सीमा सड़क संगठन (BRO) ने दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध स्थल सियाचिन (Siachen) के आसपास की सड़कों के आधुनिकीकरण और नई सड़कें बनाने की व्यापक योजना पर काम शुरू कर दिया है. सियाचिन में सैनिकों और उपकरणों की आवाजाही में तीव्रता लाने के मकसद से लद्दाख सेक्टर में इस व्यापक योजना पर सीमा सड़क संगठन ने काम शुरू कर दिया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि ‘विजयक’ परियोजना के तहत सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) पनामिक से सियाचिन आधार शिविर तक और सियाचिन ग्लेशियर की ओर जाने वाली अन्य अंदरूनी सड़कों का निर्माण एवं आधुनिकीकरण कर रहा है.
एक अधिकारी ने बताया कि परियोजना में नई तकनीक और प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि सड़कें प्रतिकूल जलवायु की स्थिति का सामना कर सकें. इस क्षेत्र में पूरे साल मौसम प्रतिकूल बना रहता है. अधिकारी ने बताया कि, ऐसे मौसमी हालात में संचालन तथा निर्माण गतिविधि को जारी रखना आसान नहीं होता है जहां तापमान गर्मी में भी शून्य से 10-15 डिग्री नीचे होता है.
अधिकारियों के अनुसार सामरिक क्षेत्र में विषम परिस्थिति एवं प्रतिकूल मौसम के बावजूद सड़कों की मरम्मत और आधुनिकीकरण का काम जारी रखा गया है. ये सड़कें वाहनों के अनुकूल हैं, जिस पर सैनिक, सामग्री, भारी मशीन, सामरिक रूप से अहम सियाचिन की ओर जा सकते हैं. अधिकारियों ने बताया कि बीआरओ सियाचिन बेस पर झूला पुल की जगह एक नये पुल के निर्माण की योजना बना रहा है ताकि सुदूर क्षेत्रों में भारी सामान पहुंचाने में आने वाली किसी भी रूकावट को दूर किया जा सके.
केरल के इडुक्की जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां घने जंगलों के बीच से गुजर रही जीप से एक साल की मासूम सड़क पर गिर गई और माता-पिता सोते रहे। बच्ची रेंगते हुए नजदीकी चेक पोस्ट पर पहुंच गई, जहां मौजूद वन अधिकारियों की नजर उस पर पड़ी। जिसके बाद बच्ची को उसके माता-पिता तक पहुंचाया गया। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि राजमाला में रविवार रात बच्ची के माता-पिता जीप से लौट रहे थे। दोनों पीछे की सीट पर बैठे थे। बच्ची मां की गोद में थी। थकान के कारण माता-पिता की आंख लग गई और बच्ची नीचे गिर गई। कई किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद उन्हें बच्ची के न होने का अहसास हुआ। चेक पोस्ट पर लगे सीसीटीवी फुटेज में बच्ची जीप से गिरते और रेंगते हुए दिखाई दे रही है। वन अधिकारियों के मुताबिक, चेक पोस्ट के निकट उन्हें एक बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। बच्ची जिस रास्ते पर थी, उस पर हाथियों समेत कई जंगली जानवर आते जाते रहते हैं। जीप से गिरने के कारण बच्ची के चेहरे और माथे पर मामूली चोटें आईं और उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मंदिर दर्शन करने गए थे माता-पिता
पुलिस के मुताबिक, बच्ची और उसके परिजन कांबलीकंदम में रहते हैं और तमिलनाडु के पलानी मंदिर में दर्शन करने के बाद घर लौट रहे थे। मुन्नार के सब इंस्पेक्टर संतोष केएस ने बताया कि जब माता-पिता को बच्ची के गिरने का पता चला तो उन्होंने वेल्लाथुवल पुलिस स्टेशन में खबर की, लेकिन तब तक हमने सभी थानों को बच्ची के बारे में सूचित कर दिया था। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रविवार देर रात डेढ़ बजे बच्ची को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।
आमतौर पर लोग अपने घर को सजाने के लिए अक्सर तस्वीरों का सहारा लेते हैं। यह तस्वीरें उनके घर को खूबसूरत बनाने के साथ-साथ उसमें एक नई जान भी डाल देती हैं। लेकिन आपको अपने घर के लिए किसी भी तस्वीर का चुनाव करते समय बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
अगर आप अपने घर के लिए गलत तस्वीर का चयन करते हैं तो इससे आपके घर में दुख, परेशानी व नकारात्मकता का वास हो सकता है। आईए जानें इन तस्वीरों को घर में लगाने से करें परहेज-
हिंसक पशु की तस्वीर को घर में लगाने से वहां के वातावरण में अशांति आती है। वास्तु के अनुसार घर में हिंसक पशु की तस्वीर रखने से कई सारे कष्ट भी को झेलने पड़ सकते है।
प्यार की निशानी ताजमहल को घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। इसको रखने से घर के लोग ज्यादातर बीमार ही रहते हैं।
भगवान शिव की तांडव करते हुए यानि नटराज की मुर्ति को कभी घर में नहीं रखना चाहिए। नटराज की मुर्ति को घर, ऑफिस में रखने से तनाव उत्पन्न होता है।
कभी भूलकर भी डूबते जहाज या नाव की तस्वीर को घर में नहीं रखना चाहिए। इसको रखने से पारिवारिक रिश्तों में मतभेद रहता हैै। इसके अलवा घर में तनाव का वातावरण रहता है।
दिल्ली के एक शख्स को घर जाते समय बड़ा अजीब अनुभव हुआ. शनिवार दोपहर अवनीश शर्मा नाम के शख्स जब छतरपुर से निकले तो उन्होंने कार के इंजन से ‘पटाखों के दगने’ जैसी आवाज सुनी. उन्हें लगा कि बारिश की वजह से इंजन में कुछ समस्या आई होगी, मगर ऐसा था नहीं.
अवनीश ने कार रोकी और बोनट खोला तो हैरान रह गए. इंजन के पीछे एक बड़ा सा अजगर लिपटा हुआ था. अवनीश के मुताबिक, वह बेहद डर गए थे और ये पता होने के बावजूद कि वह जहरीला सांप नहीं है, उसके नजदीक जाने की उनकी हिम्मत नहीं हुई.
शर्मा ने अपेन दोस्तों को मदद के लिए बुलाया. नजदीकी रेजिडेंशियल सोसायटी के गार्ड्स ने उन्हें वाइल्डलाइफ SOS का नंबर दिया. घंटे भर में उनकी एक टीम वहां पहुंची, तब तक लोगों का मजमा कार के चारों तरफ लग चुका था.
5 फुट लंबे इंडियन रॉक पायथन को निकालने में टीम को करीब दो घंटे लगे. मैकेनिक को बुलाकर डैशबोर्ड के फ्रेम्स निकलवाए गए, जब जाकर अजगर को निकाला जा सका. बाहर निकालने के बाद अजगर को असोला-भट्टी वाइल्डलाइफ सैंक्चुरी में छोड़ दिया गया.
डबल हेलमेट नहीं पहनने पर जुर्माना ठोकने को लेकर प्लाजा चौक पर बवाल हो गया। बीच सड़क पर ट्रैफिक पुलिस और बाइक सवार आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच जमकर मारपीट भी हुई। घटना सोमवार शाम पौने चार बजे की है। यह मामला झारखंड के रांची शहर का है।
घटना में डोरंडा निवासी इरफान अहमद व फरीद आलम के अलावा ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात एएसआई अखिलेश प्रसाद जख्मी हो गए। जानकारी के अनुसार इरफान की बाइक पर बैठे व्यक्ति ने हेलमेट नहीं पहना था। इसी को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने इरफान को रोका और एक हजार रुपए का जुर्माना ठोक दिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। सूचना मिलने के बाद लालपुर थानेदार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस दोनों युवकों को पकड़कर थाना लायी। डोरंडा निवासी इरफान अपाची मोटरसाइकिल से एक दोस्त के साथ प्लाजा चौक की ओर से जेल चौक जा रहे थे।
घटना का सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस : घटना की सूचना मिलने के बाद ट्रैफिक डीएसपी लालपुर थाना पहुंचे। हिरासत में लिए गए युवक और ट्रैफिक एएसआई से पूछताछ की। इसके बाद प्लाजा चौक के पास लगे सीसीटीवी कैमरा से पुलिस घटना का फुटेज निकाल रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आखिर गलती एएसआई की है कि बाइक सवार की। फुटेज में दोषी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। हालांकि दोनों युवकों को पुलिस ने हिरासत में रखा है।
मुझे जानते नहीं, विधायक के साथ रहते हैं चालान मिलने के बाद इरफान भड़क गया। उसने कहा कि मैं तो हेलमेट पहना हूं। मेरे पास गाड़ी के सभी कागजात भी मौजूद हैं तो फिर चालान क्यों देंगे। जो शख्स बाइक में बैठा था, उसे वह लिफ्ट दे रहे थे। अगर वह हेलमेट नहीं पहना है तो इसमें उनकी गलती क्या है। हम किसी भी कीमत पर चालान नहीं भरेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने इरफान से कहा कि पीछे बैठने वाले को भी हेलमेट पहनना है। वह नहीं पहना है, फाइन तो भरना होगा। इसी बीच इरफान ने यह कह दिया कि मुझे जानते नहीं, हम विधायक के साथ रहते हैं। फाइन नहीं भरेंगे। यह सुनने के बाद ट्रैफिक एएसआई आक्रोशित हो गए। इरफान के साथ गाली-गलौज करने लगे।
वर्दी का कर रहे हैं इज्जत नहीं तो बता देते इसी दौरान इरफान का एक अन्य दोस्त डोरंडा निवासी फरीद आलम भी पहुंच गया। गाली-गलौज सुनने के बाद इरफान व फरीद ट्रैफिक जवानों के साथ उलझ पड़े। फरीद ने जवान से कहा कि वर्दी का इज्जत कर रहे हैं, नहीं तो बता देते। इस बात पर दोनों के बीच तू-तू-मैं-मैं से धक्का-मुक्की होने लगी। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक-दूसरे के साथ मारपीट भी शुरू कर दी। इसी बीच प्लाजा चौक पर भीड़ जमा हो गई। ट्रैफिक पुलिस और इरफान दोनों को मौजूद लोगों ने हटाया।
आमचूर को आमतौर पर मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। वैसे तो लोग इसका इस्तेमाल भोजन का स्वाद बढाने के लिए करते हैं लेकिन वास्तव में यह आपकी सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। इससे आपको बहुत से स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। तो चलिए जानते हैं उन स्वास्थ्य लाभों के बारे में-
चुटकीभर आमचूर पाउडर का नियमित रूप से सेवन एसिडिटी, कब्ज, गैस और पाचन तंत्र में सुधार करता है। इसके अलावा इससे पेट फूलने की समस्या भी दूर हो जाती है।
आमचूर पाउडर में गुड़ मिलाकर रोजाना सुबह खाली खाने से कैंसर जैसी बीमारी दूर रहती है। इसमें मौजूद विटामिन A और C शरीर को कैंसर सेल्स से बचाते है।
इसके रोजाना सेवन से आंखों की रोशनी तेज होने के साथ चश्में की समस्या भी दूर हो जाती है। इसे अपने आहार में शामिल करने से आप मोतियाबिंद से भी बचे रहते है।
आमचूर का सेवन करने से शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है जिससे एनीमिया की समस्या दूर होती है। इसके अलावा आमचूर और हल्दी को मिलाकर मसूड़े का मालिश करने से पीले दांत, दर्द और छाले दूर हो जाते है।
इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट गुण मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देकर तेजी से वजन कम करने में मदद करती हैं। इसके अलावा इसमें कार्बोहाइड्रेट कम होने के कारण भी वजन तेजी से कम होता है।
आज भी दुनिया में ऐसे कई रहस्य है जो कि वास्तव में आज भी पूरी दुनिया के लिए रहस्य बने हुए हैं । आज हम आपको कुछ ऐसे ही रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको जानकर आप भी चौंक जाएंगे । हम बात कर रहे हैं 200 साल पुराने किले की जो कि रांची से 18 किलोमीटर की दूरी पर पिठौरिया गांव में स्थित हैं । 100 कमरों वाला यह किला अब खंडहर में तब्दील हो चुका हैं क्योंकि हर साल इस किले पर बिजली गिरती हैं । लेकिन हर साल इसी किले पर क्यों बिजली गिरती इसके बारे में आजतक कोई भी पता नहीं लगा पाया ।
बताया जा रहा है कि, इस किले को राजा जगतपाल सिंह के किले के नाम से जाना जाता है । गांव वालों के मुताबिक, इस किले पर हर साल बिजली एक क्रांतिकारी द्वारा राजा जगतपाल सिंह को दिए गए श्राप के कारण गिरती है । वैसे तो आसमानी बिजली का गिरना एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन एक ही जगह पर सालों से बिजली का गिरना लोगों को जरूर सोचने पर मजबूर कर रहा है । कहा जाता है कि साल 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में राजा जगतपाल सिंह ने अंग्रजों की मदद की, वो क्रांतिकारियों से जुड़ी हर खबर अंग्रेजों तक पहुंचाते थे । जिसके बाद एक क्रांतिकारी जिसका नाम विश्वनाथ शाहदेव था उसने राजा को श्राप दे दिया । जिसके कारण ही इस किले पर हर साल बिजली गिरती है । हालांकि, वैज्ञानिक इस बात को नहीं मानते हैं ।
इसरो (Indian Space Research Organisation) के चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) का विक्रम लैंडर ही इकलौता यान नहीं है जिससे संपर्क टूटा है. अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में इससे पहले भी ऐसा हो चुका है. यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) का एक यान जिससे संपर्क टूट गया था, उसके बारे में 12 साल बाद जानकारी मिली थी. वह मिला भी लेकिन उससे संपर्क नहीं हो पाया. यानी उम्मीद खोने की जरूरत नहीं है. इसरो वैज्ञानिकों ने तो विक्रम लैंडर को करीब 35 घंटे बाद ही खोज लिया था. अब प्रयास सिर्फ इस बात का हो रहा है कि विक्रम लैंडर से संपर्क स्थापित हो जाए.
आइए जानते हैं उस यान की रहस्यमयी कहानी, जो 12 साल बाद मिला था
ये है यूरोपियन स्पेस एजेंसी के बीगल-2 यान का आर्टिस्टिक चित्र. (फोटो-ESA)
हुआ यूं कि यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) ने मंगल ग्रह के लिए 2 जून 2003 को एक लैंडर लॉन्च किया था. इसका नाम था बीगल-2. पूरे मिशन का नाम था मार्स एक्सप्रेस मिशन. जून में लॉन्च किए गए इस लैंडर को 6 महीने बाद यानी 19 दिसंबर 2003 को मंगल पर पहुंचना था. यान पहुंचा भी लेकिन उसी दिन इससे यूरोपियन स्पेस एजेंसी से संपर्क टूट गया. करीब ढाई महीनों तक बीगल-2 से संपर्क करने की कोशिश की गई. लेकिन उसने पृथ्वी से भेजे गए किसी भी संदेश का जवाब नहीं दिया. अंत में फरवरी 2004 में इस मिशन को नाकाम घोषित कर दिया गया.
तीन अलग-अलग हिस्सों में दिखाई पड़ा था लैंडर, उसका पैराशूट और रियर कवर. (फोटो-NASA)
ESA ने बीगल-2 मिशन को मंगल पर इसलिए भेजा था ताकि वहां के जरिए जीवन की संभावना का पता लगाया जा सके. बीगल से संपर्क टूटने के बाद ESA मार्स एक्सप्रेशन मिशन के ऑर्बिटर से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई. लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ. ऑर्बिटर से ऐसी तस्वीरें भी नहीं मिली कि यह पता चल सके कि वहां क्या हुआ.
करीब 12 साल बाद जब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का यान मार्स रिकॉन्सेंस ऑर्बिटर मंगल से जानकारियां जमा करने के लिए उसकी कक्षा में चक्कर लगा रहा था, तब उसने 16 जनवरी 2015 को बीगल-2 की तस्वीरें लीं. इस बीच, बीगल-2 मिशन के कर्ताधर्ता कोलिन पेलिंगर की भी मौत हो चुकी थी. नासा से मिली तस्वीरों से पता चला कि बीगल-2 अपने तय लैंडिंग वाली जगह से करीब 5 किमी दूर पड़ा था. मंगल के इस इलाके को इसिडिस प्लेनेशिया कहते हैं.
नासा के मंगलयान ने ली थी बीगल-2 की ऐसी तस्वीर.
नासा की तस्वीरों का विश्लेषण करने पर पता चला कि बीगल-2 का ज्यादातर हिस्सा सही सलामत है. उसने सही तरीके से लैंडिंग की है, लेकिन लैंडिंग के समय उसका सोलर पैनल खराब हो गया. इससे पूरे बीगल-2 को ऊर्जा नहीं मिल रही थी. ऊर्जा नहीं मिलने से संचार के लिए लगाए गए एंटीना ने काम करना बंद कर दिया. इसलिए इससे संपर्क टूट गया. दोबारा संचार स्थापित ही नहीं हो पाया.
कुछ ऐसा ही हादसा विक्रम लैंडर के साथ हुआ है
भारत के दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर के साथ भी ऐसा ही हुआ है. 7 सितंबर को चंद्रयान-2 चांद की सतह से 2.1 किमी की ऊंचाई पर अपने तय मार्ग से डेविएट होकर अलग दिशा में चला गया. 335 मीटर की ऊंचाई तक डेटा इसरो वैज्ञानिकों को मिला, इसके बाद उससे संपर्क टूट गया. करीब 35 घंटे बाद इसरो वैज्ञानिकों को विक्रम लैंडर की तस्वीर मिली, जिसमें पता चला कि वह तय स्थान से करीब 500 मीटर दूर तिरछा पलटा पड़ा है. अब वैज्ञानिक उससे संपर्क स्थापित करना चाह रहे हैं, ताकि आगे के प्रयोग हो सकें.
छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री कवासी लखमा का एक वीडियो वायरल होने के बाद वह विवादों में आ गये हैं. वीडियो में वह बता रहे हैं कि उन्होंने एक छात्र को नेता बनने के लिए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक का कॉलर पकड़ने की सीख दी थी. नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र के विधायक लखमा ने इस महीने की पांच तारीख को सुकमा जिले के एक स्कूल में शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद विद्यार्थियों के सामने कुछ दिनों पहले हुई एक घटना के बारे में बताया था.
सोशल मीडिया में वायरल इस वीडियो में लखमा एक स्कूल में कुछ छात्र और कांग्रेस नेता बैठे हुए दिख रहे हैं. बच्चों के साथ बातचीत के दौरान वह एक किस्सा सुनाते हैं कि कुछ दिनों पहले जब एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया थे तब उन्होंने एक छात्र से पूछा कि तुम क्या बनना चाहते हो. छात्र ने कहा था कि वह नेता बनना चाहता है. लखमा ने बताया कि जब छात्र ने उससे (लखमा से) पूछा कि बड़े नेता बनने के लिए क्या करना चाहिए तब उन्होंने कहा कि कलेक्टर का या एस पी कॉलर पकड़ो तब नेता बनोगे. इसे सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़ते हैं.
जब इस संबंध में जब मंत्री लखमा से संपर्क किया गया तब उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वह अक्सर स्कूल और आश्रम शालाओं का दौरा करते रहते हैं और छात्रों से पूछते हैं कि उन्हें क्या बनना है. इस दौरान छात्रों ने उनसे पूछा कि उनके जैसे बड़े नेता बनने के लिए उन्हें क्या करना चाहिए. तब उन्होंने कहा कि वह अच्छे से पढ़ाई करे तथा जनता के मु्द्दों के लिए सड़क की लड़ाई लड़े और खूब मेहनत करे. उन्होंने कहा कि कलेक्टर और एसपी का कालर पकड़ने वाली बात सामने आ रही है वह पूरी तरह असत्य है। कहा गया था कि नेता बनने के लिए खूब मेहनत करनी पड़ती है.
इस वीडियो के लोगों के सामने आने बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सरकार को घेरा है. पूर्व मंत्री और कुरूद क्षेत्र से भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर ने लखमा केवीडियो को ट्वीट कर कहा है कि आपको बधाई माननीय मुख्यमंत्री जी. आपके मंत्री ने कार्यपालिका के लिए अच्छे शब्द का उपयोग किया है. अच्छा यह होगा कि आप उन्हें कुरूद भेज दें जिससे वे मेरे द्वारा जनता को समर्पित कार्यों का पुनः उद्घाटन कर सकें।इससे लोकतंत्र मजबूत होगा.
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और मध्य महाराष्ट्र (Maharashtra) के कई हिस्सों में हो रही तेज बारिश के बाद मौसम विभाग (Meteorological Department) ने देश के दस राज्यों में आज (10 सितंबर) को तेज बारिश (Heavy Rains) की चेतावनी जारी की है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के बाद मौसम विभाग ने मंगलवार को तेज से बेहद तेज बारिश के आसार जताए हैं और रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है.
मौसम विभाग के चेतावनी जारी करते हुए गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय के साथ ही पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कोंकन, गोवा, दक्षिण कर्नाटक समेत नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों में भी आज तेज बारिश की संभावना जताई है. वहीं, आज तेज धूप से दिल्ली वालों को थोड़ी राहत मिल सकती है. मंगलवार को दिल्ली के आसमान में बादल जाएं रहेंगे.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) द्वारा अपनी वेबसाइट पर 9 सितंबर से लेकर 13 सितंबर तक का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
वहीं, उत्तर प्रदेश में की राजधानी लखनऊ समेत पूरे राज्य में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. पूर्वी और पश्चिमी उप्र में हल्की बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश के पास मॉनसून की टर्फ लाइन बनी है, जिसके चलते प्रदेश में अगले तीनों दिनों तक बारिश का माहौल बन सकता है. हवाओं में नमी के कारण एक-दो स्थानों पर अचानक बारिश वाले बादल बन सकते हैं और हल्की बौछारें भी गिर सकती हैं.