भारत में जब भी किसी की शादी होती है तो लड़के वालों को लड़की पक्ष के लोग दहेज में पये-पैसे, गाड़ियां, जेवरात, आदि महंगे सामान देते हैं। लेकिन एक ऐसी भी जगह है जहां पर ससुराल वाले दूल्हे को दहेज में सांप देते हैं। आप इस बात को जानकर काफी हैरान हो रहे होंगे। लेकिन यह बिल्कुल सच है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह।
मध्यप्रदेश के गौरिया समुदाय में ऐसी प्रथा प्रचलित है। इस समुदाय के लोग दमाद को दहेज में 21 जहरीले सांप देते हैं। काफी सालों से यह परंपरा चली आ रही है। इसके पीछे की वजह यह है कि यदि दूल्हे को दहेज में 21 जहरीले सांप नहीं दिए जाते हैं तो शादी जल्दी ही टूट जाती है।
बताया जाता है कि जैसे ही लड़की की शादी तय हो जाती है तो लड़की का बाप दहेज देने के लिए सांप पकड़ना शुरू कर देता है। इस इलाके के बच्चों को जहरीले सांपों से बिल्कुल भी डर नहीं लगता। यहां के लोग सांपों के साथ खेलते हैं।
इस समुदाय के लोग ज्यादातर सांप पकड़ते हैं और उनको पकड़कर खेल दिखाते हैं और पैसा कमाते हैं। यह प्रथा काफी ज्यादा प्रचलित है। इसके पीछे कि 1 वजह भी यह है कि दूल्हा उन सांपों से पैसा कमा सकें और अपने परिवार का पेट पाल सकें।
इस इलाके के लोगों ने सांपों को सुरक्षित रखने के लिए बहुत ही कड़ा नियम बनाया है। यदि किसी के पिटारे में सांप मर जाता है तो उसके पूरे परिवार को गंजी करवानी पड़ती है और सभी लोगों को भोज कराना पड़ता है।
अगर आपसे कहा जाए कि किसी देश में पूरी तरह से पुरुष विलुप्त हो गए, तो आप यकीन नहीं कर पाएंगे. लेकिन यह बिल्कुल सच है. दुनिया में एक ऐसा देश है, जहां 4500 साल पहले पुरुष पूरी तरह से विलुप्त हो गए थे. आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर उस देश का क्या हुआ होगा. क्या वहां की पूरी आबादी विलुप्त हो गई.
लेकिन आपको बता दें कि ऐसा कुछ नहीं हुआ. आज वहां की आबादी करीब 4.64 करोड़ (2015 की जनगणना के अनुसार) है और यह देश यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है. इस देश में शादी के लिए लड़की की कम से कम उम्र 16 साल रखी गई है, जो 2015 से पहले 14 साल थी.
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2050 तक यह देश दुनिया का सबसे बूढ़ा देश होगा. उस समय तक इस देश की लगभग 40 फीसदी आबादी की उम्र 60 साल से ज्यादा होगी. मीडिया की खबर के मुताबिक, इस देश पर 11 वीं सदी में मुसलमान राज करते थे. लेकिन इस 1238 से कई छोटे ईसाई राज्य एक होकर उनके साथ लड़ने लगे और कुछ ही समय में ज्यादातर हिस्सों को आजाद करवा लिया गया।
बता दें कि इस देश का नाम स्पेन है. शोध में खुलासा हुआ कि यहां 4500 साल पहले पुरुष पूरी तरह से विलुप्त हो गए थे. वैज्ञानिकों की मानें तो ऐसा कांस्य युग के दौरान हुआ था.
बाद में रूस के मैदानी इलाकों से स्पेन में आकर बस गए. इसी आधार पर यह माना जा रहा है कि स्पेन में रह रहे पुरुष रूसी प्रजाति के हैं. लेकिन यह जानकर हैरानी होगी कि यहां रूस से महिलाओं के आने के कोई सबूत नहीं हुए. अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली कि रूस से यहां केवल पुरुष ही क्यों आए.
वैज्ञानिकों ने लगभग 8000 साल पहले के जीवाश्मों से मिले पुरुषों के वाई गुणसूत्र के आधार पर अध्ययन करके यह खुलासा किया. शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि बाद में यहां की महिलाओं ने रूसी पुरुषों के साथ रहना स्वीकार भी कर लिया.
आजकल लड़कियां फैशन के मामले बहुत आगे निकल गयी है। नथ बाजार में आपको दुल्हन के पहनने वाली कई तरह की नथ मिलेंगी। लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर भारत में शादी के वक्त लड़कियां नथ ही क्यों पहनती हैं? दरअसल, भारतीय परंपरा में नथ को बेहद महत्व दिया गया है। आपको कई शेप, स्टाइल और कलर वाली नथ देखने को मिल जाएंगी। भारत में उत्तर से लेकर दक्षिण तक नथ पहनने की परंपरा है।
किस तरफ पहनी जाती है नथ:
दक्षिण भारतीय परंपरा में लड़कियां शादी के वक्त नाक के दाएं तरफ नथ पहनती हैं। वहीं, उत्तर भारत में लड़कियां नाक के बाएं तरफ नथ पहनती हैं। नथ पहनने के पीछे फैशन के साथ ही धार्मिक और स्वास्थ्य कारण भी हैं। नथ का धार्मिक महत्व तो है ही इसके साथ ही इसे पहनने से स्वास्थ्य लाभ भी होता है। हिंदु परंपरा में नथ लड़कियां शादी के दिन ही पहनती हैं।
इसलिए पहनती है नथ:
यह भी कहा जाता है कि नथ पहनकर लड़कियां माता पार्वती के प्रति सम्मान दर्शाती हैं। आयुर्वेद में नथ पहनने के पीछे पीरियड से जुड़ी वजह बताई है। आयुर्वेद में कहा जाता है कि नथ नाक के दाएं या बाएं तरफ जहां पहनी जाती है, उस प्रमुख हिस्से में हुए छेद के जरिए महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है।
देश की राजनीति में गांधी परिवार का विशेष योगदान रहा है। इस परिवार से अभी तक देश को दो प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी मिल चुके हैं। अभी राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी और उनके पुत्र राहुल गांधी और पुत्री प्रियंका गांधी राजनीति में सक्रिय है।
प्रियंका गांधी इस समय कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव हैं। आज हम प्रियंका गांधी के जीवन से जुड़ी एक बार का खुलासा करने जा रहे हैं। प्रियंका गांधी की लव स्टोरी बहुत ही रोचक रही है।
जब प्रियंका गांधी केवल 13 साल की थीं तो वह स्कूल में पढऩे वाले 16 साल के राबर्ट वाड्रा से पहली नजर में ही प्यार कर बैठी थी। इसके बाद दोनों घर में छुप छुप कर एक दूसरे से मिलते रहे। वहीं रॉबर्ट वाड्रा की दोस्ती राहुल गांधी से भी हो गई थी।
बताया जाता है कि प्रियंका ने ही वाड्रा को पहले प्रपोज किया था, क्योंकि प्रियंका नहीं चाहती थी कि किसी भी कीमत पर उन्हें रोबर्ट से अलग होना पड़े। हालांकि गांधी परिवार के लोग इस रिश्ते के खिलाफ थे, प्रियंका गांधी ने जिद कर परिवार के लोगों को मना लिया। इसके बाद प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड़ा का विवाह 18 फरवरी 1997 में हुआ।
आमतौर पर लोग अपनी सुरक्षा के लिए दो-चार बंदूकें रख लेते हैं, लेकिन अमेरिका में एक ऐसा शख्स है, जिसे हथियार जुटाने का शौक है। इस शख्स के पास हथियारों का जखीरा है। वह सोता भी है तो बड़ी-बड़ी बंदूकों के साथ ही।
74 वर्षीय इस शख्स का नाम है मेल बर्न्सटीन। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी हथियार जमा करने में ही बिता दी। उनके पास 200 से ज्यादा मशीन गन, सैकड़ों अन्य बंदूकें, 80 से ज्यादा बख्तरबंद गाड़ियां और अनगिनत ग्रेनेड लॉन्चर हैं।
मूल रूप से न्यूयॉर्क के ब्रोकोलिन में रहने वाले बर्न्सटीन को हथियारों का शौक इस कदर है कि उनके बेडरूम की दीवारों पर भी बंदूकें ही बंदूकें टंगी हुई हैं। पूरे अमेरिका में सबसे ज्यादा हथियार बर्न्सटीन के पास ही हैं। उनके पास मौजूद हथियारों की कीमत अरबों में है।
बर्न्सटीन के हथियार अपने आप में खास हैं। उनके कलेक्शन में प्रथम विश्व युद्ध और वियतनाम युद्ध में इस्तेमाल किए गए हथियार भी शामिल हैं। इसके अलावा द्वितीय विश्व युद्ध में इस्तेमाल किया गया एक बंकर भी बर्न्सटीन के कलेक्शन में शामिल है।
बर्न्सटीन को उनके चाहने वाले ‘द ड्रैगन मैन’ नाम से बुलाते हैं। यह नाम उन्हें साल 1970 के आसपास मिला था। दरअसल, बर्न्सटीन ने अपनी हार्ले डेविडसन बाइक के पीछे एक ड्रैगन जोड़ दिया था, जो अपने मुंह से आग उगलता है। उनके इसी कारनामे ने उन्हें यह नाम दिलवाया।
कोलोराडो के ई पासो काउंटी में 260 एकड़ जमीन में फैला बर्न्सटीन का ‘ड्रैगन लैंड’ है। इस ड्रैगन लैंड में बने सैन्य म्यूजियम को देखने रोजाना सैकड़ों लोग आते हैं। बर्न्सटीन हथियार बेचते भी हैं। शायद ही दुनिया में ऐसी कोई बंदूक होगी, जो बर्न्सटीन के पास ना मिले।
गुजरात सरकार के पवित्र तीर्थस्थल सोमनाथ पुरस्कार को भारत सरकार के जल ऊर्जा, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ तीर्थयात्रा के लिए घोषित किया गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने इस सम्मान के लिए सोमनाथ यात्राधाम और पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड को बधाई दी है।
यह पुरस्कार शुक्रवार 7 सितंबर को नई दिल्ली में विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में गुजरात को प्रदान किया जाएगा। यहां यह बताना जरूरी है कि स्वच्छ भारत मिशन और जल मंत्रालय, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के नए मंत्रालय के तहत स्वच्छता और स्वच्छता की उत्कृष्टता के लिए तीर्थयात्रा सोमनाथ को सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ आइकोनिक प्लेस के रूप में चुना गया है।
राज्य की तीर्थयात्रा सुविधाओं को साफ-सुथरा रखने के लिए एक अभियान 24×7। द्वारका, सोमनाथ, अंबाजी, पलिताना, शामलाजी, गिरनार और पावागढ़ सहित तीर्थयात्रा की गई है।
इसके तहत बीवीजी इंडिया लिमिटेड को द्वारका, सोमनाथ की सफाई का जिम्मा सौंपा गया है। सोमनाथ की तीर्थयात्रा में कुल 1.2 लाख स्के हैं। मीटर क्षेत्र में हर दिन बीवीजी द्वारा स्वच्छता कार्य किया जाता है। इस संस्थान द्वारा स्टैचू ऑफ यूनिटी परिसर का स्वच्छता कार्य भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
आपको 1 करोड़ रुपये से ज्यादा मिलते हैं, तो यह अच्छी बात है अगर सोमनाथ ट्रस्ट और गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी लंबी अवधि के लिए सोचते हैं।
स्मार्टफोन का दौर पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से बढ़ा है। और कुछ साल पहले ही स्मार्टफोन का चलन शुरू हुआ है। लेकिन अगर आप से कहा जाए कि 2100 साल पहले भी मोबाइल का इस्तेमाल किया जाता था तो आप इस बात को मानने से इंकार कर देंगे। पर आपको रूसी गणराज्य तुवा में पुरातत्वविदों की बातों पर यकीन करना होगा तो आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का कारण।
यहां के पुरातत्वविदों के एक ग्रुप द्वारा एक 2,137 साल पुराना कंकाल खोजा गया है। इस कंकाल की सबसे खास बात यह है कि इस कंकाल के पास आईफोन जैसी एक चीज मिली है। हालांकि यह एपल का आईफोन नहीं है। लेकिन कब्र से मिली इस चीज की बनावट बिल्कुल आईफोन जैसी बताई जा रही है।
खबरों के अनुसार विद्वानों को नताशा नाम की एक पुरानी फैशानिस्टा की कब्र से ये चौंका देने वाली चीज मिली है। पुरातत्वविदों का कहना है कि कब्र से मिली हुई कंकाल तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व है। विद्वानों के मुताबिक प्राचीन मंगोलिया में जिओनाग्रू काल के वक्त का ये कब्र है। ये कंकाल किसी महिला का है।
महिला कंकाल के पास से एक स्मार्टफोन जैसी चीज भी मिली है। वास्तव में ये एक पत्थर का हिस्सा है, जिसमें कीमती पत्थर जड़े हुए हैं। इस पत्थर के टुकड़े में जो चीजें जड़ी हुई हैं उनकी पहचान कारेलियन, फिरोजा और मोती के रूप में की गई है। ऐसे में पत्थर आईफोन से भी ज्यादा कीमती है।
रूस विश्व का सबसे विशाल देश माना जाता है। जिसका 39 लाख वर्ग किलोमीटर का हिस्सा यूरोप में आता है, जबकि उसका कुल क्षेत्रफल 1.7 करोड़ वर्ग किलोमीटर है।
2. तुर्की
तुर्की के इस्तांबुल सिटी को एशिया और यूरोप के मध्य एक फूल समझा जाता है।
तुर्की के कुल 7.8 लाख वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में से 23000 वर्ग किलोमीटर का एरिया यूरोप का हिस्सा है।
3. कजाखस्तान
कजाखस्तान की गिनती मध्य एशियाई देशों में होती है, मगर इसका 1.8 लाख वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र हीरो की सीमा में आता है।
जब किस का कुल क्षेत्रफल 2700000 वर्ग किलोमीटर है।
4. अजरबैजान
यह एक और मध्य एशियाई देश है इसका एक किस्सा यूरोप की भौगोलिक सीमा में आता है, जो कि लगभग 6.9 हजार पर 1 किलोमीटर का है, मगर इसका कुल 86.6 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल का अधिकतर हिस्सा एशिया में ही पड़ता है।
5 . साइप्रस
साइप्रस भौगोलिक रूप से यूरोप में नहीं पड़ता है, मगर पारंपरिक तौर पर वह यूरोप के साथ नजदीकी से जुड़ा हुआ है और यह यूरोपीय संघ का ही एक हिस्सा है।
भारत में हर साल 14 सितंबर के दिन हिन्दी दिवस मनाया जाता है। हर साल इसी दिन हिन्दी दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 14 सितंबर 1949 के दिन ही देश के संविधान में हिंदी को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया था। हमारे देश में अंग्रेजों ने 200 से भी ज्यादा साल तक राज किया। ऐसे में ये किसी भी भाषा के लिए मुश्किल है कि वो किसी संस्कृति से अछूती रह जाए। यही वजह है कि हिंदी के कई सारे शब्द अंग्रेजी में इस तरह घुलमिल गए जैसे कि वो हिंदी नहीं अंग्रेजी के ही शब्द हों। ऐसे ही कई शब्द है हम आपको बताने जा रहे हैं जो हैं तो हिंदी के शब्द लेकिन वह अंग्रेजी में भी उसी अधिकार के साथ काम में लिएं जाते हैं।
अंग्रेजी शब्द Blighty हिंदी के विलायती से बना है। ये प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों द्वारा ब्रिटेन और इंगलैंड के लिए इस्तेमाल किया जाता था। अंग्रेजी शब्द Mahout हिंदी के महावत से बना है। महावत वो शख्स होता है जो हाथी को चलाता है।
अंग्रेजी शब्द Krait हिंदी के करैत शब्द से बना है। यह कोबरा परिवार का जहरीला सांप है। अंग्रेजी शब्द Cowrie हिंदी के कौड़ी शब्द से बना है।
अंग्रेजी शब्द Shawl हिंदी के शाल से बना है जो अक्सर सर्दियों में इस्तेमाल किया जाता है। अंग्रेजी शब्द Cheetahहिंदी के सीटा शब्द से बना है। अंग्रेजी शब्द kedgeree हिंदी खिचड़ी से बना है। kedgeree एक यूरोपियन डिश है जो मछली, चावल और बॉयल अंडे को मिलाकर बनती है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि अंग्रेजी का Shampoo शब्द भी हिंदी के चंपू शब्द से बना है। इसका मतलब मसाज करना होता है। वहीं अंग्रेजी में इसका प्रयोग उस तरल पदार्थ के लिए करते हैं जिससे बाल धोते हैं। अंग्रेजी का Chutney शब्द हिंदी के चटनी शब्द से बना है।
अंग्रेजी शब्द Dungaree हिंदी के डूंगरी से बना है। डूंगरी मुंबई का वो जिला है जहां डंगरी बनाने वाले कपड़ा बना। अंग्रेजी का Bunglow शब्द हिंदी के बंगला शब्द से बना है। इसका मतलब आलीशान घर है। अंग्रेजी का Chit शब्द हिंदी के चिट्ठी से आया है। खत को चिट्ठी भी कहते हैं। अंग्रेजी शब्द Bangle हिंदी के बंगली शब्द से बना है। इसका मतलब कांच की चूड़ियां होता है।
इंसानों ने दुनिया में कई ऐसी चीजे बना ली हैं जो सोचने में असंभव लगती थी। आज इंसान अपने दिमाग के बलबूते पर हर नामुमकिन काम को भी मुमकिन कर पा रहा हैं। आज दुनिया में कई ऐसे इमारतें, टावर्स, ब्रिज, और कई ऐसी चीजें मौजूद हैं जिन्हे इंसान ने अपने दिमाग से उसे बना दिया है। कुदरत ने दुनिया में बहुत से ऐसी चीज बनायीं हैं, जिनको देखकर हम हैरान हो जाते हैं। पहाड़, गुफाएं, खूबसूरत नजारे और न जाने कौन-कौन सी ऐसी चीजें हैं जो बहुत ही खूबसूरत लगती हैं लेकिन आज हम जिन अद्भूत निर्माण की बात कर रहे हैं वो कुदरत की नहीं बल्कि इंसान की कारागरी है। इंसान निर्माण तकनीक में इतना माहिर हो चुका है कि वह वर्षों से कई प्रकार के निर्माण करता आया है और आज के समय में इंजीनियरिंग इतनी उन्नत हो गई है कि ऐसी ऐसी चीजों का निर्माण हो रहा है जिसके बारे में हम सोच भी नहीं सकते। आइये आज दुनिया ऐसे ही कुछ अद्भुत निर्माण के बारे जानते हैं ये खूबसूरत तो है ही साथ में आश्चर्यजनक भी।
1. दुनिया का सबसे ऊंचा और सुरक्षित कांच का प्लेटफॉर्म, चीन
निर्माण के क्षेत्र में चीन का कोई जवाब नहीं है। बीजिंग के पास एक पहाड़ी के किनारे पर लटकता हुआ कांच का प्लेटफॉर्म बनाया गया है। ताकि लोग जिंगडांग जंगल की खूबसूरती को देख सके। यह जमीन से 1300 फीट की ऊंचाई पर है। यह दुनिया का सबसे लंबा कांच का प्लेटफॉर्म, जो किनारे से 107 फीट तक बाहर निकला है। साथ ही यह 4467 वर्गफीट क्षेत्रफल में फैला हुआ है। इसे सुरक्षित बनाने के लिए पहली बार टाइटेनियम का इस्तेमाल किया गया है। यह हल्का होता है और अन्य धातुओं से ज्यादा टिकाऊ होता है।
2. तियानमेन (Tianmen) माउंटेन पार्क में शीशे का स्काईवॉक, चीन
अगर आप एडवेंचर पसंद हैं, तो आपके लिए चीन के तियानमेन माउंटेन पार्क से दूसरा कोई विकल्प नहीं हो सकता। यह पार्क झैंगजियाजी (Zhangjiajie) में मौजूद है। जहां 4,700 फीट (1430 मीटर) की ऊंचाई पर बना शीशे का ‘स्काईवॉक’ न सिर्फ आपको रोमांच से भर देगा, बल्कि अपने साहस को परखने का भी मौका देगा। सीधी चट्टान के बीच बना कांच का यह पारदर्शी रास्ता तकरीबन 200 फीट (60 मीटर) लंबा है। दुनिया के कोने-कोने से लोग इस स्काईवॉक के जरिए यहां की खूबसूरती को देखने आते हैं। हालांकि, बहुत कम टूरिस्ट ही इस स्काईवॉक पर चलने की हिम्मत जुटा पाते हैं। 2.5 इंच मुटाई वाले इस कांच के रास्ते की चौड़ाई 3 फीट है। यहां से तियानमेन माउंटेन पार्क का विहंगम नजारा देखने को मिलता है। यहां आने वाले हर टूरिस्ट को स्काईवॉक पर चलने से पहले अपने जूते उतारने होते हैं, ताकि कांच का यह रास्ता साफ और पारदर्शी बना रहे।
3. स्काई डेक शिकागो, अमेरिका
स्काई डेक शिकागो जोकि अमेरिका की दूसरी सबसे ऊँची ईमारत में स्थित हैं। विनिस टावर नाम की यह ईमारत के 103वी मंजिल पर बनी एक व्यूज प्लेटफार्म मौजूद है जिसे स्काई डेक कहते हैं। कांच का बनी यह बालकनी जैसा प्लेटफार्म पांच टन वजन को झेल सकता हैं। यह इतना चौड़ा हैं की इसपर एक बार में पांच लोग आ सकते हैं। 1353 फिट की ऊंचाई पर मौजूद यह प्लेटफार्म से पुरे शिकागो का नजारा देख सकते हैं। इसका निर्माण में कांच का प्रयोग कई लेयरों में किया गया हैं।
4. इंटरकॉन्टिनेंटल दुबई फेस्टिवल सिटी, होटल का अनोखा स्विमिंग पूल
इंटरकॉन्टिनेंटल दुबई फेस्टिवल सिटी होटल में एक अनोखा स्विमिंग पूल बनाया गया है। 36 मंजिले की लग्जरी होटल की छत पर बना सुपर लग्जरी स्विमिंग पूल सामने की दीवार पर बनाया गया है जो कि आसमान में झूलता हुआ दिखाई देता है। यह दीवार काफी मजबूत शीशे की बनी हुई है जिसके अंदर से दुबई का अनोखा नजारा देखने को मिलता है। इस पूल की लंबाई 82 फीट है जिसके अंदर गोता लगाकर आप दुबई की गगनचुंबी इमारतों का नजारा ले सकते हैं जिसमें बुर्ज खलीफा भी शामिल है। दुबई फेस्टिवल सिटी में आने वाले लोगों का एक मुख्य आकर्षण भी रहता है।
5. दुनिया का सबसे ऊँचा और लंबा कांच का पुल, चीन
चीन अपने हैरंतअंगेज कामों के कारण हमेशा से ही सुर्खियो में रहा है। चीन ने हुनान प्रांत में दुनिया का सबसे लंबा और ऊंचा कांच का पुल बनाया गया है। ग्लास बाटम से बने इस पुल को 2 पहाड़ियों के बीच बनाया गया है। मजबूती में तो इस पुल की कोई बात नही। इसकी मजबूती को जांचने के लिए कम से कम 20 लोगो ने इस पर हथौड़ो से वार इस पर कुछ निशान तो पड़े लेकिन इसके अलावा इसकी मजबूती को कोई भी फर्क नही पड़ा। सुरक्षा परीक्षण के लिए चीनी अधिकारियों ने इस पर दो टन वजन के ट्रक को चलाया और यह परीक्षण भी सफल रहा। इस पुल की ऊंचाई जमीन से 300 मीटर की है। इस ब्रिज पर चलने से इसकी गहराई साफ दिखाई देती है और कुछ लोग तो इस पुल पर चलने से कतराते हैं। इस 3 मीटर लंबे, 4.5 मीटर चौड़े और 15 मिमी मोटाई वाले टेम्पर्ड ग्लास के कुल 99 टुकड़े लगाए गए हैं। यह ब्रिज वाकई में अदभूत है।
6 . फल्क्रिक व्हील, स्कॉटलैंड
पहली बार अगर आप इस पुल को देखेंगे तो आपको यह लगेगा कि यह एक अधूरा पुल है। लेकिन इसको थोड़ी देर देखने के बाद आपको पता चलेगा कि यह एक बोट लिफ्ट है। जिसमें बोट को लिफ्ट कर के दूसरी नदी में छोड़ दिया जाता है। यह एक प्रकार की मशीन है जो बोट को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में काम आती है। कुछ रास्ते ऐसे होते हैं जहां पर बोट को नहीं ले जाया जा सकता क्योंकि वहां पानी की कमी होती है इसलिए इन मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आपको बता दें कि आम तरह की बोट लिफ्ट का इस्तेमाल करने में घंटो लग सकते हैं लेकिन फॉलक्रिक व्हील इसे कुछ ही मिनटों में कर देता है। इस मशीन को पहली बार 2002 में प्रयोग में लाया गया था।
7. कायण टावर, दुबई
दुबई में स्थित कायण टावर ऊपर से निचे तक ट्विस्टेड हैं. इस अद्भुत ईमारत को पहली बार देखने पर लग सकता हैं ये आपकी आँखों का भ्रम हैं लेकिन इस ईमारत को इसी तरह बनाया गया हैं। इसे बनाने में 272 मिलियन डॉलर खर्च हुआ हैं। 300 मीटर से ऊँची इस ईमारत में इंजीनियर का नयाब देखने को मिलता हैं।
8. हवा में लटका हुआ कांच का होटल, पेरू
पेरू की घाटी में चट्टान से लटके हुए यह कांच के कैप्सूल देखने में काफी आकर्षक लगते हैं लेकिन आपको बता दें कि यह एक होटल है और यहां रहना उन्हीं लोगों के लिए सही है जो खतरों से खेलते हुए जीना चाहते हैं। मजबूत एल्युमीनियम और पॉलीकार्बोनेट के बने यह कैप्सूल 25 फीट लंबे और 8 फीट ऊंचे हैं। यह एक आरामदायक कमरे की तरह है इसमें अलग से बाथरूम की भी सुविधा है। इन होटलों में एडवेंचर पसंद लोग ही आकर रुकते हैं। लेकिन यहां पहुंच कचट्टान पर लटका हुआ होटलर रात बिताना इतना आसान नहीं है इसके लिए आपको 400 फुट की चढ़ाई करनी होगी यहां पर एक रात रुकने की कीमत करीबन 20000 हजार है। ये हॉटल अपनी इस खासियत के लिए दुनिया भर प्रसिद्द हैं।
9. एब्सॉल्यूट वर्ल्ड टावर, कनाडा
कनाडा के मिसिसाउगा में बनी एब्सॉल्यूट वर्ल्ड टावर. ये आधुनिक निर्माण का सुपरमॉडल है। दूर से देखें तो ऐसा मालूम पड़ता है कि तारीफ सुन सुनकर इमारत के सर्पिल टावर थोड़े से झुक गए हैं। इसे दुनिया का दूसरा सबसे सेक्सी टावर भी कहा जाता हैं।
10. राष्ट्रीय कला प्रदर्शन केन्द्र, चीन
चीन के बीजिंग में स्थित यह ईमारत अपने खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मसहूर हैं। विशालकाय अंडे के अकार में बनी यह ईमारत कला प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय केन्द्र है। बीजिंग जाने वाले हर शख्स इस ईमारत को देखने की चाहत रखता हैं।