Home Blog Page 2543

Tik Tok स्टार के साथ देसी गर्ल ने बनाया बैंक लूटने का प्लान,तेजी से वायरल हो रहा video

0

बॉलीवुड की एक्ट्रेस प्रिंयका चोपड़ा इन दिनों अपनी फिल्म द स्काई इज पिंक के प्रमोशन में बिजी है लगातार फिल्म को लेकर चर्चा हो रही है अब हाल ही में प्रिंयका ने अपनी फिल्म को प्रमोट किया जिस दौरान उनके कुछ वीडियोज सामने आए।इसमें एक वीडियो में देसी गर्ल टिक-टॉक स्टार के साथ बैंक लूटने का प्लान बनाती दिख रही है जिसे देख हर कोई हैरान रह गया।

सामने आए इस वीडियो में इसमें प्रियंका और मानव एक फ्रेम में नजर आ रहे हैं. ये दोनों मिलकर बैंक लुटने की प्लानिंग कर रहे हैं। दरअसल ये दोनों प्रियंका की आगामी फिल्म के एक काफी पसंद किए जाने वाले सीन पर लिप्सिंग कर रहे हैं। इस वीडियो को मिस्टर मानव ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर शेयर किया है।

हालांकि वीडियो सामने आने के बाद लोग इस वीडियो को काफी एंजॉय कर रहे हैं। यहां मिस्टर मानव, फरहान अख्तर के डॉयलाग बोल रहे हैं।आपको बता दें कि इससे पहले इसी डायलॉग के कारण यूपी पुलिस ने भी प्रियंका को लेकर मजेदार ट्वीट किया था।खैर अब ये सिर्फ फिल्म का एक डायलॉग है जो कि पसंद किया जा रहा है और इसमें कोई बात नहीं है।

बात यदि फिल्म की करें तो फिल्म द स्काई इज पिंक 11 अक्टूबर को रिलीज होने जा रही है।फिल्म को शोनाली बोस ने डायरेक्ट किया है।तो वही ये फिल्म जायरा वसीम की आखिरी फिल्म हो सकती है।ये फिल्म दिल्ली की मोटिवेशनल स्पीकर आयशा चौधरी पर आधारित है।

भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम ने नेपाल को किया क्लीन स्वीप

0

दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के तत्वाधान में भारतीय क्रिकेट टीम ने काठमांडू नेपाल में सेंट जेवियर कॉलेज के मैदान पर खेली गई तीन अंतरराष्ट्रीय t-20 क्रिकेट मैचों की श्रंखला के तीनों मैच में नेपाल को हराकर श्रंखला 30 से अपने नाम करी कल खेले गए अंतिम मैच में भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के कप्तान यादवेंद्र सिंह खेड़ा ने टॉस जीता और पहले खेलने का निर्णय लिया।
शुरुआत में ऐसा लगा कि भारतीय टीम का यह निर्णय घातक साबित होगा क्योंकि पारी की शुरुआत करने गए सुखविंदर सिंह और हरेंद्र सिंह की जोड़ी ज्यादा लंबा आधार नहीं दे पाई पारी के तीसरे ओवर में सुखविंदर सिंह 10 रन बनाकर रन आउट हो गए अभी भारतीय टीम के खाते में स्कोर 14 रन हुआ था कि हरेंद्र सिंह भी मिड ऑन पर कैच दे बैठे उसके बाद गए याहया खान 2 रन और कप्तान यादवेंद्र सिंह बिना कोई रन बनाए पहली गेंद पर ही बोल्ड हो गए 24 रन पर भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम अपने पांच महत्वपूर्ण विकेट खो चुकी थी
उसके बाद महंतेश 28 प्रदीप चहल 34 ने भारतीय पारी को संभाला दुर्भाग्य से महंतेश भी आउट हो गए लेकिन उसके बाद आए ऑलराउंडर इमरान मलिक ने 20 गेंदों में 52 रन की धमाकेदार पारी खेलकर भारतीय टीम को 20 ओवर की समाप्ति पर 7 विकेट के नुकसान पर 156 रन पर पहुंचा दिया। नेपाल की तरफ से तबरेज अंसारी ने 3 छबीलाल धोबी सुमन बराल और मनोज थापा ने एक-एक विकेट लिया जवाब में खेलने उतरी नेपाल टीम ने संभली हुई शुरुआत करी और अपनी रंगती को भी बरकरार रखा यह पहला अवसर था कि नेपाल टीम ने बिना कोई विकेट खोए 50 रन का आंकड़ा पार किया लेकिन क्रिकेट अनिश्चितता ओं का खेल रहा है इमरान मलिक ने बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजी में भी अपने जबरदस्त हाथ दिखाए तबरेज अंसारी को क्लीन बोल्ड कर भारतीय टीम को विकेट लेने की शुरुआत कराई और देखते ही देखते नेपाल टीम की तू चल मैं आया वाली लाइन लग गई 20 ओवर की समाप्ति पर नेपाल की टीम 128 रन ही बना सकी जिसमें छबिलाल धोबी ने 41 और तबरेज अंसारी ने 16 रन का प्रमुख योगदान दिया।
भारतीय टीम की तरफ से इमरान मलिक और समीर चौहान ने तीन-तीन लोकेश और तौसीफ ने एक-एक विकेट लिया इस प्रकार भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम ने नेपाल को 28 रन से हराकर मैच जीत लिया इससे पूर्व खेले गए दोनों मैचों को एकतरफा जीत कर भारतीय टीम को दो जीरो से जीतकर महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी थी.
मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार ऑल राउंडर प्रदर्शन करने वाले इमरान मलिक को दिया गया ,पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि अतुल कोइराला महासचिव सुशील कोइराला फाउंडेशन फिल्म एक्टर एवं नेपाल पर्यटन के ब्रांड एंबेस्डर संजय काठी वाला फिल्म एक्टर पराक्रम राणा फ्रीडम एक्सपोर्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर नरेंद्र लामा क्रिकेट एसोसिएशन नेपाल के पूर्व उपाध्यक्ष उपेंद्र भट्टराई लायंस क्लब की सरिता जी एवं सिरंजना पांडे आदि ने इस प्रकार पुरस्कार वितरण किया सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का पुरस्कार यादविंदर सिंह खेड़ा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज तबरेज अंसारी सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर विभु राबरी सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र रक्षक मनोज थापा सर्वश्रेष्ठ आलराउंडर सुदर्शन मीणा को दिया गया को दिया गया।
सेंट जेवियर कॉलेज के प्रिंसिपल फादर जोड़ अतुल कोइराला एवं नरेंद्र लामा सुचेन माली डायरेक्टर छत्रपति हॉस्पिटल ने फ्रीडम एक्सपोर्ट एवं सेवरोन फाउंडेशन ट्राफी कप्तान यादवेंद्र सिंह खेड़ा के हाथों में दी तो मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा इस अवसर पर अंजना मासकी बबीता विवेक विकास छुलटिम शेरपा स्वतंत्र कुमार प्रदीप अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए पीएम मोदी ने महाबलीपुरम को क्यों चुना? इस शहर का चीन से क्या है रिश्ता?

0

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते भारत दौरे पर आ रहे हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की तमिलनाडु के शहर महाबलीपुरम में मुलाकात होगी. पीएम मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को महाबलीपुरम की यात्रा करवाएंगे. पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली यह मुलाकात अनौपचारिक होगी. दोनों नेता 11 और 12 अक्टूबर को मुलाकात करेंगे.

शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच ये सवाल उठ रहा है कि प्रधानमंत्री ने मुलाकात के लिए महाबलीपुरम शहर को क्यों चुना? आखिर महाबलीपुरम में पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति को क्या दिखाना चाहते हैं और ये मुलाकात दोनों देशों के लिए कितनी अहम रहने वाली है?

महाबलीपुरम का है चीन से गहरा रिश्ता
महाबलीपुरम तमिलनाडु के प्राचीन शहरों में से एक है. चेन्नई से करीब 60 किलोमीटर दूर महाबलीपुरम से चीन का गहरा रिश्ता रहा है. इसीलिए दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के लिए इस शहर को चुना गया है. पुराने जमाने में महाबलीपुरम के चीन से व्यापारिक संबंध थे. उन्हीं संबंधों की याद दिलाने के लिए शी जिनपिंग और पीएम मोदी की मुलाकात इस शहर में होने वाली है. महाबलीपुरम तमिलनाडु में बंगाल की खाड़ी के किनारे बसा शहर है. महाबलीपुरम को सातवीं सदी में पल्लव वंश के राजा नरसिंह देव बर्मन ने बसाया था. राजा नरसिंह देव बर्मन को उस इलाके में मामल्लपुरम भी कहा जाता है इसलिए महाबलीपुरम का एक और नाम मामल्लपुरम भी है. इतिहास में इस शहर का एक और नाम बाणपुर भी है.

चीन से थे रक्षा संबंध
प्राचीन काल में तमिलनाडु के शहर महाबलीपुरम का चीन के साथ रक्षा और व्यापार के क्षेत्र में गहरा रिश्ता रहा है. महाबलीपुरम और चीन के बीच 1700 साल पुराने संबंध हैं. पल्लव वंश के शासकों और चीन के बीच पुराने रक्षा संबंध रहे हैं. चीन ने तिब्बत से लगती सीमा को सुरक्षित रखने के लिए पल्लव वंश के राजाओं के साथ पैक्ट तक किए थे.

महाबलीपुरम को बंगाल की खाड़ी के किनारे बिजनेस हब की तरह विकसित किया गया था. यहां के बंदरगाह से चीन से सामान आयात और निर्यात किया जाता था. महाबलीपुरम का चीन के साथ सदियों तक व्यापारिक संबंध रहे. ये संबंध एक हजार साल पहले तक कायम थे.

इतिहासकार बताते हैं आठवीं शताब्दी में चीन के राजा और पल्लव वंश के शासक राजा सिम्हन 2, जिन्हें नरसिम्हन 2 भी कहा जाता था, के साथ पहली बार रक्षा के क्षेत्र में स्ट्रैटजिक पैक्ट हुआ था. नरसिम्हन 2 पल्लव वंश के सबसे दमदार शासकों में से थे. चीन के राजा के ऊपर नरसिम्हन 2 का इतना प्रभाव था कि चीन ने उन्हें तिब्बत की सीमा से लगते दक्षिणी चीन का जनरल नियुक्त कर दिया था.

पल्लव वंश के राजा के सामने चीन ने टेक दिए थे घुटने
चीन ने ये कदम अपने आप को बचाने के लिए उठाया था. चीन ने अपना एक प्रतिनिधिमंडल राजा नरसिम्हन 2 के पास भेजा था. प्रतिनिधिमंडल के पास सिल्क के कपड़े पर लिखा राजा का पत्र था, जिसमें उन्हें दक्षिणी चीन का जनरल नियुक्त करने की बात लिखी थी.

पल्लव राजा के तीसरे राजकुमार बोधिधर्म बौद्ध भिक्षु बन गए थे. वो चीन में एक आयकॉन थे. उन्होंने 527 AD में कांचीपुरम से महाबलीपुरम होते हुए चीन की यात्रा की थी. बोधिधर्म बौद्ध धर्म के 28वें पितृपुरुष बने. पूरे चीन में इनकी जबरदस्त लोकप्रियता रही थी.

इसे देखते हुए टूरिज्म डिपार्टमेंट ने उस रूट को फिर से बनाने की बात कही है, जिसपर चलकर बोधिधर्म चीन पहुंचे थे. टूरिज्म डिपार्टमेंट का कहना है कि इस रूट के बन जाने से चीन, जापान और थाईलैंड के हजारों टूरिस्ट तमिलानडु आ पाएंगे.

लंबे वक्त तक चला तमिलनाडु का चीन के साथ संबंध
इतिहासकार बताते हैं कि पल्लव वंश के साथ शुरु हुआ चीन के साथ रिश्ता चोल वंश तक चला. दक्षिण एशियाई देशों के साथ तमिलनाडू के दूसरे बंदरगाहों से भी आयात निर्यात होता था. इसमें नागापट्टिनम और तंजोर के बंदरगाह अहम हैं.

7वीं शताब्दी में चीनी यात्री ह्वेन सांग भारत आया था. पल्लव वंश के राज में वो कांचीपुरम पहुंचा था. उस वक्त चीन और तमिलनाडु, दोनों के प्रतिनिधिमंडल एकदूसरे के यहां आया-जाया करते थे. महाबलीपुरम एक केंद्र के तौर पर विकसित था.

भारतीय पुरातत्व विभाग को महाबलीपुरम में रिसर्च के दौरान चीन, फारस और रोम के प्राचीन सिक्के मिले हैं. चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर महाबलीपुरम में काफी साक्ष्य मिलते हैं. सातवीं और आठवीं सदी में पल्लव राजाओं ने यहां बड़ी संख्या में मंदिर बनाए थे. अधिकतर शैव परंपरा के मंदिर हैं, जो आज भी मौजूद हैं. एतिहासिक दस्तावेजों से पता चलता है कि यहां से लोग मलाया, इंडोनेशिया और कंबोडिया में जाकर बसे और वहां उपनिवेशों की स्थापना की.

नवरात्रि पांचवां दिन आज: नवरात्रि के पांचवें दिन करें मां स्कंदमाता की पूजा, जानिए पूजन विधि

0

आपको बता दे, कि आज नवरात्रि का पांचवा दिन हैं, और नवदुर्गा का पांचवां स्वरूप स्कंदमाता का हैं कार्तिकेय की माता होने के कारण इनको स्कंदमाता कहा जाता हैं इनको पद्मासना देवी भी कहा जाता हैं वही इनकी गोद में कार्तिकेय भी बैठ हुए हैं इनकी पूजा से कार्तिकेय की पूजा स्वयं ही हो जाती हैं वही तंत्र साधना में मां के पांचवें स्वरूप की उपासना 3 अक्टूबर यानी की आज की जा रही हैं।

जानिए स्कंदमाता की पूजा से मिलने वाले लाभ—
बता दे कि स्कंदमाता की पूजा से संतान की प्राप्ति सरलता से हो जाती हैं, इसके अलावा अगर संतान की ओर से कोई कष्ट है, तो उसका भी अंत हो सकता हैं स्कंदमाता की पूजा पीले पुष्प अर्पित करें और पीली चीजों का भोग भी लगाएं। वही अगर पीले वस्त्र धारण किए जाएं तो पूजा के परिणाम बहुत ही शुभ होंगे। वही इसके बाद जो भी प्रार्थन हैं, विशेषकार संतान संबंधी करें।

विशुद्ध चक्र के कमजोर होने के क्या परिणाम होते हैं, जानिए—
बता दें कि विशुद्ध चक्र कंठ के ठीक पीछे स्थित होता हैं,इसके कमजोर होने से वाणी की शक्ति कमजोर हो जाती हैं वही इसके कारण हकलाहट और गूंगेपन की समस्या भी व्यक्ति को होती हैं। इससे कान नाक और गले की समस्या भी हो सकती हैं। वही इसके कमजोर होने से मनुष्य सिद्धियां और शक्तियां नहीं प्राप्त कर सकता हैं।

जानिए स्कंदमाता की पूजन विधि—
आपको बता दें, कि देवी मां को पीला रंग बहुत ही प्रिय हैं, वही पूजा में पीले रंग की चीजों का प्रयोग करना शुभ होगा। वही देवी मां की पूजा में पीले पुष्प शुभ माने जाते हैं वही पूजा करते वक्त पीले वस्त्रों को धारण करना शुभ होगा।

छत्तीसगढ़ : पहाड़ पर विराजी हैं देवी, यहां पंचमी से आरंभ होती है नवरात्रि, देखें वीडियो

0

 एक मंदिर जहां पंचमी से नवरात्र शुरू होने की वर्षो पुरानी परंपरा चली आ रही है । हम बात कर रहे आदिशक्ति मां मडवारानी की । पहाड़ पर विराजमान मां मड़वारानी की आस्था कोरबा ही नहीं पूरे प्रदेश भर के लोगों में है।

यहां के लोगों का कहना है कि पिछले 200 साल से भी अधिक समय से पंचमी से नवरात्र प्ररंभ होने की परंपरा चली आ रही जिसका निर्वहन अभी भी किया जा रहा । जिला मुख्यालय से करीब 27 किलोमीटर दूर पहाड़ की चोटी पर मंदिर स्थित है, जहां पर एक ओर घने जंगल तो दूसरी ओर हसदेव नदी का मनोरम दृश्य हर किसी को आकर्षित करता है।

मां मडवारानी सेवा व जन कल्याण समिति के अध्यक्ष कन्हैयालाल कंवर ने बताया कि मां मडवारानी की कहानी गांव के बुजुर्गों द्वारा आंखों देखी मानी जाती है। बताया जाता है कि मां मडवारानी अपनी शादी के मंडप को छोडकर आ गई थी।

इसी दौरान बरपाली—मडवारानी सडक में उनके शरीर पर लगी हल्दी एक बडे पत्थर पर गिरी और वह पत्थर पीला हो गया। मां मडवारानी के मंडप से आने के कारण गांव और पर्वत को मडवारानी के नाम से जाना जाने लगा। गांव के ही कुछ और बुजुर्गों का मानना है कि मां मडवारानी भगवान शिव से कनकी में मिली और मडवारानी पर्वत पर आ गई। मां मडवारानी संस्कृत में मांडवी देवी के नाम से जानी जाती है।

मंदिर के अंदर कलमी के पेड़ में आज भी नजर आते हैं सर्प

खरहरी के ही रामदयाल उरांव की मानें तो उन्हें उनके दादा ने बताया कि गांव के लोगों ने यह देखा था कि कलमी वृक्ष और उसकी पत्तियों में हर नवरात्र को जवा उग जाता है और उसके आसपास एक सांप घूमता रहता है। ऐसा आज भी कभी—कभी देखा जाता है। वर्षों पहले कलमी पेड़ में मीठे पानी का स्त्रोत था, जो हमेशा बहता रहता था। पानी कहां से आता है यह किसी को पता नहीं चला।

सतह से 360 फीट की उंचाई पर मां का दरबार

मां मडवारानी का दरबार सडक मार्ग से 360 फीट ऊंचे पहाड़ पर स्थित है। वहां तक पहुंचने के लिए पहाड़ियों के बीच से होते हुए 5 किलोमीटर सडक से दूरी तय करनी पडती है। पहले यहां सडक नहीं होने से असुविधा होती थी, लेकिन अब कांक्रीट सड़क बनने से राहत है।

पहुंचने के ये रास्ते

मां मडवारानी के दरबार तक पहुंचने चार रास्ते हैं। पहला मार्ग चांपा रोड पर स्थित मंदिर से 5 किलोमीटर दूर सड़क से होकर। दूसरा ग्राम बरपाली से होते हुए। इस मार्ग से जाने पर एक किलोमीटर तक सीढियों से होकर जाना पडता है। जबकि ग्राम झीका—महोरा से एक किलोमीटर तो चौथा रास्ता खरहरी से शुरू होता है, जिससे चार किलोमीटर दूरी पहाड़ावाली मां मडवारानी पहुंचने तय करना पड़ता है।

पति का शव लेने पहुंची ‘7 पत्नियों’ को देख सकते में आई पुलिस, एक दूसरे से थीं बेखबर

0

पुलिस के सामने आत्महत्या के मामले तो आए दिन सामने आते हैं लेकिन उत्तराखंड में पुलिस के सामने आत्महत्या के बाद ऐसे हालात बने की वह भी सकते में आ गई। किसी फिल्मी कहानी की तरह ही पल-पल बदलते हालातों के बीच पुलिस असली को खोजने के लिए परेशान होती रही। हरिद्वार में एक 40 साल के शख्स ने रविवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। यहां तक तो पुलिस के लिए सबकुछ ठीक था, लेकिन पुलिसवालों की मुश्किल उस वक्त बढ़ गई जब मृतक का शव लेने के लिए एक, दो या तीन नहीं बल्कि 7-7 महिलाएं पुलिस के पास पहुंच गई। सभी महिलाएं खुद को मृतक की पत्नी बता रहीं थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआत में 5 महिलाएं मृतक का शव लेने के लिए पहुंची थी। दिलचस्प बात यह थी कि इन पांचों महिलाओं में से कोई भी एक दूसरे को नहीं जानती थी और सभी इस बात से बेखबर थीं कि उनके पति की किसी अन्य महिलाा के साथ संबंध रहे हैं। पुलिस जब इस मुश्किल से निपट रही थी कि बाद में 2 अन्य महिलाएं भी थाने पहुंची और मृतक को अपना पति बताने लगीं।

मृतक के लिए 7-7 महिलाओं के दावे को देखकर पुलिस घनचक्कर हो गई। काफी देर तक चले ड्रामें और हंगामे के बाद पुलिस ने जैसे तैसे स्थिति को संभाला।

हरिद्वार की रविदास बस्ती में रहने वाला पवन कुमार पेशे से ड्रायवर था। पुलिस के मुताबिक रविवार रात को पवन ने जहर खा लिया था। जहर खाने के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसकी पत्नी उसे अस्पताल लेकर गई थी लेकिन उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि पीड़ित भारी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसके साथ ही यह भी सामने आया कि वह एक लो प्रोफाइल जिंदगी जी रहा था और उसके ज्यादा दोस्त भी नहीं थे।

सिटी पुलिस स्टेशन के एसएचओ प्रवीण कुमार कोशियारी ने बताया कि ‘हम इसकी जांच कर रहे हैं कि मृतक ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? महिला जो मृतक को अस्पताल ले गई थी उसने खुद को मृतक की पत्नी बताया था लेकिन उसने आत्महत्या की वजह का खुलासा नहीं किया। हमने मृतक का शव ऑटोप्सी के लिए जिला अस्पताल भेजा है।’

इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस भी सकते में हैं। वहीं अब तक मृतक द्वारा आत्महत्या करने की वजह का खुलासा नहीं हो सका है।

छत्तीसगढ़ : चंद लोगों को मिला एपीएल राशन कार्ड, बाकी को करना होगा इंतजार

0

 महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर दो अक्टूबर को चंद सामान्य परिवारों को ही राशन कार्ड (एपीएल) मिल पाया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने योजना को लांच करने के लिए विधानसभा भवन में 10 लोगों को एपीएल कार्ड दिया। वहीं, कुछ और जिलों में भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एपीएल कार्ड का प्रतीकात्मक वितरण करके योजना की शुस्र्आत की। बताया जा रहा है कि अब तक एपीएल कार्ड प्रिंट ही नहीं हुआ है, इसलिए बाकी आवेदकों को कार्ड के लिए और इंतजार करना होगा। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि योजना को लांच करने के लिए गिनती के कार्ड ही प्रिंट कराए गए थे। एपीएल कार्ड के लिए खाद्य विभाग ने पांच सितंबर को कार्यक्रम जारी किया था। उसके अनुसार वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर 10 से 17 सितंबर तक आवेदन लिया जाना था। 22 सितंबर को सार्वजनिक स्थानों पर पात्र और अपात्र आवेदकों की सूची चस्पा की जानी थी।

25 सितंबर तक दावा-आपत्ति लेनी थी। इसके बाद से दो अक्टूबर से पांच अक्टूबर तक पात्र आवेदकों को राशन कार्ड उपलब्ध कराना था। शुस्र्आती दो-तीन दिनों तक शिविरों में आवेदन नहीं मिल रहा था। इस कारण 17 सितंबर तक हजारों सामान्य परिवार आवेदन जमा नहीं कर पाए थे। इसकी वजह से अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 सितंबर कर दी गई। इसके बाद भी विभाग यही दावा करता रहा कि दो अक्टूबर से एपीएल राशन कार्ड का वितरण शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन रायपुर के अलावा मुंगेली, कोरबा जांजगीर-चांपा और कुछ जिले शामिल हैं। कार्ड का वितरण नगरीय निकायों और पंचायतों को शिविर लगाकर करना है, जहां एपीएल कार्ड नहीं पहुंचे हैं।

बिना दावा-आपत्ति प्रिंटिंग कैसे?

खाद्य अधिकारियों का कहना है कि एपीएल कार्ड प्रिंट हो रहे हैं, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि बिना दावा-आपत्ति के कार्ड की प्रिंटिंग कैसे कराई जा रही है? दावा-आपत्ति अनिवार्य प्रक्रिया है।

लक्ष्य से ज्यादा आवेदन मिले

सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य सरकार ने 65 लाख परिवारों का राशन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 50 लाख 40 हजार तो बीपीएल परिवारों के कार्ड हैं। शेष छह लाख 60 हजार कार्ड एपीएल परिवारों का बनना है। खाद्य विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार एपीएल कार्ड के लिए सात लाख से ज्यादा आवेदन आए हैं। मतलब, लक्ष्य से 40 हजार या उससे भी ज्यादा आवेदन मिले हैं। हालांकि, इसमें अपात्र भी निकलेंगे।

छत्तीसगढ़ : एम्स रायपुर में तैयार हुई स्लिपिंग लैब, होगा खर्राटों का इलाज

0

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 32 बिस्तर का पल्मोनरी वार्ड का बुधवार को डॉ. नितिन एम नागरकर ने शुभारंभ किया। इसमें प्रदेश की पहली स्लीपिंग लैब तैयार की गई है जहां खर्राटों और श्वास में आ रही दिक्कतों का इलाज किया जाएगा। वहीं फेफड़े की बीमारी से संक्रमित मरीजों को भी इससे लाभ मिलेगा। इसमें गंभीर मरीजों के लिए चार-चार बिस्तर का अलग से वेंटिलेटर की सुविधा भी दी गई है। ताकि खर्राटे और फेफड़ों की बीमारी का आसानी से इलाज हो पाएगा। अभी तक पल्मोनरी विभाग केवल ओपीडी में संचालित किया जा रहा था। मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण अलग से वार्ड खोला गया है।

ब्रांकोस्कोपी मशीन से होगा इलाज

एम्स हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. करन पीपरे ने बताया कि गले से लेकर फेफड़े की जांच के लिए अलग से ब्रांकोस्कोपी मशीन चालू की गई है। साथ ही मल्टी पैनल मॉनिटर सिस्टम भी लगाया गया है, ताकि मरीज के फेफड़े से संबंधी बीमारी का भी इलाज किया जा सके। इसमें फेफड़े के संक्रमित मरीज जैसे टीबी और अन्य बीमारियों का आसानी से इलाज किया जा रहा है। पहले ही दिन 50 मरीजों का इलाज प्रारंभ किया गया है।

खर्राटों के इलाज के लिए खोला गया स्लीपिंग सेंटर

एम्स प्रबंधन ने बताया कि श्वास नली में दबाव बनने के लिए कई मरीजों को खर्राटे की शिकायत हो जाती है। उक्त मरीजों के लिए स्लीपिंग सेंटर यानी खर्राटे डिडेक्शन मशीन लगाई गई है। जो मरीज में हो रही खर्राटों के परेशानी की जांच करेगी। इसमें मरीज के जुबान की मोटाई, शरीर का मोटापा, शराब की शरीर में मात्रा की जांच कर रिपोर्ट देगी।

15 का स्टाफ किया गया तैनात

विभाग में 15 का स्टाफ हैं। इसमें विभागाध्यक्ष डॉ. अजय बेहरा, सीनियर डॉ. दीवाकर साहू, एसआर, कंसलटेंट और अन्य कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। उक्त वार्ड डी ब्लॉक में है।

डॉ. नितिन एम नागरकरण (निदेशक, एम्स) के अनुसार खर्राटों का कारण-निवारण

कारण

– लंबाई और ऊंचाई से ज्यादा शरीर का वजन

– निरंतर शराब का सेवन और धु्रमपान

– मरीज की जुबान का औसत अनुमान से ज्यादा मोटाई

– उम्र की अधिकता (60 की उम्र से ऊपर )

– एलर्जी और ऑक्सीजन की कमी

निवारण

– स्लीपिंग लैब में मरीज की 24 घंटे श्वास की निगरानी

– मशीन के माध्यम से शरीर में जाने वाली ऑक्सीजन की मात्रा की जांच

– सीपीएपी मशीन के माध्यम से रात को सोने के बाद शुद्घ ऑक्सीजन देना

एम्स निदेशक डॉ. नितिन एम नागरकर ने स्लीपिंग लैब और पल्मोनरी विभाग के वार्ड का शुभारंभ किया है। उक्त विभाग में खर्राटों के मरीज और फेफड़ों के संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाएगा। – डॉ. करन पीपरे, हॉस्पिटल अधीक्षक, एम्स

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री बोले – सुपेबेड़ा किडनी प्रभावितों का होगा बेहतर इलाज

0

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव बुधवार को गरियाबंद जिले के देवभोग ब्लॉक के ग्राम सुपेबेड़ा पहुंचे। यह वही गांव है, जहां ज्यादातर लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारी है। इस मौके पर सिंहदेव ने देवभोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डायलिसिस सेवा के लिए एक विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं अविलंब उपलब्ध कराने की बात कही। ग्रामीणों ने कहा कि वे एम्स में इलाज कराएं। वहां उन्हें पूरी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। फ्लोराइड युक्त पानी का उपयोग नहीं करने की सलाह देते हुए उन्होंने घोषणा की कि सुपेबेड़ा में जल्द ही तेल नदी से पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बेलार नाला और तेल नदी पर शीघ्र ही पुल निर्माण कराए जाने की घोषणा की। मंत्री के प्रवास के दौरान उनके साथ संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ और एम्स रायपुर के डायरेक्टर डॉ. नितिन नागरकर भी मौजूद थे।

इस मौके पर सिंहदेव ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन्हें किडनी की बीमारी से राहत दिलाने के लिए कारगर कदम उठाएं। स्वास्थ्य मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बीमारी के संबंध में जांच रिपोर्ट की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सोया दूध पिलाकर अमृत योनजा का शुभारंभ

मंत्री सिंहदेव ने इस अवसर पर स्कूली बच्चों को सोया दूध पिलाकर मुख्यमंत्री अमृत योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने आंगनबाड़ी के बच्चों और गर्भवती माताओं को सुपोषण किट वितरण कर जिले में सुपोषण अभियान का भी शुभारंभ किया।

MP : दुष्कर्म किया, सिगरेट से दागा और जान से मारने की धमकी दी

0

25 सितंबर से लापता विवाहिता के मंगलवार को राजपुर के समीप संदिग्ध अवस्था में मिलने के बाद बुधवार को पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हुआ है। मंगलवार दिनभर पुलिस विवाहिता से कुछ पूछ नहीं पाई। बुधवार को विवाहिता ने मीडिया के सामने बताया कि राजपुर निवासी इमरान उसे डरा-धमकाकर महाराष्ट्र व गुजरात ले गया था। पीड़िता ने आरोपित इमरान द्वारा दुष्कर्म किए जाने, सिगरेट से जलाने व जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही है। जुलवानिया थाना क्षेत्र के ग्राम अगलगांव की विवाहिता 25 सितंबर को राजपुर में 12वीं की परीक्षा देने आई थी। इसके बाद से वह गायब थी। परिजन ने उसकी गुमशुदगी जुलवानिया थाने पर दर्ज कराई थी। परिजन का यह भी आरोप था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन पर धमकी दी थी और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी। हालांकि जुलवानिया पुलिस ने इससे इनकार किया है। अब पुलिस आरोपित को जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है।

देर रात हुआ मेडिकल

मंगलवार सुबह पीड़िता हाथ-पांव व मुंह बंधे मिली थी। इसके बाद राजपुर में प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा था। परिजन ने आरोप लगाए हैं कि दोपहर से रात तक मेडिकल नहीं किया गया। जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों के दबाव के बाद देर रात मेडिकल कि या गया। पीड़िता ने मीडिया को यह भी बताया कि बड़ौदा से लौटते समय आरोपित ने उसे कुछ सुंघा दिया था, इससे वह बेहोशी जैसी हालत में ही रही।

जल्द गिरफ्तारी की मांग

बुधवार को जयस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जुलवानिया थाने पहुंचे। यहां उन्होंने आरोपित इमरान पिता सोहराब की गिरफ्तारी न होने पर आक्रोश जताया और जल्द गिरफ्तारी की मांग की। एएसपी सुनीता रावत ने कहा कि आरोपित को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसपी डीआर तेनीवार ने कहा कि पहले पीड़िता कुछ नहीं बता पा रही थी। बुधवार को पुलिस को दिए बयान में दुष्कर्म की बात बताई है। आरोपित को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।