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रायपुर को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने में हो सबकी भागीदारी : मुख्यमंत्री श्री बघेल : मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शहरी नवाचार कार्यशाला का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय शहरी नवाचार कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि रायपुर शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए सबकी सहभागिता जरूरी है। इस एक दिवसीय कार्यशाला में शहर के विकास के लिए अपनी राय साझा करने देश-विदेश के नगरीय निकायों के प्रमुख बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्री बघेल ने कार्यक्रम में रायपुर शहर की स्वच्छता के लिए कार्य करने वाले सफाई कर्मियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायपुर नगर पालिक निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे ने किया। 
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि रायपुर शहर तेजी से स्मार्ट सिटी की ओर अग्रसर है। इसे स्वच्छ, सुग्घर और सुंदर शहर के रूप में पहचान दिलाने में सभी लोगों की सहभागीता होनी चाहिए। हर व्यक्ति संकल्प ले कि शहर के गली-मोहल्लों में जहां-कहीं भी कचरा न फेंके और इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें। साथ ही गली-मोहल्लों के नाली तथा सड़कों की नियमित रूप से साफ-सफाई रखने पर ध्यान दें। श्री बघेल ने कहा कि रायपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए हर आवश्यक सुविधाओं तथा संसाधनों का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने इसे जल्द ही कचरा तथा प्लास्टिक मुक्त शहर के रूप में भी पहचान देने के लिए लोगों को संकल्प लेने के लिए कहा। 
    

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कार्यशाला में शहरों के विकास के लिए नवाचारों के संबंध में ऐसी तकनीक के उपयोग पर बल दिया कि इससे शहरों का समुचित रूप से विकास हो, पर इससे किसी तरह प्रदूषण न बढे़। मच्छरों का प्रकोप न हो और इसके कारण डेंगू व मलेरिया आदि से होने वाली मौतों की समस्या न हो। शहर का ऐसे स्मार्ट सिटी के रूप में विकास हो, जहां नागरिकों को सड़क किनारे रात गुजारनी न पड़े। श्री बघेल ने शहरों के समग्र रूप से विकास के लिए वहां नये-नये निर्माण के साथ-साथ संसाधनों के सही ढ़ंग से उपयोग पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध सुविधाओं का सही ढं़ग से इस्तेमाल करेंगे, तो उनका दूरगामी लाभ मिलेगा। उन्होंने रायपुर शहर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हुए ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नगर निगम के उपायों की भी सराहना की। श्री बघेल ने इस तरह रायपुर को तेजी से स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान देने में सभी लोगों की भागीदारी के लिए विशेष रूप से आव्हान किया। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महापौर श्री प्रमोद दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का स्मार्ट सिटी के रूप में तेजी से विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार की पहल पर यहां नागरिकों की सुविधाओं के लिए अधोसंरचना के निर्माण सहित सभी जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रायपुर शहर में सुगम पेयजल की उपलब्धता के लिए घर-घर नल-जल पहंुचाने के लिए समुचित प्रयास हो रहे हैं। हाल ही में सात पानी टंकियों का निर्माण पूर्ण हो गया है। इसके अलावा दस पानी टंकियों का निर्माण भी स्वीकृत है। इससे रायपुर शहर टैंकर मुक्त शहर के रूप में पहचाना जाएगा। शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना के तहत फुण्डहर में लगभग 20 एकड़ में आधुनिक गौठान का निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह खारून नदी को स्वच्छ जल की नदी के रूप में पहचान देने के लिए पांच विभिन्न जगहों पर फिल्टर प्लांट लगाये जा रहे हैं। वार्डो के हर गली-मोहल्लों में बिजली, पानी तथा सड़कों और साफ-सफाई व्यवस्था के लिए हर संभव पहल की जा रही है। कार्यक्रम में स्मार्ट सिटी के प्रबंध संचालक श्री शिव अनंत तायल ने कार्यशाला के आयोजन के संबंध में जानकारी दी। 
    कार्यशाला में जर्मनी के कॉसुल जर्नल डॉ. जर्गन मोहरॉड, ट्युनेशिया के फर्स्ट सेक्रेटरी अली मेफताही, उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल डी.जी. महेन्द्र मोदी, उत्तराखण्ड मेट्रो के एम.डी. जितेन्द्र त्यागी, जम्मु कश्मीर के परिवहन सचिव अमित शर्मा, तेलंगाना नगरीय प्रशासन के निदेशक डॉ. टी.के. श्रीदेवी, उत्तराखण्ड के हेल्थ डायरेक्टर डॉ. मनु जैन, कर्णाटक के चीफ कंजर्वेटर फॅारेस्ट श्री राजकुमार श्रीवास्तव, इलेट्स के सी.ई.ओ. डॉ. रवि गुप्ता भी रायपुर में होंगे। इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन की विशेष सचिव श्रीमती अलरमेल मंगईडी, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ में यादगार तरीके से मनायी जाएगी गांधी जी की 150वीं जयंती : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पूरे राज्य में होंगे विशेष आयोजन

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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को खास और यादगार बनाने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। ये आयोजन दो अक्टूबर, 2019 से शुरु होकर दो अक्टूबर, 2020 तक चलेंगे। महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस दो अक्टूबर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आहूत कर गांधी जी के व्यक्तित्व, कृतित्व और देश की आजादी में उनके योगदान को याद किया जाएगा। गांधी जी की छत्तीसगढ़ यात्रा सहित देश की आजादी के लिए किए गए आन्दोलन और जनजागरण के कार्यो की स्मृतियों पर आधारित प्रदर्शिनी छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में लगाई जाएगी।
       मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा दो अक्टूबर से प्रदेश में चार बड़ी महत्वपूर्ण योजनाएं भी प्रारंभ की जा रही हैं जो प्रदेशवासियों के बेहतर पोषण और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। आगामी दो अक्टूबर से प्रदेश में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली का शुभारंभ किया जाएगा।
        गांधी जयंती के दिन सुबह 8 बजे बच्चा-बच्चा गांधी थीम पर एक हजार बच्चे बापू की वेशभूषा में शहर के जयस्तंभ चौक से गांधी मैदान तक पदयात्रा निकालेंगे। इसके बाद चार अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक धमतरी जिले के कण्डेल से रायपुर तक पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इसे ‘गांधी विचार यात्रा’ का नाम दिया गया है। इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के जनप्रतिनिधि और नागरिकगण शामिल होंगे। कंडेल में किसानों का नहर सत्याग्रह चल रहा था जिसमें भाग लेने के लिए गांधी जी रायपुर तक पहुंचे थे, तभी किसानों की मांगें मान ली गईं थीं। यह पदयात्रा 11 से 17 अक्टूबर तक प्रदेश के हर ब्लॉक में ‘गांधी विचार यात्रा’ के ही नाम से पदयात्राएं की जाएंगी।
    गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर साल भर प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेजों में भी बड़े पैमानें में विविध आयोजन कर छात्रों को गांधी जी के आदर्शो और विचारों से अवगत कराया जाएगा। इसमें निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

CM भूपेश का रमन सिंह पर बड़ा बयान, बोले-दिल्ली में कोई पूछ परख नहीं, हर वक्त वे दुख में ही नजर आते हैं, इसलिए दे रहे अनर्गल बयान

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छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल ने शनिवार को दंतेवाड़ा चुनाव को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दिये बयान पर तंज कसते हुए कहा भाजपा हार पचा नहीं पा रही है, इसलिए खिसीयानी बिल्ली खंभा नोचे के तर्ज पर अनर्गल बयान दे रही है। उन्होंने कहा, डॉ. रमन सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, लेकिन उनकी दिल्ली में कोई पूछ परख नही है…..रमन सिंह से ना कोई मिलता है और ना सहयोग करत….हर वक्त वे दुख में ही नजर आते हैं। रमन सिंह ऐसी बातें इसलिए करते है ताकि मीडिया में बने रहें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारी-कर्मचारी के दुरुपयोग के आरोपों पर कहा कि दंतेवाड़ा उपचुनाव में डाक मतपत्र की संख्या से मालूम पड़ जाता है कि अधिकारी-कर्मचारी किनकी तरफ है। कांग्रेस को 49% वोट मिले हैं तो इससे स्पष्ट होता है कि अधिकारी किस की ओर है। सीएम भूपेश ने कहा. भाजपा के पास कोई काम नहीं बचा इस वजह से तरह-तरह के मामलों में शिकायत करती रहती है। पहले रमन सिंह कहते थे कि कांग्रेस को कोई काम नहीं इसलिए सुबह-सुबह बाइट देने के लिए बैठ जाते हैं, लेकिन आज रमन सिंह खुद को चर्चा में रखने के लिए कुछ भी बयान देते हैं। बताते चले शुक्रवार को दंतेवाड़ा उपचुनाव में हार के बाद भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को प्रशासन का सहयोग मिला हैं लेकिन डाकपत्र में तो कांग्रेस को बीजेपी से कम वोट मिले हैं।

शराब पीते समय या फिर 10 घंटे बाद तक भूलकर भी नहीं खानी चाहिए ये 5 चीजें, डॉक्टर भी कह देगा आई एम सॉरी

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आप सभी लोगों ने देखा होगा कि कई सारे लोग शराब के साथ चखने के रूप में कुछ ऐसी चीजों का सेवन करते है। जिसका आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। जी हां आपको बता दे है कि कई सारे लोग शराब के साथ काजू, मूंगफली, नमकीन आदि चीजें खाते है। जोकि शराब के साथ आपकी सेहत पर कई गुना ज्यादा बुरा असर डालती है।

आपको बता दें कि ज्यादातर लोग शराब पीते समय मुगफली खाना पसंद करते है। तो कई सारे लोग ड्राई काजू भी खाते है। लेकिन शराब के साथ ही दोनों ही चीजें कभी भी नहीं खानी चाहिए। क्योंकि इनमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है। जो शरीर के लिए नुकसानदायक साबित होता है।

हमेशा याद रखें कि शराब के साथ कभी भी सोडा और कोल्ड ड्रिंक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उनके शरीर में पानी की मात्रा को कम कर देता है। इसकी जगह आप शराब में पानी और बर्फ मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।

कई सारे लोग शराब के साथ ऑइली चीजें खा लेते है। लेकिन आपको बता दें कि यह है कि आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। क्योंकि शराब पीने से और ऑयली फ़ूड एक साथ खाने एसिडिटी की शिकायत होती है। यह बहुत से लोग शराब पीते वक्त चिप्स खाते है। क्योंकि यह आसानी से मिल भी जाता है। लेकिन आपको बता दें कि इसका सेवन करने से आपको बहुत ज्यादा प्यास लगती है। जिसकी वजह से लोग ज्यादा शराब पी लेते है और यह आपके शरीर को लिए नुकसानदायक भी होता है।

मिठाई के साथ कभी भी शराब नहीं पीनी चाहिए। क्योंकि शराब के साथ मीठा खाने से नशा दुगना होता है। जिससे व्यक्ति अपने आपे में नहीं रहता है। आमतौर पर लोग सोचते हैं कि मीठा खाने से शराब ज्यादा चढ़ती है। जबकि सही मायने में मीठी चीज है शराब के जहर को और ज्यादा बढ़ा देती है।

जब भी हम कुछ खाते है तो वहां हमारे पाचन एंजाइम खाने के साथ मिलकर उसे पचाने और से पोषण देने का काम करते है। शराब पीने से डाइजेस्टिव एंजाइम्स को नुकसान पहुंचता है। जिससे अगर आप शराब के बाद दूध पीते है। तो दूध में मौजूद पोषक तत्वों का पूरा लाभ आपको नहीं मिल पाता है।

बासी रोटी खाने से मिलेंगे आपको जबरदस्त लाभ, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग..!

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आज हम आपको इस लेख के माध्यम से एक ऐसा उपाय बताने जा रहे हैं जो आप बहुत ही आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए आपके एक भी रुपए खर्च नहीं होंगे वैसे देखा जाए तो सभी लोगों के घरों में रोटी अवश्य बनती है और कभी-कभी ऐसा होता है कि रोटी बच भी जाती है। ऐसे में हम उसको किसी जानवर को खिला देते हैं या तो हम कूड़े में फेंक देते हैं। लेकिन शायद आप इस बात को नहीं जानते हैं कि जो आप बासी रोटी फेंक देते हैं वह आपके स्वास्थ्य के लिए कितना लाभदायक रहता है।

अगर आप रात की बची हुई बासी रोटी को दूध में मिलाकर इसका प्रयोग करते हैं तो इससे आपके शरीर को बहुत ही लाभ प्राप्त होता है। पुराने वक्त में बड़े बुजुर्ग बासी रोटी का प्रयोग करते थे। जिसकी कारण से उनका शरीर स्वस्थ रहता था और उनको किसी प्रकार की कोई बीमारियां भी नहीं होती थी आज हम आपको यहां पर बासी रोटी खाने से आपको क्या-क्या फायदे प्राप्त होते हैं इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं।

आइए जानते हैं बासी रोटी के फायदों के बारे में

डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद

जिन व्यक्तियों को डायबिटीज की दिक्कत है अगर वह बासी रोटी को गर्म दूध में मिलाकर इसको खाते हैं तो उनको डायबिटीज में काफी फायदा प्राप्त होता है। इससे डायबिटीज के रोगियों के ब्लड में शुगर की मात्रा कंट्रोल होती है बासी रोटी में कुछ ऐसे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक माने गए हैं। इसी कारण से बासी रोटी स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत ही फायदेमंद होती है।

उच्च रक्तचाप करे कंट्रोल

जिन व्यक्तियों को उच्च रक्तचाप की दिक्कत है तो उनको बासी रोटी का प्रयोग ठंडे दूध में मिलाकर करना चाहिए ऐसा करने से उच्च रक्तचाप में काफी फायदा मिलता है।

पेट की बीमारियां

जिन व्यक्तियों को पेट से संबंधित दिक्कत है उनको बासी रोटी का प्रयोग दूध के साथ करना बहुत ही लाभदायक होता है। इससे कब्ज और एसिडिटी की परेशानियां दूर होती है।

कमजोरी

जिन व्यक्तियों के शरीर में कमजोरी रहती है और बहुत अधिक दुबले पतले हैं तो उन व्यक्तियों को बासी रोटी को दूध में मिलाकर इसका प्रयोग करना चाहि। इससे उनका शरीर स्वस्थ होगा।

ये रानी मर्दों के साथ संबंध बनाकर उन्हें जिंदा जलाकर उतार देती थी मौत के घाट

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आज हम आपको एक ऐसी औरत के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी सच्चाई एवं इतिहास जानने के पश्चात आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। अफ्रीका महाद्वीप में एक छोटा-सा देश अंगोला है।

अंगोला में एक वक्त ऐसा था जब यहां एक औरत की शक्ति और वर्चस्व चरम पर था। अब आप इस औरत की ताकत का अनुमान इसी बात से लगा सकते हैं कि उसने सत्ता पाने हेतु अपने ही भाई की हत्या कर डाली थी।

इतना ही नहीं, ये औरत अपने हरम में रहने वाले मर्दों संग पहले यौन संबंध कायम करती थी एवं फिर उन्हें ज़िंदा जला कर मार देती थी। आपकी जानकारी हेतु बता दें कि यह कोई मामूली औरत नहीं बल्कि अंगोला की रानी एनजिंगा एमबांदी थी।

रानी अपने तेज मस्तिष्क व बहादुरी हेतु दुनियाभर में मशहूर थी, जो इन्हें एक महान योद्धा बनाती थी। रानी ने 17वीं शताब्दी में यूरोपीय उपनिवेशवाद को आड़े हाथों ले लिया था। किन्तु अनेक लोग ऐसा मानते थे कि रानी काफी क्रूर शासक थी।

किन्तु फिर भी उसे अफ्रीका के इतिहास में सबसे लोकप्रिय औरतों की सूची में ऊंचा दर्जा मिला है। बता दें कि रानी की सत्ता एनदोंगो तथा मतांबा में फैली हुई थी। किमबांदु वहां की स्थानीय भाषा हुआ करती थी, इस भाषा के हिसाब से रानी का नाम एनगोला था।

World Heart Day 2019 : दिल की बीमारी से रहना है दूर तो खाएं ये पांच सुपरफूड्स

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आजकल लगभग हर तीसरे इंसान को दिल की बीमारी हो रही है। जिसका कारण है गलत खानपान और गलत दिनचर्या। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जो ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने का काम करते हैं। अगर स्वस्थ रहना है तो जरूरत है कि उन आहार का सेवन किया जाए जो हमें फिट और सेहतमंद रखें। आइए जानें वो दस आहार जो दिल के साथ ही शरीर को भी फिट रखने में मदद करते हैं।

साबुत अनाज साबुत अनाज में तीनों जरूरी तत्व होते हैं जर्म, एंडोस्पर्म और ब्रैन। साबुत अनाज में हम गेंहू, ब्राउन राइस, ओट्स, जौ, बार्ली को शामिल कर सकते हैं। शोध में इस बात का पता चला है कि भोजन में साबुत अनाज का सेवन करने से दिल की सेहत अच्छी बनी रहती है।

हरी पत्तेदार सब्जियां हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, गोभी, काले इन सब का सेवन करने से शरीर को सारे जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं। इनमें पाया जाने वाला विटामिन के ह्रदय की धमनियों की सेहत को सही रखता है और रक्त का थक्का नहीं जमने देता है।

बेरी अलग-अलग तरह की आने वाली बेरीज का सेवन करने से सेहत पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। ब्लूबेरी, स्ट्राबेरी, ब्लैकबेरी, रसबेरी ये सब एंटीऑक्सीडेंट और दिल की बीमारियों को दूर करने का अच्छा स्त्रोत हैं।

एवाकॉडो एवाकॉडो फल का सेवन करना दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। ये शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करता है। एवाकॉडो का सेवन करने से शरीर में एलडीएल की मात्रा को नियंत्रित करता है।

मछली और मछली का तेल फैटी फिश जैसे सामन, टुना का सेवन करना दिल की सेहत के लिए अच्छा रहता है। शोध में पाया गया था कि सप्ताह तीन बार फैटी फिश का सेवन करने से बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद मिलती है।

भारत से भी सस्ता पड़ता है इन 4 देशों में घूमना, करें विदेश यात्रा की चाहत पूरी

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हर किसी की चाहत होती हैं कि अपने जीवन में विदेश की सैर जरूर की जाए। हांलाकि महंगे बजट की वजह से लोग अपनी इस चाहत को पूरा करने में सफल नहीं हो पाते हैं। लेकिन आपकी इस इच्छा को कुछ ऐसे देश पूरे कर सकते हैं जहां रुपया बेहद कीमती हैं और और आप भारत से सस्ते में अपनी विदेश यात्रा का आनंद ले सकेंगे। तो आइये जानते हैं उन देशों के बारे में जहां घूमना सस्ता और आनंददायक रहेगा।

मंगोलिया

भारत का एक रुपये यहां 38 मंगोलियन टुगरिक के बराबर है। रूस और चीन जैसे विशाल देशों के बीच बसा मंगोलिया दूर से भले नीरस लग सकता है। मगर एक बार मंगोलिया गए, तो पता चलेगा कि मंगोलिया में कैसी दिलचस्प चीजें और अनोखे रोमांच छुपे हैं। यहां आप ओरोग नूर, गाचेन लामा मठ, ओरखोन घाटी, प्राकृतिक और ऐतिहासिक रिज़र्व, खंगई पर्वत, त्सत्सिन नदी और उलानबटार घूम सकते हैं।

लाओस

भारत का एक रुपये यहां 125.03 लाओ किप के बराबर है। लाओस घूमने का सही समय नवंबर से मार्च के बीच है, जब हल्की बारिश के साथ मौसम सुहाना हो जाता है। छोटे मगर इस खूबसूरत देश में आप वियनतियाने, फा कि लुआंग, मेकांग, थाम पुखम गुफा और लुआंग प्रबन्ग जैसी जगह घूम सकते हैं। ठहरने की अच्छी व्यवस्था के साथ यहां कमरे कम बजट में मिल जाते हैं।

तंजानिया

यहां भारत का एक रुपये 33.46 तानजानी शिलिंग के बराबर है। अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी भाग में स्थित इस देश की सीमाएं उत्तर में कीनिया और युगांडा, पश्चिम में रवांडा और कांगो, दक्षिण में जांबिया, मलावी और मोजांबिक से मिलती हैं। इस सस्ते और खूबसूरत देश में क्रूगर नैशनल पार्क में सफारी जरूर करें। यहां आप क्रूगर नेशनल पार्क, सम्बुरु नेशनल रिजर्व, सेरेन्गेटी नेशनलपार्क, क्लासिक सोंगा स्टाइल्स हट्स, लोरियन स्वांप, किलिमंजारो जैसी जगह घूम सकते हैं।

श्रीलंका

भारत का एक रुपये यहां 2.52 श्रीलंकन रुपये के बराबर है। श्रीलंका छोटा है मगर सुंदर और सस्ता देश है। यहां पहुंचकर आप पिनावाला हाथी अनाथालय, कोलंबो, बेंटोटा, कैंडी, जेटविंग लाइटहाउस, उनावटुना बीच, टूथ रेलिक का मंदिर और लुनुगंगा जैसी जगह घूम सकते हैं। अगर बजट ट्रिप पर हैं तो घूमने के लिए सार्वजनिक साधन जैसे बसों और ट्रेनों का इस्तेमाल करें। इनका नेटवर्क काफी फैला हुआ है।

रोजाना खाये यह वस्तु शरीर मे होंगे चौंका देने वाले बदलाव

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आयुर्वेद में कई सालों से इस्तेमाल में लिए जा रहे आंवले में कई पौष्टिक तत्त्व उपस्थित होते हैं. इसे स्वास्थ्य वर्धक रखने के अतिरिक्त बालों का चमकदार बनाए रखने के लिए भी अच्छा माना गया है. इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला विटामिन-सी प्रचुर मात्रा में होता है. एक चीनी के जार में कुछ आंवलों को डालकर रखने से ये कभी बेकार नहीं होते. ऐसे में प्रतिदिन एक आंवला चबाकर खाना लाभकारी है.

सैर से लौटने पर एक आंवला खाना आदमी को ऊर्जा से भर देता है. हरे धनिए की चटनी या खटाई की स्थान पर भी आंवले को इस्तेमाल में ले सकते हैं. इसे कुछ समय के लिए यदि धूप में सुखा दिया जाए तो आंवला पाचक बनाया जा सकता है जो पाचनप्रणाली को सुधारता है.

इसके अतिरिक्त लोहे की कढ़ाही में कुछ आंवलों को भिगोने के बाद उबालकर और ठंडा कर बालों में लगाने से बाल काले और चमकदार होते हैं. इसका ऑयल भी उपयोगी होता है. कब्ज व अपच की समस्या भी इससे दूर हो जाती है.

आंखों से चश्मा उतार देगा टमाटर, जान लें इसे खाने का तरीका.

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सेहत की अगर बात करें तो टमाटर में विटामिन सी, लाइकोपीन, विटामिन, पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है टमाटर जितना देखने में अच्छा लगता है, उतना ही वह खाने में स्वादिष्ट भी है और स्वास्थ्यवर्द्धक भी तभी को टमाटर का उपयोग सब्जी के रूप में करने के साथ-साथ सलाद और चटनी तथा सूप के रूप में बहुतायत में किया जाता है टमाटर का इतिहास बहुत पुराना है बहुत से लोग तो ऐसे हैं जो बिना टमाटर के खाना बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकते। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसे गर्म करने के बाद भी इसके विटामिन समाप्त नहीं होते हैं आज हम आपको ये बताएंगे कि टमाटर के सेवन करने से 3 बिमारियों से हर किसी को छुटकारा मिल जाता है. तो आइए जानते हैं कौन कौन सी है वो बिमारियां
1. सबसे पहले तो आपको बता दें कि टमाटर आंखो के लिए बेहद फायदेमंद होता है और यही कारण है कि ये इंसान की दृष्टि में सुधार कर सकता है जी हां आपको बता दें कि टमाटर में विटामिन A और C पाया जाता हैं जो आँखो की रोशिनी के लिए काफी लाभदायक होता है और हर किसी को ये रतोंधी होने से बचाता है टमाटर मोतियाबिंद के विकास के खतरे को भी कम कर सकता हैं अगर 6 दिन आप खाली पेट सुबह टमाटर खाएंगे तो आपका चश्मा उतर जाएगा.
2.दूसरी बिमारी है गठिया, जी हां अगर आपको गठिया है तो आप बेझिझक टमाटर का सेवन कर सकते हैं क्योंकि ऐसा करने से आपको इससे मुक्ति मिल जाती है इसके अलावा अगर आप हर रोज एक गिलास टमाटर के रस में सोंठ को डालकर अजवायन के साथ सुबह-शाम पिते हैं तो इससे आपका गठिया रोग जल्द से जल्द सही हो जाएगा.
3. अब बारी आती है तिसरी और सबसे आखिरी बिमारी की जो कि दांतो व हड्डियों से सबंधित है जी हां ये तो आप जानते ही होगे की टमाटर में कैल्शियम की मात्रा भी अन्य सब्जियों से ज्यादा होती है दांतो और हड्डियों के लिए टमाटर बहुत अधिक फायदेमंद होता है इसमें मौजूद विटामिन K और मैग्नेशियम हड्डी को मजबूत बनाते है हड्डी की मरम्मत करते है इसके अलावा ये नई हड्डी बनने के तत्व निरंतर बनाते रहते है इस काम में लाइकोपिन भी बहुत मदद करता है.