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ऑफिस में होती है थकान तो न हो परेशान, करें ये आसान काम

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अगर हम ऑफिस में काम के साथ-साथ व्यायाम भी करें तो शरीर में फूर्ति बननी रहेगी। सुस्त लाइफ स्टाइल फिटनेस को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए, सभी रूके हुए कामों और वक्त पर दिए जाने वाले कामों के बीच इस बात का ध्यान जरूर रखें कि आपको अपने कार्यस्थल पर व्यायाम करने का मौका मिल सके। फिटनेस के विशेषज्ञ तथा फ्लेब थग्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव डावर ने ये सुझाव देते हुए कार्यस्थल पर किए जाने वाले कुछ हल्के-फुल्के तौर के व्यायाम भी बताए हैं।

ऑफिस : ऐसे करें खड़े रहने का व्यायाम-

  • चलते-फिरने रहने या सीढियों पर उतरते-चढते रहने का प्रयास कीजिए। इससे आपके पैरों की नसें काम करती रहेगी।
  • अपनी एडियों को उठाकर फिर इन्हें धीरे-धीरे जमीन पर वापस रखें। इससे आपके शरीर का निचला हिस्सा सामान्य रूप से काम करता रहेगा।
  • अपनी कुर्सी में उठते-बैठते रहने का व्यायाम करीब एक वक्त पर 10 बार कीजिए। आप इसे दिन में 3 बार कर सकते हैं।
  • काम के दौरान कार्यस्थल पर जम्पिंग जैक व्यायाम करने का प्रयास कीजिए, ताकि आपका शरीर आरामदेह स्थिति में आ सके।

ऑफिस : ऐसे करें बैठे रहने का व्यायाम-

  • बैठे रहने के दौरान अपने पैरों के पंजों को हिलाने का प्रयास कीजिए। हालांकि, इस दौरान आपकी एडी जमीन पर ही टिकी रहे।
  • कुर्सी पर बैठे रहने के दौरान आप अपने पैरों को थोडी-थोडी देर पर जमीन से उठाते रहिए। कई फुटबॉल खिलाडी ऐसा करते हैं। आप इस व्यायाम को 30 सैकेंड तक कर सकते हैं।
  • कुर्सी पर ही बैठे रहने के दौरान अपने बाएं पैर को थोडा ऊपर उठाएं और इसे 90 डिग्री के कोण की तरह कुछ वक्त तक हवा में रहने दें, जब तक आप इसमें सहज हो सकें।
  • अपने एक पैर को कुर्सी पर बैठे रहने के दौरान उठाएं और फिर ऐसा ही दूसरे पैर के साथ कीजिए
  • अपने कंधों को जितना हो सके, उतना ऊंचा उठाएं और इसके बाद इन्हें आगे-पीछे कर हिलाने का प्रयास कीजिए। इस व्यायाम को दिन में लगभग दस बार कीजिए।
  • टाइपिंग करने के दौरान आपको जब भी अपनी उंगलियों में एक वक्त पर दर्द महसूस हो, उस दौरान अपने पंजों को खोलें और बंद कीजिए। यह उंगलियों के लिए काफी अच्छा व्यायाम है।
  • काम करते रहने के दौरान आपकी गर्दन को भी व्यायाम की जरूरत होती है। इसलिए आप अपनी गर्दन को 360 डिग्री के कोण पर घुमाएं और साथ ही नीचे-ऊपर भी कीजिए।

हर दिन एक सेब खाने के होते है ये अद्भुत फायदे

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आजकल सिर्फ उम्रदराज लोग ही नहीं बल्कि बच्चे और यंग लोग भी दिल की बीमारियों और हाई ब्‍लड प्रेशर की बीमारी का बुरी तरह शिकार हो रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण है खराब जीवनशैली और खानपान की बहुत खराब आदतें है।

लोग ब्लडप्रेशर को नियंत्रित करने के लिए दवाओं के साथ ही योग, एक्सरसाइज और भी न जाने कितने ही जतन करते हैं लेकिन एक बार अगर इस समस्या से इंसान ग्रसित हो जाए तो इसे ठीक कर पाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो जाता है। BP की प्रॉब्लम की वजह से ही आगे चलकर दिल की बीमारियां इंसान को बहुत ज्यादा परेशान करने लगती हैं। इन सब से निजात पाने के लिए अगर रोज सुबह एक सेब खाया जाए तो शरीर को पूरी तरह स्वस्थ रखा जा सकता है।

सेब खाने से बॉडी में इलेक्‍ट्रोलाइट बैलेंस भी रहते हैं और इसी के साथ ही इसमें मौजूद फाइबर और विटामिन शरीर में पोषक तत्वों की कमी को अछि तरह पूरा करते हैं। अगर आपको लो बीपी की समस्या है तो तुरंत एक सेब खा लें। ऐसा करने से शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलेगी और आपका बीपी भी बहुत नॉर्मल हो जाएगा।

पहली बार देश की मैपिंग के लिए 300 ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करेगा सर्वे ऑफ़ इंडिया

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भारत के सबसे पुराने वैज्ञानिक विभाग सर्वे ऑफ़ इंडिया (SoI) ने पहली बार मैपिंग के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. एक रिपोर्ट के अनुसार सर्वेक्षण से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि इसके इस्तेमाल से कई तरह के लाभ हैं. इस मैपिंग के लिए लगभग 300 ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करेगा. उनका कहना है कि इससे जमीन के हाई रिज़ॉल्यूशन मानचित्र तैयार किये जा सकते हैं.

वर्तमान में सर्वश्रेष्ठ मानचित्रों का रिज़ॉल्यूशन 1: 250000 है. सर्वे ऑफ़ इंडिया के महानिदेशक गिरीश कुमार ने कहा “हम अच्छे उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले फाउंडेशन मैप्स प्रदान करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं.” उन्होंने कहा “हमने मैपिंग के उद्देश्य (विमानों से चित्र लेना) से पहले एरियल फ़ोटोग्राफ़ी का उपयोग किया है, लेकिन यह महंगी है और इसकी सीमाएँ हैं.

यह ड्रोन तैनात करने का सही समय है.” इसका उद्देश्य अगले दो वर्षों के भीतर भारत के भूगोल का 75% भू-भाग 3.2 मिलियन वर्ग किमी के 2.4 मिलियन वर्ग किमी का नक्शा बनाना है. संगठन का लक्ष्य लगभग 300 ड्रोनों की खरीद करना है. एसओआई ने इस तरह के ड्रोन-आधारित मानचित्रण अभ्यास करने के लिए हरियाणा में 6 जिलों, कर्नाटक में 2 और महाराष्ट्र में 2 के साथ समझौते किए हैं. ड्रोन द्वारा मैप किए गए प्रत्येक वर्ग किलोमीटर को 2500 चित्रों में समझाया जाएगा.हैं।

SI (कार्टोग्राफी) के साथ-साथ ASI (पुरातत्व), BSI (वनस्पति विज्ञान), FSI (वन), FiSI (मत्स्य पालन), GSI (भूविज्ञान), IIEE (पारिस्थितिकी), NIO (समुद्र विज्ञान), RGCCI (भारत की जनगणना) और ZSI (जूलॉजी) भारत के प्रमुख राष्ट्रीय सर्वेक्षण संगठन हैं.

1984 के सिख दंगों से जुड़ी अहम फाइलें गायब, जांच में जुटी SIT

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साल 1984 में सिख-विरोधी दंगों के दौरान हुईं हत्याओं से जुड़ी अहम फाइलें कानपुर में सरकारी रिकॉर्ड से गायब हैं. उत्तर प्रदेश के कानपुर में 1984 के दंगों में 125 से ज्यादा सिखों की हत्या हुई थी. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को हत्या होने के बाद भड़के इन दंगों में दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा सिखों की हत्या कानपुर में ही हुई थी.

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक दंगों की फाइलों की दोबारा जांच करने के लिए राज्य सरकार की ओर से फरवरी 2019 में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पाया कि कथित रूप से उस समय के पुलिसकर्मियों की ओर से दबा दी गईं हत्या और डकैती के मामलों से जुड़ी कई फाइलें अब गायब हैं. कुछ मामलों में एसआईटी को प्राथमिकी और केस डायरियां तक नहीं मिलीं, जो यहां सिखों की हत्या के केस में हुई जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

तलाश में जुटी SIT

अहम दस्तावेज और केस की फाइलों के गायब होने के मुद्दे पर एसआईटी के चेयरमैन और पूर्व पुलिस महानिदेशक अतुल ने एजेंसी से कहा कि उन फाइलों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. सीबीआई में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके यूपी कैडर के पूर्व IPS अधिकारी अतुल ने कहा, “हम तथ्यों का पता लगाना चाहते हैं, हम यह जानना चाहते हैं कि क्या पुलिस ने ठोस सबूत के अभाव में हत्या के मामले बंद कर दिए या उन्होंने कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिए. हालांकि इस समय मैं विस्तार से नहीं बता सकता, क्योंकि हमें अभी तक हत्या से संबंधित कई मामलों की फाइलें नहीं मिली हैं.”

कानपुर में सिख-विरोधी दंगों के संबंध में हत्या, हत्या का कोशिश, डकैती, लूट, आगजनी, हमला और जान से मारने की धमकी के लगभग 1,250 मामले दर्ज हुए थे. अजीब तरह से गायब हुईं दंगों की फाइलें हत्या और डकैती जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ी हैं. सूत्रों ने कहा कि एसआईटी ने शुरुआत में 38 अपराधों को गंभीर माना, इनमें से 26 मामलों की जांच पुलिस ने बंद कर दी. एसआईटी ने इन मामलों को दोबारा खोलने की मांग की है, ताकि दोषी बच न सकें.

पुलिस रिकॉर्ड से गायब फाइल

एसआईटी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बालेंदु भूषण ने जब इन फाइलों को जांचने का फैसला किया तो उन्होंने सबसे अहम फाइलों को गायब पाया. एसपी ने गायब दस्तावेजों को ढूंढने के लिए प्रशासन को सतर्क कर दिया है. उन्होंने ऐसे अपराधों के गवाहों से भी आगे आकर अपने बयान दर्ज कराने की अपील की है.

इस बीच कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने कहा कि मामला लगभग 35 साल पुराना है. उन्होंने कहा, “मैं फिलहाल कोई बयान नहीं दे सकता, हमें यह देखना होगा कि फाइलें क्या सरकारी नियम के अनुसार कई दस्तावेजों की तरह हटा दी गई हैं या किसी विशेष समय में इन्हें खत्म कर दिया गया. फिर भी मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए हम इन दस्तावेजों को तलाशने में एसआईटी का पूरा सहयोग करेंगे.”

सुप्रीम कोर्ट में 2017 में दायर एक रिट याचिका पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व आईपीएस अतुल की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी. एसआईटी के अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त जिला जज सुभाष चंद्र अग्रवाल, पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक (अभियोजन) योगेश्वर कृष्ण श्रीवास्तव और एसपी बालेंदु भूषण शामिल हैं.

सरकार ने एसआईटी से उन मामलों की दोबारा जांच करने के लिए कहा है, जिनमें ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को निर्दोष सिद्ध कर दिया था. एसआईटी उन मामलों को भी देखेगी, जिनमें पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी है.

ट्रैफिक पुलिस ने फोन पर बात करते पकड़ा तो रोई, हेलमेट फेंका फिर बोली लड़की- सुसाइड कर लूंगी

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मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के लागू होने के बाद दिल्ली की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियम को फॉलो करते हुए लोग देखें जा सकते हैं. वहीं ट्रैफिक पुलिस को इन नए नियम को फॉलो करवाने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

ट्रैफिक पुलिस से आए दिन लोग बतममीज़ी करते हुए देखे जा सकता हैं. यहां तक कि कई बार हालात ऐसे बन जाते हैं कि लोग अपनी हेकड़ी दिखाते हुए पुलिस के साथ मारपीट करने पर उतारूं हो जाते हैं.

वहीं इस बीच एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है जहां पर एक लड़की ट्रैफिक पुलिस से बदतमीती करती हुई दिख रही है. लड़की के स्कूटी का नंबर प्लेट टूटा हुआ है. हेलमेट का बेंड नही लगा हुआ था और वह ड्राइविंग के दौरान मोबाइल भी इस्तेमाल कर रही थी. पुलिसवाले की गलती यही थी कि उसने यह सब देखकर लड़की को रोक दिया.

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इस बात को लेकर वह लड़की अपनी गलती मानने के बजाए ट्रैफिक पुलिस से बदतमीजी कर रही है. जानकारी के मुताबिक ये वीडियो शनिवार का है और यह घटना कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास की है.

स्कूटी सवार लड़की घर से आफिस जा रही थी जब ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोका. लड़की ने पुलिस वालों से चालान ना करने की मिन्नतें की. खूब रोई और कहा कि उसके हाथ कांप रहे हैं उसे जाने दें लेकिन जब पुलिसकर्मी चालान करने लगे तो वह गुस्से में आ गयी और बदसलूकी करने लगी.

गुस्से में फेंका हेलमेट

गुस्से में उसने अपना हेलमेट उसने ज़मीन पर फेंक दिया. इतना नहीं चालान करने पर पुलिसवालों को वह खुदकुशी करने की धमकी भी देने लगी. इस बीच लड़की ने अपनी मां को फोन कर चालान करने की बात कही. करीब 20 मिनट के हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार पुलिसकर्मियों ने लड़की को बिना चालान किए ही जाने दिया.

अपने चेहरे के ब्लैक हेड्स को दूर करने के लिए अपनाएं ये टिप्स

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ब्लैक हेड्स न केवल आपकी त्वचा के नुक्सान पहुचाते है बल्कि आपके चेहरे की ख़ूबसूरती को भी कम कर देते है। आप अपनी त्वचा का चाहे कटना ही ख्याल रखते है फिर भी ब्लैक हेड्स की समस्या उभर आती है।

ब्लैक हेड्स होने का मुख्य कारण है – हाइजीन की कमी, चिंता, धुल मिटटी, पोषण की कमी व नींद पूरी न होना। ऐसे में आपको अपनी त्वचा का ख़ास ख्याल रखना चाहिए।

बहुत से लोग पार्लर जा कर ब्लैक हेड्स हटवाते है । ब्लैक हेड्स को कभी भी दबाकर न निकालें। इससे बेहद दर्द भी होता है और त्वचा पर निशान भी रह जाते है, जिन्हें दूर करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

ब्लैक हेड्स के लिए घरेलु उपाय ही ज्यादा फायदेमंद होते है जिनसे आप इस समस्या से आसानी से छुटकारा पा सकते है। आइए अपनाए कुछ घरेलु नुस्खे –

1 3 चमच्च पानी और 3 चमच्च बेकिंग सोडा बराबर मात्रा में मिलाएं। फिर इस मिश्रण को त्वचा पर लगा कर सूखने दे। कुछ देर बाद इसे गरम पानी से धो लें।

2 शहद को 15 मिनट के लिए हल्का सा गर्म करें, फिर इसे ब्लैक हेड वाली त्वचा पर लगा लें। थोड़े समय बाद इसे पानी से साफ़ कर लें।

3 नींबो का रस दिन में 3-4 बार ब्लैक हेड पर लगा लें। इससे ब्लैक हेड्स जल्द ही दूर हो जाते है।

4 कच्चे आलू के स्लाइस करके ब्लैक हेड्स पर हल्के हाथो से मालिश करें। ऐसा करने से ब्लैक हेड्स दूर हो जाएंगे और त्वचा भी साफ़ रहेगी।

5 रात को सोते समय अपना चेहरा क्लीन करना न भूलें। इससे दिन भर की गंदगी साफ़ हो जाएगी और मुहाँसे और ब्लैक हेड्स भी नही होंगे।

6 हरे धनिया की पत्तियों का पेस्ट बना ले और इस पेस्ट में थोड़ी सी हल्दी भी मिला ले। इस पेस्ट को अपने ब्लैक हेड्स पर लगा ले। इस उपाय से ब्लैक हेड्स जड़ से दूर हो जाएंगे।

7. सप्ताह में 1-2 बार फेस स्क्रब का इस्तेमाल अवश्य करे। इस करने से त्वचा की धुल मिटटी साफ़ हो जाती है और ब्लैक हेड्स भी दूर हो जाएंगे।

8 ब्लैक हेड्स में खीरे के रस में कुछ बूँदे नीबू के रस की मिला ले और उसे 10 मिनट चेहरे पर लगा ले। कुछ समय बाद चेहरे को पानी से धो ले।

9 ब्लैक हेड्स पर अंडे की सफेदी लगाकर उसे सूखने दे। उसके बाद उसे बेसन से हटा ले। इन छोटे छोटे घरेलु नुस्खों को अपनाकर आप ब्लैक हेड्स की समस्या से छुटकारा पा सकते है। ये उपाय बहुत लाभकारी व सुरक्षित है।

राजीव गांधी हत्या मामले में दोषी नलिनी वापस जेल पहुंची

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 राजीव गांधी हत्याकांड मामले में सात दोषियों में से एक एस. नलिनी 51 दिन की पैरोल खत्म होने के बाद जेल में वापस आ गई।

वह रविवार शाम वेल्लोर केंद्रीय कारागार लौट आई।

12 सितंबर को मद्रास उच्च न्यायालय ने उसकी पैरोल की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया था।

उसने अपनी बेटी की शादी के इंतजाम पूरे करने के लिए 15 अक्टूबर तक का समय मांगा था।

22 अगस्त को अदालत ने उसकी पैरोल तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दी थी। 25 जुलाई को नलिनी को एक महीने की पैरोल पर रिहा किया गया था।

मद्रास उच्च न्यायालय ने 5 जुलाई को नलिनी की छह महीने की पैरोल की याचिका पर एक महीने की पैरोल मंजूर की थी। साथ ही यह निर्धारित किया था कि नलिनी इस अवधि के दौरान राजनेताओं और मीडिया से नहीं मिलेगी।

नलिनी ने मामले की खुद पैरवी की थी।

अपनी याचिका में नलिनी ने कहा था कि उम्रकैद की सजा पाया हर दोषी दो साल की जेल की सजा पूरी करने के बाद एक महीने की सामान्य छुट्टी का हकदार होता है और उसने पिछले 27 वर्षों में एक बार भी जेल से छुट्टी नहीं ली है।

मामले में दोषी ठहराए गए छह अन्य लोगों में उसके पति वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन, ए. जी. पेरारिवलन, टी. सुथेंद्रराजा उर्फ संथान, जयकुमार, रॉबर्ट पायस और रविचंद्रन शामिल हैं।

ये सभी 1991 से जेल में हैं। एक तमिल टाइगर महिला आत्मघाती हमलावर ने चेन्नई के पास एक चुनावी रैली में खुद को उड़ाकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी थी।

वायरल बुखार से बचने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

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आजकल वायरल बुखार का ज्यादा प्रकोप फैला हुआ है। इसलिए जीतना हो सकें इससे बचना चाहिए। क्योंकि यह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायी साबित हो सकता है। ऐसे वायरल अक्सर मौसम बदलने के दौरान ही फैलते हैं। तापमान के उतार-चढ़ाव की वजह से शरीर का प्रतिरक्षी तंत्र थोड़ा कमजोर हो जाता है जिससे इंफैक्शन जल्दी हो जाती है। बच्चों का इम्युन सिस्टम बड़ों की अपेक्षा में कमजोर होता हैं वह बहुत जल्दी वायरस का शिकार हो जाते हैं। अगर आप इस वायरल बुखार की चपेट में आ गए हैं तो आपको शरीर में यह लक्षण दिखाई देंगे जिसे नजरअंदाज करना आपको गंभीर रूप से बीमार कर सकता है। फीवर की शुरुआत गले दर्द, थकान, खांसी, बदन दर्द आदि से शुरू होती है।

बुखार के लक्षण-

  • अगर लगातार जोड़ों में दर्द बना रहे तो डॉक्टरों की सलाह लेना जरूरी है।
  • तेज बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लें।
  • गले में दर्द होने पर डॉक्टरों की सलाह लें।
  • तेज सिरदर्द होने पर डॉक्टरों की सलाह लें।
  • आंखों में लालगी या जलन होने पर डॉक्टर को दिखाएं।
  • त्वचा पर लाल धब्बे होने पर हल्के में ना लें।
  • शरीर पर खुजली होने पर डॉक्टरों की सलाह लें।

वैसे तो वायरल फीवर के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से इलाज शुरू करवाएं। डॉक्टर एन्टीबायोटिक, एस्पिरिनऔर पेरासिटामोल जैसे दवाईयां देते हैं लेकिन घरेलू उपाय के द्वारा भी इससे राहत मिल सकती है। अगर बुखार नहीं उतर रहा तो तुलसी वाला पानी पीएं। तुलसी में एंटी बायोटिक और एंटी बैक्टिरियल गुण होते हैं जो वायरल फीवर से लडऩे में मददगार साबित होते हैं। 20 ताजा तुलसी के पत्तों को 1 लीटर पानी में एक चम्मच लौंग पाऊड़र डालकर उबाल लीजिए और पानी को आधा हो जाने तक उबालें। उसके बाद पानी को छानकर ठंडा कर लीजिए। थोड़ा थोड़ा पानी दो घंटे के अंतराल में पीएं।

यह चीजें खाएं-

  • बुखार होने पर शरीर कमजोर हो जाता है ऐसे में खाना पीना ना छोड़े।
  • हैल्दी डाइट हैं ताकि आपको वायरस से लडऩे की ताकत मिलेगी।
  • बुखार से पीडि़त हैं तो खूब सारा पानी पीएं। इससे सफेद रक्त कोशिकाएं ज्यादा अच्छे से काम करती हैं और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। -कच्चे खाद्य पदार्थों की बजाए पक्का भोजन खाएं। कच्चा भोजन पचाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
  • उबली सब्जियों का सूप पीएं। हरे पत्तेदार सब्जियां ज्यादा खाएं। टमाटर, आलू और संतरा खाएं। इसमें विटामिन ‘सी’ भरपूर मात्रा में पाया जाता है। दही भी खाएं।
  • -केला, अमरूद और सेब का रस पीने से बुखार जल्दी उतर जाता हैं। बार-बार बुखार आ रहा है तो नींबू, संतरा, अंगूर और नारंगी के जूस को आधा कप पानी में मिलाकर बिना शक्कर या बर्फ के, पीने से आपको आराम मिलता है।

कभी ना करें इन चीजों का सेवन –

  • बुखार के दौरान दूध या उससे बने पदार्थों का सेवन ना कीजिए।
  • मीट ना खाएं। कार्बोनेटेड पेय पदार्थ, चाय, कॉफी ना पीएं।
  • शराब, धूम्रपान, और तंबाकू जैसी चीजों का सेवन ना कीजिए।
  • ठंडे और तरल पेय पदार्थों का सेवन न करें। वायरल फीवर में ज्यादा से ज्यादा आराम कीजिए और दिमाग पर बिलकुल जोर ना लगाएं क्योंकि ऐसा करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होगी और वायरल ज्यादा दिनों तक रह सकता है।

‘भगवान इस देश को बचाए’, चिदंबरम के जन्मदिन के दिन ट्विटर एकाउंट से किया गया ट्वीट

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 आईएनएक्स मीडिया घोटाले मामले में जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के ट्विटर एकाउंट से एक ट्वीट किया गया है जिसमें देश से घटते निर्यात को लेकर चिंता जताई गई है और कहा गया है कि भगवान इस देश को बचाए। चिदंबर के ट्विटर एकाउंट में लिखा गया है ”मैने पी चिदंबरम) अपने परिवार के सदस्यों को मेरी तरफ से ट्वीट करने के लिए कहा है।”

आज 16 सितंबर है और आज ही पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का जन्मदिन भी है, पी चिदंबरम आज 74 वर्ष के हो गए हैं। चिदंबरम के ट्विटर एकाउंट पर लिखा गया कि उनके जन्मदिन पर उनके परिवार के सदस्य उनके लिए उनके मित्रों, सहयोगियों और शुभचिंतकों की शुभकामनाएं लेकर आए। चिदंबरम के ट्विटर एकाउंट से जन्मदिन की शुभकामाओं के लिए सभी का धन्यवाद किया गया है।

इसके अगले ट्वीट में चिदंबरम ने लिखा, ”मेरी चिंता देश की अर्थव्यवस्था को लेकर है, सिर्फ एक आंकड़ा पूरी कहानी बता देता है और वह आंकड़ा घटा हुआ एक्सपोर्ट है, अगस्त के दौरान एक्सपोर्ट में 6.05 प्रतिशत की निगेटिव ग्रोथ आई है, दुनिया में किसी भी देश ने 8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ तबतक प्राप्त नहीं की है जबतक सालाना एक्सपोर्ट में 20 प्रतिशत ग्रोथ न आई हो।”

पिछले हफ्ते ही अगस्त के दौरान माल आयात और निर्यात के आंकड़े वाणिज्य मंत्रालय ने जारी किए हैं जिनके मुताबिक अगस्त के दौरान देश से माल निर्यात 6.05 प्रतिशत घटकर 2612.68 करोड़ डॉलर दर्ज किया गया है, पिछले साल अगस्त के दौरान माल निर्यात 2780.83 करोड़ डॉलर का था। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त के दौरान आयात में भी 13.45 प्रतिशत गिरावट आई है और आयात 3958.16 करोड़ डॉलर का दर्ज किया गया है जबकि पिछले साल अगस्त में यह 4573.11 करोड़ डॉलर का था।

मोदी सरकार युवाओं को रोजगार दे नहीं पायी, अब छीनने में लगी है: कांग्रेस प्रवक्ता

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 केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार का उत्तर भारतीय नौजवानों की योग्यता पर सवाल उठाना बेहद ही शर्मनाक और देश के युवाओं को हतोत्साहित करने वाला है, सरकार के पास न तो नीति है और न ही कोई योजना है, देश में बेरोजगारी दर पिछले 45 सालों का जहां रिकार्ड तोड़ रही है वहीं बन्द हो रहीं तमाम कम्पनियां, टूट रहे निवेशक, कल कारखानों के बन्द हो रहे संस्थानों से देश की अर्थव्यवस्था भी चौपटहो रही है, हम जीडीपी के मामले में जहां अपने पड़ोसी देशों से ही संघर्ष करते नजर आ रहे हैं उस बीच केन्द्रीय सरकार के एक जिम्मेदार मंत्री का यह बयान स्थितियों को और दयनीय बनाने को प्रेरित करता है।

उक्त बातें उप्र कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अमित गुरू ने कहा, उन्होंने कहा कि देश के युवा में क्षमता की कमी नहीं है, योग्यता तो इतनी है कि हम उन्हें अवसर नहीं प्रदान कर पा रहे हैं, मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए-1 की सरकार तो पूरे कार्यकाल में रोजगार दे नहीं पायी, इसके विपरीत सिर्फ रेाजगार छीनने का काम कर रही है, नई सरकार के सौ दिन पूरे होने के बाद इस तरह के बयान आने का मतलब साफ है कि रोजगार और घटेंगे, अर्थव्यवस्था और चैपट होगी, विडम्बना यह है कि लोकतंत्र की दुहाई देकर एक तरफ पढ़ा-लिखा वर्ग जिसमें आई.ए.एस. तक आते हैं अपनी सेवा से इस्तीफा दे रहे हैं और यह सरकार योग्यता पर सवाल उठाकर नौजवानों का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि वह देश के योग्य युवाओं के लिए आने वाले समय में क्या रूट मैप तैयार करेगी? यह ऐसा पहला मौका नहीं है इससे पहले उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शिक्षकों की नियुक्ति की बात को लेकर नौजवानों पर आरोप लगाया था कि प्रदेश के युवा योग्य नहीं हैं।

अमित गुरु ने कहा कि कांग्रेस स्पष्ट करती है कि युवाओं को उनका हक मिलेगा, उनकी योग्यता का पूरा सम्मान होगा जिसके लिए हर संभव लड़ाई को कांग्रेस बखूबी लड़ेगी और ऐसे ऊलजुलूल बयानों की निन्दा करेगी।

अमित गुरू ने स्पष्ट किया कि उत्तर भारत के युवाओं ने हमेशा देश के विभिन्न क्षेत्रों में चाहे विज्ञान की बात हो, स्वास्थ्य की बात हो, शिक्षा की बात हो, टेक्नालाॅजी की बात हो या फिर ब्यूरोक्रेसी में अहम मुकाम हासिल करने की बात हो, हमेशा आगे बढ़कर देश का गौरव और मान बढ़ाया है। केन्द्रीय मंत्री श्री संतोष गंगवार को युवाओं का इस तरह मजाक बनाने पर उनसे माफी मांगनी चाहिए।

अमित गुरू ने अपने बयान में आगे कहा कि कितना हास्यास्पद है कि मौजूदा सरकार के मंत्री अपनी योग्यता नहीं देखते। हाल ही में केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने जिस तरह न्यूटन का क्रेडिट आइन्सटीन को दिया था उससे यह साफ हो जाता है कि मौजूदा सरकार के मंत्री ही या तो योग्य नहीं हैं या फिर मुद्दों को लेकर गंभीर नहीं हैं। ऐसे में उन्हें उत्तर भारतीयों की योग्यता पर सवाल उठाने का कोई हक नहीं बनता है। सरकार स्पष्ट करे कि वह युवाओं के लिए करोड़ों रोजगार कब सृजित कर रही है? स्थिति स्पष्ट हो जायेगी कि युवा अयोग्य है या सरकार के पास नीति और नीयति नहीं है।