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खुदाई के दौरान किसान को मिली ऐसी चीज, बाहर निकाला तो उड़ गए होश

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बिहार के भगवानपुर में एक अजीब किस्सा हुआ है। यहां एक किसान अपने खेत में मिट्टी खोदकर बराबर कर रहा था, तभी अकस्मात से उसका कुदाल लोहे की तरह किसी चीज से टकराया। वो इसे एक पत्थर समझ रहा था, किन्तु जब उसने इसे बाहर निकला तो उसके होश उड़ गए।

इसके बारे में मालुम चलते ही लोगों की काफी भीड़ एकत्रित हो गई। खबरों के मुताबिक, बिहार के भगवानपुर में ओरगांव है। यहां किसान कमलेश तिवारी कुदाल से मिट्टी समान कर रहा था।

अकस्मात से कुदाल किसी वस्तु से टकराया। उसने इसे बाहर निकाला तो दिखा कि यह एक प्रतिमा है। तत्पश्चात इसे देखने वालों की भीड़ लग गई। जब प्रतिमा से मिट्टी हटाई गई तो कुछ लोग इसे ईश्वर कार्तिकेय कोई शिव मूर्ति तो शिवलिंग होने की बात बोलने लगे।

इस मामले में जानकारों की माने तो, ये मूर्ति पंचमुखी शिवलिंग के ऊपर का भाग है। यह आरंभिक काल की मूर्ति है।इसे पहली-दूसरी सदी में बनाया गया होगा।

सूत्रों की माने तो, इससे पूर्व भी अनेक जगहों से खुदाई के दौरान भगवान की मूर्ति या फिर सोने के सिक्के निकलने जैसी खबरें समक्ष आती रहीं हैं।

ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते हैं बॉलीवुड के ये सितारे, नाम करेंगे हैरान

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ब्राह्मण समाज का इतिहास काफी ज्यादा पुराना और प्राचीन है। ब्राह्मण समाज का आरंभ भारत में वैदिक धर्म से है। आपको शायद ही मालूम हो कि भारत का प्रमुख्य आधार ही ब्राह्मणों से शुरू होता है। ब्राह्मणों का मुख्य व्यवहार स्त्रोत ही वेद है। आज ब्राह्मणों ने कई क्षेत्रों में नाम कमाया है फिर वो चाहे राजनीति हो, खेल हो या फिर बॉलीवुड। आज हम आपको अपने इस लेख में ऐसी ही कुछ मशहूर ब्राह्मण बॉलीवुड कलाकारों के नाम बताने जा रहे हैं। इस​ लिस्ट में ऐसे ऐसे नाम हैं जो आपको हैरान करेंगे।

शर्मिला टैगोर
शर्मिला टैगोर अपने समय की मशहूर अदाकारा हैं, उन्होंने कई ऐसी शानदार फिल्मों में काम किया है जिसे दर्शक शायद ही कभी भूल पाएंगे। शर्मिला टैगोर का जन्म बंगाल के ब्राह्मण परिवार में हुआ था। हालांकि उन्होंने एक मुस्लिम से शादी की थी।

पंकज त्रिपाठी
पंकज त्रिपाठी बॉलीवुड के उभरते हुए सितारें है उन्होंने कई फिल्मों में अपने अभिनय से हर किसी को अपना दीवाना बना लिया है। वो बिहार के ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

दीपिका पादुकोण
इसमे कोई दो राय नहीं है कि दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की बहुत ही खूबसूरत अदाकारा है। दीपिका अपनी अदाकारी के लिए जानी जाती हैं। इनका जन्म 5 जनवरी 1986 को डेनमार्क में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। ब्राह्मण होने के बाद भी दीपिका ने साल 2018 में सिंधी परिवार से ताल्लुक रखने वाले अभिनेता से शादी की है।

संजय दत्त
संजय दत्त बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के बहुत ही लोकप्रिय अभिनेता है। संजय दत्त एक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, उनके पिता ब्राह्मण और मां मुस्लिम थी। इतना ही नहीं संजय दत्त ने साल 2008 में मुस्लिम महिला मान्यता से शादी की। असल में मान्यता का असली नाम दिलनवाज शेख है जिनका ताल्लुक मुस्लिम परिवार से हैं।

माधुरी दीक्षित
बॉलीवुड की धक धक गर्ल माधुरी दीक्षित ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनका जन्म 15 मई 1967 को मुंबई में हुआ था। आज माधुरी बॉलीवुड की दुनिया एक बड़ा नाम है।

अजय देवगन
सिंघम अभिनेता अजय देवगन ब्राह्मण से ताल्लुक रखते हैं। आज वो अपने अभिनय एक्शन और कॉमेडी से करोड़ों दिलों पर राज करते हैं। अजय देवगन का जन्म 2 अप्रैल 1969 को दिल्ली में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

प्राची देसाई
प्राची देसाई बॉलीवुड की बहुत ही मशहूर अभिनेत्री है। अपनी दमदार एक्टिंग और खूबसूरती के चलते बॉलीवुड में अपना नाम बनाने वाली प्राची देसाई का जन्म 12 सितंबर 1988 को गुजरात के सूरत में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

पीयूष मिश्रा
पीयूष मिश्रा बॉलीवुड के शानदार अभिनेता और राइटर है। उनका जन्म भी ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

संजय मिश्रा
संजय मिश्रा बॉलीवुड के मंझे हुए कलाकारों में आते हैं उन्होंने अब तक कई ऐसी फिल्मों में काम किया है जो बेहतरीन है।

शराब पीना छोड़ देंगे जब जान लेंगे क्या होते हैं उसको छोड़ने के बाद शरीर में कई अच्छे बदलाव

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आज कल शराब पीना लोगों के लिए बौट ही आम बात हो गई है । लोगों को लगता है की शराब का सेवन करना उनके लिए बहुत ही शान की बात है । परंतु लोग यह बात नहीं जानते हैं की यदि इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाये तो यह सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी होता है । परंतु उसका सेवन यदि ज्यादा मात्रा में किया जाये तो यह बहुत ही नुकसानकारी साबित होती है ।

आज हम आपको शराब छोड़ देने के बाद आपके शरीर में होने वाले कुछ ऐसे अच्छे और बड़े बदलावों की जानकारी देने जा रहे हैं जिनको जानने के बाद आप तुरंत ही शराब पीना छोड़ देंगे । आइये जानते हैं इस बारे में क्या है वह बड़े बदलाव ।

जो लोग शराब का अत्यधिक सेवन करते हैं और दिन के किसी भी वक्त पीते हैं तो उनके लिए शराब छोड़ने वाला दौर बहुत ही मुश्किल होता है। उन लोगों में कई तरह के विद्ड्रॉल सिम्प्टम्स नजर आने लगते हैं। जैसे कि दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है, सिर चकराने लगता है, सिर में हमेशा ही भारीपन लगता है ।

शराब छोड़ने से बॉडी में विटमिन सी का लेवल बढ़ जाता है और यह विटमिन हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए बहुत जरूरी होती है। शराब पीने की वजह से न सिर्फ याददाश्त कमजोर हो जाती है और मानसिक परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। इसकी वजह से व्यक्ति डिप्रेशन का भी शिकार हो जाता है। लेकिन शराब छोड़ने के बाद ये सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। व्यक्ति की सोचने की क्षमता बढ़ जाती है और वह सही ढंग से फैसला ले पाता है।

छह उग्रवादी गिरफ्तार, ठिकाने से हथियारों का जखीरा भी बरामद

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उग्रवादी संगठन के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके ठिकाने से हथियारों का जखीरा भी बरामद हुआ है।

उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट बोडोलैंड (सोंगबीजीत) के स्वयंभू सांस्कृतिक सचिव सहित संगठन के छह सदस्यों को असम के

कोकराझार जिले से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

संगठन पर असम में नरसंहार करने का आरोप है।

रक्षा विभाग के एक बयान के मुताबिक जिले के रिपु आरक्षित वन में सेना और असम पुलिस के एक संयुक्त अभियान के दौरान ये गिरफ्तारियां

बयान में बताया गया है कि गिरफ्तार किये गये उग्रवादियों से यह पता चला है कि एनडीएफबी (एस) के उग्रवादियों को म्यामां में प्रशिक्षण दिया

की गईं।

जाता है।

बयान के मुताबिक उनके ठिकाने से एक एम 16 राइफल, 7.65 एमएम बोर की छह पिस्तौलें, 12 मैगजीन, गोलाबारूद, दवाइयां, राशन और

अन्य वस्तुएं बरामद की गईं।

आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कम से कम 25 सैनिक मारे गये हैं तथा कई अन्य घायल

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आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कम से कम 25 सैनिक मारे गये हैं तथा कई अन्य घायल हुए हैं।

माली की सरकार ने यह जानकारी दी है।

माली में बुर्किना फासो सीमा के पास आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कम से कम 25 सैनिक मारे गये हैं तथा कई अन्य घायल हुए हैं।

माली के संचार मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार सशस्त्र बलों के 25 जवान मारे गये हैं तथा चार घायल

हुए हैं।”

संचार मंत्रालय ने बताया कि माली और बुर्किना फासो की सेनाओं ने आतंकवादियों के खात्मे के लिए संयुक्त रूप से अभियान शुरू किया है।

इस अभियान के तहत किये गये हवाई हमलों में कम से कम 15 आतंकवादी मारे गये हैं तथा पांच वाहन नष्ट हुए हैं।

स्पूतनिक न्यूज एजेंसी के अनुसार आतंकवादियों ने सोमवार को बुर्किना फासो सीमा के पास बुल्केसी और मोंडोरो में स्थित दो सैन्य चौकियों

पर हमला किया।

सशस्त्र बलों के जवानों ने मंगलवार को फिर से बुल्केसी चौकी पर कब्जा कर लिया।

छत्तीसगढ़ : आज से कुल्हड़ में ही मिलेगी चाय, पानी या नाश्ता देने मिट्टी के बर्तन का करेंगे इस्तेमाल

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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के 25 स्टेशनों में दो अक्टूबर से यात्रियों को केवल कुल्हड़ में चाय दी जाएगी। इसके अलावा लस्सी, पानी या नाश्ता देने के लिए मिट्टी के बर्तन का ही उपयोग होगा। भारतीय रेल की ओर से इसकी शुरुआत गांधी जयंती के 150 वर्ष पूरे होने पर की जा रही है। रेलवे बोर्ड से जारी आदेश दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को भी मिला है। इस आदेश पर अमल करते हुए ही जोन ने बिलासपुर, रायपुर व नागपुर मंडल के 25 स्टेशनों को चिंहित किया है। जहां अब केवल मिट्टी की सोंधी-सोंधी खुशबू के साथ चाय दी जाएगी।

इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय कुम्हारों एवं स्थानीय टेराकोटा से जुड़े लोगों के जिंदगी में खुशहाली आएगी। उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। प्लास्टिक बेहद खतरनाक है।

इसका उपयोग पूरी तरह से बंद करने का संकल्प लिया गया है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी रेल मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं। उन्हें इस पर सख्ती से पालन की हिदायत भी दी गई है। अमला इसकी जांच भी करेगा। प्लास्टिक की कोई भी चीजें से खानपान परोसना महंगा भी पड़ सकता है।

यहां होगा उपयोग

बिलासपुर रेल मंडल – बिलासपुर, रायगढ़, चांपा, कोरबा, अंबिकापुर, शहडोल, पेंड्रारोड़, उमरिया, करगीरोड, ब्रजराजनगर व उसलापुर

रायपुर रेल मंडल – रायपुर, दुर्ग, भाटापारा, तिल्दा, बिल्हा व बालोद

नागपुर रेल मंडल – राजनांदगांव, डोंगरगढ़, गोंदिया, भंडारारोड, इतवारी, छिंदवाडा व बालाघाट

लोग इसी तरह आगे आएं तो संवर जाएगा कारोबार

मिट्टी के पात्र का उपयोग करना लगभग समाप्ति की ओर है। गर्मी में आमतौर पर लोग मिट्टी के घड़े ही उपयोग में लाते हैं। घटती मांग से कुम्हारी कार्य से कुम्हार परिवारों का मोहभंग हो रहा है। इस संबंध में कमल प्रजापति का कहना है कि डिस्पोजल की जगह कुल्हड़ का उपयोग किया जाना स्वागतेय कदम है। अन्य कारोबारी, दुकानदार, नागरिक भी इसी तरह का सोंच प्रदर्शित करें तो कुम्हारी कार्य को गति मिलेगी। कुम्हार परिवारों को परंपरागत कार्य छोड़कर अन्य कार्यो में मेहनत मजदूरी करने की नौबत नहीं आएगी।

लड़का पैदा कराने वाले गिराह का हुआ पर्दाफाश, 1 बच्चे के लिए लेते थे 8 से 9 लाख रुपए

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 दिल्ली में एक ऐसे कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है जिनका टाई अप पूरे देश भर में अलग अलग IVF सेन्टर से था और जो बेटे की चाह रखने वाले दंपत्ति से संपर्क साधते. फिर ivf सेंटर में भेजते जहां से उनको थाईलैंड, सिंगापुर और दुबई भेजा जाता था और एवज में करीब 8 से 9 लाख रुपए जाते थे. सेंट्रल मिनिस्ट्री, दिल्ली पुलिस के अलावा दिल्ली सरकार के परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को इस रेड को अंजाम दिया. कीर्ति नगर का ivf सेन्टर है जहां से इस रेड की शुरुआत हुई. फिर यहीं से इसके कॉल सेंटर जो करोल बाग में है इसके जरिये चल रहे इस गिरोह तक फर्दाफ़ाश हुआ.

इसके बाद टीम ने करोल बाग के कोरिया प्लाजा में चल रहे कॉल सेंटर पर छापा मारा. डॉ नूतन मुंडेजा, निदेशक, परिवार कल्याण मंत्रालय, दिल्ली सरकार ने बताया कि लगभग 300 कर्मचारी इस कॉल सेंटर से उन दंपत्तियों से संपर्क कर रहे थे जिनको बच्चे नहीं हो पा रहे हैं. जो बेटे की चाह रखते थे?? उसके बात करते हुए ये उनको ऑप्शन देते हैं कि जो भी दंपत्ति कहते हैं कि हम लड़के की चाह है तो फैमिली बैलेंसिंग के नाम पर उनको ये सुविधा उपलब्ध करवाते थे. साइबर क्राइम और FSL की टीम के जरिये इनके डेटा तक पहुंचने की है ताकि जिन दम्पतियों ने मदद ली उन तक पहुंचा जा सके.

देशभर के 100 से IVF सेंटर्स से कॉल सेंटर चलाने वाली कंपनी इला विमेन ने MoU कर रखा था. 8 से 9 लाख की रक़म में इला वीमेन का 20% का हिस्सा होता था. 6 लाख दम्पतियों से कॉल सेंटर के जरिये संपर्क किया गया. बताया जा रहा है कि केवल दिल्ली में 200 दम्पतियों की इन्होंने मदद की है.

फिलहाल कॉल सेंटर पर ताला लगा है पर अब साइबर क्राइम की टीम की मदद से ये तमाम लैपटॉप से जानकारी जुटाई जाएगी.

दूषण से बचाव के लिए खोजा अच्छा विकल्प, गन्ने की खोई से बनाई डिस्पोजल क्राकरी

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शामली में प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद डिस्पोजल क्राकरी का कारोबार बंदी के कगार पर है. ऐसे में शहर के एक उद्यमी ने इसका बेहतर विकल्प तलाशा है. उद्यमी ने गन्ने की खोई से डिस्पोजल क्राकरी बनाने का प्लांट लगाया है. ये क्राकरी प्रदूषण से मुक्ति दिलाएगी.शहर के उद्यमी संदीप गर्ग ने बताया कि उनकी इंडस्ट्रीयल एरिया में 26 साल से लकड़ी की चम्मच बनाने की फैक्टरी थी. प्लास्टिक पर प्रतिबंध के बाद डिस्पोजल क्राकरी की फैक्टरियां बंद होने लगी थीं. इसका असर उनके काम पर आने लगा था.

उन्होंने इंटरनेट पर सर्च कर किसी नए विकल्प की तलाश शुरू की. इसी से उन्हें पता चला कि गन्ने की खोई की लुगदी से डिस्पोजल क्राकरी संभव है. इसे बनाने की मशीनरी भी मार्केट में उपलब्ध हैं. उत्तराखंड के लाल कुंआ में इस लुगदी का मार्केट भी हैं. ये लुगदी पेपर मिलों में काम आती है. इसके बाद उन्होंने इसका प्लांट लगाने का मन बनाया. दिल्ली से इसकी मशीनें खरीदी, उत्तराखंड के लाल कुंआ से खोई की लुगदी की सीटें मंगाई और पिछले महीने ही ये प्लांट शुरू कर दिया. एक महीने में करीब 10 से 12 लाख प्लेटें बनाने की इसकी क्षमता है. प्लास्टिक की क्राकरी प्रतिबंधित होने के बाद अब लोगों का रुझान इसकी तरफ बढे़गा. संदीप का दावा है कि देश में इस तरह के मुश्किल से 10-15 प्लांट होंगे.

इस तरह होता है निर्माण

गन्ने की खाई की लुगदी की सीट लाकर उन्हें पानी में घोलकर घोल बना लिया जाता है. इसके बाद मोल्डिंग मशीनों में डालते हैं. जिस साइज की प्लेट या क्राकरी चाहिए उसी साइज के खांचे मशीन में फिट कर दिए जाते हैं. इस तरह प्लांट में ये क्राकरी तैयार हो जाती है. फिलहाल वह प्लेट और कटोरी ही बना रहे हैं.

थोड़ी महंगी मगर प्रदूषण से बचाएगी

उद्यमी संदीप का दावा है कि अभी देश में इस तरह के केवल 10 या 15 ही प्लांट हैं. दरअसल प्लास्टिक क्राकरी की तुलना में ये थोड़ी महंगी पड़ती है. एक ही साइज की जो प्लास्टिक की प्लेट ढाई से तीन रुपये में आती है इसकी प्लेट साढ़े चार रुपये के आसपास होगी, प्लास्टिक की प्लेट को खुले में फेंकने पर ये महीनों तक नष्ट नहीं होगी, जलाने पर प्रदूषण फैलाएगी जबकि गन्ने की खोई की लुगदी से बनी ये क्राकरी 10 से 15 दिन में खुद ही नष्ट हो जाएगी. जाहिर है कि इससे प्रदूषण नहीं होगा.

खुशखबरी! आज सोना हुआ सस्ता, जानिए 10 ग्राम की कीमत

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त्योहारों पर सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है. राष्ट्रीय राजधानी के दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 58 रुपये टूट गया. हालांकि चांदी की कीमतों में इजाफा हुआ. चांदी के दाम में 2,360 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई. अंतर्राष्ट्रीय बाजार, न्यूयॉर्क में सोना गिरावट प्रदर्शित करता 1,460 डॉलर प्रति औंस था जबकि चांदी 16.95 डॉलर प्रति औंस पर अपरिवर्तित रहा.

सोने की नई कीमत
मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 58 रुपये गिरकर 38,140 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया. सोमवार को सोना 38,198 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था.

चांदी हुई मंहगी
वहीं चांदी की कीमतों में उछाल आया और दिल्ली सर्राफा बाजार में एक किलोग्राम चांदी का भाव 2,360 रुपये की बढ़त के साथ 47,580 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया. सोमवार को चांदी 45,220 रुपये प्रति किग्रा पर बंद हुआ.

सोने की कीमतों में गिरावट की वजह एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस, तपन पटेल के अनुसार, रुपया कमजोर होने के बीच हाजिर सोना (24 कैरेट) में 58 रुपये की गिरावट आई. उन्होंने कहा कि अमेरिका-चीन के बीच व्यापार तनाव कम होने से डॉलर मजबूत हुआ और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सर्राफा बाजार में कमजोरी रही क्योंकि निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख कर लिया है.

आप 1 रुपये में भी खरीद सकते हैं सोना
देश में पेटीएम समेत कई ई-वॉलेट कंपनियां अब एक रुपये में भी सोना खरीदने का मौका दे रही है. इस प्लेटफॉर्म पर बिकने वाला सोना 24 कैरेट 99.9 शुद्धता वाला है. यहां आपकी तरफ से खरीदे गए सोने को एक सुरक्षित लॉकर में रखा जाता है. आप जब चाहें इस सोने की होम डिलीवरी ले सकते हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आप एक रुपये से निवेश कर धीरे-धीरे रकम को बढ़ा सकते हैं. साथ ही, जब आपको जरुरत हो तो सोना या फिर मोटे रिटर्न भी हासिल कर सकते हैं.

श्रीलंकाई नौसेना ने भारतीय समुद्री सीमा में घुसकर 2000 से ज्यादा मछुआरों पर हमला किया

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तमिलनाडु के रामेश्वरम में रहने वाले 2,000 से अधिक मछुआरे श्रीलंकाई समुद्री इलाके में मछली पकड़ने गए तो श्रीलंका की नौसेना ने उन पर भारतीय समुद्री क्षेत्र में घुसकर कथित तौर पर हमला किया। रामेश्वरम मछुआरा संघ के प्रमुख पी. सेसुराजा ने बताया कि मछुआरे सोमवार को मछली पकड़ने के लिए समुद्र में उतरे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना कर्मियों ने भारतीय क्षेत्र में घुसकर उन्हें वहां से खदेड़ दिया। मछुआरों का आरोप है कि नौसैनिकों ने उनकी 10 नौकाओं में पड़े मछली पकड़ने के जालों को भी काट दिया। यह पहली बार नहीं है जब श्रीलंका ने ऐसा किया है। इससे पहले भी श्रीलंकाई नौसेनिकों ने 14 सितंबर को नेदुनतीवू तट के पास कथित तौर पर मछली पकड़ते हुए चार मछुआरों को गिरफ्तार किया था।