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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त आ रही है ऐसी बड़ी समाचार…

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बड़ी समाचार आ रही है। मानहानि के एक मुद्दे में कांग्रेस पार्टी प्रवक्ता आरपी सिंह को 6 महीने की सजा सुना दी गई है। पूर्व सीएम चिकित्सक रमन सिंह के प्रमुख सचिव रहे अमन कुमार सिंह ने मानहानि की याचिका लगाई थी। इसी याचिका पर निर्णय सुनाते हुए जेएमएफसी न्यायालय ने ये निर्णय सुनाया है।

जानकारी के मुताबिक न्यायालय ने न्यायालय में 10 हज़ार रुपय जुर्माना भी लगाया। मालूम हो कि वर्ष 2013 में अमन सिंह ने मानहानि का एक मुद्दा दर्ज कराया गया था जिस पर अब निर्णय आया है। वहीं एक अखबार के तात्कालिक संपादक रहे गिरिराज शर्मा को भी इस मुद्दे में 6 महीने की सजा मिली है। अखबार में ही छपे एक समाचार के आधार पर अमन सिंह ने मानहानि का मुद्दा कराया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दैनिक अखबार के संपादक को सजा होने का प्रदेश में शायद ये पहला मुद्दा होने कि सम्भावना है। गिरिराज शर्मा व आरपी सिंह दोनों को 6-6 माह की सजा हुई है। सजा के साथ ही 10-10 हज़ार जुर्माने भी न्यायालय ने लगाया है।

ये है पूरा मामला:

जानकारी के मुताबिक वर्ष 2013 में एक अखबार अमन सिंह व उनकी पत्नी को लेकर एक समाचार छापी थी। इस समाचार में पासपोर्ट जब्त करने की भी मांग की गई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद अमन सिंह ने कुछ लोगों के विरूद्ध मानहानि का मुकदामा दायर कर दिया था। लगभग तीन वर्ष तक ये प्रकरण न्यायालय में चला। जिसके बाद अब गुरूवार को जेएमएफसी न्यायालय ने इस मुकदमे पर अपना निर्णय सुनाया है।

अपनी आंखों से देखिए दुनिया का सबसे महंगा ‘मशरूम’, कीमत जान हो जाएंगे हैरान…

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में दुनिया का सबसे महंगा मशरूम तैयार किया जा रहा है. आपने बिल्कुल सही सुना, इसकी कीमत है 10 लाख रुपये प्रति किलो. जी हां, दुनिया का सबसे महंगा मशरूम. जो हिमालय की चोटियों में कई सालों में एकाध बार होता है. जिसके लिए लोगों की जान तक चली जाती है. वह अब छत्तीसगढ़ में तैयार किया जा रहा है.

छत्तीसगढ़ में दुनिया का सबसे शक्तिशाली और सबसे महंगा मशरूम तैयार किया जा रहा है. इस मशरूम की कीमत 8 से 10 लाख रुपए किलो बताई जा रही है. इस मशरूम की खासियत यह है कि इसे खाने से बहुत ज्यादा ताकत और ऊर्जा मिलती है.प्राकृतिक तरीके से हिमालय में तैयार होने वाले इस मशरूम की कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये किलो तक होती है. लेकिन, टिश्यू कल्चर के जरिये इसे लैब में तैयार किया जा रहा है.

इंडोनेशिया में 6.4 तीव्रता का भूकंप, याद आ गया सितम्बर का सितम…

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जकार्ता। इंडोनेशिया के पूर्वी प्रांत मलूकू में रविवार तड़के करीब 2ः53 बजे भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई। लोगों को पिछले साल सितम्बर में भूकंप और सुनामी से हुई तबाही का भयावह मंजर याद आ गया। ताजा भूकंप के बाद फिलहाल सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

मौसम और भूगर्भीय एजेंसी ने कहा है कि यह झटके स्थानीय समयानुसार तड़के 2ः53 बजे महसूस किए गए। शुरुआती जानकारी में कहीं से भी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। भूकंप का केंद्र मलूकू प्रांत के तेंगारा बरत जिले से 165 किलोमीटर दूर पश्चमोत्तर समुद्र तल से 11 किलोमीटर की गहराई तल में था।

भू-गर्भ विज्ञानियों का कहना है कि इंडोनेशिया में भूकंप के झटके आते रहते हैं। यह ‘प्रशांत रिंग ऑफ फायर’ (एक कमजोर और भूकंप प्रभावित क्षेत्र) पर स्थित है।इंडोनेशिया में पिछले साल सितंबर के आखिर में आए भूकंप में जानमाल की भारी क्षति हुई थी।

30 सितम्बर 2018 को इंडोनेशिया के सुलावेसी प्रांत में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.5 आंकी गई थी। भूकंप के बाद आई सुनामी ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया था। आधिकारिक तौर पर कुछ ही घंटों में 800 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी। भूकंप और सुनामी से तटीय शहर डोंगाला और पालू शहर हिल गए थे। दोनों स्थानों पर सबसे ज्यादा तबाही हुई थी।

जानिए गाढ़ा खून हार्ट अटैक की वजह बनता है , ब्लड पतला रखने के लिए खाएं ये 5 आहार

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शरीर को स्वस्थ रखने में खून का दौरा अहम भूमिका निभाता है। खून की कमी, गाढ़ापन, ब्लड क्लॉट या फिर शरीर में जरूरत से ज्यादा ब्लड होना हार्ट अटैक का कारण भी बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि शरीर में किसी भी तरह का कोई रक्त विकार न हो। आज हम आपको कुछ ऐसे ही सुपरफूड्स के बारे में बताएंगे, जो खून को पतला करने के साथ अन्य रक्त विकार को भी दूर करेंगे। साथ ही इससे हार्ट अटैक का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाएगा।

हल्‍दी

एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से भपूर हल्दी का सेवन सिर्फ रक्त विकार को ही नहीं दूर करती बल्कि इससे आप अन्य कई बीमारियों से भी बचे रहते हैं। हल्‍दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व थक्का-रोधी के रूप में कार्य करता है। आप इसे खाने में इस्तेमाल करने के साथ-साथ हल्दी वाला पानी भी बनाकर पी सकते हैं। इसके अलावा हल्दी वाला दूध पीना भी सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

अदरक

औषधीए गुणों से भरपूर अदरक का सेवन भी खून को पतला करने के साथ हार्ट अटैक का खतरा कम करता है। साथ ही इससे आप कैंसर जैसी बीमारियों से भी बचे रहते हैं। आप अदरक की चाय को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं।

मछली का तेल

मछली के तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड, ईपीए और डीएचए के गुण होते हैं जो खून को पतला करने में मददगार है। मछली के तेल को खाने में शामिल करें। डॉक्टरी सलाह से मछली के तेल का कैप्सूल भी खा सकते हैं।

लाल मिर्च

लाल मिर्च में सैलिसिलेट्स नामक तत्व होता है, जो खून को पतला करने में मदद करता है। साथ ही रोजाना लाल मिर्च का सेवन कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में भी काफी मदद करता है। इसके अलावा इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है।

दालचीनी

दालचीनी का इस्तेमाल खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन यह एक शक्तिशाली थक्कारोधी है। दालचीनी की चाय पीने से ना सिर्फ खून पतला होता है बल्कि यह कोलेस्ट्राल लेवल को भी कंट्रोल करता है। इससे आप लिवर से जुड़ी समस्याओं से भी बचे रहते हैं।

लहसुन

लहसुन के एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में जमा फ्री रेडिकल को खत्म करने का काम करते हैंश जिससे ब्लड प्रैशर सामान्य रहता है और यह खून के प्रवाह को संतुलित करने के साथ खून को पतला करने में भी मददगार है।

साल्‍मन

ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर मछली का सेवन शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा, वे रक्त में थक्के जमने की संभावना को कम करने के लिए जाने जाते हैं।

दस साल से चल रहा था रैकेट, हनी ट्रैप में फंसाए 12 IAS-IPS वसूलने थे 12 करोड़, गिरोह के लिए बनाया था वाट्सअप ग्रुप

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सेक्स परोसकर उसका वीडियो बनाने और फिर उसकी दम पर संबंधित को ब्लैक मेल करने का हनी ट्रेप धंधा भोपाल इंदौर में पिछले 10 साल से चल रहा था। क्योंकि इंदौर में दर्ज हुए हनी ट्रैप ब्लैक मेलिंग के केस में आरोपी पांच महिलाओं से जो मोबाइल, लैपटॉप, पेन ड्राइव आदि बरामद हुए हैं उनमें पॉर्न वीडियो वर्ष 2009 तक के भी हैं। खास बात ये है कि ज्यादातर वीडियो वर्ष 2014 के बाद ही बने हैं। अब जांच का आधार ये ही वीडियो हैं। साथ ही इन आरोपी महिलाओं के मोबाइल की कॉल डिटेल्स को पुलिस व जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं। इनसे ही निकलेगा कि देह सुख के चक्कर में कौन-कौन रसूखदार मंत्री-नेता, अफसर इनके जाल में फंसे रहे।

सूत्र बताते हैं कि इन महिलाओं के देहजाल में 12 से अधिक आईएएस और आईपीएस अफसर आ चुके थे। जिनमें से ये कुछ को ब्लैक मेल कर रही थीं, जबकि कुछ को करने की तैयारी थी। इन जालसाज महिलाओं श्वेता (48) पति स्वप्निल जैन निवासी रेवेरा टाउनशिप भोपाल, श्वेता (39) पति विजय जैन निवासी मिनाल रेसीडेंसी भोपाल, बरखा (34) पति अमित सोनी निवासी कोटरा सुल्तानाबाद भोपाल, आरती (29) पति पंकज दयाल निवासी मिनाल रेसीडेंसी भोपाल, मोनिका (18) पिता लाल यादव निवासी सवस्या नरसिंहगढ़ ने एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया था। इसमें ये अपने टारगेट के संबंध में एक दूसरे को सूचनाएं देती थीं।

श्वेता रेल्वे और डिफेंस सेक्टर की सप्लायर

इस की आरोपी श्वेता जैन की फेसबुक प्रोफाइल भी है। जिसमें वह रेल्वे और डिफेंस सेक्टर की सप्लायर है। उसने खुद को एटीएलटीएचआई कंपनी की ऑनर लिखा है। इस कंपनी की वेबसाइट में है कि यह कंपनी इलेक्ट्रिक सामान समेत टेप बनाती है। इस कंपनी के प्रोडक्ट की सप्लाई इंडस्ट्रियल, ऑटोमोटिव सेक्टर में भी होती है। कंपनी के कॉपोर्रेट आफिस का पता बगरौदा इंडस्ट्रियल एरिया, बंगरसिया भोपाल दिया है। सूत्र बताते हैं कि श्वेता की इस कंपनी में भागीदारी है।

मंत्रियों अफसरों को देतीं थी कॉल गर्ल्स का ऑफर

– आरोपी आरती दयाल श्वेता की किरायदार हुआ करती थी। जब ये मीनाल रेसिडेंसी में निवास करती थीं, उस समय आरती श्वेता के संपर्क में आई। उसके बाद ही उसका हाईप्रोफाइल लोगों से जुड़ाव हुआ।

– आरोपी महिलाओं से मिले मोबाइल्स में आईएएस-आईपीएस अफसरों और बीजेपी-कांग्रेस के कई नेताओं के नंबर्स और कॉल डिटेल्स पाए गए हैं। जिनसे इस केस में कई खुलासे होने की उम्मीद की जा सकती है।

– ये मंत्री और अधिकारियों के पास एनजीओ के काम के बहाने जाती थीं। फिर अपना मूल काम प्रारंभ कर देती थीं। ये उन्हें सुंदर से सुंदर कॉलगर्ल्स का ऑफर देती थीं। फिर डिमांड पूरी कर देती थीं।

कोर्ट ने नहीं दिया रिमांड, न्यायिक हिरासत में भेजा

– इंदौर की पलासिया थाना पुलिस शुक्रवार की शाम चार बजे हनी ट्रेप केस की आरोपी बरखा पति अमित सोनी, श्वेता पति विजय जैन व श्वेता पति स्वप्निल जैन को अदालत ले गई। क्योंकि इनकी रिमांड अवधि पूरी हो गई थी।

– फिर इंदौर कोर्ट में कक्ष क्रमांक 25 में इस केस की सुनवाई हुई। जहां इन तीनों को अदालत में शुक्रवार की शाम चार बजे पेश किया गया। यहां न्यायिक दंडाधिकारी आरके पाटीदार की अदालत में सुनवाई चली। पुलिस ने इन्हें दोबारा रिमांड पर मांगा।

– अदालत में अभियोजन ने अपना तर्क दिया कि इस मामले में कुछ वीडियो इन आरोपियों से मिले हैं। इनसे पूछताछ होना शेष है। क्योंकि ये वीडियो कब बने, कहां बने, यह जानना है। अभियोजन ने यह भी तर्क रखा कि इनके कब्जे से मोटी राशि भी जब्त हुई है। जिसमें यह पूछताछ भी होनी है कि यह इतनी बड़ी राशि इनके पास कहां से आई।

– यहां इन आरोपी महिलाओं के वकीलों ने पुलिस रिमांड का विरोध किया। अदालत में श्वेता पति विजय जैन की ओर से एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर, बरखा पति अमित सोनी की ओर से एडवोकेट एसके वर्मा और आनंद सोसरिया, श्वेता पति स्वप्निल जैन की ओर से एडवोकेट अमरसिंह राठौर ने पुलिस रिमांड के विरोध में अपने-अपने तर्क दिए।

– आरोपी महिलाओं के अभिभाषकों ने अदालत को बताया कि उनके पक्षकार का मामले से कोई लेना.देना नहीं है। इस मामले में पुलिस मोबाइल और लैपटॉप पहले ही जब्त कर चुकी है। इसके अलावा मुख्य आरोपी 22 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं।

– यहां बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि पुलिस ने उनकी क्लाइंट्स को तीन दिन पहले पकड़ा थाए लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं दिखाई। इसके अलावा कोर्ट इन्हें गुरुवार को एक दिन के रिमांड पर पुलिस को दे ही चुकी है। तो अब फिर से रिमांड दिए जाने का कोई मतलब नहीं है।

– दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया। फिर देर शाम आदेश जारी किया। न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर देने से इंकार किया। इन्हें चार अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने का वारंट बना दिया।

KBC में रामायण से जुड़े इस बेहद आसान सवाल का जवाब नहीं दे पाईं सोनाक्षी, हो गईं ट्रोल

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बॉलीवुड की नामी एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने बड़े-बड़े एक्टर्स संग कई हिट फिल्मों में काम किया है। हाल ही में अक्षय कुमार के साथ उनकी फिल्म मिशन मंगल भी आई थी। सोनाक्षी फिल्मों में अपने काम को लेकर फैंस की तारीफ बटोरती रहती हैं लेकिन शुक्रवार को कुछ ऐसा हुआ कि सोनाक्षी को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जाने लगा। दरअसल, सोनाक्षी ने अमिताभ बच्चन के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति-11’ में शिरकत की। लेकिन यहां एक बेहद आसान सवाल के जवाब में सोनाक्षी फंस गईं।सोनाक्षी सिन्हा
केबीसी में बेहद आसान सवाल में फंसीं सोनाक्षी

शुक्रवार को केबीसी के स्पेशल शो करमवीर में कंटेस्टेंट थीं राजस्थान की रुमा देवी, रुमा 22 हजार महिलाओं को स्किल ट्रेनिंग दे चुकी हैं। रुमा देवी को साल 2018 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नारी शक्ति अवार्ड से सम्मानित किया था। बाकी लोगों की तरह सोनाक्षी भी रुमा के काम से बहुत प्रभावित हुईं और उन्होंने रुमा देवी के प्रोडक्ट की ब्रैंड अंबेसडर बनने का फैसला किया। इतना ही नहीं वे केबीसी में रुमा की मदद के लिए उनसे साथ भी आईं।

हनुमान
‘हनुमान किसके लिए संजीवनी बूटी लाए थे?’

लेकिन यहां पर एक सवाल का जवाब ना देने पर सोनाक्षी को ट्रोल किया जाने लगा। दरअसल, अमिताभ बच्चन ने सवाल पूछा था कि रामायण के अनुसार, हनुमान किसके लिए संजीवनी बूटी लाए थे? इस सवाल का जवाब देने के लिए चार विकल्प भी दिए गए। A. सुग्रीव B. लक्ष्मण C. सीता D. राम

एक्सपर्ट की मदद
लेनी पड़ी एक्सपर्ट की मदद

इस सवाल का जवाब देने की बारी आई तो सोनाक्षी का रिएक्शन देखकर लोग हैरान रह गए। सोनाक्षी को इस सवाल का जवाब नहीं पता था। सोनाक्षी के इस रिएक्शन से अमिताभ बच्चन भी हैरान नजर आए। सोनाक्षी को आखिरकार एक्सपर्ट वाली लाइफलाइन का सहारा लेना पड़ा, जहां एक्सपर्ट श्वेता ने बताया कि सही जवाब सीता या राम नहीं बल्कि लक्ष्मण है। सोनाक्षी इस आसान सवाल का जवाब नहीं दे पाने के कारण सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हुईं।

अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन भी थे नाराज

यहां तक कि अमिताभ बच्चन भी सोनाक्षी से नाराज नजर आए। सोनाक्षी के पिता का नाम शत्रुघ्न है, जबकि उनके चाचा के नाम राम, लक्ष्मण और भरत हैं। उनके घर का नाम भी रामायण है। यहां तक कि उनके भाइयों के नाम लव और कुश है। इसके बाद भी रामायण से जुड़े इस आसान से सवाल का जवाब ना देने पाने पर अमिताभ हैरान थे।

जया बच्चन ने किया खुलासा, आखिर क्यो करिश्मा को छोड़ ऐश्वर्या को बनाया बहू!

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जया बच्चन (विवाह पूर्व: जया भादुरी) हिन्दी फिल्मों की एक अभिनेत्री हैं। वह वर्तमान में 2004 से चार कार्यकालों से समाजवादी पार्टी से राज्यसभा में संसद सदस्य हैं। 1992 में, उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
हर कोई जानता है कि बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के बेटे अभिषेक बच्चन की शादी एक खूबसूरत अभिनेत्री और पूर्व मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय से हुई है, लेकिन ऐश्वर्या राय बच्चन के साथ शादी करने से पहले अभिषेक बच्चन 90 के दशक की जानी-मानी अदाकारा करिश्मा कपूर के साथ घर बसाने वाले थे।
लेकिन कुछ कारणों से अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर शादी के बंधन में नहीं बंधे। कपूर और बच्चन परिवारों द्वारा कभी यह खुलासा नहीं किया गया कि ऐसा क्यों हुआ? बता दें कि अभिषेक बच्चन का अफेयर करिश्मा कपूर के साथ था, इस बात से हर कोई वाकिफ है। दोनों की लव स्टोरी शादी में बदलने वाली थी लेकिन कुछ कारणों की वजह से ये दोनों शादी के बंधन में नहीं बंधे। बाद में अभिषेक ने ऐश्वर्या राय बच्चन से शादी कर ली।
बता दे कि अभिनेत्री जया बच्चन ने पीपल मैग्जीन को एक इन्टरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके लिए पारिवारिक मूल्य और रुझान कितना महत्वपूर्ण है। जया ने यह भी बताया कि अपने बच्चों की परवरिश करते समय, उन्होंने अपने बच्चों के सभ्य बनने का पूरा ध्यान रखा। जब जया से पूछा गया कि क्या यही वजह थी कि उन्होंने ऐश्वर्या राय को अपने घर की बहू बनाया?
इस पर जया ने जवाब दिया, ‘हां, यही कारण था कि मैंने अपने बेटे को ऐश के साथ शादी करने की अनुमति दी। मैं चाहता था कि मेरी बहू को परिवार के मूल्य और संस्कृति की अच्छी समझ हो। साथ ही जब जया से पूछा गया कि क्या पारिवारिक मूल्यों की वजह से ही अभिषेक और करिश्मा की शादी नहीं हो सकी ? तो जया ने जवाब दिया, ‘करिश्मा कपूर कपूर परिवार का खून है। करिश्मा के पिता मेरे पति के अच्छे दोस्त हैं। करिश्मा के बारे में ऐसी बात नहीं कही जा सकती। “बता दें कि अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की एक बेटी है जिसका नाम आराध्या बच्चन है जो दिखने में बहुत ही प्यारी और नाजुक है और हर कोई बच्चन परिवार का शौकीन है।

मोदी सरकार ने शुरू की तैयारी ! जल्द बदल जाएगी सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र

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भारत में जल्द ही सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र बदल सकती है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी है। दो तरीकों से सेवानिवृत्ति की आयु निर्धारित हो सकती है। पहला तरीका ये है कि यदि कर्मचारी ने 33 साल की सेवा पूरी कर ली हो या फिर कर्मचारी की उम्र 60 साल हो चुकी हो।
केंद्र सरकार का तर्क है कि 33 वर्ष की सेवा या 60 वर्ष की उम्र, जो भी पहले आए, इसके अनुसार सेवानिवृत्ति होने से सरकार ही नहीं, बल्कि दूसरे कर्मियों को भी लाभ मिलेगा। रिटायरमेंट उम्र बदल का उल्लेख सातवें वेतन आयोग में भी किया गया है। मामले में DOPT सूत्रों का कहना है कि इस प्रपोजल पर काम आरंभ हो चुका है। अगर सेवानिवृत्ति की इस योजना को लागू किया जाता है, तो इससे कुछ फायदे होंगे, जैसे बैकलॉग की समस्या दूर हो जाएगी, प्रमोशन के नए अवसर पैदा होंगे तो नई जॉब की राह भी प्रशस्त होगी, जिन कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन न मिलने की शिकायत रहती थी, वह भी दूर हो सकेगी।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार के इस फैसले का सबसे अधिक असर सुरक्षा बलों पर पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सैन्य एवं दूसरे सुरक्षा बलों में औसतन 22 वर्ष के आसपास भर्ती हो जाती है, इसलिए इनकी 33 वर्ष की सर्विस 55 साल में ही पूरी हो जाएगी और उन्हें रिटायर कर दिया जाएगा।

येदियुरप्पा की किस्मत 6 MLA तय करेंगे, हार से पलटेगी बाजी…

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  • सत्तारूढ़ बीजेपी के पास वर्तमान में 106 विधायकों का समर्थन है
  • सरकार के लिए बीजेपी को 6 और विधायकों की जरूरत होगी
  • 21 अक्टूबर को होने वाले मतदान की गिनती 24 अक्टूबर को

कर्नाटक में उपचुनाव की घोषणा हो गई है. निर्वाचन आयोग ने यहां 21 अक्टूबर को चुनाव कराए जाने का ऐलान किया है. इससे कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के अयोग्य घोषित किए गए बागी विधायकों को सबसे बड़ा झटका लगा है. ये सभी विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं. इनकी योजना सुप्रीम कोर्ट जाने की है. ये सभी विधायक याचिका दाखिल करने वाले हैं कि उपचुनाव अभी नहीं कराए जाएं.

बता दें, यह उपचुनाव कर्नाटक में बीजेपी सरकार के लिए काफी अहम है क्योंकि इससे येदियुरप्पा सरकार के बहुमत का सीधा संबंध है. येदियुरप्पा को सरकार में बने रहने के लिए कम से कम 6 सीटें जीतनी होंगी. कर्नाटक में 15 बागी विधायक इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे. बाद में ये सभी विधायक अयोग्य ठहराए गए थे (कुल 17 विधायकों को विधानसभा स्पीकर ने अयोग्य करार दिया था). इन सीटों पर दोबारा चुनाव होगा. 21 अक्टूबर को होने वाले मतदान की गिनती 24 अक्टूबर को होगी.

कर्नाटक विधानसभा का समीकरण

कर्नाटक विधानसभा में कुल 225 सदस्य हैं. इनमें एक मनोनित सदस्य है. इसलिए सीटों का आंकड़ा 224 होता है. 17 विधायकों के अयोग्य करार दिए जाने के बाद 15 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान हुआ है.

15 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना के बाद कर्नाटक विधानसभा की ताकत 222 हो जाएगी. सत्तारूढ़ बीजेपी के पास वर्तमान में 106 विधायकों का समर्थन है, जिसमें निर्दलीय विधायक एच. नागेश भी शामिल हैं. कांग्रेस के पास 66 और जेडीएस के पास 34 विधायक हैं. बसपा के पास 1 और एक निर्दलीय विधायक भी है. हालांकि निर्दलीय का समर्थन बीजेपी के साथ है, इसलिए बीजेपी के पास 106 विधायकों का समर्थन है. इस दशा में बीजेपी को 6 और विधायकों की जरूरत होगी. लिहाजा उपचुनाव में जीत हार बीजेपी का भविष्य तय करेंगे.

इन सीटों पर उपचुनाव

चुनाव में शामिल होने वाले निर्वाचन क्षेत्रों में गोकक, अथानी, रानीबेनूर, कागवाड़, हिरेकर, येलापुर, यशवंतपुरा, विजयनगर, शिवाजीनगर, होसाकोट, हुनसुर, कृष्णराजपेट, महालक्ष्मी लेआउट, केआर पुरा और चिकबल्लापुरा शामिल हैं. चुनाव आयोग ने हालांकि आर.आर. नगर और मस्की विधानसभा क्षेत्र के लिए कोई चुनावी घोषणा नहीं की है.

बागी विधायकों ने अपनी अयोग्यता को समाप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था. वे फिर सुप्रीम कोर्ट जाने वाले हैं. इस बार उनकी मांग है कि फिलहाल कर्नाटक में उपचुनाव न कराए जाएं.

छत्तीसगढ़ – रायपुर में 72 लाख रुपए में बने 11 ई-टॉयलेट, लेकिन लोगों ने नहीं किया अब तक इस्तेमाल…

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर में स्मार्ट सिटी (Smart City) की ई-टॉयलेट (e toilet) योजना धरातल पर पूरी तरह से उतर नहीं पाई है. ई—टॉयलेट के निर्माण का काम दो बार अलग-अलग ठेका कंपनियों को दिया गया. इसमें पहली कंपनी बेंगलुरु (Bengaluru) की थी, जिसने 40 जगहों पर ई-टॉयलेट बनाने का काम लिया था. एक साल से ज्यादा वक्त तक ये कंपनी रायपुर शहर में रही, लेकिन सिर्फ 5 ही टॉयलेट बना सकी.

रायपुर स्थित अंबेडकर अस्पताल (Ambedkar Hospital) के सामने स्थित टॉयलेट भी इसी कंपनी ने बनाया था. उसके महीनों बाद केरल की एक और कंपनी को इस काम के लिए चुना गया. उसने 6 नई जगहों पर टॉयलेट बनाए, लेकिन वो भी टेस्टिंग में उलझ कर रह गई.

इस तरह बीते करीब 2 वर्षों में 11 जगहों पर टॉयलेट के ढांचे ऐसे ही खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण इन टॉयलेट्स के निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाए हैं. बता दें कि एक टॉयलेट की लागत 6.5 लाख रुपए है. इन दो वर्षों में दो कंपनियों द्वारा अभी तक 11 जगहों पर टॉयलेट लगाने में 71.5 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, लेकिन इन ई-टॉयलेट्स का इस्तेमाल अब तक लोगों ने शुरू नहीं किया है.