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जब न समझ आए कुछ तो बनाएं रेस्टोरेंट स्टाइल दाल खिचड़ी, खाने में लगेगा बेहद ही स्वादिष्ट

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आज हम आपको रेस्टोरेंट स्टाइल दाल खिचड़ी बनाने की विधि बताने जा रहे हैं क्योंकि यह खाने में बहुत टेस्टी होता हैं| दरअसल हम घर पर दाल खिचड़ी बनाते हैं लेकिन वह रेस्टोरेंट स्टाइल में नहीं बन पाता हैं| ऐसे में आप इस विधि से एक बार दाल खिचड़ी बनाकर खाएं, यह दाल खिचड़ी आपको बहुत पसंद आने वाली हैं क्योंकि इसमें देशी घी का स्वाद है|

सामग्री

बासमती चावल- 1 कप, घी- 2 चम्मच, अदरक- 1 इंच, लहसुन- 5 से 6 कलियाँ, लाल मिर्च पावडर- 1 चम्मच, धनिया पावडर- 1 चम्मच, अमचूर पावडर- 1 चम्मच, गरम मसाला- 1 चम्मच, हल्दी पावडर- 1 चम्मच, अरहर दाल- आधा कप, चना दाल- आधा कप, मसूर दाल- आधा कप, नींबू का रस, हरा धनिया, हरी मिर्च, कसूरी मेथी, टमाटर, नमक, जीरा, हिंग

विधि

रेस्टोरेंट स्टाइल दाल खिचड़ी बनाने के लिए सबसे बासमती चावल लेकर अच्छे से धो ले| अब इसे एक बर्तन में 10 से 15 मिनट के लिए भिंगो कर रख दे| अब एक बर्तन में पानी उबलने के लिए रख दे, जब पानी उबलने लगे तो इसके अंदर भिंगोए हुये चावल को डाल दे, साथ में थोड़ा सा नमक भी डाल दे, अब इसे ढक कर कुछ देर पकाए| ढक्कन को खोलकर देखे चावल का पक गया हैं कि नहीं, यदि चावल 90 प्रतिशत तक पक गया हैं तो इसे एक छन्नी में छान ले और फिर इसे कुछ दे ठंडा होने के लिए रख दे|

अब एक बड़े बाउल में अरहर की दाल, चने की दाल, मसूर दाल डालकर अच्छे से धो ले और फिर इसे एक बर्तन में पानी डालकर आधा घंटा भिंगो कर रखे| अब एक कुकर को गैस पर घी के साथ चढ़ा दे, जब घी गरम हो जाए तो इसके अंदर जीरा, कटे अदरक डालकर हल्का भून ले| सभी चीजों को अच्छे से भुनने के बाद इसके अंदर सभी दालों को डालकर मिला ले| अब इसके अंदर पानी, हल्दी पावडर, नमक डालकर चला ले, अब कुकर के ढक्कन को बंद करके दाल को एक से दो सिटी आने तक पकाए| जब दाल पक जाए तो ढक्कन को खोलकर दाल को चला ले|

अब एक कढ़ाई को गैस पर घी के साथ चढ़ाये और इसके अंदर जीरा डालकर भून ले, इसके बाद इसमें कटे प्याज डालकर भुने| जब प्याज भून जाए तो इसके अंदर खड़े लाल मिर्च, कटे लहसुन, कटी हरी मिर्च, कटा अदरक डालकर हल्का भून ले| अब इसमें कटे टमाटर, नमक, लाल मिर्च पावडर, धनिया पावडर, हल्दी पावडर, अमचूर पावडर, गरम मसाला, कसूरी मेथी डालकर भून ले, अब इसमें पके हुये दाल को डालकर चला ले, अब इसमें पके चावल को डालकर अच्छे से मिला ले और दो से तीन मिनट हल्का पानी डालकर पका ले|

अब एक छोटे बाउल में जलते हुये कोयले के अंगारे को खिचड़ी के अंदर रखे और इसके ऊपर घी डालकर ढक्कन से बंद कर दे, कुछ देर बाद इसे निकालकर बाहर रख दे| अब इसके अंदर कसूरी मेथी और नींबू का रस, कटा हरा धनिया डालकर अच्छे से मिला ले, अब इसमें तड़का लगाने के लिए एक तड़का पैन ले और इसके अंदर घी, जीरा, हिंग, लाल मिर्च पावडर, खड़ा लाल मिर्च और थोड़ा सा फ्राई प्याज डालकर तड़का ले, अब यह सर्व करने के लिए तैयार हैं|

बच्चों के पेट के कीड़े समाप्त करने के लिए करें ये…

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भारत में 14 साल से कम आयु के कम से कम 24 करोड़ 10 लाख बच्चों के पेट के कीड़े या कृमि (वर्म्स) होने की संभावना रहती है. रिसर्चर्स का बोलना है कि इसकी वजह हमारे यहां की मिट्टी व तापमान है जो कृमि या कीड़ों के पनपने में मददगार है. रोज़मर्रा की जिंदगी में सफाई के प्रति लापरवाही भी इस खतरे को व ज्यादा बढ़ा देती है.

इसे देखते हुए हिंदुस्तान सरकार ने साल 2015 में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति अभियान चलाया था. इस अभियान के हिस्से के रूप में 8 से 19 साल के सभी बच्चों के पेट के कीड़े समाप्त करने की गोलियां स्कूल व आंगनवाड़ी केंद्रों में बांटी गई थी.

मशहूर विज्ञान पत्रिका लेन्सेट में प्रकाशित एक अध्ययन गर्म जलवायु वाले राष्ट्रों में कृमिनाशक अभियान की तरफ ध्यान खींचता है. अध्ययन के अनुसार एक मां की एजुकेशन व उसके परिवार की आर्थिक स्थिति से तय होता है कि उसके बच्चों की आंतों में कीड़ों का इन्फेक्शन होने पर उन्हें अच्छा से उपचार मिलेगा या नहीं.

यह जानना जरूरी है कि क्यों जोखिम वाले आयु वर्ग के हर बच्चे को पेट के कीड़े मारने की गोलियां देना महत्वपूर्ण है, फिर भले ही किसी बच्चे को इन्फेक्शन हो या न हो.

मिट्टी में पैदा होने वाले परजीवी (पैरासाइट्स)

आंत के कीड़े या मिट्टी में पैदा होने वाले पेट के कीड़े का इन्फेक्शन (एसटीएच) मनुष्य में होने वाले पैरासाइट इन्फेक्शन में सबसे सामान्य है. ये कीड़े गर्म इलाकों की गर्म व नम मिट्टी में पनपते हैं व प्रदूषित मिट्टी व भोजन के जरिए मनुष्य के शरीर में पहुंच जाते हैं.

वयस्क कीड़े आंत के भीतर पनपते हैं व नए कीड़ों को भी जन्म देते हैं. ये हर दिन कई हजार अंडे देते हैं. कुछ कीड़ों के लार्वा सक्रियता से स्कीन को भेदकर भी शरीर में प्रवेश करते हैं व फेफडों के जरिए आंतों तक पहुंच जाते हैं.

एक बार शरीर के भीतर पहुंचने पर वे शरीर के (टिश्यूज) उत्तकों को खाना प्रारम्भ कर देते हैं व आंतों की दीवारों को नुकसान पहुंचाते हैं. इनके कारण आंत में पोषक तत्वों का अच्छा से अवशोषण नहीं होता है, भूख कम हो जाती है व डायरिया की समस्या भी हो जाती है. इसका ही नतीजा होता है कि जिन बच्चों के पेट में कीड़ों का इन्फेक्शन होता है वे रक्त की कमी वाले एनिमिया रोग का शिकार हो जाते हैं. वे थकान व कमजोरी का भी अनुभव करते हैं.

लंबे समय में असर

कीड़ों के इन्फेक्शन का असर बढ़ते बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास पर भी होता है. कई बच्चे जिन्हें कीड़ों का इन्फेक्शन होता है वे कम वजन वाले (अंडरवेट) व छोटे कद के ही रह जाते हैं. इसके साथ ही इन बच्चों को अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में ध्यान लगाने में भी परेशानी महसूस होती है. कुछ बच्चे नयी चीजों को याद रखने में कठिन का अनुभव करते हैं. इसका नतीजा होता है कि वे स्कूल जाने से बचने लगते हैं. लंबे समय में इसके कारण उनकी एजुकेशन का नुकसान होता है व इसलिए आगे चलकर उनके ज़िंदगी की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित होती है.

कृमि के इन्फेक्शन के लक्षण

कृमि का इन्फेक्शन (एसटीएच) होने के लक्षण इस बात से सीधे तौर पर जुड़े हैं कि पेट में कितने ज्यादा कृमि हैं. शरीर में जितने अधिक कृमि होंगे उतने ही गंभीर लक्षण नजर आएंगे. जब इन्फेक्शन कम होता है तो उसके लक्षण अच्छा से नजर भी नहीं आते हैं, गंभीर इन्फेक्शन में पेट में मरोड़ उठते हैं, डायरिया, कुपोषण, भूख की कमी व शारिरिक विकास का रुकना जैसी चीजें सामने आती हैं.

बचाव के लिए सुरक्षात्मक कदम

भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल ने इन उपायों को सूचीबद्ध किया है ताकि आंत के कीड़ों को शरीर में प्रवेश करने व पनपने से रोका जा सके-

1. स्वच्छता का ध्यान रखें

2. स्वच्छ टॉयलेट का उपयोग करें व खुले में शौच न करें

3. हर बार टॉयलेट का उपयोग करने के बाद हाथ धोएं

4. हमेशा जूते या स्लिपर्स पहनें

5. फल व सब्जियों को खाने से पहले धोएं

6. भोजन को ढक कर रखें

7. स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें

फिर एक्टिव हुआ ‘बालाकोट’ आतंकी शिविर, 50 फिदायीन हमलावर ले रहे हैं ट्रेनिंग

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भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविर पर बमबारी करने के आठ महीने बाद खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले हैं कि फिदायीन हमलावरों समेत 45-50 खूंखार आतंकवादियों को वहां प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि, पाकिस्तान के बालाकोट शहर में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी शिविर के भीतर लगभग 45-50 आत्मघाती हमलावर प्रशिक्षण ले रहे हैं।

बालाकोट में ट्रेनिंग ले रहे जैश के आतंकी

पाकिस्तान के खैबर पख्तूख्वा प्रांत में बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के लगभग 50 आतंकवादी प्रशिक्षण ले रहे हैं। आतंकवादी मुख्य रूप से आत्मघाती हमलावर हैं जिन्हें कश्मीर और अफगानिस्तान में हमले करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसियां इस पर नजर रख रही हैं। इन आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर टेक्निकल सर्विलांस के जरिये बराबर नजर रखी जा रही है।

छह महीने बाद यह एक बार फिर से एक्टिव हो गया

सूत्रों के हवाले से खबर है कि इन आतंकी शिविरों में प्रशिक्षण लेने वाले कुछ आतंकियों को कश्मीर में सेना के प्रतिष्ठानों पर हमले के लिए भेजा गया है। इस साल फरवरी में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद बालाकोट का आतंकी कैंप बंद था लेकिन तकरीबन छह महीने बाद यह एक बार फिर से एक्टिव हो गया है। रावत ने कहा, हाल ही में पाकिस्तान की ओर से बालाकोट के शिविरों को फिर से सक्रिय किया गया है। वे जेईएम आतंकवादी शिविरों का जिक्र कर रहे थे, जिन्हें भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने 26 फरवरी को निशाना बनाया था।

तैयार कर रहा आत्मघाती हमलावर

बता दें कि इससे पहले खबरें आईं थीं कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में सर्दियों से पहले आतंकवादियों की घुसपैठ के लिए नियंत्रण रेखा के पास 20 आतंकी प्रशिक्षण शिविर और 20 आतंकी अड्डे (लॉन्च पैड) को सक्रिय किया है। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तानी एजेंसियां जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमला करने की साजिश कर रही हैं।

डॉक्टर ने मरीज से किया बलात्कार, वीडियो बनाकर दोस्तों को भेजा

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किसी जान बचाने के लिए भगवान कहे जाने वाले एक डॉक्टर की हैवानियत सामने आई है। ईलाज कराने आई महिला मरीज से बलात्कार करने और फिर उसका वीडियो बनाकर दोस्तों के भेजने के आरोप में आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई के मेघवाड़ी थाना क्षेत्र की है।

27 वर्षीय पीड़िता ने डॉक्टर के बारे में जब पुलिस को शिकायत दी तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। महिला ने बताया कि आरोपी डॉक्टर ने उसका यौन शोषण किया और उस कृत्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया मैसेजिंग एप के जरिए हर जगह फैला दिया।

महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पहली बार 2015 में उसके संपर्क में आई थी। वह पाइल्स से पीड़ित थी तो आरोपी डॉक्टर ने अपने क्लीनिक में उसका इलाज करना शुरू कर दिया। 28 मई 2015 को वह दर्द से पीड़ित थी इस पर आरोपी डॉक्टर ने उसे एक इंजेक्शन लगाया तो वह क्लीनिक में ही करीब एक घंटे के लिए सो गई। जब वह घर लौटी तो आरोपी डॉक्टर ने उसे उसके साथ अंतरंग होने का अश्लील वीडियो भेजा। आरोपी ने महिला को धमकी दी कि इस बारे में किसी को न बताए नहीं तो उसकी जिंदगी खराब हो जाएगी।

आरोपी डॉक्टर ने महिला को यह भी कहा कि यदि वह उसके साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाएगी तो वह वीडियो सबको भेज देगा। इसी क्रम में उसने पीड़िता का वीडियो लोगों को शेयर कर दिया।

2018 में शादी होने के बाद महिला ने डॉक्टर से मिलना बंद कर दिया और अपने पति के साथ रहने मलाड चली गई। लेकिन अब हाल में डॉक्टर ने एक बार फिर उससे संपर्क करने की कोशिश की और उसका वीडियो वायरल करने की धमकी दी। लेकिन पीड़िता ने डॉक्टर से बात करने से इनकार कर दिया। इस आरोपी ने पीड़िता के पति को यौन शोषण का वीडियो फार्वर्ड कर दिया।

घटना के बाद महिला ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी जिसके बाद उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया।

2 लड़कों को हुआ पेट दर्द, तो डॉक्टर ने दे दी प्रेगनेंसी टेस्ट करवाने की सलाह, फिर जानें क्या हुआ

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 झारखंड के एक सरकारी अस्पताल का एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहाँ पर दो मरीज अपनी पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें गर्भवती महिलाओं पर होने वाला ANC टेस्ट करवाने के लिए कह दिया. हालांकि जब पीड़ित यह टेस्ट करवाने पैथोलोजी लैब पहुंचे, तो पर्चे में ANC टेस्ट लिखा देख लैब टेक्नीशियन और डॉक्टर के भी होश उड़ गए. अब इस बात का खुलासा होने के बाद से हर तरह डॉक्टर की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की जा रही है. वहीं डॉक्टर ने अपने उपर लगे आरोपों को नकारते हुए, इसे उनके खिलाफ साजिश का नाम दिया है.

झारखंड के 22 वर्षीय गोपाल गंझू और पड़ोसी गाँव के रहने वाले सुधु गंझू को 1 अक्टूबर को पेट में अचानक दर्द होने लगा. पेट में दर्द के इलाज के लिए उन्हें अस्पताल ले जाया गया. उस समय अस्पताल में तैनात डॉ. मुकेश ने दोनों की जाँच कर, पर्ची पर कुछ टेस्ट लिखे. जब दोनों पुरुष इन परीक्षणों के लिए अस्पताल गए, ANC टेस्ट छोड़ उनके सारे टेस्ट कर दिए गए. क्योंकि ANC टेस्ट करने से डॉक्टरों ने इनकार कर दिया.

इसके बाद वे दोनों घर चले गए. इसके बाद पूरे गाँव में इस घटना की जानकारी फ़ैल गई. जब कथित मामले के बारे में डॉ. मुकेश से पूछा गया तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि, यह मुझे बदनाम करने की साजिश है. किसी ने मेरे लिखे हुए पर ओवर राइटिंग की है.

वहीं अस्पताल के सीएस डॉ अरुण कुमार ने बातचीत में बताया कि, वे इस मामले से अनजान थे. सगर इसमें कोई भी सच्चाई पाई जाती है, तो मामले की जांच की जाएगी. अगर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप सिद्ध हो जाता है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

गाने सुनने के है बहुत शौकिन तो अभी Download कीजिए बेस्ट म्यूजिक स्ट्रीमिंग एप्लीकेशन

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दुनिया में हर कोई किसी ना किसी तरह से गाने का शौकिन होता ही है एक अच्छा गाना आपका दिन बना देता है और उसकी धुन हमें गुनगुनाने पर मजबूर कर देती है जी हां आज हम बात कर रहे है उन एप्लीकेशन के बारें में जो कि बेस्ट म्यूजिक स्ट्रीमिंग एप्लीकेशन कहलाते है वही इन एप्स पर हर तरह के गाने उपलब्ध है।जो आपको गाना सुनने के लिए आसान तरीका देते है।

Hungama Play – हंगामा एप आपको फ्री में बॉलीवुड के गाने देता है। ये कई भाषाओं में ये सुविधा उपबल्ध कराता है। इसमें भी 110 रुपए की प्रीमियम सब्सक्रिपशन मिलता है। साथ ही रिवार्ड प्वाइंट् मिलते हैं जिससे म्यूजिक डाउनलोड, मूवी टिकेट्स और कई सारी शॉपिंग कर सकते हैं।

Wynk Music  जियो की तरह ही एयरटेल ने भी म्यूजिक ऐप लॉन्च किया है। इसमें बाउजर के माध्यम से गाने सुन सकते हैं। इसमें एक Wynk यूजर दूसरे यूजर को गाना शेयर भी कर सकता है। इतना ही नहीं इस एप के द्वारा आप कॉलर ट्यून का मजा भी ले सकते है।

SPOTIFY- हाल ही में शुरु हुआ ये एप भी काफी चर्चा में है जिसमें हर सिंगर के साथ ही हर किसी भाषा के गाने उपलब्ध है।इस एप में सब्सक्राइब कर आप गाने डाउनलोड भी कर सकते है।

SoundCloud-साउंडक्लाउड अपने Android या iOS पर सुनने के लिए 150 मिलियन से अधिक पटरियों पर एक पूर्ण संगीत कैटलॉग खेलता है। अपने फेसबुक, Google या अपने ई-मेल पते के माध्यम से साइन इन करने के तुरंत बाद, साउंडक्लाउड आपको यह जांचने देगा कि आपने किन ट्रैक को अपलोड किया है और साथ ही सुझाए गए स्टेशनों के माध्यम से भी खोज सकते हैं।

Ganna  ये भारत की सबसे पहली म्यूजिक स्ट्रीमिंग साइट है। ये प्रयोग मे काफी आसान और सरल है। इसमें हाई क्वालिटी गाने मिलते हैं लेकिन 99 रुपए में एक महीने और 999 रुपए में एक साल की मेम्बरशिप लेनी पड़ती है।

Google Play Music  एक पेड ऐप से साथ यह एप बेहतर म्यूजिक एक्सपीरिंयस देता है। इसमें डाउनलोड किए गए गाने के साथ-साथ ऑनलाइन गाने भी सुन सकते हैं। जिसे काफी पसंद किया जाता है।

Jango Music-यह एक फ्री म्यूजिक एप्लीकेशन है।जिसमें हर प्रकार की शैली के म्यूजिक उपलब्ध है।ये एप एक ही गाने के कई प्रकार भी सामने रख देता है।

TIDAL-इस एप्लीकेशन का सीधा उद्देश्य सबसे हिट गाने सुनना है।ऐसे में अपने फ़ेसबुक, ट्विटर या ई-मेल खाते के साथ मुफ़्त खाते के लिए साइन अप करने के बाद, और अधिकांश स्ट्रीमर के विपरीत जो आपको अपने पसंदीदा शैलियों, ट्रैक्स, या कलाकारों का चयन करने के लिए कहते हैं, आपको मैन्युअल रूप से गीतों की खोज करनी होगी। हालाँकि, आपको अपने ट्विटर पर पंजीकरण करने में परेशानी हो सकती है। TIDAL होम स्क्रीन शीर्ष चार्ट से प्लेलिस्ट प्रदान करती है ताकि आप तुरंत गाने सुनना शुरू कर सकें

Deezer– ये एप आपको ना सिर्फ गाने सुनने के लिए प्रेरित करेगा बल्कि एक ही गाने को कई सिंगर्स की आवाज में आपको उरपलब्ध कराएगा इसके अलावा इस एप में हर हिट गाना टॉप पर होगा जो आपको सजेशन देगा।

Amazon Prime Music  अगर आपको पेड सर्विसेज चाहिए तो अमेजन प्राइम बेहतर म्यूजिक ऐप लेकर आया है। ये प्राइम मेंबरशिप के साथ मिलता है साथ ही इसेवेब, एंड्राइड प्लेटफार्म पर पेश किया गया है। इसमें लगभग 30 मिलियन गानों दिए गए हैं।

Jio Music  जियो म्यूजिक ने हाल ही में अपने ग्राहको को ये सुविधा दी है। इसमें कई सारे गानों की लिस्ट मिलती है। ये सिर्फ जियो यूजर्स को मिलती है। लेकिन जियो के वाई-फाई कनेक्शन पर सभी के लिए ये उपलब्ध है। जो काफी पॉपुलर है।

Saavn  ये इंडिया का पहला स्ट्रीमिंग सर्विस है। ये एड आधारित है लेकिन अगर आप इसका प्रीमियम सर्विस लेते हैं तो एड फ्री सर्विस मिलेगी। हालांकि कुछ सालों पहले इसका उपयोग बाकि एप की तुलना में कम होने लगा है।

नई बुलेट पर लिखाया था ‘आई त लिखाई’, पुलिस ने रोका तो बताया वजह

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भेलूपुर थाना क्षेत्र के अस्सी चौराहे के समीप सोमवार को संदिग्ध वाहनों की छानबीन के दौरान एक दिलचस्प मामला सामने आया। वाहन चेंकिग के दौरान नई बुलेट पर सवार युवक को धड़धड़ाते जाते देख थाना प्रभारी की निगाह उसके नम्बर प्लेट पर गई तो चौक गये। नम्बर प्लेट पर नम्बर की जगह ‘आई त लिखाई’ लिखा देख उन्होंने बुलेट सवार युवक को रोक लिया।

पूछने पर युवक ने बताया कि वाहन के नम्बर के लिए आवेदन किया है लेकिन आरटीओ से वाहन पंजीकरण नम्बर नही मिला है। इस लिए ‘आई त लिखाई’ लिखकर चल रहा था। नम्बर मिलते ही वाहन पर लिखवा देंगे। थाना प्रभारी ने वाहन को पकड़ थाने भेजते हुए कहा कि ‘ वाहन का नंबर लिखाई, तब गाड़ी थाने से जाई’। इसके बाद युवक अपनी नई बुलेट छोड़ने के लिए पुलिस से मनुहार करता रह गया। थाना प्रभारी ने कहा कि वाहन का नम्बर मिलने पर ही छोड़ा जायेगा। इस प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया में भी लोग अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया देते रहे।

पायरिया के रोगियों के लिए रामबाण है मूली

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मूली के परांठे, सब्जी व अचार भला किसे अच्छे नहीं लगते| मूली के परांठे मुंह में पानी ला देते है| मूली का प्रयोग हम सलाद में भी करते है| कुछ लोग ऐसे भी है जिन्हे इसका स्वाद कसैला लगता है| लेकिन ऐसे लोगों को शायद इस साधारण सब्जी के फायदे नहीं पता होंगे|

मूली केवल मात्रा सब्जी ही नहीं बल्कि सेहतमंद औषधि भी है| मूली कैंसर, बीपी, शुगर आदि बीमारियों के लिए अत्यंत लाभप्रद है| मूली को अपनी डाइट में अवश्य शामिल करें| आइए जानें मूली के कुछ और औषधीय लाभ –

कैंसर से दिलाए राहत – मूली फोलिक एसिड, विटामिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते है जो कैंसर से लड़ने में हमारी सहायता करते है| इसमें एंथोकाइनिन तत्व पाया जाता है जो मुंह, किडनी व पेट के कैंसर से लड़ने में हमारी मदद करता है|

शुगर से करे बचाव – मूली में ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम पाया जाता है| यह ब्लड शुगर से हमारा बचाव करता है| इसके रोज़ाना सेवन से मधुमेह से बहुत जल्द राहत मिल जाती है|

सर्दी से दिलाए छुटकारा – मूली के सेवन से सर्दी – जुकाम नहीं होता इसलिए मूली का सेवन नियमित रूप से सलाद के रूप में करना चाहिए|

पायरिया में है फायदेमंद – मूली पायरिया के रोगियों के लिए रामबाण है| मूली को चबाकर खाने से दांत और मसूड़े मजबूत बनते है| मूली के रस का सेवन करें| इसके रस को दांतो व मसूड़े में मलें|

मोटापे से दिलाए छुटकारा – मूली वजन कम करने वाले लोगो के लिए अत्यंत फायदेमंद है| मोटापा कम करने के लिए मूली के रस में नींबू व नमक मिलाकर पीएं| बहुत फायदा होगा| मूली खाने से नींद भी अच्छी आती है|

इंडियन मोबाइल कांग्रेस: कंपनियों ने कहा 5G स्पेक्ट्रम की कीमत पर गौर करने की जरूरत

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भारत की राजधानी दिल्ली में टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा इवेंट इंडियन मोबाइल कांग्रेस (Indian Mobile Congress 2019) की शुरुआत हो गई है। यह कार्यक्रम 16 अक्टूबर तक चलेगा। आईएमसी 2019 में 30 देशों की 300 से ज्यादा आईटी और टेलिकॉम कंपनियों ने हिस्सा लिया हैं। इसमें एयरटेल, आइडिया, रिलायंस जियो और एरिक्सन जैसी कंपनियों ने हिस्सा लिया और सभी ने 5जी स्पेक्ट्रम की कीमतों पर गौर करने पर जोर दिया।

दूरसंचार मंत्री ने कहा होगा 5जी की नीलामी होगी इस साल
आईएमसी में दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आगामी नीलामी के लिए स्पेक्ट्रम के आरक्षित मूल्य में कमी के संकेत दिए हैं। 5जी समेत अन्य बैंड के स्पेक्ट्रम की अत्यधिक कीमत को लेकर चिंताओं के बीच दूरसंचार मंत्री सोमवार को मूल्य निर्धारण में सुधार का वादा किया। उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम की नीलामी इसी वित्त वर्ष में होगी।

प्रसाद ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2019 में कहा कि सरकार दूरसंचार उद्योग की चुनौतियों और समस्याओं से अवगत भी है और उन्हें लेकर जागरूक भी है। उन्होंने कहा की स्पेक्ट्रम नीलामी इस वित्त वर्ष में की जाएगी हम स्पेक्ट्रम के मूल्य निर्धारण में कुछ सुधार कर रहे हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने पिछले साल 8,644 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम की 4.9 लाख करोड़ रुपये के आधार मूल्य पर बिक्री की सिफारिश की थी। इसमें 5 जी सेवाओं के लिए भी स्पेक्ट्रम शामिल है। लेकिन वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनियों ने गुहार लगाई थी कि प्रस्तावित कीमत वहन करने योग्य नहीं है और बहुत ज्यादा है।

कुछ कंपनियों ने कहा था कि दक्षिण कोरिया, स्पेन, ब्रिटेन और इटली जैसे देशों में 5 जी बैंड की औसत कीमत 84 करोड़ रुपये / मेगाहर्ट्ज है जबकि ट्राई ने इसी बैंड के लिए 5-6 गुना ज्यादा कीमत 492 करोड़ की सिफारिश की

रिलायंस जियो ने कहा 5जी स्पेक्ट्रम की कीमत पर करें विचार
रिलायंस जियो ने कहा है कि सरकार को स्पेक्ट्रम की समयबद्ध तरीके से उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत है। कंपनी ने कहा कि देश को इस क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका में लाने के लिये 5जी स्पेक्ट्रम की कीमत पर गंभीरता से गौर करने की जरूरत है। रिलायंस जियो इन्फोकॉम के निदेशक मंडल के सदस्य महेंद्र नहाटा ने सोमवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस-2019 को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को समय पर स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट रूपरेखा बनानी चाहिए। स्पेक्ट्रम नीलामी में लंबा अंतराल समाप्त होना चाहिए।

नहाटा ने कहा कि इसके अलावा उद्योग को दो नीलामियों के बीच भी आखिरी नीलामी में निकले मूल्य के आधार पर लगातार स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को 5जी क्षेत्र में अगुवा बनाने के लिए इस स्पेक्ट्रम के मूल्य पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। नहाटा ने कहा कि स्पेक्ट्रम के ऊंचे दाम से 5जी प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को दूरसंचार क्षेत्र के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।

दूरसंचार क्षेत्र के लिए बने अनुकूल नियम – बिड़ला

वोडाफोन आइडिया के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने अनुकूल नियामकीय माहौल सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि नए डिजिटल इंडिया के निर्माण के लिए फलता – फूलता दूरसंचार क्षेत्र जरूरी है। बिड़ला ने सोमवार को इंडिया मोबाइल कांग्रेस -2019 को संबोधित करते हुए कहा , ” जब हम दूरसंचार उद्योग की वृद्धि के समर्थन को प्रतिबद्ध हैं , तो हमें अनुकूल नियामकीय वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए ताकि जरूरी निवेश किया जा सके।”

उन्होंने कहा कि भारत में ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं का आकार 60 करोड़ है। यह चीन के बाद सबसे ज्यादा है। बिड़ला ने कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और रोबोटिक्स डिजिटल वृद्धि को आगे बढ़ाएंगे। बिड़ला ने कहा कि डिजिटल इंडिया 2.0 का उद्देश्य न्यू इंडिया का निर्माण करना और 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करना है।

भारत में 5जी उपकरण बनाने के लिए तैयार एरिक्सन
स्वीडन की दूरसंचार उपकरण वि निर्माता एरिक्सन ने सोमवार को घोषणा की है कि भारत में 5 जी सेवा के चालू होते ही वह देश में इसके लिए उपकरण बनाना शुरू कर देगी। एरिक्सन के प्रमुख (दक्षिण पूर्व एशिया , ओशिआनिया और भारत) नुनजिओ मिरतिलो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2019 में कहा, ” इस साल हम यह कह सकते हैं कि एक बार देश में 5 जी शुरू हो जाएगा तो हम अपने उत्पादन को 4 जी से 5 जी में बदलने के लिए तैयार हैं। हम भारत के लिए , भारत में 5 जी उपकरणों का उत्पादन करेंगे।”

कंपनी ने कहा कि भारत में उसका कारखाना है, जहां 4जी नेटवर्क उपकरण बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहित करने वाली नीति, उन्नत पारिस्थितिकी तंत्र और किफायती स्पेक्ट्रम कंपनियों को जल्द से जल्द 5जी सेवा शुरू करने में मदद करेंगे।

एयरटेल के मुताबिक स्पेक्ट्रम की ऊंची कीमत बड़ी चुनौती

स्पेक्ट्रम की ऊंची कीमत और नेटवर्क लगाने की लागत कर्ज के बोझ से दबे दूरसंचार उद्योग के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस-2019 को सोमवार को संबोधित करते हुए भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन राकेश भारती मित्तल ने यह बात कही। मित्तल ने कहा कि देश में उच्च गति की ब्रॉडबैंड सेवा के लिए आप्टिकल फाइबर बिछाने की लागत का 75 प्रतिशत स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा लिया जाने वाला शुल्क होता है।

उन्होंने कहा, ”स्पेक्ट्रम का मौजूदा आरक्षित मूल्य वैश्विक स्तर पर अन्य देशों की तुलना में करीब सात गुना है। स्पेक्ट्रम के ऊंचे मूल्य तथा उसके साथ साइटों और फाइबर के लिए अधिक निवेश करने की जरूरत से दूरसंचार उद्योग प्रभावित है। मित्तल ने बताया कि अभी भारत में प्रति दूरसंचार ग्राहक औसत आय (एआरपीयू) मात्र 1.5 डॉलर है। अमेरिका में यह 36 डॉलर और चीन में 6.5 डॉलर है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भारत में कंपनियों को इन देशों के समान ही निवेश करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुकदमेबाजी से भी दूरसंचार क्षेत्र प्रभावित है। करीब एक लाख करोड़ रुपये के मामले मुकदमेबाजी में फंसे हैं।

17 साल की उम्र में शादी फिर तलाक, DSP बनीं अनिता शर्मा

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मैं समाज को बदलने का दावा नहीं करती, लेकिन ये सच है कि मैं समाज में चल रही बहुत सी बुराइयों को बदलना चाहती हूं। इस मंजिल तक पहुंचने से पहले मैं सिर्फ शिक्षाकर्मी की परीक्षा पास कर टीचर बनना चाहती थी। यह कहना है DSP अनिता प्रभा शर्मा का।

अनिता को DSP रैंक मिल गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारवे बताती हैं कि, मेरे पास इतने भी पैसे नहीं होते थे कि मैं बाजार से अपने लिए कुछ खरीद सकूं। इसीलिए दिन भर एक कमरे में बैठकर अलग-अलग किताबें पढ़ती थी। अब आप इसे पढ़ने का शौक कह लीजिए आदत या मजबूरी।

हालांकि मुझे उस वक्त से आज भी कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि उस वक्त ने मुझे हर बार बेहतर स्थिति के लिए तैयार किया है। मेहनत और लगन की वजह से मुझे पहले सूबेदार फिर एसआई और अब DSP रैंक मिली है।

मैंने समाज बदलने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की मदद के लिए सिविल सर्विस को चुना है। मैंने कई बार ये देखा है कि लोग अपने साथ हो रहे अन्याय, अत्याचार को लेकर पुलिस के पास आने और एफआईआर लिखवाने से डरते हैं। मैं लोगों के मन से वो डर खत्म करना चाहती हूं। लोगों को बताना चाहती हूं कि पुलिस उनकी मदद के लिए है। पुलिस विभाग के प्रति लोगों की सोच में बदलाव लाना चाहती हूं।

मेरे माता-पिता दोनों टीचर रहे हैं लेकिन, परिवार में शुरू से ही बेटियों और बेटों को लेकर अलग-अलग मानसिकता थी। चूंकि मैं पढ़ाई में काफी अच्छी रही थी इसलिए घर में कम महत्व मिलने से थोड़ी दुखी रहती थी।कम उम्र में ही बहन की शादी हो गई, जिसकी वजह से उनसे भी ज्यादा अटैचमेंट रहा नहीं।

परंपरा के अनुसार 17 की उम्र में मेरी भी शादी कर दी गई थी। धीरे-धीरे मुझे अहसास हुआ कि उम्र के अंतर के कारण हमारे बीच सामंजस्य इतना अच्छा नहीं है। किंतु परिवार और पेरेंट्स की प्रतिष्ठा ने कुछ वक्त तक मुझे उस जीवन में बनाए रखा।

हालांकि दोनों की खुशी और अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए मैंने तलाक ले लिया। मैं अपने तलाक को अचीवमेंट के तौर पर नहीं बताना चाहती। बस यही कहना चाहती हूं कि लड़कियों को पढ़ने और आगे बढ़ने से मत रोकिए।