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ऑटोमैटिक लैंडिंग प्रोग्राम में गड़बड़ी की वजह से चांद पर नहीं उतर सका लैंडर विक्रम!

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भारत का चंद्रयान-2 मिशन लगभग खत्म हो गया है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने लैंडर विक्रम को जिंदा करने की उम्मीदें अब छोड़ दी हैं. 7 सितंबर की देर रात जब लैंडर व्रिकम चांद की सतह से कुछ मीटर की दूरी पर था तभी उसका संपर्क पृथ्वी से टूट गया. इसके बाद से लैंडर विक्रम का कुछ पता नहीं चल सका था. चंद्रयान-2 की असफलता का आकलन कर रही टीम के मुताबिक ऑटोमैटिक लैंडिंग्र प्रोग्राम (एएलपी) में गड़बड़ी के कारण लैंडर विक्रम हादसे का शिकार हुआ.

इसरो के वैज्ञानिकों की टीम ने अब लैंडर विक्रम के खड़े होने की उम्मीद पूरी तरह से छोड़ दी है. 1471 किलोग्राम का लैंडर विक्रम और इसके अंदर मौजूद 27 किलोग्राम का रोवर प्रज्ञान चांद की सतह पर उतरने से कुछ वक्त पहले ही क्रैश हो गया था. वैज्ञानिकों का मानना है कि लैंडर विक्रम चांद की सतह से टकराने के बाद या तो पलट गया था या फिर मुड़ गया था. हालांकि, चांद की सतह से महज चंद दूरी से क्रैश होने के कारण उसे पहचाना जा सकता था.

वैज्ञानिकों को अभी तक की जांच से ऐसा लग रहा है कि लैंडिंग प्रोग्राम में कुछ गड़बड़ी थी. लैंडिंग प्रोग्राम यूआर राव सैटलाइट सेंटर बेंगलुरु की ओर से बताया गया कि हमें देखना होगा कि लैंडिंग प्रोग्राम को जारी करने से पहले इसका सही तरह से परीक्षण किया गया था या नहीं. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, हर किसी को पता था कि चांद की सतह पर पहुंचने से कुछ समय पहले लैंडर विक्रम को कंट्रोल करना आसान नहीं होगा. ऐसे में यह सुनिश्चित करना था कि लैंडिंग प्रोग्राम (एएलपी) में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न हो.

गौरतलब है कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अंधेरा बढ़ने लगा है. ये वही जगह है, जहां भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की ओर से भेजे गए चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम घायल पड़ा है. चांद पर छाने वाले अंधेरे के साथ ही भारतीय वैज्ञानिकों और करोड़ों लोगोंं के सपनों पर भी अंधेरा छा जाएगा. अभी से सिर्फ तीन घंटे के बाद विक्रम लैंडर उस अंधेरे में कहीं खो जाएगा, जहां से उससे संपर्क करना तो दूर उसकी तस्वीर भी नहीं ली जा सकेगी.

UN में भारत के राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा अगर पाकिस्‍तान ने किया कश्‍मीर का जिक्र तो…

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 यूनाइटेड नेशंस (यूएन) में भारत के स्‍थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने एक बार फिर कश्‍मीर मसले पर पाकिस्‍तान को लताड़ा है। अकबरुद्दीन ने पाक को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर कश्‍मीर मसले का जिक्र यूएन में हुआ तो फिर वह और नीचे गिर जाएगा। 27 सितंबर को यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (उंगा) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाक पीएम इमरान खान का संबोधन है। इमरान पहले ही कह चुके हैं कि वह इस मंच पर कश्‍मीर का मसला जरूर उठाएंगे। अकबरुद्दीन ने आगाह करते हुए कहा है कि इस्‍लामाबाद इस मंच से जैसे आतंकवाद का सामान्‍यीकरण करता आया है, उसी तरह से इस बार वह हेट स्‍पीच को मुख्‍यधारा में लाने की कोशिश कर सकता है।

अपना ही स्‍तर गिराएगा पाकिस्‍तान

गुरुवार को हुई एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अकबरुद्दीन मीडिया से मुखातिब थे। यहां पर उनसे सवाल पूछा गया था क्‍या उन्‍हें कितनी उम्‍मीद है कश्‍मीर मुद्दे पर उंगा सत्र के जिक्र में हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो फिर भारत इसका सामना कैसे करेगा? इस पर अकबरुद्दीन ने अपने ही अंदाज में जवाब दिया। उन्‍होंने कहा, ‘आप जो मुझसे कह रहे हैं, वह इससे कहीं ज्‍यादा होगा, खासकर एक देश की तरफ से तो बहुत ज्‍यादा होगा। अगर ऐसा है तो हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी? यह हर देश पर निर्भर करता है कि वह वैश्विक मंच पर किस रूप में पहुंचना चाहता है। कुछ ऐसे होंगे जो अपना स्तर गिराएंगे। उनके प्रति हमारी प्रतिक्रिया होगी कि हम और ऊंचे उठेंगे। वह नीचे गिरेंगे लेकिन हमारा स्तर तो ऊपर उठेगा।’ पीएम मोदी साल 2014 के बाद दूसरी बार उंगा सत्र को संबोधित करेंगे। इस वर्ष उंगा का यह 74 वां सत्र है। अकबरुद्दीन ने इस दौरान पीएम मोदी के संबोधन की खास बातों और उनकी प्राथमिकताओं का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की बहुपक्षीय और द्विपक्षीय व्यस्तताओं और मीटिंग्‍स के ढेर सारे उदाहरण इस बात को बताते हैं कि भारत का कद कितना ऊंचा होगा।

ज्‍यादा समय तक नहीं टिकता जहर

उन्होंने इसके साथ ही एक बार फिर से पाकिस्‍तान पर हमला बोला। उन्‍होंने कहा, ‘वे जो करना चाहते हैं, वह उनकी इच्छा है। हमने उन्हें अतीत में आतंकवाद को मुख्यधारा में लाने की कोशिश करते हुए देखा है। और अब जो आप मुझे बता रहे हैं, वह यह है कि वे नफरत फैलाने वाले भाषण को मुख्यधारा में लाना चाहते हैं। वे ऐसा करना चाहते हैं तो यह उनकी मर्जी है। वह जो जहर उगल रहे हैं, यह बहुत लंबे समय तक काम नहीं करने वाला है।’ पांच अगस्त को भारत ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म कर दिया, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। पाकिस्तान ने इसके बाद भारत के साथ राजनयिक संबंधों को कमतर कर दिया और भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया।

शेयर मार्केट की उछाल को पीएम मोदी ने बताया 130 करोड़ भारतीयों की जीत

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ऐलान से शेयर बाजार में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को जबर्दस्त उछाल देखने को मिला। शेयर बाजार में 10 साल में एक दिन में सर्वाधिक वृद्धि इससे पहले साल 2009 में देखने को मिली थी। पीएम मोदी ने वित्त मंत्री के कदम को ऐतिहासिक बताया है। इसे लेकर पीएम मोदी ने दो ट्वीट किए। दोपहर करीब 2:15 बजे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 2102.46 अंक यानी 5.83 फीसदी की बढ़त के बाद 38,195.93 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

वित्त मंत्री द्वारा कार्पोरेट टैक्स में कटौती के ऐलान के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि, कार्पोरेट टैक्स में कटौती का कदम ऐतिहासिक है। यह मेक इन इंडिया को एक शानदार प्रोत्साहन देगा जो दुनिया भर से निजी निवेश को आकर्षित करेगा, हमारे निजी क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा में सुधार करेगा और अधिक नौकरियां पैदा करेगा। यह 130 करोड़ भारतीयों की जीत होगी।

पीएम मोदी ने अगले ट्वीट में लिखा कि, पिछले कुछ हफ्तों में हुई घोषणाएं स्पष्ट रूप से बताती हैं कि हमारी सरकार भारत को व्यापार के लिए बेहतर बनाने, समाज के सभी वर्गों के लिए अवसरों को बेहतर बनाने और भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

आपको बता दें कि कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती और कैपिटल गेन्स टैक्स सरचार्ज की छूट से खुश हुए शेयर बाजार में निवेशकों ने एक घंटे के भीतर 5 लाख करोड़ रुपये बना लिए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE के डेटा के मुताबिक, ऐलानों के तुरंत बाद बाजार चढ़ने लगा और कुछ ही देर में मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCap) 143.45 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो गुरुवार को 138.54 लाख करोड़ रुपये था। यानी करीब 5 लाख करोड़ की बढ़त।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले मेरा मंत्रालय 5 साल में 5 करोड़ रोजगार लाने पर करेगा काम

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार 5 करोड़ रोजगार के सृजन के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम क्षेत्र (MSME) उद्योग सेक्टर को मजबूत करेगी. साथ ही इससे सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में MSME की हिस्सेदारी भी मौजूदा 29% से बढ़कर 50% हो जाएगी. गडकरी के मुताबिक, सरकार का जोर देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दोबारा मजबूत करना चाहती है.

गडकरी ने गुरुवार को कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को 5-ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है और इसे हासिल करने के लिए मेरा मंत्रालय अगले पांच वर्षों में पांच करोड़ जॉब पैदा करने पर भी काम करेगा.’

गडकरी ने ब्रॉड गेज मेट्रो को किफायती, कुशल और समय की बचत वाला विकल्प बताया. उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों पर दबाव कम होगा.

सड़क परिवहन और राजमार्ग निर्माण मंत्री गडकरी ने कहा, ‘हम अपने निर्वाचन क्षेत्र नागपुर में भी ब्रॉडगेज मेट्रो ला रहे हैं. ये नागपुर को वर्धा, भंडारा रोड, रामटेक और नरखेड से जोड़ेगा. ब्रॉड गेज पर मेट्रो चलाने पर विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि यह शहरों और इसके सैटेलाइट शहरों के बीच यात्रा को किफायती बनाता है. मिसाल के तौर पर लोग मेरठ या पानीपत में रह सकते हैं और आसानी से हर दिन काम के लिए दिल्ली जा सकते हैं, इसलिए यह शहर के साथ-साथ यात्रियों के लिए भी फायदे की स्थिति है.’

गडकरी ने कहा कि वर्तमान में मेट्रो रेल निर्माण की लागत लगभग 320 करोड़ रुपये प्रति किमी है, जबकि ब्रॉड गेज मेट्रो की लागत करीब 3 करोड़ रुपये प्रति किमी है. इसके अलावा, ब्रॉड गेज नेटवर्क का उपयोग करने पर लगभग तीन गुना अधिक यात्री इतनी ही जगह पर आ सकते हैं. साथ ही मेट्रो ट्रेनों की गति एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में काफी ज्यादा होगी.

गडकरी ने यह भी कहा कि उन्हें पुरानी कारों, बसों और दोपहिया वाहनों की स्क्रैपिंग की नीति को लेकर केंद्रीय कैबिनेट के विचार की अनुमति मिल चुकी है. वित्त मंत्रालय पहले ही प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है. सरकार बहुत जल्द इसे मंजूरी दे देगी. पुराने वाहनों के लिए स्क्रैपिंग नीति लाने से दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में वाहनों की भीड़ कम करने में मदद करेगी. इन शहरों में 10 से 15 साल पुराने वाहन बड़ी संख्या में हैं.

निर्मला सीतारमण ने कॉरपोरेट टैक्स में रियायत की घोषणा की

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कॉरपोरेट कंपनियों को टैक्स में छूट देने की घोषणा की है.

घरेलू कंपनियों, नयी स्थानीय विनिर्माण कंपनियों के लिये कॉरपोरेट टैक्स को कम करते हुए अब इसे 25.17 फ़ीसदी कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि यदि कोई घरेलू कंपनी किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं ले तो उसके पास 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प होगा. जो कंपनियां 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प चुन रही हैं, उन्हें न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान करने की ज़रूरत नहीं होगी.

यह रियायत घरेलू कंपनियों और नयी स्थानीय मैनुफ़ैक्चरिंग कंपनियों के लिये होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस घोषणा के बाद शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त उछाल देखा गया.

एक समय सेंसेक्स में 2000 अंकों का उछाल आया जोकि पिछले एक दशक में एक दिन में आने वाला सबसे बड़ा उछाल है. 550 अंक के साथ ही निफ़्टी ने 10 का रिकॉर्ड तोड़ा.

वित्त मंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया को प्रोत्साहित करने के लिए इनकम टैक्स के नए नियमों में इसे शामिल किया गया है.

सीतारमण ने कहा कि बाज़ार में मुद्रा-प्रवाह को बनाए रखने के लिए यह क़दम उठाया गया है.

सरचार्ज के साथ टैक्स की प्रभावी दर 25.17 फ़ीसदी होगी. इनकम टैक्स एक्ट में नया प्रावधान जोड़ा गया है. ये प्रावधान वित्त वर्ष 2019-20 से लागू होगा.

भारत, दुनिया में सबसे ज़्यादा दर से कॉरपोरेट टैक्स देने वाले देशों में से एक है.

भारत में घरेलू कंपनियों पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है जबकि विदेशी कंपनियों पर यही टैक्स चालीस फ़ीसदी हो जाता है. इसके साथ ही उन्हें पूरे टैक्स पर चार प्रतिशत स्वास्थ्य और शिक्षा का सरचार्ज देना होता है.

इसके साथ ही अगर उनकी टैक्स की राशि सौ मिलियन से ज़्यादा हो जाती है तो घरेलू कंपनियों को 12 फ़ीसदी सरचार्ज और विदेशी कंपनियों को पांच प्रतिशत सरचार्ज देना होता है.

रॉयटर्स ने इसी साल अगस्त में एक ख़बर में कहा था कि सीबीडीटी के सदस्य अखिल रंजन की अध्यक्षता में सीधे कर से जुड़ी एक टीम कर में कटौती करने पर विचार कर रही है. एजेंसी ने कहा था कि कमेटी कर दर को 30 प्रतिशत से 25 करने पर विचार कर रही है.

हालांकि यह उस समय मंत्रालय ने इसकी पुष्टि नहीं की थी.

अर्थव्यवस्था की चुनौतियां

आर्थिक मामलों के जानकार आशुतोष सिन्हा का कहना है कि लोगों को अर्थव्यवस्था में अधिक से अधिक नक़दी की ज़रूरत है. लेकिन सरकार ने पेट्रोल/डीज़ल के दाम में कटौती नहीं की है. इससे उत्पादों की लागत में कमी आती और अर्थव्यवस्था और मज़बूत होती.

उनके अनुसार, ”ईंधन पर टैक्स कम करने से लोगों की बचत बढ़ती, उनके हाथ में और पैसे आते और उपभोग बढ़ता, जिसमें पिछले कुछ महीनों से कमी आने के कारण चिंता का माहौल बन गया है. इस स्थिति को पलटा जा सकता है.”

आशुतोष सिन्हा कहते हैं, “साल 2008 के संकट के दौरान सरकार ने कुछ कच्चे माल और उत्पादों पर टैक्स कम किया था ताकि मांग को प्रोत्साहित किया जा सके. लेकिन ऐसा करना कोई बेहतर विकल्प नहीं है क्योंकि जीएसटी और कर वसूली में भारी कमी के चलते सरकार का राजस्व काफ़ी दबाव में है.”

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

वैश्विक अकाउंटिंग कंपनी ईएंडवाई से जुड़े परेश पारिख कहते हैं, “ये बहुत बड़ा क़दम है, अमरीका, ब्रिटेन, सिंगापुर की तरह ये क़दम पूरी दुनिया में कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के ट्रेंड के अनुसार है. इसके अलावा भारत सरकार की, देश में मैन्युफ़ैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने की नीति के ये अनुकूल है. इससे पहले एफ़डीआई में ढील भी इसी दिशा में रही है. ये फ़ैसला लेने का समय बहुत सही है क्योंकि अमरीकी कंपनियां मैन्युफ़ैक्चरिंग के लिए चीन से बाहर देख रही हैं.”

पीएमएस प्रभुदास लीलाधर के सीईओ अजय बोडके का कहना है, “व्यापार के लिहाज़ से भारत को पसंदीदा जगह बनाने के लिए और अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के मक़सद से सरकार ने कई घोषणाएं की हैं जो कि गिरती अर्थव्यवस्था में एक नई ताक़त पैदा करेगी. मौजूदा घरेलू कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती कर इसे 35 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक करके और एक अक्तूबर के बाद मैन्यूफ़ैक्चरिंग के क्षेत्र में आने और 2023 से पहले अपना संचालन शुरू करने वाली नई कंपनियों के लिए 15 प्रतिशत टैक्स करके सरकार ने लाल क़ालीन बिछा दी है जोकि आने वाले 5-10 सालों में एफ़डीआई और एफ़आईआई के अरबो डॉलर निवेश को सुनिश्चित करेगा.”

उन्होंने कहा, “सही मायने में रोशनी का त्योहार पहले आया है जो भारतीय अर्थव्यवस्था के अंधेरे को ख़त्म करेगा.”

हिंदुजा ग्रुप के को-चेयरमैन गोपीचंद पी हिंदुजा के अनुसार, “वित्त मंत्री द्वारा कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की घोषणा एक बहुत बढ़िया क़दम है जोकि भारतीय अर्थव्यवस्था और मैन्युफ़ैक्चरिंग सेक्टर में जान डालने के लिए बहुत ज़रूरी था. ये दिखाता है कि अर्थव्यवस्था में हमारे सामने जो चुनौतियां है उसके लिए सरकार पूरी तरह तैयार है. मैं चाहता हूं कि इस तरह के और क़दम उठाए जाएं, जोकि पहले से कर रही है.”

जानिए शेख चिल्ली को, जो विद्वान के साथ दारा शिकोह का गुरु भी था

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आमतौर पर हम लोग शेख चिल्ली को एक हसोड़ और ख्यालीपुलाव पकाने वाले शख्स के तौर पर जानते हैं. उसकी इसी तरह की ना जाने कितनी कहानियां और मुहावरे हमारे इर्द-गिर्द बचपन से रहे हैं. ऐसे में जब लोकप्रिय टीवी शो “कौन बनेगा करोड़पति” में एक सवाल के जवाब में बताया गया कि शेख चिल्ली मुगल बादशाह शाहजहां के पुत्र दारा शिकोह का गुरु थे, तो चौंकना स्वाभाविक था. शेख चिल्ली के बारे में जो बातें पता लगीं, वो उसके प्रति नजरिया बदलने के लिए काफी हैं. वो ना केवल विद्धान थे बल्कि जाने-माने सूफी संत भी.

बताते हैं दारा शिकोह अपने आध्यात्मिक गुरु शेख चिल्ली का बहुत सम्मान करते थे. उनके सम्मान में मकबरा भी बनवाया. सूफी संत शेख चिल्ली का असल नाम सूफी अब्द उर रज्जाक था. वो शेख चिल्ली के नाम से ज्यादा लोकप्रिय थे. वो ज्ञान और उदारता के लिए जाने जाते थे.

कई नामों से जाने जाते थे 

शेख चिल्ली मुगल शहजादे दारा शिकोह (1650) के गुरु थे. शाहजहां खुद उनका बहुत सम्मान करते थे. बताया जाता है कि मुग़ल बादशाह शाहजहां का बेटा दारा शिकोह शेख चिल्ली का बड़ा प्रशंसक था. उसने उनसे कई महत्त्वपूर्ण बातें सीखी. उन्हें अब्द उर्र रहीम, अलैस अब्द उइ करीम, अलैस अब्द उर्र रज्जाक के नाम से भी जाना जाता था. उस समय के लोग मानते थे कि वो महान दरवेश हैं. उनके नाम पर बनाया मकबरा हरियाणा के कुरुक्षेत्र के थानेश्वर में है.

थानेश्वर में शेख चिल्ली मकबरा

बलूचिस्तान में जन्म हुआ

ऐसा माना जाता है कि शेख चिल्ली का जन्म बलूचिस्तान के खानाबदोश कबीले में हुआ था. वो लगातार घुमक्कड़ी करते थे. यही घुमक्कड़ी उन्हें भारत ले आई. वैसे शेखचिल्ली ऐसी कहानियों के नायक हैं, जो आम लोक-जीवन के संघर्षों से बार-बार उबरता है. बार-बार उन्हीं संघर्षों में जुट जाता है. उसमें ईमानदारी है, निष्ठा है, मर्यादा है, परिस्थितिजन्य विवेक है. सबसे बड़ी बात ये भी कि कि वो वर्तमान में जीता है.

अपनी बातों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते थे
दरअसल शेख चिल्ली भारतीय उपमहाद्वीप में एक रोचक चरित्र के रूप में बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय है. उनके बारे में शायद इतनी कहानियां इसलिए बनीं और गढ़ीं गईं, क्योंकि वो कभी ना तो व्यावहारिक की परवाह करते थे और ना ही दिखावे में रहते थे. बल्कि वो अपनी बातों से ही लोगों को मुग्ध कर देते थे. उनके बारे में ये भी कहा जाता है कि वो दिन में सपने देखते थे. बाद में उनकी इसी आदत ने उन्हें कॉमिक कैरेक्टर बना दिया.

शेख चिल्ली का ये मकबरा बेहद खूबसूरत है

बेहद खूबसूरत है उनका मकबरा
शेख चिल्ली का मकबरा कुरुक्षेत्र के बाहरी इलाके में एक ऊंचे टीले पर बनाया गया है. ये बहुत ही खूबसूरत है, जो मुग़ल वास्तुकला का बखूबी बखान करता है. इस मकबरे को बनाने में बलुआ पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है. ये मकबरा परिपत्र ड्रम के आकार का है जहां मकबरे का गुम्बद नाशपाती के आकार का है.

महान संत की कब्र मकबरे के निचले सदन में बिलकुल केंद्र में स्थित है. इस मकबरे के ठीक बगल में संत कि पत्नी की भी कब्र है जिसका निर्माण सैंड स्टोन से किया गया है. देखने पर ये मकबरा कुछ हद तक आगरा के ताजमहल से मिलता जुलता है. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा दोनों ही इमारतों को संरक्षित इमारतों का दर्जा दिया जा चुका है.

जनता और पत्रकारिता की ताकत से SIT ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया : प्रियंका गांधी

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 लॉ स्टूडेंट के यौन शोषण मामले में गिरफ्तार पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. रेप के आरोपी चिन्मयानंद की देर से गिरफ्तारी होने पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी प्रियंका गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘बीजेपी सरकार की चमड़ी इतनी मोटी है कि जब तक पीड़िता को यह न कहना पड़े कि मैं आत्मदाह कर लूंगी, तब तक सरकार कोई एक्शन नहीं लेती. यह जनता, पत्रकारिता की ताकत थी कि SIT को बीजेपी नेता चिन्मयानन्द को गिरफ्तार करना पड़ा.’

चिन्मयानंद की गिरफ्तारी को प्रियंका ने जनता और पत्रकारिता की जीत बताया. प्रियंका ने कहा कि जनता ने सुनिश्चित किया कि बेटी बचाओ, बेटी केवल नारों में न रहे बल्कि धरातल पर उतरे.

https://twitter.com/priyankagandhi/status/1174922474217033731

भाजपा सरकार की चमड़ी इतनी मोटी है कि जब तक पीड़िता को ये न कहना पड़े कि मैं आत्मदाह कर लूँगी, तब तक सरकार कोई एक्शन नहीं लेती।

ये जनता, पत्रकारिता की ताकत थी कि SIT को भाजपा नेता चिन्मयानन्द को गिरफ़्तार करना पड़ा।

स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) की टीम ने बीजेपी नेता चिन्मयानंद को शुक्रवार को उनके आश्रम से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उनका मेडिकल टेस्ट कराकर एसआईटी ने उन्हें कोर्ट में पेश किया. उधर चिन्मयानंद की वकील पूजा सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को बताया कि चिन्मयानंद को घर से ही गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि एसआईटी की ओर से अभी तक एफआईआर की कॉपी या फिर अन्य कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. वकील ने बताया कि एसआईटी ओर से उनके एक परिजन से अरेस्ट मेमो पर साइन कराया गया था, जिसके बाद गिरफ्तारी हुई.

बता दें कि बीते सोमवार को पीड़ित छात्रा का 164 के तहत कलमबंद बयान दर्ज करवाया गया था. उसके बाद से ही पीड़िता आरोपी चिन्मयानंद के खिलाफ रेप का केस दर्ज करने और उसकी गिरफ्तारी की मांग कर रही थी. पीड़िता ने बुधवार को चिन्मयानंद की गिरफ्तारी न होने की सूरत में आत्मदाह की धमकी दी थी.

शाहजहांपुर के एसएस लॉ कॉलेज से एलएलएम की पढ़ाई कर रही छात्रा ने बीते 24 अगस्त को फेसबुक पर एक वीडियो वायरल कर पूर्व केंद्रीय मंत्री पर यौन शोषण का गंभीर आरोप लगाया था. वीडियो सामने आने के बाद अचानक वो लापता हो गई थी. जिसके बाद उसके अपहरण का मामला दर्ज हुआ था.

दुनिया का पहला डुअल सेल्फी पॉप-अप कैमरे वाला Vivo V17 Pro भारत में हुआ लॉन्च, जानें कीमत

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चीन की फोन बनाने वाली कंपनी वीवो आज Vivo V17 Pro को आज भारत में लॉन्च कर दिया है. यह दुनिया का पहसा डुअल पॉप-अप सेल्फी कैमरे वाला फोन है. रियर कैमरे की बात करें तो इसमें क्वॉड कैमरा सेट-अप दिया गया है. Vivo V17 Pro की लॉन्चिंग की शुरुआत दोपहर 12 बजे से हुई.

बता दें कि इसके लॉन्च की घोषणा पिछले हफ्ते ही कर दी गई थी. पिछले हफ्ते कंपनी इसका टीज़र रिलीज़ किया था जिससे पॉप-अप सेल्फी कैमरे के बारे में पता चला था तभी से इसके बारे में लगातार चर्चा हो रही थी. साथ ही एक लीक्ड रिपोर्ट से इसके डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स को लेकर भी पहले ही सारी जानकारियां सामने आ गई थीं.

क्यो होगी कीमत-
यह फोन 8जीबी रैम+128जीबी इंटरनल स्टोरेज के साथ आएगा. यह कस्टमर्स को दो रंगों- ग्लैशियर आइस और मिडनाइट ओशम में उपलब्ध होगा. इसकी कीमत 29,990 रुपये होगी.

मिलेंगे कई ऑफर्स-
>>HDFC और ICICI के क्रेडिट और डेबिट कार्ड से खरीदने पर 10 फीसदी का कैशबैक

>>IDFC फर्स्ट बैंक से 8 महीने के कार्यकाल में ज़ीरो डाउन पेमेंट करने पर 5 फीसदी का एडिशनल कैशबैक
>>वीवो कैशिफाइ (Vivo Cashify) से पुराने फोन को एक्सचेंज करने पर 1999 रुपये का गिफ्ट. वोडाफोन, आइडिया कस्टमर्स के लिए 50 फीसदी का निश्चित बाईबैक ऑफर

32MP डुअल पॉप-अप सेल्फी कैमरा-
32 मेगापिक्सेल का डुअल सुपर वाइड एंगल कैमरा सेल्फी को और भी खूबसूरत बनाता है और व्यू को 105 डिग्री तक एक्सटेंड कर देता है. इससे रात में भी सेल्फी लेना काफी बेहतर होगा. सुपर नाइट सेल्फी बहुत ही स्मार्ट तरीके से मल्टीपल फ्रेम का प्रयोग करता है और पिक्चर की ब्राइटनेस को ऑप्टिमाइज़ करता है.

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस वाला 48MP का क्वॉडकोर कैमरा-
इसमें 48 मेगापिक्सेल का बेहतरीन क्वॉडकोर कैमरा दिया गया है. इसमें 48 MP का AI रियर कैमरा, 13 MP टेलीफोटो, 8 MP आर्टिफिशिलय इंटेलीजेंस वाइड एंगल कैमरा है. नाइट फोटोग्राफी के लिए ये बेस्ट है. तेज़ी से प्रोसेसिंग और मल्टी फ्रेम नॉइज़ रिडक्शन टेक्नॉलजी से कंज्यूमर्स रात की सारी फोटोज़ को काफी बेहतरीन तरीके से कैप्चर कर सकते हैं.

छत्तीसगढ़ : 9 महीने के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने नौकरी से निकाले 5 हजार से अधिक कर्मचारी

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 छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों पर सरकार का कहर टूटा है. यही वजह है कि साढ़े 5 हजार से अधिक अनियमित कर्मचारी कांग्रेस के 9 महीने के शासनकाल में बाहर किए जा चुके हैं. जबकि विपक्ष में रहते कांग्रेस ने ही अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था. प्रदेश में 1 लाख 80 हजार के करीब अनियमित कर्मचारी हैं, जो नाराज होकर बीते साल लंबा आंदोलन करके पिछली सरकार के लिए मुसीबतें खड़ी कर दिए थे. उस आंदोलन के समय ही कांग्रेस ने इनसे वादा किया था कि सरकार बनने पर सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा.

विपक्ष में रहने के दौरान कांग्रेस ने किसी भी कर्मचारी को बाहर नहीं करने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनते ही कांग्रेस शायद अपने किए वादे भूल चुकी है. यही वजह है कि कांग्रेस की सरकार बनने के बाद 9 महीने में ही करीब दर्जनभर विभागों के 5 हजार 527 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. कई विभागों में उनकी जगह पर दूसरी भर्तियां की जा रही हैं, जिसे लेकर अनियमित कर्मचारियों में भारी आक्रोश है.

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
प्रदेश के कर्मचारी नेता सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं. बता दें कि मर्कफेड से 516 कर्मचारी, कम्प्यूटर के 1975 शिक्षक, स्कूल शिक्षा विभाग के 653 कर्मचारी, सूरजपुर स्वास्थ्य विभाग के 31 कर्मचारी निकाले जा चुके हैं. इसके अलावा अन्य विभागों से भी कर्मचारियों को निकाला गया है. तृतीय वर्ग कर्मचारी विजया चन्द्राकर का कहना है कि सरकार ने कर्मचारियों से किए वायदे को पूरा नहीं किया है. कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी का कहना है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं को बाहर किया गया है. वहीं मंत्री रविन्द्र चौबे प्लेसमेंट के कर्मचारियों को बाहर किए जाने की दलील दे रहे हैं.

छत्तीसगढ़ : पत्नी से झगड़े के बाद बिल्डिंग पर चढ़ा पति, तीसरे माले से छलांग लगाकर की खुदकुशी

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शहर के फूल चौक स्थित RDA कॉम्प्लेक्स में गुरुवार रात अचानक हंगामा हो गया. बिल्डिंग के तीसरे माले से कूदकर एक शख्स ने खुदकुशी कर ली थी. युवक की मौके पर ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि युवक का उसकी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. झगड़े के बाद वो बिल्डिंग पर चढ़ गया और छलांग लगा दी. मृतक का नाम विनोद विश्वास बताया जा रहा है. फिलहाल मौदहापारा पुलिस मामले की जांच कर रही है.

पत्नी से हुआ था झगड़ा

मिली जानकारी के मुताबिक, विनोद विश्वास वेटर का काम करता था. वो अपनी पत्नी के साथ आरडीए बिल्डिंग के पास एक किराए के मकान में रहता था. बताया जा रहा है कि हर रोज की तरह गुरुवार रात तकरीबन 9 बजे वो काम खत्म कर अपने घर गया. घर पहुंचने पर किसी बात को लेकर पति और पत्नी के बीच विवाद हो गया.

विवाद के बाद उठाया ये कदम

विनोद विश्वास का किसी बात को लेकर अपनी पत्नी से गुरुवार रात विवाद हो गया. विवाद बढ़ गया और विनोद अपने घर से निकल गया. कुछ देर बाद युवक RDA बिल्डिंग पर चढ़ गया. फिर उसने तीसरे माले से छलांग लगाकर सुसाइड कर लिया. युवक की मौके पर ही मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच करने की बात कर रही है.