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UNGA में नरेंद्र मोदी की रणनीति क्या थी और इमरान ख़ान वहाँ कितने प्रभावी रहे?

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भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें अधिवेशन को संबोधित किया. इन दोनों के संबोधन का इंतज़ार न सिर्फ़ भारत और पाकिस्तान, बल्कि दुनिया के अन्य देशों के लोग और विश्लेषक भी कर रहे थे.

भारतीय प्रधानमंत्री ने एक ओर जहां पाकिस्तान का नाम लिए बिना विश्व शांति और चरमपंथ की समस्या पर अपनी बात रखी और दुनिया के सामने देश की उपलब्धियां गिनाईं तो दूसरी तरफ़ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को घेरा.

इमरान ख़ान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाया और दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति में होने वाले अंतरराष्ट्रीय नुक़सान से भी दुनिया भर के देशों को चेताया.

  • आख़िर नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान की चर्चा न कर अंतरराष्ट्रीय विषयों और देश की उपलब्धियों पर बात क्यों की?
  • इमरान ख़ान ने सीधा इसके उलट किया और उन्होंने देश के मुद्दों पर बात न करके कश्मीर पर बात क्यों की?

दोनों नेताओं के भाषणों का सार समझने के लिए बीबीसी ने अमरीका स्थित डेलावेयर विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर मुक्तदर ख़ान,अमरीका में भारत के राजदूत रह चुके नवतेज सरना और पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार हारून रशीद से बात की. पढ़िए इन तीनों विश्लेषकों का नज़रिया:

मोदी के भाषण पर मुक्तदर ख़ान की राय

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन-चार महत्वपूर्ण बातें कीं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. क्योंकि हालिया चुनाव में उनको और उनकी पार्टी को विशाल जनसमर्थन प्राप्त हुआ है, वो एक तरह से इशारा कर रहे हैं कि वो दुनिया के सबसे बड़े निर्वाचित नेता हैं.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अब भारत दुनिया को रास्ता दिखाना चाहता है कि ग़रीबी कैसे हटाई जाए और जलवायु परिवर्तन को कैसे रोका जाए.

उन्होंने सरकारी की कुछ नीतियों की तरफ़ इशारा करते हुए कि भारत बेहतर कर रहा है. लेकिन कश्मीर के मुद्दे पर भारत के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो कुछ भी कहा जा रहा है, उस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा.

कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद जो भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, उसे लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ नहीं कहा है.

भारत के ख़िलाफ़ उठते सवालों पर उन्होंने दुनिया को कोई तसल्ली नहीं दी.

उन्होंने विश्व शांति, बंधुत्व और चरमपंथ के ख़िलाफ़ दुनिया के देशों को एक साथ आने की बात कही लेकिन उनकी ही पार्टी से जुड़े लोग देश की अल्पसंख्यक आबादी के साथ जो व्यवहार कर रहे हैं, उस पर उन्होंने कुछ नहीं कहा.

अगर दुनिया को शांति और बंधुत्व का सबक सिखाना है तो सबसे अच्छा तरीका यह होगा कि वो ख़ुद अपने ही मुल्क में इन नीतियों को लागू करें कि सभी समुदायों के बीच बंधुत्व कैसे लाया जाए.

सुस्त पड़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ नहीं कहा.

उन्होंने कोई इशारा नहीं किया कि वो इसे सुधारने के लिए क्या नीतियां लेकर आएंगे. पिछले कुछ समय में निवेश भी घटे हैं, इससे न सिर्फ़ भारतीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी चिंतित हैं.

उनके लिए यह एक अच्छा मौका था कि वो दुनिया को विश्वास दिलाते कि अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर आएगी.

संयुक्त राष्ट्र महासभा में संजीदा बातें होती हैं. दुनिया फ्रांस, चीन और रूस के नेताओं की बात सुनना चाहती है.

ऐसे में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कोशिश तो ज़रूर की वैश्विक मुद्दों पर बात की जाए लेकिन शुरुआत के भाषण में ऐसा लग रहा था कि वो अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नकल कर रहे थे.

वो अपनी ही तारीफ़ कर रहे हैं. चुनावों में मिले विशाल जनसमर्थन की बात कर रहे थे और इतना ही नहीं अपनी सफलताओं को भी गिनाया.

मुझे ऐसा लग रहा था कि वो अपने निर्वाचन क्षेत्र को संबोधित कर रहे थे.

नरेंद्र मोदी के पास एक बेहतरीन मौका था कि वो भारत को फिर से एक वैश्विक अगुआ की तरह पेश करें, इसमें वो कामयाब नहीं हो पाए.

मोदी के भाषण पर नवतेज सरना का नज़रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास से जुड़े मसलों पर केंद्रित रहकर अपने भाषण में अपने कार्यकाल के दौरान शुरु हुईं सफल योजनाओं का ज़िक्र किया और उन्हें वैश्विक परिदृश्य में रखने की कोशिश की.

प्रधानमंत्री ने भारत के विकास में जनभागीदारी और समग्रता के सकारात्मक प्रभावों का ज़िक्र किया और बताया कि कैसे भारत की यही नीति संयुक्त राष्ट्र के दर्शन के अनुकूल है.

भारत ने इसी दर्शन के तहत वैश्विक मुद्दों और चुनौतियों पर अपना रुख़ तय किया है. भारत के प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन का ज़िक्र किया.

भले ही भारत प्रति व्यक्ति स्तर अधिक प्रदूषण नहीं फैलाता मगर उसने रीन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य को बढ़ाकर 450 गीगावॉट कर दिया है.

सोलर एनर्जी के लिए अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ किया है और आपदा रोधी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने पर ज़ोर दिया है.

‘भाषण UNGA की थीम के अनुरूप’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शांति और अहिंसा में विश्वास रखता है और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में अग्रणी रहते हुए बलिदान देने में भी आगे रहा है.

प्रधानमंत्री ने बताया कि कैसे आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक वैश्विक चुनौती है और इसीलिए भारत ने इसके ख़िलाफ़ आवाज उठाता रहा है.

उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी चुनौती है जिसके लिए विश्व को एकजुट होना चाहिए.

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उनसे प्रेरणा लेने की बात करते हुए पीएम मोदी ने 125 साल पहले आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकाननंद की ओर से दिए ‘सद्भाव और शांति’ के संदेश का ज़िक्र किया और कहा कि आज भी भारत का यही संदेश है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें अधिवेशन का विषय था “ग़रीबी उन्मूलन, गुणवत्ता वाली शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए समावेशी क़दम उठाने की दिशा में बहुपक्षीय प्रयासों को मज़बूत करना.”

इस विषय पर प्रधानमंत्री का भाषण सटीक था.

उन्होंने विकास के लिए भारत की ओर से किए जा रहे प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा प्रयासों के तौर पर पेश किया जिनसे बाक़ी विकासशील देश प्रेरणा ले सकें.

इमरान ख़ान के भाषण पर हारुन रशीद का नज़रिया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में तीन-चार मुद्दों पर बात की लेकिन कश्मीर के मुद्दे पर उन्होंने ज़्यादा जोर दिया.

उन्होंने अपने भाषण में कश्मीर पर वही सारी बातें की, जो पहले से करते आए हैं. लेकिन इस बार फ़र्क बस इतना था कि मंच अंतरराष्ट्रीय था और दुनिया उस मंच को संजीदगी से लेती है.

उन्होंने दुनिया को यह बताया कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनती हैं तो इससे न सिर्फ़ दोनों देश बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित होगी. उन्होंने दुनिया के देशों को एक तरह से डराने की भी कोशिश की.

अब देखना यह होगा कि उनकी इन बातों का असर अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर कितना होता है या फिर संयुक्त राष्ट्र इस मामले में कोई कदम उठाता है या नहीं.

इमरान ख़ान ने जिस तरह से संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर पर बोला, उसकी प्रशंसा पूरे पाकिस्तान में हो रही है.

मक़सद में कामयाब नहीं हुए इमरान

भाषण के पीछे इमरान का जो मक़सद था, उसमें वह क़ामयाब नहीं हुए हैं. वह कह रहे हैं कि कश्मीर से कर्फ़्यू ख़त्म हो.

उनका आरोप है कि भारत ने जो 13000 कश्मीरी युवाओं को हिरासत में लिया है, उन्हें रिहा करें.

अगर इस भाषण के तुरंत बाद एक दो दिन में उनकी मांगें पूरी हो जाएं, तब तो क़ामयाबी कही जा सकेगी मगर इसकी संभावना बहुत कम है.

लेकिन सिर्फ़ भाषण देने, गुस्सा दिखाने या डराने से चीज़ें नहीं हो पातीं. असल बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय आपकी बातों को किस तरह से लेता है.

अब तक तो नज़र आया है कि अमरीका ही कोई भूमिका अदा कर सकता है.

मगर अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप इस मामले में कोई पक्ष नहीं ले रहे. वह पाकिस्तान को भी ख़ुश रख रहे हैं और भारत को भी.

जब अमरीकी राष्ट्रपति का रवैया ऐसा है तो मुझे नहीं लगता है कि बाक़ी देश कोई ठोस कदम उठाएंगे भारत के ख़िलाफ.

विपक्ष कर रहा आलोचना

यहां लोग दुआ कर रहे थे कि इमरान ख़ान जिस तरह के भाषण पाकिस्तान के अंदर देते हैं, विपक्ष के नेता रहते हुए कंटेनर पर खड़े होकर जिस तरह की बातें वे कहते थे, ख़ुदा करे वैसी बातें वह यूएन में न कहें.

सभी चाह रहे थे कि क्लाइमेट चेंज़ और इस्लामोफ़ोबिया जैसे अंतरराष्ट्रीय विषयों और कश्मीर जैसे मामलों तक सीमित रहें तो बेहतर है.

मगर कहीं-कहीं उन्होंने भ्रष्टाटार का ज़िक्र किया. इस मामले पर विपक्ष उनकी आलोचना कर रहा है वहां उन्हें पाकिस्तान के आंतरिक मामलों का ज़िक्र नहीं करना चाहिए था.

अपने स्थानीय मुद्दों पर उन्होंने ज़्यादा बात नहीं की, इससे लोग कुछ हैं. विपक्षी पार्टियां भी ख़ुश हैं कि इमरान ख़ान ने ज़रदारी साहब या नवाज़ शरीफ़ का ज़िक्र नहीं किया.

इससे कुछ लोगों को आराम मिला कि उन्होंने घर के झगड़ों को यूएन में जाकर उजागर नहीं किया.

नौसेना में शामिल हुई पनडुब्बी INS खंडेरी, जानिए इसे क्यों कहते हैं ‘साइलेंट किलर’

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नौसेना की दूसरी सबसे अत्याधुनिक पनडुब्बी आज नौसेना के बेड़े में शामिल हो गई है. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ नेवल स्टाफ की मौजूदगी में मुंबई नेवल डॉकयार्ड पर उद्घाटन किया गया.

INS खंडेरी को नौसेना में शामिल करने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा, “पाकिस्तान को समझना चाहिए कि आज हमारी सरकार के मजबूत संकल्प से INS खंडेरी के बेड़े में शामिल होने के बाद नेवी की क्षमता बढ़ गई है. अब भारत, पाकिस्तान को पहले से बड़ा झटका देने में सक्षम है.”

‘कुछ ऐसी ताकतें हैं जिनकी हसरतें नापाक हैं’

राजनाथ सिंह ने कहा, ” कुछ ऐसी ताकतें हैं जिनकी हसरतें नापाक हैं. वे साजिश रच रहे हैं कि समंदर के रास्ते मुंबई के 26/11 जैसा एक और अनुमानित अटैक भारत के इस कोस्टल एरिया में कर सकें. लेकिन उनके इरादे किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होंगे.”

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने INS खंडेरी का जायजा लिया. उनके साथ नेवी चीफ एडमिरल कर्मवीर सिंह मौजूद रहे.

सुरक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम

खंडेरी भारतीय समुद्री सीमा की सुरक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है. अत्याधुनिक तकनीक से लैश खंडेरी में टॉरपीडो और ऐंटिशिप मिसाइलें तैनात की जाएंगी. ये पानी से पानी और पानी से किसी भी युद्धपोत को ध्वस्त करने की क्षमता रखती हैं.

कुल वजन 1550 टन

खंडेरी पानी के भीतर 45 दिनों तक रह सकती है. इसी के साथ देश में निर्मित यह पनडुब्बी एक घंटे में 35 किलोमीटर की दूरी आसानी से तय कर सकती है. 67 मीटर लंबी, 6.2 मीटर चौड़ी और 12.3 मीटर की ऊंचाई वाली पनडुब्बी का कुल वजन 1550 टन है.

दुश्मन के छक्के छुड़ाने की ताकत

इसमें 36 से अधिक नौसैनिक रह सकते हैं. दुश्मन सेना के छक्के छुड़ाने की ताकत रखने वाली खंडेरी सागर में 300 मीटर की गहराई तक जा सकती है. कोई भी रेडार इसका पता नहीं लगा सकता है.

आतंकवाद पर PM मोदी-हसीना ने फिर दोहराया अपना रुख…

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आतंकवाद और हिंसक अतिवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने के अपने रुख को दोहराया और दोनों इस बात पर सहमत हुए कि एक मजबूत सुरक्षा साझेदारी ने दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच भरोसा और एक दूसरे पर विश्वास कायम किया है। मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र से इतर शुक्रवार को हसीना के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जन्मशती के अवसर पर भारत की ओर से आयोजित विशेष कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए मोदी ने हसीना का आभार जताया।

बयान में कहा गया, ”दोनों नेताओं ने उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग की स्थिति की समीक्षा की और दोनों भारत तथा बांग्लादेश के संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयासों की गति बनाए रखने के लिए सहमत हुए। दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि बेहतर भूमि, नदी, समुद्र और हवाई संपर्क, ऊर्जा के क्षेत्र में गहरी साझेदारी और तेजी से बढ़ते व्यापार तथा आर्थिक संबंध क्षेत्र की समृद्धि और स्थायित्व के अहम कारक है। मोदी ने हसीना के नेतृत्व में देश की प्रभावशाली आर्थिक वृद्धि के लिए हसीना को बधाई दी और बांग्लादेश में विकास साझेदारी में अग्रणी साझेदार बने रहने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

PM मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री के साथ की द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भूटानी समकक्ष लोताय शेरिंग के साथ शुक्रवार को बातचीत की और विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने के कदमों पर चर्चा की जिसमें विकास से जुड़ी साझेदारी और पनबिजली क्षेत्र में सहयोग शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74 वें सत्र से इतर दोनों नेताओं ने यह वार्ता की। इस दौरान दोनों नेताओं ने अगस्त 2019 में प्रधानमंत्री मोदी की भूटान यात्रा के बाद के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की।

विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया जिसमें विकास साझेदारी, पनबिजली क्षेत्र में सहयोग, लोगों के बीच संबंध और अंतरिक्ष, डिजिटल सम्पर्क, वित्तीय क्षेत्र और गौण शिक्षा के नये क्षेत्रों में हाल में की गई पहल शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना के लिए गठबंधन (सीडीआरआई) में संस्थापक सदस्य के रूप में भूटान का स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले एक साल में यह दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच होने वाली चौथी बैठक थी। यह बैठक भूटान के साथ भारत के करीबी और विशेष संबंध को दर्शाती है।

ट्रम्प ने ईरान को लेकर दिया बड़ा बयान, कह..?

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अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा है कि वह महज बातचीत के लिए ईरान पर से प्रतिबंधों को नहीं हटाएंगे। ट्रंप ने ट्वीट कर कहा कि ईरान चाहता है कि बातचीत के लिए मैं उसपर से प्रतिबंधों को हटा दूं।

उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं कि ऐसा हरगिज नहीं होने वाला है। अमेरिका ईरान से प्रतिबंधों को नहीं हटाएगा। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के इस एलान से खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होता नहीं नजर आ रहा है।

वहीं, ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी की वेबसाइट की मानें तो जर्मनी, ब्रिटेन और फ्रांस के नेताओं ने अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान को प्रोत्साहित किया था और आश्‍वासन दिया था कि अमेरिका ईरान पर से सभी प्रतिबंधों को हटा देगा।

हालांकि, अब अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने अपने ट्वीट के जरिए तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। ट्रंप के बयान पर हसन रूहानी ने कहा है कि प्रतिबंधों और अधिकतम दबाव में यदि हम अमेरिका के साथ बातचीत करना भी चाहें तो इसके सकारात्‍मक नतीजे आने में संदेह है।

बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौता टूटने के बाद से ही तनाव बना हुआ है। ईरान द्वारा परमाणु समझौता खत्म होने के बाद अमेरिका ने दोबारा ईरान पर कई प्रतिबंध लगा दिए हैं।

वहीं, पिछले हफ्ते ओमान की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद से खाड़ी क्षेत्र में सैन्य टकराव का खतरा और भी बढ़ गया था। रूस ने साफ साफ कह दिया है कि यदि युद्ध हुआ तो वह ईरान का साथ देगा। यही नहीं रूस ने अमेरिका से साफ लफ्जों में कह दिया है कि वॉशिंगटन यदि क्षेत्र में हिंसा को बढ़ावा देगा तो इसकी भरपाई करना बड़ा मुश्किल हो जाएगा।

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने निवास पर श्री गहलोत का किया आत्मीय स्वागत…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री बघेल और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मुक्तेश्वरी बघेल ने श्री गहलोत को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, राजस्थान के कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया, गौपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया, विधायक श्री रोहित बोहरा एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे।

श्री गहलोत : छत्तीसगढ़ का ग्रामोत्थान मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा स्त्रोत…

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राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सुराजी गांव योजना की तर्ज पर राजस्थान में भी नंदी शाला योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि गौवंश और ग्रामोत्थान के लिए शुरू की गई  छत्तीसगढ़ सरकार की यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण धुरी साबित होगी। पशुपालन, जल संरक्षण तथा गौवंश के संवर्धन को लेकर शुरू की गई यह योजना सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। ऐसे कार्य ही बापू को सच्ची श्रद्धांजलि है। श्री गहलोत आज अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ रायपुर जिले के आरंग विकासखण्ड के ग्राम बनचरौदा में आदर्श गौठान की अवलोकन के बाद गोबरा नवापारा में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने गोबरा नवापारा को तहसील बनाने की घोषणा की और गोबरा नवापारा में कन्या महाविद्यालय बनाने का आश्वासन दिया। 

    राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि छत्तीसगढ़ द्वारा शुरू की गई सुराजी गांव योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पूरे देश के लिये प्रेरणास्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि उनकी बहुत इच्छा छत्तीसगढ़ के गोठान को देखने की थी। निश्चिय ही गौठानों से पशु संवर्धन होगा, चारा उत्पादन होगा, ऑर्गेनिक खाद बनेगा और गांव-गांव में रोजगार बढेगा। छत्तीसगढ़ में डेढ़ हजार गौठान बनाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री बघेल को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वीं जयंती के अवसर पर ऐसा प्रयास उनके ग्राम स्वराज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सपनों को पूरा करने की तरह है।

    श्री गहलोत ने कहा कि जब देश को आजादी मिली तब गांवोें में बिजली नहीं थी, स्कूल नहीं थे। आजादी के इन 70 सालों में पंडित जवाहर लाल नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी जैसी महानविभूतियों के योगदान से आज हमारा देश प्रगति पथ पर हैै और कम्प्युटर के साथ-साथ अंतरिक्ष के क्षेत्र में हमारी कामयाबियां पहुॅची है। उन्होंने उम्मीद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य के नागरिकों की अपेक्षा पूरी होगी और राज्य तेजी से आगे बढ़ेगा। 

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि आज पहुना की तरह राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत छत्तीसगढ़ आये हैं। आज जहां पूरा देश मंदी के प्रभाव में है, फैक्ट्रियां बंद हो रही हैै, कर्मचारियों की छटनी हो रही है, वहीं छत्तीसगढ़ में सभी खुशहाली है। देश के ऑटो क्षेत्र में जहां 19 प्रतिशत की कमी आई है, वहीं छत्तीसगढ़ में 36 प्रतिशत की वृध्दि हुई है। जमीन रजिस्ट्री में गाईड-लाईन में कमी लाने, छोटे जमीनों की रजिस्ट्री की फिर से स्वीकृति मिलने से राज्य में रजिस्ट्री कार्य को बढ़ावा मिला है। ऋण माफी, धान खरीदी, तेंदूपत्ता खरीदी, हाफ बिजली बिल, प्रति राशन कार्ड 35 किलो चावल वितरण जैसे कार्यो से राज्य में उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा मिला है। अनुसूचित जाति को जनसंख्या के आधार पर 13 प्रतिशत और मंडल आयोग के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देकर संविधान का पालन किया गया है। 

    श्री गहलोत और श्री बघेल यहां 6 करोड़ 53 लाख रूपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया गया। उन्होंने प्रतीक स्वरूप 10 हितग्राहियों को पट्टा वितरण किया, 4 किसानों को बैटरी चलित स्पेयर पंप, 5 मत्स्य पालकों को आइस बॉक्स, 4 महिला स्व-सहायता समूहों को 4 लाख रुपए की राशि का चेक, 2 निशक्तजनों को श्रवण यंत्र, 22 महिला स्व-सहायता समूहों को पंजीयन प्रमाण पत्र, 3 महिला स्व-समूहों को 3 लाख रुपए का बैंक लिंकेज ऋण राशि, 3 हितग्राहियों को व्यक्ति ऋण, 11 शहरी पथ विक्रेताओं को परिचय पत्र, 18 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना की अनुज्ञा प्रदान की।

    गोबरा नवापारा के शासकीय हरिहर हाई स्कूल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम को विधायक श्री धनेन्द्र साहू ने भी संबोधित किया और क्षेत्र की मांगे रखी। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया, गौ-पालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया, विधायक श्री रोहित वोहरा सहित राज्य शासन के कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिव डहरिया, सांसद श्रीमती छाया वर्मा, सांसद श्री सुनील सोनी विधायकगण श्री विकास उपाध्याय, श्रीमती अनिता शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा, नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा के अध्यक्ष श्री विजय गोयल शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत को धान की बालियों से निर्मित झालर और चिन्ह भेंट किया। 

श्री अशोक गहलोत : छत्तीसगढ़ में साकार हो रहा गांधी जी के सुराजी गांव का सपना: राजस्थान के मुख्यमंत्री ने की नरवा, गरवा, घुरवा एवं बाड़ी योजना की मुक्तकंठ से प्रशंसा…

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राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत अपने मंत्रीमंडल के सहयोगियों और मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ आदर्श गौठान बनचरौदा देखने पहुंचे। श्री गहलोत और उनके साथ आए मंत्रीगणों ने महुएं पेड़ के छांव तले गौठान में एक साथ मौजूद सैकड़ों गायों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गौठान के गोबर से बनाये पूजन सामग्री, सौंदर्य प्रसाधन, जैविक खाद, औषधि, कुटीर उद्योग के माध्यम से दोना-पत्तल तैयार करने के साथ आत्म निर्भरता की ओर ग्रामीण महिलाओं के बढ़ते कदम को देखकर सराहना की। रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में सुराजी गांव योजना के तहत बनाए गए इस आदर्श गौठान के अवलोकन के दौरान राजस्थान के कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया, गौ-पालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया एवं विधायक श्री रोहित वोहरा भी उनके साथ थे।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी विकास योजना के कार्यों को एक नवाचार बताते हुये छत्तीसगढ़ सरकार की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और राजस्थान में भी नंदी शाला स्थापित कर इस नवाचार को अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का सपना था कि वे कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाये। उसे आर्थिक रूप से सक्षम बनाये। छत्तीसगढ़ में आने और गौठान के माध्यम से हो रहे कार्यों को देखने के बाद यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री बघेल गांधी जी के सपनों को सही मायने में साकार कर रहे है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री रविंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ शिव कुमार डहरिया, अभनपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री धनेन्द्र साहू, धरसीवा विधायक श्रीमती अनिता योगेन्द्र शर्मा, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा, जनप्रतिनिधिगण,  सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।  

         ग्राम बनचरौदा के कार्यक्रम में पहुंचे राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने इस अवसर पर कहा कि गौठान बनाकर छत्तीसगढ़ की सरकार ने एक नया प्रयोग किया है। आवारा पशुओं के साथ किसानों के मवेशियों को गौठान के माध्यम से पेयजल, चिकित्सा और चारा उपलब्ध कराते हुये एक निश्चित स्थान पर रखने से पशु भी सुरक्षित है और पशुओं से होने वाली दुर्घटनाएं भी रूकेगी। गाय के गोबर से गांव की महिलाओं द्वारा जो उत्पाद बनाया जा रहा है उससे स्वरोजगार के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी उपलब्ध हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास में सबकों भागीदार बनने की अपील की।

      प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का ज्यादातर आर्थिक आधार कृषि है। नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बाड़ी के माध्यम से किसान अपना जीवकोपार्जन बेहतर तरीके से कर सके और आर्थिक रूप से समृद्ध बन सके यही हमारी सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। इस दिशा में सरकार द्वारा प्रदेश भर में गौठान से जैविक खाद का निर्माण कर खाद का उपयोग कृषि कार्यों और सब्जी उत्पादन में किया जा रहा है। नरवा योजना के माध्यम से जल सरंक्षण करने और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गौठान में पशुओं को स्वच्छ पेयजल, बीमारी से उपचार की सुविधा, सोलर सिस्टम, चारा की व्यवस्था की जा रही है। श्री बघेल ने कहा कि आज राजस्थान के मुख्यमंत्री बनचरौदा में आपके कार्यों को देखने आये है। आने वाले समय में अन्य राज्यों सहित देश-विदेश के जनप्रतिनिधि और विद्ववजन भी आयेंगे। छत्तीसगढ़ में सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरवा, घुरवा एवं बाड़ी विकास योजना की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। बनचरौदा एक स्वावलंबी गांव (सुराजी गांव) बन सके इसके लिये आप सभी गांववासियों की सहभागिता जरूरी है।

पहुना के रूप में हुआ आत्मीय स्वागत

    राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के साथ आए मंत्रीद्वय श्री लालचंद कटारिया और श्री प्रमोद जैन भाया एवं विधायक श्री रोहित वोहरा का छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और मंत्रीगण तथा बनचरौदा के ग्रामीणों ने उत्साह के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति के प्रतीक खुमरी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान अतिथियों को स्वल्पाहार के रूप में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन-ठेठरी, खुरमी, अइरसा, बोबरा, करी लड्डू, आदि परोसा गया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा गोबर से निर्मित उत्पादों की सूची का विमोचन तथा गोठान परिसर में पौधरोपण किया गया।

छत्तीसगढ़ – न्याय सब बर, विकास घलो सबो बर : मुख्यमंत्री श्री बघेल : दुर्ग में 85 करोड़ रूपए की विभिन्न विकास कार्यों की सौगात…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार न्याय सब बर, विकास घलो सबो बर को आधार मानकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने संविधान में सबके लिए न्याय और अधिकार की व्यवस्था की है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कार्य करते हुए अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत एवं सामान्य वर्ग के आर्थिक कमजोर वर्ग में शामिल लोगों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य में सर्वाधिक 82 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। श्री बघेल आज जिला मुख्यालय दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां 85 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्योंं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की संस्कृति और तीज त्यौहारों को सहेजने का कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा हरेली, पोला, विश्व आदिवासी दिवस, कर्मा माता जैसे त्यौहारों पर सामान्य अवकाश देने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता के जीवन में परिवर्तन लाने राज्य की जरूरत और आवश्यकता के आधार पर विकास गढ़ा रहा है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर से कुपोषित बच्चों, एनीमिया से पीड़ित माताओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान, मुख्यमंत्री हाट बाजार स्वास्थ्य योजना, छत्तीसगढ़ शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, सार्वभौम पीडीएस की योजना शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा सरकार बनते ही किसानों के हित में बड़े फैसले लिए गए इनमें किसानों की ऋण माफी, 2500 रूपए धान खरीदी के अलावा बिजली बिल हाफ, शहरों में गुमाश्ता लाइसेंस के लिए सरलीकरण, रजिस्ट्री की दर 2 प्रतिशत करने, भूमि की गाईड लाईन दर में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। उन्होंने कहा कि उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई एतिहासिक कदम उठाए गए हैं। जिसके फलस्वरूप आज छत्तीसगढ़ में मंदी का कोई असर नहीं है जबकि पूरे देश में मंदी का दौर है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्न दृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल, बैरिस्टर छेदी लाल, ठाकुर प्यारे लाल, ममतामयी मिनीमाता, चंदूलाल चन्द्राकर, महेश तिवारी के स्वप्नों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपनों के अनुरूप गांवों को स्वावलंबी बनाने के लिए सुराजी गांव योजना शुरू की है। इस योजना की चर्चा पूरे देश में है। आज राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने भी योजना की प्रशंसा की है। उन्होंने योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणजनों, युवाओं को सहभागिता पर जोर दिया।

इस मौके पर प्रदेश के गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, विधायक श्री अरूण वोरा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, विधायक दुर्ग श्री अरुण वोरा, विधायक एवं महापौर भिलाई नगर श्री देवेंद्र यादव, महापौर नगर निगम दुर्ग श्रीमती चंद्रिका चंद्राकर, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती माया बेलचंदन भी उपस्थित थे।

लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जिला मुख्यालय दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में लगभग 85 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें  नगर निगम दुर्ग के 81 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जिन पूर्ण हो चुके कार्यों का लोकार्पण किया इनमें ‘मोर मकान-मोर चिन्हारी योजना अंतर्गत 15.94 करोड़ रुपए के 312 आवास, 9.11 करोड़ रुपए की लागत से नल घर शापिंग काम्प्लेक्स, 3.79 करोड़ रुपए के लागत से मंडी शापिंग काम्प्लेक्स शामिल हैं। इसी प्रकार जिन नए स्वीकृत निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया गया इनमें नगर निगम दुर्ग में मोर मकान मोर चिन्हारी योजना अंतर्गत सरस्वती नगर में 30.57 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 638 आवास, के साथ ही विभिन्न वार्डों में 9.49 करोड़ रुपए की लागत से 131 विभिन्न निर्माण कार्य शामिल हैं। इसी प्रकार अमृत मिशन अंतर्गत 4.23 करोड़ रुपए की लागत से 4 पानी टंकियों, 2.34 करोड़ रुपए की लागत से पुलगांव नाला डायवर्सन, सांसद-विधायक निधि अंतर्गत 5.71 करोड़ रुपए की लागत से 83 कार्यों, जिला चिकित्सालय दुर्ग में 3.96 करोड़ रुपए की लागत से विविध कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री रायपुर में आयोजित शहरी नवाचार सम्मेलन में शामिल होंगे…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल कल 28 सितम्बर को राजधानी रायपुर के होटल सायाजी में आयोजित शहरी नवाचार सम्मेलन में शामिल होंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भिलाई-3 से कार द्वारा रवाना होकर साढ़े दस बजे रायपुर पहुंचेंगे और शहरी नवाचार सम्मेलन में शामिल होंगे।   

भारत की सबसे प्रशंसित महिला हैं एमसी मैरी कॉम, दीपिका और लता को पीछे छोड़ा

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भारत में खेलों ने पिछले कुछ वर्षों में काफी ऊंचाइयां हासिल की हैं। चाहे वह व्यूअरशिप का मामला हो या लोगों के जीवन का हिस्सा बनने का, भारत में विभिन्न खेलों ने इन दोनों ही क्षेत्रों में काफी सफलता हासिल की है। भारत में अब लोगों की दिलचस्पी सिर्फ क्रिकेट देखने के अलावा बॉक्सिंग, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और इस तरह के अन्य खेलों में भी जगी है। लोग न सिर्फ इन खेलों को खेल रहे हैं और देख रहे हैं बल्कि इनसे जुड़े विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के बारे में जानना भी चाहते हैं। लोग इन खिलाड़ियों के संघर्षों के बारे में जानकर और इससे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में भी कुछ अच्छाा करने की कोशिश कर रहे हैं।

KOREA OPEN 2019: पारुपल्ली कश्यप सेमीफाइनल में पहुंचे, केंटो मोमोटा से होगा सामना

शायद यही कारण है कि 6 बार की विश्व चैंपियन वुमन बॉक्सर एमसी मैरीकॉम एक सर्वे में भारत की सबसे प्रशंसित (Admired) महिला करार दी गई हैं। मैरीकॉम ने इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए दीपिका पादुकोण, लता मंगेशकर और सुषमा स्वराज जैसे नामों को पीछे छोड़ा है। ब्रिटेन की सर्वे एजेंसी यूगॉव (YouGov) ने यह अध्ययन किया है। इस सर्वे एजेंसी की ओर से जारी किए गए ‘मोस्ट अड्माइअर्ड इंडियन वुमन’ की लिस्ट में मैरी कॉम 10.36% के स्कोर के साथ पहले स्थान पर हैं। दूसरे स्थान पर भारत की पहली महिला आईपीएस और वर्तमान में पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी दूसरे स्थान पर हैं। लता मंगेशकर तीसरे, सुषमा स्वराज चौथे और दीपिका पादुकोण पांचवें स्थान पर हैं।

एमसी मैरी कॉम ने 6 बार महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप का खिताब जीतने के अलावा, साल 2014 के एशियन गेम्स और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदकधारी, 2016 रियो ओलंपिक की कांस्य पदकधारी भी हैं। मैरी कॉम अर्जुन अवॉर्ड, पद्म श्री अवॉर्ड, राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड से भी सम्मानित हो चुकी हैं और वर्तमान में राज्य सभा की सदस्य हैं। उन्होंने इस सर्वे पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए ट्वीट भी किया है। मैरी कॉम ने ट्वीट में लिखा है, ‘क्या सच में ऐसा है? मुझे विश्वास नहीं हो रहा। बढ़िया, धन्यवाद।’