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छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री बघेल ने गांधी जी और आधुनिक भारत पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का किया शुभारंभ

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 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के बताए सिद्धांतों पर चल रही है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने हमेशा देश हित को सर्वोपरि रखा, देश को भावनात्मक रूप से जोड़ने का अतुलनीय काम किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने गांव, गरीब और समाज के कमजोर और वंचित तबकों को सबल बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में जीवन भर काम किया। गांधी जी के विचारों से समाज में परिवर्तन लाने का दायित्व युवाओं पर है। उनके सिद्धांतों को युवा अपना कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

       मुख्यमंत्री श्री बघेल आज पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के आडिटोरियम में गांधी और आधुनिक भारत विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार के शुभारंभ सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के विचार और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं, कल भी थे और आने वाले समय में भी प्रासंगिक रहेंगे। गांधी जी सदैव असहमति का सम्मान करते थे। लोगों के विचारों में परिवर्तन पर विश्वास रखते थे। लोगों को अपने विचारों से प्रभावित करने की कला उनमें थी। इस राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्व विद्यालय और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और कृतित्व तथा उनके छत्तीसगढ़ दौरे पर केंद्रित छाया चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव श्री शरदचंद्र बेहार ने की। इस अवसर पर विधायक श्री विकास उपाध्याय सहित देश भर आए गांधीवादी चिंतक, विचारक और बुद्धिजीवी उपस्थित थे। सेमिनार के मुख्य वक्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर श्री अपूर्वानंद, सर्वोदय आंदोलन से जुड़े वयोवृद्ध श्री अमरनाथ भाई, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती लीला ताई चितले, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री केशरीलाल वर्मा और अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के राज्य प्रमुख श्री सुनील कुमार शाह भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी के बताए मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी को जमीन लौटायी, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार दिलाने की दिशा में कार्य शुरू किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वनवासियों को वन अधिकार कानूनों के जरिए वर्षों से काबिज परिवारों को उनके अधिकार दिलाने के लिए काम कर रही है।  उन्होंने कहा कि गांधी जी के ग्राम स्वराज के सिद्धांतों के अनुरूप ही राज्य में सुराजी गांव योजना शुरू की गई है। नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के संरक्षण और संवर्धन का कार्य हाथ में लिया गया है। इस कार्यक्रम से पशुधन के संरक्षण से लेकर नदी नालों के रिचार्ज और पुनर्जीवन के लिए काम किए जा रहे है। इसके अलावा रोजगार और खेती किसानी की लागत कम करने के लिए जैविक खाद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना से छत्तीसगढ़ के गांव स्वावलंबी बनेंगें।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव श्री शरदचन्द्र बेहार ने कहा कि गांधी जी के सपनों के अनुरूप समाज निर्माण के लिए हमें उनके विचारों और आदर्शाें को अपनाने की जरूरत है। उद्देश्य के साथ-साथ उसे प्राप्त करने के साधन भी पवित्र होना चाहिए।

प्रोफेसर श्री अपूर्वानंद, सर्वोदय आंदोलन से जुड़े वयोवृद्ध श्री अमरनाथ भाई, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती लीला ताई चितले, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्री केशरीलाल वर्मा और अजीम प्रेम जी फाउंडेशन के राज्य प्रमुख श्री सुनील कुमार शाह ने भी सेमिनार को संबोधित किया।

आइए जानते हैं आखिर कैसे बनाई जाती है यह स्वादिष्ट डेजर्ट शीर खुरमा

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शीर खुरमा (Sheer Khurma) एक स्पेशल डेजर्ट है. जो दूध, मेवों और सेवइयों से मिलकर बनता है. फारसी भाषा में शीर का मतलब दूध व खुरमा का अर्थ खजूर या सूखे मेवे का मिलावट होता है. इस डिश को कई तरह के ड्रायफ्रूट्स डालकर बनाया जाता है. तो देर किस बात की आइए जानते हैं आखिर कैसे बनाई जाती है यह स्वादिष्ट डेजर्ट शीर खुरमा.

सामग्री :
100 ग्राम सेंवई
1 टेबलस्पून घी
3 लीटर दूध
250 ग्राम शक्कर
10-12 टेबलस्पून पिसा हुआ चावल
4-5 हरी इलायची दाने पिसे हुए
1 कप मिल्क पाउडर
100 ग्राम खारक रातभर पानी में भिगोकर रखे
50 ग्राम बादाम बारीक कटे हुए
50 ग्राम किशमिश
50 ग्राम पिस्ता
50 ग्राम नारियल के बारीक कतले
1 टेबलस्पून केवड़ा

विधि-
सबसे पहले इलायची पाउडर, चावल के पाउडर व शक्कर को थोड़े से दूध में घोलकर अलग रखे लें. इसके बाद धीमी आंच पर घी गर्म करके उसमें सेंवईयों को सुनहरा भूरा होने तक भूनें. सेंवईयों के भूरा होने पर उसे एक प्लेट में निकालकर अलग रख दें. अब एक बर्तन में दूध उबाल लें.

उबलते दूध में इलायची पाउडर, शक्कर व पिसा हुआ चावल डालकर दूध को मध्यम आंच पर गाढ़ा होने तक उबालें हुए बीच-बीच में चलाते रहें. अब इसमें खारक, बादाम, किशमिश, पिस्ता, नारियल व सेंवई डाल दें.

सेंवई के नर्म होने तक पकाएं. सेंवईयों के पकने पर उसे आंच से उताकर उसमें केवड़ा की कुछ बूंदे डालकर ड्राययफ्रूट्स से सजाकर मेहमानों को सर्व

आइए जानते है चना जोर गरम बनाने का तरीका

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चना जोर गरम बनाने के लिए सामग्री:
काले चने – 200 ग्राम
भुना जीरा – 1 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटी चम्मच

गरम मसाला पाउडर – ½ छोटी चम्मच
अमचूर – 3 छोटी चम्मच
ऑयल – तलने के लिए

काला नमक – स्वादानुसार
नमक – स्वादानुसार


चना जोर गरम की रेसिपी:
1.चना जोर गर्म बनाने के लिए सबसे पहले चने को अच्छी तरह साफ पानी में धो लें व उसके बाद इसे 6 से 8 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। इसके बाद चने से पानी निकालकर चनों को कूकर में डालकर एक कप पानी डालें व एक सीटी आने तक पकाएं। इसके बाद आंच बंद कर दें। थोड़ी देर बाद कूकर को खोलकर चने निकाल लें व बाकी पानी को फेंक दें। चने को फिर से साफ पानी से धोकर एक कटोरे में निकाल लीजिए।

इसे भी

2.अब चॉपिंग बोर्ड पर चने को एक एक कर रखकर किसी वस्तु से दबाते जाएं ताकि ये छपते हो जाएं। लेकिन ध्यान रहे कि इतनी तेज न दबाएं कि ये टूट जाएं। इसके साथ ही इन चनों को एक बड़ी थाली में क्रम से थोड़ी थोड़ी दूरी पर लागाते जाएं। इसके बाद चनों की इस थाली को सारे 1 दिन के लिए धूप में रख दें।

3.जब चने अच्छे से सूख जाएं तो एक कढ़ाई में ऑयल अच्छे से गर्म करें व एक बड़ी स्टील की छलनी लेकर इसमें सूखे हुए चने डालकर तल लें। थोड़ी देर बाद कढ़ाई से एक चने को निकालकर चेक करिए कि यह अच्छे से पका है कि नहीं। अगर चना अच्छे से सिंक चुका है तो इसे एक पेपर लगी पलते पर निकाल लें। इससे कागज़ अलावा ऑयल सोख लेगा।

इसे भी

चने के लिए तैयार करें मसाला:
नमक, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर, भुना जीरा पाउडर, गरम मसाला पाउडर व अमचूर पाउडर एक साथ लेकर मिक्सी में चला लें। अब इस मसाले को चने की इस नमकीन पर अच्छे से छिड़क दें। लीजिए तैयार है आपका चना जोर गरम। आप इसे किसी एयरटाइट कंटेनर में भर कर भी रख सकती हैं। इस रेसिपी की ख़ास बात यह है कि इसमें बेहद कम ऑयल लगेगा।

मिशन बजाज में नई पल्सर नियॉन 125 सहित सिटी 110 व प्लैटिना 110 एच-गियर लांच

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बाइक एजेंसी मिशन बाजाज में बुधवार को बजाज की बहुप्रतीक्षित मोटरसाइकिल बजाज पल्सर नियॉन 125 सीसी, बजाज सीटी 110 एवं बजाज प्लैटिना 110 एच गियर का अनावरण मिशन बजाज के निदेशक प्रवीण कुमार अग्रवाल और पार्थ अग्रवाल द्वारा सयुंक्त रूप से किया गया.

वहीं इस मौके पर पार्थ अग्रवाल द्वारा इन सभी गाड़ियों की तकनीकी विशेषता के बारे में बतलाया गया. उन्होंने बताया कि बजाज ऑटो की नई पल्सर नियान 225 सीसी की श्रेणी में अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों के मॉडल के मुकाबले सबसे ज्यादा पावर और माइलेज देने वाली बाइक है. वहीं प्लैटिना 110 एच गियर मक्खन जैसी ड्राइविंग के लिए बनाई गई है जबकि सीटी 110 की मजबूती ऐसी है जो हर सड़क पर कड़क लगेगी.

वहीं मिशन बजाज के प्रबंधक विकास कुमार ने बताया कि प्लैटिना 110h में इस बार नई तकनीक का प्रयोग करते हुए डिजिटल मीटर का प्रयोग किया गया है जो कि स्पीड और किलोमीटर के साथ-साथ गियर को भी बतलाएगी. साथ ही उन्होंने बताया कि गाड़ी की सीट की डिजाइन में भी काफी तब्दीली की गई है जो कि युवाओं को काफी पसंद आएगी.

इस मौके पर मिशन बजाज की निदेशक साधना अग्रवाल, पार्थ अग्रवाल, रचना अग्रवाल मिशन बजाज के प्रबंधक विकास कुमार सहित सभी कर्मचारी गण मौजूद रहें.

करना चाहते है पसीने की दुर्गंध को दूर तो आजमाएं ये घरेलू नुस्खे, झट से मिलेगी राहत

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गर्मियों में शरीर से दुर्गन्ध आना एक आम समस्या है। इससे निजात पाने के लिए लोग डियो या परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं। डियो उनकी इस परेशानी को तो दूर कर देता है, लेकिन बहुत सारे लोगों के शरीर में इसकी वजह से जलन या रैशेज जैसी समस्याएं हो जाती हैं। आप चाहे तो प्राकृतिक चीजों के इस्तेमाल से भी शरीर से आने वाली दुर्गन्ध की समस्या को दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं आपकी रसोई में मौजूद ऐसी चीजों के बारे में जो आपकी इस परेशानी को छू मंतर कर देंगे ।
बेकिंग सोडा है कारगर
ताजे नींबू के रस मे एक चम्मच बेकिंग सोडा को मिलाकर पसीने वाली जगह पर लगाएं । यह आपके शरीर में होने वाले पसीने को कम करता है। 

विनेगर है बेस्ट
लगभग सभी घरों मे विनेगर मौजूद होता है । यह शरीर मे बैक्टीरिया के पनपने की क्षमता को कम करता है और शरीर के ओडोर को दूर करता है । कॉटन की मदद से इसे उस जगह पर लगाएं जहां आपको ज्यादा पसीना आता हो।
नींबू है अचूक उपाय
पसीने की दुर्गन्ध दूर करने के लिए नींबू एक असरदार उपाय है। नींबू को काटकर इसे अपने आर्मपिट पर लगाएं। कुछ ही दिनों में इसका असर दिखने लगेगा।
व्हीटग्रास है असरदार
व्हीटग्रास के रस को पीना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसका स्वाद थोड़ा अजीब होता है। इसलिए इसे पीना थोड़ा मुश्किल होता है। अगर सुबह खाली पेट इसका सेवन किया जाए तो यह फायदेमंद होगा।
टमाटर के फायदे
टमाटर के रस को पानी मे मिलाकर नहाया जाए तो यह भी आपकी इस परेशानी को कम कर सकता है। टमाटर में नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो दुर्गन्ध दूर करने में मदद करते हैं।

इस वीकेंड घर पर बनाएं लजीज चिकन फ्राई, स्वाद ऐसा कि रहेगा महीनों याद

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आवश्यक सामग्री
1 किलो चिकन (मध्यम आकार के टुकड़ों में कटे हुए)
1 बड़ा चम्मच लहसुन का पेस्ट
7-8 करी पत्ता बारीक कटा हुआ
1 बड़ा चम्मच अदरक का पेस्ट
1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर
1 चम्मच हरी मिर्च का पेस्ट आप अपनी पसंद के अनुसार डाल सकते हैं
2 बड़े चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर जिसे आप अपनी पसंद के अनुसार डाल सकते हैं
1 और 1/2 चम्मच धनिया पाउडर
2 बड़े चम्मच दही
1 चम्मच गरम मसाला पाउडर
1 चम्मच सोया सॉस
नमक स्वादअनुसार
6-7 बड़े चम्मच कॉर्नफ्लोर
तलने के लिए तेल
1/2 चम्मच चाट मसाला
बनाने की विधि
एक बड़े कटोरे में, चिकन के टुकड़े डालें। फिर, लहसुन की पेस्ट से नमक तक सभी सामग्री डालें, सब कुछ अच्छी तरह से मिलाएं। कवर करें और इसे रेफ्रिजरेटर के तहत कम से कम 2 घंटे के लिए मैरीनेट करें। 2 घंटे के बाद कॉर्नफ्लोर डालें और अच्छी तरह मिलाएँ, गहरे पैन या कढ़ाही में तेल गरम करें। एक बार अच्छी तरह से गरम हो जाने पर, ध्यान से तेल में मैरीनेट किए गए चिकन को स्लाइड करें और जब तक अच्छी तरह से पक जाए मध्यम आंच पर उन्हें भूनें, जब यह अच्छी तरह से पक जाए तो इन्हें निकाल लें और एक सोखने वाले तौलिया पर रख दें।
तले हुए चिकन पर कुछ चाट मसाला छिड़कें, इन्हें प्याज और नींबू के साथ गार्निश करके सर्व करें।

अगर डायबिटीज को करना है जड़ से ख़त्म तो रोजाना पियें लौकी और अदरक का जूस !!

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लौकी और अदरक दोनों का ही इस्तेमाल अक्सर हमारे रसोईघरों में होता है। तो वहीं अदरक का सेवन करके हमारे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है लौकी और अदरक के जूस का सेवन करने से हमारे शरीर का ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।

इस जूस का नियमित तौर पर सेवन करने से मधुमेह यानि डायबिटीज के मरीजों को भी फायदा पहुंचता है लौकी और अदरक का यह जूस पीने से हमारे शरीर में एसिड की मात्रा सामान्य रहती है, इससे एसिडिटी की समस्या जल्द ही दूर हो जाती है।

लौकी और अदरक का सेवन करने से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे हमारा मोटापा कंट्रोल में रहता है अदरक और लौकी के जूस का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर बना रहता है, जिससे दिल से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या दूर होने लगती है।

लौकी और अदरक के इस जूस का सेवन करने से त्वचा की सारी समस्याएं दूर हो जाती है इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हमारी त्वचा को तरोताजा बनाने में मदद करते है।

इस जूस का सेवन करने से हमारे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत बना रहता है, जिससे हम जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं।

ऐसे में शरीर को फिट रखने के लिए लौकी और अदरक के जूस का सेवन करना चाहिए यह दोनों चीजें सभी घरों में आसानी से मिल जाती हैं।लौकी में मौजूद पोटेशियम, आयरन और विटामिन्स शरीर को स्वस्थ रखने का काम करते हैं वैसे तो सभी घरों में लौकी की सब्जी बनाई जाती है लेकिन लौकी और अदरक के जूस का रोजाना सेवन करने से शरीर कई बीमारियों से दूर रहता है।

बच्चों को नाश्ते में खिलाएं टेस्टी और हेल्दी राजगिरा पराठा

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आवश्यक सामग्री
1 कप राजगिरा का आटा (अमरनाथ का आटा)
½ चम्मच अदरक का पेस्ट या ताजा कसा हुआ या कुचला हुआ
2 हरी मिर्च बारीक़ कटी हुई
1 मध्यम या ½ कप आलू उबला हुआ, छील और मैश किया हुआ
1 बड़ा चम्मच धनिया पत्ती बारीक कटी हुई
पराठे पकाने के लिए 6 बड़े चम्मच घी / मक्खन
1 बड़ा चम्मच सादा दही
2 बड़े चम्मच पानी या कम या ज्यादा
सेंधा नमक
बनाने की विधि
सबसे पहले आलू को उबाल लें। उसे ठंडा हो जाने दें । फिर इसे छीलकर अच्छे से मैश कर लें। सुनिश्चित करें कि आलू के टुकड़े नहीं हैं। एक कटोरे में राजगिरा अटा ले। नमक, अदरक का पेस्ट, कटी हरी मिर्च, धनिया और मसला हुआ आलू डालें। अच्छी तरह मिलाएं, फिर घी और दही डालें। इसे मिलाएं और आटा गूंधना शुरू करें। यह लगभग एक साथ आएगा। यदि आवश्यक हो तो एक आटा गूंधने के लिए पानी का उपयोग करें।

मैंने 2 बड़े चम्मच पानी का इस्तेमाल किया। और एक गेंद बनाओ। आपके आलू में कितनी नमी है, इसके आधार पर पानी की मात्रा भिन्न हो सकती है। यह आटा गुँथा हुआ है।

इसे ढककर 30 मिनट के लिए आराम करने दें। 30 मिनट के बाद, आटा को 5 बराबर भागों में विभाजित करें और चिकनी गेंदें बनाएं।अब रोलिंग बोर्ड पर 1 बॉल लें और इसे चपटा करें। इसे बहुत धीरे से रोल करें। इसकी टेढ़ी-मेढ़ी बनावट के कारण आप चिकने किनारे नहीं बना सकते।

रोल करते रहें, सीलिंग किनारे रखें और 5 इंच व्यास का पराठा बनाएं।तवा या कड़ाही को मध्यम आँच पर गरम करें। धीरे से पराठा उठाएं और गरम तवा पर डालें। जब आप इस पर कुछ बुलबुले देखते हैं तो इसे फ्लिप करें। कुछ सेकंड के लिए पकाएं।

उस पर कुछ घी लगाओ और स्पैटुला का उपयोग करके इसे धीरे से दबाएं और तब तक पकाएं जब तक कि आप नीचे की तरफ कुछ भूरा न दिखाई दें। फिर से दूसरी तरफ थोड़ा घी लगाएं और पलटें और उस तरफ से पकाएं। बाकी पराठे के लिए भी यही प्रक्रिया दोहराएं। गरमा-गरम पराठा किसी भी चटनी या सब्जी के साथ खाने के लिए तैयार है।

इसरो प्रमुख के. सिवन ने फिर जीता दिल, इंटरव्यू में कह दी ऐसी बात, आप भी करेंगे गर्व!

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‘सबसे पहले मैं एक भारतीय हूं।’ इसरो प्रमुख के. सिवन के इस बयान ने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया है। इस बयान को ट्विटर पर खूब सराहना मिल रही है। सोशल मीडिया पर सन टीवी को दिए एक इंटरव्यू की एक क्लिप खूब वायरल हो रही है जिसमें के. सिवन ऐसा कहते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो क्लिप में पत्रकार उनसे पूछ रहे हैं कि एक तमिल होते हुए इतने बड़े पद पर पहुंचने पर तमिलनाडु के लोगों से क्या कहना चाहते हैं।

इसके जवाब में के. सिवन ने कहा, ‘मैंने इसरो एक इंडियन के तौर पर ज्वॉइन किया था। इसरो एक ऐसी जगह है जहां सभी क्षेत्रों और भाषाओं के लोग काम करते हैं। लेकिन मैं अपने उन भाइयों का शुक्रगुजार हूं जो मेरी उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं।’

https://twitter.com/Ethirajans/status/1171227749760954368

इस जगह लड़कियां चाय-कॉफी की तरह पी जाती हैं जहरीले कोबरा का खून, वजह जानकर रह जाएंगे दंग

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दुनिया में ज्यादातर लोग दूध, चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, जूस पीना पसंद करते हैं। लेकिन एक ऐसी भी जगह है जहां पर लोग जहरीले कोबरे का खून, चाय-कॉफी की तरह स्वाद से पीते हैं। आमतौर पर हर किसी को सांपों से डर लगता है। सांप चाहे कैसा भी हो। आखिर ये लोग जहरीले कोबरे का खून क्यों पीती हैं। आइए जान जानते हैं।

हम जिस जगह की बात कर रहे हैं वह इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता है। यहां पर लोग जहरीले कोबरे सांप का खून पीते है जो कि एक चलन है। राजधानी के ज्यादातर इलाकों में कोबरे का खून निकाल कर बेचा जाता है। लोग काफी स्वाद और मजे से उस सांप का खून पीते हैं।

खून इतनी ज्यादा मात्रा में पिया जाता है कि दुकानदार हर रोज हजारों सांपों को काट देते हैंय़ शाम 5:00 बजे से कोबरा सांप काटने वाली दुकानें खुलती है जो रात को 1:00 बजे बंद होती हैं।

पुरुष अपनी सेहत को तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए कोबरे का खून पीते हैं तो महिलाएं अपनी त्वचा की खूबसूरती के लिए। बताया जाता है कि कोबरे का खून पीने से त्वचा खूबसूरत हो जाती है।

हालांकि कोबरे का खून पीने के बाद 3 से 4 घंटे तक चाय कॉफी नहीं पीनी चाहिए। अगर ऐसा करेंगे तो वह खून शरीर में काम नहीं करता। यह सलाह वहां के दुकानदार देते हैं।