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देश की गिरती अर्थव्यवस्था के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार : बीडी कुरैशी

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छत्तीसगढ़ राज्य के पूर्व मंत्री प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष बीडी कुरैशी ने कहा कि लगभग पिछले साढ़े पांच वर्षो के कार्यकाल में अर्थव्यवस्था की विकास दर सबसे निचले स्तर पर जो कि 5.8 प्रतिशत से पांच प्रतिशत आ गई है। इसे नीति आयोग के प्रमुख राजीव कुमार ने भी माना है कि देश का समूचा आर्थिक सेक्टर उथल-पुथल का शिकार हो चुका है।

कुरैशी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को ई-मेल करके एवं पत्र लिखकर कहा है कि पांच ट्रिलियन इकानॉमी का सपना तो दूर गिरती अर्थव्यवस्था को थामने में मोदी सरकार पूरी तरह असफल साबित हो रही है। एयर इंडिया को 7600 करोड़ रुपये की हानि। बीएसएनएल में 54000 नौकरी खतरे में है। वहीं एचएएल कर्मियों को वेतन नहीं मिल रहा। डाक विभाग 15हजार करोड़ के घाटे में, सर्वाधिक लाभ कमाने वाली कम्पनी ओएनजीसी नुकसान में है। वहीं लगभग 36 बडे ऋणी उद्योगपति भाग गए। भारतीय रेल्वे का विक्रय-निजीकरण, सांस्कृति धरोहरों जैसे लाल किले को किराये पर देने की तैयारी, रियल स्टेट सेक्टर के मंदी जीएटी 18 से 28प्रतिशत है। महारत्न का दर्जा प्राप्त सेल जैसे सार्वजनिक उपक्रमों का घाटे में होना एवं वेज रिवीजन रूकना आदि सरकार की विफलताओं की ओर संकेत दे रही हैं। इसके लिए पुरी तरह से मोदी सरकार जिम्मेदार है। कुरैशी ने कहा कि देश का आर्थिक विकास दर बढ़ाने सरकार ईफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढाए, असंगठित क्षेत्र को सस्ता लोन, ग्रामीण क्षेत्र में निवेश, निर्यात को प्रोत्साहन, रियल इस्टेट को प्रोत्साहन एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड इत्यादि पर जोर दे।

छत्तीसगढ़ : पॉलीथिन मुक्त शहर बनाने चैंबर चलाएगा अभियान

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 भिलाई शहर को पॉलीथिन मुक्त शहर बनाने भिलाई चैम्बर द्वारा सभी बाजारों की दुकानों में पॉलीथिन मांगकर शर्मिंदा न करें के स्लोगन वाला पोस्टर लगाया जाएगा। वहीं शहर में 10 हजार से भी अधिक कपड़े के थैले बांटे जाएंगे।

भिलाई चैम्बर व नगर निगम के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई थी। युवा अध्यक्ष अजय भसीन ने बताया कि सभी बाजारों में व्यापारियों को संकल्प दिलाया जाएगा कि शहर को पॉलीथिन मुक्त रखने थैला घर से लेकर बाजार आयें। प्रदेश उपाध्यक्ष गारगी शंकर मिश्रा ने बताया कि भिलाई चैम्बर एक अभियान चलाएगा जिसमे भिलाई की सभी बाजारों में प्रत्येक दुकान में एक स्टिकर चिपकाया जाएगा जिसमे लिखा होगा पॉलीथिन मांगकर शर्मिंदा न करें। भिलाई चैम्बर अध्यक्ष भीमसेन सेंतपाल ने बताया कि आम जनता में थैला साथ में लाने की आदत हो इसलिए 10 हजार थैला बांटे जाएंगे।

अजय भसीन द्वारा समाज को संदेश देने स्वयं पहल करते हुए कपड़े के थैले में फल की खरीदी की। आम जनता से अनुरोध किया कि सभी अपने अपने घरों से थैले लेकर बाजार आये ताकि पॉलीथिन के प्रदूषण से हमारा शहर मुक्त हो। भिलाई चैम्बर के विजय सिंह, शिरीष अग्रवाल,लक्षमण आयलानी, राकेश मह्लोत्रा, अरविंदर खुराना, मनोज बक्तानि, राहुल चेलानी, सुनील मिश्रा, हरीश शर्मा, अखराज ओस्तवाल व अन्य पदधिकारी इस अभियान में सक्रिय हैं।

भिलाई : सर्वश्रेष्ठ पंडाल, झांकी एवं प्रतिमा को आज मिलेगा पुरस्कार

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आस्था रथ सांस्कृतिक मंच द्वारा भिलाई में श्री गणेश विसर्जन महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जा रहा है। उक्त समारोह में 12 सितंबर को शाम सात बजे शहर में विराजित भगवान श्रीगणेश की झांकी सेंन्ट्रल एवेन्यु से निकलेंगी। इनके सम्मान में सिविक सेंटर तिराहा मंगल भवन के सामने श्रीगणेश विसर्जन महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया जा गया है। समारोह को आकर्षक बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडाल, सर्वश्रेष्ठ, प्रतिमा, सर्वश्रेष्ठ पूजा समिति, सर्वश्रेष्ठ झांकी जैसे कई आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं।

आयोजन में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, दुर्ग सांसद विजय बघेल, पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय, विधायक देवेंद्र यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल होंगे।

आस्था रथ सांस्कृतिक मंच द्वारा विगत वर्ष से जूनियर वर्ग में भी पुरस्कार रखे जा रहे हैं ताकि छोटी आयोजन समितियों को भी प्रतियोगिता में शामिल किया जा सके । इसके अलावा आयोजन में शामिल होने वाली प्रत्येक समितियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा। आयोजन के अध्यक्ष मिथलेश ठाकुर एवं संयोजक अनुभूति ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष समाज में अपना उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसके साथ ही स्व.प्रकाश भाकरे की स्मृति में एक आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को आर्थिक सहायता दी जाएगी । आस्था रथ सांस्कृतिक मंच इस वर्ष एक स्मारिका का प्रकाशन भी कर रही है जिसका विमोचन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ : यूजीसी की ‘परामर्श’ में प्रदेश से एकमात्र दुर्ग साइंस कॉलेज का चयन

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली की महत्वाकांक्षी योजना परामर्श में छत्तीसगढ़ प्रदेश से एकमात्र महाविद्यालय शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग का चयन हुआ है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली द्वारा परामर्श योजना के अंतर्गत समूचे देश के 167 चुनिंदा शैक्षणिक संस्थानों का चयन किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर साइंस कॉलेज दुर्ग को इस सूची में 13 वें नंबर पर स्थान प्राप्त है।

साइंस कॉलेज दुर्ग के प्राचार्य डॉ.आरएन सिंह बताया कि साइंस कॉलेज दुर्ग की राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि है। इस परामर्श योजना के अंतर्गत साइंस कॉलेज दुर्ग द्वारा दुर्ग जिले के पांच महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ नैक मूल्यांकन को आवश्यक समस्त जानकारियां भी साइंस कॉलेज दुर्ग के प्राध्यापक उपलब्ध करायेंगे। प्रारंभिक तैयारी से लेकर नैक मूल्यांकन हेतु आने वाली विशेषज्ञों की टीम द्वारा भौतिक निरीक्षण तक यह सहायता का केंपैन जारी रहेगा। इस कार्य के लिए यूजीसी द्वारा साइंस कॉलेज दुर्ग को वांछित राशि भी प्रदान की जायेगी।

इन पांच महाविद्यालयों को दिया जाएगा परामर्श

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ.प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि परामर्श योजना के तहत जिन पांच महाविद्यालयों को साइंस कॉलेज दुर्ग द्वारा नैक मूल्यांकन के लिए परामर्श दिया जायेगा, उनमें शासकीय कन्या महाविद्यालय दुर्ग, शासकीय खूबचंद बघेल पीजी कालेज, भिलाई-3, शंकराचार्य महाविद्यालय, जुनवानी भिलाई, स्वामी स्वरूपानंद महाविद्यालय, भिलाई तथा भिलाई महिला महाविद्यालय, भिलाई को प्रारंभिक चरण में शामिल किया गया है। उक्त परामर्श योजना के सफल क्रियान्वयन करने साइंस कॉलेज दुर्ग के आईक्यूएसी प्रभारी डॉ.जगजीत कौर सलूजा को दायित्व सौंपा गया है। इस योजना की समन्वयक यूजीसी सेल प्रभारी डॉ. अनुपमा अस्थाना होंगी तथा यूजीसी के नियमानुसार एक्रीडिटेशन एम्बेसेडर का दायित्व भूगर्भद्याास्त्र के सहायक प्राध्यापक एवं आईक्यूएसी सदस्य डॉ.प्रशांत श्रीवास्तव संभालेंगे।

इस संदर्भ में साइंस कॉलेज दुर्ग में यूजीसी के निर्देशानुसार स्टैण्डिंग कमेटी भी गठित की गई है, जिसके सदस्य डॉ.ओपी गुप्ता, डॉ. सोमाली गुप्ता, डॉ. पद्मावती, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. अजय सिंह, डॉ. जय प्रकाश साव, डॉ.जीएस ठाकुर, डॉ.एसडी देशमुख,डॉ.के.पद्मावती तथा डॉ. अनिल पाण्डेय मनोनीत किए गए है।

छत्तीसगढ़ : पक्षी विहार से वन्यजीवों को सफारी में शिफ्ट करने की और मिली मोहलत

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पक्षी विहार से वन्यजीवों को जंगल सफारी में शिफ्ट करना है। नेशनल जू अथॉरिटी ने जल्द से जल्द शिफ्ट करने का आदेश दिया था, लेकिन जिस हिसाब से कार्य चल रहा है उस हिसाब से एक वर्ष और लग सकता है। हलांकि वर्ष 2020 के अंत में नंदनवन का लाइसेंस खत्म होगा। इस हिसाब से शिफ्टिंग के लिए एक साल की मोहलत है। इस बीच शिफ्ट नहीं होने पर सफारी प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

दूसरी तरफ फंड के अभाव में जंगल सफारी में बाड़ों के निर्माण पर ग्रहण लग गया है। टेंडर प्रक्रिया में बदलाव होने की वजह से काम नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बाड़े का निर्माण कर जल्द ही वन्यजीवों को जंगल सफारी में शिफ्ट किया जाएगा। ज्ञात हो कि एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित जंगल सफारी में 37 बाड़ों का निर्माण किया जाना है। वर्तमान में विश्व स्तरीय 11 बाड़ों का निर्माण हो गया है। अभी 26 बाड़ों का निर्माण और करना है। विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में बदलाव के चलते जंगल सफारी में होने वाले विकास कार्य अधर में लटक गए। वर्तमान में एक बाड़ों के निर्माण में करीब 30 से 35 लाख रुपये का खर्च आ रहा है। विभाग को किसी भी कीमत पर एक साल के भीतर बाड़ों का निर्माण करना है, जो अब असंभव दिखाई दे रहा है।

लाइसेंस नवीनीकरण में हो सकती परेशानी

सेंट्रल जू अथॉरिटी अपने मापदंडों और शर्तों के मुताबिक जू संचालन के लिए लाइसेंस देती है। अधिकारी ने बताया कि जू अथॉरिटी ने नंदनवन को वर्ष 2020 तक के लिए लाइसेंस जारी किया है इसलिए इस बीच शिफ्ट नहीं कर पाने पर वन विभाग को सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया को इसका ठोस कारण बताना होगा। इस दौरान जू अथॉरिटी लाइसेंस के नवीनीकरण पर पुनर्विचार कर सकती है। यदि लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया तो विभाग को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

2020 तक नंदनवन में देख सकेंगे वन्यजीव

पक्षी विहार आने वाले पर्यटक 2020 तक वन्यजीवों को देख सकेंगे। इसके बाद इन्हें देखने के लिए जगल सफारी जाना होगी। नंदनवन में वर्तमान में चीतल, भालू, लकड़बग्घा, सियार, लोमड़ी, तेंदुआ मगरमच्छ, शेर, नीलगाय आदि हैं।

नंदनवन से वन्यजीवों को शिफ्ट करने की योजना चल रही है। बाड़े बनने के बाद उनको शिफ्ट किया जाएगा। नेशनल जू अथॉरिटी ने 2020 तक का लाइसेंस दिया है। -एम मर्शीवेला, डीएफओ, जंगल सफारी

छत्तीसगढ़ : सुस्ती से शुरू नहीं हो पा रहा है सुगम यातायात

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इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) प्रोजेक्ट सुगम यातायात देने में फिलहाल बहुत ज्यादा कामयाब साबित नहीं हो पा रहा है। प्रोजेक्ट के हिसाब से 20 से अधिक ऐसे चौक-चौराहे हैं जहां अभी भी सिग्नल, कैमरे लगने का काम बचा है, क्योंकि इन चौक पर निजी एडवरटाइजिंग के होर्डिंग्स लगे हुए थे। कुछ जगहों पर लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाइवे का काम जारी था। शास्त्री चौक पर स्काय वॉक की वजह से इस प्रोजेक्ट के तहत काम ही नहीं हो पाया। दूसरी ओर कहा तो ये भी गया था कि चालकों को सिग्नल पर ऐसा सिस्टम मिलेगा कि अगर चौक की किसी सड़क पर वाहन नहीं है तो बाजू वाला सिग्नल खुद ब खुद ग्रीन हो जाएगा। इससे लोगों का समय बचेगा। यह व्यवस्था भी शुरू नहीं हो सकी है।

पड़ताल में सामने आया कि अभी चौक-चौराहों पर एयरलेट कंपनी की फाइबर केबल ही नहीं बिछी है। जब तक इंटरनेट कनेक्शन नहीं होगा, सुविधा नहीं मिलेगी। इसलिए कहा जा रहा है प्रोजेक्ट पीछे चल रहा है।

इन सड़कों पर मिलता है रोजाना जाम-

बता दें कि अभी शहर के हर चौक पर भारी जाम लग रहा है। तेलीबांधा से लेकर पं. रविशंकर विश्वविद्यालय, पुरानी बस्ती थाने से लाखेनगर-सुंदर नगर तक, शास्त्री चौक से रेलवे स्टेशन, शास्त्री चौक से महिला थाना चौक होते हुए नरैया तालाब सिद्धार्थ चौक तक जाम ही जाम मिलता है।

पहली सिंक्रोनाइज्ड सड़क होगी अग्रसेन चौक से टाटीबंध तक- शहर की पहले सिक्रोनाइज्ड सड़क अग्रसेन चौक से टाटीबंध तक की होगी। यहां ऐसी व्यवस्था होगी कि सिग्नल ग्रीन ही मिलेगा। कुछ ही मिनट में व्यक्ति यह दूरी तय कर लेगा।

इमरजेंसी कॉल बॉक्स पुलिस के जिम्मे-

शहर के 20 सिग्नल पर पेनिक बटन लगाए गए। बाद में यह विचार आया कि कोई भी इन्हें दबा देगा, इसका दुरुपयोग होगा। इसलिए इसकी जगह पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए गए। इन सबकी कुल संख्या 83 हो चुकी है। इस पूरे सिस्टम को स्मार्ट सिटी ने पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस का डॉयल 112 स्टाफ इस पर काम कर रहा है। इसे पुलिस ही अपने 112 नंबर से कनेक्ट करेगी। क्योंकि ओवर-ऑल पुलिस ही मदद के लिए पहुंचेगी।

अभी इस प्रोजेक्ट पर काफी काम होना बाकी है। हम एक रूट तय कर रहे हैं, जो अग्रसेन धाम से टाटीबंध तक जाएगा। बिना रुके आप सफर तय करेंगे। अभी केबल फाइबर लाइन बिछाने का काम जारी है। शहर में भी जल्द सिग्लन सिंक्रोनाइज्ड किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ : सड़क पर रोज बेमौत मारे जा रहे मवेशी, प्रदेश में तीन महीने में 300 की गई जान

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कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी योजना की चर्चा प्रदेश भर में है। गावों में यह योजना युद्धस्तर पर लागू की जा रही है। गोठानों को ‘गरुवा’ कार्यक्रम के तहत बेहतर रूप से विकसित किया जा रहा है। लेकिन शहरों में इसके ठीक विपरीत स्थिति देखने को मिल रही है। सड़कों पर मवेशियों का कब्जा होने की वजह से लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।

रायपुर समेत प्रदेश भर की हाइवे, रिंग रोड हर रोज मवेशियों के खून से लाल हो रही हैं। आकंड़े काफी चौंकाने वाले हैं। पिछले तीन महीने में सड़क दुर्घटना में 300 से ज्यादा मवेशियों की मौत हुई है। बुधवार की सुबह फिर धरसींवा के सिलतरा स्थित सारडा एनर्जी गेट नंबर दो के सामने अज्ञात वाहन सड़क पर बैठे मवेशियों को रौंदते हुए निकल लगया। मौके पर ही आठ मवेशियों की मौत हो गई, जबकि दो घायल हैं।

हादसों की तरफ न तो निगम प्रशासन का ध्यान है और न ही जिम्मेदार अधिकारी रोकने की कोशिश कर रहे हैं। बारिश के दौरान जानवरों को मच्छर अधिक काटते हैं। इनसे बचने के लिए जानवर सड़कों पर बैठ जाते हैं जब पास से वाहन गुजरता है तो गुजरने वाले वाहन की हवा से मच्छर उड़ जाते हैं इस कारण बड़ी संख्या में बेसहारा मवेशी सड़कों पर बैठ जाते है। राजधानी रायपुर समेत महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार, दुर्ग, बेमेतरा, धमतरी, राजनांदगांव, कवर्धा, बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर आदि जिलों में पिछले एक महीने के भीतर हाइवे व रिंग रोड पर सौ से अधिक मवेशियों की मौत हुई है। जानकारी के मुताबिक इन दुर्घटनाओं को अंजाम देने वाले की भी जानकारी नहीं है, क्योंकि ज्यादातर घटनाएं रात के में सड़क पर दौड़ने वाले भारी मालवाहक वाहनों से हुई है।

धरसींवा रोड पर ज्यादातर हादसे

कुछ दिन पहले राजधानी से लगे धरसींवा रोड पर कार पलटने से आठ गायों की मौत हुई है। कार का ड्राइवर नशे में था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ था। बुधवार की सुबह फिर आठ मवेशियों की मौत से लोगों में आक्रोश है। रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर धरसींवा के आसपास ज्यादातर हादसे हो रहे हैं। बिलासपुर में मवेशियों की वजह से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने वहां की ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर बैठने वाले मवेशियों की सींगों में रेडियम लगाना शुरू किया है, ताकि रात में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसका असर भी हुआ है। इसी तरह बालोद जिले में आरबीएस बस के चालक ने सड़क पर बैठी गाय पर ही चढ़ा दी थी। इस दुर्घटना के बाद पशु चिकित्सालय में सूचना देने के बाद भी मौके पर कोई नहीं पहुंचा। तब स्थानीय युवकों ने घायल गाय को अस्पताल पहुंचाया।

निगम चलाए अभियान

वाहन चालकों पर नजर रखने ट्रैफिक पुलिसकर्मी व सीसीटीवी कैमरे तक हैं, लेकिन आम लोगों के लिए खतरा बन रहे मवेशियों को सड़कों से हटाने की कोई योजना नहीं है। हालांकि निगम के अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि रोज अवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस पहुंचाया जा रहा है। लेकिन वास्तविकता हर समय सड़क पर बैठे मवेशियों को देखकर समझा जा सकता है।

पशु मालिकों पर सख्ती जरूरी

शहर की सड़कों पर लावारिस पशुओं को छोड़ने पर सख्ती होने से ही हादसे को रोका जा सकता है। शहर के आसपास के गांवों के लोग भी अपने पालतू पशुओं को खुले में छोड़ देते हैं। इससे सुबह से रात भर वाहन चालकों के लिए जान का खतरा रहता है। बारिश के मौसम में सैकड़ों की संख्या में आवारा पशु सड़कों पर डेरा डाल देते हैं, जिसकी वजह से आवागमन बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है। आए दिन वाहन चालक पशुओं को बचाने के चक्कर में घायल हो रहे हैं।

राजधानी की हर सड़क पर कब्जा

राजधानी रायपुर की हर सड़क पर मवेशियों का कब्जा हो गया है। रिंग रोड नंबर एक, दो और तीन के साथ सेजबहार रोड, देवपुरी रोड, राजेंद्र नगर रोड, शंकर नगर, पंडरी, कालीबाड़ी, जीई रोड, गुढ़ियारी खमतराई, धमतरी रोड, विधान सभा रोड, नया रायपुर रोड आदि पर मवेशियों की तादाद बढ़ती जा रही है। इसके कारण सड़क दुर्घटनाएं भी बढ़ गई हैं। निगम ने जोन स्तर पर मवेशियों का सर्वे कराया था। सभी आठों जोन के अंतर्गत 70 वार्डों में करीब चार हजार मवेशी हैं। इनमें 45 प्रतिशत मवेशियों के मालिक हैं और शेष 55 प्रतिशत मवेशी आवारा घूमते हैं।

छत्तीसगढ़ : एशियन सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में भारत का पदक पक्का, राज्य के तीन खिलाड़ी

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मलेशिया के क्वालालम्पुर शहर में एशिया कप अंडर-17 मेन सॉफ्टबाल चैंपियनशिप में भारतीय टीम का पदक तय है। यह पहला मौका होगा जब भारतीय टीम पदक जीतकर लौटेगी। छत्तीसगढ़ के तीन खिलाड़ी भी टीम में लगातार शानदार प्रदर्शन कर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। रायपुर से दुष्यंत निषाद, मुंगेली से आर्यन ताम्रकार और बीजापुर से सुरेश हेमला शामिल हैं। दुष्यंत सेकंड बेस, आर्यन पिचर और थर्ड बेस एवं सुरेश सेंटर फील्ड पर खेलते हैं। भारत का अगला मुकाबला 12 सितंबर को सिंगापुर से है। भारत अगर सिंगापुर को हरा देता है तो, भारत ग्रांड फाइनल में प्रवेश कर जाएगा। जापान पहले ही अपने सारे मैच जीतकर ग्रांड फाइनल में जगह पक्की कर चुका है। अगर सिंगापुर से भारत हारता है तो भी कांस्य पदक पक्का है। सॉफ्टबॉल में किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में यह पहला पदक होगा। इसलिए भारतीय सॉफ्टबॉल के लिए यह ऐतिहासिक पल है।

गौरतलब है कि चैंपियनशिप 7 से 13 सितंबर तक आयोजित है। भारत ने अब तक छह मैच खेले हैं, जिसमें 4 में जीत दर्ज की है, वहीं दो मैचों में हार झेलनी पड़ी। रविवार को भारत ने फिलिपिंस से आठ इनिंग तक चले बेहद कड़े मुकाबले में 4-3 के स्कोर से जीत हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया।

फिलिपिंस व थाईलैंड को दी करारी शिकस्त :

भारतीय टीम का पहला मुकाबला मलेशिया से हुआ। इसे भारत ने आसानी से 3-1 से जीत लिया। दूसरा मैच भारत 1-2 के स्कोर से सिंगापुर से हार गया। इसके बाद विश्व की दूसरे नंबर की टीम और विगत एशियन चैंपियनशिप की विजेता जापान ने भारत को 17-00 से रौंदा। इस बड़ी हार को इंडिया टीम ने भुलाते हुए वापसी की और फिलिपिंस जैसी मजबूत टीम को 5-2 से और थाईलैंड को 10-05 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। सेमीफाइनल में फिलिपिंस को कड़े मुकाबले में 4-3 से पराजित किया।

छत्तीसगढ़ : गृहमंत्री ने कहा ‘दक्ष’ से 24 घंटे रखें शहर पर नजर, बढ़ाएं सिग्नल-कैमरे

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रायपुर में यातायात व्यवस्था को सरल करने, वाहन चालकों को यातायात के नियमों का पालन करने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए ही इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) प्रोजेक्ट का कंसेप्ट आया। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (आरएससीएल) ने 157 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया। चौक-चौराहों पर सिग्नल, 500 से अधिक स्मार्ट कैमरे अब तक लगाए जा चुके हैं। इन सबका कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जय स्तंभ चौक स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के थर्ड फ्लोर पर है। दिन में ठीक, मगर रात में यहां कोई स्टाफ नहीं रहता। निगरानी हीं होती। यह सूचना जब प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू तक पहुंची तो वे कमांड सेंटर पहुंच गए। अफसरों से कहा- स्टाफ की तैनाती करें, 24 घंटे सड़क पर नजर रखें। जरुरत पड़ने पर सिग्नल-कैमरे लगाएं।

बुधवार को अचानक मंत्री पहुंचे तो अफसरों में मागमभाग मच गई। आइजी रायपुर आनंद छावड़ा, पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन व निगमायुक्त एवं एमडी स्मार्ट सिटी शिव अनंत तायल, महापौर प्रमोद दुबे समेत स्मार्ट सिटी के अफसर मौजूद रहे। एमडी तायल ने मंत्री को पूरे प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन दिया। मंत्री ने कहा कि यह प्रणाली बहुत ही सशक्त है। मानकों पर इसका संचालन हो तो संपूर्ण व्यवस्था सुधर जाएगी।

दक्ष में तैनात होगा 60 का बल- मंत्री के निर्देश पर आइजी आनंद छावड़ा, पुलिस अधीक्षक आरिफ शेख ने तत्काल एक राजपत्रिक अधिकारी के निर्देशन में 60 पुलिस बल की तैनाती करने आदेश जारी कर दिए। अन्य जिलों के साथ समन्वय कर अतिरिक्त बल के लिए होमगार्ड (नगर सेना) की सेवाएं ली जाएंगी।

तीन माह में एक से अधिक बार नियम तोड़ने वाले होंगे शॉर्ट लिस्ट- आइजी छाबड़ा ने कंट्रोल रूम प्रभारी को कहा कि ऐसे वाहन चालक जिन्होंने तीन माह में एक या उससे अधिक बार नियम तोड़े हैं,शॉर्ट लिस्ट कर कार्रवाई करें।

पुलिस का प्रस्ताव और चाहिए कैमरे, सिग्नल- पुलिस की तरफ से रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को प्रस्ताव भेजा है। पूर्व में बताया था कि शहर में 200 अन्य जगहों पर कैमरे और 22 नई सड़कों पर सिग्नल का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए बजट गृह मंत्री ने निर्देश पर स्मार्ट सिटी मिशन पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि शहर में 82 लोकेशन पर 367 कैमरे प्रस्तावित हैं, जिसमें 200 चालू हैं। शेष 167 जो नेशनल हाइवे व लोक निर्माण विभाग के मार्गों पर लगने हैं।

छत्तीसगढ़ : रायपुर में गणेश विसर्जन पर रहेगी इनकी निगाह

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गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन गुरुवार से शुरू हो जाएगा, जो चार दिन तक चलेगा। निगम प्रशासन ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए महादेवघाट में कुंड की तैयारी पूरी कर ली है। महादेवघाट में विसर्जन के दौरान दो दर्जन सीसीटीवी से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। सीसीटीवी कैमरे का कंट्रोल रूम महादेवघाट पर ही बनाया जा रहा है।

इसके साथ ही निगम प्रशासन ने चार दिन तक निगम के कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगा दी है। निगम प्रशासन विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरत रहा है। इसके साथ ही निगम ने मंगलवार से खारुन नदी में विसर्जन पर रोक लगा दी है। निगम के अधिकारी का कहना है कि असामाजिक तत्वों तथा यातायात पर काबू पाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि महादेवघाट में छोटी-बड़ी मिलाकर साढ़े चार से पांच हजार तक मूर्तियां विसर्जित की जाती हैं। मूर्तियों के विसर्जन का सिलसिला करीब चार दिन तक चलता है। इस वर्ष गुरुवार से रविवार तक विसर्जन किया जाएगा। इसके साथ ही निगम ने प्रत्येक जोन में विसर्जन के लिए कुंड बनाया है तो 40 अस्थायी विसर्जन कुंड बनाए गए हैं। जिससे मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी प्रकार का व्यवधान न होने पाए।

उल्लेखनीय है कि विसर्जन जुलूस के दौरान मारपीट, जेबकटी, छेड़छाड़ की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। भी़ड़ में आरोपितों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इस कारण इस बार ऐसी व्यवस्था की जा रही है। महादेवघाट में विसर्जन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस के तीन सौ जवान तैनात होंगे। इनमें टीआइ, एसआइ और हवलदार शामिल रहेंगे।

भीड़ पर लगेगी लगाम

निगम के अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे से भीड़ पर नजर रखी जाएगी। भीड़ अधिक होने पर निगम के कर्मचारी और पुलिस के जवानों को भेजकर तुरंत जाम को खाली कराया जाएगा जिससे लोग आसानी से विसर्जन कुंड तक पहुंच सके। वहीं विसर्जन कुंड में आने वाले वाहनों पर भी नजर रखी जाएगी।

गणेश झांकी विसर्जन को लेकर पहली बार सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है। जिससे असमाजिक तत्वों पर नजर रखी जाए और भीड़ को कंट्रोल किया जा सके। – बीआर अग्रवाल, एक्जिक्यूटिव इंजीनियर, रायपुर नगर निगम