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खुशखबरी! 14 लाख बैंक कर्मचारियों को दिवाली से पहले मिलेगा एक महीने का बोनस

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14 लाख से ज्यादा बैंक कर्मचारियों के अच्छी खबर है। दिवाली से पहले बैंक कर्मचारियों को बोनस का तोहफा मिलने वाला है। इंडियन बैंक एसोसिएशन (IBA) ने सभी सरकारी बैंकों से कहा है कि वे जल्द बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों को एक महीने का एडवांस एरियर दें। एरियर एडवांस डीए और बेसिक सैलरी को मिलाकर दिया जाएगा।इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के सीईओ वीजी कन्नन द्वारा साइन किए गए लेटर के अनुसार, इसका फायदा स्थायी कर्मचारी, स्टाफ और ऑफिसर्स को मिलेगा।

इन कर्मचारियों को मिलेगा इसका फायदा
फाइनेंशियल एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक यह एडवांस सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जो एक नवंबर 2017 को बैंक की नौकरी कर रहे थे और अभी तक रिटायर नहीं हुए है। जिन कर्मचारियों ने एक नवंबर 2017 के बाद और 31 मार्च 2019 के पहले ज्वाइन किया है, उन्हें आधी सैलरी ही एडवांस के तौर पर मिलेगी।

स्थायी कर्मचारियों को मिलेगी सैलरी
कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच वेतन संशोधन समझौते पर साइन करने के बाद इस एडवांस को एरियर्स में से एडजस्ट किया जाएगा। IBA ने बैंकों से कहा कि बैंक कर्मचारियों को यह बताया जाता है कि एड हॉक का भुगतान एक गुडविल के रूप में किया जा रहा है और इस एडवांस पेमेंट को एक्चुअल एरियर के तौर पर एडजस्ट किया जाएगा।

मांग में आएगी तेजी
बैंक कर्मचारियों को दिवाली के मौके पर अतिरिक्त रकम मिलेगी तो त्योहारों में जमकर खर्च करेंगे। ऐसे में मार्केट अतिरिक्त मनी फ्लो आएगा।

15,000 रूपये की कीमत में इस फोन को खरीद सकते हो, इसमें है पंच होल डिस्प्ले

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Motorola One Action स्मार्टफोन पंच होल डिस्प्ले के साथ आता है। यह फोन 15,000 रूपये वाली रेंज में आता है लेकिन अब सेल के चलते इस फोन को सस्ते में बेचा जा रहा है। इस फोन की कीमत छूट के बाद 11,999 रूपये है। इस फोन को अब आप सस्ते में खरीद सकते हो। यह छूट 4 अक्टूबर तक ही मिलेगी। फोन पर छूट फ्लिपकार्ट की साइट पर मिल रही है। अब इसके बारे में दूसरे आफर्स को लेकर जानकारी देते है।

इस फोन को नो कोस्ट ईएमआई पर भी खरीदने का आपके पास शानदार मौका है। इस फोन के सामने की तरफ पंच होल डिस्प्ले दिया गया है। इस फोन पर पुराने फोन का एक्सचेंज आफर भी दिया जा रहा है जिससे फायदा उठा सकते हो। इस फोन के रियर में फिंगर प्रिंट सेंसर दिया गया है जो कि सुरक्षा के लिए है।

इस कीमत में आपको 4 जीबी रैम व 128 जीबी स्टोरेज वाला स्मार्टफोन मिलेगा। इस फोन की स्टोरेज को माइक्रो एसडी कार्ड की मदद से 512 जीबी रैम तक बढ़ा सकते हो। फोन में ऊपर की तरफ कोने में एक सेल्फी कैमरा दिया गया है जिसका सेंसर 12 मेगापिक्सल का दिया गया है।

फोन के रियर में फोटो ग्राफी के लिए तीन कैमरे है जो 16 मेगापिक्सल, 12 मेगापिक्सल और 5 मेगापिक्सल के साथ आता है। इस फोन को पाॅवर देने के लिए इसमें 3500 एमएएच की बैटरी दी गई है। फोन को गति देने के लिए इसमें दमदार प्रोसेसर का उपयोग किया गया है। फोन को एक से अधिक रंग में पेश किया गया है। इस फोन में 6.3 इंच की डिस्प्ले दिया गया है।

भाजपा MLA राजकुमार ने रामलीला में दिया विवादित बयान, सीताजी तो ‘मेरी जान’ है

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रुद्रपुर से भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल का विवादित बयान सोशल मीडिया पर आने से मामला गरमा गया है। इंदिरा कॉलोनी में अायोजित रामलीला में रावण की भूमिका अदा करते हुए ठुकराल ने कहा कि सीता जी तो ‘मेरी जान’ है। ठुकराल के इस विवादास्‍पद डायलॉग पर रामलीला के आयोजकों ने भी आपत्ति जताई है।

आयोजकों के आपत्ति के बाद भी ठुकराल ने अपना अभिनय जारी रखा। ठुकराल के डायलॉग को सुनकर वहां मौजूद दर्शक हंस पड़े। ठुकराल रामलीला के मंचन के दौरान साधू का वेष धारण कर सीता जी के पास पहुंचे। उन्‍होंने सीता से कहा कि आप बहुत जवान दिख रही हैं। तुम्‍हें देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि तुम कहीं की राजकुमारी हो।

नाटक में सीता बने युवक ने जवाब देते हुए कहा कि ‘जी हां भगवन। सीता मेरा नाम है।’ ‘सीता’ के जवाब देने पर रावण बने भाजपा विधायक ने कहा कि सीता, मेरी जान। ठुकराल के इतना कहते ही वहां मौजूद दर्शक हंस पड़े। ठुकराल के इस बयान पर विवाद मच गया और नाटक के आयोजकों ने भी इस पर आपत्ति जताई। इस मामले पर ठुकराल ने स्‍वीकार किया कि उन्‍होंने सीता ‘मेरी जान’ कहा था लेकिन यह भी कहा कि उनका डायलॉग पटकथा का हिस्‍सा था।

भाजपा विधायक ने कहा कि यह राजकुमार नहीं बोल रहे थे। यह सीता के प्रति लगाव की वजह से राक्षस रावण बोल रहा था। मैंने जितने भी शब्‍द बोले वह पटकथा का हिस्‍सा थे। ठुकराल ने आगे बताया कि मेरी राम और सीता के प्रति अपार श्रद्धा है। सीता मेरे लिए मां के समान हैं और जितनी बार मैंने अपहरण का दृश्‍य मंचित किया, उतनी बार मैंने सीता माता के पैर छूए और उनसे माफी मांगी। इसी बीच कांग्रेस ने कहा कि ठुकराल का यह बयान दर्शाता है कि बीजेपी और उसके नेता राम और सीता का कितना सम्‍मान करते हैं।

वार्डों के परिसीमन के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है भाजपा…

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नगरीय निकायों के वार्डों के परिसीमन के खिलाफ भाजपा अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। पार्टी के जिलाध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों ने आला-नेताओं से शिकायत की है कि मौजूदा सरकार ने चुनाव में अपनी पार्टी के लाभ का ध्यान रखा है। परिसीमन में जनता की सुविधा का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया है। इस पर नगरीय निकाय चुनाव के प्रभारी ने कहा है कि परिसीमन का अंतिम प्रकाशन हो चुका है, इसलिए अब कानूनी सलाह लेकर कोर्ट जाया जा सकता है।

भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में मंगलवार को रायपुर संभाग के जिलाध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री राजेश मूणत, नवीन मार्कण्डेय, जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल समेत अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

जिलाध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों ने मतदाता सूची में भी गड़बड़ी की शिकायत की है। इस पर नगरीय निकाय चुनाव प्रभारी अग्रवाल ने कहा है कि जहां-जहां मतदाता सूची में गड़बड़ी लग रही है, वहां जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत करें। जिला निर्वाचन अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं, तो अग्रवाल ने कहा है कि दस्तावेज प्रमाण के साथ उन्हें जानकारी दी। वे खुद राज्य चुनाव आयुक्त के पास शिकायत करने जाएंगे।

प्रचार की रणनीति बनी

नगरीय निकाय चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी प्रचार की रणनीति तय कर ली है। बूथ स्तर पर जाकर पार्टी के लोग मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की ब्रांडिंग करेंगे और भूपेश सरकार की वादा खिलाफी को जन-जन पहुंचाने का काम करेंगे।

पदयात्रा की तैयारी पर हुई बात

सांसद सुनील सोनी ने गांधी जयंती पर बुधवार को भाजपा की निकलने वाली पदयात्रा पर बात की। राजधानी में दोपहर दो बजे कंकालीतालाब आनंद समाज वाचनालय से पदयात्रा शुरू होगी और सुंदरनगर में पं. सुंदरलाल शर्मा की प्रतिमा के पास पहुंचकर खत्म होगी। इसमें राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम भी शामिल होंगे।

पल में गुस्सा और कर दी हत्या, छत्तीसगढ़ ऐसे मामलों में देश में अव्वल…

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 छत्तीसगढ़ में क्षणिक अवेग में हत्याओं के आंकड़ों को लेकर सरकार और प्रमुख विपक्षी भाजपा के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की कथित रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया जा रहा है कि क्षणिक आवेग में आकर की जाने वाली हत्याओं के मामले में छत्तीसगढ़ देशभर में पहले नंबर पर है। प्रदेश में वर्ष 2018 ऐसे 4036 मामले दर्ज हुए हैं। जगदलपुर का कोडेनार थाना क्षेत्र ऐसी करीब 125 घटनाएं हुई हैं जो प्रदेश में सर्वाधिक है। वहीं दूसरे नंबर पर बिलासपुर है, जहां 113 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ का जगदलपुर जिला नक्सल प्रभावित है।

गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने पहले तो इन आंकड़ों पर ही सवला उठाया। उन्होंने कहा है कि मुझे नहीं लगता कि यह जो आंकड़े आए हैं, वह सही होंगे। उन्होंने आगे कहा कि हत्या के जो आंकड़े आए हैं, वह भाजपा शासन काल के हैं। हमारी सरकार आने के बाद शुरुआती पांच महीने में जितने अपराध हुए हैं उसके आंकड़े हमने विधानसभा दे दिए थे। इसके बाद फिर विधानसभा में यदि भाजपा सवाल उठाएंगी तो उनको भी सही जवाब दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस फोर्स अच्छे से काम कर रही है। चौबीसों घंटे रात दिन पुलिस फोर्स अपराधियों को धरपकड़ में लगी रहती है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने कहा कि जब से सरकार आई है तब से अपराध की संख्या बढ़ गई है। कांग्रेस सरकार के नौ महीने के कार्यकाल में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। लॉकअप में हत्याएं हो रही है, कहीं ना कहीं इसमें पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में भी उग्रवाद नक्सलवाद की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं, इसके पीछे के कारण कानून व्यवस्था का लचर रवैया है।

गूलर का फल दांत से जुड़ी समस्याओं में होता है असरदार

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गूलर का पेड़ भारत में हर जगह मौजूद है| यह लंबाई 50 से 60 फुट होती है। गूलर पेड़ के फल से सफेद दूध आता है। जब इस पेड़ को पकाया जाता है तो यह लाल रंग का हो जाता है। यह स्वाद में काफी मीठा होता है इसको उम्बरो, अम्बर, उदम्बर आदि नामो ने लोग जानते है| आज हम आपको बता रहे है इस पेड़ के आयुर्वेद फायदों के बारे में –

निमोनिया के रोग को दूर करे

निमोनिया से जूझ रहे रोगी को गूलर का काढ़ा बना कर इसका सेवन करना चाहिए| इससे बहुत आराम मिलेगा|

डायबिटीज में असरदार

डायबिटीज के मरीज़ों को गूलर के फल को पीसकर इसका इस्तेमाल पानी के साथ करना चाहिए। ऐसा रोज़ाना करने से आपकी डायबिटीज कंट्रोल रहेगी|

दांतों की समस्या में फायदेमंद

गूलर का फल दांत से जुडी समस्याओं में असरदार होता है| इसके फलों को पानी में डालकर उबालें और काढ़ा बनाए| फिर इस पानी से कुल्ला करें। ऐसा करने से दांत सी जुडी समस्या खत्म हो जाएगी और साथ ही मसूढ़े और दांत भी हैल्दी रहेंगे|

नकसीर में लाभदायक

गूलर का फल नकसीर की परेशानी को दूर करने में फायदेमंद होता है| इसके फलों को सुखाएं, पीसें और छान कर उसमे चीनी डाल लें| इस मिक्सचर का सेवन करने से आप की नकसीर की समस्या खत्म हो जाएगी|

मुंह के छाले से दिलाए छुटकारा

गूलर की पत्तियों को चबाने से मुंह के छाले आसानी से दूर हो जाते है।

दशहरा पर्व पर भारी बारिश का साया, मौसम विभाग ने एमपी सहित 12 राज्यों को एलर्ट

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पूरे देश में मनाये जा रहे नौदुर्गा-दशहरा पर्व पर भारी बारिश का साया गहरा गया है, मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश सहित 12 राज्यों के लिए एलर्ट घोषित किया है. एलर्ट में कहा है कि आगामी 4 अक्टूबर से इन राज्यों में भारी बारिश होगी.
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने आगे अनुमान लगाया कि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और नागालैंड के कुछ क्षेत्रों में भी पूरे दिन मूसलधार बारिश होगी.

इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

आईएमडी ने अपने ऑल इंडिया वेदर बुलेटिन में बताया, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात रीजन, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुुचेरी और कराईकल, केरल और माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है. मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काईमेट के मुताबिक झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए भी बारिश का पूर्वानुमान लगाया गया है. यहां आंधी तूफान की भी आशंका जताई गई है. लक्षद्वीप और मालदीव-कोमोरिन क्षेत्र के लिए भी मौसम तूफानी रहेगा. मौसम विभाग की ओर से मछुआरों को इन क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है. झारखंड में बारिश का कहर जारी है. रांची और कुछ अन्य जिलों में जहां लोगों को बारिश से थोड़ी राहत मिली वहीं संताल परगना में मूसलाधार बारिश ने खूब तबाही मचाई.

4 अक्टूबर 12 राज्यों में मेहरबान रहेगा मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक अक्टूबर का पहला सप्ताह भी मानसून के नाम रहेगा. देश के 12 राज्यों में भारी बारिश के संकते हैं. उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग ने बारिश के मुताबिक देश को 36 हिस्सों में बांटा है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3 दिन तक यानी 4 अक्टूबर तक इनमें से 12 हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी है.ये इलाके हैं – अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, मुंबई, प. बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पूर्वी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कर्नाटक और केरल.

जियो का दीवाली ऑफर: JioPhone की कीमत कर दी आधी, साथ में डेटा फ्री

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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने 4जी फीचर फोन JioPhone की कीमत आधी से ज्यादा कर दी है. सीमित अवधि के दिवाली ऑफर के तहत यह 1500 से लेकर 699 तक मिल रहा है. जियो का लक्ष्य है कि वह अधिक ग्राहकों को ऑन-बोर्ड करे और उन्हें 2G और 3G से वर्तमान में 4G तकनीक पर माइग्रेट करे.

यह कीमत बाजार में कई 2G फीचर फोन से कम है, Jio ने एक बयान में कहा कि वह पहले ही 7 करोड़ JioPhone हैंडसेट बेच चुका है. दिवाली ऑफर का लाभ उठाने वाले ग्राहकों के लिए Jio 700 रुपये का अतिरिक्त डेटा भी देगा.

यह ऑफर 4 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक उपलब्ध है. 2017 में Jio द्वारा सस्ते 4G हैंडसेट JioPhone पेश करने के बाद 1,500 के रिफंडेबल डिपॉजिट के साथ प्राइस-सेंसिटिव हैंडसेट मार्केट में भी बड़ा बदलाव आया है. जुलाई 2018 में कंपनी ने 2,999 की कीमत में फीचर फोन लॉन्च किया था.

जियो का धमाका

हालही में Jio और Google Pay UPI एक नया प्लान लेकर आए थे, जिसमे यूजर्स google Pay UPI के माध्यम से MyJio ऐप का उपयोग करके किए गए रिचार्ज पर 149 कैशबैक प्राप्त कर सकते थे. UPI भुगतान को बढ़ावा देने के लिए Jio वर्तमान में 149 का फ्लैट कैशबैक दे रहा है. यह ऑफ़र पहले से मौजूद Google पे उपयोगकर्ताओं के लिए लागू नहीं है. इस ऑफ़र को भुनाने के लिए Google पे ऐप डाउनलोड करें और रेफरल कोड ‘Jio’ का उपयोग करके साइन-अप करें.

मध्य प्रदेश हनी ट्रैप मामला: आरोपी महिला ने बताया किस सॉफ्टवेयर के जरिए नेताओं और अफसरों के फोन किए जाते थे टैप

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मध्य प्रदेश हनी ट्रैप कांड में आये दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच कर एसआईटी ने इस बात का दावा किया है कि अफसरों और नेता का फोन टैप करने के लिए एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी श्वेता विजय जैन ने बंगलूरू की प्राइवेट कंपनी को फोन टैप करने और सर्विलांस का काम सौंपा था। हालांकि कंपनी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब इंदौर नगर निगम के अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने 19 सितंबर 2019 को हनी ट्रैप गिरोह का औपचारिक खुलासा किया था। गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह सदस्यों को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया गया था।

खबर के मुताबिक, बंगलूरू की कंपनी नेताओं और अफसर के फोन टैपिंग के लिए पिगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती थी। पिगासस सॉफ्टवेयर उस वक्त चर्चा में आ गया था, जब 2016 में एंटी वायरस सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी फर्म ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि पिगासस एक बहुत ही बड़ा जासूसी सॉफ्टवेयर है। जिसकी मदद से आईफोन-आईपैड से लेकर किसी भी एंड्रॉयड फोन को हैक किया जा सकता है। इसके जरिए 24 घंटे तक नजर रखा जाता है।

लोगों के वीडियो बनाने के लिए लिपिस्टिक एवं चश्मे में लगाये गये थे कैमरे

हनी ट्रैप गिरोह के सदस्य अपने जाल में फंसे धनी और रसूखदार लोगों के साथ अंतरंग पलों का वीडियो बनाने के लिए कैमरे लिपिस्टिक कवर और चश्मों मे छुपाकर रखते थे। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह इन्हीं वीडियो की मदद से धनी एवं रसूखदार लोगों को ब्लैकमेल करता था।

जानें कैसे हुआ मध्य प्रदेश हनी ट्रैप मामले का खुलासा

इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर पुलिस ने 19 सितंबर को हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा किया था। गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह सदस्यों को भोपाल और इंदौर से 18 एवं 19 सितंबर को गिरफ्तार किया गया।

हनी ट्रैप और ब्लैकमेल कर इस इंजीनियर से तीन करोड़ रुपये मांगने के आरोप में पुलिस ने इन्दौर और भोपाल से पांच युवतियों आरती दयाल (29), मोनिका यादव (18) श्वेता जैन (पति विजय जैन) (39), श्वेता जैन (पति स्वप्निल जैन) (48) और बरखा सोनी (34) को भारतीय दंड संहिता की धारा 405/19, 419, 420, 384, 506, 120-बी एवं 34 के तहत गिरफ्तार किया।

इंदौर की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रूचिवर्धन मिश्र ने बताया कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस गिरोह ने महिलाओं का इस्तेमाल कर राजनेताओं और नौकरशाहों समेत कई रसूखदारों को भी जाल में फंसाया था और इन लोगों से धन उगाही के अलावा अपनी अलग-अलग अनुचित मांगें जबरन मनवायीं। गिरोह खुफिया कैमरों से अंतरंग पलों के वीडियो बनाकर अपने “शिकार” को इस आपत्तिजनक सामग्री के बूते ब्लैकमेल करता था। इनमें से कई वीडियो क्लिप सोशल मीडिया में वायरल भी हुए हैं।

छत्तीसगढ़ : किसानों को बड़ी राहत, अब नहीं देना होगा सोसाइटी को रिकार्ड ,पुराने रिकॉर्ड से होगी धान की खरीदारी

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छत्तीसगढ़ में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जिन किसानों के पिछले साल पंजीयन कराया था, उन्हें अब नए सिरे से अपनी कृषि भूमि के दस्तावेज सोसाइटी को नहीं देने होंगे। न ही उन्हें रिकार्ड हासिल करने के लिए पटवारी के चक्कर लगाने होंगे। पिछले महीने जब ऐसी व्यवस्था की गई थी, तब हरिभूमि ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस आदेश में बदलाव कर साफ किया है कि जो किसान पिछले साल पंजीकृत थे, उनका पुराना डाटा ही कैरी फार्रर्वड किया जाएगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिली है।

हरिभूमि ने 17 सितंबर को इस संबंध में खबर दी थी कि पंजीकृत किसानों द्वारा बोए गए कुल रकबा का खसरा नंबर दर्ज किया जाए। इसके साथ ही पटवारी द्वारा सत्यापित सूची के अनुसार रकबे का संशोधन कर मिलान करने के बाद पटवारी के हस्ताक्षरित सूची अपलोड की जाएगी। सरकार के इस आदेश के बाद प्रदेश के 16 लाख से अधिक किसानों में खलबली मच गई थी, क्योंकि उनसे पंजीयन के लिए नए सिरे से दस्तावेज मांग जा रहे थे। किसानों के लिए यह बात भी परेशान करने वाली थी, उन्हें जमीन का रिकार्ड पटवारी के पास जाकर लेना था। यह खबर प्रकाशित होने के बाद सरकार के खाद्य विभाग ने 30 सितंबर को आदेश जारी कर व्यवस्था में बदलाव किया है। इससे प्रदेश के उन 16 लाख से अधिक किसानों को राहत मिली है, जो पिछले साल धान बेचने के लिए पंजीयन करा चुके हैं।

अब जारी हुआ ये आदेश

खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने 30 सितंबर को जारी आदेश में कहा है कि गत वर्ष 2018-19 में पंजीकृत किसान की दर्ज भूमि एवं धान के रकबे की जानकारी की सूची समिति साफ्टवेयर से प्रिंट कर समिति द्वारा संबंधित क्षेत्र के पटवारी को उपलब्ध कराई जाएगी। यह कार्य 5 अक्टूबर तक किया जाना है। पटवारी द्वारा राजस्व रिकार्ड के आधार पर सूची अद्यतन (अपडेट) कर समिति को वापस उपलब्ध कराया जाएगा। यह काम 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। समिति द्वारा सत्यापित अद्यतन सूची की डाटा एंट्री कराकर अंतिम सूची निर्देशानुसार हस्ताक्षरित कर समिति में चस्पा की जाएगी यह काम 21 अक्टूबर तक करने के निर्देश हैं। रैंडम आधार पर किसान पंजीयन की अंतिम सूची की राजस्व अ अधिकारी से सत्यता की जांच 31 अक्टूबर तक कराई जानी है। खाद्य विभाग के सचिव ने यह आदेश प्रदेश के सभी कमिश्नरों, कलेक्टरों, पंजीयक सहकारी संस्थाएं तथा प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक को भेजा है।

पिछले साल तक थी ये व्यवस्था

राज्य में पिछले साल कर ये व्यवस्था थी कि किसान सोसाईटी में अपनी ऋण पुस्तिका ले जाता था, उसमें ही कृषि भूमि व पड़त भूमि का रकबा अलग-अलग लिखा होता है, लेकिन नए निर्देश के मुताबिक बोए गए कुल रकबे का अलग-अलग खसरा नंबर मांगा जा रहा था। इसे भी पटवारी से सत्यापित कराना आवश्यक था, साथ ही सत्यापित सूची के अनुसार रकबे का संशोधन कर मिलान के बाद पटवारी की हस्ताक्षरित सूची को अपलोड करने कहा गया था। किसानों का कहना है कि यह प्रक्रिया उनके लिए परेशानी का कारण बन रही थी।

किसान बचे परेशानी से

किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने कहा है कि सरकार के नए आदेश से किसान परेशानी से बच गए हैं। उनका कहना है कि धान खरीदी की लिए जब नीति जारी की गई थी, तभी साफ था कि पिछले साल पंजीयन कराने वालों का डाटा कैरी फार्रवर्ड किया जाएगा, लेकिन इस नियम के विपरीत नया आदेश जारी कर दिया गया था।