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चिदंबरम को नहीं मिली राहत, कोर्ट ने फिर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम को गुरुवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत से झटका लगा है। अदालत ने उन्हें फिर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यानी वह तीन अक्तूबर तक तिहाड़ जेल में ही रहेंगे। उन्हें सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार किया है। इससे पहले सीबीआई ने अदालत से चिदंबरम की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया। जिस पर चिदंबरम की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने की सीबीआई की अपील का विरोध किया।

IIFA Awards 2019 : आखिर किसको देखकर स्वरा भास्कर ने उतारी सैंडिल?

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अपने बेबाक बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाली स्वरा भास्कर एक बार फिर से सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हैं, वजह इस बार उनका कोई ट्वीट या बयान नहीं बल्कि उनकी एक हरकत है, दरअसल बुधवार रात को मुंबई में आईफा अवार्ड 2019 का आयोजन किया गया था, जिसमें बॉलीवुड और टीवी जगत की लगभग हर हस्ती ने शिरकत की, ग्रीन कार्पेट पर फिल्मी अभिनेत्रियों ने जमकर जलवे बिखेरे लेकिन स्वरा भास्कर अपने लुक की वजह से नहीं बल्कि अपनी हाई हील की सैंडिल की वजह से सुर्खियों में आ गईं।

ग्रीन कारपेट पर हाई हील्स से परेशान हुईं स्वरा भास्कर..

दरअसल अन्य अभिनेत्रियों की तरह स्वरा ने भी हाई हील और ग्लैमरस गाउन पहना हुआ था, लेकिन वो दूसरी हिरोईनों की तरह हाई हील पहनकर चल नहीं पा रही थीं, इसलिए उन्होंने स्वरा ने पैपराजी को पोज देने से पहले बिना कुछ सोचे अपनी हील्स उतारी और फिर मीडिया के कैमरों को मुस्कुराते हुए पोज दिए, जिसके बाद उनकी सैंडिल्स हाथ में लिए तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।

वायरल तस्वीरों पर लोगों ने लिए मजे

वायरल तस्वीरों में स्वरा एक हाथ में हील्स लिए दूसरे पैर की हील्स उतारती दिख रही हैं, लोग स्वरा के इस अंदाज की भी तारीफ कर रहे हैं और फनी ट्वीटस कर रहे हैं, कुछ लोगों ने स्वरा के आत्मविश्वास की भी तारीफ की है और कहा है कि ऐसा करना हर किसी के बस की बात नहीं होती है लेकिन स्वरा आप ऐसा कर सकती हैं।

हाल ही में स्वरा की चप्पलें हुई थीं चोरी…

तो कुछ लोगों ने स्वरा की फोटो पर मजे भी लिए हैं, उन्होंने लिखा है कि दूध क जला, छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है,हम समझ सकते हैं स्वरा, आपको अपनी चप्पल की तरह सैंडिल्स के भी खोने का डर होगा, इसलिए आपने अपनी सैंडिल्स को हाथ में उठा लिया है, मालूम हो कि हाल ही में गणपति दर्शन के लिए लालबाग के राजा के दरबार में गईं स्वरा भास्कर की चप्पलें खो गई थीं, जिसके बाद उन्हें नंगे पांव घर लौटना पड़ा था।

अब मारुति ने भी माना- ओला, उबर की वजह से आई कार बाजार में मंदी

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आखिरकार मारुति सुजुकी ने भी यह मान लिया है कि ओला, उबर जैसी एग्रीगेटर टैक्सी सेवाओं की वजह से कार बाजार में मंदी आई है. मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर.सी. भार्गव ने एक इंटरव्यू में अब इस बात को स्वीकार किया है और उन्होंने इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान को सही ठहराया है.

इसके पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब यह बात कही थी तो उसके तत्काल बाद प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मारुति के एक वरिष्ठ अध‍िकारी ने कहा था कि वे इससे इत्तेफाक नहीं रखते.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ दिनों पहले कहा था कि आजकल लोग ओला-उबर का उपयोग करना पसंद करते हैं. वित्त मंत्री ने कहा था, ‘ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर बीएस6 और लोगों की सोच में आए बदलाव का असर पड़ रहा है, लोग और खासकर मिलेनियल पीढ़ी के लोग अब गाड़ी खरीदने की बजाय ओला या उबर को तरजीह दे रहे हैं.’

मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर.सी. भार्गव ने बिजनेस अखबार मिंट को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘ओला और उबर जैसी राइड-हेलिंग कंपनियों की वजह से भारतीय युवा अब कहीं आने-जाने के लिए कार खरीदने की जरूरत नहीं समझते और इसकी जगह वे अपनी आय का ज्यादा हिस्सा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर लगाते हैं.’ उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का हाल का बयान ‘सही’ है.

उन्होंने यह भी कहा कि कारों की कीमतें बढ़ने के साथ ही भारतीयों की क्रयशक्ति नहीं बढ़ रही. उन्होंने कहा कि भारत में लोगों की प्रति व्यक्ति आय महज 2,200 डॉलर (करीब 1.56 लाख रुपये औसतन सालाना) है, जबकि यूरोप में इसका 18 गुना करीब 40,000 डॉलर. लेकिन भारत और यूरोप में कारों के स्टैंडर्ड में कोई अंतर नहीं है. टैक्स तो यहां यूरोप और चीन से काफी ज्यादा है. ऐसे में किस तरह से उम्मीद की जा सकती है कि यहां ज्यादा से ज्यादा लोग कार अफोर्ड कर सकें.

इसके पहले वित्त मंत्री के इस बयान पर मारुति सुजुकी के मार्केटिंग और सेल्‍स के एग्‍जीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर शशांक श्रीवास्तव ने कहा था कि ओला और उबर ऑटो इंडस्‍ट्री में मंदी के ठोस कारण नहीं हैं. इसके साथ ही शशांक श्रीवास्तव ने मंदी के कारणों को लेकर स्‍टडी की सलाह दी थी.

गौरतलब है कि कारों और अन्य वाहनों की बिक्री में गिरावट का सिलसिला लगातार 10 महीने से जारी है. अगस्त में भी कारों की बिक्री में 29 फीसदी की भारी गिरावट आई है. मारुति सुजुकी की कारों की बिक्री में तो 36 फीसदी की भारी गिरावट आई है. इसके बाद ऑटो सेक्टर की उम्मीदें 20 सितंबर को होने वाली जीएसटी बैठक पर टिक गई हैं कि आखिर सरकार से इस सेक्टर को क्या राहत मिलती है.

वास्तुशास्त्र : घर में नकारात्मकता को घूसने नहीं देती हैं मछलियां, जानिए एक्वेरियम से जुड़े वास्तुटिप्स

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वास्तुशास्त्र में व्यक्ति से जुड़ी हर चीज का विशेष महत्व होता हैं वही अगर धार्मिक, ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक एक्वेरियम बहुत महत्व रखता हैं, वही खासकर महिलाओं के लिए। वही एक्वेरियम वास्तु का एक सरआउंडिंग माना जाता हैं, जो अपने आप में जीवन लेकर चलता हैं जहां जीवन के साथ साथ प्रजनन भी होता हैं तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि घर में वास्तु के मुताबिक एक्वेरियम कहां पर रखना उचित होगा तो आइए जानते हैं।

एक्वेरियम नौ ग्रहों का प्रतीक माना जाता हैं, जितनी भी मछलिया या जलचर हैं वो सारे शनि का प्रतीक होते है वही जल को चंद्रमा का प्रतीक माना गया हैं। वही आपने देखा होगा कि एक्वेरियम में नमक मिलाया जाता हैं जो राहु का प्रतीक हैं इसके अलावा एक्वेरियम में उपस्थित आक्सीजन बुद्ध उनको खिलाया जाने वाला खाना बृहस्पति, मछलियों में इंटरेक्शन होना शुक्र, मछली के मर जाने पर नई फिश लाना मोक्ष केतु का प्रतीक माना जाता हैं।

वही एक्वेरियम का जल मछलियों के कारण हिलता हैं इसलिए इसे उत्तर व उत्तर पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता हैं इसके अलावा आप इसे पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं वही अगर किसी कारण यहां जगह खाली नहीं हैं तो आप इसे उत्तर पश्चिम की दिशा में भी रख सकते हैं।

वही भूलकर भी एक्वेरियम को दक्षिण पूर्व, दक्षिण, पश्चिम व दक्षिण पश्चिम में ना रखें इससे घर में नेगिटिव एनर्जी आ सकती हैं वही कहा जाता हैं बहता हुआ जल ही हमें जीवन प्रदान करता हैं मगर एक्वेरियम का जल रूका होता हैं वही एक्वेरियम में मौजूद मछलिया उसके पानी को हिलाती रहती हैं। इसलिए इसे घर में रखना शुभ माना जाता हैं।

अंदरूनी कलह में उलझी देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी

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कांग्रेस एक-दूसरे को नीचा दिखाने और अंदरूनी कलह में उलझी हुई है। ऐसे में लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद काफी ऊहापोह के बीच अंतरिम पार्टी अध्यक्ष के रूप में पद संभालने वाली सोनिया गांधी के सामने एक बड़ी चुनौती है।

देश की सबसे पुरानी पार्टी अव्यवस्थित-सी लग रही है, जहां महाराष्ट्र और हरियाणा के साथ कुछ राज्यों में सामूहिक नेतृत्व का आभाव है। इन राज्यों में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। अंदरूनी कलह से राजस्थान, मध्यप्रदेश और कर्नाटक भी परेशान हैं।

हरियाणा में हालांकि सोनिया गांधी पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को चुनाव समिति और सीएलपी का अध्यक्ष और प्रदेश में पार्टी का नेता बनाकर उन्हें शांत करने और स्थिति संभालने में कामयाब रहीं।

हालांकि, पार्टी इकाई में समस्या दूर होना दूर की कौड़ी है, क्योंकि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर नाखुश हैं और उन्होंने कहा है कि वह हुड्डा के साथ उसी तरह से सहयोग करेंगे, जिस तरह से पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में उनके साथ व्यवहार किया था।

महाराष्ट्र में भी अंदरूनी कलह सतह पर आ गया है, जहां संजय निरूपम और मिलिंद देवड़ा एक-दूसरे के सामने खड़े हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता कृपाशंकर सिंह ने हाल ही में पार्टी छोड़ दी है और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने पार्टी नेतृत्व की इच्छा के विपरीत राज्य से बाहर जाने से इनकार कर दिया है।

मध्यप्रदेश में, ज्योतिरादित्य सिंधिया का मुख्यमंत्री कमलनाथ से छत्तीस का आंकड़ा चल रहा है और उन्होंने अपने तेवर भी दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि वह अपना लोकसभा चुनाव हार गए थे, लेकिन वह मध्यप्रदेश कांग्रेस की अगुवाई करने के लिए तत्पर हैं।

उनके समर्थक गोविंद सिंह राजपूत और उमंग सिंघार ने वरिष्ठ पार्टी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर निशाना भी साधा है। मामला ए.के.एंटनी की अध्यक्षता वाली अनुशासन समिति के पास लंबित है।

सोनिया गांधी ने सिंधिया को महाराष्ट्र की स्क्रीनिंग समिति का अध्यक्ष बनाकर उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश की है।

इसी तरह की स्थिति राजस्थान में है, जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच लड़ाई चल रही है।

बीते वर्ष दिसंबर में विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद पर निगाह रखने वाले सचिन पायलट को कांग्रेस नेतृत्व ने नजरअंदाज कर दिया था। वह हालांकि सोनिया गांधी को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं कि पद के लिए वही सही पसंद हैं।

लेकिन गहलोत हार मानने वाले नहीं हैं और दिल्ली में ज्यादा समय बिता रहे हैं।

एक सूत्र ने बताया कि गहलोत केवल वफादारी की वजह से बचे हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने राज्य में बसपा के छह विधायकों को पार्टी में शामिल करके अपनी स्थिति भी मजबूत की है।

मई में लोकसभा चुनाव के बाद, तब के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गहलोत से काफी नाराज हुए थे, क्योंकि छह माह पहले ही राज्य में सरकार बनाने के बाद राजस्थान की 25 सीटों में से एक भी सीट कांग्रेस नहीं जीत पाई थी। यहां तक कि गहलोत के बेटे चुनाव हार गए थे।

कांग्रेस की कर्नाटक इकाई में भी बिखराव दिख रहा है, जहां पार्टी जुलाई में राज्य में जद-एस के साथ अपनी गठबंधन सरकार नहीं बचा सकी।

कुछ पार्टी नेता पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर विधायकों के पार्टी छोड़ कर जाने और सरकार नहीं बचा पाने का आरोप लगा रहे हैं।

पंजाब में भी, चीजें कांग्रेस के लिए सही नहीं हैं, क्योंकि पूर्व पीसीसी अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर निशाना साध रहे हैं।

पार्टी को गोवा में भी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, जहां जुलाई में इसके 15 विधायकों में से 10 विधायक सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए।

ट्रंप अपनी पैंट की बैक पॉकेट में पैसे भरकर क्यों निकलते हैं, खुद हटाया राज से पर्दा

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों के सामने एक बड़े राज का खुलासा किया. ट्रंप ने बताया कि आखिर वह उनकी पीछे की जेब झूलती हुई क्यों दिखाई देती है. ट्रंप ने इस राज का खुलासा करते हुए कहा कि वह अपने पीछे के पॉकेट में पैसे रखकर चलते हैं क्योंकि उन्हें होटलों में टिप्स देना बहुत पसंद है. बुधवार को कैलिफोर्निया के माउंटेन व्यू में मोफेट फील्ड के लिए निकलने के वक्त ट्रम्प की पिछली जेब झूलती हुई दिखाई दी थी.

जब एक पत्रकार ने सवाल पूछा तो ट्रम्प ने अपनी पैंट की दाहिनी बैक पॉकेट से एक बड़ी नकदी निकाली और सामने रख दी. वह पत्रकार यात्रा में उनके साथ मौजूद थे. ट्रम्प ने इस दौरान बताया कि वह उस नकदी का उपयोग कब करते हैं. ट्रंप ने कहा उन्होंने लंबे समय से इसका इस्तेमाल नहीं किया है और यह भी कहा कि वह एक बटुआ नहीं रखते हैं.

ट्रंप ने कहा “मैंने बटुआ नहीं लिया क्योंकि मुझे लंबे समय में क्रेडिट कार्ड का उपयोग नहीं करना पड़ा है. मुझे होटल में टिप्स छोड़ना पसंद है. मुझे पीछे की जब में कुछ पैसे ले जाना पसंद है.” ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, “मैं आपको बता रहा हूं, हो सकता है कि कोई राष्ट्रपति ऐसा करने वाला न हो, लेकिन मैं होटल के लिए टिप छोड़ना पसंद करता हूं.” इस दौरान ट्रंप ने फोटो पत्रकार द्वारा ली गई तस्वीर की एक प्रति भी मांगी.

अमिताभ बच्चन को मुुंबई मेट्रो का सपोर्ट करना पड़ा भारी, घर के बाहर लोगों ने किया विरोध-प्रदर्शन

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बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का मुंबई मेट्रो का समर्थन करना उनपर काफी भारी पड़ गया. मुंबई मेट्रो के समर्थन में किए गए ट्वीट पर मुंबईकर उनसे काफी नाराज है. इसी के चलते लोगों ने जलसा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में लोग पोस्टर्स और बैनर्स लेकर विरोध जता रहे हैं.

दरअसल एमएमआरडीए ने मुंबई मेट्रो के काम के लिए आरे के जंगलों की कटाई का फैसला किया था. इस बात से मुंबईकर काफी नराज थे. इस फैसले के विरोध में कई दिनों तक लोगों ने सड़क प्रदर्शन भी किया. इसी बीच अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर एमएमआरडीए के फैसले की तारीफ करते हुए मुंबई मेट्रो का समर्थन किया. अमिताभ बच्चन के इसी ट्वीट की वजह से लोग उनसे काफी नाराज हैं.

अमिताभ बच्चन ने ट्वीट में कहा था कि ये प्रदूषण का समाधान है. मेरे दोस्त को मेडिकल इमरजेंसी थी, उसने कार के बदले मेट्रो से जाना चुना. वापस आकर उसने बताया कि मेट्रो तेज, सुविधाजनक और सबसे सही है. इसेक साथ ही उन्होंने लिखा है कि अधिक पेड़ उगाओ, मैंने अपने बगीचे में लगाए हैं. क्या आपने लगाए हैं ?

इलाज के लिए नहीं थे पैसे, गलती से मिले मैसेज पर अनजान व्यक्ति ऐसे बन गया फरिश्ता

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कई बार कुछ गलतियां हमारे लिए मुश्किल पैदा नहीं करती, बल्कि ये गलगी हमारे लिए भगवान की प्रार्थन से कम नहीं होती. ऐसा ही कुछ हुआ अमेरिका के एरीजोना में रहने वाले एक परिवार के साथ. दरअसल, यहां रहने वाले जैकमैन का परिवार काफी दिनों से परेशानी में था. उनकी इस परेशानी को कम करने के लिए एबे फिंक नाम की महिला ने दोस्त एलेक्स जैकमैन से संपर्क करने की कोशिश कर रही थी.

फिंक ने सितंबर के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में एलेक्स को एक मैसेज किया. जिसमें उसने लिखा था भाई डिनर के लिए खाने का सामान लेकर घर आना चाहती हूं. समय बताएं कब पहुंचे. दरअसल, ये मैसेज गलती से बिल नाम के किसी अनजान व्यक्ति के पास चला गया. पहले तो बिल ने मजाक में उत्तर दिया. उसने लिखा- मुझे सी फूड पसंद नहीं है.

इस पर फिंक ने अपनी गलती के लिए बिल से माफी मांगी. चैटिंग के दौरान फिंक ने बिल को जैकमैन परिवार की परेशानी के बारे में थोड़ी सी जानकारी दी. इसके बाद बिल ने पूछा, वह इस मामले कोई मदद कर सकता है क्या? फिंक ने कहा, हो सके तो नोआह के लिए प्रार्थना कीजिए. इस पर बिल ने कहा, वह खाने और रुपयों का इंतजाम कर सकता है. इसके बाद बिल ने सोशल मीडिया पर जैकमैन परिवार के लिए मदद मांगी. जहां उन्हें 8.50 लाख रुपए (12 हजार डॉलर) की रकम मिल गई. जिसे बिल ने जैकमैन परिवार को दे दिया.

बता दें कि जैकमैन परिवार पिछले काफी समय से भारी परेशानी से जूझ रहा था. क्योंकि उनका चार साल का बेटा नोआह गंभीर तौर पर बीमार था. नोआह फीनिक्स चिल्ड्रन हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती था. जैकमैन परिवार ने मीडिया को बताया कि उनका बेटा बोलने में तो असमर्थ था, लेकिन हाल में ही उसको लेनॉक्स गस्टयू सिन्ड्रोम बीमारी भी हो गई.

यह एक तरह से मिर्गी और सेरेब्रल पाल्सी का ही गंभीर रूप है. नोआह को कमजोर हडि्डयों, अविकसित दिमाग और ऑटिज्म की भी शिकायत थी. हालांकि अनजान से मिली मदद ने जैकमैन परिवार को थोड़ी सी ही सही राहत तो दी.

आँखों का ध्यान रखना क्यों है जरुरी?

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बिजी लाइफस्टाइल और काम के दबाव के कारण हम अपनी आंखों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिसका आंखों पर बहुत बुरा असर पड़ता है। इसके साथ ही सिरदर्द की समस्या हो जाती है। समस्या बढ़ जाने पर चश्मा लगने की नौबत तक आ जाती है लेकिन समय रहते ध्यान देने पर इस दिक्कत से बचा जा सकता है।

कंप्यूटर से दूरी
काम करते समय आंखों से कंप्यूटर की दूरी कम से कम 40 सेमी रखें। इससे कंप्यूटर की रोशनी का आंखों पर बहुत कम असर होगा।

लाइट जरूरी
कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते समय कमरे की लाइट जलाकर रखें। ऐसे में कंप्यूटर से निकलने वाली रोशनी आंखों पर बहुत कम प्रभाव डालेगी।
पलकें झपकाएं
काम करते समय पलकों को लगातार झपकाते रहें। इससे आंखों में ड्राइनेस नहीं होगी और जलन की समस्या भी बहुत कम हो जाएगी।

हेल्दी डाइट
डाइट में दूध, दही, पनीर, अंडा, गाजर और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। इनसे पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, विटमिन A, E और C मिलेंगे जो आंखों को हेल्दी रखेंगे।

एक्सरसाइज
काम के दौरान दिन में दो बार आंखों की एक्सरसाइज करें। इसके लिए 5 मिनट तक आंखों की पुतलियों को पहले दाएं और फिर बाएं तरफ घुमाएं।

ब्रेक लें
काम के दौरान हर 40 मिनट में थोड़ा ब्रेक लें। 5 मिनट आंखें बंद रखें। इससे आंखों की थकान भी दूर हो जाएगी।

रोशनी बढ़ानी है तो खाएं ये चीजें
बादाम : रोज रात में 6-7 बादाम पानी में भिगोकर रख दें। इसे सुबह छिलका उतारकर ही खाएं।

त्रिफला : रात को त्रिफला पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इसके पानी से आंख जरूर धोएं।

गाजर : इसमें विटमिन A,B और C पाया जाता है। रोज खाने से आंखों की रोशनी बहुत ज्यादा बढ़ती है।

ई-सिगरेट पीते पकडे जाने पर जुर्माना सुनकर उस जायेंगे होश, ये है सरकार का नया अध्यादेश

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सरकार ने गुरुवार को ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के लिए अध्यादेश जारी किया है. अध्यादेश ई-सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, ट्रांसपोर्ट, बिक्री, वितरण और विज्ञापनों को संज्ञेय अपराध बनाता है. ई-सिगरेट बैटरी से चलने वाला उपकरण हैं जो निकोटीन युक्त घोल को गर्म करके एरोसोल का उत्पादन करते हैं, जो कि दहनशील सिगरेट में नशीला पदार्थ होता है.

नए प्रावधान के तहत इसके उल्लंघन पर एक साल तक की कैद या पहली बार उल्लंघन करने वालों के लिए 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रवधान है. अध्यादेश के अनुसार अधिक बार उल्लंघन करने पर तीन साल तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना है. 2003 में एक चीनी फार्मासिस्ट होन लिक ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट ईजाद की थी. कंपनी गोल्डन ड्रैगन होल्डिंग्स ने 2005-2006 में विदेशों में इसकी बिक्री शुरू की और बाद में इसका नाम बदलकर रूयान (मतलब, धूम्रपान के जैसा”) रखा.

इलेक्ट्रॉनिक-सिगरेट रखने पर भी छह महीने तक की कैद या 50,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को घोषणा की थी कि मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जल्द कार्रवाई करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए ई-सिगरेट पर प्रतिबंध को मंजूरी दे दी. अमेरिका के डेटा से पता चलता है कि कई हाई स्कूल और मिडिल-स्कूल के छात्र ई-सिगरेट ले रहे हैं.

भारत में ई-सिगरेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है. अगस्त 2018 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने राज्य सरकारों को इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन वितरण प्रणाली, या ईएनडीएस के निर्माण, बिक्री और आयात को रोकने के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें ई-सिगरेट, वाइप, ई-शीशा, ई-निकोटीन- शामिल हैं. पंजाब, कर्नाटक, मिजोरम, केरल, जम्मू और कश्मीर, बिहार और उत्तर प्रदेश ने पहले ही ऐसे उपकरणों की बिक्री, निर्माण, वितरण और आयात पर रोक लगा दी है.