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2 साल में 6 लाख लोगों को भेजा विदेश, बेटा पैदा करने के नाम पर बड़ा खेल

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  • दो साल में किया कमाल, करोड़ों की रकम बनाई
  • लाखों लोगों को इलाज के नाम पर भेजा विदेश

राजधानी दिल्ली में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जब एक कॉल सेंटर पर छापा मारा तो चौंकाने वाला मामला सामने आया. करोलबाग में एक ऐसा कॉल सेंटर चलाया जा रहा था, जो आईवीएफ (IVF) के जरिए महिलाओं को बेटा पैदा करने की गारंटी देता था और उन्हें इसके लिए विदेश भेजता था. इस काम की एवज में हर महिला से लाखों रुपये की वसूली की जाती थी.

महिलाओं से लाखों की वसूली

देश की सरकार बेटियों को बचाने और पढ़ाने की मुहीम चला रही है. लेकिन दिल्ली के करोल बाग में मौजूद ये कॉल सेंटर बेटे पैदा करने का नाम पर करोडों की कमाई कर रहा था. जानकारी के मुताबिक इस सेंटर के माध्यम से बेटा पैदा करने की चाहत रखने वाली हर महिला से करीब 9 लाख रुपये लिए जाते थे.

विदेशों तक फैला है जाल

यह कॉल सेंटर महिलाओं को इलाज के लिए विदेश भेजने का दावा ही नहीं करता था. बल्कि उन्हें विदेश भेजता भी था. इस सेंटर के माध्यम से महिलाओं को दुबई, सिंगापुर और थाईलैंड भेजा जाता था.

ऐसे खुला गोरखधंधे का राज

इस कॉल सेंटर का खुलासा कीर्ति नगर IVF सेंटर पर छापा मारने के बाद हुआ. तब पुलिस और स्वास्थ विभाग की टीम ने करोलबाग कॉल सेंटर पर छापा मारा. कॉल सेंटर पर लिंग जांच किए जाने की जानकारी मिली थी. छानबीन के दौरान पता चला कि इस कॉल सेंटर का टाइअप देशभर के करीब 100 IVF सेंटर के साथ था.

कॉल सेंटर में 300 लोग करते थे काम

जानकारी के मुताबिक ये शातिर गिरोह दो साल से ये कॉल सेंटर चला रहा था. सबसे हैरानी की बात ये है कि यह कॉल सेंटर अभी तक करीब 6 लाख लोगों को विदेशों में भेज चुका है. इस कॉल सेंटर का मालिक एक आईआईटी इंजीनियर है. इस कॉल सेंटर में करीब 300 लोग काम करते थे. अब पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और डीएम इस मामले की जांच कर रहे हैं.

दो बैटरी वाला Samsung Galaxy Fold भारत में हुआ लॉन्च, जानें कीमत

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सैमसंग ने काफी इंतज़ार के बाद गैलेक्सी फोल्ड को लॉन्च कर दिया है. इसकी कीमत 1,64,999 रुपये है. यह भारत में बेचा जाने वाला आधिकारिक रूप से पहला फोल्डेबल फोन होगा. दूसरा फोल्डेबल फोन हुवावे का मेट एक्स (Huawei Mate X) है.

क्या हैं फीचर्स-
इसमें 4.6 इंच का एक्सटरनल डिस्प्ले और 7.3 इंच का फोल्डेबल स्क्रीन होगा. इसको बीच से खोला और बंद किया जा सकेगा. बीच में इंटरलॉक गियर है. खुलने और बंद होने में फोन काफी स्मूथ है. फोन 855 क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन प्रोसेसर से पावर्ड है. सारे मल्टीटास्किंग फीचर्स को हैंडल करने के लिए इसमें 12जीबी का रैम और 512जीबी का इंटरनल स्टोरेज है. फोन की बड़ी स्क्रीन का प्रयोग करने में कोई भी तीन तरह से मल्टीटास्किंग का प्रयोग कर सकता है.

होंगी दो बैटरियां- खास बात है कि इसमें दो बैटरियां होंगी जो कि साथ मिलकर 4,380mAh का पावर उपलब्ध कराएंगी. इसे वॉट्सऐप, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और यूट्यूब प्रीमियम तीनों सपोर्ट करेंगे. पिछले साल हमने इसमें ऐप कॉन्टि्यूटी जैसे फीचर के बारे में सुना था. सैमसंग ने इस फीचर को परफेक्ट बनाने के लिए गूगल और एंड्रॉयड डेवेलपर्स के साथ मिलकर काम किया है.

होंगे 6 कैमरे-
गैलेक्सी फोल्ड में 6 कैमरे होंगे. इसमें से 3 तीन कैमरे पीछे से साइड, एक कैमरा आगे की साइड और दो कैमरे अंदर स्क्रीन की साइड में होंगे. इसका मतलब हुआ कि फोल्डेड हो या अनफोल्डेड आपके पास हमेशा एक कैमरा उपलब्ध होगा. 

पहले आ गई थी कमियां-
यह फोन और पहले ही लॉन्च हो जाता लेकिन इसकी शुरुआती यूनिट्स में कुछ कमी आ जाने के कारण इस लॉन्च नहीं किया जा सका था. इस वजह से कंपनी ने लॉन्च को टाल दिया और महीनों बाद इसे अब लॉन्च किया गया है. हालांकि, रिव्यू करने वालों का कहना है कि अभी भी इसकी इनर डिस्प्ले परफेक्ट नहीं है लेकिन इसकी ओवरऑल बनावट काफी सॉलिड है.

अब आसानी से मिल जाएगा आपका चोरी हुआ फोन, ये सरकारी वेब पोर्टल पकड़ेगा चोर

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यदि अब आपका मोबाइल चोरी या गुम हो जाए, तो आपको अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. सरकार ने इसके लिए एक वेब पोर्टल शुरू किया है. जिसकी मदद से आपको खोया हुआ फोन आसानी से मिल जाएगा. और चोर को इसका पता भी नहीं चलेगा.

दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हाल ही में मुंबई में इस वेब पोर्टल को लॉन्च किया है. इस प्रोजेक्ट को सेंट्रल इक्किपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर नाम से शुरू किया गया है. इसकी लागत तकरीून 15 करोड़ बताई गई है. इस ऐप को फिलहाल अभी महाराष्ट्र में लागू किया गया है. अगर इस ऐप का रिजल्ट पॉजिटिव रहा तो इसे देशभर में लागू किया जाएगा.

इस पोर्टल पर लोग चुराए गए या खो चुके मोबाइल फोन की जानकारी देकर शिकायत दर्ज करवा सकेंगे. इस तरह के मामलों में आपको एफआईआर दर्ज करवानी होगी और इसके बाद हेल्पलाइन नंबर 14422 पर दूरसंचार मंत्रालय को सूचित करना होगा.

शिकायत होते ही टेलीकॉम डिपार्टमेंट फोन के आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कर देगा. इससे आपको मौजूदा मोबाइल ऑपरेटर भी नेटवर्क के इस्तेमाल पर रोक लगा देगा. यह ब्लॉक होते ही फोन में किसी भी नेटवर्क का संचालन नहीं हो सकेगा. यानी की मोबाइल एक तरह से बेकार हो जाएगा.

सीईआई सिस्टम सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए एक तरह से सेंट्रल सिस्टम की तरह काम करेगा. फोन की लोकेशन भी ट्रैक हो जाएगी. अधिकारियों का दावा है कि इस तकनीक से चुराए गए मोबाइल के दुरुपयोग पर रोक लगेगी.

भूख से तड़प रहा था भाई, बहन ने मंदिर से पैसा चुराकर खरीदा आटा, पुलिस ने भेज दिया जेल

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मध्य प्रदेश से एक बहुत ही आश्चर्य करने वाली खबर सामने आ रही है. यहां एक 12 साल की लड़की ने अपने भूख से तड़पते भाई-बहन के लिए मंदिर से चोरी की तो पुलिस ने लड़की को जेल भेज दिया. घटना मध्य प्रदेश के सागर जिले की है. लड़की ने सिर्फ 250 रुपये की ही चोरी की थी.

लड़की की उम्र मात्र 12 साल थी. बच्ची की मां की मौत हो चुकी है. उसके घर में खाने के लिए कुछ नहीं था. लड़की के छोटे-छोटे भाई बहन थे. वह उनको भूख से तड़पता नहीं देख सकी. लड़की के पास कोई और विकल्प नहीं था. घर में भूख से बिलखते भाई-बहन को देख लड़की ने एक गुनाह कर दिया और मंदिर की दान पेटी से मात्र 250 रुपये चुरा लिए.

लड़की द्वारा मंदिर से पैसे चोरी की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. इसके बाद पुलिस ने बच्ची को गिरफ्तार कर लिया. लड़की को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह शहडोल भेज दिया गया. वहीं, बड़ी बहन के सुधार गृह जाने के बाद घर में भाई-बहन भूख से तड़प रहे हैं. लड़की ने टिकीटोरिया माता मंदिर की दान पेटी से चोरी की थी.

लड़की ने बताया कि उसके घर में छोटे भाई-बहन को खिलाने के लिए खाना नहीं था. मजबूरी में उसे मंदिर से पैसे चुराने पड़े. लड़की ने बताया कि उसके पिता ने उसे दो किलो गेहूं पिसवाने के लिए दिए थे, वह आटा चक्की से चोरी हो गए थे. उसके समाने समस्या थी कि वह घर जाकर क्या जवाब देगी और भाई-बहन को क्या खिलाएगी? इसी कारण उसने मंदिर की दान पेटी से चोरी की थी.

नाले में फिसलकर पाकिस्तान की सीमा में चले गए थे BSF जवान, PAK रैंजर्स ने सम्मान से लौटाया शव

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बीएसएफ (BSF) के एक लापता जवान का शव पाकिस्तान (Pakistan) की सीमा में मिला है. बीएसएफ सब-इंस्पेक्टर पारितोष मंडल 28 सिंतबर को इंटरनेशनल बॉर्डर (Border) के पास अईक नाला इलाके से पेट्रोलिंग के दौरान लापता हो गए थे. मंगलवार (1 अक्टूबर) को पाकिस्तानी रैंजर्स गस्त पर थे, तभी उन्हें BSF जवान का शव दिखा. इसके बाद उसे ससम्मान भारत को सौंप दिया गया.

बताया जा रहा है कि पारितोष मंडल आइक नाले में गिर गए थे. पारितोष मंडल को ढूंढने के लिए बीएसएफ और एसडीआरएफ (Sdrf) ने एक संयुक्त अभियान चलाया था. इस अभियान में पाक रैंजर्स (Pak Rangers) और स्थानीय ग्रामीणों ने बीएसएफ की सहायता की. अईक नाला भारत से पाकिस्तान की तरफ बहता है. बारिश के दौरान इस नाले का जल स्तर अधिक हो जाता है.

मंगलवार की सुबह परितोष मंडल को जीवित ढूंढ लेने की सभी संभवानाएं उस वक्त समाप्त हो गए जब पाक रेंजर्स को उनका शव मिला. पाक रैंजर्स ने उनका शव भारतीय सुरक्षाबलों को सौंप दिया.

आईजी बीएसएफ, जम्मू ने अपने दो साथियों को बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान कर देने वाले पारितोष मंडल की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है. बीएसएफ ने एसडीआरएफ, ग्रामीण, पाक रैंजर्स को शुक्रिया कहा है कि जिन्होंने मंडल को ढूंढने के अभियान में बीएसएफ की मदद की.

गांधी @ 150 : वो लड़की जिसने गांधी को मरते देखा

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30 जनवरी 1948. शाम का वक़्त था. महात्मा गांधी अपने घर से बगीचे में होने वाली प्रार्थना सभा के लिए निकले थे. वो दिल्ली में जहां रह रहे थे, वो एक बड़े भारतीय बिजनेसमैन का घर था.

हमेशा की तरह उनके साथ उनकी दो अनुयायी अनु और आभा थीं.

78 साल के गांधी जैसे ही प्रार्थनासभा मंच की सीढ़ियों पर चढ़ते हैं, ख़ाकी कपड़ों में एक आदमी भीड़ से निकलता है, मनु को एक तरफ़ धकेलता है और पिस्टल निकाल कर दुर्बल नेता के सीने और पेट में तीन गोलियां दाग़ देता है.

गांधी गिर जाते हैं, ‘हे राम…’ कहते हैं और उस महिला की बाहों में दम तोड़ देते हैं, जो उनके अंतिम वक़्त के संघर्ष और तकलीफ़ों की गवाह होती है.

गांधी की चाहत

इस घटना से एक साल से भी कम समय पहले, मई 1947 में गांधी ने मनु से कहा था कि वो चाहते थे कि वो उनके अंतिम वक़्त की गवाह बने.

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान मनु को गिरफ़्तार किया गया था. उस वक़्त उनकी उम्र महज़ 14 साल थी और वो सबसे कम उम्र के क़ैदियों में से एक थीं.

वहां उनकी मुलाक़ात महात्मा गांधी से हुई. उन्होंने उनके साथ क़रीब एक साल बिताया. यह 1943-44 की बात है.

जेल के दौरान मनु ने डायरी लिखना शुरू कर दिया.

अगले चार सालों में एक किशोर क़ैदी एक बेहतरीन लेखक बन गई.

मनु गांधी की डायरी 12 खंडों में भारत के अभिलेखागार में संरक्षित हैं. ये सभी गुजराती भाषा में लिखी गई हैं. उन्होंने इनमें गांधी के भाषणों और पत्रों को शामिल किया है. इनमें उनके कुछ अंग्रेज़ी के वर्कबुक भी शामिल हैं.

इसका बाद में अंग्रेज़ी में अनुवाद कर प्रकाशित किया गया.

जब गांधी को गोली लगी तो वो मनु पर गिर गए थे. उस वक़्त उनके साथ हमेशा रहने वाली उनकी डायरी अचानक उनके हाथों से छूट गई.

उस दिन के बाद से उन्होंने अपने साथ डायरी रखना बंद कर दिया. कई किताबें लिखीं और अपनी मृत्यु तक वो गांधी के बारे में बातें करती रहीं. उनकी मौत 42 साल की उम्र में 1969 में हो गई थी.

कस्तूरबा की सेविका

डायरी के पहले भाग से मनु के व्यक्तित्व के बारे में पता चलता है कि वो एक असाधारण और जुनूनी लड़की थीं, जिनकी सोच अपने समय से काफ़ी आगे की थी.

डायरी में उन्होंने अपने क़ैद के दिनों के बारे में काफ़ी विस्तार से लिखा है. महात्मा गांधी की पत्नी कस्तूरबा गांधी का स्वास्थ्य काफ़ी तेज़ी से गिर रहा था.

मनु ने लिखा है कि वो उनकी बिना थके देखभाल करती थीं.

सब्जियां काटना, खाना बनाना, कस्तूरबा की मालिश करना और उनके बालों में तेल लगाना, सूत कातना, प्रार्थना करना, बर्तन साफ़ करने जैसे कई दैनिक काम वो किया करती थीं.

उनकी डायरी का अनुवाद करने वाले त्रिदीप सुह्रद कहते हैं, “लेकिन आपको याद रखना होगा कि वो गांधी और उनकी पत्नी और सहयोगियों के साथ जेल में थीं. बतौर क़ैदी उनका यह स्वैच्छिक दायित्व था. ज़िंदगी लाचार और उदास भले ही प्रतीत हो लेकिन वो आश्रम के नियमों को सीख रही थीं.”

मनु औपचारिक रूप से शिक्षित नहीं थीं, लेकिन गांधी के मार्गदर्शन में उन्होंने अंग्रेज़ी, व्याकरण, ज्यामिति और भूगोल सीखी. उन्होंने हिंदू धर्मग्रंथों को पढ़ना शुरू कर दिया था. उन्होंने मार्क्स के बारे में भी पढ़ा.

वो दर्द भरे दिन

गांधी और उनके सहयोगियों के साथ उनका जेल का जीवन पूरी तरह से उदासीन नहीं थी. मनु ग्रामोफोन पर संगीत सुनती थीं. लंबी सैर पर निकलती थीं. वो गांधी के साथ टेबल टेनिस और कस्तूरबा के साथ कैरम खेलती थीं. उन्होंने इस दौरान चॉकलेट भी बनाना सीखा था.

डायरी में कुछ दुख भरी घटनाओं का भी ज़िक्र है. उन्होंने दो मौतों के बारे में लिखा है, जिन्होंने गांधी को अंदर से तोड़ कर रख दिया था. ये मौतें थीं महादेव देसाई और कस्तूरबा गांधी की.

महादेव देसाई गांधी के निजी सचिव थे.

फ़रवरी 1944 में कस्तूरबा गांधी की मौत हो गई थी. इसके पहले के कुछ दिन काफ़ी दुख भरे थे.

एक रात कस्तूरबा अपने पति से कहती हैं कि वो काफ़ी दर्द में हैं और “ये मेरी आख़िरी सांसें हैं.”

गांधी कहते हैं, “जाओ. लेकिन शांति के साथ जाओ. क्या तुम ऐसा नहीं करोगी?”

सर्दियों की एक शाम कस्तूरबा की मौत हो गई. उस वक़्त उनका सिर गांधी की गोद में था और गांधी अपनी आंखें बंद कर अपने सिर को उनके सिर पर रख देते हैं, जैसे वो उन्हें आशीर्वाद दे रहे हों.

मनु लिखती हैं, “उन्होंने एक साथ अपना जीवन गुज़ारा था. अंतिम वक़्त में वो अपनी ग़लतियों के लिए उनसे क्षमा मांग रहे थे और उन्हें विदाई दे रहे थे. उनकी नब्ज़ रुक जाती है और वो अंतिम सांस लेती हैं.”

मनु जैसे ही व्यस्क हुईं, उनकी लेखनी में काफ़ी बदलाव देखने को मिला. यह लंबी और विचारों से भरी होती थी.

अंत में मनु गांधी एक बेहद समझदार और परिपक्व महिला प्रतीत होती हैं जो दुनिया के सबसे करिश्माई और ताक़तवर नेताओं में से एक के सामने ख़ुद को मुखर करने में पूरी तरह से सक्षम पाती हैं.

पपीते का सेवन करने से शरीर में नहीं होती कैल्शियम की कमी

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जो भी लोग प्रतिदिन पपीता खाते है वो हमेशा ही बहुत स्वस्थ रहते हैं। उनके पेट का हाजमा हमेशा बहुत ठीक रहता है। पपीता विटामिन और मिनरल से पूरी तरह भरपूर फल है, जो शरीर में न सिर्फ पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्वों की भी कमी की पूर्ति करता है। हम आपको पपीता खाने से होने वाले सभी फायदो के बारें में बता रहे है।

-यदि शरीर में पर्याप्त मात्रा में बीटा-कैरोटीन है तो अस्थमा का खतरा बहुत ही कम हो जाता है। पपीते में बीटा-कैरोटीन होता है, जो अस्थमा पर पूरी तरह नियंत्रण रखता है। रोज एक कटोरी पपीता खाकर आप अस्थमा से पूरी तरह बच सकते हैं।

-पपीते में विटामिन ए, बी, सी और विटामिन के पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बहुत मददगार होते हैं। पपीते के नियमित सेवन से शरीर में कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया भी बहुत ही सुचारू रूप से चलती रहती है, जिससे किसी भी तरह का घाव जल्दी भर जाता है|

-पपीते में कैल्शियम, मैग्नीशियम और कॉपर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। नियमित रूप से पपीते का सेवन करने से शरीर में कैल्शियम की कमी कतई नहीं होती और आर्थराइटिस का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है।

-पपीते में फाइबर, विटामिन और पोटैशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हृदय संबंधी रोगों के लिए बहुत ही अचूक उपाय है। शरीर में पोटैशियम की मात्रा बढ़ाकर और सोडियम की मात्रा घटाकर हृदय रोगों के खतरे से अवश्य बचा जा सकता है।

-पपीते में फैट बिलकुल भी नहीं होता और ये ऊर्जा का एक बहुत ही अच्छा स्रोत भी है। पपीते में कैलोरी बहुत कम होती है। आप कितना भी पपीता खा लें, लेकिन वजन कभी नहीं बढ़ेगा। यह पाचन क्रिया को भी सुचारु रखता है।

चार्जिंग में लगे फोन में ब्लास्ट, तकिए के नीचे रखकर सो रही छात्रा की मौत

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कजाख्स्तान में चार्जिंग में लगे मोबाइल फोन फटने से एक छात्रा की मौत की डराने वाली घटना सामने आई है। स्मार्टफोन छात्रा के बेड में उसकी तकिए के नीचे रखा था और चार्जिंग में लगा था।

एल्युआ एसेत्काईजी नाम की 14 वर्षीय छात्रा अपने स्मार्टफोन पर गाने लगाकर सुनते सुनते रात में सो गई। इसके बाद सुबह तब छात्रा के घरवाले उसके कमरे में गए तो देखा कि उसकी मौत हो चुकी है। और तकिया के नीचे रखा स्मार्ट फोन फटा पड़ा है। खबरों के अनुसार चार्जिंग में लगे फोन में ब्लास्ट हुआ जो उसके सिर के ठीक नीचे था। और छात्रा की मौत इसी ब्लास्ट के कारण हो गई।

पुलिस ने स्थानीय मीडिया को बताया कि घटना के वक्त स्मार्टफोन चार्जिंग में लगा था। फोन के ब्लास्ट होने से छात्रा के सिर में काफी चोंटे भी आई हैं। माना जा कि सिर में हुई किसी अंदरूनी चोट के कारण ही उसकी मौत हो गई।

फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स का दावा है कि फोन सुबह करीब तीन-चार बजे क वक्त अत्यधिक गर्म होने की वजह से फटा और इसी कारण छात्रा की मौत हो गई। यह फोन किस ब्रांड का है इसका खुलासा नहीं किया गया। ऐसी घटनाओं से बचने के आप आगे दी गई कुछ बातों का ध्यान रख सकते है-

ध्यान रखें ये बातें-

  • चार्जिंग के वक्त फोन का इस्तेमाल न करें
  • चार्जिंग में लगे फोन पर कान लगाकर बात न करें, जरूरत हो तो ईयरफोन लगाकर ही बात करें।
  • सोते वक्त फोन को अपने शरीर से कुछ दूरी पर रखें।
  • तकिए के नीचे या पैंट की जेब में फोन रखकर न सोएं
  • फोन का चार्जिंग प्वाइंट बेड से दूर बनाएं।
  • ज्यादा यूज से फोन गर्म हो जाए तो उसे स्विच ऑफ करें या कुछ देर के लिए बैटरी निकाल दें।
  • फोन खरीदते समय किसी सस्ते या नकली ब्रांड को खरीदने से बचें। तथा के गुणवत्वा मानकों पर भी ध्यान दें।

युवती ने सरेआम युवक को लातों-घूंसों से बुरी तरह पीटा

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लड़की से छेड़छाड़ करने पर वह बुरी तरह से भड़क गई। जिसके बाद उसने युवक को पकड़कर बुरी तरह से पीटा। सरेराह युवक की पिटाई होते देख लोगों का मजमा लग गया और उन्होंने उसकी वीडियो बनानी शुरू कर दी। वहीं लोगों ने युवती का साथ भी दिया।

मामला विभूतिखंड थाने का है। मंगलवार सुबह दो युवतियां सड़क पर जा रही थी। इसी बीच एक नीले रंगा का कुर्ता पायजामा पहने हुए एक आदमी ने उन पर फब्ती कस दी।

खास बात ये थी कि युवक की एक पांच साल की लड़की भी थी। छेड़छाड़ से आक्रोशित युवती ने युवक को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। युवक को पिटता हुआ देख लोगों की भीड़ जमा होने लगी। माजरा समझकर लोगों ने भी युवतियों का साथ दिया।

मरने के 20 मिनट बाद जिंदा हो गया युवक, बताई खौफनाक बातें

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आपने कभी किसी इंसान को मरने के बाद जिंदा होते हुए देखा है आपका जवाब होगा बिल्कुल नहीं लेकिन इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको पता चलेगा कि इंसान मरने के बाद भी जिंदा हो सकता है। यह हैरान करने वाली घटना सामने आई है मिशिगन से जहां एक 20 साल के युवा व्यक्ति ने मौत को भी मात दे दी। रिपोर्ट के मुताबिक, माइकल प्रुइट को बिजली का करंट लग गया था और इस वजह से उनकी सांस बीस मिनट तक चलना बंद हो गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने प्रुइट को बिजली के झटके देकर वापस जिंदा किया।

रिपोर्ट के मुताबिक मांने तो माइकल प्रुइट को बिजली का करंट लग गया था मैं अपने सतर्कता के साथ काम कर रहा था और वैसे भी से कहीं पर चल रहा था तो उस सीडी को एक विद्युत तार छू गया जिससे को करंट लग गया इसके आगे उसे कुछ भी याद नहीं है। इसके बाद उसके पिता ने एंबुलेंस बुलाई और उसे हॉस्पिटल ले जायेंगे एंबुलेंस में भी उसको करंट के झटके दिए गए लेकिन मैं जिंदा नहीं हुआ इसके बाद हॉस्पिटल में ले जाने के बाद।

अस्पताल के ट्रामा सेवाओं के निदेशक बारबरा स्मिथ ने कहा ‘पुनर्जीवित होने से पहले प्रुइट 20 मिनट के लिए मृत था। प्रुइट का पुनरुत्थान चमत्कारी है क्योंकि मस्तिष्क की कोशिकाएँ पाँच मिनट से भी कम समय में ऑक्सीजन की कमी से मरना शुरू कर देती हैं इसके साथ ही बारबरा ने कहा उन्होंने किसी भी मस्तिष्क के फंक्शन को नहीं खोया। सीपीआर की तत्काल निरंतर आपातकालीन प्रक्रिया ने प्रुइट के मस्तिष्क में ऑक्सीजन युक्त रक्त को स्थानांतरित करने में मदद की उसके पैर की उंगलियों को अंदर से जलाया गया क्योंकि उच्च वोल्टेज बिजली वहां से बाहर निकल गई थी।