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समाज के सभी वर्ग को न्याय दिलाना सरकार का प्रमुख काम: मुख्यमंत्री श्री बघेल…

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छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण प्रतिशत बढ़ाये जाने पर समाज द्वारा अनुसूचित जाति सम्मेलन एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल समारोह के मुख्य अतिथि थे। आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री श्री बघेल का शानदान अभिनंदन किया गया। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के साथ ही समाज के सभी वर्गों को न्याय दिलाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्हांेने अपना सम्बोधन संत शिरोमणि बाबा गुरू घासीदास, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयकारे के साथ किया।

     स्थानीय बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित समारोेह में श्री बघेल ने कहा कि संविधान में प्रदत्त अधिकार के तहत प्रदेश में आरक्षण का प्रतिशत जनगणना 2011 के आधार पर बढ़ाया गया है। आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाया जाना इन वर्गो का अधिकार है। इसके तहत राज्य सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 13 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग को 32 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2021 की जनगणना के परिणाम आने के एक माह के भीतर अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाये जाने की घोषणा की।
    
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुरखों ने समृृद्ध और मजबूत छत्तीसगढ़ बनाने का सपना देखा था। उनकी सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सामाजिक समरसता के साथ प्रदेश की ढाई करोड़ से अधिक लोगों के उत्थान और विकास के लिए कार्य करना है। उन्हांेने कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने सत्य के मार्ग पर चलना सिखाया, महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलकर आजादी दिलायी और डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने समाज के सभी वर्गों को न्याय दिलाया है। इन महापुरूषों के पदचिन्हों पर चलकर प्रदेश का निरंतर विकास करते रहेंगे।

     अभिनंदन समारोह में गृृह एवं लोकनिर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ में समाजिक समरसता, भाईचारा और मित्रता की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। सामाजिक समरसता के निर्माण में अनुसूचित जाति समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ के परमपूज्य बाबा गुरू घासीदास ने ‘मनखे-मनखे एक समान’ और ‘सत्य ही ईश्वर है-ईश्वर ही सत्य है’ का संदेश दिया है। श्री साहू ने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संस्कार की भी शिक्षा देने का आग्रह किया, ताकि वे आदर्श गांव, समाज, प्रदेश और देश निर्माण में सहभागी बन सके।

     नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि प्रदेश के विकास में अनुसूचित जाति समाज का हमेशा से सहयोग रहा है। उन्हांेने कहा कि आजादी के बाद संविधान बनाने की जिम्मेदारी डॉ. भीमराव अम्बेडकर को दी गई थी। भारतीय संविधान दुनिया की श्रेष्ठ संविधान है, संविधान सुरक्षित रहेगा तो हमारा अधिकार भी सुरक्षित रहेगा। समारोह में विधायक श्री मोहन मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के स्वप्न द्ृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल, चंदूलाल चन्द्राकर, मिनीमाता आदि के मंशानुरूप समृृद्ध छत्तीसगढ़ के लिए नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने की दिशा में काम कर रहें हैं। इन कार्यों की प्रशंसा देश के बाहर भी हो रही है। समारोह में गुरूघासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष श्री के.पी. खाण्डे ने भी सम्बोधित किया। सम्मान समारोह में उपस्थित अतिथियों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया गया।

    अभिनंदन समारोह में विधायक श्री भुनेश्वर बघेल, गुरूदयाल बंजारे, चन्द्रदेव राय, किस्मतलाल नंद, श्रीमती उत्तरी जांगड़े, कुलदीप जुनेजा, पूर्व मंत्री श्री धनेश पाटिला, पूर्व सांसद श्री पी.आर. खूटें, श्रीमती कमला मनहर, पूर्व विधायक चुरावन मंगेशकर, दिलीप लहरिया, पदमा मनहर, चुन्नीलाल साहू, धर्मगुरू श्री सुखवंत साहेब सहित श्री हरनाम सिंह, श्रीमती किरणमयी नायक, शकुन डहरिया, श्री शैलेष नीतिन त्रिवेदी, अलख चतुर्वेदानी सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में प्रदेशभर से समाज के लोग शामिल हुए।

श्री भूपेश बघेल – छत्तीसगढ़ के समन्वित विकास के लिए व्यापार-व्यवसाय को दे रहे बढ़ावा: मुख्यमंत्री महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह में हुए शामिल…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित अग्रसेन धाम में आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह में शामिल हुए और अग्रवाल समाज को इसके आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। श्री बघेल ने समारोह में अग्रवाल समाज द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री और विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल ने की।
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन समाजवाद के प्रवर्तक थे। उनका समाज को जोड़कर सामाजिक समानता स्थापित करने और उसे मजबूती प्रदान करने में अमूल्य योगदान रहा। यही वहज है कि अग्रवाल समाज का समाज सेवा का कार्य देश भर में विख्यात है। समाज सेवा की इस राह से देश को जोड़ने और उसे एक सूत्र में पिरोने का कार्य भी अनुकरणीय है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक समाज में कोई न कोई व्यक्ति व आदि पुरूष प्रेरक होता है, जिसके बताए मार्ग का अनुसरण कर समाज आगे बढ़ता है। ऐसे ही अग्रवाल समाज के प्रेरक महराजा अग्रसेन थे, जिन्होंने अपने समाज के लोगों को धन उपार्जन के लिए व्यापार व्यवसाय में जोड़कर उसे मजबूती प्रदान की। सेवा और त्याग अग्रवाल समाज का मूलमंत्र है। अग्रवाल समाज की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण योगदान है। श्री बघेल ने कहा कि किसी भी तरह की चुनौती से निपटने के लिए अग्रवाल समाज हमेशा तत्पर रहता है। इनमें चुनौती व समस्या को अवसर में बदलने का अद्भुत हुनर होता है, जो सराहनीय है।  
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समन्वित विकास के लिए यहां व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा देने सरकार द्वारा हरसंभव मदद दी जा रही है। इसके लिए राज्य में उपयुक्त वातावरण के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहां हाल ही में जेम पोर्टल से खरीदी की जगह राज्य सरकार द्वारा खुद के द्वारा विकसित पोर्टल से खरीदी करने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार के इस अहम फैसले से स्थानीय उद्योगों तथा व्यापारियों को काफी फायदा मिलेगा। श्री बघेल ने आगे बताया कि देश में मंदी के दौर के बावजूद छत्तीसगढ़ में लोगों की पहले की अपेक्षा क्रय शक्ति बढ़ी है, जो राज्य के मजबूत होती अर्थव्यवस्था को इंगित करता है।
    समारोह को विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि अग्रवाल समाज में सेवा भावना का अहम स्थान है। समाज द्वारा लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार आदि की दिशा में निरंतर सेवा भावना से कार्य होते रहे हैं। इस अवसर पर अग्रवाल समाज रायपुर के सर्वश्री नवलकिशोर अग्रवाल, रामगोपाल अग्रवाल, योगी अग्रवाल, विजय अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, श्याम गर्ग, पवन अग्रवाल, सुरेश मित्तल, सुभाष अग्रवाल सहित अग्रवाल समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल : साहित्य समाज का आईना है…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि साहित्य समाज का आईना होता है। उत्कृष्ट साहित्य व्यक्ति को जीने जीने की कला सिखाता है और देश प्रेम, राष्ट्रीय एकता, भाई चारा की सीख देता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज यहां व्ृन्दावन हाल में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था निरंतर पहल द्वारा संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित तेजिन्दर का समय और कथा-सरोकार कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। श्री बघेल ने कहा कि साहित्यकार और लेखक स्वर्गीय तेजिन्दर सिंह गगन को याद करने यहां साहित्यकार, लेखक और पत्रकार उपस्थित हुए हैं। श्री तेजिन्दर का जन्म देश विभाजन के समय हुआ था। उन्होंने जीवन संघर्ष को बहुत करीब से देखा था। श्री तेजिन्दर प्रदेश के कांकेर और सरगुजा जिले में प्रवास पर गए थे। उन्होंने प्रकृृति को करीब से देखा और वहां की जीवन को अनुभव किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री तेजिन्दर द्वारा लिखा गया साहित्य समाज के लिए उपयोगी है। संस्मरण कार्यक्रम में डॉ. आलोक वर्मा, डॉ. श्रीमती शीला गोयल, विविध भारती के श्री कमल शर्मा, डॉ. श्रीमती सुभद्रा राठौर और श्रीमती नीलू मेघ ने श्री तेजिन्दर सिंह गगन के जीवन वृतांत को बताया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्री ललित सुरजन, श्री रमेश नैयर, सेवानिवृत आई.ए.एस. श्री सुशील त्रिवेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री रूचिर गर्ग सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, लेखक, कवि एवं पत्रकार उपस्थित थे।

तेजप्रताप की पत्नी ऐश्वर्या ने राबड़ी पर लगाए गंभीर आरोप…

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लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के खिलाफ मुकदमा लड़ रही ऐश्वर्या पहली बार मीडिया से मुखातिब हुई।

इस दौरान उन्होंने अपनी सास राबड़ी देवी के साथ-साथ तेज प्रताप की बहन मीसा पर भी संगीन इल्जाम लगाए। उन्होंने राबड़ी देवी पर प्रताड़ित करने का इल्जाम लगाया और कहा कि आज भी उन्हें भोजन नहीं दिया गया है।

वहीं राबड़ी देवी ने ऐश्वर्या द्वारा लगाए गए आरोपों पर सफाई देते हुए कहा है कि वो ऐश्वर्या को अपने घर में नहीं रख सकती। साथ ही राबड़ी ने कहा कि ऐश्वर्या से उनकी जान को खतरा है। वहीं ऐश्वर्या के साथ-साथ उनके पिता ने भी प्रेस वालों से बात की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि शर्म आती है कि ऐसे घर में अपनी बेटी का रिश्ता किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुझे लालू परिवार से ऐसे व्यव्हार की आशा नहीं थी। बेटी की गृहस्थी बचाने के लिए अब तक मैं चुपचाप सब सहता रहा।

रविवार को दोपहर तीन बजे के आसपास राबड़ी देवी के सरकार आवास के बाहर काफी देर तक हंगामा हुआ। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय घर से बाहर आईं। इस दौरान उनके साथ उनके पिता चंद्रिका राय और उनकी मां भी थीं। इसके बाद ऐश्वर्या ने बताया कि उन्हें धक्का देकर घर से बाहर कर दिया गया है।

ये मुस्लिम देश भारत में करेगा 100 अरब डॉलर का निवेश, इन क्षेत्रों में होगी भागीदारी…

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सऊदी अरब भारत की आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं को देखते हुए देश में पेट्रो रसायन, बुनियादी संरचना और खनन समेत अन्य क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर निवेश करने की संभावनाएं देख रहा है। सऊदी अरब के राजदूत डॉ सऊद बिन मोहम्मद अल साती ने कहा कि भारत एक आकर्षक निवेश गंतव्य है और सऊदी अरब तेल, गैस व खनन जैसे मुख्य क्षेत्रों में दीर्घकालिक भागीदारी पर गौर कर रहा है।

उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘सऊदी अरब ईंधन, परिशोधन, पेट्रो रसायन, बुनियादी संरचना, कृषि, खनिज और खनन जैसे क्षेत्रों में 100 अरब डॉलर निवेश करने के अवसरों पर गौर कर रहा है।’ उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको की भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ प्रस्तावित भागीदारी से दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंधों की रणनीतिक प्रकृति का पता चलता है। उन्होंने कहा कि भारत के तेल आपूर्ति, खुदरा ईंधन बिक्री, पेट्रोरसायन और लुब्रिकैंट बाजार में अरामको की निवेश की योजना इन क्षत्रों में कंपनी के वैश्विक विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।

अल साती ने कहा कि सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान के विजन 2030 से भी दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार व कारेाबार में उल्लेखनीय विस्तार होगा। सऊदी अरब विजन 2030 के तहत पेट्रोलियम उत्पादों पर आर्थिक निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहा है। भारत सऊदी अरब से अपनी जरूरत का 17 प्रतिशत कच्चा तेल तथा 32 प्रतिशत एलपीजी खरीदता है। राजदूत ने कहा कि 2019 में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त भागीदारी तथा निवेश के 40 से अधिक अवसरों की पहचान की गयी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 34 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार होता है और इस बात में कोई शक नहीं कि इसमें वृद्धि ही देखने को मिलेगी।

अरामको के आईपीओ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह कंपनी को विस्तृत दुनिया के संपर्क में लाएगा। भारत के साथ भविष्य के संबंधों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध पहले ही कच्चा तेल, पेट्रोलियम उत्पादों तथा एलपीजी की आपूर्ति से आगे बढ़ चुके हैं और पेट्रो रसायन व खोज जैसे क्षेत्रों में संयुक्त भागीदारी तथा निवेश पर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘भारत द्वारा सऊदी अरब को रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में निवेश करने का निमंत्रण दिया जाना दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे का सबूत है।’

200 रुपए लगाकर आप भी कमा सकते हैं लाखों रुपए, जानिए पूरी खबर…

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जब भी बात निवेश की आती है तो सबको यही लगता है कि कम पैसे में निवेश नहीं हो सकता और खासतौर पर अगर आपको पता चले कि 50 या 100 रुपए बचाकर भी बड़ी सेविंग की जा सकती है तो जाहिर है कि आप इस बात पर यकीन नहीं करेंगे लेकिन आपको बता दें कि यह सत्य है। दरअसल आप छोटी-छोटी बचत करके भी आप एक अच्छा फंड बना सकते हैं।

हालांकि कम इन्वेस्ट कर के ज्यादा कमाई करने के लिए सिर्फ एक ही चीज जरूरी है, वह है सही जगह इन्वेस्ट करना। यही कारण है कि आज हम आपको एक ऐसी ही स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जो काफी किफायती है और इसके जरिए आप आसानी से मोटी रकम इन्वेस्ट कर सकते हैं।

बता दें कि छोटी बचत करने के लिए आप पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट यानी कि PPF में पैसा लगा सकते हैं। रोज सिर्फ 200 रुपये बचाकर आप इस स्कीम के जरिए महज 20 साल में 35 लाख रुपये के मालिक बन जाएंगे।

मालूम हो कि पीपीएफ स्कीम के अंतर्गत आपके निवेश पर सुरक्षा की गारंटी मिलती है। दरअसल इस स्कीम के अंतर्गत मिलने वाले ब्याज पर इनकम टैक्स नहीं लगता है। मालूम हो कि इसमें नॉमिनी की भी सुविधा है। दरअसल यह अकाउंट पोस्‍ट आफिस और बैंकों की चुनी हुई शाखाओं में 15 साल के लिए खोला जाता है, जिसे 5 साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस अकाउंट को खोलने के लिए आपको 100 रु चाहिए। हालांकि इसमें एक वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये निवेश करना जरूरी है। साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपए का निवेश किया जा सकता है।

बता दें कि इस अकाउंट में ब्‍याज दरें सरकार समय समय पर तय करती है। इस अकाउंट में अभी 7.9 % ब्‍याज मिल रहा है। जो पहली अक्टूबर के बाद कम हो सकता है।

मालूम हो कि इस स्कीम के अंतर्गत यदि आप सिर्फ 200 रुपये रोज बचाकर निवेश करने की सोच लें तो यह 6000 रुपये महीना हो जाएगा। बता दें कि पीपीएफ में 7.9 % सालाना कंपाउंडिंग के लिहाज से ब्याज मिल रहा है। दरअसल 20 साल तक अगर इसी दर से ब्याज मिले तो कुल रिटर्न 3,516,021 लाख रुपये हो जाएगा।

अब उदाहरण के लिए मान लीजिए कि 25 साल की उम्र में अगर आपकी 35-40 हजार रुपए तक आमदनी है तो शुरुआती तौर पर रोज 200 रुपए के हिसाब से बचत की जा सकती है।

आपको बता दें कि यह बचत 45 की उम्र में आपको एक्स्ट्रा 35 लाख रुपए का फंड दे सकता है, जिससे नौकरी करते हुए आप अपनी कोई बड़ी आवश्यकता को आसानी से पूरी कर सकते हैं। वैसे देखा जाए तो रोज 200 रुपए की बचत करना भी मुश्किल नहीं है।

कंपाउंडिंग का फॉर्मूला

A=P (1+r/n)nt

A: कुल अमाउंट मूलधन

P: मूलधन

r: रेट ऑफ इंटरेस्ट

n: एक साल में कितनी बार कंपाउंडिंग

nt: कुल समय

सरकार इस वित्त वर्ष रिजर्व बैंक से ले सकती है 30 हजार करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश…

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केंद्र सरकार राजकोषीय घाटा के लक्ष्य को पाने के लिए इस वित्त वर्ष के अंत तक रिजर्व बैंक से करीब 30 हजार करोड़ रुपए के अंतरिम लाभांश की मांग कर सकती है। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी। राजस्व संग्रह में कमी तथा कॉरपोरेट करों में कटौती के कारण सरकार के वित्त संसाधनों पर दबाव है।

एक अधिकारी ने कहा, ‘यदि आवश्यकता हुई तो केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक से 25-30 हजार करोड़ रुपए के अंतरिम लाभांश की मांग कर सकती है।’ उन्होंने कहा कि इस बारे में जनवरी की शुरुआत में आकलन किया जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि रिजर्व बैंक के लाभांश के अतिरिक्त विनिवेश को बढ़ाने तथा राष्ट्रीय लघु बचत कोष का अधिक इस्तेमाल करने समेत कुछ अन्य साधन भी हैं। सरकार पहले भी राजकोषीय घाटा कम करने के लिये रिजर्व बैंक से अंतरिम लाभांश ले चुकी है। पिछले साल सरकार ने रिजर्व बैंक से 28 हजार करोड़ रुपए का अंतरिम लाभांश लिया था। इससे पहले 2017-18 में इस तरह से 10 हजार करोड़ रुपए लिए गए थे।

आरबीआई से मिलेंगे 1.76 लाख करोड़ रुपए

गौरतलब है कि अगस्त में खबर आयी थी कि रिजर्व बैंक अपने सरप्लस रिजर्व में से 1.76 लाख करोड़ रुपए केंद्र सरकार को देगा। आरबीआई के 84 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है। इस फैसले से सरकार को सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था में तेजी लाने में मदद मिलेगी। गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में आरबीआई बोर्ड ने 1,76,051 करोड़ रुपए केंद्र सरकार को देने की मंजूरी दी थी। यह सिफारिश पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता वाली समिति ने की थी। लेकिन, आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल इसके खिलाफ थे। इसी वजह से उन्होंने और डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने इस्तीफा दे दिया था।

डिविडेंड के 95 हजार करोड़ मिलना तय है

आरबीआई 2013-14 के बाद से अपनी डिस्पोजेबल इनकम (खर्च करने लायक फंड) का 99 प्रतिशत सरकार को देता आ रहा है। जहां तक डिविडेंड का सवाल है तो 2018-19 के लिए 1,23,414 करोड़ रुपए में से 28,000 करोड़ रुपए मार्च में ही अंतरिम डिविडेंड के तौर पर सरकार को दिए जा चुके हैं। मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान सरकार को 95,414 करोड़ रुपए डिविडेंड मिलना तय है। यह 1.76 लाख करोड़ के सरप्लस फंड के अलावा होगा।

यहां भी धूमधाम से मनाई जाती है दुर्गा पूजा, जानिए कुछ खास बातें…

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दूर्गा पूजा या दुर्गोत्सव एक वार्षिक हिन्दू पर्व है, जिसमें हिन्दू देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। दुर्गा पूजा को मनाए जाने की तिथियां पारम्परिक हिन्दू पंचांग के अनुसार आता है तथा इस पर्व से सम्बंधित पखवाड़े को देवी पक्ष, देवी पखवाड़ा के नाम से जाना जाता है। दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा की बुराई के प्रतीक राक्षस महिषासुर पर विजय के रूप में मनाया जाता है। अतः दुर्गा पूजा का पर्व बुराई पर भलाई की विजय के रूप में भी माना जाता है।

दुर्गा पूजा भारतीय राज्यों असम, बिहार, झारखण्ड, मणिपुर, ओडिशा, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में व्यापक रूप से मनाया जाता है जहां इस समय पांच दिन की वार्षिक छुट्टी रहती है। बंगाली हिन्दू और आसामी हिन्दुओं का बाहुल्य वाले क्षेत्रों पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा में यह वर्ष का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। यह न केवल सबसे बड़ा हिन्दू उत्सव है बल्कि यह बंगाली हिन्दू समाज में सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से सबसे महत्त्वपूर्ण उत्सव भी है।

पश्चिमी भारत के अतिरिक्त दुर्गा पूजा का उत्सव दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कश्मीर, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल में भी मनाया जाता है। दुर्गा पूजा का उत्सव 91% हिन्दू आबादी वाले नेपाल और 8% हिन्दू आबादी वाले बांग्लादेश में भी बड़े त्यौंहार के रूप में मनाया जाता है। वर्तमान में विभिन्न प्रवासी आसामी और बंगाली सांस्कृतिक संगठन, संयुक्त राज्य अमेरीका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैण्ड, सिंगापुर और कुवैत सहित विभिन्न देशों में आयोजित करवाते हैं। वर्ष 2006 में ब्रिटिश संग्रहालय में विश्वाल दुर्गापूजा का उत्सव आयोजित किया गया।

दुर्गा पूजा की ख्याति ब्रिटिश राज में बंगाल और भूतपूर्व असम में धीरे-धीरे बढ़ी। हिन्दू सुधारकों ने दुर्गा को भारत में पहचान दिलाई और इसे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलनों का प्रतीक भी बनाया। पूजा को गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल और महाराष्ट्र में नवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। कुल्लू घाटी, हिमाचल प्रदेश में कुल्लू दशहरा, मैसूर, कर्नाटक में मैसूर दशहरा, तमिलनाडु में बोमाई गोलू और आन्ध्र प्रदेश में बोमाला कोलुवू के रूप में भी मनाया जाता है।

शीतकाल के समय दुर्गा की पूजा बंगाल में सबसे बड़ा हिन्दू पर्व है। दुर्गा पूजा नेपाल और भूटान में भी स्थानीय परम्पराओं और विविधताओं के अनुसार मनाया जाता है। पूजा का अर्थ “आराधना” है और दुर्गा पूजा बंगाली पंचांग के छटे माह अश्विन में बढ़ते चन्द्रमा की छटी तिथि से मनाया जाता है। तथापि कभी-कभी, सौर माह में चन्द्र चक्र के आपेक्षिक परिवर्तन के कारण इसके बाद वले माह कार्तिक में भी मनाया जाता है। ग्रेगोरी कैलेण्डर में इससे सम्बंधित तिथियां सितम्बर और अक्टूबर माह में आती हैं।

हाईकोर्ट में RO और कंम्प्यूटर असिस्टेंट के पदों पर निकली बंपर वैकेंसी…

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सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है. दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरओ और कंम्प्यूटर असिस्टेंट के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं. इन पदों के लिए स्नातक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया 30 सितंबर 2019 से शुरु हो रही है. वहीं 21 अक्टूबर 2019 तक आवेदन किया जा सकता है.

संस्था का नाम- इलाहाबाद हाईकोर्ट

पद का नाम- रिव्यू ऑफिसर और कंम्प्यूटर असिस्टेंट

शैक्षिक योग्यता- उम्मीदवार ने किसी भी विषय में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/कॉलेज या इंस्टीट्यूट से स्नातक की डिग्री हासिल की हो.

साथ ही उम्मीदवार के पास कंम्प्यूटर में डिप्लोमा या सर्टिफिकेट होना जरूरी है.

आवेदन शुल्क- सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 700 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा.

वहीं SC/ST वर्ग के उम्मीदवारों को 500 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा.

आयु सीमा- उम्मीदवार की आयु 21 साल से कम और 35 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी.

पदों की संख्या- 147

महत्वपूर्ण तिथियां-

आवेदन शुरु होने की तारीख- 30 सितंबर 2019

आवेदन करने की आखिरी तारीख- 21 अक्टूबर 2019

ये हैं सबसे खूबसूरत महिला साध्वी, टॉप 20 इंडियन आइकॉन में हैं शामिल

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आजकल सोशल मीडिया से कोई भी अछूता नहीं है, सोशल मीडिया ने साधु बाबाओं को भी अपनी गिरफ़्त में ले लिया है। आज हम आपको एक ऐसी ही साध्वी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सोशल मीडिया की महारानी कहा जाता है। जिनकी खूबसूरती के चर्चे आपको पूरी सोशल मीडिया पर मिल जायेंगे।

यह साध्वीसोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती है इस साध्वी का नाम है स्वामी अनादि सरस्वती। यह राजस्थान के अजमेर की रहने वाली हैं और इन्होनें समाजशात्र से एमए किया है और उसके बाद अध्यात्म का मार्ग चुना।

आज वह देशभर में कथा करती हैं। ये केवल कथावाचक ही नहीं हैं बल्कि कई इंस्टिट्यूट और कंपनियों के कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी देती हैं। उनके प्रवचन में धार्मिक बातों के साथ मॉर्डन ज्ञान व विज्ञान की बातें भी शामिल रहती हैं।