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कोच्चि बंदरगाह पर ईरानी युद्धपोत के डॉकिंग के लिए ईरान ने भारत का किया धन्यवाद…

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पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत ने ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस लवन को कोच्चि बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति दी। इसे लेकर ईरान ने भारत के प्रति आभार व्यक्त किया है।

ईरान ने भारत के इस कदम को “मानवीय” बताया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में अपने संबोधन के दौरान इसकी जानकारी दी।

पश्चिम एशिया संघर्ष में बदलते हालात पर राज्यसभा में जयशंकर ने कहा कि मौजूदा हालात में ईरान के साथ उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखना मुश्किल रहा है, हालांकि मौजूद चैनलों के जरिए डिप्लोमैटिक बातचीत जारी है।

विदेश मंत्री ने कहा, “हालांकि कोशिशें की गई हैं, लेकिन इस समय नेतृत्व के स्तर पर ईरान के साथ संपर्क करना साफ तौर पर मुश्किल है। हालांकि, मैंने 20 फरवरी, 2026 और 5 मार्च, 2026 को विदेश मंत्री अराघची से बात की है। हम आने वाले दिनों में ये उच्च स्तरीय बातचीत जारी रखेंगे।”

इस दौरान उन्होंने कोच्चि में अभी डॉक किए गए ईरानी नेवी के जहाज का भी जिक्र किया। विदेश मंत्री ने उन हालातों के बारे में बताया जिनके तहत भारत ने जहाज को भारतीय पोर्ट में आने की इजाजत दी थी।

बता दें, यह तब हुआ जब श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना के डूबने की घटना घटी। लगभग उसी समय, एक और ईरानी नौसेना का जहाज इस इलाके में काम करते समय तकनीकी दिक्कतों का सामना करने के बाद मदद मांगने के लिए भारत से संपर्क कर चुका था।

ईएएम जयशंकर ने कहा, “ईरानी पक्ष ने 20 फरवरी, 2026 को इस इलाके के तीन जहाजों को हमारे पोर्ट पर डॉक करने की इजाजत मांगी थी। यह 1 मार्च, 2026 को मिल गई। आईआरआईएस लवन असल में 4 मार्च, 2026 को कोच्चि में डॉक हुआ। क्रू अभी भारतीय नौसेना फैसिलिटी में है। हमारा मानना ​​है कि यह करना सही है। ईरानी विदेश मंत्री ने इस इंसानियत भरे काम के लिए हमारे देश का शुक्रिया अदा किया है।”

विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रही अस्थिरता के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताओं पर भी बात की और कहा कि हालात को मैनेज करते हुए, सरकार ने भारतीय कंज्यूमर्स के हितों को “सबसे जरूरी प्राथमिकता” के तौर पर रखा है।

उन्होंने कहा, “सबसे पहले, भारत शांति के पक्ष में है और बातचीत और डिप्लोमेसी पर लौटने की अपील करता है। हम तनाव कम करने, संयम बरतने और आम लोगों की सुरक्षा पक्का करने की वकालत करते हैं। दूसरी बात, इस इलाके में भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। हम इस दिशा में इलाके की सरकारों के साथ काम करते रहेंगे।”

राज्यसभा में अपने संबोधन के आखिर में ईएएम जयशंकर ने कहा, “आखिर में, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार सहित हमारा राष्ट्रीय हित हमेशा सबसे ऊपर रहेगा।”

बढ़ती कीमतों के बीच आपातकालीन तेल भंडार जारी करने पर चर्चा करेंगे जी-7 देशों के मंत्री…

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जी-7 देशों के वित्त मंत्री सोमवार को एक बैठक में आपातकालीन पेट्रोलियम भंडार की समन्वित रिहाई पर चर्चा करेंगे क्योंकि गल्फ क्षेत्र में संघर्ष के बाद तेल की कीमतों में तेजी आई है।

एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रियों से उम्मीद की जा रही है कि वे सोमवार को आपातकालीन चर्चा करेंगे। इस बैठक में इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल भी शामिल होंगे।

बैठक का मुख्य विषय ईरान से जुड़े युद्ध का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव होगा। अब तक अमेरिका समेत तीन जी-7 देशों ने रणनीतिक भंडार से तेल जारी करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ अमेरिकी नीति निर्माताओं का मानना है कि लगभग 300-400 मिलियन बैरल का समन्वित तेल जारी करना उपयुक्त हो सकता है।

फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक यह मात्रा आईईए सदस्य देशों के पास मौजूदा 1.2 बिलियन बैरल के रणनीतिक भंडार का लगभग 25-30 प्रतिशत होगी।

आपातकालीन पेट्रोलियम भंडार 1974 में आईईए के गठन के बाद स्थापित किए गए थे, जब अरब तेल इंबार्गो के कारण वैश्विक ईंधन की कमी और कीमतों में तेज़ी आई थी।

आईईए के सदस्य देशों को यह रणनीतिक भंडार बनाए रखना अनिवार्य है जिससे तेल आपूर्ति में गंभीर व्यवधान होने पर सामूहिक रूप से प्रतिक्रिया दी जा सके।

आईईए के गठन के बाद अब तक सदस्य देशों ने पाँच बार समन्वित आपातकालीन तेल भंडार रिलीज़ की है। सबसे हालिया कार्रवाई 2022 में हुई थी, जब रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के कारण ऊर्जा कीमतों में तेजी आई।

रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार की बैठक से पहले आईईए ने पिछले सप्ताह आपूर्ति संकट से निपटने के लिए आपातकालीन चर्चा भी आयोजित की थी। बैठक के लिए तैयार दस्तावेज़ में कहा गया कि आईईए “तेल बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए कार्रवाई करने के लिए तैयार है।”

“पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा ने आयोग को दिया सुझाव, एक से दो चरणों में चुनाव कराने की मांग”

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भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई ने राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की पूर्ण पीठ के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति दी।

पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के सामने रखे।

भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक चलने वाली चुनाव प्रक्रिया से हिंसा और प्रशासनिक दखल की आशंका बढ़ जाती है। पार्टी ने आयोग से मांग की कि छह सप्ताह तक 7-8 चरणों में मतदान कराने के बजाय कम समय में अधिकतम एक या दो चरणों में मतदान कराया जाए। साथ ही, पिछले तीन चुनावों 2019 व 2024 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग के आदेश से स्थानांतरित किए गए सभी अधिकारियों को फिर से ट्रांसफर करने की मांग की।

भाजपा ने “संवेदनशील बूथ” के बारे में बताते हुए कहा कि जहां पिछले तीन चुनावों के दौरान मतदान के समय या उसके बाद हिंसा हुई हो, या जहां 85 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है और अशांति फैलाई जा सकती है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर निर्भरता कम करने की बात कही।

पार्टी ने मांग की कि पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की अग्रिम तैनाती की जाए और उनके लिए क्षेत्र से परिचित कराने हेतु हैंडबुक उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सीएपीएफ के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि बल की तैनाती व आवाजाही पूरी तरह पारदर्शी हो और जवान स्थानीय लोगों से किसी प्रकार की मेहमाननवाजी स्वीकार न करें।

भाजपा ने यह भी सुझाव दिया कि सामान्य पर्यवेक्षकों और पुलिस पर्यवेक्षकों को काफी पहले से तैनात किया जाए ताकि वे स्वतंत्र आकलन कर सकें। वहीं, सीएपीएफ की ओर से एरिया डॉमिनेशन, रूट मार्च और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग उपाय स्थानीय पुलिस के बजाय ऑब्जर्वरों की पहचान के आधार पर किए जाएं।

भाजपा ने वोटरों की पहचान के लिए दो चरणों की व्यवस्था, हर पोलिंग स्टेशन पर वेबकैम और राज्य व केंद्र सरकार के अधिकारियों की 50-50 फीसदी भागीदारी की भी मांग की। पार्टी का कहना है कि इन उपायों से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सकेगी।

T20 World Cup: भारत तीसरी बार बना टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन, छत्तीसगढ़ में जीत का जश्न, आतिशबाजी…

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T20 World Cup: भारत तीसरी बार बना टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन, छत्तीसगढ़ में जीत का जश्न, आतिशबाजी…

T20 World Cup: भारत ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब जीत लिया है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की अर्धशतकीय पारियों की मदद से 20 ओवर में पांच विकेट पर 255 रन बनाए।

T20 World Cup: भारत तीसरी बार बना टी-20 वर्ल्ड कप चैंपियन

जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 19 ओवर में सिर्फ 159 रन ही बना सकी और भारत ने 96 रन से मैच जीत लिया। इसी के साथ टीम इंडिया तीन टी20 विश्व कप खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई। इस जीत का जश्न कबीरधाम जिले में दिखा है। कवर्धा शहर के भारत माता चौक पर लाइव मैच देखने व्यवस्था की गई थी।

T20 World Cup: छत्तीसगढ़ में जीत का जश्न, आतिशबाजी…

जैसे ही भारतीय टीम ने जीत दर्ज कराई तो खेल प्रेमियों में उत्साह दिखाई दिया। लोगों ने एक दूसरे को जीत की बधाई दी। इसके अलावा जिले के बोड़ला, पंडरिया, पांडातराई समेत अन्य कस्बों में भी लाइव मैच को देखा गया। यहां पर भी भारतीय टीम की जीत के बाद लोगो ने पटाखें फोड़कर जश्न मनाया।

छत्तीसगढ़ में अरबों का गबन, 2181 के मामले, 330 मामलों में FIR दर्ज, पुराने मामले अब तक अधूरे…

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Corruption Cases: छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों पर चोरी, गबन और वित्तीय अनियमितताओं के 2181 मामले दर्ज हैं, जिनमें अरबों रुपए के आरोप शामिल हैं. इनमें से कुछ मामले 25 साल पुराने हैं. अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों में हेरफेर और प्रशासनिक उदासीनता के कारण मामले निपट नहीं पाए, जबकि सिर्फ 330 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई.

छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों द्वारा पारदर्शिता और ईमानदारी का दावा किया जाता है, लेकिन विभागों में चोरी, गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले इन दावों की पोल खोलकर रख देते है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग विभागों में अब तक 2181 ऐसे मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें अरबों रुपए की अनियमितताओं के आरोप अधिकारियों पर हैं. इन मामलों में से 690 मामले तो 25 साल से भी पुराने हैं, जिनका निपटारा आज तक नहीं हो पाया है. आर्थिक अपराधों को दबाने के लिए अधिकारियों ने सरकारी दस्तावेजों में हेरफेर की, जिससे 70% से अधिक मामले फाइलों में ही दब गए. कुल मिलाकर 330 मामलों में FIR दर्ज हुई, लेकिन ज्यादातर मामलों में प्रशासनिक कमी के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो पाई.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले विभागवार इस तरह हैं:

’18 विभागों में सरकारी संपत्ति में सेंधमारी और वित्तीय अनियमितताएं-1998 से अधिक मामले, 20 विभागों में चोरी के 119+ मामले, 15 विभागों में गबन के 64+ मामले’ पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व जैसे कई विभाग भ्रष्टाचार के बड़े प्रकरणों में शामिल पाए गए हैं. वित्तीय अपराधों और सरकारी संपत्तियों में अनियमितताओं के बढ़ते मामलों पर शासन ने चिंता जताई है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों के निस्तारण में तेजी लाएं और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करें. विश्लेषकों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था में लगे अधिकारी अपने पद का गलत इस्तेमाल कर निजी लाभ उठा रहे हैं. इसका सीधा असर सरकारी सिस्टम और सेवाओं पर पड़ रहा है. इसके बावजूद अब तक कोई वसूली नहीं हुई और जिम्मेदार तय नहीं हो सके हैं.

इस स्थिति ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति के बीच गहरी खाई है. ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके और सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल सही से हो सके.

Automobile Sector: वाहन बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, 2500 करोड़ के 71 हजार से ज्यादा वाहन बिके…

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Automobile Sector: छत्तीसगढ़ में पहली बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के महीनेभर पहले रेकॉर्ड 2500 करोड़ के रुपए की 71714 वाहनों की खरीदी हुई।

छत्तीसगढ़ में पहली बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के महीनेभर पहले रेकॉर्ड 2500 करोड़ के रुपए की 71714 वाहनों की खरीदी हुई। जबकि फरवरी 2025 में इसी अवधि के दौरान 57224 वाहनों की बिक्री हुई। इसमें चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 10.18 फीसदी का ग्रोथ हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा 44850 दोपहिया और 9712 कार शामिल है। ग्रीष्मकालीन रवि फसल को देखते हुए किसानों द्वारा 3808 ट्रैक्टर और कारोबारी गतिविधियों में इजाफा होने के कारण 3014 मालवाहक वाहन की खरीदी हुई। ऑटोमोबाइल डीलरों का कहना है कि दीपावली त्योहार के बाद राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान की खरीदी करने के साथ बोनस की राशि का भुगतान करने के कारण वाहनों की जमकर बिक्री हुई है। खरीदारों ने अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार दोपहिया, तीनपहिया और कार से लेकर कर्मशियल वाहनों की खरीदा।

Automobile Sector: बजट का असर

केंद्र और राज्य सरकार के बजट में किए गए प्रावधानों से बाजार पर असर देखने को मिला। विभिन्न सेक्टरों में जीएसटी में छूट दिए जाने से कारोबारी गतिविधियों में इजाफा हुआ। वहीं ऑटोमोबाइल सहित अन्य सेक्टर में बूम की स्थिति रही। रायपुर ऑटोमोबाइल द्वारा 20 जनवरी से 5 फरवरी तक ऑटो एक्सपो के दौरान 3299.05 करोड़ रुपए 61074 वाहनों की बिक्री हुई। इसमें 50 फीसदी का कारोबार 1 से 5 फरवरी तक हुआ।

Automobile Sector: ईवी की डिमांड

इलेक्ट्रिक वाहनों में न्यूतम 10 फीसदी और अधिकतम 1 लाख रुपए की सब्सिडी छूट से वाहनों की डिमांड बढ़ी है। फरवरी में 15000 से ज्यादा दोपहिया, ऑटो और मालवाहक वाहनों की खरीदी हुई। फाडा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीषराज सिंघानिया ने बताया कि राज्य की इकानॉमी ग्रोथ के चलते ही वाहनों की डिमांड लगातार बढ़ रही है। कृषि उपज, लोहा, कोयला, सीमेंट, बाक्साइड सहित अन्य खनिज मिनरल और अन्य डेवलपमेट के काम से लोगों का आय बढ़ी है

Automobile Sector: ग्रोथ हुई

प्रदेश अध्यक्ष राडा विवेक गर्ग ने कहा की ऑटोमोबाइल सेक्टर में 10.18 फीसदी की उल्लेखनीय ग्रोथ हुई है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को कृषि उपज के बाद बोनस की रकम का भुगतान होने से दोपहिया से लेकर कार की जमकर खरीदी हुई। वहीं ग्रीष्मकालीन फसल को देखते हुए ट्रैक्टरों की बिक्री हुई।

CG Budget Session 2026: बजट सत्र में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा, पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक को विपक्ष ने घेरा…

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पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक के सवालों पर घिरे मंत्री दयाल दास, इस मुद्दे को लेकर पूछे सवाल तो नहीं दे पाए जवाब

CG Budget Session 2026: पूर्व सीएम और कांग्रेस विधायक के सवालों पर घिरे मंत्री दयाल दास, इस मुद्दे को लेकर पूछे सवाल तो नहीं दे पाए जवाब

  • बजट सत्र में विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा हुई’
  • बस्तर संभाग के 44,612 किसान धान बेचने से वंचित रहे’

CG Budget Session 2026: होली की छुट्टी के बाद आज फिर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। सत्र के दौरान आज से बजट की अनुदान मांगों पर विभागवार चर्चा हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और बजट को लेकर बहस हुई।

CG Budget Session 2026 LIVE: सदन में प्रश्नकाल के दौरान आज बस्तर संभाग में इस साल हुई धान खरीदी को लेकर मुद्दा गरमाया। विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने जानकारी दी कि इस साल बस्तर संभाग के 44,612 किसान धान बेचने से वंचित रह गए। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने सवाल किया कि इन किसानों में कितने वन अधिकार पट्टा धारक हैं, कितने किसान ऋणी हैं और कितने अऋणी किसान हैं।

उनके इस सवाल कर जवाब मंत्री दयाल दास बघेल नहीं दे पाए। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर कितने किसानों से धान का समर्पण कराया गया है? इस सवाल का जवाब भी मंत्री दयाल दास बघेल नहीं दे पाए।

”CG Budget2026 LIVE: ‘बजट सत्र के छठे दिन धान खरीदी का मुद्दा गरमाया‘ कांग्रेस ने सरकार को घेरा”

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Budget Session 2026 LIVE: होली की छुट्टी के बाद आज फिर से छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। विधानसभा बजट सत्र का आज यानी सोमवार को छठवां दिन है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों के कामकाज और बजट को लेकर बहस हुई। प्रश्नकाल में आज कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए नजर आए। सदन में धान खरीदी के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा देखने को मिला। इस दौरान कांग्रेस ने सरकार पर किसानों के साथ छल करने का आरोप लगाया और सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर बहिर्गमन कर दिया।

कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने किया सवाल

Budget Session 2026: प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने बस्त के पांच जिलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बस्तर के पांच जिलों में 32,200 किसानों से इस साल धान खरीदी नहीं हुई है। किसान कर्ज लिए ​थे, बेटी की शादी करनी थी। धान बेचने की उम्मीद में पंजीयन भी कराया था। उनकी गिरदावरी भी हुई, फिर भी उनसे धान क्यों नहीं खरीदा गया।

उन्होंने कहा कि अगर इन किसानों से धान खरीदी होती तो उन्हें करीब 206 करोड़ रुपए मिलते, जिससे वे अपना कर्ज चुका सकते थे। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या अब सरकार किसानों का कर्ज चुकाएगी।

मंत्री दयाल दास बघेल ने दिया जवाब

इस पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने जवाब देते हुए कहा कि किसान धान बेचने नही आए तो कैसे धान खरीदी करें। बस्तर में पिछले कार्यकाल से दुगुना, तिगुना धान खरीदी हुई।

मंत्री के जवाब पर कवासी लखमा ने कहा, ये सदन में झूठ बोल रहे है। मंत्री ने कहा, जो किसान नहीं बेच पाए थे, उनके लिए दो दिन बढ़ाए थे। कवासी लखमा बोले, दो दिन में कितने धान लिए, उसका आंकड़ा बताएं। बीजापुर के किसानों ने कर्ज लिया है। या तो उनका कर्जा चुका दें, या धान खरीद लें।

CG: महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल,  महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित…

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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित’

बस्तर की धरती से मातृशक्ति को बड़ा संबल : महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी’

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से  रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की श्रीमती नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू तथा सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल से संवाद किया।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की श्रीमती मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं।

धमतरी की श्रीमती नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाकर हर महीने बचत शुरू की है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

इसी तरह सरगुजा की श्रीमती निधि जायसवाल ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बचाकर “निधि मेकओवर” नाम से ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की श्रीमती अनीता साहू ने सिलाई का कार्य प्रारंभ कर “अनीता सिलाई सेंटर” स्थापित किया। जांजगीर-चांपा की श्रीमती सरस्वती केंवट ने भी इस राशि को अपने परिवार के व्यवसाय में लगाकर आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अनुभव अत्यंत सुखद है कि महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के हाथों में पहुंचकर परिवारों की तरक्की का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें दूरदर्शिता, परिश्रम और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल हैं। जब महिलाओं को अवसर और संबल मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शक्ति बन जाती हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पुनर्वासित महिलाओं को जोड़ा गया है, जिन्हें कृषि महाविद्यालय के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर उसका विक्रय करेंगी, जिससे उन्हें सतत आजीविका और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण और स्थानीय विपणन से जोड़कर विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया और उसी क्रम में महतारी वंदन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लगभग 70 लाख माताएं-बहनें लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग दे रही है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने  कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह नियमित रूप से सहायता राशि प्रदान किया जाना सरकार की वचनबद्धता का प्रमाण है।विधायक जगदलपुर श्री किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से माताएं-बहनें आज घर-परिवार को खुशहाल बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं।

कार्यक्रम के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी ।

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता की कहानियों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फलों की टोकरी तथा धुरवा तुवाल भेंटकर योजना के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटामी, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पांडेय, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बस्तर के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, बस्तर संभाग के कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

CG: टी20 विश्वकप में भारत की ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने टी20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत द्वारा विश्व कप का खिताब जीतने पर टीम इंडिया को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि टी20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया के हमारे धुरंधरों ने एक बार फिर विश्व कप का खिताब जीतकर हर भारतवासी को गौरवान्वित किया है। इस जीत के साथ ही भारत यह खिताब 3 बार जीतने वाला पहला देश बन गया है।

उन्होंने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई देते हुए आशा व्यक्ति की कि भविष्य में भी हमारा तिरंगा यूँ ही विश्व मंच पर शान से लहराता रहे और भारत का गौरव निरंतर बढ़ता रहे।