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शुरू हो रहा है मणिपुर नृत्य महोत्सव, कलाकारों का लगेगा जमावड़ा…

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अकादमी के संकुल हॉल में दो दिन के मणिपुर नृत्य महोत्सव की शुरुआत होगी। बता दें कि मणिपुर के 25 कलाकार दो दिनों में अलग-अलग नृत्य प्रस्तुतियां देंगे। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की घटक इकाई जवाहरलाल नेहरू मणिपुर नृत्य अकादमी, इंफाल द्वारा कालिदास अकादमी के सहयोग से यह महोत्सव आयोजित कर रही है।

कालिदास अकादमी की प्रभारी निदेशक प्रतिभा दवे ने इस बात की जानकारी मुहैया कराई है। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम 7 बजे महोत्सव का शुभारंभ होगा। इस कार्यक्रम में मणिपुर के 25 कलाकार दो दिनों में अलग-अलग नृत्य की प्रस्तुतियां देते हुए नजर आएंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भतीजी का पर्स चोरी करने वाला गिरफ्तार…

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राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भतीजी का पर्स लेकर फरार होने वाले आरोपी को दिल्ली पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया जबकि दूसरे लुटेरे की तलाश जारी है।

मोदी की एक संबंधी से शनिवार की सुबह यहां एक पॉश इलाके में दो बदमाश उनका पर्स लेकर फरार हो गए थे जिसके बाद मामले सामने आने पर दिल्ली पुलिस ने आरोपी की खोज शुरु कर दी थी।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि चोरी की घटना के बाद सीसीटीवी कैमरे की मदद से अारोपी की पहचान कर ली गयी थी और पुलिस की एक विशेष टीम ने आरोपी का पीछा किया। पुलिस को देख आरोपी ने फरार होने की कोशिश लेकिन सफल नहीं हो सका।

पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम नोनू है और उसे हरियाणा के सोनीपत के बड़वानी गांव से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने साथ ही बताया कि आरोपी नोनू के पास से प्रधानमंत्री की संबंधी से चुराया सारा सामान भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि इसके साथ एक अन्य आरोपी भी इसमें शामिल था जिसकी तलाश जारी है और उसे भी जल्द हिरासत में ले लिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि दमयंती बेन मोदी सुबह अमृतसर से दिल्ली लौटीं थी। उनका कमरा सिविल लाइन्स इलाके के गुजराती समाज भवन में बुक था। वह पुरानी दिल्ली से ऑटो से परिवार के साथ गुजराती समाज भवन पहुंचीं। गेट पर उतर ही रही थी कि स्कूटी सवार दो बदमाशों ने उनका पर्स छीन लिया। दमयंती ने खुद को श्री मोदी की भतीजी होने का दावा किया है। सूत्रों ने बताया कि पर्स में करीब 56 हजार रुपये, दो मोबाइल और कुछ अहम दस्तावेज थे।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनकी पत्नी पीएम नरेंद्र मोदी की मां हीराबा से मिले…

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां से रविवार सुबह मुलाकात की। अपने गुजरात दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति और उनकी पत्नी सविता कोविंद ने गांधीनगर के रायसन गांव स्थित आवास पर प्रधानमंत्री की मां हीराबा से मिले। हीराबा यहां अपने छोटे बेटे पंकज मोदी के साथ रहती हैं।

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री की मासिक रेडियो वार्ता ‘लोकवाणी’ में लगातार बढ़ रही है श्रोताओं की भागीदारी : तीसरी कड़ी में श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को दी ‘स्वास्थ्य तथा मातृ शक्ति’ पर केन्द्रित योजनाओं की जानकारी…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज ’स्वास्थ्य एवं मातृशक्ति’ पर आधारित मासिक रेडियो कार्यक्रम लोकवाणी के तीसरे प्रसारण की शुरूआत दाई-बहिनी, सियान-जवान, लइका जम्मो मन ला जय जोहार से की। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में इस सरल और सरस संबोधन के साथ पूरे वातावरण को सहज बना दिया। मुख्यमंत्री ने मासिक रेडियो वार्ता में छत्तीसगढ़ की संस्कृति में मातृशक्ति की पूजा की परम्परा का उल्लेख कर उनका नमन करते हुए अपनी बात की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री की मासिक रेडियो वार्ता ‘लोकवाणी’ का श्रोताओं से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इस कार्यक्रम में श्रोताओं की लगातार बढ़ रही भागीदारी ने इस कार्यक्रम को और अधिक उपयोगी बना दिया है। श्रोता सरकार की योजनाओं पर अच्छे फीडबैक के साथ महत्वपूर्ण सुझाव भी दे रहे हैं। लोकवाणी में माताओं-बहनों ने राज्य सरकार के सुपोषण अभियान की सराहना करते हुए इसे गर्भवती और शिशुवती माताओं के लिए बताया फायदेमंद बताया। खैरागढ़ में एक श्रोता से स्वास्थ्य सेवाओं के हाल और पोषण पुनर्वास केन्द्र के संचालन पर मिले फीडबेक पर मुख्यमंत्री लोकवाणी में ही कहा कि खैरागढ़ में 50 बिस्तर का अस्पताल खुलेगा और खैरागढ़ सहित पूरे प्रदेश में ‘पोषण पुनर्वास केन्द्रों’ के सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति देश-दुनिया तक विख्यात

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में कहा कि राज्य में हमारी सरकार आने के बाद यहां महिलाओं के हित तथा उत्थान पर विशेष ध्यान देते हुए पहली प्राथमिकता मातृशक्ति को दी गयी है। महिलाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में पहली बार तीजा तथा हरेली जैसे त्यौहारों में अवकाश घोषित किए गए। जिससे वे पूरे उत्साह तथा धूमधाम से पूरे परिवार के साथ खुशी-खुशी त्यौहार मनाएं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में त्यौहारों की एक समृद्ध श्रृंखला है। यहां हरेली, तीजा के बाद इसी माह क्वांर में नवरात्र पर्व भी उत्साह के साथ मनाया गया। प्रदेश के चारों ओर दंतेश्वरी मैया, बम्लेश्वरी मैया, चन्द्रहासिनी दाई, महामाया दाई और गांव-गांव में शीतला मैया, देवी के नौ स्वरूपों की धूमधाम से पूजा-अर्चना की गई। इस तरह गांव-गांव में रामलीला और आदिवासी अंचल बस्तर में दशहरा पर्व की छटा सहित छत्तीसगढ़ की विविध लोक संस्कृति देश-दुनिया तक विख्यात है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में यह जानकारी भी दी कि आगामी 27, 28 और 29 दिसंबर को राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विकासखण्ड स्तर पर प्रतियोगिता होगी। चुने हुए नृत्य दल जिला तथा राज्य स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। इससे ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा। महोत्सव में पूरे देश से आए आदिवासी नृत्य दलों का प्रदर्शन भी होगा, जो छत्तीसगढ़ को सांस्कृतिक तौर पर पूरे देश और दुनिया से जोड़ेगा।

गौठान दिवस के रूप में मनाया जाएगा गोवर्धन पूजा

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि त्यौहारों की इस श्रृंखला में शरद पूर्णिमा के अवसर पर रात में अमृत बरसेगा और यहां रामधुनी का कार्यक्रम लोगांे में उल्लास भरेगा। इसके बाद लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा, मातर, भाई-दूज आदि का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा। हमारे यहां गौरा-गौरी, गोवर्धन पूजा और मातर-भाईदूज के साथ पड़की-सुवा और राउत नाचा से दीवाली के रंग चटख होते हैं। इसलिए हमने गौरा-गौरी उत्सव और गोवर्धन पूजा को ’गौठान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। त्यौहारों का पूरा सिलसिला हमारी समृद्ध संस्कृति के स्मरण और उत्थान तथा हमारी मातृशक्ति को जागृत करता है। इस मातृशक्ति के सम्मान तथा नारी के उत्थान के लिए हमारी सरकार द्वारा महात्मा गांधी 150वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2019 को छत्तीसगढ़ में ’सुपोषण अभियान’ की शुरूआत की गई है।

कुपोषण दूर करने सहित जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है सुपोषण अभियान

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि सुपोषण अभियान बच्चों में कुपोषण दूर करने सहित गर्भवती माताओं तथा शिशुवती माताआंे के लिए बहुत फायदेमंद है। जच्चा और बच्चा का बेहतर स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 15 से 49 वर्ष की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित है। अठारह साल से, कम से कम 35 साल तक की उम्र तक आमतौर पर गर्भवती माताओं के रूप में महिलाओं को बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। यदि 15 से 49 वर्ष तक की महिलाओं में खून की कमी होगी, तो वे अपने परिवार की इस सबसे बड़ी जिम्मेदारी को कैसे निभा पाएंगे।

अगर माता ही कुपोषित है, खून की कमी की शिकार है तो वह किस प्रकार से स्वस्थ्य शिशु को जन्म देगी। यही वजह है कि पांच वर्ष से कम आयु के 37.5 प्रतिशत बच्चे कुपोषित रह जाते है। अर्थात् जिस नींव पर, जिस बुनियाद पर परिवार, प्रदेश और देश की ईमारत खड़ी होनी है, उस ईमारत को कमजोर छोड़कर कैसे मजबूत प्रदेश और मजबूत भारत की बातें कर सकते है। इसे ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा समुदाय की समुचित भागीदारी, स्थानीय जनता की रूचि और स्थानीय पोषण सामग्री के उपयोग पर बल दिया गया और पहले की पूरक-पोषण आहार देने की व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव कर प्रदेश भर में सुपोषण अभियान का यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम लागू किया गया है।

हर बसाहट तक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने लोकवाणी के प्रसारण में कहा कि प्रदेश में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य अधोसरंचना को मजबूत बनाया जा रहा है। जिन स्थानों में स्वास्थ्य अधोसंरचना उपलब्ध नहीं है, वहां के निवासियों को इलाज से वंचित न होना पड़े। इसके लिए हमने ’मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना’ तथा ’मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना’ की शुरूआत कर दी है।

इन दो योजनाओं के माध्यम से हम प्रत्येक बस्तियों और बसाहटों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, ताकि अस्पताल की सुविधाएं उन सभी लोंगो तक पहुंचा दी जाए, जो इससे छूट गए है। साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के लिए हमने बड़ा कार्यक्रम बनाया है, जिसके तहत प्रदेश में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 25 उप स्वास्थ्य केन्द्र और जगदलपुर, रायगढ़ जिला चिकित्सालय में ट्रामा यूनिट, बिलासपुर में बर्न यूनिट आदि के लिए बजट प्रावधान किए गए है। बिलासपुर तथा जगदलपुर मेडिलक कालेज में मल्टी स्पेश्यालिटी हास्पिटल की सुविधा दी जाएगी। हमारा लक्ष्य पूरे प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन करना है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि अस्पतालों में अमला बढ़ाने के लिए सैकड़ों नए पद स्वीकृत किए गए है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लगभग एक हजार 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हम वर्ष 2019 में 975 डाक्टरों की भर्ती पूरी कर लेंगे। इसके अलावा 687 स्टाफ नर्सों की भर्ती हो चुकी है और 941 की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इस तरह राज्य में चिकित्सा अमला तेजी से बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर सर्वभौम पी.डी.एस. और मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना का भी शुभारंभ किया गया। सर्वभौम पी.डी.एस. के माध्यम से सबको सस्ता अनाज, जरुरतमंदों को मिट्टी का तेल, आदिवासी अंचलों में नमक, चना, तथा बस्तर में गुड़ आदि सुचारु रुप से प्रदान करने की व्यवस्था की है। इतना ही नहीं शहरों में मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना शुरु करने का यह मकसद है कि नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत में होने वाले कार्यों के लिए जनता को मुख्यालय तक न जाना पड़े, बल्कि अपने वार्ड स्थित कार्यालय में सबकी समस्या का हल हो जाए।

मुख्यमंत्री ने लोकवाणी के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रोताओं की भावनाओं से अवगत हुए और उनके सवालों का सरल, सहज भाषा में जवाब भी दिया। इनमें दंतेवाड़ा के पटेलपारा से रमिता ने शासन के सुपोषण अभियान की खुले दिल से सराहना की। सीतामणी से श्रीमती सोनकुंवर चौहान ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को मातृ शक्ति तथा स्वास्थ्य के लिए प्रदेश में चलायी जा रही योजनाओं की प्रशंसा की। बिल्हा-बिलासपुर से रमऊराम जगत, जशपुर से अवधेश पंडा, बेमेतरा से वीरेन्द्र साहू के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कुपोषण और एनीमिया दूर करने, टीकाकरण सहित प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे कार्यो की विस्तार से जानकारी दी। श्री बघेल ने खैरागढ़ के मोहम्मद नासिर मेमन के सवाल के जवाब में बताया कि खैरागढ़ का पोषण पुनर्वास केन्द्र जल्द ही शुरु हो जाएगा और खैरागढ़ में 50 बिस्तर अस्पताल खोला जाएगा। साजा-बेमेतरा से गुलाब राम साहू, देवेन्द्र चंद्राकर, बलौदाबाजार से नोहर लाल साहू, रायपुर से उमेश बंजारे, रवि कुमार तथा गुणसागर प्रधान सहित अनेक साथियों के प्रश्नों का भी मुख्यमंत्री ने जवाब दिया।

हाई प्रोफाइल जिंदगी के शौक ने बनाया चोर, 6 लाख के सोने-चांदी के जेवर बरामद…

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 छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने चोरी के मामले में 5 युवकों को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी भिलाई सेक्टर क्षेत्र में 15 से 20 चोरियों को अंजाम दे चुके हैं। आरोपी चोरी के बाद सामान ज्वेलर्स को बेच दिया करते थे। इनके पास से पुलिस को 5 लाख के सोने के जेवर, 1 लाख के चांदी के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। 


इस मामले में मोनेश ठाकुर, राहुल ठाकुर, लीमेश ठाकुर, आलोक कतलम, मयंक ठाकुर नाम के युवक पकड़ में आए हैं। आरोपियों को हाई प्रोफाइल लाइफ स्टाइल पसंद थी। चोरी से आए पैसों की मदद से ब्रांडेड कपड़े और जूते खरीदा करते थे। नशे के लिए महंगी शराब पिया करते थे। इसी आदत ने चोरों को पुलिस तक भी पहुंचाया। आरोपी जब  शॉपिंग कर रहे थे तो इनकी जानकारी मुखबीर ने पुलिस को दी। रिसाली मार्केट से इन्हें पकड़ लिया गया। 

छग का पहला एस्ट्रोग्रास फुटबॉल स्टेडियम तैयार, आज लोकार्पण…

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वार्ड 49 सेक्टर-2 में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बने एस्ट्रोग्रास फुटबॉल और बॉस्केटबाॅल स्टेडियम का आज सीएम भूपेश बघेल लोकार्पण करेंगे। शाम 5.30 बजे से कार्यक्रम होगा। इसमें गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, मेयर देवंद्र यादव, सभापति पी. श्यामसुंदर राव और पार्षद रश्मि सिंह मौजूद रहेंगे। 

कोच राजेश पटेल के नाम हुआ स्टेडियम : इस स्टेडियम का नाम बॉस्केटबॉल कोच स्व. राजेश पटेल के नाम पर भिलाई निगम ने रखा है।

फ्लड लाइट की व्यवस्था:- निगम के अफसर बताते हैं इस स्टेडियम में फ्लड लाइट की व्यवस्था है। दिन और रात में भी फुटबॉल और बास्केटबॉल मैच हो सकेंगे। इसके लिए से-2 की पार्षद रश्मि सिंह ने दो साल पहले प्रस्ताव बनाया था। शनिवार को कार्यक्रम का जायजा लेने मेयर देवेंद्र यादव स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने अफसरों की बैठक भी ली। 

निकाय चुनाव में पार्षद चुनेंगे महापौर; मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली में खराबी क्या…

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 मध्य प्रदेश की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी निकाय चुनाव के दौरान महापौर (मेयर) का चुनाव पार्षद कर सकते हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को बयान दिया कि अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली में कोई खराबी नहीं है। मंत्रिमंडल की उपसमिति गठित की गई है। समिति की अनुशंसा के आधार पर फैसला लिया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान का जहां कांग्रेस ने स्वागत किया है, वहीं भाजपा और छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जेसीसीजे) विरोध में खड़े हो गए हैं। 

भाजपा बोली- सीएम जुबान से मुकरे, अमित जोगी ने कहा- पार्षदों के खरीद फरोख्त की आशंका

  1. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस फैसले का विपक्षी पार्टियों ने विरोध शुरू कर दिया है। जेसीसीजे के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने तो निकाय चुनाव में प्रत्यक्ष प्रणाली खत्म करने की आशंका के चलते पहले ही बयान दे दिया था। उन्होंने कहा कि दलबदल कानून के प्रावधानों को निकाय के जन प्रतिनिधियों पर भी लागू किया जाए। 
  2. जोगी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने अाशंका जताई है कि अप्रत्यक्ष चुनाव के कारण पार्षदों की खरीद फरोख्त भी की जा सकती है। वहीं भाजपा सांसद सुनील सोनी ने भी कहा कि सीएम बघेल अपने ही जुबान से मुकर गए हैं। पहले फैसला कुछ और लिया गया था। दूसरी ओर पूर्व मेयर और कांग्रेस नेता किरणमयी नायक ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है। उनके मुताबिक सीएम बघेल का ये फैसला सराहनीय कदम है। 

पीएम आवास अधूरा, पत्थर पर सो रहे पहाड़ी कोरवा…

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 विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा प्रधानमंत्री आवास योजना से भी पूरी तरह से लाभान्वित नहीं हो पाए। इनके नाम पर भवन तो बने हैं पर भवन की गुणवत्ता ऐसी है कि कोरवाओं को फिर से झोपड़ी बनाना पड़ रहा है। पीएम आवास के मकान की दीवार खड़ी कर और छत ढालकर खड़ी कर पहाड़ी कोरवाओं को दे दिया गया। नतीजा पक्के मकान में भी पहाड़ी कोरवा या तो पत्थर या कच्चे जमीन पर सो रहे हैं।  यह हाल पहाड़ी कोरवा बाहुल्य गांव हर्रापाठ की है।

हर्रापाठ में जशपुर सन्ना मुख्य मार्ग के किनारे ही पहाड़ी कोरवाओं की बस्ती है। इस बस्ती में लगभग 20 पहाड़ी कोरवा रहते हैं। बस्ती में पहाड़ी कोरवाओं के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए मकान बनाए गए हैं। बरसात से पहले ही नए मकान बनाकर इन्हें दिया गया पर कोरवा इसका उपयोग नहीं कर पर रहे हैं। उनका पुराना घर टूट चुका है। ऐसी दशा में कोरवाओं को बारिश से बचने के लिए नए मकान की एक दीवार का उपयोग कर झोपड़ी बनानी पड़ी है। कोरवाओं ने बताया कि फर्श का काम अभी पूरा नहीं हो पाया है। 

 विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए जिले भर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण का काम 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है। विभागीय रिकार्ड बताते हैं कि कुल स्वीकृत आवास में से सिर्फ 22 मकान पूरी तरह नहीं बन सके हैं। पर हकीकत इससे अलग है। कोरवाओं का मकान आधा अधूरा बनाकर उन्हें सौंप दिया गया है और उनके खाते से पूरे पैसे निकाल लिए गए हैं। 

पहाड़ी कोरवाओं के सरदार एतवा राम का कहना है कि गांव के सरपंच ने सभी कोरवाओं का मकान बनाया है। उनके बैंक खाते से पैसे भी सरपंच द्वारा ही निकाले गए हैं। सरपंच ने हमें मकान बनाकर दे दिया और कहा कि शासन ने इतना ही बनाने को कहा है।

भीड़ का सीजन और 23 ट्रेनें अाज से 21 तक रास्ते में कैंसिल…

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ट्रेनों में बेइंतहा भीड़ है, एक-एक सीट के लिए मारामारी के हालात हैं, उधर रेलवे ने ऐन वक्त पर राजधानी से कुछ दूर हथबंद स्टेशन में लूप लाइन का काम शुरू कर दिया है। इस वजह से कई प्रमुख ट्रेनें रविवार यानी कल से 21 अक्टूबर तक 23 ट्रेनों को बीच रास्ते में यानी गंतव्य स्टेशनों से पहले ही कैंसिल कर दिया है। अधिकांश ट्रेनें रायपुर से बिलासपुर के बीच रद्द की गई हैं।

इनमें सारनाथ एक्सप्रेस, साउथ बिहार, गोंदिया-बरौनी, दुर्ग-अंबिकापुर, बिलासपुर-तिरुपति, हापा-बिलासपुर और लखनऊ-रायपुर गरीब जैसी ट्रेनें हैं। कैंसिल होने का परिणाम यह होगा कि इन ट्रेनों को पकड़ने के लिए रायपुर के लोगों को बिलासपुर या उसलापुर जाना होगा। वहां से रायपुर, दुर्ग व गोंदिया अाने वालों के लिए भी इतनी ही मशक्कत होगी। 

कुछ ट्रेनें एक-दो दिन रहेंगी रद्द

  •  हैदराबाद-रक्सौल 17 अक्टूबर को और विपरीत दिशा से अाने वाली ट्रेन 20 अक्टूबर को रद्द रहेगी। 
  •  सिकंदराबाद-दरभंगा 15 एवं 19 अक्टूबर और दरभंगा-सिकंदराबाद 15 एवं 18 अक्टूबर को रद्द रहेगी।
  •  सिकंदराबाद-बरौनी एक्सप्रेस 13 एवं 20 अक्टूबर और विपरीत दिशा की ट्रेन 16 एवं 23 को रद्द रहेगी। 
  •  टाटा-एलटीटी 13 एवं 17 को और एलटीटी-टाटा एक्सप्रेस 15 एवं 19 अक्टूबर को कैंसिल की गई है। 
  •  रायपुर-गेवरारोड मेमू की अाने-जाने वाली दोनों ट्रेनें रविवार यानी कल से अगले आठ दिन नहीं चलेंगी। 
  •  इतवारी-बिलासपुर इंटरसिटी की जाने और अाने वाली दोनों ही ट्रेनें अगले सात दिन तक रद्द की गई हैं।

ट्रेनें की जाएंगी रीशिड्यूल : कोरबा–रायपुर हंसदेव एक्सप्रेस को एक घंटे की देरी से छोड़ने का प्लान है। साथ ही बिलासपुर-रायपुर के बीच इस ट्रेन को 14 से 21 अक्टूबर तक पैसेंजर बनकर चलेगी। अमृतसर-बिलासपुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस रायपुर व बिलासपुर के बीच 14 से 20 अक्टूबर तक पैसेंजर के रूप में चलाई जाएगी। विशाखापट्टनम-कोरबा एक्सप्रेस भी इस दौरान रायपुर-बिलासपुर के बीच पैसेंजर बनकर चलेगी।

छत्तीसगढ़ – प्रदेश में पार्षद ही चुनेंगे मेयर और अध्यक्ष; सीएम भूपेश ने बनाई तीन मंत्रियों की कमेटी…

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अब छत्तीसगढ़ में पार्षद ही महापौर, पालिकाध्यक्ष तथा नपं अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। चुनाव प्रक्रिया में बदलाव के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीन मंत्रियों की उपसमिति गठित कर दी है। मंत्रिमंडलीय उपसमिति 15 अक्टूबर तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति की अनुशंसा के आधार पर फैसला लिया जाएगा।


22 अगस्त को आैर एक दिन पहले ही इस संबंध में खबर प्रकाशित की थी। सीएम बघेल ने इस खबर पर लगभग मुहर लगा दी है, लेकिन अंतिम निर्णय तीन मंत्रियों रविन्द्र चौबे, मोहम्मद अकबर आैर शिव डहरिया की उपसमिति की रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा। खबर है कि सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के बीच इस मामले में प्रारंभिक चर्चा हो चुकी है। सीएम भूपेश, महापौर अथवा अध्यक्ष के सीधे निर्वाचन प्रक्रिया को बदलने के संकेत पहले ही दे चुके हैं। अब मंत्रियों की समिति की रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट में इस पर फैसला लिया जाएगा। इसके बाद प्रदेश सरकार अध्यादेश लाएगी। गौरतलब है कि अविभाजित मध्यप्रदेश में 1994 में महापौर-अध्यक्षों का निर्वाचन पार्षदों के जरिए होता था। इसके बाद व्यवस्था बदली और फिर 1999 में महापौर और अध्यक्ष के सीधे चुनाव होने लगे।

इस तरह के चुनाव में कोई खराबी नहीं : अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली में कोई खराबी नहीं है। जिला पंचायत में इसी तरह से चुनाव होते हैं। इसके लिए तीन मंत्रियों की मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की है। – भूपेश बघेल, मुख्यमंत्री
 

कांग्रेस को हार का डर सता रहा है : इस फैसले के द्वारा कांग्रेस सत्ता का दुरुपयोग करेगी। यह जनता के निर्णय को बदलने की साजिश है। कांग्रेस पीछे के दरवाजे से महापौर बनाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस को पराजय का डर है, इसके बाद भी लड़ाई तो हम लड़ेंगे।-डॉ. रमन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री

सर्वे की हकीकत जानने बनाई कमेटी : प्रदेश सरकार के पास एक सर्वे रिपोर्ट आई है, जिसमें यह कहा गया है कि गांव के लोग तो सरकार से खुश हैं, लेकिन शहरी मतदाताआें में नाराजगी है। इसी रिपोर्ट की हकीकत जानने के लिए तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई गई है। हाल ही में सरकार के कुछ चुनिंदा मंत्रियों के बीच सीएम हाउस में हुई बैठक में ही यह तय किया गया है कि इस बार चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से की जाएगी। 


यह होगा असर : अप्रत्यक्ष तरीके से चुनाव होने पर यदि पार्षदों की संख्या में ज्यादा अंतर हुआ तो आसानी से मेयर या अध्यक्ष चुन िलया जाएगा। लेकिन यदि पार्षदों की संख्या का अंतर कम हुआ तो धनबल आैर बाहुबल का जोर भी चल सकता है। इससे कथित खरीद-फरोख्त की राजनीति को भी बढ़ावा मिलने की आशंका है।