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उपचुनाव का प्रदर्शन विपक्ष के लिए तैयार करेगा 2022 का रास्ता

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लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का गठबंधन सत्तारूढ़ दल को अपेक्षित चुनौती नहीं दे पाया। चुनाव परिणाम आने के बाद ही गठबंधन टूट गया। प्रदेश में होने वाले उपचुनाव में भाजपा के लिए खुला आसमान है। विपक्ष पूरी तरह से बिखरा हुआ है। सपा के लिए बसपा के दलित मुस्लिम गठजोड़ को बेअसर करना बड़ी चुनौती है।

इस छोटे चुनाव का असर 2022 में दिखेगा, इसलिए सपा ने बड़ी रणनीति बनाकर तैयारी कर रही है। विपक्ष का यह प्रदर्शन 2022 में आने वाले विधानसभा चुनाव का रास्ता तैयार करेगा।

उधर, बहुजन समाज पार्टी ने पहली बार पूरी तैयारी के साथ उपचुनाव लड़ने की घोषणा की है और बसपा मुखिया मायावती ने इस संदर्भ में बैठकें भी शुरू की हैं, लेकिन वह भाजपा को अकेले चुनौती देने में कितनी कारगर साबित होंगी यह तो आने वाला समय बताएगा। प्रत्याशियों का नाम घोषित करने के मामले में बसपा ने बाजी मारी है। पहली बार उपचुनाव लड़ रही बसपा ने जीतने को दलित-ब्राह्मण-मुस्लिम समीकरण बनाने की रणनीति बनाई है। इसके साथ ही पार्टी के समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं पर दांव भी लगाया है।

इसमें से चार सुरक्षित सीटों इगलास, बलहा, टूंडला व जैदपुर को छोड़कर मुस्लिमों व ब्राह्मणों को तीन-तीन टिकट दिए हैं। बसपा ब्राह्मण, मुस्लिम और दलित का वोट समीकरण तैयार करके कांग्रेस और सपा से बढ़त लेने की कोशिश में है।

ज्ञात हो कि बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन का ठीकरा सीधा समाजवादी पार्टी पर फोड़ा था। उन्होंने कहा था कि जब सपा को ही यादवों का वोट नहीं मिला तो बसपा को उनका वोट कैसे मिला होगा। यूपी में लोकसभा चुनाव के नतीजों में समाजवादी पार्टी का आधार वोट बैंक (यादव) ही हमको अपेक्षित रूप में नहीं मिला। यहां तक कि सपा के मजबूत दावेदार भी हार गए।

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रेमशंकर मिश्रा का कहना है विपक्ष का रुख इस बार देखना दिलचस्प होगा। अपनी स्थापना के बाद बसपा पहली बार उपचुनाव लड़ने जा रही है। अभी तक वह उपचुनाव में नहीं थी। सपा अलग चुनाव लड़ रही है। ऐसी स्थिति में यह देखना होगा कि विपक्ष के लिए यह जमीन कैसी है, क्योंकि यह परिणाम जितना पक्ष के लिए महत्वपूर्ण है, उतना विपक्ष के लिए भी जरूरी है। कहीं इस चुनाव में बसपा हावी रही तो यह सपा के लिए खतरे की घंटी होगी, क्योंकि दोनों अभी गठबंधन से उबरे हैं। अगर सपा को बढ़त हासिल हुई तो यह उनके लिए संजीवनी साबित होगी। अन्यथा चुनौतियां बढ़ेंगी। कांग्रेस अभी चर्चा में कहीं नहीं है। एक-आध सीटों को छोड़ दें तो फिलहाल कांग्रेस की डगर अभी बहुत कठिन है।

एक अन्य राजनीतिक विश्लेषक रतनमणि लाल ने कहा कि कांग्रेस में अभी उपचुनाव को लेकर कोई तैयारी नहीं दिख रही है। जब तक प्रियंका आकर कोई घोषणा नहीं करती है, तब तक इसमें कोई तेजी नहीं आएगी। कांग्रेस फिलहाल रस्म अदायगी की तरह ही उपचुनाव में जोर आजमाइश करेगी। सपा ने आजम खां के मुद्दे और दो तीन मुद्दे पर शोर मचाकर अपना ध्यान जरूर आकृष्ट कराने का प्रयास किया है। साथ ही कुछ जगह पर अपने प्रत्याशी भी उतार दिए हैं। अपने काडर में उत्साह भरने के लिए अखिलेश और भी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि बसपा के लिए यह चुनाव बड़ी चुनौती है। वह चाहेगी कि इस चुनाव से वह मुख्य विपक्षी बन जाए। बसपा जो कि उपचुनाव नहीं लड़ती थी, वह इस बार गंभीरता से ले रही है। उन्होंने चुनाव को लेकर पार्टी में काफी फेरबदल कर दिया है। चुनाव को देखते हुए बसपा ने मंडल कोआर्डिनेटर और कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों का बदलाव किया है। सत्तारूढ़ दल के लिए यह प्रतिष्ठा की बात है। वह ज्यादा से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करना चाहेंगे। अब देखना है कि वह लोकसभा और विधानसभा की तरह अपना प्रदर्शन कर पाएंगे, क्योंकि उपचुनाव में पिछला रिकार्ड इनका अच्छा नहीं रहा है।

समाजवादी पार्टी के एक पदाधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर बताया, ‘गठबंधन के कारण हमारी पार्टी को बहुत कुछ झेलना पड़ रहा है। मायावती लोकसभा चुनाव के दौरान सपा पर हावी रही हैं। उधर अखिलेश विदेश में होने के कारण सही जवाब भी नहीं दे पाए। अब उपचुनाव में करो या मरो का सिद्धांत लागू होगा, क्योंकि बहुत सारे नेता पार्टी छोड़कर इधर-उधर जा रहे हैं। सपा को अपना वोट बैंक संभालना बड़ी चुनौती होगी।’

फिलहाल सपा, बसपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशी घोशित कर दिए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उपचुनाव के साथ संगठन के पुनर्गठन की तैयारी में जुटे रहें। चुनाव वाले जिलों से स्थानीय प्रमुख नेताओं के नामों की सूची मंगाने के साथ ही पूर्व मंत्रियों को भी जिम्मेदारी सौंपी है।

अपने वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधियों की भी ड्यूटी लगा रही है। मुस्लिम नेताओं के साथ पिछड़े वर्ग के कार्यकर्ताओं से पहुंचने के लिए कहा गया है। आसपास के जिलों से भी सपाइयों को चुनाव जुटने के निर्देश दिए गए हैं।

ज्ञात हो कि हमीरपुर में उप चुनाव अगले सप्ताह ही होना है, जबकि सहारनपुर के गंगोह, रामपुर, अलीगढ़ के इगलास, फीरोजाबाद के टुंडला, कानपुर के गोविंदनगर, चित्रकूट के मानिकपुर, लखनऊ के कैंट, बाराबंकी के जैदपुर, अंबेडकरनगर के जलालपुर, प्रतापगढ़, बहराइच की बलहा और मऊ जिले की घोसी सीट पर उपचुनाव की अधिसूचना जारी होनी है।

यौन शोषण के आरोपी स्वामी चिन्मयानंद को SIT ने किया गिरफ्तार

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यौन शोषण के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया गया है. स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) ने चिन्मयानंद को शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया है. एसआईटी ने स्वामी चिन्मयानंद को स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर आश्रम से गिरफ्तार किया है.

चिन्मयानंद को चौक कोतवाली लाया गया उसके बाद पुलिस लाइन ले जाया गया. जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है. फिलहाल कोई भी पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी की कोई पुष्टि नहीं कर रहा है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के कॉलेज में एलएलएम की छात्रा ने 24 अगस्त को एक वीडियो वायरल किया था जिसमें उसने चिन्मयानंद पर आरोप लगाया था कि उसने उसकी और कई अन्य लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी है.

इसके साथ ही उसने अपने और अपने परिवार की जान का खतरा बताया था. विडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण और जान से मारने की धमकी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था.

मुख्यमंत्री से वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड श्री जुनैद कमाल अहमद ने की मुलाकात : वर्ल्ड बैंक छत्तीसगढ़ सरकार की ’नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी’ योजना में करेगा मदद…

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वर्ल्ड बैंक छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी गांव योजना ’नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी विकास योजना’ के लिए मदद देगा। रायपुर के प्रवास पर आए वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड श्री जुनैद कमाल अहमद ने आज सवेरे यहां मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात की। श्री अहमद ने मुख्यमंत्री श्री बघेल और इस अवसर पर उपस्थित कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे के साथ छत्तीसगढ़ के कृषि की दृष्टि के कम विकसित क्षेत्रों में नई तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने और कृषि उत्पादन में वृद्धि के उपायों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री ने श्री अहमद को प्रदेश में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए प्रारम्भ की गई सुराजी गांव योजना ’नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी विकास योजना’ की विस्तृत जानकारी दी। श्री बघेल ने बताया कि इस योजना में ग्रामीणों का स्वतःस्फूर्त सहयोग मिल रहा है। श्री जुनैद ने खेती-किसानी की प्रगति के लिए शुरू की गई इस योजना की सराहना करते हुए, छत्तीसगढ़ में ’नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी विकास योजना’, कृषि क्षेत्र के विकास और कृषि आधारभूत संरचनाओं के लिए वर्ल्ड बैंक के माध्यम से हर-संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
श्री बघेल ने वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड श्री जुनैद को बताया कि नरवा योजना में नदी-नालों को रिचार्ज करने का कार्य किया जा रहा है। गरवा के माध्यम से पशुधन विकास के कार्य किये जा रहे हैं। जिसमें गांवों में गौठान और चारागाह विकसित किये जा रहे हैं। गौठानों को पशुओं के डे-केयर सेन्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पशुओं के लिए छाया और पानी की व्यवस्था की जा रही है, साथ ही पशुओं के गोबर से घुरवा में कम्पोस्ट और वर्मी खाद तथा बायो गैस का उत्पादन किया जाएगा। गौठानों में पशु नस्ल सुधार के कार्यो के साथ दुग्ध उत्पादन के लिए भी कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कार्य से गांव के महिला स्वसहायता समूहों और युवाओं को जोड़ा जा रहा है। इस योजना से पशुओं से फसल बचाने के लिए खेतों को घेरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, किसानों को जैविक खाद उपलब्ध होगी, कृषि लागत कम होगी, लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में दो हजार गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है जिनमें से लगभग डेढ़ हजार गौठान बन गए हैं। बाड़ी योजना में किसानों के घरों की बाड़ी में सब्जियों और मौसमी फलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पौष्टिक आहार उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री के.डी.पी. राव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी और मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा सहित सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ – श्री भूपेश बघेल ने शिक्षक बन सुनाई भौंरा चलाने की कहानी मुख्यमंत्री ने जब बच्चों से पूछा : दो भौंरा और बच्चे तीन तो कैसे खेेलोगे : भिलाई में ‘नींव और भाषा पिटारा’ कार्यक्रम का किया शुभारंभ…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज भिलाई में स्कूल शिक्षा विभाग और लैग्वेज लर्निंग फांउडेशन द्वारा आयोजित ‘नींव और भाषा पिटारा’ कार्यक्रम में शिक्षक बनकर बच्चों को ’चलब भौंरा चलाबो’ कहानी सुनाई। उनके कहानी सुनाने का अंदाज बिल्कुल नये लर्निंग आउटकम के तरीकों पर आधारित था। उन्होंने बच्चों से पहले भौंरा के बारे में बताया, फिर कहा कि अगर भौंरा दो और बच्चे तीन हों तो कैसे खेलोगे। ऐसी ही दिक्कत हेमा, भोला और केशव के साथ थी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा, बताओं आप होते तो कैसे खेलते, फिर बताया कि पहले दो बच्चे खेलेंगे, जिसका भौंरा पहले गिरेगा वो तीसरे को दे देगा। मुख्यमंत्री ने जब स्वयं भौंरा चलाया तो सभी बच्चे खुशी से झूम उठे।  मुख्यमंत्री आज वैशाली नगर भिलाई के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नींव और भाषा पिटारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने यहां अटल टिंकरिंग लैब के लोकार्पण के साथ ही सोया मिल्क का वितरण शुरू किया। इसके साथ ही नींव कार्यक्रम संबंधित सामग्री और भाषा पिटारा का विमोचन करते हुए नींव कार्यक्रम की कक्षा का अवलोकन किया।

 मुख्यमंत्री श्री बघेल कार्यक्रम के दौरान प्राथमिक शाला के बच्चों को छत्तीसगढ़ी में भौंरा नामक पाठ पढ़ाया और बच्चों के साथ भोंरा चलाने की गतिविधि और किसका भौंरा ज्यादा देर तक टिक पाता है यह सब करते हुए भाषा और गणित को एक साथ कैसे पढ़ाया जाता है इसका एक आदर्श पाठ बच्चों के साथ रोचक तरीके से प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब का उद्घाटन कर वहां बच्चों से विज्ञान शिक्षण के बारे में बात की और उन्हें विभिन्न प्रयोग करते हुए देखा। इस दौरान राज्य स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में चयनित बच्चों के साथ चर्चा भी की। इस मौके पर राज्य में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कबाड़ से जुगाड़ मॉडल का प्रदर्शन और जिले में गणित लैब के लिए तैयार विभिन्न सामग्री का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सुरेन्द्र पाण्डेय द्वारा लिखित सचित्र पुस्तक ’चलव भौंरा चलाबो’ का विमोचन भी किया।

भाषा पिटारा:- भाषा एवं साक्षरता संबंधित चुनौतियों के समाधान और गुणवत्तापरक विकास हेतु एल. एल. एफ द्वारा ‘भाषा पिटारा’ तैयार किया गया है। इस संग्रह में प्रारंभिक भाषा शिक्षण से जुड़े कुल 10 मुख्य विषयों (मौखिक भाषा विकास, ध्वनि जागरुकता, उभरती साक्षरता, शब्द भंडार, डिकोडिंग, पठन और उसकी रणनीतियाँ, पढ़ कर समझना, लेखन सीखना और अकादमिक सहयोग) पर 48 हैण्ड आउट और 4 गतिविधि संग्रह (मौखिक भाषा विकास की गतिविधियां, ध्वनि जागरुकता की गतिविधियां, शब्द भंडार के विकास की गतिविधियाँ, डिकोडिंग सिखाने की गतिविधियां) हैं।

    ‘नींव’ :- अधिगम संवर्धन कार्यक्रम :- यह कार्यक्रम राजीव गाँधी शिक्षा मिशन एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् रायपुर द्वारा लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन के साथ मिलकर दुर्ग जिले के दो ब्लॉक (पाटन और दुर्ग) के 200 स्कूलों में शुरू किया है, जिससे इस वर्ष के अंत तक 4 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। यह कार्यक्रम वर्ष 2021 तक दुर्ग जिले के लगभग सभी स्कूलों में संचालित किया जाना है, जिससे लगभग 20 हजार बच्चों को लाभ मिलेेगा। कार्यक्रम से बच्चों के हिंदी भाषा विकास और साक्षरता कौशलों में विशेष सुधार होगा। कक्षा 2 के अंत तक बच्चे उभरते हुए ऐसे पाठक के तौर पर आएँगे जो अपने स्तर के पाठ प्रवाहपूर्वक पढ़ सकेंगे और अपने अनुभव के आधार पर उससे अर्थ निर्माण कर पाएंगे। साथ ही अपने अनुभव, विचार, कल्पना, और भाव को वाक्यों में लिखने में सक्षम होंगे।

चार साल तक एक ही जगह पर मालिक का इंतजार करता रहा कुत्ता, फिर ऐसे हुई भावुक मुलाकात

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कहते हैं कि उम्मीद पर ही दुनिया टिकी हुई है। जीवन में उम्मीद ना हो तो कुछ नहीं है और उम्मीद है तो सब कुछ है। कुछ ऐसा ही उम्मीद से जुड़ा एक मामला थाईलैंड में सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। दरअसल, यहां एक कुत्ता अपने मालिक से बिछड़ने के बाद चार साल तक एक ही जगह पर उसका इंतजार करता रहा। इस उम्मीद में कि उसका मालिक आएगा और उसे अपने साथ ले जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुत्ते का नाम लियो है और वह थाईलैंड के खोन केइन शहर में सड़क के किनारे खड़े होकर अपने मालिक का इंतजार कर रहा था। राहगीरों को लगता था कि वो कोई जंगली कुत्ता है, लेकिन एक ही जगह पर कई महीनों तक उसके बैठे और खड़े रहने की वजह से वो भी आश्चर्यचकित थे।

आखिरकार राहगीरों ने कुत्ते की तस्वीर खींचकर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद वो चर्चा का विषय बन गया। हालांकि इस बीच साओवालक नाम की एक महिला उस कुत्ते को अपने घर ले गईं और उसका इलाज कराया, लेकिन कुछ दिनों के बाद लियो वहां से भागकर फिर उसी सड़क के किनारे जाकर खड़ा हो गया।

अब साओवालक को ये समझ आ गया था कि लियो को किसी का इंतजार है, इसलिए वो उसे फिर से अपने साथ नहीं ले गईं, लेकिन उसके लिए वो रोज खाना और पानी लेकर आती थीं। इस बीच सोशल मीडिया पर लियो की तस्वीरें लगातार वायरल होती रहीं।

लियो की वायरल तस्वीर 64 वर्षीय नेंग नोई नाम की महिला की बेटी के पास भी पहुंची, जिसके बाद उसने वो तस्वीर अपनी मां को दिखाई। लियो की तस्वीर देखकर नेंग नोई रो पड़ीं और तुरंत अपनी बेटी को साथ लेकर उस जगह पर पहुंच गईं, जहां लियो सालों से उनके इंतजार में बैठा था। इस दौरान नेंग ने वो कहानी भी बताई कि कैसे वो लियो से बिछड़ गई थीं।

नेंग नोई के मुताबिक, 16 फरवरी, 2015 को वो अपने पति के साथ अपनी बेटी को देखने बॉनबॉन गई थीं। सफर के दौरान जैसे ही गाड़ी सिग्नल पर रूकी, लियो गाड़ी से निकल कर बाहर चला गया, लेकिन वो उसे देख नहीं पाए। जब बाद में पता चला तो नेंग और उनके पति दोनों वापस बॉनबॉन पहुंचे और लियो को ढूंढा, लेकिन वो कहीं नहीं मिला, जिसके बाद वो निराश होकर चले गए। अब चार साल के लंबे इंतजार के बाद लियो उन्हें और लियो को उसके मालिक मिल गए हैं।

इस शख्स ने अपने शरीर के हर हिस्से पर बनवा लिए हैं टैटू, अब तक इन पर खर्च कर चुका है 27 लाख रुपए

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क्रिस डैलजेल नाम का ये 33 वर्षीय युवक अपने शौक पर 27 लाख रूपए खर्च कर चुका है. पैसे से सैफ का काम करने वाला ये युवक दो बच्चों का पिता है, जिसे अजीब दिखने का शौक है. क्रिस ने खुद को अजीब दिखने के लिए शरीर पर टैटू ही टैटू बना रखें है. क्रिस की उम्र जब 16 साल की थी, तभी से इन्होंने शरीर पर टैटू बनाना शुरू कर दिया था. अब तक ये अपने शरीर पर 600 टेटू बनवा चुके है.

क्रिस को टैटू बनाने का इस कदर नशा लगा है कि वो शरीर का कोई भी हिस्सा बिना टेटू नहीं छोड़ना चाहते. कृष की इच्छा है कि उनके शरीर का हर इंच टैटू से छुप जाना चाहिए. क्रिस अपने प्राइवेट पार्ट और तलवों पर भी टैटू बनवाना चाहते हैं. अभी क्रिष ने एक और टेटू बनवाने के लिए उन्होंने अगले हफ्ते तक की अपॉइंटमेंट ली है.

क्रिस ने बताया कि जब वो अपने शरीर पर टैटू बनवाते हैं तो उन्हें काफी दर्द सहना पड़ता है. एक बार जब उन्होंने अपनी पलकों पर टैटू बनवाया था तो असहनीय दर्द हुआ और वो तीन दिन तक अंधे भी हो गए थे. क्रिस का मानना है कि इसके प्रति लोगों की क्या राय है, उससे उन्हें कोई मतलब नहीं है. उन्हें उन्हें बस टैटू बनाना अच्छा लगता है और टैटू बनवाने से होने वाला दर्द भी रोमांचित करता है.

मिरर यूके को दिए गए इंटरव्यू में क्रिस ने बताया कि जब भी वो किसी से मिलते हैं तो लोग अलग-अलग रिएक्शन देते हैं. कुछ लोग तो उन्हें देख कर डर जाते हैं, तो काफी लोग इसे पसंद भी करते हैं. क्रिस ने बताया कि मुझे अचरज होता है जब लोग मुझे देख कर डर जाते हैं. अगर मेरे शरीर पर टैटू बने हैं तो इसका यह मतलब तो नही की मैं कोई खतरनाक इंसान हूं.

क्रिस ने बताया कि जब वो टैटू बनवाते हैं तो उन्हें कई कई दिन का समय लग जाता है. जब उन्होंने अपने चेहरे पर टैटू बनावाया तो 48 घंटे, दोनों हाथों पर बनवाया था 120 घंटे और बाएं पैर पर बनाया था 160 घंटे लगे थे.

क्रिस ने बताया कि यह टैटू उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है. एक बार जब उनकी बेटी बीमार हो गई थी तो इन्ही टैटूज ने क्रिस को सहारा दिया था. कृष कहते हैं कि अगर आप दुनिया में अलग दिखना चाहते हो तो किसी भी आसान तरीके से दिख सकते हो.

फ्लाइट से घर के ऊपर गिरी बर्फ जैसी एक चीज, कपल ने उसे उठाकर फ्रिज में रख दिया, जब बाद में देखा तो..

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लंदन का एक कपल अपने घर में आराम फरमा रहा था. तभी एक जोरदार धमाका हुआ इस कपल ने सोचा कि बाहर कोई कार टकरा गई है. लेकिन जब वो दौड़कर आये तो उन्होंने देखा की यह धमाका उन्हीं के घर में हुआ था. उनके सामने एक बक्सा पड़ा था जो छत को चीरते हुए अंदर आया था. हैरान कर देने वाली बात यह थी कि यह बक्सा ऊपर से गुजर रहे एक प्लेन मैं से पड़ा था. कपल ने इस बक्से की सूचना तुरंत पुलिस को दी.

खबरों के मुताबिक बताया जा रहा है कि 70 वर्षीय कैथ और उनकी पत्नी 67 वर्षीय रुथ मेड अपने घर में बैठे आराम से टीवी देख रहे थे. तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ. इस धमाके की आवाज सुनकर ये कपल दौड़कर बाहर आया. इसी दौरान इस कपल ने देखा कि बाहर एक बॉक्स पड़ा है जो ऊपर से जा रही प्लेन में से गिरा है. यह बक्शा 30000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे प्लेन से पड़ा था. जिस कारण उनके घर की छत भी टूट गई थी. घर की छत का क्लेम पाने के लिए इस कपल ने यह बक्सा अपने पास रख लिया.

बर्फ जैसी चीज समझ कर रख लिया फ्रीजर में
इस कपल ने अपने घर का इंश्योरेंस करवा रखा था. जब यह बक्सा उनकी छत पर पड़ा तो 3 फीट चौड़ा और 2 फीट लंबा छेद हो गया था. ऐसे में मुआवजा पाने के लिए इस कपल ने इस बक्से को बर्फ जैसी चीज समझ कर अपने फ्रीजर में रख लिया. हालांकि जब इस बक्से के बारे में कपल को पता चला कि इसमें प्लेन में बैठे लोगों का मल मूत्र भरा है.तो उन्होने पूरा फ्रिज खाली किया. इस कपल ने बक्से के दम पर कंपनी से ₹100000 का हर्जाना मांगा.

25 केस होते है

ब्रिटिश उड्डयन विभाग के मुताबिक यह इलाका विमानों के उड़ान क्षेत्र के नीचे पड़ता है. अनुमान के मुताबिक इस इलाके से सालाना 2500000 विमान गुजरते हैं, पर ऐसे केवल 25 केस सामने आते हैं. हालांकि अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जो बख्शा पड़ा था वो किस विमान कंपनी का था.

शख्स अपने पुराने घर की कर रहा था मरम्मत, जब खटखटाई बेसमेंट की दीवार तो वह टूट गई और फिर

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कभी-कभी इंसान जाने अनजाने में ऐसी खोज कर डालते हैं, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह जाता है. ऐसा ही मामला तुर्की के रहने वाले एक शख्स के साथ हुआ. यह शख्स अपने घर की मरम्मत करा रहा था. मरमत करवाते वक्त इसके बेसमेंट की दीवार टूट गई. दीवार टूटने पर इसके सामने जो नजारा था उसे देखकर पूरा तुर्की हैरान रह गया. दरअसल यहां पर एक ऐसी अंडरग्राउंड टनल थी जो 20000 लोगो के रहने वाले शहर से जाकर मिलती थी. सालों पहले गुम हो चुका यह शहर अचानक सामने आया जो किसी रहस्य से कम नही था.

18 मंजिला बिल्डिंग के बराबर थी गहराई

कैप्पाडोसिया में रहने वाला एक शख्स 1963 में अपने घर की मरम्मत करवा रहा था. मरम्मत करवाते वक्त इसके बेसमेंट की दीवार टूट गई. इसके बाद जब इस सख्श ने दीवार के आर पार देखा तो सामने का नजारा हैरान कर देने वाला था. इस युवक के सामने 280 फीट गहराई पर मौजूद डेरिनकुयु नाम का एक अंडरग्राउंड शहर था. ये शहर 18 मंजिला बिल्डिंग जितनी गहराई पर स्थित था. इस शहर की बनावट को देख कर पता लगा कि यहां पर 20000 लोग एक साथ रह सकते थे. इस शहर से कमरे, किचन, स्कूल, चर्च, मकबरे, कुएं, स्टोर रूम्स और जानवरों के स्तबल से लेकर वेंटिलेंशन तक मिले.

इस शहर के बारे में कहा जाता है कि अरब और बीजान्टिन के बीच जंग और प्राकृतिक आपदा से यहां के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए इसे 780 से 1180 ईस्वी के बीच बसाया गया था. ये शहर सुरक्षा की दृष्टि से बड़े सुनियोजित तरीके से बसा हुआ था. इस में दाखिल होने के लिए 600 एंट्रेंस थे. हर एंट्रेस पर एक भारी दरवाजा लगा था जो घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम कर देता. इसके अलावा हर इसकी हर फ्लोर को अलग-अलग बंद किया जा सकता था.

अब बन गया टूरिस्ट स्पॉट

आज तक दुनिया में ऐसे कई अंडरग्राउंड शहर मिल चुके हैं. पर डेरिनकुयु अपनी एक अलग ही पहचान रखता है. ये अब तक मिले शहरों में से सबसे बड़ा अंडर ग्राउंड शहर था. यहां की सरकार ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत को देखते हुए इसे टूरिस्ट स्पॉट बनाने का फैसला किया. जिसके बाद से कम्युनिटी ने कई मील तक फैले इस शहर को टनल से जोड़कर पॉपुलर टूरिस्ट स्पॉट में तब्दील कर दिया.

फ्लाइट मिस होने पर शराब के नशे में रनवे पर दौड़े बाप-बेटे, लगा इतने लाख का जुर्माना

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एयरपोर्ट के बार में एक बाप और एक बेटा शराब पीने में इतने मशगूल हो गए कि उन्हें फ्लाइट के लिए अनाउंसमेंट सुनाई नहीं दी। जब उन्हें होश आया तो वे खुद ही एक गेट खोलकर सूटकेस हाथ में लेकर रनवे पर दौड़ने लगे। बता दे, ये मामला इटली के कागलिअरी के एयरपोर्ट का है। दोनों ब्रितानी नागरिक लंदन जाने वाले थे। दोनों easyJet की फ्लाइट से उड़ान भरने वाले थे। easyJet ने भी घटना की पुष्टि की है।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, बोर्डिंग गेट पर देर से पहुंचने के कारण इन्हें एंट्री नहीं मिली तो इन्होंने इमरजेंसी गेट खोल दिया। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। स्थानीय पुलिस ने बाप-बेटे की हरकत को बेवकूफी भरा कहा है। पुलिस ने बताया कि किसी और जगह पर ऐसा करने पर इन लोगों पर गोली भी चलाई जा सकती थी। thesun.co.uk के मुताबिक, 65 साल के एन्टोनिनो लोई और 40 साल के उनके बेटे डीजे टोनी लोई पर कुल 3.4 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

एन्टोनिनो ने कहा कि वे सिर्फ अपना प्लेन पकड़ना चाहते थे। वे कोई क्रिमिनल नहीं हैं। उन्होंने नशे में होने से भी इनकार किया। लेकिन एयरपोर्ट पुलिस ऑफिसर मिम्मो बारी ने कहा कि दोनों बार में शराब पी रहे थे और अनाउंसमेंट मिस कर दिया। वही टोनी लोई ने अपने साथ हुए बर्ताव को बुरा करार दिया और जुर्माने को चैलेंज करने की बात कही। उन्होंने कहा कि आमतौर पर पहली मंजिल के गेट से बोर्डिंग होती थी, लेकिन इस बार उन्होंने नीचे के गेट से बोर्डिंग की। पुलिस वालों को आता देखकर उन्होंने समझा कि वे रेडियो पर फ्लाइट को रुकने को बोलेंगे और अपवाद के तौर पर एंट्री दिलवाएंगे।

युवक ने खरीदी 50 हजार की स्कूटी,शोरूम से बाहर लाते ही कटा एक लाख रूपये का चालान

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नए मोटर वाहन अधिनियम के लागू होने के बाद लगातार प्रेस मुद्राओं में कटौती की जा रही है। अजीबोगरीब व्यवहार के मामले भी सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में, बैलगाड़ी आंदोलन का मुद्दा काट दिया गया, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। अब ओडिशा से ऐसा मामला सामने आया है।

कटक परिवहन कार्यालय ने बिना पंजीकरण पत्र के नव-खुले एक्टिवा पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह ऑपरेशन कटक के बैराज में एक चेक-अप के दौरान हुआ। 12 सितंबर को, अरुण पांडा ने अपनी स्कूटी का संचालन किया। अगर उनकी कार नई थी, तो वाहन पर नंबर प्लेट नहीं थे।

इस कारण उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वाहन को कविता पांडा के नाम से खरीदा गया था, लेकिन 12 सितंबर तक इसका नंबर नहीं आया।

यातायात पुलिस ने इस मामले में वाणिज्यिक / निर्माता / आयातक स्तर पर की गई गलती के लिए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। आरटीओ ने शोरूम अथॉरिटी को नोटिस भेजा है।

यह हमारी गलती नहीं है। इसलिए आरटीओ को डीलर पर मुकदमा करना चाहिए। हमने पुलिस को भी सूचना दी है। नए मोटर वाहन अधिनियम के कार्यान्वयन के बाद, बिना पंजीकरण के ड्राइविंग के लिए दंड नियमों के अनुसार लगाया जा सकता है।