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छत्तीसगढ़ : ‘35 वां चक्रधर समारोह‘ : भरत नाट्यम, कत्थक और लोक गीतों की प्रस्तुती से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

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चक्रधर समारोह के आठवें दिन सर्वप्रथम बिलासपुर से आईं कथक नृत्यांगना सुश्री तनु चौहान ने मनमोहक प्रस्तुति दी। रायगढ़ की सुश्री आशा चंद्रा एवं उनकी टीम के द्वारा छत्तीसगढ़ के विविध रंगों से सजे लोकगीतों की प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीम के द्वारा लोकगीत के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति का सजीव चित्रण किया गया।
    कर्नाटक से आईं भरतनाट्यम की प्रख्यात नृत्यांगना श्रीमती बाला विश्वनाथ और उनके ग्रुप द्वारा दी गई प्रस्तुति ने खूब प्रशंसा बटोरीं। उन्होंने पौराणिक कथाओं पर आधारित समुद्र मंथन, दशावतार और हिरण्यकश्यप वध की जीवंत प्रस्तुति देकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वाराणसी से आये राहुल-रोहित मिश्रा ने शास्त्रीय गायन की शानदार प्रस्तुति दी। उनकी ठुमरी और कजरी ने दर्शकों की सराहना मिली। दुर्ग से आये छत्तीसगढ़ी लोकगायक श्री सुनील सोनी ने छत्तीसगढ़ी गीत सुनाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

    समारोह में बिलासपुर विधायक श्री शैलेश पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ रायगढ़ विधायक श्री प्रकाश नायक, उर्वशी देवी, देवेन्द्र प्रताप सिंह सहित अनके जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने राजा चक्रधर के चित्र पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री न्यू प्रेस क्लब ऑफ भिलाईनगर के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज शाम कला मंदिर भिलाई में न्यू प्रेस क्लब ऑफ भिलाईनगर के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने न्यू प्रेस क्लब आफ भिलाई के पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का शुद्ध अंतःकरण से निर्वहन करने की शपथ दिलाई।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज की पत्रकारिता संक्रमण काल से गुजर रही है तथा पत्रकारों को अनेक किस्म की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के प्रचलन में आने के बाद प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का कार्य चुनौतीपूर्ण हुआ है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पत्रकारों के कल्याण के लिए जो योजनाएं प्रारम्भ की गई हैं, उनका व्यापक लाभ पत्रकारों को मिले, इस दिशा में तेजी से प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने हेतु उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि प्रतिमाह 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार कर दी गई है। यह राशि पहले 5 वर्ष के लिए थी, अब आजीवन प्रदान की जाएगी। सम्मान निधि के लिए न्यूनतम आयु 60 वर्ष से प्रारम्भ कर आजीवन कर दी गई है। पत्रकारों को स्वयं या उनके आश्रितों की बीमारी के इलाज हेतु दी जाने वाली न्यूनतम राशि 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार कर दी गई है और अधिकतम 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख कर दी गयी है।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने शासन की फ्लैगशिप योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के संबंध में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक अभिनव प्रयोग की शुरुआत हो चुकी है। हमें इस दिशा में सकारात्मक प्रयासों को बल देते हुए सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों के लिए भिलाई मे प्रेस क्लब भवन के निर्माण हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने की बात कही। इस अवसर पर गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, दुर्ग क्षेत्र के विधायक श्री अरुण वोरा, महापौर और विधायक श्री देवेंद्र यादव, प्रेस क्लब के पदाधिकारी और सदस्यगण, प्रेस प्रतिनिधि तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

सोने से पहले पैरों की मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में मिलती है मदद

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दिनभर काम करने के कारण पैरों में ऐंठन और दर्द होने लगता है। रात को सोने से पहले कुछ देर पैरों की मसाज करने से ये प्रॉब्लम दूर होती हैं। साथ ही दूसरे स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। सोने से पहले 10 से 15 मिनट पैरों की मसाज करें तो ब्लड सर्कुलेशन सुधारने में लाभ मिलती है।

वजन घटाए-

सोने से पहले पैरों की मालिश करने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है। इससे ज्यादा कैलरी बर्न होती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

नींद-

सोने से पहले पैरों की मालिश करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और रात को अच्छी नींद आती है।

शहादत को याद करने का दिन है मुहर्रम, जानिए क्यों मनाते हैं इस दिन मातम?

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इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों के लिए मुहर्रम एक गम का महीना है। मुहर्रम इस्लाम धर्म के नए साल यानि हिजरी सन का शुरुआती महीना है। इस महीने से इस्लामिक साल शुरू होता है। हजरत इमाम हुसैन की याद में इस महीने के दसवें दिन को बहुत सारे लोग मातम के तौर पर मनाते हैं। इस दिन को ‘आशुरा’ भी कहा जाता है।

क्यों मनाया जाता है मुहर्रम? इस्लाम धर्म की मान्यता है कि हजरत मुहम्मद रसूल के नवासे हजरत इमाम हुसैन को और उनके बेटे, घरवाले और उनके सथियों को इसी दिन कर्बला के मैदान में शहीद कर दिया गया था। मुहर्रम का यह 10वां दिन शहादत और कुर्बानी को याद करने का दिन है। मान्यता है कि इराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह था जो इंसानियत का बहुत बड़ा दुश्मन था। यजीद का अल्लाह पर कोई विश्वास नहीं था। वह चाहता था कि हजरत इमाम हुसैन भी उसके खेमे में शामिल हो जाएं। लेकिन हुसैन को यह मंजूर नहीं था और उन्होंने यजीद के विरुद्ध जंग का एलान कर दिया था। पैगंबर-ए इस्लाम हजरत मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन को कर्बला में परिवार और दोस्तों के साथ शहीद कर दिया गया था।

कर्बला की जंग
इराक की राजधानी बगदाद से 120 किलोमीटर दूर कर्बला एक शहर है। मक्का -मदिना के बाद कर्बला इस्लाम धर्म के लोगों के लिए एक प्रमुख स्थान है। मान्यताओं के अनुसार हजरत इमाम हुसैन अपने परिवार और साथियों के साथ मुहर्रम के दूसरे दिन कर्बला पहुंचे थे। इमाम हुसैन के काफिले में छोटे-छोटे बच्चे, औरतें और बूढ़े भी थे। यजीद ने हुसैन को मजबूर करने के लिए मुहर्रम के 7वें दिन उनके लिए पानी बंद कर दिया था। मुहर्रम की 9वीं रात को हुसैन ने रोशनी बुझा दी और कहने लगे, ‘यजीद की सेना बड़ी है और उसके पास एक से बढ़कर एक हथियार हैं। ऐसे में बचना मुश्किल है। मैं तुम्हें यहां से चले जाने की इजाजत देता हूं। मुझे कोई आपत्ति नहीं है।’ जब कुछ देर बाद फिर से रोशनी की गई तो सभी साथी वहीं बैठे थे। कोई हुसैन को छोड़कर नहीं गया।

कैसे मनाया जाता है मुहर्रम?
हजरत इमाम हुसैन की शहादत के गम में ये महीना याद किया जाता है। इस महीने में मुस्लिम (शिया) मातम मनाते हैं। बहुत सारे लोग मुहर्रम महीने के दसवें दिन काले कपड़े पहनकर हुसैन और उनके परिवार की शहादत को याद करते हैं। उनकी शहादत को याद करते हुए सड़कों पर जुलूस निकाला जाता है और मातम मनाया जाता है। हालांकि, सुन्नी मुस्लिम इस दिन खुदा की इबादत करते हैं और हजरत इमाम पर फातिहा पहुंचाते हैं। वो जलूस और मातम से दूर रहते हैं।

बच्चों के लिए कुछ खास बनाना चाहती है तो ट्राई करे मोमोस, देखे इसकी विधि

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स्पेशल में आज बना सकते हैं बच्चों के लिए कुछ खास जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। आजकल बच्चों को मोमोस बहुत पसंद आ रहे हैं व इनकी डिमांड भी बढ़ती जा रही है। अगर आपको भी घर पर बनाना है तो आज हम आपको इसकी रेसिपी बताने जा रहे हैं जिससे आपको बाहर से नहीं लाना पड़ेंगे। आइये जानते हैं अगर 5 लोगों के लिए मोमोस बनाने हैं तो क्या व कितना सामान लगेगा।

मोमोज कवर के लिए :

मैदा-1 कप,
तेल- 1 टीस्पून (मोयन के लिए),
बेकिंग पाउडर-आधा टीस्पून,
नमक- स्वादानुसार

स्टफिंग के लिए :

पनीर -100 ग्राम (मैश्ड), सोया ग्रेन्युल्स- चौथाई कप (उबाले-मैश्ड), पत्तागोभी- चौथाई टीस्पून (कद्दूकस), शिमला मिर्च- आधा कप (बारीक कटी), गाजर- 1(बारीक काट), टमाटर -1(बारीक कटा), प्याज – 1(बारीक कटा), हरी मिर्च -1-2 (बारीक काटा), लाल मिर्च पाउडर- आधा टीस्पून, चिली सॉस – 1 टीस्पून, टोमेटो सॉस -1 टीस्पून, काली मिर्च – आधा टीस्पून (पिसी हुई), बटर- 2-3 टीस्पून, नमक- स्वादानुसार

विधि :

अब बता दें, सोया-पनीर मोमोज बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में मैदा डालें व इसमें तेल, बेकिंगपाउडर, नमक व पानी डालकर अच्छी तरह गूंथ लें व एक घंटे के लिए ढककर रख दें। अब स्टफिंग बनाने के लिए नॉनस्टिक पैन गर्म करें व उसमें दो टीस्पून बटर डालें। जब बटर मेल्ट हो जाए तब इसमें प्याज, हरी मिर्च, पत्तागोभी, गाजर, टमाटर, चिली सॉस, टोमैटो सॉस, नमक व काली मिर्च डालकर पांच मिनट तक फ्राई कर लें। अब इसमें सोया व पनीर डालकर 2 से 3 मिनट भून लें।

अब मोमोज बनाने के लिए गूंथे हुए आटे से छोटी-छोटी लोई बना लें व उन्हें गोल पूरी की तरह पतला बेल लें। अब इसमें एक टीस्पून स्टफिंग रखकर चारों तरफ से फोल्ड करते हुए बंद कर दें। इसी तरह से सभी मोमोज को बना लें। मोमोज को सर्विंग प्लेट में निकालकर मोमोज की चटनी के साथ गरमा गर्म सर्व करें। मोमोज को भाप में पकाकर या फिर डीप फ्राई करके भी तैयार किया जाता है।

नन्हे तैमूर ने लगाए गणपति बप्पा के जयकारे, इंटरनेट पर वायरल हुआ ये बेहद क्यूट वीडियो

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बॉलीवुड के सबसे क्यूट स्टारकिड्स की बात हो तो तैमूर अली खान का नाम सबसे पहले आता है। करीना कपूर और सैफ अली खान का लाड़ला सोशल मीडिया पर आए दिन छाया रहता है। तैमूर की तस्वीरें खूब वायरल होती हैं। तैमूर की क्यूटनेस औऱ उनकी दीवानगी को देखकर पता लगाया जा सकता है कि वो अभी से ही सुपरस्टार बन गए हैं। फोटोग्राफर्स भी तैमूर की तस्वीर पाने के लिए बेताब रहते हैं। तैमूर इतने पॉपुलर हैं कि बॉलीवुड स्टार्स में भी उनको लेकर दीवानगी है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में नन्हे तैमूर बप्पा की भक्ति में डूबे हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को करिश्मा कपूर ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है।

वीडियो में तैमूर अपने मामा अरमान जैन के साथ दिख रहे हैं। इसके अलावा वीडियो में करिश्मा का बेटा कियान भी नजर आ रहा है। भाई और मामा अरमान के साथ तैमूर जोर जोर से गणपति बप्पा मोरिया बोलते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो इतना क्यूट है कि ये सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गया है। वीडियो में तैमूर मंगल मूर्ति मोरिया के जयकारे लगा रहे हैं।

तैमूर क्रीम कलर की ड्रेस में नजर आ रहे हैं। वहीं कियान ब्लू कुर्ता और जीन्स में दिख रहे हैं। वीडियो को लोग सोशल मीडिया पर खूब पसंद कर रहे हैं। वीडियो जमकर वायरल भी हो रहा है। वैसे भी तैमूर की क्यूटनेस का हर कोई दीवाना है। बीते दिनों ही एक वीडियो आया था जिसमें करीना घर में वर्कआउट कर रही हैं तो वहीं तैमूर अपनी मम्मी के पास ही ट्रेडमिल पर बैठे दिख रहे हैं।

वीडियो को फास्ट फॉरवर्ड मोड में दिखाया गया है। लेकिन तैमूर ध्यान से बैठकर मम्मी करीना का वर्कआउट देख रहे हैं। ट्रेडमिल पर बैठे तैमूर इतने क्यूट दिख रहे हैं कि उनसे नजरें हटा पाना भी मुश्किल है। वो वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।

सिल-बट्टे पर पीसी चटनी आपके स्वस्थ्य को बना देगी रोग मुक्त

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बिज़ी जीवन में आप अक्सर ही कुछ बाहर के खाने में लग जाते हैं यानि आपको बनाना ना पड़े इसके लिए आप बाहर कहीं भी खा लेते हैं। ऐसे ही आपने अगर ढाबे पर खाया हो तो आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि वहां की सादी दाल व बिना घी वाली रोटियां भी हमारे मन औऱ पेट को खुश कर देती हैं। वहां का स्टाइल आपको कई बार आकर्षित कर जाता है।

कोयले व तंदूर में खाना पकाने की तरह ही बहुत-से ढाबों मे चटनी पीसने के लिए प्रयोग किया जाता है सिल-बट्टा जिसकी वजह से ढाबे के खाने का स्वाद बढ़ता है। आपको ये नहीं पता होगा कि स्वाद के साथ आपको स्वास्थ्य के फायदा भी देती हैं पारम्परिक उपायों से पिसे मसाले या चटनी बहुत फायदेमंद हैं। आज हम इसी के बारे में बताने जा रहे हैं।

फूड प्रोसेसर या मिक्सी के प्रयोग में पिसी जाने वाली चटनी या मसालों का टेक्सचर बहुत ज्यादा महीन व क्रीमी हो जाता है। जबकि सिल-बट्टे पर चटनी पीसते समय हम अपनी मर्ज़ी के हिसाब ले उसका टेक्स्चर रख सकते हैं। अलग टेक्स्चर की वजह से चटनी का स्वाद भी बहुत ज्यादा अलग महसूस होता है।

अक्सर इलेक्ट्रॉनिक मशीनों की मदद से मसाले पीसने से मसालों के स्वाद बदल जाते हैं। दरअसल इन मशीनों को चलाने से जार में गर्मी पैदा हो जाती है जो मसालों के स्वाद को प्रभावित करती हैवहीं पारम्परिक उपायों में मसाले नैचुरल हवा के संपर्क में रहते हैं व इसीलिए उनका स्वाद बरकरार रहता है। इसके आपको सारे फायदे मिलते हैं। जब आप सिल बट्टे पर मसाला पीसते हैं तो मसालों की खुश्बू धीरे-धीरे फैलती है। यह खुश्बू आपकी नाक के ज़रिए आपके दिमाग तक पहुंचती है व आपके दिमाग को इन मसालों के स्वाद के प्रति आकर्षित करती है।

आइए जानते हैं दाँतों को चमकदार बनाने के ये बेहतरीन घरेलू तरीके

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साफ आैर चमकदार दांत आपकी पर्सनालिटी के बारे में बहुत कुछ बताते हैं. दांतों को सफेद रखने के कई ढंग हैं,लेकिन आज हम आपकाे कुछ एेसे खास घरेलू नुस्खाें ( ) के बारे में बताने जा रहे हैं जाे आपके दांताें की चमक बढ़ाने के साथ आपके मुंह काे भी स्वच्छ और स्वस्थ रखते हैं. आइए जानते हैं उनके बार में :-

स्ट्रॉबेरी ( strawberry teeth whitening )
स्ट्रॉबेरी को दांतों की चमक बढ़ाने के लिए जाना जाता है. कॉफी पीने से गंदे हुए दांतों के लिए स्ट्रॉबेरी का रस विशेष रूप से प्रभावी है.स्ट्रॉबेरी में मैलिक एसिड होता है, जो दांतों को सफेद करता है.इस अतिरिक्त मैलिक एसिड से युक्त अन्य खाद्य पदार्थ, जैसे सेब,गाजर व अजवाइन आदि भी दांतों की सफाई में विशेष असर डालती हैं.

पनीर ( cheese good for teeth )
पनीर एेसा खाद्य पदार्थ है जो दांतों को साफ करने में मदद करता है. पनीर में पाए जाने वाले नेचुरल खनिज दांताें काे मजबूत आैर सफेद बनाते हैं.पनीर में पाया जाने वाला कैल्शियम आपके दांतों के लिए अच्छा है.

4 मिनट ब्रश ( brushing for teeth whitening )
सुबह और रात काे 2-2 मिनट के लिए ब्रश करने के आदत दाताें काे साफ रखने आैर मुंह की स्वच्छता बनाए रखने में बेहद मददगार हाेती है. ब्रश करते समय उसे अपने मुंह के सभी कोनों तक पहुंचाएं. अच्छे परिणाम के लिए मसूड़ों पर ब्रश को 45 डिग्री के कोण पर रखें. बाद में फ्लॉस व माउथ वॉश का उपयोग करें.

बेकिंग सोडा का जादू ( baking soda for teeth )
बेकिंग सोडा के साथ टूथपेस्ट दांतों में दाग को रोकने में अधिक प्रभावी है.पानी में बेकिंग सोडा की एक छोटी मात्रा मिलाएं व इसका उपयोग मुंह को कुल्ला करने के लिए करें. सख्त दाग से छुटकारा पाने के लिए आप सीधे अपने दांतों पर बेकिंग सोडा भी लगा सकते हैं. लेकिन ऐसा अक्सर न करें क्योंकि यह दांताें की परत काे नुकसान पहुंचा सकता है.

दंत डॉक्टर काे दिखाए ( Visit a professional )
अगर आपकाे लगता है कि आपके दांत ज्यादा बेकार है ताे डॉक्टर से उपचार लें. डॉक्टर आमताैर पर दांतों को सफेद करने के लिए ब्लीच का प्रयाेग करते हैं.यदि आप ये प्रयाेग घर में करेंगे ताे हाे सकता है कि आपकाे नुकसान हाे जाएं. क्याेंकि मार्केट में मिलने वाले टीथ व्हाइटनर में बहुत ज्यादा मात्रा में हाइड्रोजन पेरोक्साइड जाे की आपके दांताें काे नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए डॉक्टर की देखरेख में इनका उपयाेग लाभकारी रहेगा.

माँ की ममता को महिला ने किया शर्मसार, क्रेडिट बिल चुकाने के लिए बेच दिए अपने जुड़वा बच्चे

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मां के लिए अपने बच्चे से बढ़ कर कुछ नही होता है लेकिन जब मां ही पैसों के लिए अपनी ममता का गला घोंट कर अपने बच्चों को बेच दें इससे बुरी बात बच्चों के लिए ओर कुछ नही हो सकती हैं। सिक्की शहर की रहने वाली 20 वर्षीय महिला ने खुद को पुलिस से बचाने व क्रेडिट का बिल अदा करने के लिए अपने दो जुड़वा बच्चों को बेच दिया।

6 लाख 56 हजार रुपये था कार्ड का बिला

जानकारी के अनुसार महिला के क्रेडिट कार्ड का बिल 6 लाख 56 हजार रुपये आया था। जिसे वह चुका नही पा रही थी, जिस कारण पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस से बचने व क्रेडिट का बिल अदा करने के लिए महिला ने अपने दो जुड़वा बच्चों को बेचा था। महिला के बच्चे अभी दो हफ्ते के भी नही हुए ते। इतना ही नही इन बच्चों को खरीदने वाले परिवार के लोग महिला के घर से 700 किलोमीटर की दूरी पर ही रहते थे। इस कानून के तहत लोगों को 10 साल तक की सजा हो सकती हैं।

महिला ने बच्चों को बचने के बाद जो पैसे मिले उससे नया फोन खरीदा व क्रेडिट कार्ड का बिल अदा किया। पुलिस को जब इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने बच्चों को बचा कर महिला के माता- पिता को सौंप दिया हैं। इस घटना के बाद महिला व उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया हैं।

बच्चों को समझा था बोझ

महिला ने सितंबर महीने में प्रीमैच्योर जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। बच्चो के जन्म के बाद महिला का पार्टनर व उसके परिवार वाले अस्पताल न ही आए थे। उन्होंने महिला की किसी भी तरह से मदद नही की। जिस कारण महिला को वह बच्चे बोझ लगने लगे थे। इतना ही नही जब महिला ने अपना एक बच्चा 4.5 व दूसरा 2 लाख में बेचा तो उसका पार्टनर भी उसमें से अपना हिस्सा मांगने लगा।

चाय के साथ आएगा मजा , ऐसे बनाए बेक्ड समोसे

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स्नैक्स या चाय के साथ समोसे खाने का मजा ही कुछ व है। कुछ लोग इसे खट्टी मीठी चटनी के साथ भी खाना पसंद करते हैं। लेकिन कई बार लोग बहुत ऑयली होने की वजह से इसे अवॉयड भी कर देते हैं ताकि उनकी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव न पड़े। हालांकि इसे बावजूद समोसे को देखकर उनका मन ललचाता रहता है। अगर आप भी इसी वजह से समोसा नहीं खा पाते हैं तो आपके लिए पेश है बेक्ड समोसे की रेसिपी



सामग्री:
मैदा – 1 कप
नमक – 1/4 छोटी चम्मच

ड्राई एक्टिव यीस्ट – आधा छोटी चम्मच
ऑयल – 1 टेबल स्पून
चीनी – आधा छोटी चम्मच

स्टफिंग के लिए:
आलू – 2 उबले हुये , मीडियम आकार के
मटर के दाने – आधा कप
ऑयल – 1-2 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच से कम
अदरक – आधा इंच टुकड़ा कद्दुकस किया हुआ
हरा धनियां – 1-2 टेबल स्पून, बारीक कटा हुआ
अमचूर पाउडर – 1/4 छोटी चम्मच
धनियां पाउडर – आधा छोटी चम्मच
जीरा पाउडर – आधा छोटी चम्मच
गरम मसाला – 1/4 छोटी चम्मच से कम
नमक – 1 स्वादानुसार
हरी मिर्च – 1-2 छोटी छोटी कटी हुई
बेक्ड समोसे रेसिपी:

समोसा बनाने के लिए सबसे पहले परात में मैदा लेकर उसमें चीनी, ड्राई एक्टिव यीस्ट, नमक व थोड़ा ऑयल डालकर अच्छे से मिला लें व गुनगुने पानी से इसे गूंथते हुए नर्म आटा तैयार कर लें। अब इस आटे को ढंककर 2 से 3 घंटे के लिए रख दें ताकि ये सेट हो जाए। जब आटा फूल जाए तभी इससे समोसे बनाएं।

स्टफिंग के लिए:
कढ़ाई में ऑयल गर्म कीजिए व फिर उसमें अदरक, धनिया पाउडर, जीरा, मटर व हरी मिर्च डालकर करीब 2 से 3 मिनट तक भूनिए। आलू को छीलकर इसे थोड़ा बारीक फोड़ लीजिए। अब इसे कढ़ाई में डालिए व ऊपर से लाल मिर्च पाउडर, नमक, अमचूर पाउडर, गर्म मसाला व हरा धनिया डालिए व अच्छे से चलाते हुए मिला लें। आंच बंदकर इस स्टफिंग किसी प्लेट में निकालकर ठंडा कर लीजिए।
अब समोसे के लिए तैयार आटे को थोड़ा सा व मसल लीजिए व आटे की छोटी छोटी गोलिया तोड़ लीजिए। अब इन गोलियों की लोई बनाकर इसे करीब 7-8 इंच के व्यास के आकार में बेल लीजिए। अब इस पूड़ी को चाकू से बीच से काटकर आधा कर लें।

पूड़ी का आधा भाग लेकर एक हाथ में रखें, जो किनारा कटा हुआ है उसके आधे भाग पर उंगली से हल्का पानी लगाइए। अब इस भाग पर दूसरे आधे भाग को रखकर उसे चिपका दें ताकि समोसे बनाने के लिए तिकोना आकार बन सके। इसके बाद स्टफिंग लेकर उसे इस तिकोने में भरें व तिकोने के ऊपर थोड़ा सा पानी लगाइए व इसे फिल्ड करते हुए दोनों किनारों को हल्के हाथ से चिपकाकर बंद कर दें।

अब बेकिंग ट्रे में समोसे के पतले भाग का शिरा रखते हुए थोड़ी दूर दूर पर रखें व 30 मिनट के लिए इसे ढंककर रख दें। तब तक ओवन को 180 डि। से। पर प्रीहीट करें। इसके बाद समोसे वाली ट्रे को ओवन में रखकर इसी तापमान पर 10 मिनट का टाइम सेट कर दें। इसके बाद ओवन को खोलकर देखें कि समोसे तैयार हो गए हैं या नहीं। इसके बाद 5 मिनट ज्यादा देकर समोसे को बेक कर लें। इतनी देर में समोसे गोल्डन ब्राउन हो जाएंगे। इसके बाद बेकिंग ट्रे को बाहर निकाल लें।