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सुपर30 के आनंद कुमार को अमेरिका में मिला ‘द एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड 2019’ पुरस्कार

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आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने वाली कोचिंग संस्था ‘सुपर 30’ के संस्थापक और गणित के विख्यात शिक्षक आनंद कुमार को अमेरिका में शिक्षण से जुड़े एक प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है। यह पुरस्कार उन्हें जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा मुहैया कराने में दिए गए उनके योगदान के लिए दिया गया। आनंद कुमार को ‘फाउंडेशन फॉर एक्सीलेंस’ एफईई) संगठन ने ‘द एजुकेशन एक्सीलेंस अवॉर्ड 2019’ पुरस्कार से नवाजा।

इस संगठन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर कैलिफोर्निया के सैन जोस में आयोजित एक समारोह में कुमार को इस पुरस्कार से सप्ताहांत में नवाजा गया। आनंद ने इस कार्यक्रम में अपने भाषण में कहा, ”लोगों तक गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की पहुंच होने से विश्व में बड़ा बदलाव आएगा क्योंकि इससे गरीबी, बेरोजगारी, जनसंख्या विस्फोट, पर्यावरण क्षरण सहित कई अन्य समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलेगी।” आनंद कुमार का स्वागत लोगों ने तालियां बजाकर किया और इस समारोह में कई दिग्गज हस्तियां शामिल हुईं। कुमार ने कहा, ” भारतीय अमेरिका सहित पूरे विश्व में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम कर रहे हैं और अगर वह अपने समाज को वापस कुछ देते हैं तो यह उनके लिए बेहद संतुष्टिजनक होगा और शिक्षा से ज्यादा कीमती कोई उपहार नहीं हो सकता है।”

कुमार ने कहा कि शिक्षित दुनिया बेहतर दुनिया होगी क्योंकि उसमें समझ और करूणा ज्यादा होगी। उन्होंने कहा, ”मौजूदा समय में खालीपन बढ़ता जा रहा है और इस खालीपन को सिर्फ शिक्षा ही भर सकती है। किसी को भी अच्छा अवसर दें तो वह अच्छा करके दिखाएगा। अंतत: अवसर ही मायने रखता है।” हाल ही में कुमार पर बनी फिल्म ‘सुपर 30’ रिलीज हुई थी। इसमें ऋतिक रोशन मुख्य भूमिका में थे।

VIDEO : KBC को मिला सीजन का दूसरा करोड़पति, 1500 रु कमाती हैं 1 करोड़ जीतने वाली बबीता

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कौन बनेगा करोड़पति के इस सीजन को अपना दूसरा करोड़पति मिल गया है। बिहार के सनोज राज के बाद अमरावती की बबीता ताड़े एक करोड़ रु जीतने में कामयाब रही हैं। बेहद साधारण परिवार से आने वाली बबीता ने अमिताभ बच्चन द्वारा पूछे गए सवालों का सही जवाब देते हुए अपने सफर को 1 करोड़ रु की इनामी राशि तक पहुंचाने में सफलता पाई है।बबीता ताड़े
मिड डे मील बनाने वाली कुक हैं बबीता

अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किए जाने वाले इस शो को लेकर सोनी टीवी ने सोशल मीडिया पर एक प्रोमो शेयर कर इस बात का खुलासा कर दिया है कि सीजन की दूसरी करोड़पति एक महिला है। इस विजेता महिला का नाम बबीता ताड़े है। बबीता महाराष्ट्र के अमरावती में मिड मील बनाने वालीं कुक हैं। बबीता ने बताया कि वह 450 बच्चों के लिए खिचड़ी बनाती हैं और इस काम के लिए उनको 1500 रु का वेतन मिलता है।

केबीसी-11
1500 रु का मिलता है वेतन

बबीता बताती हैं कि इस काम और इतने से पैसे से उनको कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि बच्चों के लिए उनको खिचड़ी बनाना पसंद है। बबीता प्रोमो में बताती हैं कि वह इस शो को जीतकर ये साबित करना चाहती हैं कि एक खिचड़ी बनाने वाली महिला भी अपने सपनों को पुरा कर सकती है। शो के दौरान बिग बी को बबीता ने बताया कि पूरे परिवार में केवल एक ही मोबाइल फोन था, बबीता के पास अपना फोन नहीं था। इसके बाद अमिताभ ने उन्हें बीच शो में एक फोन गिफ्ट किया। अभी इस शो के आखिरी यानी 16वें सवाल तक बबीता को पहुंचना है, जिसका सही जवाब देने पर सात करोड़ रुपए का इनाम है।

कौन बनेगा करोड़पति
सीजन की दूसरी करोड़पति हैं बबीता

इसके पहले, अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किए जाने वाले इस रियेलिटी शो में बिहार के जहानाबाद के रहने वाले सनोज राज ने 1 करोड़ की राशि जीतकर केबीसी के 11वें सीजन को उसका पहला करोड़पति दिया था। सनोज से पहले तक इस सीजन में केवल 2 कंटेस्टेंट 1 करोड़ के सवाल तक पहुंचे थे। इनाम जीतने के बाद सनोज ने बताया कि उन्होंने आज तक सपने में भी 1 करोड़ रु नहीं देखे थे।

यहां समुद्र किनारे मिली डायनासोर जैसी दिखने वाली मछली, देखने को लोगों का लग गया हुजूम

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दुनिया करोड़ों तरह के जीव जंतु रहते हैं. जो कई बार इंसानों की नजर में भी आ जाते हैं ऐसा ही एक मामला सामने आया है. नॉर्वे में जहां डायनासोर जैसी दिखने वाली मछली दिखाई दी. इस मछली को देखने को लोगों का हुजूम लग गया. दरअसल, नॉर्वे में समुद्र किनाने 19 साल के एक युवक को अजीब सी दिखने वाली मछली मिली. जैसे ही उसने मछली को देखा वह हैरान रह गया. इस मछली की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही है.

ऑस्कर नाम का ये युवक को नॉर्डिक सी एंगलिंग कंपनी में एक गाइड के तौर पर काम करता है. ऑस्कर ब्लू हैलिबट मछली की तलाश में समुद्र में उतरे थे. इसी दौरान उन्हें समुद्र किनारे पड़ी की अजीब सी चीज पर पड़ी. जब उन्होंने पास जाकर देखा तो वह खुद हैरान रह गए. उसके बाद उन्होंने उस मछली को बाहर निकाल लिया.

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फोटो में देखा जा सकता है कि मछली की बहुत ही लंबी एक पूंछ है और आंखें भी बहुत बड़ी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑस्कर ने बताया कि ये मछली देखने में किसी डायनासोर की तरह लगती है. उसने आज तक इससे पहले ऐसी कोई मछली नहीं देखी.

पाकिस्तानी सिंगर मीशा शफी ने अभिनेता अली जफर पर ठोका 2 अरब का मुकदमा

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पाकिस्तानी गायक और अभिनेता अली जफर किसी न किसी विवाद के कारण सुर्खियों में बने रहते हैं। सोशल मीडिया पर भी अपने विवादित बयानों को लेकर ट्रोल होते रहते हैं। लेकिन इस बार अली जफर के लिए बड़ी मुश्किल सामने आ गई है। संगीतकार मीशा शफी ने अभिनेता और गायक अली जफर के खिलाफ दो अरब रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मीशा ने यह मुकदमा लाहौर कोर्ट में दायर किया है। इस मामले से पहले भी मीशा ने अली जफर पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

हालांकि अदालत ने मीशा के पहले मुकदमे को खारिज कर दिया था। मीशा ने सद्भावना और मान-सम्मान के नुकसान के लिए 1 बिलियन रुपये का मुकदमा दायर किया है। डॉन की रिपोर्ट मुताबिक ‘मानसिक यातना और पीड़ा के लिए अलग से 1 बिलियन रु’ की मांग की।

मीशा ने अदलात से गुहार लगाई है कि जफर द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत, ‘झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानि करने वाला’ और ‘वादी की प्रतिष्ठा को चोट पहुंचाने वाला’ करार दे। मीशा ने एक अरब मानसिक यातना और एक अरब ब्रैंड वैल्यू खराब के लिए मांगे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी प्रार्थना की है कि वादी यानी कि ( मीशा शफी) के खिलाफ किसी भी और मानहानि का बयान देने से प्रतिवादी (जफर) को स्थायी रूप से रोक दिया जाए।

बता दें कि पिछले साल मीटू मूवमेंट के दौरान मीशा ने जफर पर कई बार यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। मीशा ने कहा था कि अली जफर ने दो बार से ज्यादा हैरेस करने की कोशिश की थी। इसके बारे में उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी जिक्र किया था। मीशा ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था कि एक सशक्त-मुकम्मल और ऐसी महिला जो अपने विचारों को कहने के लिए जानी जाती है, उसके साथ ऐसा हुआ है। दो बच्चों की मां होने के बावजूद मेरे साथ ऐसा हुआ।

वहीं अप्रैल में, ज़फ़र ने ट्विटर पर लिखा था कि मैं मीशा शफी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों और उत्पीड़न के दावों को खारिज करता हूं और मैं इस मामले में कोई आरोप लगाने की जगह कोर्ट का रास्ता लूंगा और इसे प्रोफेशनली और गंभीरता से लेना चाहता हूं। इसके जरिए मैं ये भी कहना चाहता हूं कि मेरे खिलाफ लगाए गए इन आरोपों के सहारे मीटू मूवमेंट, मेरे परिवार, मेरे फैंस और इंडस्ट्री को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उस दौरान अली जफर ने मीशा पर एक अरब रुपयों का मीशा पर मुकदमा ठोंका था।

सबसे खतरनाक वायरस, 36 घंटे में पूरी दुनिया में हो सकती है 8 करोड़ मौत

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दुनिया के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती आने वाली है। ये चुनौती हवा में फैलने वाला एक खतरनाक वायरस होगा, जो दस्तक देने के 36 घंटे के अंदर पूरी दुनिया में फैल जाएगा। इसकी वजह से पूरी दुनिया में आठ करोड़ लोगों की मौत हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के पूर्व प्रमुख ने ये अलर्ट जारी किया है।

उन्होंने इसे अब तक का सबसे खतरनाक फ्लू (वायरस) बताया है। डब्ल्यूएचओ ने भी इसके लिए तैयार रहने को कहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, करीब एक सदी पहले 1918 में स्पेनिश फ्लू महामारी ने दुनिया की आबादी के एक-तिहाई हिस्से को संक्रमित कर दिया था। इस फ्लू की वजह से पांच करोड़ लोगों की मौत हुई थी। अब जो फ्लू दस्तक देने वाला है, वह स्पेनिश फ्लू से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये फ्लू इसलिए भी ज्यादा खतरनाक होगा, क्योंकि स्पेनिश फ्लू के मुकाबले आज के दौर में पूरी दुनिया में काफी ज्यादा और तेजी से लोग एक देश से दूसरे देश की यात्राएं कर रहे हैं।

इस लिहाज से आने वाला फ्लू पहले से ज्यादा खतरनाक साबित होगा और मात्र 36 घंटे में पूरी दुनिया में फैल जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के पूर्व चीफ के नेतृत्व वाली द ग्लोबल प्रीपेयर्डनेस मॉनिटरिंग बोर्ड के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने अपनी इस रिपोर्ट को सभी देशों के नेताओं को बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए भेजा है। बोर्ड द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि पूरी दुनिया में फैलने वाली इस महामारी की चेतावनी वास्तविक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बहुत तेज गति से फैलने वाला ये फ्लू बेहद खतरनाक है। इसमें 10 करोड़ लोगों की जान लेने की क्षमता है। साथ ही, इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था बिगड़ने और राष्ट्रीय सुरक्षा के अस्थिर होने का भी बड़ा खतरा है। विशेषज्ञों ने अपनी इस रिपोर्ट को नाम दिया है ए वल्र्ड एट रिस्क, ये वायरस इबोला की तरह ही खतरनाक साबित हो सकता है। इबोला जैसे घातक वायरस के खतरे को देखते हुए मौजूदा वक्त में किए जा रहे प्रयास अपर्याप्त हैं।

भारत में लोग सेना पर करते हैं सबसे ज्यादा भरोसा वहीं राजनेताओं पर सबसे कम

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भारतीयों की नजर में सुरक्षाबलों में तैनात जवान सबसे अधिक भरोसेमंद है तो वही आपको बता दें कि इस देश के भाग्यविधाता कहे जाने वाले नेता और राजनेता उनके लिए सबसे कम विश्वास करने लायक हैं यह बात अब हाल ही में एक नई रिसर्च के जरिए सामने आई है.

आपको बता दें कि मार्केट रिसर्च फर्म इप्सोस ने हालांकि सर्वे में यह बात कुछ इस तरीके से बयां करते हुए कहिए कि ग्लोबल ट्रस्ट इन प्रोफैशंस सर्वे में शामिल करीब 70 फीसद से ज्यादा देशवासियों ने सेना को सबसे ज्यादा भरोसेमंद वाला पेशा बताया है वही 59 फीसद लोगों ने देश के राजनेताओं पर संशय की दृष्टि से देखने की बात कही है.

वहीं अन्य कामों की बात करें तो वैज्ञानिकों पर 60 फीसद डॉक्टरों पर 55 फीसद शिक्षकों पर 52 फीसद को भी बेहद भरोसेमंद बताया गया है वहीं इसके अलावा बता दे कि सर्वे के मुताबिक 52 फीसद लोग मंत्रियों और 40% विज्ञापन अधिकारी को भरोसे लायक नहीं समझते हैं.

वही आपको बता दें कि इप्सोस इंडिया के परिजात चक्रवर्ती ने कहा है कि और इस मामले को लेकर बताया है कि सशस्त्र बलों को सर्वाधिक समर्पित पेशा माना जाता रहा है बलिदान प्रतिबद्धता और अनुशासन की उम्र में इसकी पहचान बताई जाती रही है और इस तरह के वैज्ञानिक शोध चिकित्सा और शिक्षा के पेशे को भी विश्वसनीय माना गया है जो देश के लिए निर्माण में अपना एक अहम योगदान देते रहे हैं.

वहीं इसके अलावा चक्रवर्ती के मुताबिक सिस्टम को साफ करने की कोशिशों के बावजूद राजनेता अधिकतर लोगों का विश्वास नहीं जीत सके हैं और विज्ञापन पेशेवर और रुचिकर कॉपी दिखाने लिखने और रचनात्मक तरीके से प्रदर्शन करने वाले ब्रांड के गुणों को प्रदर्शित करने वाले लोगों को भी संदेह भरी नजरों से देखा जाता रहा है.

वहीं इस सर्वे के नतीजे में आपको बता दें कि 16 साल से लेकर 74 साल के करीब 19600 लोगों की राय के आधार पर तैयार कर आ गया है.

टिड्डी नियंत्रण के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए केन्द्र

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 मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के कई जिलों में टिड्डी प्रकोप पर नियंत्रण के लिए केन्द्र सरकार से अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है। टिड्डी नियंत्रण विषय मुख्यतः भारत सरकार के अधीन होने के फलस्वरूप गहलोत ने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर कहा है कि पिछले चार माह से पश्चिमी राजस्थान के 8 जिलों में टिड्डी दलों का प्रकोप है। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश में जल्द से जल्द नये दवा छिड़काव यंत्रों, मानव संसाधन और दवा के हवाई छिड़काव के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि पिछले चार महीने से जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, जालौर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में टिड्डियों का प्रकोप है। इस पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन के सहयोग से लगातार कार्यवाही की जा रही है। लेकिन कुछ दिनों से पाकिस्तान की ओर से टिड्डी के नए स्वार्म और हाॅपर्स के सीमा पार कर आ जाने से जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में टिड्डी का प्रकोप अधिक बढ़ गया है। इससे फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

गहलोत ने बताया है कि वर्तमान स्थिति के मद्देनजर भारत सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन के पास उपलब्ध 45 दवा छिड़काव मशीनें टिड्डी दलों पर प्रभावी नियंत्रण में नाकाफी साबित हो रही है। इसलिए जल्द से जल्द 15 से 20 नये दवा छिड़काव यंत्र (माइक्रोनियर अथवा अलवामास्ट पावर स्प्रेयर), वाहन और मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर जिलों में अतिशीघ्र हवाई अथवा ड्रोन के माध्यम से दवा छिड़काव की सुविधा उपलब्ध कराना भी नितांत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि राज्य में अब तक कुल 5 लाख 7 हजार 885 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी के लिए सर्वेक्षण किया गया है और लगभग 1 लाख 50 हजार 892 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण की कार्यवाही की गई है। टिड्डी चेतावनी संगठन के पास उपलब्ध 17 वाहनों के अतिरिक्त राज्य सरकार ने 37 नियंत्रण वाहन उपलब्ध कराए हैं। साथ ही, टिड्डी नियंत्रण के लिए किसानों को कीटनाशकों के छिड़काव के लिए अनुदान राशि भी उपलब्ध कराई है।

खास परिस्थितियों में महिलाओं को है श्राद्ध कर्म का अधिकार

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पूर्वजों को याद करने का पखवाड़ा पितृ पक्ष में पितरों की सद्गति के लिए कुछ खास परिस्थितियों में महिलाओं को भी विधिपूर्वक श्राद्ध कर्म करने का अधिकार है।

किवदंतियों के अनुसार श्राद्ध कर्म का दायित्व केवल पुत्र को प्राप्त है लेकिन पुत्र न/न हो तो प्रपौत्र या पौत्र श्राद्ध करने का अधिकारी है। महिलाओं को कई जगहों पर श्राद्ध करने को मनाही की जाती है। हालांकि वाल्मिकी रामायण के अनुसार स्त्रियों को भी श्राद्ध करने की बात कही गयी है। इसका प्रमाण रामायण के एक प्रसंग में सीता जी द्वारा अपने श्वसुर राजा दशरथ का श्राद्ध करने की बात कही गयी है। इसके अलावा गरूण पुराण समेत कई पुराणों में इसका वर्णन मिलता है।

शास्त्र का वचन है “श्राद्धयां इदम् श्राद्धम” अर्थात पितरों के निमित श्रद्धा से किया गया कर्म ही श्राद्ध कहलाता है। धर्मसिन्धु समेत मनुस्मृति और गरुड़ पुराण आदि ग्रन्थ भी महिलाओं को पिण्डदान आदि करने का अधिकार प्रदान करते हैं। शंकराचार्यों ने भी इस प्रकार की व्यवस्थाओं को तर्क संगत इसलिए बताया है ताकि श्रा़द्ध करने की परंपरा जीवित रहे और लोग अपने पितरों को नहीं भूलें। अन्तिम संस्कार में भी महिला अपने परिवार के मृतजन को मुखाग्नि दे सकती है।

गरूड़ पुराण में बताया गया है कि पति, पिता या कुल में कोई पुरुष सदस्य नहीं होने या उसके होने पर भी यदि वह श्राद्ध कर्म कर पाने की स्थिति में नहीं हो तो महिला को श्राद्ध करने का अधिकार है। यदि घर में कोई वृद्ध महिला है तो युवा महिला से पहले श्राद्ध कर्म करने का अधिकार उसका होगा। शास्त्रों के अनुसार पितरों के परिवार में ज्येष्ठ या कनिष्ठ पुत्र अथवा पुत्र ही न हो तो नाती, भतीजा, भांजा या शिष्य तिलांजलि और पिंडदान करने के पात्र होते हैं।

त्योहारी सीजन में महंगा होगा हवाई सफर, बढ़े हवाई टिकटों के दाम

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नवरात्र से शुरू हो रहे त्योहारी सीजन में अगर आप हवाई सफर करने की सोच रहे हैं तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ेगा। दरअसल अक्टूबर से हवाई यात्रा के किराए इस महीने के मुकाबले बढ़ गए हैं। ये पिछले साल के त्योहारी सीजन के मुकाबले ज्यादा हैं। खबरों के मुताबिक हालांकि सैर-सपाटे से जुड़ी डिमांड में दिख रही सुस्ती के कारण हवाई किराए अप्रैल-जून तिमाही में दिखे ऊंचे स्तरों से कम ही रहेंगे।

टिकट बुकिंग में बढ़ौतरी
ट्रैवल पोर्टल क्लियरट्रिप के अनुसार पिछले साल के मुकाबले इस बार त्योहारी सीजन यानी दिवाली और दशहरा के दौरान यात्रा के लिए करंट बुकिंग्स करीब 6 प्रतिशत ज्यादा हैं। मेकमायट्रिप के एक प्रवक्ता ने कहा कि पोर्टल के डेटा के अनुसार, दिवाली सीजन के लिए ट्रैवल बुकिंग्स और किराए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिख रही है।

रेवेन्यू में गिरावट
हालांकि एयरलाइन एग्जिक्यूटिव्स ज्यादा उत्साहित नहीं दिखे। इसका मतलब यह है कि यात्रियों के लिए स्थिति अच्छी है क्योंकि यात्रा पर उनकी जेब ज्यादा ढीली नहीं होगी। एक सीनियर एयरलाइन एग्जक्यूटिव ने कहा, ‘जिन्होंने किराए बढ़ाए हैं, उनकी बुकिंग्स घटी हैं। जिन्होंने किराए कम रख हैं, उनकी बुकिंग्स ज्यादा हो सकती हैं, लेकिन रेवेन्यू के लिहाज से ये ज्यादा नहीं हैं। जून तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू ग्रोथ कमजोर ही दिख रही है।’

छत्तीसगढ़ – 20 सितम्बर से अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन : 19 देशों के खरीददार होंगे शामिल…

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राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ के कृषि उपज, वनोपज, हैण्डलूम कोसा इत्यादि उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहन एवं विक्रय को बढ़ावा देने के लिए 20 सितंबर से अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेताओं का सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इससे राज्य के विभिन्न उत्पादों को ग्लोबल मार्केट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 20 सितम्बर को इस अंतर्राष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे तथा ‘छत्तीसगढ़ उत्पाद‘ ब्राण्ड का विमोचन करेंगे। यह सम्मेलन राजधानी रायपुर के जी.ई.रोड स्थित होटल सयाजी में 22 सितम्बर तक आयोजित होगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे और ग्रामोद्योग मंत्री श्री गुरू रूद्रकुमार विशेष रूप से उपस्थित होंगे। 

   छत्तीसगढ़ में उपलब्ध विशेष गुणों से भरपूर फसलों अनाज, दलहन, तिलहन, वनोपज, साग-सब्जी तथा हैण्डलूूम, कोसा, सिल्क इत्यादि उत्पादों का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य कृषि उपज मंडी द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में  आमंत्रित क्रेता एवं विक्रेता के बीच चर्चा, अनुबंध, एमओयू इत्यादि संपन्न होंगे। इस सम्मेलन में 19 देशों के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लगभग 62 क्रेता एवं देश के अन्य प्रदेशों से लगभग 60 क्रेताओं तथा प्रदेश से लगभग 120 विक्रेताओं के भाग लेने की संभावना है। सम्मेलन में 22 सितम्बर को आम जनता के लिए प्रदर्शन के अवलोकन तथा क्रय-विक्रय के लिए खुला रहेगा। 

    सम्मेलन में व्यापार तथा क्रियाशीलता, छत्तीसगढ़ के उत्पाद की ब्रांडिंग तथा अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाया जाएगा। इस सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों, बुनकर एवं वनोपज संग्रहण से जुड़े क्रेता-विक्रेता के साथ विस्तृत चर्चा होगी तथा स्वसहायता समूह तथा एफ.पी.ओ. द्वारा अपने उत्पाद का प्रदर्शन के साथ-साथ विक्रय किया जाएगा। इस सम्मेलन में स्थानीय कृषकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय क्रेताओं से सीधे बातचीत कर व्यापार करने का अवसर प्राप्त होगा, जिसके फलस्वरुप उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा एवं बिचौलियों से बचा जा सकेगा।