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सीएम अशोक गहलोत ने की छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ, कहा – यही गांधी जी का असली ग्राम स्वराज है

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रायपुर दौरे पर आए राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने प्रदेश सरकार के कामों की सराहना की है। गहलोत ने कहा कि सरकार बनते ही भूपेश बघेल ने दिल्ली में गौठान के बार में जानकारी दी। इसके बाद हमारे मन में इच्छा हुई कि जाकर देखूं। आज वो सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने गांवों के विकास की कल्पना की थी। वे कहते थे कि रोजगार तभी मिलेगा जब गांवों में कुटिर उद्योग लगेंगे। इसके लिए भूपेश बघेल बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि असली स्वराज्य यही है जिसकी कल्पना गांधी जी ने की थी।

गहलोत ने कहा कि पशुओं की समस्या हर जगह है। सब काम एक साथ इस गौठान में हुआ है। यही नवाचार है। हमारे दो मंत्रियों ने मिलकर यह प्रयोग को देखा है। आज देखकर लगा हम भी इस काम को कर सकते है।

बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को ने भूपेश बघेल के साथ छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के क्रियान्वयन का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने गहलोत को रायपुर जिले के ग्राम बनचरौदा में बनाए गए आदर्श गौठान और यहां पशुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं के साथ ही गौठान में गोबर, गौ-मूत्र आदि से महिला समूह द्वारा तैयार की जा रही सामग्रियों तथा संचालित आर्थिक गतिविधियों का अवलोकन कराते हुए सुराजी गांव योजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी

इस मौके पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि तीन महीने पहले यहां आया था, अब बहुत कुछ बदल गया है। उन्होंने कहा कि आपलोगों की मेहनत से गौठान बेहतर बना है। आज देश ही नहीं दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है। आज राजस्थान के मुख्यमंत्री गौठान देखने आए हैं, जल्द ही सभी राज्यों के मुख्यमंत्री यहां आएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का काम सहायता करना है लेकिन उस से सही तरीके से चलाने की जिम्मेदारी आपलोगों की है।

Birthday: जब लता मंगेशकर ने अपनी छोटी बहन से तोड़े थे सारे रिश्ते, 16 साल की उम्र भागकर कर ली थी शादी

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सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का 28 सितंबर को जन्मदिन होता है. इस दौरान उनकी जिंदगी से जुड़ी कई कहानियां लोगों को बताई और सुनाई जाती हैं. इनमें सबसे ज्यादा ये कहानी मशहूर है. पढ़िए दो बहनों की इस कहानी और आशा भोसले की जिंदगी के कुछ अहम हिस्से-

लता मंगेशकर ने 14 साल की उम्र से काम करना शुरू कर दिया था. पिता के असमय निधन की वजह से उन पर ये जिम्मेदारी आ गई कि वो परिवार को संभाले. लता ने परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते ये जिम्मेदारी बखूबी निभाई भी. जब आशा बड़ी हुईं, तो लता ने इसी जिम्मेदारी और गंभीरता की उम्मीद उनसे भी की.

मगर आशा बचपन से ही अलग मिजाज़ की थीं. उन्हें किसी भी तरह के नियमों में बंधना पसंद नहीं था. उन्होंने अपने अलग रास्ते चुने. 16 साल की उम्र में ही आशा ने गणपतराव भोंसले से शादी कर ली. गणपतराव उस वक्त 31 साल के थे. कम ही लोग जानते हैं कि गणपत राव उस वक्त लता मंगेशकर के सेक्रेटरी हुआ करते थे.

एक इंटरव्यू में खुद आशा ने बताया था कि लता मंगेशकर ने आशा और गणपत के इस रिश्ते को मंजूरी नहीं दी थी. इसके बाद दोनों के बीच काफी दूरी आ गई और काफी समय तक दोनों में कोई बात नहीं हुई.

आशा भोंसले से उस वक्त परिवार ने सभी संबंध तोड़ दिए थे. पूरे परिवार से अलग होकर आशा भोंसले ने अपनी शादी की शुरुआत की.

लता मंगेशकर ने भी ये बात इंटरव्यूज में कही है कि उन्हें लगता था कि ये रिश्ता उनकी छोटी बहन के लिए ठीक नहीं होगा. ऐसा हुआ भी.

आशा भोंसले और गणपतराव के तीन बच्चे हुए, लेकिन उनकी शादी बेहद कड़वे मोड़ पर आकर खत्म हुई. दोनों अलग हो गए. इसके बाद आशा भोंसले ने आर.डी.बर्मन से शादी की. हालांकि लता मंगेशकर और आशा भोंसले के बीच की दूरी फिर भी खत्म नहीं हुई.

आर.डी.बर्मन भी पहले से शादीशुदा थे और पहली पत्नी रीता पटेल से तलाक ले चुके थे. दोनों का संगीत प्रेम उन्हें करीब ले आया और छह साल छोटे आर.डी.बर्मन ने आशा ताई को प्रपोज कर दिया. इस प्रपोजल के काफी समय बाद आशा ताई उनसे शादी के लिए राजी हुईं और 1980 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए.

हालांकि इस शादी में कुछ साल बाद एक अलगाव आ गया. फिर भी दोनों मन से जुड़े रहे, लेकिन बर्मन भी असमय ही दुनिया को अलविदा कह गए.

जीवन के इतने उतार-चढ़ाव देखने के बाद भी आशा ताई मजबूत बनकर हर बार फिर उभरी और नया मुकाम हासिल किया. येसफर अब भी संगीत के जरिये जारी है. इसके अलावा वह एक्टिंग और कुकिंग में भी हाथ आजमा चुकी हैं.

दर्दनाक खूनी बवासीर, सालों पुराने अस्थमा जैसे 10 रोगों का रामबाण इलाज है ये चीज

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अडूसा एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि होती है। जिसके अनगिनत फायदे होते है। आपको बता दें कि इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक चिकित्सा, होम्योपैथी और यूनानी उपचार में किया जाता है। यह पौधा आपको स्किन इन्फेक्शन, अस्थमा, बाबासीर, गले में दर्द मसूड़ों की समस्या, खांसी से निजात दिलाने में मदद करता है। आपको बता दें कि अडूसा का सिर्फ पौधे के पत्ते ही नहीं बल्कि फूल और पूरे पौधे का इस्तेमाल किया जाता है इसकी पत्तियों के अंदर अलकोलाइड, टैनिन, सैपोनिन, फ्लैवोनोइड्स और फिनोलिक्‍स जैसे फाइटो रसायन होते हैं।

इस पौधे के अंदर एंटीऑक्सीडेंट गुण होते है। जिस वजह से यह औषधीय पौधा अस्थमा में भी आपको राहत दिलाने का काम करता है। यह वायु मार्ग और फेफड़ों की सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही इस फल में वाइसिसिन यौगिक ब्रोंकोडाइलेटर होते है। जो सांस फूलने की प्रक्रिया को कम करते है। आपको बता दें कि अस्थमा में अडूसा के फायदे लेने के लिए आपको 5-5 मिली अडूसा के पत्तों का रस शहद के साथ लें। ऐसा करने से आपको फायदा मिलेगा।

आपको बता दें कि इसके औषधीय गुणों की वजह से इसका इस्तेमाल पुरानी बवासीर को खत्म करने के लिए भी किया जाता है। बवासीर से छुटकारा पाने के लिए आपको अडूसा की पत्तियों का रस और इसका रस चूर्ण का इस्तेमाल भी कर सकते है।

गठिया एक ऐसी समस्या है जो शरीर में एसिड की मात्रा अधिक होने की वजह से होती है। इस पौधे में मौजूद पोषक तत्व शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद कर सकते है। जिससे आपको गठिया के दर्द सूजन आदि से छुटकारा मिलता है।

आपको बता दें कि इसके अलावा किस पौधे का इस्तेमाल खांसी का इलाज करने, मसूड़ों के रक्तस्राव को रोकने, गले की बीमारियों को रोकने अल्सर के उपचार में राहत पाने के लिए, मासिक धर्म की समस्याओं से राहत पाने के लिए कर सकते हैं।

इन धातुओं के बर्तनों में गलती से भी खाना न बनाएं, लग जाएंगी कई बीमारियां

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किस बर्तन मे खाना बनाना चाहिए और किसमें बनाने से आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंच सकता है ये जान लेना बहुत जरुरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि कहा जाता है कि उस धातु के गुण खाने में मिल जाते हैं. तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस धातु के बर्तन में खाना बनाने के नुकसान और फायदे क्या हैं…

सबसे पहले बात करते है अधिकतर इस्तेमाल किये जाने वाले स्टील के बर्तनो के बारे में, स्टेनलेस स्टील से बने बर्तनों का प्रयोग अधिकतर लोगों द्वारा किया जाता है। ये धातु कई तरह की धातु को मिलाकर बनाई जाती है। आमतौर पर स्टेनलेस स्टील को बनाने में कार्बन, क्रोमियम और निकल का प्रयोग किया जाता है। इस धातु में बने भोजन को खाने से शरीर को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता है और यही वजह है कि लोग स्टेनलेस स्टील से बने बर्तनों का प्रयोग अधिक करते हैं। पुराने जमाने में पीतल के बर्तनों का खूब प्रयोग किया जाता था और इन बर्तनों के अंदर ही खाना बनाया एवं खाया जाता था। हालांकि पीतल के बर्तन में खाना बनाने से खाना जल्द ही खराब हो जाता है और इस बर्तन के अंदर नमक या फिर खट्टी चीजों को बिलकुल नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि इस बर्तन में बनीं नमकीन और खट्टी चीज खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है।

जैसा की आप सभी जानते होंगे कि एल्युमीनियम के बर्तनों का इस्तेमाल हर घर में किया जाता है और एल्युमीनियम के बर्तन में बना हुआ खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसलिए आप अगर एल्युमीनियम के बर्तनों का प्रयोग खाना बनाने के लिए करते हैं, तो ऐसा करना बंद कर दें और एल्युमीनियम के अंदर भूलकर भी खटी चीज ना बनाएं। लोहे की धातु के बर्तनों का प्रयोग आप भूलकर भी खाना बनाने के दौरान ना करें। क्योंकि ये धातु सेहत के लिए हानिकारक होती है और इस धातु में बने भोजन को खाने से आपको गंभीर रोग हो सकते हैं।

आपके पास भी है 2 LPG सिलेंडर तो हो जाएं सावधान! तेल कं​पनियां ले सकती हैं बड़ा फैसला

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बीते दिनों सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी पर ड्रोन हमले के बाद से कच्चे तेल की सप्लाई में कमी रही. इसके बाद अब खबर आ रही है कि घरेलू तेल मार्केटिंग कंपनियां रसोई गैस की राशनिंग कर सकती हैं. संभव है कि छोटी अवधि में LPG गैस की कमी से निपटने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और​ हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि​मिटेड एलपीजी गैस की राशनिंग करने का फैसला ले सकती हैं. LPG गैस राशनिंग का मतलब है कि उन ग्राहकों को ही वरीयता दी जाएगी जिनके पास केवल एक ही सिलेंडर है.

लाइवमिंट ने अपनी एक रिपोर्ट में एक तेल कंपनी के सीनियर अधिकारी के हवाले से लिखा है कि मौजूदा समय में LPG की कमी नहीं है, लेकिन पिछले सप्ताह हमले के बाद सप्लाई में कमी आई है. अधिकारी ने बताया है कि सरकारी कंपनियां ग्राहकों के मांग को पूरा कर रही हैं. दो सिलेंडर रखने वालों की तुलना में एक सिलेंडर रखने वालों को अधिक वरीयता दी जाएगी. अधिकारी ने बताया कि एलपीजी की वैकल्पिक सोर्स की व्यवस्था हो गई है और इसकी पहली खेप एक सप्ताह में पहुंच जाएगी.

क्यों कम हुई कुकिंग गैस की सप्लाई

3 सितंबर को नवी मुंबई स्थि​त एक सरकारी तेल और गैस कंपनी में आग लगने के बाद घरेलू एलपीजी सप्लाई घट गई थी. इसके बाद सितंबर में सऊदी अरामको (Saudi Aramco) पर ड्रोन हमले के बाद कच्चे तेल और कुकिंग गैस की सप्लाई बाधित हुई. पिछले माह ही मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स में एलपीजी सप्लाई बंद रहा. सप्लाई में इस बंदी का कारण नजदीकी इलाकों में भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड था.

सरकार ने दिया आश्वासन

लाइवमिंट की इस रिपोर्ट के मुताबिक, तेल मंत्रालय सुनिश्चित किया गया है कि फेस्टिव सीजन में एलपीजी सप्लाई की कमी नहीं होगी. एडनॉक से कूकिंग गैस की नई खेप समय पर पहुंच जाएगी. मौजूदा समय में महाराष्ट्र, कनार्टक, पंजाब और गोवा में सप्लाई की कमी के कुछ मामले सामने आए थे. एक सरकारी तेल कंपनी के एक अधिकरी ने बताया है कि एलपीजी मांग को पूरा करने के लिए एक टेंडर फ्लोट किया गया था, जिसपर बेहतर रिस्पॉन्स देखने को मिला. नवी मुंबई से 15 अक्टूबर तक सप्लाई बाधा नहीं रहेगी.

छत्तीसगढ़ : वायरल हो रहे डायरी के पन्ने, नाम… किसे कहां भेजना है… सब लिखा है!

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हनी ट्रैप मामले में एक नया मोड आया है. आशंका जताई जा रही है कि मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले के तार छत्तीसगढ़ से भी जुड़े हो सकते है. सूत्रों की मानें तो महिला गैंग के निशाने पर सूबे के तीन अफसर थे. अब इस मामले में एक डायरी के पन्ने सामने आए हैं. हाथ से लिखे डायरी के दो पन्ने वायरल हो रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, इन पन्नों में किसे कहां भेजना है, किससे क्या लेना है, इन बातों का जिक्र है. बंसल साहब, चौधरी भाई, एमजी सर, वीआईपी, एचडी कोड वर्ड भी लिखा हुआ है. बताया जाता है कि कुछ अधिकारियों के अस्पष्ट नाम भी इन पन्नों में मौजूद हैं. फिलहाल, इसे लेकर किसी तरह की कोई पुष्टि सामने नहीं आई है.

जानकारी के मुताबिक, वन विभाग के दो और एक आईएएस अधिकारी का संपर्क इन लोगों से था. वन विभाग के अधिकारी इस दौरान डीएफओ रैंक पर थे. अब वह प्रमोट होकर आईएफएस बन गए हैं. वहीं, आईएएस अधिकारी पहले नक्सली इलाके में पदस्थ कलेक्टर थे, जो अब प्रमोट होकर मंत्रालय पहुंच गए हैं. ऐसा भी कहा जा रहा था कि मामला सामने आने के बाद कुछ लोगों से पूछताछ भी हो सकती है.

मध्यप्रदेश में हनी ट्रैप मामले में मचे सियासी बवाल के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी राजधानी के एक कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर करोड़ों रूपए वसूलने का मामला सामने आया है. रायपुर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि फेसबुक के जरिए युवती ने कारोबारी को अपने हुस्न के जाल में फंसाया और फिर 1 करोड़ 38 लाख रूपए से ज्यादा की वसूली कर ली. पुलिस ने बताया कि युवती मुलतः मनेन्द्रगढ़ की रहने वाली है और डेंटल की ड्राप आउट छात्रा रही है.

ऐसे फसाया कारोबारी को पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवती साल 2015 से रायपुर के गायत्री नगर में रह रही थी. इसी दौरान कारोबारी से पहचान हुई और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिसका युवती ने चुपके से वीडियो (Video) भी बना लिया और कारोबारी को ब्लैकमेल (Blackmail) करने लगी. 1 करोड़ 38 लाख रूपए से ज्यादा वसूलने के बावजूद युवती लगातार पैसों की डिमांड कर रही थी. इसके बाद कारोबारी ने इसकी शिकायत की, जिसके बाद युवती कारोबारी से 50 लाख वसूलने जैसे ही कचना इलाके में पहुंची महिला पुलिस ने सादी वर्दी में उसे गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में कथित रूप से युवती का ब्वायफ्रैंड भी शामिल था जिसे पुलिस तलाश रही है. पुलिस ने युवती से दो कार और सोने के गहने बरामद किए हैं. वहीं मामले को लेकर पूछताछ लगातार जारी है, जिसमें और भी कई खुलासे हो सकते हैं.

छत्तीसगढ़ : बहू को न मिले नौकरी, इसलिए पेश कर दी सलमान खान से शादी की फर्जी फोटो

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक अनोखा मामला आया है. यहां मृत बेटे की नौकरी बहू को न मिल जाए, इसलिए ससुराल वालों ने अपनी बहू के शादी की फर्जी फोटो कोर्ट में पेश कर दी है. इस फोटो में महिला की शादी फिल्म स्टार सलमान खान से होना दिखाया गया था. फोटो पेश कर ससुराल पक्ष ने दावा किया है कि उनकी बहू पहले से ही शादीशुदा है. इस वजह से उसे मृत बेटे की नौकरी और मिलने वाली सुविधाएं नहीं दी जानी चाहिए. कुटुम्ब न्यायालय और हाईकोर्ट में भी ये तस्वीर पेश की गई है. कुटुम्ब न्यायालय ने बहू के पक्ष में फैसला सुनाया. फिर सुसराल वालों ने हाईकोर्ट में अपील की है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी.

दरअसल, ये पूरा मामला जिले के बैकुण्ठपुर में रहने वाले बसंतलाल से जुड़ा हुआ है. बसंतलाल की शादी रानी नामक महिला से हुई थी. रानी के अधिवक्ता अशोक शुक्ला के मुताबिक, एसईसीएल कॉलरी में काम करने वाले बसंतलाल ने साल 2013 में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. इसके बाद बसंतलाल के परिजनों ने रानी को अपनी बहू न मानते हुए घर से बाहर निकाल दिया. बताया जा रहा है कि रानी के ससुराल वाले नहीं चाहते थे कि उसे मृत बेटे की अनुकम्पा नियुक्ति और मृत्यु उपरांत मिलने वाला लाभ मिले. फिर मामला बैकुण्ठपुर के कुटुम्ब न्यायालय पहुंचा.

ससुराल वालों ने पेश की फर्जी फोटो

बैकुण्ठपुर के कुटुम्ब न्यायालय में रानी के ससुराल वालों ने उसे अपनी बहू मानने से साफ इनकार कर दिया. साथ ही उसकी शादी फिल्म एक्टर सलमान खान से होना की बात भी कही. इसके लिए बतौर सबूत रानी और सलमान खान की एक फोटो भी उन्होंने कोर्ट में पेश कर दी.

न्यायालय ने मामले में ससुराल पक्ष को फटकार लगाते हुए रानी के पक्ष फैसला सुनाया है. कुटुम्ब न्यायालय के आदेश के खिलाफ अब ससुराल वालों ने हाईकोर्ट में अपील की है. इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई में हाईकोर्ट जस्टिस गौतम भादुड़ी के सिंगल बैंच ने रानी को नोटिस जारी किया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी.

धनिया के पत्ते के इतने सारे लाभ जानकर आप हो जाएंगे हैरान

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धनिया तो लगभग सभी घरों में पाया जाता है। कुछ लोग हरा धनिया प्रयोग करते हैं तो कुछ हरा और सूखा दोनों। सूखे धनिये का प्रयोग मसाले के रुप में अधिक होता है और हरा धनिया का प्रयोग चटनी या सब्जी में डालकर प्रयोग में लाया जाता है। धनिया खाने का स्वाद बढाने के साथ कई रोगों को भी ठीक करने में मदद करता है। धनिया के पत्ते जाड़े में होने वाली बीमारियों को दूर करते हैं। इसमें पाए जाने वाला विटामिन ए, सी की मात्रा आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का काम करती है।

– नाक से खून निकल रहा है तो इसकी पत्तियों का रस नाक में डालने से खून निकलना बंद हो जाता है।

– धनिया के चूर्ण से मुंहासों को पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है।

– धनिया की पत्तियों का शरबत पीने से पेशाब में जलन, प्यास, आंखों में जलन, दस्त और गैस शांत होती है तथा मन प्रसन्न रहता है।

– हरी धनिया की पत्तियों का रस मिश्री के साथ पीने से महिलाओं के श्वेत प्रदर में लाभ होता है।

– धनिया के पत्ते से गैस से छुटकारा दिलाने में सहायता करते है।

– जाड़े में खाने की मात्रा अधिक होने पर दस्त की शिकायत बढ़ने लगती है। ऐसे में धनिया की चटनी व सलाद पेट को राहत पहुंचाती है।

– पानी का सेवन कम होने के पेशाब की समस्या बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में धनिया के पत्ते, चटनी, सूखी धनिया का किसी भी रुप में इस्तेमाल करने पर पेशाब मार्ग दुरुस्त रहता है।

– इसमें विटामिन ए और सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो की हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत करते हैं। नियमित सेवन से वायरल बीमारी सर्दी-खांसी से छुटकारा मिलता है।

– धनिया में विटामिन सी की अधिक मात्रा होने की वजह से गठिया मरीजों को लाभ मिलता है। सूखी धनिया का पाउडर लगातार इस्तेमाल करना चाहिए।

– डायबिटीज के मरीजों के लिए धनिया काफी फायदेमंद होता है। यह खून में इंसुलिन की मात्रा को नियमित करता है।

– चक्कर आने की शिकायत अधिक है तो आंवले के साथ इसका उपयोग करने पर आपको काफी राहत मिलेगा।

HoneyTrap; मंत्री की पत्नी थीं पार्टनर, फंसे थे सीएम भी

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मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में खुलासों का क्रम जारी है। SIT की पूछताछ में लगातार नए – नए खुलासे सामने आ रहे हैं। यह बात पहले ही खबरों में आ चुकी है कि, पिछली सरकार के कई मंत्रियों और एक तत्कालीन सीएम की भी इस गिरोह से निकटता रही है, उन्होंने गिरोह की सदस्यों की काफी मदद भी की।

खबरों की मानें तो मध्यप्रदेश – छत्तीसगढ़ के कई राजनेताओं व वरिष्ठ अफसरों की करतूतों का चिट्ठा SIT के हाथ लग चुका है। करीब 40 कॉल गर्ल और बॉलीवुड की बी ग्रेड अभिनेत्रियाें व मॉडल के भी गैंग से जुड़े होने के सबूत भी उसके हाथ लग चुके हैं।

समझा जा सकता है कि, हसीनाओं के गैंग से नेताओं व अफसरों की निकटता शुरू में चाहे हुस्न के लिए की गई हो लेकिन बाद में मजबूरी बन गई होगी, जब हसीनाओं ने उनके साथ अपनी अश्लील वीडियो बनाकर फंसाया होगा।

खुलासों के इस क्रम में एक और बड़ी बात सामने आ रही है कि एक पूर्व मंत्री की पत्नी हनी ट्रैप गैंग के एनजीओ और कारोबार से बाकायदा जुड़ी रही हैं। उन्होंने इस एनजीओ को भाजपा के कई सांसदों से फंड भी दिलाया है। खबरों के अनुसार मंत्रीजी की पत्नी ने अपने सम्बंधों के बल पर छत्तीसगढ़ से भी इस एनजीओ को करोड़ों रुपए दिलवाए हैं।

शिक्षा विभाग से जुड़े रहे एक पूर्व मंत्री की पत्नी की पार्टनरशिप भोपाल की आरोपी महिला के पति के एनजीओ स्वप्निल एजुकेशन सोसाइटी और दूसरे कारोबार में थी। इसके चलते माननीय की भी मेहरबानी रही कि, इस एनजीओ को पिछले 6 साल से शिक्षा विभाग के साथ दूसरे सरकारी विभागों और सांसद निधि से करोड़ों रुपए का फंड मिला।

इसके अलावा इस एनजीओ को दिल्ली, मुम्बई की बड़ी कंपनियों से कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड भी मिला था। यही नहीं इस एनजीओ को मध्यप्रदेश के साथ साथ 2010 से छत्तीसगढ़ में भी बड़े स्तर पर काफी काम मिला था।

सुबह नियमित रूप से एक सेब का सेवन देगा आपको अनगिनत फायदे

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सेब को आयुर्वेद में एक चिकित्सक कहा जाता है। यह ना सिर्फ आपको तंदुरुस्त बनाता है बल्कि कापी सारी खतरनाक बीमारियों को भी आपसे दूर रखता है। मतलब साफ है कि अब तक आप जो हॉस्पिटस् के चक्कर काटते थे वो अब नहीं करना होगा। हर रोज सिर्फ एक सेब खाने से आपकी तमाम बीमारियां अपने आप से ही दूर हो जाती हैं। जानकारी के लिए बता दें कि रोग निवारक ये फल आपको नीचे दिए गए सारी बीमारियों से निजात दिलाता है। औऱ शरीर के कई अंगों को फायदा पहुंचाता है।

मोटापा

सेब में पाया जाने वाला फाइबर मोटापे को कम करने में काफी हद तक सहायक होता है। इसके सेवन से व्यक्ति खतरनाक रोगों की चपेट में आने से बच जाता है। इसमें मौजूद पौष्टिक तत्व शरीर को मजबूती भी देते हैं।

दांत

सेब में काफी मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जो आपके दांतों को स्वस्थ रखने का काम करता है। सेब का सेवन दांतों से बैक्टीरिया और वायरस को दूर भगता है साथ ही आपके दांत पायरिया रहित रहते है।

हड्डियां

सेब में प्रचुर मात्रा में कैल्शिम पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत करने का काम करता है। बता दें कि जिस व्यक्ति की हड्डियां मजबूत होती हैं उसे थकान कम महसूस होती है।

पाचन तंत्र

सेब में भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला अल्कालिनिटी लीवर को शरीर के शोधन में मदद करता है। इससे आपके शरीर का पीएच स्तर नियंत्रित होता है जो व्यक्ति का पाचन तंत्र मजबूत बनाता है। हालांकि पाचन तंत्र मजबूत होने से रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है।

कोलेस्ट्रॉल

सेब खाने या इसके जूस का सेवन करने से बढ़ते कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को रोका जा सकता है। डॉक्टर्स हृदय रोगियों के लिए उबला हुआ सेब ज्यादा फायदेमंद बताते हैं।

खूबसूरती

सेब का नियमित सेवन करने से आपके चेहरे पर होने वाले काले और सफेद धब्बे कम हो जाते हैं। इससे ना सिर्प आपके चेहरे पर ग्लो आता है. साथ ही शरीर में मौजूद अनावश्यक चर्बी धीरे-धीरे कम हो जाती है, जिससे आप आकर्षक लगने लगते हैं।

मधुमेह

सेब का सेवन शरीर में टाइप-2 मधुमेह के खतरे को ना सिर्फ कम करता है बल्कि इसमें मौजूद तत्व शरीर में ग्लोकूज की कमी को पूरा करते हैं। जाहिर है कि शरीर में प्रचुर मात्रा में ग्लोकूज रहने पर आपको इन्सुलिन लेने की जरूरत नहीं पड़ती है।

अल्जाइमर

एक शोध में पाया गया है कि प्रतिदिन सेब का जूस पीने से अल्जाइमर की समस्या से जीवनभर बचा जा सकता है। सेब के सेवन से मस्तिष्क की कोशिकाओं की रक्षा होती है, जिससे अल्जाइम होने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है।

पथरी

गुर्दे में होने वाली पथरी से बचाव के लिए सेब का सेवन लाभदायक रहता है। इससे पथरी के कारण होने वाले दर्द में भी आराम मिलेगा।