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प्याज का ट्रक लूटने आए बदमाश, ड्राइवर की गोली मारकर हत्या

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पंजाब के बठिंडा में प्याज लूट का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां बदमाशों ने नासिक से 30 टन प्याज लेकर आए एक ट्रक ड्राइवर को गोली मार दी. जिससे उसकी मौत हो गई. बदमाशों ने ड्राइवर पर तेजधार हथियार से भी हमला किया था. सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है. ट्रक मालिक की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.

प्याज से भरे ट्रक पर हमला

प्याज के दाम बढ़ने से आम जन परेशान हैं लेकिन शातिर बदमाश इस बात का फायदा उठाना चाहते हैं. इसी की ताजा मिसाल बठिंडा में देखने को मिली. जहां महाराष्ट्र के नासिक से प्याज लेकर आ रहे प्याज से भरे ट्रक पर अज्ञात बदमाशों ने धावा बोल दिया. पहले रामपुरा फूल और लुधियाना में सुबह करीब 3 बजे ट्रक के आगे ट्रक लगाकर रोकने की कोशिश की गई.

ट्रक ड्राइवर का मर्डर

जब प्याज के ट्रक ड्राइवर ने ट्रक नहीं रोका तो बदमाशों ने धीमी गति होते ही ट्रक ड्राइवर पर तेजधार हथियारों से हमला बोल दिया. ट्रक का मालिक भी ट्रक के अंदर ही सो रहा था. ड्राइवर के शोर मचाने पर वो जागा तो हमलावर वहां से भाग निकले. इसके बाद घायल ट्रक ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया गया. जहां उसने दम तोड़ दिया.

पुलिस जांच में जुटी

यह घटना बादल गांव की तरफ जाने वाले रेलवे ब्रिज के पास लाडली चौक पर हुई. ट्रक ड्राइवर की पहचान बनवारीलाल के रूप में हुई है. पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस पता लगा रही है कि क्या ड्राइवर का कत्ल सचमुच प्याज का ट्रक चोरी करने के लिए ही किया गया. या फिर कहानी कुछ और है.

छत्तीसगढ़ : जमाखोरी पर छापेमारी किया तो चुटकियों में गिरने लगे प्याज के दाम

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जमाखोरों के खिलाफ हुई छापामार कार्रवाई के बाद अब गोदामों से प्याज निकलने लगे हैं और इनकी लगातार बढ़ रही कीमतों में गिरावट आने लगी है। बताया जा रहा है कि पांच दिनों में प्याज के भाव 1500 रुपये प्रति क्विंटल गिर गए हैं और चिल्हर में भी 15 रुपये किलो सस्ती होकर 40 रुपये किलो से नीचे आ गई है।

कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में और गिरावट के आसार बने हुए हैं। गौरतलब है कि ऊपरी मंडी से ही पिछले दिनों प्याज की जमाखोरी में तेजी आनी शुरू हो गई थी। इसके असर से ही इसकी कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और प्याज के दाम 60 रुपये किलो से भी अधिक हो गए थे, लेकिन इसके बाद प्रशासन की सख्ती के चलते प्याज व्यापारियों के ठिकानों पर दबिश दी गई। इससे प्याज की कीमतों में गिरावट शुरू हो गई।

थोक मार्केट में ही प्याज इन दिनों 2700-3200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका।जमाखोरी के कारण बाजार में प्याज की कीमतें तो बढ़ी ही थीं लेकिन मध्यमवर्गीय उपभोक्ता भी परेशान हो उठा था। उसका पूरा बजट प्याज के दामों के बढ़ते आंकड़ो से प्रभावित हुआ।

सस्ते टमाटर के लिए कुछ दिन का और इंतजार-

सब्जी कारोबारियों का कहना है कि टमाटर की भी नई आवक शुरू होने को है। उम्मीद की जा रही है कि अगले दस दिनों में इसकी नई आवक शुरू हो जाएगी और नई आवक शुरू होते ही टमाटर की कीमतों में गिरावट आने लगेगी। अभी की स्थिति में बेंगलुरू से आने वाले टमाटर की आवक काफी कम है। साथ ही लोकल टमाटर भी नहीं आ पा रहे हैं। इसके चलते ही कीमतों में गिरावट है।

दूसरी सब्जियां भी हुईं महंगी

प्याज और टमाटर के साथ ही इन दिनों दूसरी सब्जियों पर भी तेजी का असर दिखने लगा है। गोभी 60 रुपये किलो, बरबट्टी 40 रुपये किलो, भिंडी 40 रुपये किलो, कुम्हड़ा 20 रुपये किलो, लौकी 20 रुपये किलो तक बिक रही है।

रायपुर में अब रात “10.30” बजे बाद नहीं सुनाई देगा डीजे का शोर

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ध्वनि प्रदूषण को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। रात साढ़े 10 बजे के बाद यदि किसी ने शोर मचाया तो कार्रवाई होगी। इसके अलावा दिन में भी निर्धारित मानक से तेज आवाज में बजाने सामग्री जब्त होगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई, वृद्धाओं, निशक्तजनों, रोगियों की बाधा एवं परित्रास तथा लोग शांति को ध्यान में रखते जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण की मॉनिटरिंग के लिए पांच दल गठित किया है।

जिला प्रशासन ने इस संबंध में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए पांच निरीक्षण दल का गठन किया है। इसके तहत रायपुर जिले के सीमा के अंतर्गत पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग को प्रतिबंधित किया गया है। इसके तहत मल्टी टोंड हॉर्न और प्रेशर हॉर्न तथा डीजे के प्रयोग करने पर उनके जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के लिए यह दल करेगा काम

रायपुर शहर के लिए पांच दल बनाए गए हैं। इनमें अनुविभागीय दंडाधिकारी प्रणव सिंह, राजीव पांडेय, संदीप अग्रवाल, अंकिता गर्ग और पूनम शर्मा के नेतृत्व में अपनी-अपनी थाना क्षेत्रों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराएंगे । इसके अलावा अनुविभागीय दंडाधिकारी आरंग और अभनपुर अपने क्षेत्रों में प्रदूषण अधिनियम के नियमों का पालन कराएंगे।

इस नियम के तहत होगी कार्रवाई

कोलाहल अधिनियम 1985 की धारा चार और धारा पांच के तहत सख्ती होगी। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण के संबंध में माननीय सुप्रीम कोर्ट और छत्तीसगढ़ राज्य की आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा पर्यावरण एवं जनहित में दिए गए निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील और अनुरोध किया है कि वे अपने पर्यावरण की रक्षा और ध्वनि प्रदूषण से नागरिकों को बचाने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन करने में सहयोग करें।

ध्वनि विस्तारक यंत्रो का उपयोग निर्धारित मानकों में करने के लिए निर्देश दिया गया है। मामले में शिकायत आने पर निगरानी दल कार्रवाई करेगा। – डॉ.एस. भारतीदासन, कलेक्टर, रायपुर

छत्तीसगढ़ : 58 विभागों में धूम्रपान किया तो पटाना होगा जुर्माना

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राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले को तंबाकू मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिले के सभी शासकीय व अशासकीय विभाग मिलाकर 58 विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी, कर्मचारियों के साथ आने वाले लोग जो सिगरेट का सेवन करते पाए जाते हैं, उन पर कार्रवाई करेंगे।

कलेक्टर डॉ. संजय अलंग ने सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम कोटपा 2003 के प्रावधानों के तहत सहायक नोडल अधिकाकियों का चयन किया है। जो सिगरेट एवं तंबाकू उत्पाद का उपयोग करने वालों पर कार्रवाई करते हुए 200 रुपये जुर्माना वसूलेंगे। गैर संचारी रोग के नोडल अधिकारी डॉ. केके जायसवाल ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले के सभी शासकीय व अशासकीय कार्यालय को धूम्रपान मुक्त बनाना है। इसके तहत ही कड़ाई से नियमों का पालन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसके लिए चालानी कार्रवाई करते हुए तंबाकू मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। इसी तरह सार्वजनिक क्षेत्र में धूम्रपान करने वालों पर भी चालानी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए भी टीम तैयार कर लिया गया है, जो सार्वजनिक स्थलों पर सिगरेट पीने वालों पर कार्रवाई करेगी। वहीं ऐसे संस्थान, जो सिगरेट पीने के लिए लाइटर, एस ट्रे आदि उपलब्ध कराते हैं, उन पर भी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

बाक्स

15 दिन में देनी होगी जानकारी

कलेक्टर ने साफ निर्देशित किया है कि हर विभाग में की जाने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट हर 15 दिन में देना होगा। इसके लिए सभी विभाग के नोडल अधिकारियों को 15 दिन की कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। इसकी समीक्षा करते हुए आगे की रूपरेखा का निर्धारण करते हुए तंबाकू मुक्त जिला बनाया जाएगा।

वर्जन

तंबाकू मुक्त जिला बनाने के लिए विभागों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। कुल 58 विभागों में नोडल अधिकारी बनाए गए हैं, जो धूम्रपान करने वाले कर्मचारियों के साथ ही आने वाले लोगों पर 200 रुपये चालानी कार्रवाई करेंगे।

डॉ. केके जायसवाल, नोडल अधिकारी, कोटपा एक्ट

राजनांदगांव : मां बमलेश्वरी के दर्शन करने आया युवक पहाड़ी से नीचे गिरा, हालत गंभीर

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डोंगरगढ़ स्थित मां बमलेश्वरी मंदिर में दर्शन करने आया एक युवक सेल्फी लेने के दौरान पहाड़ी से फिसलकर नीचे गिर गया। घटना में युवक को गंभीर चोट आई है और उसे उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को हिर्री थाना क्षेत्र के ग्राम खैरा का रहने वाला रामखिलावन साहू अपनी पत्नी और बेटी के साथ मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन करने आया था। इसी दौरान वह पहाड़ी पर घूमते हुए सेल्फी ले रहा था।

पहाड़ी नजारों को देखते-देखते युवक का ध्यान ही नहीं रहा और उसका पैर फिसल गया। वह पहाड़ी से सीधे नीचे गिरने लगा। बेहद ऊंचाई से गिरने के बाद युवक घने जंगलों में फंस गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर परिषर में हड़कंप मच गया।

वहां ड्यूटी पर तैनात जवानों ने मौजूद लोगों की मदद से युवक को खोजना शुरू किया। घने जंगलों में उसकी तलाश करना मुश्किल हो रहा था। इसके बाद पुलिस के कुछ जवान रस्सी के सहारे नीचे पहुंचे और जंगलों के बीच से युवक को बाहर निकाला। इसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे में युवक को गंभीर चोटें आई हैं।

बता दें कि डोंगरगढ़ में करीब 700 फीट ऊंची पहाड़ी के तल पर मां बमलेश्वरी देवी का मंदिर स्थित है। पहाड़ी के ऊपर से नजारा बेहद आकर्षक नजर आता है और इसी नजारे के साथ तस्वीरें कैमरे में कैद करने की होड़ में अक्सर यहां हादसे होते रहते हैं। इस हादसे के बाद से मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा चाक चौबंद कर दिया गया है। जगह-जगह पुलिस कर्मी तैनात हैं और लोगों को पहाड़ी पर इधर-उधर विचरण न करने की हिदायत दी जा रही है। इसके बावजूद लोग सेल्फी के चक्कर में ऐसी खतरनाक जगहों पर चले जाते हैं और बड़े गंभीर हादसे हो जाते हैं।

भिंडी खाने से होते हैं ऐसे फायदे जिसे जानकर हो जायेंगे आप भी हैरान

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भिंडी की सब्ज़ी ज्यादातर लोगों को बहुत ज्यादा पसंद होती है। भारत में इसे कई तरह से बनाया जाता है। भरवां भिंडी, भिंडी की भुजिया, भिंडी मसाला और अचारी भिंडी इसके कई प्रकार है।

भिंडी सिर्फ स्वाद में ही शानदार नही होती है, बल्कि ये सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। इसमें प्रोटीन, वसा, रेशा, कार्बोहाइट्रेड, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम और कॉपर बहुत मात्रा में पाया जाता है। आइये जानते हैं कि भिंडी आपकी सेहत को कितने ढंग से हमे फायदे पहुंचाती है।

मस्तिष्क के लिए अच्छी –

भिंडी में फॉलेट और विटामिन बी9 जैसे बहुत से पोषक तत्व होते हैं। ये पोषक तत्व मस्तिष को उसके काम अच्छी तरीके से करने में बहुत ही मददगार साबित होते हैं।

वज़न घटाए –

आपको शायद अंदाज़ा भी नहीं होगा कि आपकी फेवरेट सब्ज़ी भिंडी आपका वज़न घटाने में भी आपकी बहुत मदद कर सकती है। दरअसल, भिंडी में बहुत कम कैलोरी और बहुत ज्यादा फाइबर होता है। यानी आपका पेट भर जाता है लेकिन कैलोरी ज्यादा नहीं लेनी पड़ती। 100 ग्राम भिंडी में मात्र 33 कैलोरी होती है।

डायबिटीज़ कंट्रोल करे –

डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए भिंडी बहुत अच्छी सब्ज़ी साबित होती है। दरअसल, फाइबर से भरपूर भिंडी पाचन तंत्र में शुगर अवशोषण की दर को नियंत्रित कर ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने में बहुत सहायक है। वहीं भिंडी के एंटी डायबिटिक गुण एंजाइम मेटाबोलिज्म कार्बोहाइड्रेट को कम करने और इंसुलिन का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी बहुत अच्छे माने जाते हैं।

दिल के रोगों से बचाव –

दिल के रोग इन दिनों बहुत ही आम हो गए हैं। भिंडी आपको इन रोगों से बचाव प्रदान करती है। इस में मौजूद पेक्टिन घुलनशील फाइबर बॉडी में कोलेस्ट्रॉल कम करने में बहुत ही मदद करता है जिससे दिल की बीमारियों से बचाव होता है। इसका करसेटिन (quercetin) तत्व कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण रोकने में बहुत मदद करता है, जिससे दिल बहुत स्वस्थ रहता है।

दूध वाली चाय पीने के हैं शौक़ीन, तो हो जाएँ सावधान, हो सकती हैं ये परेशानियां

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बहुत सारे लोग ऑफिस में दिन भर चाय लेते रहते है, यहां तक की उपवास में भी चाय लेते रहते है। चाय के सेवन करने से शरीर में मौजूद विटामिन्स बहुत जल्द खत्म होते हैं।

इसके सेवन से स्मरण शक्ति में भी बहुत दुर्बलता आती है। आइएं इसके बुरे प्रभावों के बारे में जानें।।
1-दूध से बनी चाय का सेवन पाचन क्रिया पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है और यदि आप इसके साथ कुछ नमकीन खा रहे हैं तो उससे बुरा और कुछ भी नहीं। इससे त्वचा रोग भी होते है।

2-चाय में कैफीन बहुत ज्यादा मात्रा में होता है जो खून को दूषित करने के साथ शरीर को बहुत कमजोर भी करता है।

3-जो लोग चाय बहुत पीते है उनकी आंतें बहुत जल्द खराब हो जाती है और कब्ज घर कर जाती है।

4-चाय पीने से खून गन्दा हो जाता है और चेहरे पर लाल फुंसियां भी निकल आती है।

5-चाय पीने से कैंसर तक होने की संभावना भी बहुत ज्यादा रहती है।

6-रेलवे स्टेशनों या टी स्टालों पर बिकने वाली चाय का सेवन यदि न करें तो यह बेहतर होगा क्योंकि ये बर्तन को साफ किए बिना कई बार इसी में चाय बनाते रहते हैं जिस कारण कई बार चाय बहुत ज्यादा विषैली हो जाती है।

7-भूलकर भी ज्यादा देर तक थर्मस में रखी चाय का सेवन कभी भी न करें।

8-चायपत्ती को कम उबालें तथा एक बार चाय बन जाने पर इस्तेमाल की गई चायपत्ती को जरूर फेंक दें।

9-चाय के हर कप के साथ एक या अधिक चम्मच शक्कर ली जाती है जो बहुत ज्यादा वजन बढाती है।

10-चाय से भूख मर जाती है, दिमाग सूखने लगता है और नींद भी बहुत कम हो जाती है।

राहुल गांधी को होना पड़ सकता है कोर्ट में पेश, ‘मोदी’ उपनाम को लेकर दिया था आपत्तिजनक बयान

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मोदी उपनाम को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है। राहुल गांधी ने इस साल लोकसभा चुनाव में एक रैली के दौरान मोदी उपनाम को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था और उस बयान की वजह से उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है और इसी मामले में गुरुवार को सूरत न्यायालय में उन्हें पेश होना पड़ सकता है।

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान अप्रैल में कोलार में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर राफेल विमान डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा था, ”मेरा एक सवाल है, सभी चोरों के नाम में मोदी क्यों लगा होता है, चाहे वह नीरव मोदी हो या नरेंद्र मोदी? हम यह नहीं जानते की और ऐसे कितने मोदी निकलकर सामने आएंगे।”

राहुल गांधी ने अपने इस बयान के जरिए लोकसभा चुनाव प्रचार में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाना चाहा था और केंद्र सरकार पर राफेल विमान सौदे में बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। लेकिन देश की जनता ने राहुल गांधी के इस प्रचार में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई और एक बार फिर से मोदी सरकार के पक्ष में मतदान कर नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनाया।

कुत्तों को घुमा रहे शख्स पर अचानक गिरी बिजली, फिर ऐसे बची जान, देखें VIDEO

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सोशल मीडिया (Social Media) पर एक वीडियो वायरल (Viral Video) हो रहा है. जिसमें एक शख्स सड़क पर अपने कुत्तों (Dogs) को घुमा रहा था, तभी अचानक उसके ऊपर बिजली (Struck by Lighting) गिर गई. बिजली गिरते ही शख्स बेहोश हो गया और कुत्ते उसे छोड़कर भाग गए. गनीमत ये रही है कि वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उसे समय से अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई.

ये घटना अमेरिका (America) के टेक्सास (Taxas) की है. यहां एलेक्स कोरेस (Alex Coreas) नाम का एक शख्स तीन अक्टूबर को स्टुब्नर एयरलाइन पशुचिकित्सक अस्पताल के पास अपने तीन कुत्तों को घुमा रहा था. उसी दौरान बिजली कड़की और वह उसकी चपेट में आ गया. बिजली कोरेस के जूते और मोजे पर गिरी.

बिजली गिरते ही डरकर भागे कुत्ते
ये पूरा मामला वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गया. CCTV वीडियो में देखा जा सकता है कि एलेक्स बिजली गिरते ही सड़क पर मुंह के बल गिर जाता है और कुत्ते डरकर भाग जाते हैं. एलेक्स सड़क पर बेहोश पड़ा था, तभी वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने उसे सीपीआर दिया और तुरंत अस्पताल लेकर गए.

वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा शेयर
एलेक्स कोरेस अस्पताल में भर्ती है. फिलहाल उसकी हालत ठीक है. उसके कुत्तों को भी पास के जंगल से ढूंढ लिया गया. इस वीडियो को देखकर लोग हैरान और सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.

फल ही नहीं छिलका भी है कारगर, कई रोगों से उभरने में करता है मदद

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मिनरल्स से भरपूर सेब को छिलके समेत खाने से आप दैनिक मिनरल्स की जरूरतों को अवश्य पूरा कर सकते हैं। सेब के छिलके में कैल्शियम, पोटैशियम, फास्फोरस, फोलेट और आयरन जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स पाए जाते हैं।

आपका शरीर इन कैल्शियम और फास्फोरस जैसे मिनरल का प्रयोग हड्डियों और दांतों को बहुत मजबूत बनाने में करता है। सेब के छिलके में हाई बीपी से मुकाबला करने के लिए जरूरी रसायनिक तत्वों की छह गुना मात्रा तक इसमें मौजूद होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि रोजाना एक सेब छिलका समेत खाते रहने से हाई बीपी में बहुत ही आराम मिलता है।

दिल के लिए लाभकारी-

समय से सेब के छिलके को एंटीऑक्सिडेंट और फ्लेवानोइड्स का बहुत ही प्राकृतिक स्रोत माना जाता रहा है। जो दिल के लिए बहुत अच्छा माना जाता हैं। शोध अनुसार, सेब का छिलका उतारने का मतलब दिल को होने वाले फायदे से उन्हें वंचित करना है।

कोलेस्ट्रॉल कम करें-

छिलका सहित सेब खाना स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें खनिज, विटमिन और रेशा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो कमजोरी में भी बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही सेब के छिलके में पैक्टिन नामक रसायन पाया जाता है जो कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा का स्तर बहुत कम रखता है।

एग्रीकल्चर एंड एग्रो फूड संस्थान-

कनाडा के वैज्ञानिकों के अनुसार, छिलके में भीतरी हिस्से की अपेक्षाकृत एंटी-आक्सिडेंट्स की मात्रा बहुत ज्यादा पाई जाती है, इसलिए सेब खाते समय उसका छिलका उतारकर नहीं बल्कि छिलके सहित खाना बहुत ज्यादा फायदेमंद है। सेब के लाल छिलके में ‘एंटी-ऑक्सिडेंटस’ की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। एंटी-ऑक्सिडेंट्स ऐसे रसायन हैं, जो स्वास्थ्य को अच्छा एवं रोगमुक्त बनाने में बहुत ही अहम भूमिका निभाते हैं।

सेब के छिलकों में विटमिन ए भरपूर मात्रा में होता है। सेब को छिलकों समेत ही खाना चाहिए क्योंकि शरीर विटमिन ए का इस्तेमाल मजबूत नजर, आंखों के विकास और महत्वपूर्ण प्रकियाओं जैसे कोशिका विभाजन के रूप में करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस के अनुसार, सेब के छिलके में विटमिन सी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। आपका शरीर विटमिन सी का इस्तेमाल घावों को भरने और मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के उचित निर्माण के लिए करता है।