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BHOPAL METRO के कारण ट्रैफिक जाम : प्रतिदिन 4 लाख लोग परेशान

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सुभाष नगर से एमपी नगर तक चल रहे मेट्रो रूट के लिए चल रहा कंस्ट्रक्शन यहां से दिन भर में गुजरने वाले डेढ़ लाख वाहनों के लिए सिरदर्द बन गया है। सुभाष नगर अंडरब्रिज के नीचे चैंबर के टूटने से हालात और बिगड़ गए हैं। 18 फीट बाय 6.5 फीट के इस चैंबर का आधा हिस्सा ध्वस्त हो जाने से यहां से वाहन निकलना मुश्किल हो गए हैं। नतीजा सुभाष नगर तक ट्रैफिक जाम हो रहा है।

यदि इस चैंबर को जल्द नहीं सुधारा गया तो यह किसी बड़ी दुर्घटना की वजह बन सकता है। इस चैंबर को सुधारने के लिए गुरुवार सुबह 11 बजे से तीन दिन तक अंडरब्रिज बंद रहेगा। नगर निगम के सब इंजीनियर हबीब रहमान के अनुसार पुराने चैंबर को निकालने और उसकी सफाई करने के बाद नया चैंबर लगाया जाएगा। एक टन से अधिक वजन के इस चैंबर की फिटिंग और कांक्रीटिंग में तीन दिन तक लगेंगे। यानी अगले तीन दिन तक सुभाष नगर से एमपी नगर आने- जाने वालों को रेलवे क्राॅसिंग से गुजरना होगा। निगम बुधवार को अधिकारिक रूप से ट्रैफिक पुलिस को इसकी सूचना दे देगा।

डायवर्सन से गवर्नमेंट प्रेस के सामने बढ़ेगा जाम

यदि यह डायवर्सन प्लान लागू करके एमपी नगर से सुभाष नगर की ओर जाने वाले भारी वाहनों को गवर्नमेंट प्रेस की तरफ से जाना होगा। लेकिन इस सड़क पर एक तरफ गुमठी और फुटकर दुकानों का अतिक्रमण है। इन दुकानों के कारण पहले ही यहां जाम के हालात बनते हैं। भारी वाहनों के भी इस सड़क पर आने से यहां जाम लगना स्वाभाविक है।

दो किमी तय करने में लग रहे 30 मिनट

वल्लभ भवन, अरेरा हिल्स, एमपी नगर, सुभाष नगर और रचना नगर आने-जाने वाले तीन से चार लाख लोग रोजाना इस ट्रैफिक जाम में फंसते हैं। सुभाष नगर से एमपी नगर तक दो किमी के जिस सफर में दस मिनट का समय लगता है वह बढ़ कर आधा घंटा हो गया है। इस रूट पर होने वाले ट्रैफिक जाम से बचने के लिए भेल और एमपी नगर से सुभाष नगर के लिए लोग रचना नगर अंडरब्रिज की तरफ से आने- जाने लगे हैं, नतीजा यहां दिन के समय में भी जाम लगने लगा है।

37 फीसदी घट गई सड़क की क्षमता

मेट्रो कंस्ट्रक्शन के लिए लगाए गए बैरिकेड्स के कारण सड़क की केपिसिटी 37 फीसदी तक कम हो गई है, इस वजह से ट्रैफिक धीमी गति से चल रहा है। ट्रैफिक डायवर्जन का पालन नहीं होने का नतीजा है कि स्कूल बस और भारी वाहनों के यहां आते ही ट्रैफिक जाम के हालात बन जाते हैं।

सहयोग चाहिए

हमने अपना डायवर्सन प्लान प्रशासन को सौंप दिया था। ट्रैफिक पुलिस ने कुछ परिवर्तन बताए थे। उस हिसाब से बदलाव किए जा रहे हैं। हमें नगर निगम के प्लान की जानकारी नहीं है। यदि निगम कोई काम कर रहा है तो हम अपना डायवर्सन कुछ दिन के लिए टाल भी सकते हैं।

– राजकपूर मंडराई, जीएम, दिलीप बिल्डकॉन

व्यवस्था बनाएंगे

मेट्रो के साथ अंडरब्रिज के नीचे का चैंबर रिपेयर होना भी जरूरी है। नगर निगम से अभी पत्र नहीं मिला है। निगम का पत्र मिलने के बाद कार्रवाई करेंगे। दोनों के बीच समन्वय करके व्यवस्था बनाएंगे।

कॉल आने पर अब 45 सेकेंड नहीं बजेगी फोन की घंटी, घटकर अब हुई इतनी!

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एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया ने अपने नेटवर्क से बाहर जाने वाली कॉल पर घंटी बजने का समय घटाकर अब सिर्फ 25 सेकेंड कर दिया है. आमतौर पर कॉल आने के समय बजने वाली फोन की घंटी की अवधि 40 से 45 सेकंड होती है, लेकिन अब इसे घटाकर 25 सेकेंड कर दिया है. एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के उठाए गए इस कदम का मकसद कॉल जुड़े रहने के समय के मुताबिक उसपर लगने वाले इंटरकनेक्ट उपयोग शुल्क (IUC) की लागत घटाना भी है. टेलिकॉल रेगुलेटरी ऑथेरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने इंटरकनेक्ट शुल्क मामले में उसके किसी आधिकारिक निर्णय पर पहुंचने से पहले आपस में कड़ी प्रतिस्पर्धा में उलझी दूरसंचार कंपनियों से सर्वसम्मति से किसी समाधान पर पहुंचने के लिए कहा था.

इंटरकनेक्ट उपयोग शुल्क किसी एक नेटवर्क को दूसरे नेटवर्क के दी जाने वाली सेवाओं पर दिया जाता है. इसमें जिस नेटवर्क से कॉल की जाती है वह कॉल पहुंचने वाले नेटवर्क को यह शुल्क अदा करता है. अभी इसकी दर छह पैसा प्रति मिनट है. एयरटेल ने इस निर्णय की जानकारी देने के निए ट्राई को 28 सितंबर को एक पत्र भेजा है. वहीं सूत्रों ने जानकारी दी कि वोडाफोन आइडिया ने भी चुनिंदा परिक्षेत्रों में फोन की घंटी बजने की अवधि घटाने का निर्णय किया है.

एयरटेल ने कहा कि उसने फोन की घंटी बजने की अवधि को 25 सेकंड तक सीमित करने का निर्णय किया है. नियामक की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश ना होने के चलते कंपनी के पास कोई और विकल्प नहीं बचा है. हालांकि, कंपनी नियामक के सामने इस बात को कई बार रख चुकी है.

14 अक्टूबर को होगी खुली चर्चा ट्राई से जुड़े सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि नियामक 14 अक्टूबर को ‘कॉल किए जाने वाले व्यक्ति के फोन की घंटी बजने की समयसीमा’ के मुद्दे पर एक खुली चर्चा कराने की योजना बना रहा है. इसके अलावा इस पूरे IUC मुद्दे पर भी बातचीत होगी. इसके लिए एक परिचर्चा पत्र पहले ही जारी कर दिया गया है. इस पर जल्द निर्णय किया जाएगा.

एयरटेल ने अपने पत्र में कहा कि हमने महसूस किया कि इससे ग्राहकों को परेशानी हो सकती है लेकिन ट्राई की ओर से कोई निर्देश नहीं होने और इंटरकनेक्ट शुल्क के घाटे से बचने के लिए हमारे पास कोई और विकल्प नहीं बचा है. इसलिए हमने हमारे नेटवर्क पर फोन की घंटी बजने की अवधि को घटाने का निर्णय किया है.

बढ़ेंगी Missed Call की संख्या
एयरटेल का कहना है कि फोन की घंटी बजने की अवधि कम करने से मिस्ड कॉल की संख्या बढ़ेगी. इससे किसी व्यक्ति को कॉल लगाने और साथ ही मिस्ड कॉल देखने के बाद वापस कॉल करने की संख्या भी बढ़ेगी. इससे ग्राहकों के अनुभव के साथ-साथ नेटवर्क की क्वालिटी पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.

पिछले महीने IUC के मुद्दे को लेकर सभी कंपनियों का विवाद नियामक के पास तक पहुंच गया था. वास्तव में आईयूसी को एक जनवरी, 2020 से खत्म किए जाने का प्रस्ताव है. लेकिन ट्राई इस समयसीमा की अभी समीक्षा कर रहा है.

बाबा रामदेव ने लोगो के धर्म को किया भ्रष्ट, पतंजलि में गाय के नाम पर बेचते हैं बकरी का घी

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बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने मार्केट में आने के बाद अपनी अलग पहचान बनाई थी, जिसके कारण मार्केट में अन्य कंपनियों के लिए कठिनाई खड़ी हो गई थी, लेकिन पतंजलि के प्रोडक्ट्स को लेकर लगातार आती शिकायतों के कारण कंपनी की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं. पिछले एक वर्ष में पतंजलि की बिक्री में भी बहुत ज्यादा गिरावट आई है. इसके साथ ही पतंजलि के प्रोडक्ट्स खाद्य सुरक्षा विभाग के मानकों पर बहुत ज्यादा समय से खरा नहीं उतर पा रहे हैं.

जांच में फेल हुए सैंपल

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से खाद्य सुरक्षा विभाग को पतंजलि से निर्मित घी की शिकायत मिल रही थी. इसके चलते खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पतंजलि योगपीठ फेस दो में जाकर गौ माता के शुद्ध देशी घी के सैंपल भरकर परीक्षण उसका परीक्षम करने के लिए उसको प्रयोगशाला में भेजा, जहां पर कंपनी के सैंपल फेल हो गए हैं. पतंजलि के घी के सैंपल फेल होने से बाबा रामदेव को बड़ा झटका लगा है.

इससे पहले भी फेल हो चुके कई सैंपल

2019 से पहले भी पतंजलि के सरसो के तेल, शहद, आरोग्य बेसन, काली मिर्च पाउडर सहित कुल 6 उत्पाद जाँच में फेल हो चुके हैं. इसके विषय में भी कंपनी को आगाह किया है कि वह उत्पादन करते समय खाद्य सुरक्षा विभाग के मानकों का विशेष ध्यान रखे.

गाय के नाम पर बेचते हैं बकरी का घी

आपको बता दें कि बाबा रामदेव की कंपनी में घी बनाने के लिए भैंसों व बकरियों के दूध का इस्तेमाल किया जाता है व कंपनी इसी घी को गौ माता के घी के नाम पर बेचती है. देश में पतंजलि का प्रोडक्ट खरीदने वाले किसी भी ग्राहक को इस बात के बारे में जानकारी नहीं कि वह जो कुछ भी खा रहे हैं वह किससे बना है. देश के करोड़ों देशवासी पतंजलि पर भरोसा करके उसके घी को गौ माता का समझ कर खाते हैं. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि बाबा रामदेव की कंपनी देसी घी को गौ माता के घी के नाम पर बेचती है

चित्रकोट उपचुनाव : BJP ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट, ये ‘खास’ चेहरे करेंगे प्रचार

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छत्तीसगढ़ में होने वाले चित्रकोट उपचुनाव के प्रचार के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने स्टार प्रचारों की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में बीजेपी ने अपने खास चेहरों को चित्रकोट सीट की कमान दी है. इस लिस्ट में भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, डॉ. अनिल जैन, सौदान सिंह, डॉ. सरोज पाण्डेय, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, धरमलाल कौशिक, रेणुका सिंह समेत कई बीजेपी नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं. पार्टी आलाकमान ने इनके कंधों पर चित्रकोट प्रचार की जवाबदारी सौंपी है. चित्रकोट विधानसभा सीट पर 21 अक्टूबर को चुनाव होगा. वहीं 24 अक्टूबर को नतीजे आएंगे. चित्रकोट विधायक दीपक बैज के सांसद बनने के कारण ये सीट खाली हुई थी.

ये है पूरी स्टार प्रचारकों की लिस्ट

बीजेपी स्टार प्रचारों की लिस्ट में रायपुर जगत प्रकाश नड्डा, डॉ. रमन सिंह, डॉ. अनिल जैन, सौदान सिंह, सरोज पाण्डेय, रामविचार नेताम, विक्रम उसेंडी, धरमलाल कौशिक, रेणुका सिंह, विष्णुदेव साय, पवन साय, रामप्रताप सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, प्रेमप्रकाश पाण्डेय, गौरीशंकर अग्रवाल, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, रामसेवक पैकरा, ननकीराम कंवर, पुन्नूलाल मोहले, मोहन मंडावी, संतोष पाण्डेय, विजय बघेल, सुभाष राव, नारायण चंदेल, शिवरतन शर्मा, सुनील सोनी, केदार कश्यप, महेश गागड़ा, लता उसेंडी, दिनेश कश्यप, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, डॉ. सुभाऊ कश्यप, किरण देव, संतोष बाफना, श्रीनिवास राव मद्दी, कमलचंद्र भंजदेव, कमल भान सिंह, ओपी चौधरी, सौरभ सिंह का नाम शामिल हैं.

राष्ट्रीय स्तर के कई नेताओं के नाम गायब दंतेवाड़ा चुनाव के दौरान भी बीजेपी ने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की थी. कहा जा रहा था कि इस लिस्ट में सबसे पहला नाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का था. इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, जेपी नड़्डा, राजनाथ सिंह के साथ ही संगठन के लिहाज से रणनीति तैयार करने वाले शीर्ष नेताओं के नाम भी शामिल किया गया था. इसके बाद राज्य से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेश प्रभारी अनिल जैन सहित सांसद, विधायकों के साथ पूर्व मंत्री भी चुनाव प्रचार में हिस्‍सा थे.

बादाम खाते समय भूलकर भी न करें ये गलतियाँ, नहीं तो हो जाएँगी ऐसी हालत

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जैसा की आप जानते हैं कि बादाम के सेवन से हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में प्रोटीन, वसा, विटामिन और मिनरल्स मिलते हैं। तथा बादाम का सेवन हमारे शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद रहती हैं। बादाम के शरीर से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं। तथा शरीर स्वस्थ एवं मजबूत बना रहता हैं। लोकिन क्या आप जानते हैं कि बादाम का सेवन शरीर के लिए हानिकार क भी हो सकता हैं। इस लिए आज हम आपको इस आर्टिकल में बादाम का सेवन करते समये ध्यान रखने वाली कुछ बेहद खास बातोें के बारे में बताने जा रहे हैं।

बता दें कि बादाम में भरपुपर मात्रा में वसा और कैलोरी होती हैं। जो कि हमारे दिल के लिए काफी फीयदेमंद रहते हैं। तथा इससे हमें हार्ट अटैक होने के खतरा बेहद कम हो जाता हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्वस्थ व्यक्ति को भी प्रति दिन एक ओंस बादाम से अधिक बादाम का सेवन नहीं करना चाहिए। बता दें कि बादाम का सेवन हमेशा वजन के आधार पर ही करना चाहिए। क्योंकि बादाम के आकार के छोटे बड़े होने के कारण इनके वजन में अंतर हो सकता हैं।

बता दें कि अधिक मात्रा में बादाम का सेवन करने से हमें कब्ज, पेट फूलना जैसा समस्याएं उत्पन्न होने लग जाती हैं। आपकी जानकारी के लिए बात दें कि बादाम में फाइवर पाया जाता है जिसे हमारा शरीर आसानी से नहीं पचा पाता। इस लिए हमेशा नियमित मात्रा में बी बादाम का सेवन करना चाहिए। अन्यथा अधिक मात्रा में बादाम सेवन आपके लिए हानिकार क हो सकता हैं।

भारत के हाथ लग गया है बड़ा खजाना, अब किसी से भारत नहीं खरीदेगा ये महंगी चीज

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भारत में खोज हमेशा से चलती आ रही है और, अगर कहीं पर प्लांट लगा दिए जाते हैं या, फिर लोगों को पता चल जाता है कि, यहां पर कुछ ना कुछ तो है तो वह लोग उस जगह से कुछ ना कुछ निकालने के लिए कुछ भी करते हैं। आज हम आपको बताने वाले हैं कुछ ऐसे ही इंजीनियर के बारे में जिन्होंने सरकार की सहायता से वहां पर एक बेहद ही महंगी चीज ढूंढ निकाली है।
भारत के हाथ लग गया यह बड़ा खजाना
आपको जानकर बहुत खुशी होगी कि, अब भारत जिससे महंगी चीज लेता था यानी कि, भारत जिन देशों से और विदेशों से यह चीज ले रहा था अब शायद ही उन्हें बाकी देश और विदेशों से लेने की जरूरत पड़ेगी। क्योंकि अब वही चीज भारत में ढूंढ निकाली गई है तो, चलिए हम आपको बताते हैं किज कौन सी चीज है जो अब भारत ने ढूंढ़ निकाली है जिसके लिए सरकार ने पूरी सहायता करी है। सरकार की सहायता से मिल गया गैस का खजाना
आपको जानकर बहुत खुशी होगी कि, (फोकस एनर्जी) जिसको सहायता सरकार भी कर रही थी उसने राजस्थान के जैसलमेर में प्लांट लगाया था.। जिसमें उन्होंने अब हाई क्वालिटी गैस को ढूंढ निकाला है और, यह वाकई में बहुत हाई क्वालिटी गैस है जिसके बाद अब सरकार को विदेशों से महंगी गैस नहीं खरीदनी पड़ेगी.

योगी ने किस औरत के साथ फोटो लगाकर डिलीट कर दी?

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. बनारस आए. रविवार 29 सितम्बर को. काशी विश्वनाथ मंदिर में विस्तारीकरण का कार्य हो रहा है. विस्तारीकरण में खोला गया एक अस्पताल. योगी आदित्यनाथ ने फीता काट दिया. फीता कटाई की तस्वीरें मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर दीं. लेकिन कुछ ही देर में ये ट्वीट डिलीट कर दिया गया.

वही ट्वीट जो डिलीट हो गया.

क्या था इस ट्वीट में? इस ट्वीट में थीं नीरा राडिया. और नीरा राडिया की कंपनी नयति हेल्थ केयर द्वारा बनाए गए मोबाइल अस्पताल का उदघाटन करने आए थे योगी. तस्वीर में राडिया और योगी साथ थे. यही तस्वीर ट्वीट हुई और यही तस्वीर डिलीट हुई.

थोड़ी देर बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने फिर से ट्वीट किया. इस बार योगी और नीरा की तस्वीरें साथ नहीं थीं. अस्पताल की तस्वीरें भर थीं.

मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath ने नयति हेल्थ केयर द्वारा संचालित (मोबाइल अस्पताल) श्री काशी विश्वनाथ आरोग्य मंदिर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।

कौन नीरा राडिया?

कॉर्पोरेट से जुडी रहीं. राजनीतिक लाबीस्ट. मतलब बड़े-बड़े नेताओं के बीच बातचीत कराना. राडिया का भी लम्बे समय तक यही काम रहा. 2016 में हेल्थ सेक्टर में उतर गयीं. अपनी नयी कंपनी नयति हेल्थ केयर के नाम से. और यूपी में ऐसे छोटे-बड़े अस्पतालों की चेन खोल रही हैं.

नीरा राडिया

इसके पहले उनका नाम मीडिया सामने आया था साल 2009 में. जब आयकर विभाग ने उनके फोन टैप किये थे. उनके फोन रिकॉर्ड से कई राजनेताओं – खासकर ए राजा – और पत्रकारों और कारपोरेट घरानों के बीच बातचीत के ब्यौरे मिले. गृह मंत्रालय से मिले आदेश के बाद ये फोन टैपिंग की गयी थी, जिसके बाद टूजी स्पेक्ट्रम का मामला प्रकाश में आया था.

जानिए नोट पर छपने वाली राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर की कहानी!

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भारतीय नोटों में पिछले कई साल से बड़े बदलाव हो रहे है. लेकिन लंबे समय से एक चीज जो अभी तक नहीं बलही है. वो है राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर. देश 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है. इसीलिए इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं कि राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की तस्‍वीर पहली बार बैंक नोट पर कब छपी थी और कहां से इसे लिया गया है.

कहां से आई गांधी की फोटो-सबसे पहले महात्मा गांधी की तस्वीर भारतीय नोट पर सन 1969 में आई थी. यह साल उनका जन्म शताब्दी का था.

>> इन नोटों पर गांधी जी की तस्वीर के पीछे सेवाग्राम आश्रम भी था. जब पहली बार गांधी जी की तस्वीर नोट पर छपी तब इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं और एलके झा आरबीआई के गवर्नर हुआ करते थे.

Mahatma Gandhi 150th Birth Anniversary know about Origin of Mahatma Gandhi Image on Indian Currency Notes

>> यह तस्वीर उस समय खींची गई, जब गांधी जी ने तत्कालीन बर्मा (म्यांमार) और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस के साथ कोलकाता स्थित वायसराय हाउस में मुलाकात की थी. इसी तस्वीर से गांधीजी का चेहरा पोट्रेट के रूप में भारतीय नोटों पर अंकित किया गया.

किंग जॉर्ज की तस्वीर भी छपती थी भारतीय नोट पर- भारतीय रुपया 1957 तक 16 आनों में रहा. इसके बाद मुद्रा की दशमलव प्रणाली अपनाई गई और एक रुपए का निर्माण 100 पैसों में किया गया.

>> किंग जॉर्ज की फोटो वाला नोट 1949 तक चलन में था. इसके बाद अशोक स्तंभ वाला नोट आया था. महात्मा गांधी वाले कागजी नोटों की शुरुआत 1996 से शुरू हुई, जो अब तक चलन में है.

साल 1996 में हुआ नोटों में बदलाव- आज हम भारतीय नोटों पर गांधी जी का चित्र देख रहे हैं, जबकि इससे पहले नोटों पर अशोक स्तंभ अंकित हुआ करता था.

>> रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 1996 में नोटों में परिवर्तन करने का फैसला लिया गया. इसके अनुसार अशोक स्तंभ की जगह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो और अशोक स्तंभ की फोटो नोट के बायीं तरफ निचले हिस्से पर अंकित कर दी गई.

RBI ने बताई ये खास बात-रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बताया कि सभी नोटों पर वाटर मार्क एरिया में महात्मा गांधी की फोटो मुद्रित करने की सिफारिश 15 जुलाई 1993 और नोट में दाहिनी तरफ महात्मा गांधी का चित्र मुद्रित करने की सिफारिश 13 जुलाई 1995 को आरबीआई ने केंद्र सरकार से की थी.

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>> आरबीआई ने जवाब में कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार ने कब लिया, कब लागू हुआ और किस तारीख से महात्मा गांधी की फोटो भारतीय नोटों पर छापने का कार्य शुरू हुआ. इसकी जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है.

1869 में हुआ था गांधी जी का जन्म- भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ. मोहनदास कर्मचंद गांधी को प्यार से लोग बापू कहकर पुकारते थे.

>> दक्षिण अफ्रीका में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उनकी कामयाबी ने गांधी को भारत में भी मशहूर कर दिया और वर्ष 1917 में उन्होंने चंपारण के नील किसानों पर अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया।

एक बकरी की मौत से कंपनी को लगा 2.68 करोड़ का चूना, सरकार को हुआ 46 लाख का नुकसान

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 ओडिशा में मंगलवार को सड़क हादसे में हुई बकरी की मौत ने एक कंपनी को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया. यही नहीं कंपनी के साथ ही सरकारी खजाने को भी 46 लाख रुपये का नुकसान हो गया. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड की कोयला परिवहन टिपर (डंपर) की चपेट में आने से एक बकरी की मौत हो गई थी. इस बकरी की मौत से नाराज ग्रामीणों ने इतना बड़ा आंदोलन छेड़ दिया कि एमसीएल को 2.68 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया.

कंपनी की ओर से बताया गया कि बकरी की मौत के बाद ग्रामीण कंपनी से 60 हजार रुपये की मांग करने लगे. हंगामा बढ़ने के बाद तालचर कोयला क्षेत्र में सोमवार की सुबह 11 बजे से कोयला परिवहन का काम रोक दिया गया. बताया जाता है कि दोपहर ढाई बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद काम फिर से शुरू हो सका. काम बाधित होने के कारण एमसीएल को 2.68 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ. इसी के साथ काम के रुकने से सरकारी खजाने को भी 46 लाख रुपये का नुकसान हो गया.

गौरतलब है कि सोमवार को एमसीएनल की एक गाड़ी कोयला लेकर जा रही थी. रास्ते में डंपर के सामने एक बकरी आ गई और उसकी मौत हो गई. बकरी की मौत से नाराज ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और बकरी की मौत से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 60 हजार रुपये की मांग करने लगे. इस दौरान निषिद्ध खनन क्षेत्र में हुई बकरी की मौत के बाद चटिया हर्टिंग्स गांव के कुछ लोगों ने हंगामा कर दिया, जिसके बाद कंपनी का काम रोक दिया गया.

जब लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देने एक साथ पहुंचे PM मोदी और अरविंद केजरीवाल- देखें वीडियो

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देशभर में आज महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाई जा रही है. इसके साथ ही आज पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की भी 116वीं जयंती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर राजघाट जाकर महात्मा गांधी और विजयघाट में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी. लाल बहादुर शास्त्री की समाधि स्थल विजयघाट पर इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी नज़र आए. दोनों एक साथ चल रहे थे. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी उनके साथ थे.

दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. केजरीवाल 2014 के लोकसभा चुनाव से ही पीएम नरेंद्र मोदी के आलोचक रहे हैं, लेकिन हाल के दिनों में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति उनके रुख में नरमी देखी जा रही है. ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ अरविंद केजरीवाल की इन तस्वीरों और वीडियो को चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है.

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी के खिलाफ लड़े थे केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने 2014 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रधानमंत्री पद के तत्कालीन दावेदार नरेंद्र मोदी को वाराणसी सीट पर कड़ी चुनौती दी थी. 2014 के इस लोकसभा चुनाव में वह मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़े और दूसरे स्थान पर रहे थे. नरेंद्र मोदी ने आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को 3,71,784 वोटों के अंतर से हरा दिया था. मोदी को कुल 5,81,022 वोट मिले थे, जबकि दूसरे स्थान पर अरविंद केजरीवाल को 2,09,238 मत मिले.

2014 में मिली करारी हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी के खिलाफ नहीं लड़ने का फैसला लिया था. वहीं, बीजेपी ने दिल्ली की सातों सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को हरा दिया था.

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लाल बहादुर शास्त्री की समाधि स्थल पर पीएम मोदी

क्यों बदला केजरीवाल का नजरिया?
राजनीतिक विश्लेषक इसको अलग-अलग नजरिए से देखते हैं. दिल्ली को करीब से जानने वाले वरिष्ठ पत्रकार संजीव पांडेय न्यूज 18 हिंदी के साथ बातचीत में कहते हैं, ‘अरविंद केजरीवाल का पीएम मोदी या केंद्र सरकार के प्रति दिली लगाव नहीं जागा है. अब अरविंद केजरीवाल जान गए हैं कि सीधे टकराव का कोई लाभ नहीं मिलने वाला है. केजरीवाल दिल्ली की जनता को दिखाना चाह रहे हैं कि वह जनता की भलाई के लिए सहयोग दे रहे हैं. विधानसभा चुनाव के वक्त केजरीवाल जनता को बताएंगे कि राजनीतिक कारणों से केंद्र सरकार ने हमें सहयोग दिया.’

बीजेपी से चुनावी लड़ाई है कारण
लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 2014 से भी बड़ी सफलता दी है. दिल्ली में तो आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को 2014 से भी कम वोट मिले हैं. ऐसे में एक बार फिर आम आदमी पार्टी अपने 2014 के फॉर्मूले पर लौट आई है. पार्टी का दावा है कि केंद्र के लिए भले ही नरेंद्र मोदी जनता की पसंद हैं, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर आज भी अरविंद केजरीवाल पहली पसंद बने हुए हैं. इसी कारण आम आदमी पार्टी ने अब अपने प्रचार को अरविंद केजरीवाल विरुद्ध कौन की तरफ मोड़ना शुरू कर दिया है.

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पीएम मोदी के साथ अरविंद केजरीवाल

बीजेपी ने अभी तय नहीं किया दिल्ली का सीएम चेहरा
पार्टी को लगता है कि दिल्ली में कांग्रेस का कोई राजनीतिक वजूद नहीं है और उसका मुकाबला बीजेपी के साथ ही होगा. इसी कारण पिछले कुछ समय से आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बीजेपी को मुख्यमंत्री पद के दावेदार का नाम खोलने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है. पार्टी के नेता और संसद सदस्य संजय सिंह ने पिछले दिनों केंद्रीय नेता और दिल्ली बीजेपी के पुराने धुरंधर विजय गोयल के घर का घेराव किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में बीजेपी के कई गुट हैं. बीजेपी को साफ करना चाहिए कि उनका मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन है, विजय गोयल, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी या फिर विधानसभा में पार्टी के नेता विजेंद्र गुप्ता.