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प्याज़ की बढ़ती कीमतों पर जल्द लगाम नहीं लगी तो प्याज़ बिगाड़ सकता है राजनीति का स्वाद – प्रकाशपुंज पाण्डेय

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देश में प्याज़ की बढ़ती कीमतों पर राजनीतिक विश्लेषक और समाजसेवी प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि प्याज़ की बढ़ती कीमतों से लोगों को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। प्याज़ के दाम दिल्ली में 70 – 80 रुपए प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गए हैं। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी कई जगह पर प्याज़ महँगा हो गया है। कम सप्लाई और डिमांड में तेजी के चलते कीमतों में उछाल आया है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से उठाए कदमों का असर फिलहाल नहीं दिख रहा है। लेकिन बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों ने जरुरत से कम प्याज़ ख़रीदना शुरू कर दिया है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय का कहना है कि बाजार में प्याज़ के दाम बढ़ने का कारण किसानाें के पास प्याज़ का स्टॉक खत्म हाेना है। अगर नया प्याज़ बाजार में नहीं आया ताे दाम 80 रुपए के पार भी पहुंच सकते हैं। प्याज़ की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने इसका न्यूनतम निर्यात मूल्य 850 डॉलर प्रति टन तय किया है। इससे प्याज़ निर्यात कम करने में मदद मिलेगी और घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ने से दाम में कुछ राहत मिलेगी। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ दिनों में प्याज़ की कीमत बढ़कर 70 – 80 रुपए प्रति किलो हो गई। कुछ दिन पहले यह 20-30 रुपये प्रति किलोग्राम थी। न्यूनतम निर्यात मूल्य तय होने के बाद उस चीज़ का उससे कम दाम पर निर्यात नहीं किया जा सकता। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अधिसूचना में कहा कि प्याज़ की सभी किस्मों के निर्यात के लिए अगले आदेश तक न्यूनतम 850 डॉलर प्रति टन के MEP के अनुसार केवल साख पत्र के तहत निर्यात की अनुमति होगी।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि दिल्ली, मुंबई और रायपुर समेत कई बड़े शहरों में प्याज़ की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं । मंडी में कम हाेने से बाजार में अच्छे प्याज़ के दाम 70 रुपए किलाे तक पहुंच गए हैं जबकि सड़े गले प्याज़ काे भी 35 रुपए प्रति किलाे तक के ग्राहक मिल रहे हैं। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में रोज़ाना 250 ट्रक प्याज़ पहुँचती है लेकिन अब सप्लाई घटकर 50-60 ट्रक पर आ गई है ऐसे में फेस्टिव सीजन के दौरान आम आदमी पर बोझ बढ़ना लगभग तय है। अगर प्याज़ की सप्लाई नहीं बढ़ी तो दीवाली तक कीमतें 80 रुपए प्रति किलोग्राम के पार पहुंच कर जनता का दीवाला निकाल सकती है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश जैसे प्याज़ उत्पादक राज्यों में बारिश की वजह से फसल खराब होने की आशंका है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि फसल कितनी खराब हुई है। बारिश के थमने के बाद ही यह आकलन हो पाएगा। महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बाढ़ के कारण इस महत्वपूर्ण सब्जी की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं के बीच केंद्र और राज्य सरकारों को प्याज़ की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।

साथ ही प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि अगर जल्द ही सरकारों ने प्याज़ की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल नहीं किया तो हो सकता है इसका असर आगामी विधानसभा चुनावों पर भी पड़े, क्योंकि कालांतर में भी देखा गया है कि भारतीय राजनीति के इतिहास में प्याज़ की बढ़ती कीमतों ने सरकारों से उनकी सत्ता छीन ली है।

इस फेस्टिव सीजन होममेड तरीकों से लाये अपने चेहरे पर ग्लो, जानिए टिप्स

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भारत में अनेको त्यौहार मनाये जाते है, जैसे दशहरा, दिवाली और भी कई, अभी तो लोग नवरात्री के डांडिया आयोजनों की धुन में रमे ही थे की दिवाली भी दस्तक देने वाली है. और इन सब में सबसे ज्यादा जो जद्दोजेहद करती है हमारी लड़कियां. लड़कियों को सजना सवारना तो अच्छा लगता ही है और जब मौका नवरात्र में डांडिया रास में जाने फिर तो पूछो ही मत. और अब तो मौका दिवाली का भी आ रहा है, तो क्या तैयारियां कर रखी है आप सब ने? अगर आप पार्लर के भरी भरकम खर्चे और उनके नुक्शानदेह मेकअप प्रोडक्ट्स से बचना चाहतीं है तो आप हमारे इन घरेलु नुस्खों को जरूर अपनाये और साथ ही चमकदार त्वचा पाए –

खीरा और पपीता: खीरा और पपीता जैसे फलों में कई गुणकारी तत्वा पाए जाते है, जो आपके चेहरे को काई फायदा पहुंचाते है. साथ ही आपके स्किन को हाइड्रेट रखते है और चमकीला बनाते है. तो आइये जानते है की इनसे आप घर पर बैठे फेस मास्क कैसे बना सकते है और कैसे सुंदर त्वचा पा सकते है. पहले दही ले, उसमे खीरे का गुदा मिला ले साथ ही कुछ बूंदे निम्बू का रस और एक चम्मच जौ मिला ले. मास्क के तैयार होने के बाद इसे चेहरे पे लगाकर 25 मिनट तक छोड़ दे और फिर धो ले साथ ही फरक आप खुद जान जाऐंगी.

शहद और दही: इसीलिए शहद और दही का पेस्ट भी चेहरे के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसको तैयार करना भी काफी आसान है, शहद और दही को मिलाकर उसका पेस्ट बना ले फिर उसमे थोड़ी सी रेड वाइन मिला दे. इस मिश्रण 20 मिनट तक अपने चेहरे पे लगा कर रखे फिर धो ले. इसे लगाने से चेहरा तो निखरता ही है साथ ही टैनिंग भी खत्म हो जाती है.

मूंग की दाल: अब आती है बारी मूंग के दाल की, दोस्तों आप सभी के घरों में मूंग कि दाल तो बनती ही होगी. बस और से थोड़ा मूंग का दाल अपने चेहरे की खूबसुरती के लिए इस्तेमाल कर ले, जी हां, मूंग का दाल आपके स्किन के लिए नेचुरल एक्सफॉइलेटर का भी काम करता है. आइये जाने मूंग की दाल से कैसे बना सकते है फेस पैक. पहले तो मूंग की दाल को करीब 3 -4 घंटों तक पानी में भिगो कर रखे, आप चाहे तो रात भर भी इसे पानी में भिगो कर रख सकती है ताकि दाल अछि तरह फूल जाये और इससे मिश्रण अच्छी तरह बन पाए. अब पिसे हुए मूंग की दाल में टमाटर का गुदा मिलाये और इससे चेहरे पर करीब 15 -20 तक लगाकर छोड़ दे. सूखने ले बाद पानी से धो दे और पाए सूंदर त्वचा.

शहद और केला: अगला फेस मास्क जो हम आपको बताने जा रहे है, वो है शहद और केला फेस मास्क. इसे बनाने के लिए आपको चाहिए एक केला, दूध, चन्दन पाउडर और शहद. पेस्ट बनाने के लिए पहले केले को कद्दूकश करके उसमे थोड़ा दूध, चन्दन पाउडर और शहद मिला कर अच्छी तरह पेस्ट बना ले फिर इसे भी 20 तक या सूखने तक अपने चेहरे लगा कर देखे और फिर देखे इनका कमाल.

तो इसी तरह आप इन घरेलु चीज़ों से अपने लिए खुद होममेड फेस मास्क तैयार कर पार्लर से भी ज्यादा खूबसुरती पा सकती है. तो हो जाइये तैयार इस त्यौहार के महीने में सबके आगे छाने को.

अख़बार पहुंचा रहा आपके शरीर को नुकसान, जानिए कैसे है यह खतरनाक

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अगर आप भी तले और हुए खाद्य पदार्थों के ऑयल को सोखने के लिए न्यूजपेपर का उपयोग करते हैं तो सावधान हो जाइए। आपको बता दें कि ‘न्यूजपेपर’ से तेल को पोछने और सोखने से कई तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं। अगर आप लंबे वक्त से तेल को पोछने के लिए यह तरीका आजमा रहे हैं तो सबसे पहले अपनी आदत को बदलें और अपना हेल्थ चेकअप अवश्य करवाएं। न्यूजपेपर से तेल को सोखने और पोछने से इसमें मौजूद कैमिकल खाद्य पदार्थों में चले जाते हैं और आपको सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि आपकी इस आदत की वजह से आपको कौन-कौन सी बीमारियां हो सकती हैं।

कैंसर-
न्यूजपेपर में इस्तेमाल होने वाली इंक काफी नुकसानदायक होती है। जब यह खाद्य पदार्थ तक पहुंचती है तो स्वास्थ्य संबंधी खतरों को और बढ़ा देती है। इससे कैंसर होने की संभावना भी रहती है।

किडनी और लंग्स प्रभावित-
न्यूजपेपर में ग्रेफाइड पाया जाता है जब यह खाद्य पदार्थ के जरिए शरीर में पहुंचता है तो आपका शरीर विषैले पदार्थों को नष्ट करने में अक्षम हो जाता है। ऐसे में आपको लंग्स और किडनी संबंधी समस्या हो सकती है।

न्यूजपेपर की जगह किस चीज़ का इस्तेमाल करें-

न्यूजपेपर से ऑयल सोखने और पोछने की जगह आप टिश्यू पेपर या फिर किचन पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सबसे बढ़िया विकल्प है। इसके अलावा आप अखबार की जगह साधा पेपर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

बेहद फनी हैं बॉलीवुड स्टार्स के निक नेम, सुनकर नहीं रोक पाएंगे अपनी हंसी

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बॉलीवुड के ऐसे कई कलाकार हैं जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में आपार सफलता हासिल की है। इस​ लिस्ट में कई नाम शामिल है। ये सभी सेलेब्स अक्सर अपनी ग्लैमरस लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। अगर हम इन सितारों की प्रोफेशनल लाइफ छोड़ तो ये भी हम आम इंसान की तरह ही है। जी हां आपको बता दें कि घर परिवार में ये मशहूर स्टार्स आज भी अपने माता पिता के चुलबुले और नटखट बच्चें हैं। आज हम आपको मशहूर सितारों के निक नेम बताने जा रहे हैं जिसे जानने के बाद आपकी हंसी नहीं रूकेगी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि अभिनेता ऋतिक रोशन को घर में डुग्गू बुलाते हैं।

बॉलीवुड की देसी गर्ल से ग्लोबल आइकन बनी प्रियंका चोपड़ा का निक नेम मिमी हैं। जो बेहद क्यूट हैं।

बॉलीवुड की क्यूट और चुलबुली अभिनेत्री आलिया भट्ट को घर पर सभी आलू ​बुलाते हैं। आलिया का नाम थोड़ा अजीब है शायद वो बचपन में आलू की तरह गोलमटोल रही होंगी।

बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन का निक नेम गुल्लू हैं। जो काफी फनी है।

बॉलीवुड के कॉमेडी और एक्शन अभिनेता गोविंदा का नाम छिछी हैं। उनका ये नाम बेहद अजीब है।

बॉलीवुड की ग्लैमरस अभिनेत्री करीना कपूर खान का निक नेम बेबो हैं।

कपूर खानदान की लाडली बेटी करिश्मा कपूर का निक नेम लोलो हैं।

सोनम कपूर का नाम सुनने के बाद आप हैरान हो जाएंगे उनका निक नेम जिराफ है।

अनुष्का शर्मा का निक नेम नुष्की हैं।

श्रद्धा कपूर का निक नेम सुनने के बाद आपको हंसी आएगी, उनका नाम चिरकुट है।

PAN-aadhar Link: क्या आपने पैन-आधार कराया है लिंक? यहां चेक करें स्टेटस

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अगर आपने 30 सितंबर तक पैन और आधार कार्ड (PAN-Aadhaar link) को लिंक नहीं किया, तो आपका पैन कार्ड ऑपरेटिव नहीं रहेगा। इससे पहले यह नियम था कि समयसीमा से पहले अगर आपने आधार और पैन कार्ड को लिंक नहीं कराया तो आपका पैन कार्ड अवैध माना जाएगा। अवैध मतलब की पैन को मान लिया जाएगा कि आपके पास पैन कार्ड नहीं है। हालांकि, अब ऑपरेटिव नहीं माना जाएगा। यानी, 1 अक्टूबर से आप आयकर, निवेश या लोन आदि से जुड़ा कोई भी काम नहीं कर पाएंगे, जब तक आप पैन को आधार से लिंक नहीं करते।

30 सितंबर है समयसीमा
केंद्र सरकार ने 30 सितंबर तक पैन कार्ड को अपने आधार कार्ड से लिंक करवाना जरूरी कर दिया है। अगर अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं किया है तो आपके पास बस 5 दिन का समय बचा है।

यहां चेक करें स्टेटस
सबसे पहले आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं। बाईं तरफ ‘Link Aadhaar’ के विकल्प पर क्लिक करें। अपने स्टेटस को देखने के लिए ‘Click here’ पर क्लिक करें। नई विंडो पर पैन और आधार की डिटेल्स भरें। अपना स्टेटस चेक कर लें। अगर आधार और पैन लिंक नहीं कराया है तो तुरंत कराएं।

इस कानून के तहत करवाना है आधार कार्ड लिंक
केंद्र सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग (पीएमएलए) कानून के तहत बैंक अकाउंट, पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करवाना जरूरी कर दिया है। जो लोग ऐसा नहीं करेंगे, उनका पैन कार्ड अमान्य घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि, जिन लोगों ने पहले ही अपना आधार कार्ड और पैन कार्ड आपस में लिंक कर लिया है तो उन्हें किसी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
PAN-Aadhaar link: पैन कार्ड का क्या होगा, अगर 30 सितंबर तक नहीं किया आधार से लिंक?

सुबह-सुबह गुनगुना पानी पीना सेहत के लिए होता है बहुत गुणकारी, जानिए इसके लाभ

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हमारे शरीर को जिंदा रखने के लिए पानी एक बहुत ही आवश्यक तत्व है। हेल्दी शरीर के लिए इंसान को दिनभर में कम से कम तीन लीटर पानी अवश्य पीना चाहिए।

लेकिन अगर आप अपने दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी के साथ प्रतिदिन करते है तो यह आपके सेहत के लिए बहुत अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। रेग्युलर गर्म पानी के इस्तेमाल से मोटापा और इनडाइजेशन जैसी कई बड़ी गंभीर बीमारियों की समस्या से निजात पा सकते है। आज हम आपको बताने जा रहे है रोज सुबह रेग्युलर गुनगुने पानी पीने से होने वाले फायदों के बारे में

ये है गुनगुने पानी पीने से होने वाले फायदे

1. प्रतिदिन गर्म पानी पीने से बॉडी के टॉक्सिन्स बाहर निकलते है। इससे बॉडी के फंक्शंस बहुत हेल्दी होते है।

2. गर्म पानी पीने से स्किन बहुत ही हेल्दी रहती है। इससे पिंपल्स औरब्लैक हेड्स की गंभीर समस्या होती है।

3. इससे बालों की जड़े बहुत मजबूत होती है। साथ ही बालों को घने और लंबे करने में भी बहुत मदद मिलती है।

4. रोजाना गर्म पानी पीने से डाइजेशन सुधारने में भी बहुत मदद मिलती है।

5. नियमित गर्म पानी पीने से पेट विल्कुल साफ रहता है। इससे कब्ज की गंभीर समस्या दूर होती है।

6. रेग्युलर गर्म पानी पीने से बॉडी का अतिरिक्त फैट भी बर्न होता है। इससे वजन घटाने में भी बहुत मदद मिलती है।

7. गर्म पानी बॉडी में जाकर पूरी तरह इम्यूनिटी बढ़ाता है। इससे सर्दी, खांसी और बुखार जैसी गंभीर समस्या का खतरा टलता है।

भारतीय आर्मी को जल्द मिलेगा नया आर्मी चीफ, ये हैं तीन नाम जो रेस में सबसे आगे

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वर्तमान में भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल रावत 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं। जिसके कारण नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बुधवार को अधिकारियों ने नियुक्ति की प्रक्रिया के शुरू होने की जानकारी दी। नए सेनाध्यक्ष की रेस में लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरावने, लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह और लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैन सबसे आगे चल रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय का नहीं होता है ज्यादा दखलंदाजी

मौजूदा सेनाध्यक्ष के रिटायर होने से चार-पांच माह पहले ही नए सेनाध्यक्ष के नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। सेनाध्यक्ष की नियुक्ति पर आखिरी फैसला पीएम मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट की नियुक्ति कमेटी ही लेगा। इस नियुक्ति प्रक्रिया में रक्षा मंत्रालय का ज्यादा दखल नहीं होता है। बता दें कि इस नियुक्ति कमेटी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अकेले मंत्री हैं, जो इसमें शामिल हैं।

चयन प्रक्रिया में किया गया बदलाव

पहले के समय में नए सेनाध्यक्ष के चयन का एलान मौजूदा सेनाध्यक्ष के रिटायर होने से एक महीने पहले या फिर 45 दिन पहले होता था, लेकिन अब चयन प्रक्रिया में बदलाव कर दिया गया। नए सेनाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया उस वक्त शुरू की गई है जब मौजूदा सेनाध्यक्ष बिपिन रावत रिटायर होने वाले हैं और पाकिस्तान के साथ भारत का तनाव गहराया हुआ है।

37 साल दे चुकें हैं आर्मी की सेवा में

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत इस साल 31 दिसंबर को सेवानिवृत हो जाएंगे। ऐसे में नारावने सबसे वरिष्ठ अधिकारी होंगे। अपने 37 साल के सेवाकाल में लेफ्टिनेंट जनरल नारावने ने अलग-अलद पदों और क्षेत्रों मेंअपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने पूर्वी मोर्चे पर एक इन्फैंट्री ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय रायफल बटालियन का नेतृत्व भी किया है।

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह भारतीय सेना के सैन्य अभियान महानिदेशक ( डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स, डीजीएमओ ) हैं। 29 सितंबर साल 2016 को लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह के निर्देशन में भारतीय सेना के एक दस्ते ने पहली बार एलओसी पार करके पाकिस्तानी क्षेत्र में जाकर आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया।

लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी

साल 1981 में जाट रेजमेंट के 7वीं बटालियन में बतौर सेकेंड लेफ्टिनेंट उन्होंने सेवाएं शुरू की थी। जनरल सैनी 39 वर्षों से सैन्य सेवाओं में हैं। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों और सैन्य ऑपरेशन में भाग लिया है। लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी जाट रेजीमेंट की 7वीं बटालियन को कमांड करने के अलावा एक माउंटेन ब्रिगेड और जम्मू कश्मीर में काउंटर इनसर्जेंसी फोर्स को कमांड कर चुके हैं।

डिफेंस और स्ट्रेटेजिक स्टडीज में तीन मास्टर्स डिग्री के अलावा कई विदेशी जनरल में उनके कई लेख प्रकाशित हो चुके है। उन्हें गैलेंट्री और उल्लेखनीय सेवाओं के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन, आर्मी कमांडर कमेंडेशन, युद्ध सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है।

‘रोमांस के बादशाह’ देवानंद को हुआ था 3 बार इश्क लेकिन…

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बॉलीवुड के सबसे रोमाटिंक हीरो देवानंद का आज जन्मदिन है, वो अपनी निजी जिंदगी में भी काफी रोमांस प्रिय थे,उन्होंने इस बात जिक्र खुद अपनी जीवनी ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में किया था, शायद इसलिए ही जिंदगी को प्यार की इबादत मानने वाले देव साहब को ‘रोमांस का बादशाह’ कहा जाता था, ऊपर वाले ने उन्हें सुंदर कद-काठी के अलावा नायाब सीरत भी बक्शी थी जिसके चलते लड़कियों का दिल उन पर आ ही जाता था लेकिन देव साहब को भाया वो चेहरा जो उस वक्त के फिल्मी जीवन का सबसे महंगा और खूबसूरत था। देवानंद को अपने जीवन में पहली बार मोहब्बत का एहसास बीते जमाने की सुंदर अभिनेत्री सुरैया ने करवाया था, फिल्म ‘किनारे-किनारे’ की शूटिंग के दौरान दोनों की आंखे चार हुई थी।

जनमदिन विशेष : कभी मिट्टी के तेल की रोशनी में पढ़े फिर बने देश के वित्तमंत्री और पीएम, ऐसा था सियासी सफर

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पूर्व प्रधानमंत्री और अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह को देश एक अर्थशास्त्री के रूप में ही ज्यादा याद करता है। वो कहते हैं ना आप बहुत लंबे समय तक किसी को याद तभी रखते हैं, जब आप लीक से हटकर कुछ ऐसा कर जाते हैं। मनमोहन सिंह के लिए बात बिल्कुल फिट बैठती है। उन्होंने पीएम के कार्यकाल के दौरान सबसे बड़ी सफलता परमाणु समझौते के दौरान हासिल की। आज मनमोहन सिंह का जन्मदिन है और भारत की अर्थनीति में उनकी भूमिका अहम रही है। मनमोहन सिंह की कुछ खास बातें…

मनमोहन सिंह एक प्रोफेसर रह चुके हैं। अर्थशास्त्र में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद उन्होंने कई सारी किताबें भी लिखीं। साल 1969 में वे भारत लौटे, इससे पहले वे यूएन में ट्रेड एंड डेपलेपमेंट के लिए काम कर रहे थे।

नेपाल में भारतीय बकरे को बेचने पर लगी रोक, ये है पूरा मामला

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नेपाल सरकार ने स्वास्थ्य परीक्षण का हवाला देकर भारतीय बकरे को नेपाल में बेचने पर रोक लगा दिया है। दशहरे पर्व पर इसकी खपत को लेकर अब भारतीय क्षेत्र के पगडंडी से इसकी तस्करी शुरू हो गई। नेपाल में दशहरे के पर्व पर इसकी बलि दिए जाने की प्रथा है। करीब आठ महीने पूर्व नेपाल सरकार ने भारतीय बकरे के स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर भारत से नेपाल लाने पर रोक लगा दिया था। बताया जा रहा है कि इन दिनों नेपाल के काठमांडू और पोखरा में बकरे का मांस प्रति किलो एक हजार नेपाली रुपये में बिक रहा है। उसके बाद भी पर्याप्त मात्रा में यह उपलब्ध नहीं है। भारत से नेपाल बकरों से भरी करीब 20 से 25 ट्रक हर रोज जाती थी। लेकिन प्रतिबंध लगने के बाद ही कारोबारी बकरों को भेजना बंद कर दिए थे।

लेकिन दशहरा पर भारतीय बकरों की नेपाल में खपत को देखते हुए ब्यापारियों ने एक बार कारोबार का मन बनाया तो नेपाल सरकार की सख्ती की वजह से उनकी मंशा पर पानी फिर गया। व्यापारियों के मुताबिक एक ट्रक में करीब 40 से 50 बकरों को भेजा जाता था। लेकिन प्रतिबंध से काफी नुकसान हो रहा है।

नेपाल भैरहवा कस्टम कार्यालय चीफ कमल भटराई ने बताया कि बकरे को नेपाल में बेचने के लिए पहले स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट का होना जरूरी है। बिना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र के बकरे को पास नहीं किया जा सकता है। सरहद के पास दोनो देशों में परीक्षण केंद्र नहीं है।

एसएसबी कंपनी कमांडर सोनौली अमित कुमार ने बताया कि बकरे की तस्करी के बारें में जानकारी मिली है। बार्डर पर जवान सतर्क है। कड़ी निगरानी की जा रही है।

20 से 25 लाख का हो रहा नुकसान नेपाल में भारतीय बकरों की खपत ज्यादा होती थी। दशहरे में करीब 20 से 25 लाख बकरें हर रोज नेपाल भेजे जाते थे। लेकिन प्रतिबंध से व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। नौतनवां के ब्यापारी शमशाद खान ने बताया कि जांच प्रमाण पत्र मिलने की ब्यवस्था कलकता में हैं। नजदीक कहीं जांच प्रमाण पत्र मिलने की व्यवस्था नहीं है।

नेपाल सरकार के प्रतिबंध से दशहरे में होने वाला लाभ प्रभावित हो रहा है। नजदीक जांच की व्यवस्था रहती तो समस्या नहीं होती। नेपाल में बकरे की बलि देने की प्रथा को लेकर लोग दशहरे से पहले ही इसकी खरीद कर लेते थे। लेकिन इस बार बहुत ही मारा मारी है। सरहद के निकट रहने वाले लोग एक बकरे की खरीद सोनौली सहित आस पास के बाजारों से कर रहे हैं।

बहराइच समेत अन्य जिलों से भेजे जा रहे थे बकरे

भारत नेपाल में बकरों को भेजने के लिए बहराइच समेत अन्य जिलों से बकरें जाए जाते थे। अंबेडकर नगर, गोरखपुर के अलावा महराजगंज जिले के कोल्हुई कस्बे से बकरों की खेप नेपाल भेजी जाती थी। प्रतिबंध के कारण कारोबारी इन मंडियों से व्यापार कम कर दिए हैं। उन्हें उम्मीद है कि नेपाल सरकार शायद नियमों में कुछ छुट दे तो व्यापार शुरू होता।