गुणवत्ता और महीन बुनकरी का काम होता है. वह बाजार में लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है. उन्होंने बताया कि श्रीलंका से आए ग्राहकों का रुझान छत्तीसगढ़ के टसर सिल्क, घीचा सिल्क, लिनेन, रॉ सिल्क की ओर काफी है. आरी सिल्क और मटका टसर रेयर होने की वजह से श्रीलंका के लोग इसे पसंद कर रहे हैं.

छत्तीसगढ़ : अब शराबियों का डेटाबेस तैयार करेगी सरकार, इस वजह से तैयारी होगी ये खास रिपोर्ट

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छत्तीसगढ़ में अब शराबबंदी छोड़ सरकार शराबियों की गिनती कराने जा रही है. बता दें कि शराबबंदी के लिए बनी प्रशासकीय समिति की बैठक में कई सदस्यों ने शराबियों की गणना करने का सुझाव पेश किया है. इसे लेकर सरकार की दलीली है कि इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार शराबबंदी की ओर आगे बढ़ेगी. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के चुनावी वादों में एक अहम वादा शराबबंदी का भी था. अब इस वादे को पूरा करने के लिए एक नया पैंतरा आजमाने की कोशिश सरकार करने वाली है. सत्ता में आने के बाद भी कई सार्वजनिक मंचों से खुद सूबे के मुखिया भूपेश बघेल ने भी प्रदेश में शराबबंदी की बात को दोहराया है. इसके लिए सरकार ने बकायदा एक कमेटी का भी गठन किया है, जो देश के अन्य राज्यों में हुई शराबबंदी की वर्तमान स्थिति और उसके परिणामों की समीक्षा कर एक रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई है. वहीं इसके साथ ही इसे लेकर बनाई गई एक और कमेटी छत्तीसगढ़ में शराबियों की गिनती करेगी.

राजनीति भी जोरों पर

शराबबंदी को लेकर सूबे में काफी समय से राजनीति चल रही है. पूर्ण शराबबंदी नहीं होने से विपक्ष ने कई बार सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. तो वहीं सत्तापक्ष ने भी इसे लेकर कई दलील दिए हैं. अब सरकार ने शराबबंदी के परिणामों की समीक्षा करने के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा को इस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है. अब सामान्य शराबबंदी कमेटी के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा का कहना है कि नशे के आदि लोगों की हालत जल बिन मच्छली के समान हो गई है. नशा मुक्ति केंद्र की संख्या बढ़ाने का सुझाव भी हमने सरकार को दिया है. इन आंकड़ों को शराब दुकानों से ही लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस कार्य में सहयोग करना चाहिए.

बीजेपी ने लगाया ये आरोप

यानी अब सरकार की एक कमेटी प्रदेश में शराब पीने वाले शराबियों की गिनती कर, इस बात का अंदाजा लगाएगी कि शराबबंदी से इन शराबियों पर किस तरह का असर होगा. इधर बीजेपी ने सरकार पर निशाना साधते हुए शराबियों की गणना को राज्य का अपमान बताया है. बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि सरकार का ये उपाय शर्मनाक है. कभी भी ये प्लान धरातल पर सफल नहीं हो पाएगा. सरकार की ये योजना बिलकुल बेतुकी है.

पनीर कोफ्ता बनाने का आसान तरीका

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आवश्यक सामग्री
पनीर – 500 ग्राम
बादाम – ¼ कप कटे हुए
हल्दी – आधा चमच
लाल मिर्च – 4
नमक – 1 चमच
धनिया पाउडर – 2 चमच
रिफाइंड तेल – 200 मिली
लाल मिर्च पाउडर – 1 चमच
मलाई – 2 चमच
दही – 150 ग्राम
टमाटर प्यूरी – आधा चमच
लहसुन पेस्ट – 1 चमच
मक्के का आटा – 1 चमच
प्याज – 2
पानी – ढाई चमच
धनिया के पत्ते – 2 चमच
बनाने की विधि
कढाई को धीमी आच पर गर्म करे और उसमे तेल डालकर अच्छे से गरम कर ले। अब एक बर्तन में पनीर का खीस बना ले उसके बाद में उसमे नमक, मक्के का आटा, और लाल मिर्च पाउडर डाले। अब इस मिश्रण को अच्छे से बना ले और उसके कोफ्ता बॉल्स बनाये और साथ में उसमे कटे हुए बादाम भी डाले। जब तेल अच्छी तरह से गरम हो जाए तो उसमे सभी पनीर के कोफ्ते को डाल के तले और उसका रंग भूरा होने तक तलते रहे। इसी तरह से सभी बॉल्स को तले। अब उस कढाई में केवल डेढ़ चमच ही तेल को रहने दे और उसमे लाल मिर्च और काली इलायची डाले।
अब उस तेल को देर तक गरम होने दे और उसमे हल्दी पाउडर, नमक, लाल मिर्च, अदरक और लहसुन का पेस्ट और थोड़ासा पानी डाल के तले। अब उसे कुछ समय तक उबालते रहे और बाद में फिर उसमे दही और टमाटर प्युरी डाले। बाद में उसमे 1-2 चमच पानी डालकर उस मसाले को अच्छे से पकने दे और रस्से को अच्छी तरह से गाढ़ा होने दे।
जब मसाला अच्छी तरह से बन जाए तो उसमे फ्राई किये हुए पनीर कोफ्ता डाले। उसे अगले एक मिनट तक पकाए और उसमे ऊपर से मलाई और धनिया के पत्ते डाल दे। तयार होने के बाद आप इसे नान या फिर रुमाली रोटी और चावल के साथ खा सकते है।
पनीर से बहुत सारे पदार्थ बनाये जाते है। पनीर से पनीर बटर मसाला, शाही पनीर, पनीर टिक्का मसाला जैसे पदार्थ बनाये जाते है। पनीर से पनीर कोफ्ता भी बनाया जाता है जिसकी जानकारी हमने अभी पढ़ी।
पनीर कोफ्ता बनाने के लिए जो सामग्री लगती है उसकी सूची ऊपर दी गयी है। एक बार पनीर कोफ्ता बनने के बाद इसे नान, तंदूरी रोटी और और रुमाली रोटी के साथ भी आनंद लिया जा सकता है। साथ ही इसके साथ मे चावल भी लिया जा सकता है जिससे यह और भी स्वादिष्ट लगता है।

उपवास का आलू चाट बनाने की विधि

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आवश्यक सामग्री
सुरन – 250 ग्राम उबला हुआ
आलू – 2 उबले हुए
शकरकंद – 100 ग्राम उबला हुआ
आरारोट – 1/4 कप
अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट,
कालीमिर्च पाउडर – आधा टीस्पून
शक्कर – 1 टीस्पून
सेंध नमक – स्वादानुसार.
पूरी के लिए:
राजगिरी का आटा – डेढ़ कप
आरारोट – 2 टीस्पून
अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट – आधा टीस्पून
सेंधा नमक – आधा टीस्पून
तेल – तलने के लिए.
सर्विंग के लिए:
खजूर की मीठी चटनी – आधा कप
तीखी चटनी – आधा कप
आलू का फरियाली चिवड़ा,
दही चाट मसाला (जीरा, कालीमिर्च, सोंठ, अमचूर).
बनाने की विधि
कंद पेटिस के लिए: आलू, शकरकंद और सुरन में आरारोट, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट, कालीमिर्च पाउडर, शक्कर व सेंधा नमक मिला लें. छोटे-छोटे चपटेगोले बनाकर नॉनस्टिक पैन पर तेल लगाकर सेंक लें.
पूरी के लिए: राजगिरी के आटे में आरारोट, सेंधा नमक, अदरक-मिर्च का पेस्ट और 2 टीस्पून तेल डालकर गुनगुने पानी से आटा गूंध लें. इसकी छोटी-छोटी पूरी बनाकर तल के एक डिब्बे में पैक करके रख दें.
एक प्लेट में पूरी सजाकर रखें. उस पर एक-एक कंद पेटिस रखें. उस पर खजूर की मीठी चटनी, तीखी चटनी, चाट मसाला, दही व फरियाली चिवड़ा डालकर सर्व करें.

म्यूजिक सुनने से जिंदगी की इन परेशानियां से पा सकते हैं निजात

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म्यूजिक सुनने से हमारा मन खुश हो जाता है। जब भी हम परेशान होते है या दुखी रहते हैं तो अक्सर हम गाना सुनने लगते हैं क्योंकि हमारे मुड को सही करने में यह मदद करता है। गाना सुनना हर किसी को पसंद होता है भले ही पसंद के टाइप्स अलग हो सकते हैं। जब भी इंसान बोर होता है तो अपने आप को बहलाने के लिए म्यूजिक सुनने लगते है औरऐसा करने पर हमारा मन खुश हो जाता है।

म्यूजिक हमारे मन को खुश करने के साथ- साथ हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद है।हैप्पी ऐंड हेल्दी लाइफ को बरकरार रखने के लिए आप म्यूजिक को अपना बेस्ट फ्रैंड बना लें क्योंकि इसके फायदे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। आज हम आपको बताऐंगे कि कैसे म्यूजिक हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है।

म्यूजिक सुनने से आपका तनाव कम होता है और आप पहले से अधिक खुश रहने लगते हैं। जब आप म्यूजिक सुनते हैं तो आप काफी अच्छा महसूस करते हैं।इसलिए आप दिन में कुछ देर अपने पसंद के म्यूजिक जरूर सुनिए।म्यूजिक सुनने से आपका मेमौरी पावर बढता है और यह आपके दिमाग के लिए काफी अच्छा साबित होता है। माना जाता है कि जो लोग म्यूजिक सुनते हैं, उन्हें कुछ भी जल्दी याद हो जाता है और हमेशा दिमाग में बना रहता है।

म्यूजिक आपके शरीर को तेज भागने में मदद करता है। यदि आप म्यूजिक सुनते हुए दौैड़ रहे है तो आपके दौड़ने की गति तेज हो जाएगी।म्यूजिक हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और हमारे मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है। यदि आप डिप्रेशन के शिकार है तो क्लासिकल म्यूजिक सुनना आपके लिए फायदेकारक हो सकता है।शांत म्यूजिक सुनने से ऐसा माना गया है कि इससे अच्छी नींद आती है, लेकिन तेज और रॉकिंग गाने से सोते समय दूर रहें।

मारुति कार खरीदने का अच्‍छा मौका, मिल रहे काफी सारे ऑफर

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मारुति कार खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो जल्दी से खरीदारी कर लें। मारुति सुजुकी इंडिया का कहना है कि फेस्टिव सीजन के दौरान कारों पर दिए जा रहे कंज्यूमर ऑफर इस वक्त पीक पर हैं। इस बात की भी जानकारी दी गयी कि अक्टूबर के बाद इनमें कमी आने लगेगी। इसकी वजह है कि इतने उच्च स्तर पर लंबे समय तक डिस्काउंट दिया जाना संभव नहीं है। इस वक्त मारुति सुजुकी विभिन्न मॉडलों पर ज्यादा अवधि की वारंटी के साथ-साथ नकद छूट की भी पेशकश कर रही है। बता दें कि इससे जुलाई-अगस्त के मुकाबले कंपनी की सितंबर की बिक्री में 18 से 20 फीसदी की बढ़त देखी गई है।

जल्‍द ही छूट-पेशकशों में आएगी कमी

जानकारी दें कि मारुति सुजुकी के मार्केटिंग एवं बिक्री निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने कहा क‍ि बाजार में फिर से जान डालने के लिए हमने स्पष्ट तौर पर कोशिश की लेकिन हम हमेशा ऊंचे प्रोत्साहनों को जारी नहीं रख सकते हैं, यह व्यवहारिक नहीं है। इसलिए आगे इन छूट-पेशकशों में कमी ही आने वाली है। प‍िछले साल अक्टूबर के मुकाबले कंपनी को इस साल अक्टूबर की बिक्री बेहतर रहने की उम्मीद है।

आठ कारों और डीजल वाहन की मांग बढ़ी

वहीं श्रीवास्तव ने कहा कि यह संभावित तौर पर अच्छी बिक्री है। यदि हम अक्टूबर के पहले सप्ताह यानी नवरात्र के समय को देखें तो इस साल नवरात्रों पर हुई बुकिंग पिछले साल से बेहतर रही है। उनका कहना है कि BS-6 उत्सर्जन मानक वाली आठ कारों और डीजल वाहन की मांग बढ़ी है। इसके अलावा कंपनी की हाल में बाजार में उतारी गई S-Presso के लिए 10,000 से अधिक बुकिंग मिली हैं।

डीजल व्हीकल की बिक्री बंद होगी 1 अप्रैल से

दूसरी ओर कंपनी ने इस बात की भी जानकारी दी कि कंपनी BS-4 मानक वाले उन वाहनों का उत्पादन रोक चुकी है, जिनमें BS-6 उत्सर्जन मानक वाले वाहन पेश कर दिए गए हैं। कंपनी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह अगले साल एक अप्रैल से डीजल इंजन वाले वाहनों की बिक्री बंद कर देगी। वहीं श्रीवास्तव ने कहा कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि वाहन क्षेत्र संकट से बाहर निकल चुका है। स्पष्ट तस्वीर सामने आने में कम से कम दो माह का समय और लगेगा।

Apple iPad 2019 10.2-इंच डिस्प्ले के साथ भारत में सेल के लिए उपलब्ध, जानें कीमत

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एप्प्ल कंपनी ने Apple iPad 2019 लगभग एक महीने पहले अमेरिका में लॉन्च किया था और अब 10.2 इंच के साथ Apple iPad 2019 भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध ​करा दिया है।
APPLE IPAD 2019 की भारत में कीमत और उपलब्धता
यह आईपैड़ दो अलग-अलग वेरिएंट में आता है पहला वाई-फाई और दूसरा एलटीई मॉडल, 32GB वाले वाई-फाई मॉडल की कीमत 29,900 रुपये और 128GB वैरिएंट की कीमत 37,900 रुपये है। 32GB वाले LTE मॉडल की कीमत 40,900 रुपये है जबकि 128GB वैरिएंट की कीमत 48,900 रुपये है। इच्छुक खरीदार Apple के अधिकृत विक्रेताओं, अमेज़न इंडिया या फ्लिपकार्ट से नया iPad 2019 खरीद सकते हैं।

फीचर्स और स्पेशिफिकेशन: सातवीं पीढ़ी का iPad 3.5 मिलियन पिक्सल के साथ 10.2 इंच रेटिना डिस्प्ले के साथ आता है। नए iPad को पावर देने के लिए Apple ने अपना इन-हाउस A10 फ्यूजन SoC जोड़ा है। इसके अलावा, कंपनी उपयोगकर्ताओं को चुनने के लिए दो स्टोरेज विकल्प भी दे रही है। इसमें बेसलाइन 32 जीबी वेरिएंट और लाइन के शीर्ष 128 जीबी स्टोरेज वेरिएंट शामिल हैं।

नया iPad 2019 iPadOS पर काम करता है। Apple iPad (2019) वाई-फाई पर कनेक्टिविटी विकल्पों में वाई-फाई 802.11 a / b / g / n / ac शामिल हैं। टैबलेट पर सेंसर में एंबियंट लाइट सेंसर, बैरोमीटर, जाइरोस्कोप और एक्सेलेरोमीटर शामिल हैं।

Apple iPad (2019) वाई-फाई का माप 250.60 x 174.10 x 7.50 मिमी (ऊंचाई x चौड़ाई x मोटाई) है और इसका वजन 483.00 ग्राम है। इसे गोल्ड, सिल्वर और स्पेस ग्रे रंगों में लॉन्च किया गया था। कैमरे की बात करें तो इसमें 8 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 1.8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। वहीं एक 3.5 एमएम का हेडफोन जैक भी दीया गया है।

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, इन युवाओं की खुल गई किस्मत, जानिए कैसे

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खेल मंत्रालय ने स्टेडियमों को सभी के लिए खोलने का फैसला किया है। केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण लीग के आयोजन के लिए स्टेडियमों की सुविधाएं फ्री करेगा।

खेल मंत्रालय ने देश भर में खेल को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं देने के लिए यह फैसला किया है। किरण रिजिजू ने कहा, मेरा मानना ​​है कि एथलीटों को सभी सुविधाएं दी जानी चाहिए और खेल सुविधाएं उनके लिए ही बनाई गई हैं। कोच भी अपने छात्रों को निशुल्क इन स्टेडियमों में ट्रेनिंग देने के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

खेल मंत्रालय ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम और कर्णी सिंह निशानेबाजी रेंज समेत दिल्ली के चार स्टेडियम बिना किसी फीस के सभी खिलाड़ियों के लिए एक नवंबर से खोलने का फैसला किया है। यह फैसला फिट इंडिया को बढ़ावा देने और देश भर में खिलाड़ियों को खेल के मैदान में सुविधाएं मुहैया कराने के लिए किया गया है। पहले चरण में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम, इंदिरा गांधी स्टेडियम, मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम और कर्णी सिंह निशानेबाजी रेंज राज्य और खेल महासंघों के लिए कॉम्पीटिशन और लीग आयोजित कराने के लिए उपलब्ध होंगी। नेहरू स्टेडियम में फुटबाल लीग होती आई है, जबकि आई जी स्टेडियम में कुश्ती, मुक्केबाजी, जूडो और बैडमिंटन खेला जाता रहा है।

खेल मंत्री रिजिजू ने कहा कि देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा खेल बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल अगले तीन महीने में तीन गुना बढ़ाने का फैसला किया है। उम्मीद है कि इससे न सिर्फ फिटनेस को बढ़ावा मिलेगा बल्कि युवा भी खेलों में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे।

सुप्रीम कोर्ट में अंतिम पड़ाव पहुंचा मामला, अयोध्या में धारा 144 लागू

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सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के मामले में चल रही सुनवाई के अंतिम सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अयोध्या जिले में 10 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी है। इस संबंध में रविवार देर रात को जिला प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं।

इस बारे में अयोध्या के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि यह निर्णय आगामी त्योहारों के मद्देनजर लिया गया है।

वहीं विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विवादित भूमि के परिसर में दीवाली वाले दिन ‘दीया’ (मिट्टी के दीपक) जलाने की आज्ञा मांगी है।

महंत नयन दास ने कहा, “जब दिवाली वाले दिन पूरी अयोध्या रोशनी में डूबी रहेगी, तो राम लला अंधेरे में क्यों रहेंगे? हम विवादित भूमि के रिसीवर डिवीजनल कमिश्नर से मिलेंगे और उनकी अनुमति लेंगे।”

हालांकि, इस बारे में एक मुस्लिम वादकारी हाजी महबूब ने कहा कि अगर विहिप को विवादित धर्मस्थल पर दीया जलाने की अनुमति दी जाती है, तो फिर मुसलमान भी उस स्थल पर ‘नमाज’ अदा करने की अनुमति मांगेंगे।

हालांकि, इस धार्मिक शहर में लागू निषेधाज्ञा के कारण कोई भी अधिकारी 26 अक्टूबर को अयोध्या में आयोजित होने वाले ‘दीपोत्सव’ से संबंधित प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। वहीं इस दौरान हजारों पर्यटकों के यहां आने की संभावना है।

बीती बातों पर गौर किया जाए तो राम जन्मभूमि मामले में सभी दलीलें 18 अक्टूबर को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा था कि वह 17 नवंबर को अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले इस मामले पर फैसला सुनाना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीशों की एक पीठ 2010 में आए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली, हिंदू, मुस्लिम और अन्य पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

कोर्ट द्वारा गठित किए गए मध्यस्थता समिति भी इस विवाद का समाधान करने में असफल रही थी, जिसके बाद छह अगस्त से मामले पर प्रतिदिन सुनवाई हो रही है।

इस सप्ताह की शुरुआत में ‘इंडियन मुस्लिम फॉर पीस’ के बैनर तले मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक समूह ने कहा था कि ‘सद्भावना’ के तौर पर ज्यादातर मुसलमान विवादित स्थल के अधिकांश हिस्से 2.77 एकड़ भूमि केंद्र को सौंपने के लिए तैयार हैं।