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चीन: कम्युनिस्ट शासन की 70वीं सालगिरह पर हुई परेड, दिखाए अत्याधुनिक हथियार, देखें तस्वीरें

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चीन ने मंगलवार को साम्यवादी शासन की 70वीं वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर बढ़ती राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के बीच भव्य परेड निकाली गई जिसमें उसने परमाणु और हाइपरसोनिक मिसाइलों समेत अपने सबसे आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया।

वर्षगांठ के आधिकारिक समारोह की शुरुआत सोमवार को हो गई थी जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीपीसी) के संस्थापक माओ जेडोंग की संरक्षित रखी गई पार्थिव देह को श्रद्धांजलि दी। जिनपिंग और अन्य शीर्ष चीनी अधिकारी तियाननमेन चौक में स्थित माओ की समाधि पर गए और दिवंगत नेता की प्रतिमा के आगे तीन बार सिर झुकाया।

इस मौके पर चीनी सेना ने भव्य परेड निकाली, चीन में चारों ओर देशभक्ति के गीत गाए जा रहे हैं, देशभक्ति और सैन्यशक्ति का प्रदर्शन चीन के हर हिस्से में देखा जा सकता है। आमतौर पर देखा जाता है कि चीन अपने हथियारों को दुनिया की नजरों से छिपा कर रखता है। लेकिन आज कम्युनिस्ट शासन के वर्षगांठ पर चीन ने लगभग अपने सभी हथियारों की प्रदर्शित किया।

गौर करने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ चीन में देशभक्ति का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है।

चीन ने परेड में अपने हथियारों की प्रदर्शनी की, उसने दुनिया और अमेरिका को दिखाया कि उसके पास हथियारों का कितना बड़ा जखीरा है। मानों वह दुनिया को यह कहना चाह रहा हो कि कोई भी उससे उलझने की हिमाकत ना करे।

हम यह जरूर मान सकते हैं कि बीते 70 वर्षों में चीन एक गरीब देश से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। उसने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी अहमियत और प्रभुत्व साबित करके दुनिया को चौंकाया भी है। लेकिन दुनिया के सभी मुल्कों का यही मानना है कि चीन के भीतर मानवाधिकार का उल्लंघन सबसे ज्यादा है।

तरक्की के साथ मानवाधिकार का उल्लंघन करने में चीन सबसे आगे है। मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों के लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की लगातार आलोचना भी होती रहती है। यहां लाखों लोग ऐसे भी हैं जो 70वीं सालगिरह की जश्न का हिस्सा नहीं हैं।

जश्न से दूरी बनाने वालों में वो लोग हैं जिन्हें अनुचित तरीके से जेल भेजा गया, इनमें वो उइगर मुस्लिम हैं जिन्हें कथित रूप से ‘ट्रेनिंग कैंपों’ में रखा गया है। साथ ही समाज का वह तबका भी है, जो चीन द्वारा प्रताड़ित है।

साथ ही वह लोग भी हैं जिनके परिजनों और दोस्तों ने चीन के कम्युनिस्ट शासन का विरोध करते हुए अपनी जान गंवाई थी।

कम्युनिस्ट शासन की 70वीं सालगिरह का जश्न उसी तियाननमेन चौक पर मनाया जा रहा है जहां साल 1989 में कम्युनिस्ट शासन का विरोध करते हुए बड़ी संख्या में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी मारे गए थे। चीन हमेशा से ही अपने देश में सरकार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए जाना जाता है। चीन ने विकास की आंधी में अंधा होकर मानवाधिकार का जमकर हनन किया है।

फिलहाल अभी चीन में उत्सव जैसा वातावरण है। सेना की परेड के अलावा आम चीनियों की परेड भी जारी है।

चीनी अधिकारियों के बीच चिंता है कि हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों का विरोध प्रदर्शन बीजिंग में सैन्य परेड को फीका ना कर दे, साथ ही उन्हें इस बात की भी चिंता है कि यह प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां हासिल कर सकता है।

चीनी सरकार द्वारा आयोजित परेड में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत चीन की छवि को नहीं हिला सकती, और ना ही कोई ताकत चीनी लोगों और चीन को आगे बढ़ने से रोक सकती है।

उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों तक चीन को अपनी गिरफ्त में रखने वाली समस्या गरीबी, अब खत्म होने की कगार पर है। उन्होंने कहा, ‘चीन ने जबरदस्त बदलाव किया। वह डटा हुआ है, समृद्ध हो रहा है और मजबूत बन रहा है। वह कायाकल्प के उत्कृष्ट आयामों के साथ कदम से कदम मिला रहा है।’

जिनपिंग ने कहा कि सभी जोखिमों तथा चुनौतियों से निपटते हुए आगे बढ़ने तथा नई सफलताएं हासिल करने के लिए एकता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमें शांति, विकास और सहयोग को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण विकास की राह पर बढ़ना होगा।

माओ के शासन के दौरान चीन में मानवजनित अकाल आया था जो खेती के स्थापित सिस्टम में अचानक लाए बदलाव की देन था। इसने लाखों जिंदगियां छीन लीं। माओ की सांस्कृतिक क्रांति के कारण हुई हिंसा और यातनाओं की वजह से हजारों लोगों की जान गई। ये वो तथ्य हैं जो चीन में स्कूलों की किताबों में किसी को नहीं मिलेंगे।

देश को बहुत नुकसान पहुंचाने वाली ‘एक बच्चे की नीति’ के कारण माओ के निधन के 40 साल बाद भी लाखों लोगों को क्रूरता का सामना करना पड़ा। आज भी, नई दो बच्चों वाली नीति के माध्यम से कम्युनिस्ट पार्टी सबसे बुनियादी बच्चे पैदा करने के अधिकार का उल्लंघन करती है।

यह सूची बेहद लंबी है और हर श्रेणी में कम से कम हजारों लोग ऐसे हैं जिन्हें एक पार्टी शासन के कारण या तो नुकसान पहुंचा या फिर वे तबाह हो गए।

गौर करने वाली बात यह है कि इस परेड में वही शामिल हो सकता है जिसे न्योता मिला हो। यह बात मानो साबित कर रही हो कि इस अधिकारवादी देश का अंकुशों भरा इतिहास अब भी वर्तमान को प्रभावित कर रहा है।

तियाननमेन चौक एक और बड़ी घटना की सालगिरह का गवाह है। कम्युनिस्ट पार्टी की नींव हिला देने वाले लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचले जाने के भी 30 साल हो गए हैं। परेड के दौरान सैनिक उसी जगह पर कदमताल कर रहे हैं जहां पर कभी टैंकों के सामने छात्रों ने प्रदर्शन किया था और छात्रों पर गोलियां चलाई गई थीं।

वहीं, इस कार्यक्रम को लेकर चीन में कम्युनिस्ट सरकार ने 6.20 लाख टीवी मुफ्त में बांटे, ताकि लोग इस कार्यक्रम देख सकें। चीन में कोई इसे देखने से अछूता न रह जाए, इसलिए सरकार ने 32 इंच के 6 लाख 20 हजार टीवी सेट मुफ्त में बांटे।

ये सेट गरीब तबके के लोगों को दिए गए। इसका जिम्मा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के प्रचार विभाग ने संभाला। इसके अलावा केंद्रीय आयोग, राष्ट्रीय रेडियो और टेलीविजन प्रशासन और चीनी मीडिया ने भी सहयोग किया।

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री ने बंदियों को करूणा और सदाचार की दी सीख : प्रावधानित सजा से अधिक समय काट चुके बंदियों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने के दिए निर्देश…

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर केन्द्रीय जेल रायपुर में आयोजित ‘बापू की करूणा का संचार-जेलों में सदाचार‘ कार्यक्रम का शुभारंभ आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किया। श्री बघेल ने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर देश को आजादी दिलाई। गांधी जी ने अछूत उद्धार, नारी शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। गांधी जी के मन में विरोधियों के प्रति भी आदर, सम्मान और प्रेम की भावना थी। गांधी जी कहते थे अपराध से घृणा करो-अपराधी से नहीं। श्री बघेल ने बंदियों को गांधी जी के व्यक्तित्व व कृतित्व के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि बापू अपने समय का सदुपयोग करते थे व साफ-सफाई के साथ अपना काम खुद करते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर रहने वाले को कोई झुका नहीं सकता। गांधी जी ने पूरे देश का दौराकर लोगों को देशभक्ति व सेवा का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने बंदियों को करूणा, सदाचार, प्रेम, सद्भावना एवं भाईचारे की सीख दी और कहा कि जेल से रिहा होने के बाद वे गांधी जी के आदर्शाें के अनुरूप समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आदर्श समाज के निर्माण में सहभागी बनें। मुख्यमंत्री ने ऐसे बंदियों जो विभिन्न धाराओं मंे प्रावधानित सजा से अधिक समय काट चुके है, उनकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव जेल श्री सी. के. खेतान को दिए। इस अवसर पर गांधी जी के जीवन पर आधारित चार पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। बंदियों ने इस अवसर पर बापू का प्रिय भजन वैष्णव जन तो तेनेे कहिए की आकर्षक प्रस्तुति दी। जिसे सुनकर उपस्थित अतिथि मंत्रमुग्ध हो गए।   


मुख्यमंत्री ने बंदियों से चर्चा करते हुए कहा कि यदि मन में सभी के लिए करूणा, आदर का भाव, सम्मान और समानता का भाव, सेवा और त्याग का भाव होगा तो हिंसा कम होगी। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के त्याग और सेवा के मार्ग को लोगों ने छोड़ दिया है। सम्पन्नता के साथ अध्यात्मिक चिंतन और मनन भी होना चाहिए। श्री बघेल ने कहा कि सद्भावना से अपने विरोधियों का भी दिल जीता जा सकता है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका जेल के जनरल स्मटस के साथ गांधी जी सद्भावपूर्ण व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि जब गांधी जी दक्षिण अफ्रीका से भारत आ रहे थे तो उन्होंने अपने विरोधी जनरल स्मटस को अपने हाथों से जेल में बनाई चप्पल भेंट की थी। गांधी जी के इस सद्भावना से जनरल स्मटस का हृदय परिवर्तन हुआ। उन्होंने लिखा यह चप्पल इतने महान व्यक्ति ने अपने हाथों से बनाई है कि मैं अपने पैर चप्पल में  ड़ालने के योग्य नहीं हूं। उन्होंने कैदियों को एक था मोहन कहानी पढ़कर सुनाई।   


केन्द्रीय जेल मंे आयोजित कार्यक्रम में गृह एवं जेल मं़त्री श्री ताम्रध्वज साहू ने बंदियों को गांधी जी द्वारा दक्षिण अफ्रीका के जेल में बिताए गए दिनों की कहानी सुनाई और गांधी जी के प्रेरक प्रसंग को बंदियों द्वारा अपने आचरण में धारण करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि जेल भी एक स्कूल है। यहां की शिक्षा को जीवन में अपनाए और जेल से निकलने के बाद समाज में रचनात्मक भूमिका निभाएं। कार्यक्रम को गांधी सेवा संस्थान नई दिल्ली से आए श्री सोपान जोशी ने भी संबोधित किया। श्री जोशी ने कहा कि महात्मा गांधी जी को आलोचनाओं से फर्क नहीं पड़ता था। जिन लोगों ने गांधी जी का विरोध किया आगे चलकर वही लोग उनके अनुयायी बनें।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रवीन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, रायपुर सांसद श्री सुनील सोनी, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, श्री कुलदीप सिंह जुनेजा, श्री विकास उपाध्याय और रायपुर नगर निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे, अपर मुख्य सचिव श्री सी. के. खेतान, सचिव गृह एवं जेल श्री अरूण देव गौतम, जेल महानिदेशक श्री विनय सिंह सहित वरिष्ठ नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति श्री कोविंद के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के लिए ईश्वर से कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शासकीय खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ का ऑनलाइन ‘ई-मानक‘ पोर्टल लॉच किया…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का ई-मार्केटिंग नेटवर्क ‘ई-मानक‘ पोर्टल लॉच किया। छत्तीसगढ़ के इस ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम से शासकीय खरीदी में प्रदेश के लघु उद्योगों को प्रोत्साहन और प्राथमिकता मिलेगी। राज्य में आरक्षित वस्तुओं की शासकीय खरीदी अब जैम पोर्टल के स्थान पर ई-मानक पोर्टल से की जाएगी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा सहित विभागीय अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ई-मानक पोर्टल छत्तीसगढ़ का शासकीय खरीदी के लिए ऑनलाइन पोर्टल है, इससे प्रदेश के स्थानीय और लघु उद्योगों को प्राथमिकता मिलेगी और तैयार वस्तुओं के लिए अच्छा बाजार उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने खरीदी जाने वाली वस्तुओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने पोर्टल की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र द्वारा यह पोर्टल विकसित किया गया है। ई-मानक पोर्टल प्रणाली में स्थानीय लघु उद्योगों के लिए शासकीय बाजार की ऑनलाइन व्यवस्था के साथ-साथ क्रय आदेश से देयक भुगतान तक सभी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन खरीदी प्रक्रिया से मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा। खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और पोर्टल में क्रय आदेश, प्रदाय आदेश के लिए सिंगल विन्डों सिस्टम होगा। सामग्री की गुणवत्ता की सुनिश्चित करने के लिए प्री डिस्पेच तथा पोस्ट डिस्पेच निरीक्षण की व्यवस्था भी होगी। पोर्टल के उपयोगकर्ताओं को खरीदी प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ई-मेल और एसएमएस से भेंजी जाएगी। श्री पिंगुआ ने बताया कि निकट भविष्य में ई-मानक पोर्टल के लिए मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित किया जाएगा, जिसके माध्यम से पंचायतें भी स्थानीय उद्योगों से सामग्री खरीद सकेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी और छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पी. अरूण प्रसाद भी उपस्थित थे।

नॉर्मल डिलीवरी के लिए योगासन ही एकमात्र आसान तरीका

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आज की बिजी लाइफस्टाइल में नॉर्मल डिलीवरी होना बहुत ही कठिन हो गया है। आज के समय में अधिकांश महिलाएं ऑपरेशन के माध्यम से ही बच्चे को जन्म दे रही है। ऐसे में आगे चलकर उनकी सेहत बहुत बिगड़ने लगती है।

अगर आप चाहते हैं कि आपकी भी नॉर्मल डिलीवरी हो तो आपके लिए योगासन ही एकमात्र आसान तरीका है। इस योगासन से डिलीवरी के दौरान आपको दर्द भी बहुत कम होगा। इसलिए ये तरीका जरूर अपनाएं.

1. पश्चिमोत्तर आसन
ये आसन महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस आसन को करने से गर्भवती महिलाओं की रीढ़ की हड्डियां बहुत मजबूत होती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इससे कमर दर्द भी बहुत कम होता है। इसे करने से गर्भवती महिलाओं में तनाव भी बहुत कम होता है। ऐसे करें ये आसन
इस आसन को करने के लिए अपने पैर को सीधा करके बैठ जाएं और अपने पंजों को थोड़ी सी दूरी पर ही रखें। अब गहरी सांस लें। और अपने दोनों हांथों को उठाएं और सांसे छोड़ते हुए पंजों को टच करने की कोशिश अवश्य करें। ऐसा करते वक्त 10 तक की गिनती करें और वापस से अपने पुरानी स्थिति में आ जाएं।

2. तितली आसन
इसे आसन को वे महिलाएं कर सकती हैं जिनका लगभग तीसरा महिना चल रहा है। इस आसन को करने से शरीर का लचीला होता है। इस आसन को करने से महिलाओं के यूटेरस की मांसपेशियां भी बहुत लचीली बन जाती है। क्या आप जानते हैं इस आसन को करने से शरीर का निचला हिस्सा खुल जाता है।
ऐसे करें तितली आसन
तितली आसन करने के लिए अपने दोनों पैरों को सामने की ओर मोड़कर अवश्य रखें और अपने तलवे मिला लें। यानि पैरों को नमस्ते की मुद्रा अवश्य बननी चाहिए। ऐसा करते वक्त आपकी पीठ और बाजू दोनों बिल्कुल सीधी होनी चाहिए। इसे 15 से अधिक बार न करें।

3. बद्ध कोणासन
अगर आपको चाहिए कि डिलीवरी टाइम बहुत ही ज्यादा दर्द न हो तो आप इस आसन को अवश्य कर सकते हैं। इससे प्रसव के दौरान दर्द बहुत कम होता है।
ऐसे करें कोणासन
दोनों पैरों को सामने की ओर करके बैठ जाएं। अब दोनों घुटनों को मोड़ते हुए पैरों के पास वापिस लाएं अब दोनों पैरों के लवे को आपस में मिलाएं। दोनों हांथों की उंगलियों को आपस में जोड़ लें। अब दोनों पैरों की उंगलियों को दोनों हांथों से पकड़ लें और विल्कुल सीधा बैठ रहें। बिल्कुल तितली आसन की तरह। जितना हो सके उतना अपने पैरों की पास लाने की कोशिश करें। इसे योग को करते वक्त गहरी सांसे भरें और सांस छोड़ते भी रहें। जब सांस छोड़े तो धीरे-धीरे कमर से आगे की तरफ झुकें कि रीढ़ और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव पूरी तरह बना रहे।

अब प्लास्टिक नहीं बांस की बोतल में पीएं पानी, गडकरी ने किया लॉन्च, जानिए कीमत और खासियत

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केंद्र की मोदी सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक बंद करने की कवायद में जुटी है. दो अक्टूबर से यह पूर्णतः बैन हो जाएगी. ऐसे में प्लास्टिक की बोतल को बंद करने के लिए सरकार ने एक नया विकल्प खोज लिया है.

इसके विकल्प के रूप में एमएसएमई मंत्रालय के अधीन कार्यरत खादी ग्रामोद्योग आयोग ने बांस की बोतल का निर्माण किया है, जो प्लास्टिक बोतल की जगह इस्तेमाल होगी. आज एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने एक कार्यक्रम के दौरान इस बोतल को लॉन्च कर दिया.

बांस की ये बोतल तकरीबन 750 एमएल होगी. इसकी कीमत 300 रूपये से शुरू होगी. ये बोतले पर्यावरण अनुकूल होने के साथ साथ टिकाऊ भी हैं. खादी स्टोर में इन बोतलों की विक्री दो अक्टूबर से शुरू होगी.

बता दें कि भारत बांस का विश्व में दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, लेकिन हम इसका इस्तेमाल अपने उत्पादों में 5 फीसदी भी नहीं करते हैं. जबकि चीन अपने फर्नीचर के निर्माण में 90 फीसगी तक बांस का इस्तेमाल करता है.

2 अक्टूबर को एक साथ चार फिल्में रिलीज, कौन करेंगा बॉक्स ऑफिस पर राज

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2 अक्टूबर यानी बुधवार के दिन बॉक्स आफिस पर एक दो नहीं बल्कि कुल चार फिल्मों का बॉक्स आफिस पर क्लैश होने वाला है। क्लैश होना आजकल एक आम बात हो गई हैं। आज बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में एक साल में करीब 350 फिल्में बनती हैं तो ऐसे में फिल्मों का क्लैश होना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन ये क्लैश तब ज्यादा मायने रखती है जब किसी बड़े स्टार की फिल्में एक साथ एक ही दिन​ रिलीज होती है। ऐसा ही कुछ नजारा बॉलीवुड और हॉलीवुड की फिल्मों को लेकर होने वाला है। 2 अक्टूबर को वॉर, जोकर, सेरा नरसिम्‍हा रेड्डी और गुमनामी रिलीज होने वाली है। इसी दिन चार फिल्में रिलीज होने से मेकर्स को कलेक्‍शन कम होने की चिंता सता रही है।

2 अक्‍टूबर को गांधी जयंती के मौके पर नेशनल हॉलीडे की छुट्टी को कैश कराने के इरादे से फिल्‍मों को पर्दे पर उतारने वाले मेकर्स की चिंता बढ़ गई है। क्‍योंकि इस दिन बॉलीवुड की की तीन और हॉलीवुड की एक फिल्‍म पर्दे पर आ रही है। इन सभी फिल्‍मों का फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। इनके ट्रेलर्स को खूब व्‍यूज मिले हैं। ऐसे में मेकर्स अपना बिजनेस प्रभावित होने को लेकर परेशान हैं।

दिग्गजों की जोड़ी
एक तरफ अमिताभ बच्‍चन और चिंरजीवी की जोड़ी है। इन दो दिग्गजों को एक साथ देखने के लिए दर्शक काफी ज्यादा उत्साहित हैं। ये पहला मौका है जब दोनों एक साथ नजर आ रहे हैं। हालांकि फिल्म में अमिताभ बच्चन का किरदार बेहद छोटा हैं।

टाइगर श्रॉफ और ऋतिक रोशन की जोड़ी
वहीं इस जोड़ी को भी देखने के लिए दर्शक परदे पर उत्साहित हैं। दोनों को फिल्म वॉर में आप देखने वाले हैं। इस टकराव को लेकर टाइगर श्रॉफ ने कहा कि, यह एक बाजार है और कोई भी व्‍यापार कर सकता है।

गुमनामी
इसके अलावा बंगाली फिल्‍मों के मशहूर निर्देशक श्रीजित मुखर्जी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर केंद्रित फिल्‍म ‘गुमनामी’ लेकर आ रहे हैं। हालांकि अब ये देखना है कि इन चारों फिल्मों में से कौन बॉक्स आफिस पर राज करने वाला है।

प्यार के लिए कबूला इस्लाम, आईएसआईएस में शामिल होने के लिए नहीं: इस्लाम अपनाने वाली हिन्दू लड़की

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दुबई : 9 साल की एक लड़की ने भारत से अबूधाबी जाकर इस्लाम धर्म अपना लिया। इसके बाद कयास लगाए जाने लगे की वह आतंकी संगठन जॉइन करने गई है। आखिरकार लड़की ने तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि वह अपने प्यार के लिए गई है न कि आतंकवाद से जुड़ने के लिए। कियानी बिन्नी के पैरेंट्स ने दिल्ली पुलिस को शिकायत की थी कि उनकी बेटी लापता हो गई है।

दोस्तों ने चीफ जस्टिस के समक्ष लगाई याचिका

सियानी बेनी की टिप्पणी उसके माता-पिता द्वारा दिल्ली में एक पुलिस शिकायत के साथ गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया है, जबकि उसके कॉलेज के साथी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को याचिका देते हुए कहा, दुनियाभर में तबाही मचाने वालों ने एक भारतीय नागरिक का अपहरण कर लिया गया है। बिन्नी (अब ऐशा) ने रविवार को गल्फ न्यूज से कहा, यह सच नहीं है। मैं खुद की इच्छा से अबूधाबी आई हूं, मुझ पर किसी का दबाव नहीं था। मैं वयस्क हूं और अपने फैसले खुद ले सकती हूं।

शादी तक पहुंची सोशल मीडिया की दोस्ती

बिन्नी ने 18 सितंबर को सुबह 11 बजे तक क्लास अटैंड की थी। हालांकि, उसी दोपहर, उन्होंने एक भारतीय व्यक्ति से शादी करने के लिए अबू धाबी जाने के लिए गोएयर की उड़ान भरी, वह लगभग नौ महीने पहले सोशल मीडिया पर दोस्त बन गई थी। उसके माता-पिता, जो मूल रूप से केरल के कोझिकोड के हैं, ने कहा कि उन्हें डर है कि उनकी बेटी को इस्लामिक स्टेट (आईएस) जैसे संगठन में शामिल होने या गुलाम के रूप में इस्तेमाल किए जाने जैसे बहुत ही नापाक डिजाइनों के साथ गुमराह / धोखा / दिमागी / अपहरण किया जा सकता है।

दूतावास में भी कहा- वापस नहीं जाऊंगी

बेनी ने इन आरोपों का जोरदार खंडन किया है। शनिवार को उसने एक बयान जारी कर कहा कि उसने अपनी मर्जी से 24 सितंबर को अबू धाबी कोर्ट में इस्लाम धर्म अपना लिया है। उसने भारतीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोगों और केरल और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों को संबोधित एक पत्र में कहा ‘मैंने इस धर्म को स्वीकार कर लिया है और यह सुनिश्चित करूंगा कि मैं उसी विश्वास के साथ रहूंगी।

उसने कहा, हमारा संविधान सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता देता है। मुझे भारतीय दूतावास में बुलाया गया था और मैंने वहां कह दिया है कि मैं वापस नहीं जाना चाहती हूं। मैं सरकार से निवेदन करती हूं मुझे लेकर फर्जी खबरें चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

‘वे पागल हैं। दूसरे दिन मेरा परिवार मेरे सामान के माध्यम से घर वापस आने के दौरान कुछ प्रार्थनाओं पर लड़खड़ा गया। प्रार्थनाएँ अरबी लिपि में थीं, इसलिए उन्होंने मान लिया कि मुझे निर्वस्त्र किया जा रहा है। तथ्य यह है कि उनकी हमेशा से गहरी रुचि थी। उन्होंने कहा कि इस्लाम मेरे जीवन के प्यार को पूरा करने से बहुत पहले से इसका अध्ययन कर रहा था। बेनी ने कहा कि उनके माता-पिता ने उनसे मिलने के लिए अबू धाबी जाने के लिए हवाई यात्रा की है। उसने कहा ‘मैंने उन्हें बताया है कि मैं वापस नहीं जा रही हूं। मैं संयुक्त अरब अमीरात में रहने के लिए शादी करना चाहती हूं,’ ।

कांग्रेस ने जारी की भारी-भरकम स्टार प्रचारकों की सूची, पढ़िए पूरी खबर

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राज्य विधानसभा के चार उपचुनावों के लिए कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की भारी-भरकम टीम घोषित की है। एआईसीसी महासचिव व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा, पूर्व मुख्यमंत्री तरूण गोगोई और नेता विरोधी दल देवब्रत सैकिया पूरी टीम को लीड करेंगे। स्टार प्रचारकों की इस सूची में पिछले लोकसभा चुनाव के पहले काफी गाजे-बाजे के साथ कांग्रेस में शामिल हुए तेजपुर से लोकसभा के प्रत्याशी रहे राज्य के पूर्व नौकरशाह एमवीके भानु के अलावा गुवाहाटी संसदीय सीट से हारी प्रत्याशी रहे राज्य के पूर्व नौकरशाह एमवीके भानु के अलावा गुवाहाटी संसदीय सीट से हारी प्रत्याशी बबीता शर्मा के नाम शामिल नहीं हैं।

संसदीय चुनाव हारने के बाद से यह प्रदेश कांग्रेस के राजनीतिक फलक से अदृश्य-सा है। सूची में कुछ और नेताओं के नाम नहीं होने को लेकर पार्टी के भीतर कई तरह की चर्चाएं हैं। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान में प्रदेश कांग्रेस के लिए स्टार प्रचारकों की 40 सदस्यीय सूची सोमवार को जारी की गई। उपरोक्त नेताओं के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन सिंह घटवार, प्रदेश के पूर्व मंत्री रकीबुल हुसैन, सांसद रानी नराह, गौरव गोगोई, प्रद्युत बरदलै व अब्दुल खालेक भी हैं।

अन्य स्टार प्रचारकों में सुस्मिता देव, राना गोस्वामी, भूपेन बोरा, बीरेन सिंह इंग्ती, सुकुर अली अहमद, शेरमान अली अहमद, जाकिर हुसैन सिकदर, कमलाक्ष्य दे पुरकायस्थ, राजदीप ग्वाला, रूपज्योति कुर्मी, शरत बरकटकी, डॉ नूरुल इस्लाम, अजंता नेउग, वाजेद अली चौधरी, इलियास अली, रकीबुद्दीन अहमद, दुर्गा भूमिज, जमन सिंह ब्रह्मा, डॉ. भगीरथ करण, डॉ.संजय चौधरी , हरीपाल रावत, अपूर्व कुमार भट्टाचार्या, प्रणति फूकन, टंक बहादुर राय, अकन बोरा, सपन कर, रूपेश ग्वाला, भास्कर दहाल और कमल कुमार मोधी के नाम शामिल हैं।

राज्य में होने जा रहे विधानसभा के उपचुनावों के लिए कांग्रेस ने चारों सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं। कांग्रेस की ही तरह भाजपा भी चारों सीटों पर लड़ रही है। एआईयूडीएफ ने केवल एक सीट पर नजरे गडा़ई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही चारों सीटों पर जीतने के दावे कर रही हैं।

बदलते मौसम में अदरक रखेगा आपका ख्याल, पास नहीं आने देगा ये बीमारियां

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बदलते मौसम में हम कई तरह की बीमारियों से पीड़ित हो जाते हैं. ऐसे में खुद की और परिवार का देखभाल करना जरूरी हो जाता है. इनदिनों भी मौसम तेजी से बदल रहा है. दिन में गर्मी और रात में सर्दी हो रही है. ये मौसम भी बीमारियों को बढ़ावा देता है. ऐसे मौसम में आप अदरक का इस्तेमाल कर खुद को बीमारियों से दूर रख सकते हैं. दरअसल, अदरक में औषधीय गुण पाये जाते हैं जो हमें ना सिर्फ बदलते मौसम में बल्कि सर्दियों में भी कई तरह की परेशानियों से बचाता.

अदरक खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ ही कई बीमारियों से दूर रखने में भी हमारी मदद करता है. साथ ही बदलते मौसम में आपके पेट को दुरुस्त रखता है. अदरक के प्रयोग से खाना पचाने में आने वाली दिक्कतें दूर हो जाती हैं. इसके लिए आप अदरक पीसकर इसके रस को घी या शहद के साथ लें.

बता दें कि कई बार भोजन ठीक से न पचने पर पेट में गैस के कारण पेट व सीने में दर्द, भारीपन, ऐंठन, एसिडिटी और दस्त की समस्या हो जाती है. अदरक के सेवन से पाचन क्रिया ठीक होती है. अदरक, काली मिर्च और छोटी पीपली का चूर्ण बराबर भाग में मिलाकर दो ग्राम मात्रा में पुराने गुड़ के साथ मिलाएं. इसके सेवन से फेफड़ों और पेट के रोगों के उपचार में लाभ होता है. भोजन से पहले यदि अदरक का सेवन सेंधा नमक के साथ किया जाए, तो भूख भी बढ़ती है.

अदरक के प्रयोग से सिरदर्द दूर होता है. इसके लिए आपको अदरक के चूर्ण या इसके रस को गर्म पानी में मिलाकर हल्दी के साथ सिर पर इसका लेप करना चाहिए. सर्दी के मौसम में पेट या दांत में दर्द होने पर अदरक को चबाकर खाने से तुरंत लाभ मिलता है. दांत के दर्द में अदरक को लौंग के साथ चबाकर खाना अच्छा माना जाता है.