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बिहार में बाढ़ पर नेताओं के बयान आपको कर देंगे हैरान

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लगातार भारी बारिश के चलते पूरा बिहार इस वक्त बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार और उनके मंत्री मदद करने के बजाए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। इसी कड़ी में नीतीश सरकार में कृषि मंत्री ने भी विवादित बयान दिया है। कृषि मंत्री प्रेम सिंह ने बिहार में आए बाढ़ का जिम्मेदार कांग्रेस और आरजेडी को ठहराया है। वहीं सीएम नीतीश कुमार ने भी बाढ़ का ठीकरा खराब मौसम पर फोड़ा था। इनके अलावा मोदी सरकार में मंत्री अश्विनी चौबे ने बाढ़ को हथिया नक्षत्र का प्रकोप बताया था।विपक्ष को बाढ़ के लिए ठहराया जिम्मेदार

बिहार राज्य के कृषि मंत्री प्रेम सिंह ने राज्य में आई जबरदस्त बाढ़ के लिए कांग्रेस और आरजेडी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ‘आजादी के बाद से कांग्रेस व आरजेडी ने बिहार में राज किया। यही वजह है कि बिहार में आज ऐसे हालात हैं। इसके लिए पूरी तरह से विपक्ष ही जिम्मेदार है। ‘

केसी त्यागी भी ने दिया था ये अजीब बयान

बिहार में बाढ़ को लेकर जब जनता दल यूनाइटेड ( जेडीयू ) के प्रधान महासचिव केसी त्यागी से सवाल किया गया तो वो भड़क गए। और उन्होंने सवाल के जवाब में सवाल पूछते हुए कहा कि ‘अमेरिका में बाढ़ के लिए कौन जिम्मेदार है, मिडिल ईस्ट में बाढ़ के लिए जिम्मेदार है, मुंबई महानगर पालिक का बजट 70 हजार करोड़ है, लेकिन वहां भी बाढ़ के हालात बने हुए हैं। अगर बाढ़ को मुद्दा बनाकर सीएम नीतीश को असफल कहा जा रहा है तो सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए’।

सीएम ने मौसम को बताया था जिम्मेदार

सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के मौजूदा हालात के लिए क्लाइमेट चेंज को जिम्मेदार ठहराया है। सीएम ने कहा कि पहले सूखा और उसके बाद अचानक आई भारी बारिश से बिहार में ऐसे हालात हो गए हैं। जुलाई के महीने में प्रदेश के 12 से 13 जिलों में बाढ़ आई थी। जिससे गंगा का जलस्तर बढ़ गया। इसके बाद अचानक हुई भारी बारिश से राजधानी पटना के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है।

बाढ़ से बेहाल पटना के हाल पर पसीजा 9 साल की बच्‍ची का दिल, गुल्लक फोड़ मदद के लिए दिये 11 हजार रुपये

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 बिहार की राजधानी पटना समेत सूबे के कई इलाके बाढ़ में डूबे हैं। इस विपदा की घड़ी में जिससे जो बन पा रहा है वो मदद कर रहा है। जन-जीवन समान्‍य होने में अभी वक्‍त लगेगा। जिला प्रशासन, राजनीतिक दल और स्वयंसेवी संगठन के लोग लगातार राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं। कोई पैसे से तो खाने से, मदद लेकर बाढ़ पीड़ितों के बीच जा रहा है। इसी बीच समस्तीपुर की एक मासूम बच्ची ने अपने गुल्लक को फोड़ उसमें जमा 11 हजार रुपये लेकर लोगों की मदद के लिए पटना पहुंच गई है। बच्‍ची का नाम सिद्धि श्रेया है और उसकी उम्र 9 साल है। विस्‍तार से जानिएपूर्व सांसद के पास पैसे लेकर पहुंची बच्‍ची

जानकारी के मुताबिक समस्तीपुर की रहने वाली सिद्धि श्रेया ने जलजमाव से पीड़ित राजधानी पटना के लोगों की मदद के लिए गुल्लक में जमा 11 हजार रुपये पूर्व सांसद पप्पू यादव को सौंपे। पप्पू यादव ने सिद्धि श्रेया की फोटो को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है और उसका आभार जताया है।

क्‍या कहा पप्‍पू यादव ने

पप्पू यादव ने अपने फेसबुक वॉल पर एक वीडियो के साथ पोस्ट डाला है। वीडियो में एक नन्ही सी बच्ची उन्हें पैसे दे रही है। पप्पू यादव ने लिखा है इस बच्ची का नाम श्रेया सिद्धि है और यह समस्तीपुर से चल पटना के लोगों की मदद करने आज मेरे पास आयी। श्रेया ने मदद के रुप में 11 हजार रुपये दिए, जो उसने गुल्लक में जमा किये थे। श्रेया के परिजनों ने बताया कि पटना में जलजमाव से परेशान लोगों को देखकर श्रेया ने गुल्लक फोड़ दिए और कहा कि वह मदद करेगी। जिसके बाद उसके परिजन उसे लेकर मेरे पास आए। इस बच्ची ने अपने गुल्लक में जमा किये 11 हजार रुपये मुझे सौंपे।

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पटना के लोगों को मदद पहुंचाने की कमान बिहार के इस बाहुबली नेता ने संभाल रखी है। मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव खुद बाढ़ वाले इलाकों में जा रहे हैं और लोगों के बीच पैसे, खाना, पानी, दूध और दवाइयां बांट रहे हैं। उनके इस प्रयास की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।

ऑनलाइन कंटेंट को लेकर भारत सर्वाधिक करता है ये काम, रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

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विश्व की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों की पारदर्शिता रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि ऑनलाइन सामग्री को हटाने का सबसे अधिक आग्रह भारत की तरफ से मिला।पाकिस्तान का नंबर इस सूची में आठवां है। ब्रिटेन स्थित प्रौद्योगिकी शोध फर्म कॉम्पेरिटेक की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। कॉम्पेरिटेक ने बीते दस साल में ऑनलाइन साम्रगी को हटाने के लिए प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों से किए गए अनुरोध का डेटा एकत्र किया और पाया कि इस मामले में सर्वाधिक अनुरोध भारत की तरफ से किए गए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में दूसरे नंबर पर रूस और तीसरे नंबर पर तुर्की है। ऑनलाइन सामग्री को हटाने के अनुरोध में पाकिस्तान आठवें स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉम्पेरिटेक ने 2009 से 2019 के बीच फेसबुक, गूगल, ट्विटर, माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियों से उनके प्लेटफॉर्म से आनलाइन कंटेट को हटाने के लिए किए गए आग्रह के डेटा का विश्लेषण किया।

यह पाया गया कि 2009 से 2019 के बीच भारत की तरफ से ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का 77620 बार आग्रह किया गया। इस मामले में भारत पहले नंबर पर है। 77162 अनुरोध के साथ रूस दूसरे और 63585 आग्रह के साथ तुर्की तीसरे नंबर पर है। फ्रांस व मैक्सिको क्रमश: चौथे और पांचवे नंबर पर हैं। इनके बाद ब्राजील, जर्मनी, पाकिस्तान, अमेरिका व ब्रिटेन का नंबर है।

चीन ऑनलाइन कंटेंट को हटाने के मामले में इस सूची में तेरहवें नंबर पर है। लेकिन, इसकी वजह यह है कि चीन में कई वेबसाइट पर पहले से ही पूरी तरह से प्रतिबंध है। कॉम्पेरिटेक के एक संपादक पॉल बिशॉफ ने मंगलवार को एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा, “इस अध्ययन में जिन वेबसाइट को हमने देखा है, उनमें से माइक्रोसॉफ्ट की सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी चीन में प्रतिबंधित हैं। इसलिए कंटेंट को सेंसर करने का अनुरोध करने की उसे जरूरत ही नहीं पड़ी।”

यह रिपोर्ट एक ऐसे समय में आई है जब भारत सोशल मीडिया पर भ्रामक व फर्जी सूचनाओं से निपटने का रास्ता तलाश रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सूची में शीर्ष स्थान पाने वाले देशों के बारे में ऐसा नहीं है कि उन्होंने सभी प्रौद्योगिकी कंपनियों से समान रूप से कंटेंट हटाने का अनुरोध किया। उदाहरण के लिए भारत ने कंटेंट हटाने का जो अनुरोध किया है, उसमें से 90 फीसदी का संबंध फेसबुक से है। यानी, भारत ने मूल रूप से फेसबुक से कंटेंट को हटाने का आग्रह किया। लेकिन, रूस ने यह आग्रह सर्वाधिक बार गूगल से किया जबकि तुर्की ने ट्विटर से किया। अमेरिका ने विकिमीडिया से सर्वाधिक बार यह आग्रह किया।

PM मोदी का पूरा भाषण न दिखाने पर दूरदर्शन कर्मचारी सस्पेंड

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भारत की पब्लिक ब्रॉडकास्टर सर्विस, प्रसार भारती ने चेन्नई में दूरदर्शन के प्रोग्राम असिस्टेंट प्रोग्राम डायरेक्टर आर वासुमति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. ऐसा इसलिए किया क्योंकि 30 सितंबर को चेन्नई में IIT मद्रास के रिसर्च सेंटर में आयोजित सिंगापुर-इंडिया हैकाथॉन 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भाषण, डीडी पोढ़ीगई पर लाइव टेलीकास्ट करने में वो नाकाम रही थीं. हालांकि वासुमति को दिए गए आदेश में साफ तौर पर उन्हें सस्पेंड किए जाने का कारण नहीं बताया गया है.

आदेश में क्या कहा गया

प्रसार भारती की तरफ से जारी आदेश में केवल इतना बताता गया है कि वासुमति के खिलाफ एक अनुशासनात्मक सुनवाई शुरू की गई है और जब तक यह चल रहा है, उन्हें सेंट्रल सिविल सर्विसेस रूल्स (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल और अपील), 1965 के अनुसार सस्पेंशन के तहत रखा जाएगा. इस आदेश को प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर वेम्पती ने साइन किया है.प्रसार भारती के एक शीर्ष सूत्र के मुताबिक, वासुमति को निलंबन के तहत रखा गया है, और हैकथॉन के हिस्से को टेलीकास्ट नहीं करने के उनके फैसले को ‘विलफुल इनसबऑर्डिनेशन’ करार दिया गया है.

प्रसार भारती के एक सूत्र ने बताया, “साफ तौर पर निर्देश दिए जाने के बावजूद वो भाषण को लाइव टेलीकास्ट करने में नाकाम रहीं.”

‘सस्पेंशन जांच का हिस्सा है’

प्रधानमंत्री मोदी ने 30 सितंबर को चेन्नई में तीन सभाओं को संबोधित किया था. डीडी पोढीगई ने इन दो सभाओं का सीधा प्रसारण किया था, लेकिन हैकथॉन के केवल एक हिस्से का लाइव टेलीकास्ट किया गया. जब पीएम चेन्नई हवाई अड्डे पर उतरे थे और वहां पर बीजेपी समर्थकों की भीड़ को संबोधित किया था, तब चैनल ने उसका सीधा प्रसारण किया था.
बाद में, उन्होंने आईआईटी-मद्रास में आयोजित सिंगापुर-भारत संयुक्त हैकाथॉन के दूसरे एडिशन के विजेताओं को सम्मानित किया. और फिर वे मुख्य अतिथि के रूप में आईआईटी-मद्रास के 56वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुए.
यह पूछे जाने पर कि क्या इस तरह सस्पेंड किया जाना कठोर प्रतिक्रिया थी, सूत्र ने कहा, “सरकार निलंबन को सजा के रूप में नहीं देखती है, और जब तक जांच चल रही है, यह उसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है.”

Paytm अपने ग्राहकों को दे रहा जबरदस्त ऑफर, 99 रुपये में मिल रहा Redmi का ये शानदार फोन खरीदने का मौका

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त्योहारी सीजन में सभी ई-कॉमर्स कंपनियां अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए तमाम ऑफर्स देती हैं. पेटीएम भी दीवाली के मौके पर अपने ग्राहकों के लिए एक से बढ़कर एक ऑफर दे रहा है. जिसमें पेटीएम यूजर्स 99 रुपये में Redmi फोन खरीद सकते हैं. दरअसल, Paytm ने फेस्टिवल ऑफर देने के लिए महाकैशबैक कार्निवाल सेल शुरु की है. ये सेल 29 सितंबर से चल रही है. जो 6 अक्टूबर तक जारी रहेगी. इस सेल में आप अपनी पसंद का फोन बहुत कम दामों में खरीद सकते हैं. इस सेल में आप Redmi का फोन 99 रुपये तक की कम कीमत में खरीद सकते हैं. यही नहीं इसके साथ ही आप एक रुपये में बजट फोन भी खरीद सकते हैं.

बता दें कि पेटीएम ने Cracker Deals कैटेगरी भी शुरू की है. पेटीएम क्रैकर डील्स के तहत 2 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक हर शाम 6 से 8 बजे तक कुछ फोन की कीमत कम कर दी जाएगी. इस ऑफर के तहत आपको कैश यानी सीधे तौर पर लाभ नहीं मिलेगा. बल्कि ये फादया आपको कैशबैक के जरिए दिया जाएगा. यानी अगर आप फोन खरीदते हैं तो आपको पूरी कीमत की पैमेंट करनी होगी. इसके बाद पेटीएम अपने यूजर्स को कैशबैक के जरिए ऑफर वाली कीमत को कैशबैक के जरिए वापस करेगा.

यही नहीं इस सेल के दौरान पेटीएम पर स्मार्टफोन्स खरीदने पर कुछ बैंक ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं. जिसमें 5,000 रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर HDFC बैंक डेबिट और क्रेडिट कार्ड वालों को 10% का इंस्टेंट डिस्काउंट दिया जा रहा है. यह ऑफर EMI ट्रांजेक्शन पर भी उपलब्ध है.

वहीं ग्रैंड मोबाइल सेल में सैमसंग, वीवो, शियोमी Mi, ओप्पो, एप्पल जैसे ब्रांड के फोन पर यूजर्स को भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है. बता दें कि स्मार्टफोन की खरीद पर यूजर्स को 10,000 रुपये तक का कैशबैक और 17,000 रुपये तक का एक्सचेंज ऑफर भी दिया जा रहा है.

पेट में अल्सर की समस्या को ऐसे करें हमेशा के लिए दूर

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पेट का अल्सर एक घाव है जो म्यूकोसा में विकसित होता हैं जब एसिडिक जूस का अत्यधिक उत्पादन होता है। इसका सबसे आम कारण एच. पाइलोरी बैक्टीरिया का बढ़ना है, हालांकि यह कुछ दवाओं के अत्यधिक सेवन के कारण भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि पेट में अल्सर होने पर हमें क्या खाना चाहिए।

पेट के अल्सर वाले रोगियों को गाजर खाने की सलाह दी जाती है। इसमें क्षारीकरण और उपचार गुण हैं जो एक साथ, अतिरिक्त एसिड से प्रभावित कोटिंग में मदद करते हैं। आप इसे सलाद के रूप में खाएं। यह बर्निंग और एसिड रिफ्लक्स जैसी परेशानी को नियंत्रित कर सकता है।

एलोवेरा(alovera)-

एलोवेरा उपचार और रोगाणुरोधी कार्रवाई के लिए जाना जाता है। यदि आपके पेट में अल्सर हैं, तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आप एसिडिक जूस के अत्यधिक उत्पादन और गैस्ट्रिक म्यूकोसा की जलन को नियंत्रित कर सकता है। इसमें एच. पाइलोरी बैक्टीरिया की अत्यधिक वृद्धि को रोकने की क्षमता है जो इस बीमारी का मुख्य कारण है।

सेब(apple)-

कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर सेब सबसे लोकप्रिय औषधीय फलों में से एक है। इसमें आहार फाइबर और कार्बनिक एसिड होता हैं, जो पाचन तंत्र के लिए नियामक के रूप में कार्य करता है। पेट के अल्सर की राहत के लिए आप सेब का सेवन कीजिए। आप कब्ज और दस्त की समस्या में भी इसका सेवन कर सकते हैं।

आलू (potato)-

आलू एक उत्कृष्ट उपाय है जो पेट के अल्सर में मदद के लिए जाना जाता है। इसे सबसे अच्छा एंटासिड आहार माना जाता है। इसके लाभों में स्टार्च, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट जैसे पौष्टिक तत्व शामिल है जो पाचन प्रक्रिया को अनुकूलित करने में योगदान देते हैं। इसके अलावा, ये पेट की जलन को कम करता है और सूजन और रिफ्लक्स को रोकता है।

केला(banana)-

केला एक ऐसा फल है जो स्टार्च और बहुत सारे सेहतमंद कंपाउंड से भरपूर है, जो पेट के पीएच को सही रखने में मदद करता है। यह पेट के लिए बहुत ही अच्छा खाद्य पदार्थ तथा इसके पोषक तत्व क्षतिग्रस्त ऊतकों को ठीक करने में सहायता करते हैं। यह एसिड रिफ्लक्स और गैस्ट्र्रिटिस के कारण होने वाली परेशानी को धीमा कर देता है।

साइंटिस्ट ने लैब में बनाया आर्टिफिशियल ब्लड

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21 वी सदी वैज्ञानिकों द्वारा किए गए नए शोधों से भरी पड़ी है. यहां रोज नए आविष्कार देखने को मिल रहे है, जो हमारी सोच से कही आगे हैं. आज वैज्ञानिकों की खोज ने हमारे जीवन को आसान बना दिया है. इसीलिए इसे वैज्ञानिक युग भी कहां जाता है. लेकीन इसके बावजूद भी कुछ ऐसी चीजे हैं, जो अभी भी विज्ञान से परे है जैसे जीवन-मौत. लेकीन जीवन बचाने के लिए जापान के एक साइंटिस्ट ने कृत्रिम खून बनाया है, जिससे मरीज को बचाया जा सकेगा.

इस कृत्रिम खून को जापान के टोकोरोजावा स्थित नेशनल डिफेंस मेडिकल कॉलेज में तैयार किया गया है. गौरतलब है कि पूरे विश्व में लाखों मरीज प्रतिदिन समय पर खून ना उपलब्ध होने की स्थिति में अपनी जान गंवा देते है. दावा किया जा रहा है कि खून के अभाव में मरने वाले मरीजों कें लिए इसे बनाया गया है.

किसी को भी चढ़ा सकते हैं, यह खून .

जापानी साइंटिस्ट्स का दावा है कि इस कृत्रिम खून को किसी भी ब्लड ग्रुप वाले मरीज को चढ़ाया जा सकता है.

बता दें कि ओ-निगेटिव एक ऐसा ब्लड ग्रुप है जो आपताकालीन स्थिति में किसी भी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति को चढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह ब्लड ग्रुप आसानी से उपलब्ध नहीं होता है. ऐसी स्थिति में शोध किए गए इस खून से मरीज की जान बचाई जा सकती है.

खरगोशों पर किया गया प्रयोग.

जापानी साइंटिस्ट्स ने सबसे पहले इस कृत्रिम खून को खरगोशों पर प्रयोग किया है, जो की सफल रहा. उन्होंने बताया कि यह कंप्लीट ब्लड बनाया गया है, जिसमें रेड ब्लड सेल्स, ऑक्सीजन, प्लेटलेट्स मौजूद हैं.

बचाई जा सकेगी जिंदगी.

जापान के नेशनल डिफेंस मेडिकल कॉलेज के साइंटिस्ट्स ने अपनी यह स्टडी Transfusion नाम के जर्नल में प्रकाशित की है. इस स्टडी के लेखक मनाबू किनोशिता ने कहा कि, दूरस्थ इलाकों में पर्याप्त मात्रा में ब्लड का स्टॉक रखना मुश्किल होता है. ऐसे में कृत्रिम खून से उन लोगों की जिंदगी की रक्षा की जा सकेगी, जो समय पर खून ना मिलने से मर जाते हैं.

दिल्ली में जैश के आतंकवादी घुसे, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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राजधानी दिल्ली में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन से चार आतंकी छिपे होने की खबर है। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला है कि त्योहार के मौसम में आतंकी बड़ा हमला कर सकते हैं। इस अलर्ट के बाद दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया सूचना के अनुसार, आतंकी त्योहार के दौरान भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की फिराक में हैं। इस सूचना के बाद से ही दिल्ली पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी व आसपास की सुरक्षा को लेकर चौकसी बढ़ा दी है।

एजेंसियों के मुताबिक आतंकी जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही विरोध में हैं। ऊपर से उन्हें पाकिस्तानी खुफिया इकाई आईएसआई का समर्थन भी है। ऐसे में आतंकी देश में खासतौर से दिल्ली में किसी बड़े हमले को अंजाम देने की नापाक साजिश रच रहे हैं। इसके लिए जैश के आतंकियों के एक समूह के दिल्ली में कूच करने की सूचना है। दिल्ली में आतंकियों के पहुंचने के इस इनपुट के बाद से ही यहां सुरक्षा को लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही है।

कांग्रेस नेता नहीं चाहते सिद्धू बनें स्टार प्रचारक, पार्टी आलाकमान से की शिकायत

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कांग्रेस नेता और पंजाब से विधायक नवजोत सिंह सिद्धू के लिए अपनी ही पार्टी में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी आलाकमान से सिद्धू की शिकायत की है। इन नेताओं ने गुहार लगाते हुए कहा है कि वह अपने क्षेत्र में सिद्धू से चुनाव प्रचार नहीं कराना चाहते हैं।

ये नेता चाहते हैं कि सिद्धू को स्टार प्रचारक के तौर पर नहीं भेजा जाना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धू के खिलाफ शिकायत करने वालों में प्रमुख तौर पर हरियाणा के नेता शामिल हैं।

बता दें नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी आलाकमान ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों वाली सूची में शामिल किया है। माना जा रहा है कि सिद्धू से पंजाब से साथ लगने वाले सिख बहुल जिलों और कुछ अन्य सीटों पर प्रचार करवाया जा सकता है। इससे पहले सिद्धू लोकसभा चुनाव के समय भी हरियाणा में प्रचार कर चुके हैं। इस स्टार प्रचारक वाली सूची में सिद्धू के अलावा पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम भी शामिल है।

प्यार पाने की खातिर दोस्त से दुश्मन बने दो युवक, जानिए क्या है पूरा मामला

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उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां दो दोस्त एक-दूसरे के दुश्मन बन बैठे। दरअसल दोनों एक ही युवती से प्यार करते हैं। जिसके चलते दोनों बुधवार को बीच सड़क पर मारपीट करने लगे। इस दौरान वहां लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को शांति भंग में कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक, मामला आगरा जिले के रामबाग इलाके का है। एक युवक धनौली तो दूसरा सदर क्षेत्र का रहने वाला है। दोनों दोस्त हैं। एक युवक के प्रेम संबंध थाना एत्माद्दौला क्षेत्र की युवती से चल रहे हैं। बुधवार को युवती युवक के दोस्त के साथ रामबाग आई थी। जब इस बारे में युवक को पता चला तो वो भी पहुंच गया। अपनी प्रेमिका को दोस्त के साथ देखकर वो भड़क गया।

जिसके बाद दोनों रामबाग पार्क से बाहर निकलकर झगड़ने लगे। उनमें बात इतनी बढ़ी कि मारपीट पर उतारू हो गए। कुछ ही देर में लोगों की भीड़ लग गई। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो भी बनाने लगे। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई। वहीं युवती अपने घर चली गई। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों युवकों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है।