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छत्तीसगढ़ – बदले की खौफनाक कहानी, चाची ने ढाई साल की बच्ची का गला घोंटकर सेप्टिक टैंक में फेंका…

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) कीराजधानी रायपुर (Raipur) से सटे मंदिर हसौद में नवागांव (Navagaon) के निर्माणाधीन मकान में बीते सोमवार को एक महिला ने ढाई साल की बच्ची को गला घोंटकर मार डाला (Murder). हत्या के बाद बच्ची के शव को आरोपी महिला ने सेप्टिक टैंक (septic tank) के गड्ढे में फेंक दिया. थोड़ी देर बाद आरोपी महिला ने बच्ची के शव को निकालकर वहीं पास में रखे रेत के ढेर में दफना दिया. इस दौरान महिला ने बच्ची की 5 साल की बहन को भी वहां पर बांधकर रखा हुआ था.

दोनों बच्चियों की तलाश करते हुए जब उनके परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बच्ची को छुड़ाया, जिसके बाद ढाई साल की बच्ची की हत्या का खुलासा हुआ. आरोपी महिला की पहचान दोनों बच्चियों की चाची गंगा बाई बंजारे के रूप में हुई है.

मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती पूछताछ में आरोपी महिला ने हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है. मृत बच्ची का नाम नम्रता था. बच्ची को उसकी चाची ने क्यों मारा ? इसका अभी खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला बार-बार अपना बयान बदल रही है. कभी वह बोल रही है कि बच्ची के पिता ने उसके बेटे को मार दिया था. उसी का बदला लेने के लिए उसने हत्या की.

सदमे में परिवार

पुलिस इस हत्याकांड को जादू-टोने से भी जोड़कर देख रही है. हत्याकांड की प्रत्यक्षदर्शी (eyewitness) 5 साल की निकिता काफी घबराई हुई है, जिस कारण वह घटना के बारे में ज्यादा कुछ बता नहीं पा रही है. दूसरी तरफ माता-पिता इस स्थिति में नहीं हैं कि वो अपना बयान पुलिस को दे सकें.

श्री बघेल : छत्तीसगढ़ में ‘नाचा‘ को जीवंत रखने में दाऊ दुलार सिंह की बड़ी भूमिका : दाऊ दुलार सिंह मंदराजी को पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री ने किया नमन…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने लोककला ‘नाचा‘ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी को उनकी पुण्यतिथि 24 सितम्बर पर नमन करते हुए छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। श्री बघेल ने कहा दाऊ मंदराजी ने लोक कला ‘नाचा‘ को जीवंत बनाए रखने, लोक कलाकारों को संगठित करने, नाचा के माध्यम से सामाजिक पुनर्जागरण और जनसामान्य में नाचा कला को पुनर्स्थापित करने में महती भूमिका निभाई।
    श्री बघेल ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने गावों के लोक कलाकारों को संगठित कर नाचा को एक नया आयाम दिया। नाचा-गम्मत को मनोरंजन के अतिरिक्त उन्होने सामाजिक बुराइयों के विरूद्ध प्रचार प्रसार का सशक्त माध्यम बनाया। श्री बघेल ने कहा कि लोक कला के ऐसे सच्चे साघक और समर्पित व्यक्तित्व से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। 

छत्तीसगढ़ – 2 से 8 अक्टूबर तक वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह मनाया जाएगा : राज्य में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के सफल आयोजन के लिए तैयारियां शुरू

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छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह दो अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश और वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में इसके सफल आयोजन के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। इस तारतम्य में आज प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी एवं जैव विविधिता संरक्षण) श्री अतुल कुमार शुक्ल ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित अरण्य भवन में बैठक ली। 
प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री शुक्ल ने बताया कि वन विभाग द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दो से 8 अक्टूबर तक की अवधि में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में स्कूलों सहित विभिन्न जगहों में वनों तथा वन्य प्राणियों के प्रति जागरूकता लाने संबंधी विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत राज्य में दो अक्टूबर को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में मुख्यमंत्री के वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के संदेश का वाचन भी किया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा राजधानी रायपुर स्थित तेलीबांधा सरोवर पर वन्य प्राणी से संबंधित फोटोग्राफी प्रतियोगिता की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और पुरस्कार का वितरण भी किया जाएगा। राज्य स्तरीय वन्य प्राणी फोटोग्राफी प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन एण्ट्री आमंत्रण की कार्यवाही की जाएगी। 
वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के अवसर पर राजधानी रायपुर में सायकल रैली निकाली जाएगी। इसके अलावा नवा रायपुर अटल नगर स्थित जंगल सफारी के पास 10 किलोमीटर मैराथन दौड़ का आयोजन भी किया जाएगा। इस दौरान समस्त वन मंडल के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में हाथी मित्र दलों और जागरूक ग्रामीणों का सम्मेलन आयोजित कर उनका सम्मान किया जाएगा। वन मंडलों में आस-पास के वन क्षेत्रों तथा संरक्षित क्षेत्रों में स्कूली बच्चों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। साथ ही जयस्तंभ चौक रायपुर में एल.ई.डी. स्क्रीन के माध्यम से वन्य प्राणी संरक्षण के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

स्कूलों में वन्य प्राणी संरक्षण के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन

इसी तरह स्कूलों में वन्य प्राणी संरक्षण से संबंधित निबंध, चित्रकला, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यहां स्कूलों में हाथी मानव द्वंद की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में वाचन, समझाईश तथा चर्चा भी होगी। स्कूलों में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के लिए आयोजित निबंध तथा भाषण प्रतियोगिता में मानव और वन्य प्राणी: पारस्परिक निर्भरता, हाथी: मानव के साथी और वन्य प्राणी: मानव एवं पर्यावरण के संरक्षक विषय को शामिल किया गया है। इसके अलावा निबंध तथा भाषण प्रतियोगिता में मानव वन्य प्राणी द्वंद: कारण एवं निवारण, जलवायु परिवर्तन नियंत्रण में वन्य प्राणियों की भूमिका, जैव विविधता एवं वन्य प्राणी: जीवन के अभिन्न अंग, वन्य प्राणी के संरक्षण के स्थानीय महत्व और वन्य प्राणी संरक्षण में ईको-टूरिज्म की भूमिका विषय को शामिल किया गया है। 
स्कूलों में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के दौरान कक्षा 8वीं से 12वीं तक के लिए आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में मानव को वन एवं वन्य प्राणी की कोई आवश्यकता नहीं है, वन एवं वन्य प्राणी विकास में बाधा है और बढ़ती हुई मानव जनसंख्या के कारण वनों का विनाश हो रहा है, विषय को शामिल किया गया है। इसके अलावा 7वीं तक की कक्षा के लिए आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में हाथी मेरे साथी, जंगल में मंगल और वेटलैण्ड विषय को शामिल किया गया है। इस अवसर पर संयुक्त सचिव स्कूल शिक्षा श्री सौरभ कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री तपेश झा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी कैम्पा श्री व्ही. श्रीनिवास राव, छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव श्री एम.टी. नंदी, मुख्य वन संरक्षक श्री कौशलेन्द्र कुमार तथा श्री एच.एल. रात्रे, संचालक-सह वन मंडलाधिकारी जंगल सफारी श्रीमती एम. मर्सीबेला सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ – ‘जलवायु संवेदनशील विकास’ पर अंतर्राज्यीय कार्यशाला आज : मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव और वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर होंगे शामिल…

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 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर क्लाइमेट रेजिलिएन्ट ग्रोथ (ICRG) के सहयोग से 24 सितम्बर को ‘मध्य भारत शुष्क क्षेत्र का जलवायु संवेदनशील विकास’ विषय पर अंतर्राज्यीय कार्यशाला आयोजित की गई है। कार्यशाला रायपुर के सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में सवेरे 10 बजे से शुरू होगी। दिन भर चलने वाली कार्यशाला में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव तथा वन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर भी शामिल होंगे।   

   इस अंतर्राज्यीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। कार्यशाला में दो सत्रों में बहुपक्षीय चर्चा के बाद मध्य भारत में जलवायु परिवर्तन और अनुकूलन तथा जलवायु जोखिम के तहत जल संसाधनों का प्रबंधन और इसमें सिविल सोसाइटी नेटवर्क की भूमिका के बारे में भावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कार्यशाला में देशभर से आमंत्रित जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञों के साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल, कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री के.डी.पी. राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राकेश चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा एवं श्री राजेश तिवारी तथा डिपार्टमेंट फॉर इन्टरनेशनल डेवलपमेण्ट (DFID) की भारत में उप-प्रमुख सुश्री एना फ्रेंच भी अपने विचार व्यक्त करेंगी।   

मुख्यमंत्री श्री बघेल : राज्य सरकार के फैसलों से उद्योग और व्यापार जगत में आयी तेजी – मुख्यमंत्री शामिल हुए रियल एस्टेट राइजिंग छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज यहां कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज और क्रेडाई छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित रियल एस्टेट राईजिंग छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में देश के उद्योग और व्यापार जगत में आई मंदी का प्रभाव नहीं पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रियल एस्टेट में तेजी लाने के लिए भूमि की गाइड लाइन दर 30 प्रतिशत कम किए गए। इसी प्रकार डायवर्सन प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया। उन्होंने कहा कि कारोबारियों की सुविधा के लिए सिंगल विण्डों सिस्टम जल्द ही लाया जाएगा। टाऊन इन कंट्री प्लानिंग में स्टाफ की कमी दूर की जाएगी। पंजीयन कार्यालयों को भी व्यवस्थित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार के समान ही एलआईजी मकानों के लिए प्लाट का आकार 90 वर्ग मीटर किया जाएगा। ईडल्ब्यूएस और एलआईजी भूमि के संबंध में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का परीक्षण कर लागू किया जाएगा। उन्होंने एग्रो इंडस्ट्रीज को ऑरेंज सेक्टर में रखने के संबंध में उचित फैसला लेने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की कर्ज माफी और ढाई हजार रूपए से प्रति क्विंटल धान खरीदी और तेन्दूपत्ता पारिश्रमिक दर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा किया गया तब यह कहा गया कि यह गांव वालों की सरकार है, लेकिन इन्हीं फैसलों के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ के उद्योग और व्यापार जगत में वृद्धि आयी है। आटो मोबाइल सेक्टर के साथ ही सराफा कारोबार में वृद्धि हुई है। छोटे प्लाटों की रजिस्ट्री से पिछले वर्ष जून से सितम्बर माह तक 92 करोड़ रूपए का राजस्व मिला था। इसी अवधि में इस वर्ष राज्य सरकार को 152 करोड़ रूपए का राजस्व मिला है। 

मुख्यमंत्री ने सुराजी ग्राम योजना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि नरवा योजना में एक हजार 28 नदी-नालों के पुनर्जीवन के लिए डीपीआर तैयार कर लिया गया है। बरसात के बाद इन पर काम शुरू होगा। उन्होंने कहा कि नरवा कार्यक्रम सभी के लिए है। पानी की जरूरत खेती, उद्योग सहित सभी कार्यों के लिए जरूरत होती है। इस योजना से सरफेस, सब साइल और ग्राउंड वाटर बढ़ाने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ में पर्याप्त वर्षा होती है। जरूरत इसे सहेजने की है। उन्होंने औद्योगिक और रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारियों से सुराजी योजना में बनाए जा रहे गौठानों संचालन और प्रबंधन के लिए ग्रामीणों को समझाईश देने के लिए समय दान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि गौ माता की सेवा के लिए एक-एक गांव को गोद लेकर यह कार्य किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ढेड़ हजार गांव में गौठानों का निर्माण किया जा रहा है, इससे पशुधन के लिए 30 हजार एकड़ जमीन सुरक्षित हो गई है। 

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर औद्योगिक प्रतिनिधियों को उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, नगर निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज के चेयरमेन श्री नरेन्द्र गोयल और क्रेडाई छत्तीसगढ़ रवि फतनानी सहित औद्योगिक और रियल इस्टेट से जुड़े प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री निवास में 25 सितंबर को जनचौपाल: भेंट-मुलाकात कार्यक्रम स्थगित…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास में आगामी 25 सितंबर बुधवार को आयोजित होने वाला ‘जनचौपाल भेंट-मुलाकात‘ का कार्यक्रम अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश – बघेल प्रदेश और राज्य के लोगों का हित छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश और राज्य के लोगों का हित छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ मंे रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि इन रेल परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ को और यहां के लोगों को क्या लाभ मिलेगा। लोगों को क्या यात्री परिवहन की सुविधा भी मिलेगी। कितने लोगों को रोजगार मिलेगा।
बैठक में छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित विभिन्न रेल परियोजनाओं पर दिए जा रहे प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की कोयला खदानों में उत्पादित होने वाले कोयले के परिवहन के लिए मुख्य रूप से इन रेल परियोजनाओं को प्रारंभ किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रूप से कोयले की रायल्टी राज्य को प्राप्त होगी।
विकसित होने वाले कोल ब्लाकों से कोयला गुजरात, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों को भेजा जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा कोयला हमारे छत्तीसगढ़ के उद्योगों को नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण अनेक उद्योग बंद हो गए हैं। हमारे कोयले से दूसरे राज्यों में उद्योग चलेंगे और हो सकता है हमें फिर अपना ही कोयला खरीदना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला खदाने घने जंगलों के बीच स्थित हैं कोल ब्लॉक विकसित करने के लिए जंगल उजड़ेंगे। खदानों और रेल लाईन बनने से लोग भी विस्थापित होंगे। पर्यावरण को बड़ा नुकसान पहंुचेगा। इसकी तुलना में रायल्टी काफी कम मिलेगी। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि इन रेल परियोजनाओं और कोल ब्लॉक विकसित करने से पर्यावरण को होने वाली क्षति, जन जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों, रोजगार के अवसरों, छत्तीसगढ़ को होने वाले लाभ और जनता के हित के बारे में अगले 15 दिनों में अधिकारियों की टीम बनाकर सर्वेक्षण किया जाए और एजेंडा तय कर बैठक आयोजित की जाए।
बैठक मंे ईस्ट रेल कारिडोर, ईस्ट वेस्ट रेल कारिडोर, दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना, डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा-मुंगेली-तखतपुर-रतनपुर-बेलतरा-कटघोरा रेल लाईन और खरसिया-नया रायपुर-दुर्ग रेल परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया गया।    
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ के हितों का ध्यान रखें। प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विकास और स्थानीय लोगों के हित में सुनिश्चित किया जाए। बैठक मंे कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रवीन्द्र चौबे, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी सहित रेल, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक  विकास निगम, छत्तीसगढ़ रेलवे कार्पोरेशन लिमिटेड और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।  

छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में 2 हजार करोड़ रूपए की 2 परियोजनाओं में पूंजी निवेश के लिए एम.ओ.यू. (M.O.U. ) पर हस्ताक्षर…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की बैठक में सीमेंट और फेब्रिकेटेड स्टील उत्पाद तैयार करने की दो परियोजनाओं में लगभग दो हजार करोड़ रूपए के पूंजी निवेश के दो एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इससे 550 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ श्रीसीमेंट लिमिटेड कम्पनी तथा आर.आर. इस्पात कम्पनी ने एम.ओ.यू. किए। मुख्यमंत्री ने दोनों कम्पनियों के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उम्मीद जतायी कि जल्द ही इन परियोजनाओं में उत्पादन शुरू होगा और लोगों को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कम्पनियों के पदाधिकारियों से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

इनमें से छत्तीसगढ़ सरकार और श्रीसीमेंट लिमिटेड कम्पनी के मध्य दो हजार करोड़ रूपए के निवेश के लिए एम.ओ.यू. किया गया। इससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस एम.ओ.यू. के तहत श्रीसीमेंट कम्पनी की परियोजना द्वारा 8.3 मीट्रिक टन क्लिंकर, 13.5 मीट्रिक टन सीमेंट का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना में 170 मेगावाट क्षमता का केप्टिव पावर प्लांट लगाया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील के ग्राम खपरीडीह में लगायी जाएगी। इसके लिए 400 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी, जो कम्पनी के पास उपलब्ध है। कम्पनी के पदाधिकारियों ने बताया कि लगभग डेढ़ से दो साल में इस परियोजना में उत्पाद शुरू हो जाएगा।

दूसरा एम.ओ.यू. छत्तीसगढ़ सरकार और आर.आर. इस्पात कम्पनी के मध्य किया गया। इस परियोजना में लगभग 19 करोड़ 85 लाख रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा । यह परियोजना रायपुर जिले के उरला औद्योगिक क्षेत्र के अछोली गांव में लगायी जाएगी। इस परियोजना के लिए 6.75 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता पड़ेगी, जो कम्पनी के पास उपलब्ध है। इस परियोजना में रेलवे ब्रिज के लिए स्टील स्ट्रक्चर, बिजली के खंभे जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। कम्पनी के प्रतिनिधियों  ने बताया कि लगभग एक साल की अवधि में उत्पाद शुरू हो जाएगा।

 राज्य शासन की ओर से इन एम.ओ.यू. पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने हस्ताक्षर किए। श्रीसीमेंट के साथ किए गए एम.ओ.यू. पर कम्पनी की ओर से श्री रवि तिवारी ने और आर.आर. इस्पात कम्पनी के साथ किए गए एम.ओ.यू. पर श्री दिनेश अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुनील कुमार कुजूर, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी सहित संबंधित कम्पनियों के पदाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

ये दुनिया की पांच सबसे लंबी उड़ान हैं, जिन्हें यात्रा करने में 16-17 घंटे से अधिक का समय लगता है

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हवाई यात्रा एक रोमांचकारी अनुभव है। आपने अब तक कितनी बार यात्रा की है, तीन से पांच घंटे, 10 घंटे या 15 घंटे! लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन Qantas Airways दुनिया की सबसे लंबी उड़ान का परीक्षण कर रही है। इस यात्रा के दौरान, यात्री 19 घंटे की उड़ान में होंगे। बैठने के बाद यात्री 19 घंटे तक हवा में रहेंगे।

अमेरिका में सिंगापुर से न्यूयॉर्क शहर की यात्रा 16 हजार 737 किलोमीटर लंबी है। पिछले साल अक्टूबर में लॉन्च हुई यह नॉन-स्टॉप फ्लाइट 25 मिनट में 17 घंटे पूरी करती है। सिंगापुर एयरलाइंस दुनिया में सबसे लंबी उड़ान का दावा करती है। स्टार एयरवेज की उड़ानें दोहा से ऑकलैंड से न्यूजीलैंड तक जाती हैं। यात्रा 14 हजार 535 किलोमीटर लंबी है।

ऑकलैंड से कतर तक पहुंचने में 17 घंटे 30 मिनट का समय लगता है। इस समय के दौरान यह 10 समय क्षेत्रों को पार करता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के पनामा और दुबई के बीच उड़ान भरने वाली एयरलाइंस लगभग 8 हजार 590 मील, लगभग 13,825 किलोमीटर की यात्रा करती है।

नॉन-स्टॉप उड़ान बिंदु से, बोइंग 777-200LR उड़ान को सबसे लंबी उड़ान भी माना जाता है। अमेरिकी राज्य डलास से सिडनी, ऑस्ट्रेलिया के लिए एक एयरलाइन, Qantas, 8,778 किमी या 13,805 किमी पर यात्रा करती है, जो अपने गंतव्य पर पहुंचती है।

इसे पूरा करने में 16 घंटे और 55 मिनट लगते हैं। 2014 में शुरू, इस एयरबस का नाम A380-800 है। संयुक्त अरब अमीरात में दुबई, न्यूजीलैंड से ऑकलैंड के लिए उड़ानें। 15 मिनट लगते हैं।

बार में बिल भरने के बाद शख्स को चिल्लर में मिला एक ऐसा सिक्का, जिसने बदल दी उसकी किस्मत

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बर्मीघम के एक शख्स की किस्मत शराब पीने से पलट गई. सुनकर आपको बड़ा अजीब लगा होगा पर आरोन कॉलसान नाम के एक शख्स ने बीयर बार में जाकर शराब पी थी. शराब पीने के बाद उस व्यक्ति ने जो बिल चुकाया तो दुकानदार ने उसको वापस अपने रुपए काटकर कुछ चिल्लर दिए,जिसमें से एक सिक्के ने उसकी किस्मत पलट दी.

पेसे से माली 27 वर्षीय आरोन ने बताया कि वह पिछली रात को एक बार में गए थे. बर्मिंघम के सैक पब में एक इंजॉय करने के बाद जब उन्होंने पैसे चुकाए तो उनको जो चिल्लर वापस मिली उनमे से एक सिक्के और उनकी नजर पड़ी.

आरोन ने बताया कि वह सिक्का चांदी का सा लग रहा था और कुछ ज्यादा ही चमक रहा था. इस सिक्के में आरोन को कुछ अजीब लगा तो उसने मौजूद आसपास के लोगों से पूछा. उन लोगों में मौजूद एक कॉइन कलेक्टर ने उस एक पाउंड के सिक्के के 50 पाउंड देने को कहा क्योंकि उस शख्स को सिक्के इकट्ठे करने का शौक था.

सिक्के की खासियत का इस तरह पता चली-:

उस कॉइन कलेक्टर ने आरोन को 50 पाउंड के ऑफर को ठुकरा देने के बाद 100 पाउंड का ऑफर किया. अब तक आरोन को यह बात समझ आ गई थी कि यह शख्स इतने पैसे देने को तैयार है तो इस सिक्के में कुछ खास बात है. उन्होंने इसे अपने पास ही रख लिया.

इसलिए था यह सिक्का इतना कीमती-:

आरोन इस सिक्के को कॉइन एक्सपर्ट के पास ले गये. तो जाकर उन्हें इस सिक्के की खासियत मालूम हुई. दरअसल यह ब्रिटिश सरकार का सबसे अनोखा सिक्का था जिसकी गलत छपाई हुई थी. यह सिक्का चांदी से बना हुआ था. उस एक्सपर्ट ने आरोन को बताया कि इस सिक्के की कीमत लाखों रुपए भी हो सकती है,क्योंकि यह एक एंटिक पीस है.