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स्वस्थ और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए आने वाली पीढ़ी को कुपोषण से मुक्त करना होगा: श्री भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि स्वस्थ और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हमें आने वाली पीढ़ी को कुपोषण से मुक्त करना होगा। आज नक्सलवाद से भी बढ़ी चुनौती कुपोषण है। कुपोषण से मुक्ति राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सुपोषण अभियान में यदि सामाजिक संगठन एक-एक गांव को गोद ले लें, तो गांवों का काया कल्प हो जाएगा। कुपोषण मुक्ति के लिए राज्य सरकार के साथ सभी वर्गों का सक्रिय सहयोग भी जरूरी है। 
मुख्यमंत्री कल रविवार देर रात एक निजी समाचार चैनल स्वराज्य एक्सप्रेस और यूनिसेफ द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘सुपोषित छत्तीसगढ़ की ओर‘ को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कुपोषण को दूर करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली संस्थाओं और लोगों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती आनिला भेंडिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुपोषण नक्सलवाद से भी बड़ी समस्या हैं। प्रदेश को इस समस्या से मुक्त करने के लिए बस्तर अंचल से शुरूआत की गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 जयंती पर इसे पूरे प्रदेश में संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के 37.6 प्रतिशत बच्चे और 41.5 प्रतिशत महिलाएं कुपोषण से पीड़ित हैं। सुपोषण का अर्थ केवल पेट भरना नहीं है भोजन में वे सभी तत्व होने चाहिए जो शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी हैं। कुपोषण के लिए सप्लीमेंटरी फूड पर्याप्त नहीं है। भोजन के माध्यम से नियमित रूप से शरीर के लिए आवश्यक तत्व मिलने चाहिए। भोजन में किन किन चीजों का समावेश करना चाहिए, इसके लिए जन जागृति की भी जरूरत है। 
       मुख्यमंत्री ने बताया कि सुपोषण अभियान के लिए पहले कलेक्टर ने सरपंचों की बैठक ली तब सरपंचों ने इस कार्यक्रम के लिए पंचायत भवन देने से मना कर दिया। टंेण्ट लगाकर इस की अभियान की शुरूआत हुई। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने भोजन पकाया, कुपोषित बच्चों और महिलाओं को भोजन के लिए आमंत्रित किया। अब प्रदेश के सुदूर अंचलों की पंचायतों में यह अभियान पूरे उत्साह से चल रहा है। जबकि नक्सलियों ने इसका विरोध किया है। गांव के लोग कह रहे हैं इस कार्यक्रम से हमें बढ़िया गरम भोजन मिल रहा है तो क्यों इसे बंद करेंगे। लोगों को लग रहा है कि ये सरकार हमारे लिए काम कर रही है। 
      श्री बघेल ने बताया दूरस्थ और वनांचलों में प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिीनिक योजना के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों से कई गुना ज्यादा ओपीडी बस्तर के हाट बाजारों में है। लोग बाजार आने के साथ हेल्थ चेकअप भी करा लेते हैं। इन हाट बाजारों में लगने वाले इन क्लिीनिक में निःशुल्क दवा वितरण के साथ खून की जांच आदि हो जाती है। साप्ताहिक हाट बाजारों में 5 से 10 गुना ओ.पी.डी. बढ़ गई है।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कुपोषण के सभी प्रकार के आंकडे़ उपलब्ध हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ बस्तर में कुपोषण है। रायपुर में भी कुपोषण है, पाटन में भी है। कुपोषण सभी स्थानों पर है, कुछ प्रतिशत कम या ज्यादा हो सकता है। प्रत्येक स्थान में नाम सहित सारे आंकडे़ उपलब्ध हैं, जिन्हें सुपोषण अभियान में लाभान्वित करना है। डी.एम.एफ. की राशि से जिनके लिए कार्यक्रम चलाया जा रहा है, उनके जीवन में परिवर्तन आना चाहिए। इस राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य या उनके क्षेत्र में अत्यंत आवश्यक समस्याओं के निराकरण के लिए राशि खर्च की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि अभी प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में सुपोषण अभियान शुरू किया गया है। 

राज्य में प्रमाणित बीज का उत्पादन बढ़ाएं : कृषि मंत्री श्री चौबे : छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड की संचालक मंडल की 48वीं बैठक

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कृषि मंत्री श्री रवीन्द्र चौबे के कहा है कि राज्य की जलवायु व भूमि के प्रकार के अनुसार विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज के उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे अन्य राज्यों से बीज लेने की जरूरत न हो। उन्होंने कहा कि प्रमाणित बीज के उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उत्पादित बीजों की खरीदी की जाए। श्री चौबे आज राजधानी रायपुर के बीज विकास निगम कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड की संचालक मंडल की 48वीं बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
    कृषि मंत्री श्री चौबे ने कहा कि प्रमाणित बीजों के उत्पाद से जुड़े किसानों तथा क्षेत्रफल का डाटा रखा जाए। इसके अनुरूप ही प्रमाणित बीजों की खरीदी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि कृषि की लागत कम करने के लिए किसानों को बायो फर्टिलाइजर का उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। बस्तर संभाग में मक्का बीज की मांग अधिक है, मांग के अनुरूप बीज की आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। मंत्री श्री चौबे ने किसानों से संबंधित प्रकरणों का जल्द निराकरण के निर्देश दिए।
    कृषि मंत्री ने बैठक में खरीफ फसल 2019 बीज भण्डारण एवं वितरण सहित अनेक कार्यो की समीक्षा की। वित्तीय वर्ष 2017-18 के लेखों के वैधानिक अंकेक्षण के लिए अंकेक्षण शुल्क संबंधी प्रस्ताव को और लिक्विड बायोफर्टिलाइजर को कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को आपूर्ति की जाने के संबंध में अनुमोदन किया गया। बीज निगम मुख्यालय जिला कार्यालय, प्रक्रिया केन्द्रों, बायो फर्टिलाइजर प्लांन एवं प्रक्षेत्रों के आटोमेशन कार्य निष्पादन करने के लिए साफ्ट वेयर तैयार करने की अनुमति दी गई। इसके अलावा विभाग की अन्य आवश्यकताओं के लिए संचालक मंडल से अनुमोदन लिया गया। इस अवसर पर संचालक कृषि श्री टामन सिंह सोनवानी, प्रबंध संचालक राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, संचालक उद्यानिकी डॉ. प्रभाकर सिंह, निदेशक अनुसंधान सेवाएं इंदिरा गांधी कृषि वि.वि. डॉ.रमाकांत वाजपेयी सहित खाद्य, बीज निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

खाद्य मंत्री श्री भगत ने किया नवीन राशन कार्ड का वितरण : अर्जुन देव के शिलालेख के संरक्षण के लिए 15 लाख रूपए देने की घोषणा

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खाद्य एवं संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत आज कोरिया जिले के चिरमिरी स्थित मंगल भवन में आयोजित राशनकार्ड वितरण में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड प्रदान किया। श्री भगत ने बरतुंगा चिरमिरी में अर्जुन देव के पुराने शिलालेखों की देख-रेख और संरक्षण के लिए 15 लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के घासीदास संग्रहालय में संचालित गढ़कलेवा के तर्ज पर चिरमिरी में भी गढ़कलेवा शुरू किया जाएगा। जहां पर क्षेत्र के लोग छत्तीसगढ़ी व्यंजन का स्वाद ले सकेंगे। श्री भगत ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में नई-नई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई है। प्रदेश में बीपीएल के साथ-साथ एपीएल के परिवारों को भी चांवल देने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए सभी को नवीन राशन कार्ड बनाकर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी को समान रूप से विकास का अवसर मिलेगा। श्री भगत ने अधिकारियों को सभी हितग्राहियों को समय सीमा में राशन कार्ड वितरण करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम को सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक श्री गुलाब कमरो, मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, नगर पालिक निगम चिरमिरी के महापौर श्री के. डोमरू रेड्डी ने भी सम्बोधित किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कलावती मरकाम सहित बड़ी संख्या मंे जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद थे।

डॉगी की खराब हालत देखकर उसे अपने साथ घर ले आया शख्स, लेकिन जब पता चला सच तो उड़ गए होश

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अमेरिका के एक शख्स को रास्ते पर एक डॉगी का बच्चा दयनीय अवस्था में पड़ा मिला, तो वो इसे अपने घर ले आया. इस पिल्लै को उसने अपनी बेटी को दे दिया. जब यह शख्स डॉगी को लेकर आया था तो उसकी हालत बहुत खराब थी. लेकिन इस फैमिली ने देखभाल करके इसे पूरी तरह स्वस्थ बना दिया. थोड़े ही दिनों में यह डॉगी पूरे परिवार का एक सदस्य बन गया. लेकिन जब यह बड़ा हुआ तो सब हैरान रह गए. असल में यह यह कोई पालतू डॉगी नहीं था. यह एक जंगली भेड़िया (कोयोटे) था.

कुते की तरह ही रहता

विस्कॉन्सिन स्टेट के एयू क्लेयर में रहने वाले रिक हानेस्टेड को एक बेबी कोयोटो बड़ी दयनीय हालत में मिला था. रिक इसे डौगी समझ कर अपनी बेटी के लिए घर ले आए. रिक फैमिली ने इसकी देखभाल की ओर इसे स्वस्थ बना दिया. रिक फैमिली ने इस बेबी कोयोटो का नाम विल्ली रख दिया.

रिक की 5 वर्षीय बेटी हैली हानेस्टेड और विल्ली की अच्छी बॉन्डिंग हो गई. दोनों साथ में खेलते, उठते, बैठते. पर कुछ दिनों में इस फैमिली को पता चला कि विल्ली कोईडॉगी नहीं है ये तो एक भेड़िया है. पर विल्ली को बचपन से ही डॉगी की तरह रखा गया तो यह डॉगी की तरह व्यवहार करने लगा. विल्ली डॉगी की तरह नहाता, खेलता और कॉलर पहनकर वॉक पर भी जाता. इस भेड़िये को कच्चे मांस की जगह हमेशा फ्राई किए हुए अंडे और हिरण का मीट मिलता.

विल्ली की सच्चाई जानकार हैरान थे

विल्ली जैसे जैसे बड़ा हो गया तो फैमिली उसकी सच्चाई जानकर हैरान रह गई. जिस बेबी को उन्होंने डॉगी समझा था असल में वह एक भेडिए की प्रजाति का था. पर फिर भी यह फैमिली उसे पहले की तर एक कुत्ते की तरह व्यवहार करती. विल्ली खतरनाक और जंगली प्रवृत्ति का होने के बावजूद भी किसी को कोई नुकसान नही पहुंचाता. विल्ली को इस फैमिली ने वही सुरक्षा और प्यार दिया.

खुदाई के दौरान आर्कियोलॉजिस्ट की टीम को मिला 1600 साल पहले दफनाई गई डायन का कंकाल

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यूक्रेन की आर्कियोलॉजिस्ट टीम ने 1600 साल पुराने एक 25 वर्षीय महिला का कंकाल खोजा है. यह महिला जिस हालत में मिली है उसे देखकर हर कोई हैरान है. खोज के मुताबिक इस महिला को जिंदा दफनाया गया है.जी हां, इसका चेहरा नीचे करके हाथ पीछे की तरफ बांधे बांधकर टॉर्चर किया गया है. रिसर्च के अनुसार इस महिला का किसी रईस व्यक्ति के साथ संबंध था, जिस कारण इस पर काला जादू का आरोप लगाकर गांव की परंपरा के अनुसार जिंदा दफना दिया गया.

महिला के कंकाल ने खोले राज

– लेहेजाइन शहर मैं आर्कियोलॉजिस्ट टीम को खुदाई के दौरान एक 25 वर्षीय महिला का कंकाल मिला. यह महिला काला जादू का आरोप लगाकर गांव वालों द्वारा टॉर्चर की हुई थी. रिसर्च के अनुसार इस महिला को जब दफनाया गया तो उसका चेहरा जमीन की तरफ करके उसका बाया हाथ पीछे की तरफ बंधा हुआ था. प्राचीन काल में गांव वाले किसी भी महिला पर डायन या काले जादू का आरोप लगा कर प्रतिडित करते थे. गांव की मान्यता के अनुसार ऐसा करने पर या डायन फिर से गांव में नहीं आती है.

– आर्कियोलॉजिस्ट बॉरिस और शेरी के द्वारा खोजी गई इस कब्र मैं कई पारंपरिक तोहफे भी मिले ,हैं जिन से अंदाज लगाया जाता है कि इस महिला को किसी अभिशाप के चलते दफनाया गया था. इतिहासकारों के अनुसार तीसरी और चौथी सदी में लोग किसी को दफनाते वक्त एक परंपरा का पालन करते थे. जिसके तहत कब्र में खाने पीने का सामान और कुछ बर्तन रखे जाते थे.

यह थी परंपरा

इस परंपरा के अनुसार अगर गांव की कोई जवान लड़की या महिला किसी के साथ अवैध संबंध बनाती थ, या फिर कोई पुरुष उसे सेक्शुअली अब्यूज करता तो गांव वाले उस पर डायन या काला जादू का आरोप लगा देते थे .अगर कोई पुरुष किसी महिला पर आरोप लगा देता कि किसी महिला ने प्यार जताने की कोशिश की है तो गांव वाले उसे मिलकर मार देते थे.

टमाटर को लौट में तैयार किया जा रहा है मछली, यहां हो रही हैं अजीब शोध

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आज जो मैं आप आप को एक बहुत ही खाश चीज के बारे मे बताने वाला हूँ जी हाँ आप को यह भी बता दें की देश में 1 सितंबर से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जा रहा है और तो और आप को यह भी बता दें की खाद्य पदार्थ को पौष्टिक बनाने के लिए कई प्रसिद्ध विश्विद्यालय

काम कर रहे हैं जी हाँ और तो और आप को यह भी जानकारी दें दें की इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं उन खानों के बारे में जो अगले पांच दस साल में बड़े स्तर पर आने वाला है जी हाँ ये टमाटर बिल्कुल हरी मिर्च की तरह तीखा होगा जी हाँ आप को यह भी बता दें की टमाटर में

कैपसाइसिनॉइड्स होता है और यही तत्व मिर्च को तीखा बनाता है, आप को यह भी जानकारी दें दें की वैज्ञानिक इसे जीन एडिटिंग की मदद से टमाटर में सक्रिय कर रहे हैं जी हाँ आप को यह भी जानकारी दें दें की ब्राजील के फेडेरल यूनिवर्सिटी ऑफ विकोसा के शोधकर्ता अगस्टिन सोगोन

कहते हैं कि कपसाइसिनॉइड्स वजन घटाने में भी मददगार है और तो और आप को यह भी बता दें की मिर्च की तुलना में टमाटर को बड़े स्तर पर उगाना आसान होता है जी हाँ अप को यह भी बता दें की ब्राजील और आयरलैंड दोनों देश इस पर काम कर रहे हैं अब देखना यह होगा की इसका परिणाम अच्छा कितने दिनो मे निकलता हैं

जान लीजिये बैंगन के सेवन करने के फायदे..

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यह स्वास्थ्य के नज़रिए ये वजन कम करने के अतिरिक्त व भी फाएदे पहुंचाता है। जानिए सब्जी पकाने के अतिरिक्त बैंगन को व किस तरह से खाया जा सकता है।
1 किसी धातु से बने चाकू से बैंगन न काटें। बैंगन को स्टेनलेस स्टील वाले चाकू से काटें। इससे बैंगन में उपस्थित फोटो केमिकल्स व धातु के बीच कैमिकल रिएक्शन होने का खतरा नहीं होगा।

2 बैंगन का नियमित सेवन कैंसर को दूर रखने में भी मदद करता है।

3 वजन कम करना चाहते हैं तो बैंगन को अपनी डाइट में शामिल करें।

4 बैंगन को काटने के बाद उसे नमक वाले पानी में कुछ देर के लिए रखें। इससे बैंगन में उपस्थित वो कंपाउंड समाप्त हो जाते हैं, जिस वजह से बैंगन में कड़वापन आता है।

5 बैंगन को किसी भी तरह की डिश जैसे पिज्जा, पास्ता या सांभर में भी डाल सकते हैं।

इसरो प्रमुख के सिवन को क्या कैमरा देखकर पीएम मोदी ने दी थी सांत्वना?

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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इसरो चीफ़ के सिवन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि ‘सिवन ने जब पीएम मोदी को विक्रम लैंडर के गुम होने की सूचना दी तो मोदी ने ना उन्हें गले लगाया और ना ही सांत्वना दी. लेकिन जब दोनों कैंमरे के सामने आये तो रोना-धोना किया गया’.

27 सेकेंड का यह वायरल वीडियो कई बड़े फ़ेसबुक और वॉट्सऐप ग्रुप्स में शेयर किया गया है. फ़ेसबुक और ट्विटर समेत छह लाख से ज़्यादा बार यह वीडियो देखा जा चुका है और सैकड़ों बार इस वीडियो को शेयर किया गया है.

वीडियो के पहले हिस्से में दिखाई देता है कि पीएम मोदी सूचना मिलने के बाद सिवन से कुछ कहते हैं और जाकर अपनी जगह बैठ जाते हैं. जबकि वीडियो के दूसरे हिस्से में वो सिवन को अपने सीने से लगाये, उनकी पीठ थपथपाते हुए दिखाई देते हैं.

सोशल मीडिया पर जिन लोगों ने यह वायरल वीडियो शेयर किया है, उन्होंने लिखा है कि ‘मीडिया और कैमरे इर्द-गिर्द ना होने के कारण मोदी ने पहले सिवन को लौटा दिया था. लेकिन कपड़े बदलने के बाद और कैमरों की मौजूदगी में ही उन्होंने सिवन को गले लगाकर सांत्वना दी’.

लेकिन अपनी पड़ताल में हमने पाया कि ये दावा भ्रामक है और वायरल वीडियो को दूरदर्शन न्यूज़ के लाइव प्रसारण के दो अलग हिस्से जोड़कर बनाया गया है.

दूरदर्शन न्यूज़ का पूरा लाइव प्रसारण देखने से पता चलता है कि पीएम मोदी ने दोनों मौक़ों पर इसरो प्रमुख और उनकी टीम के वैज्ञानिकों को हिम्मत बंधाई थी.

पहला हिस्सा और सच्चाई

वायरल वीडियो के पहले हिस्से में जहाँ दिखता है कि पीएम मोदी विक्रम लैंडर की सूचना मिलने के बाद के सिवन से कुछ कहते हैं और जाकर अपनी जगह बैठ जाते हैं, ये 6 और 7 सितंबर 2019 की दरमियानी रात क़रीब डेढ़ बजे की घटना है.

जबकि 1 बजकर 45 मिनट पर इसरो प्रमुख के सिवन ने बेंगलुरु के इसरो सेंटर से विक्रम लैंडर के साथ संपर्क टूटने की पहली औपचारिक घोषणा की थी.

सिवन ने औपचारिक घोषणा से पहले तय प्रोटोकॉल के तहत पीएम मोदी को इसकी सूचना दी थी.

जिस वक़्त के सिवन ने पीएम मोदी को यह बताया था कि विक्रम लैंडर से इसरो सेंटर का संपर्क टूट गया है, उस वक़्त भी दूरदर्शन न्यूज़ के कैमरापर्सन उन्हें घेरे खड़े थे और इसका लाइव प्रसारण हो रहा था.


भारत के सरकारी न्यूज़ चैनल दूरदर्शन ने रात साढ़े 12 बजे इसरो सेंटर से लाइव प्रसारण शुरु किया था. डीडी न्यूज़ की फ़ुटेज के अनुसार लाइव प्रसारण शुरु होने के 23 मिनट बाद पीएम मोदी ‘मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स’ में दाख़िल हुए थे.

विक्रम लैंडर के चाँद की सतह पर उतरने का कार्यक्रम 51वें मिनट (रात क़रीब सवा एक बजे) तक अपने तय शिड्यूल पर चल रहा था. लेकिन देखते ही देखते इसरो सेंटर में सन्नाटा पसर गया.

53वें मिनट में चंद्रयान-2 मिशन की डायरेक्टर रितु करिदाल की आवाज़ इसरो सेंटर के बड़े स्पीकर पर सुनाई दी जिन्होंने कहा कि विक्रम लैंडर से कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा है. कुछ मिनट बाद इसरो प्रमुख ने इसकी औपचारिक घोषणा की.

इसके बाद पीएम मोदी पहली मंज़िल पर स्थित अपने कक्ष से कंट्रोल सेंटर में उतर आये और उन्होंने इसरो प्रमुख समेत सभी वैज्ञानिकों को संबोधित किया.

इसरो चीफ़ के सिवन का कंधा थपथपाते हुए उन्होंने कहा, “हौसला बनाए रखिये.”इसरो सेंटर से निकलने के बाद पीएम मोदी का पहला ट्वीट

पीएम मोदी ने ये भी कहा, “जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते हैं. आज जो आप लोगों ने किया है, ये भी कोई छोटा काम नहीं है. मेरी तरफ से आपको बहुत बधाई है. बहुत उत्तम सेवा की है आपने देश की, विज्ञान की और मानव जाति की. इससे भी हम कुछ सीख रहे हैं. आगे भी हमारी यात्रा जारी रहेगी. मैं पूरी तरह आपके साथ हूँ. हिम्मत के साथ चलें.”

इसके बाद उन्होंने स्कूली छात्रों से मुलाक़ात की और फिर इसरो सेंटर से निकल गये.6 और 7 सितंबर 2019 की दरमियानी रात क़रीब दो बजे का फ़ोटो

वायरल वीडियो का दूसरा हिस्सा

7 सितंबर 2019 की सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर पीएम मोदी ने एक ट्वीट के ज़रिये यह सूचना दी थी कि वो 8 बजे बेंगलुरु के इसरो सेंटर में वैज्ञानिकों से मिलने वाले हैं.

7 बजकर 20 मिनट पर वो इसरो सेंटर पहुँचे और इसरो चेयरमैन के सिवन ने उनका स्वागत किया.

इस मौक़े पर इसरो सेंटर के ‘मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स’ में पीएम मोदी ने क़रीब बीस मिनट लंबा भाषण दिया जिसमें उन्होंने वैज्ञानिकों के जीवन और विज्ञान के महत्व पर बात की.

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था, “भारतीय वैज्ञानिक वो लोग हैं जो माँ भारती की जय के लिए जीते हैं, जूझते हैं, उनके लिए जज़्बा रखते हैं. मैं कल रात को आपकी मनोस्थिति समझ रहा था. आपकी आँखें बहुत कुछ कह रही थीं. आपके चेहरे की उदासी मैं पढ़ पा रहा था. इसीलिए कल रात मैं ज़्यादा देर आप लोगों के बीच नहीं रुका. पर मैंने सोचा कि सुबह आप लोगों से एक बार फिर मिलूं और आपसे बात करूं.”

इस दौरान इसरो प्रमुख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ही खड़े थे.

भाषण पूरा होने के बाद इसरो प्रमुख ने पीएम मोदी को टीम के सभी वैज्ञानिकों से मिलवाया और क़रीब सवा आठ बजे पीएम मोदी इसरो सेंटर से रवाना हुए थे.

दूरदर्शन न्यूज़ पर इस पूरे कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया था जिसमें दिखता है कि ‘मिशन ऑपरेशन कॉम्पलेक्स’ के गेट पर पहुँचकर मोदी पलटते हैं और के सिवन के बारे में पूछते हैं. तभी भावुक के सिवन उनसे कुछ कहते हैं जिसपर मोदी उन्हें गले लगा लेते हैं.


सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो का जो दूसरा हिस्सा है, वो पीएम मोदी के इसरो सेंटर से रवाना होने से पहले का है जिसमें पीएम मोदी भावुक के सिवन को अपने गले लगाते हैं और उन्हें सांत्वना देते दिखते हैं.

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पार्टी में इन चीजों का सेवन बढ़ा सकता है हार्ट अटैक का खतरा

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दिल को स्वस्थ रखने के लिए खान-पान पर गहरा ध्यान देना बहुत जरूरी है| हम पार्टी में कई बार ऐसी चीजें खा लेते हैं जो हमारे दिल के लिए लाभप्रद नहीं होते हैं| आइये जानते हैं पार्टी में किन चीजों के सेवन से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है|

एनर्जी ड्रिंक

एनर्जी ड्रिंक में भारी मात्रा में कैफीन पाया जाता है, जो हमारे दिल की धड़कन को अनियमित कर सकता है| इसलिए हमें इसके सेवन से परहेज करना चाहिए|

आलू की चिप्स

इसमें सोडियमऔर कोलेस्ट्रोल भारी मात्रा में होते हैं जो हमारे दिल के लिए एक खतरा है|

चिकन

यह अपने साथ एलपीडी प्रोटीन लिए रहता है जो अचानक से होने वाले हृदयघात के खतरे को न्योता देते हैं|

मिलिए दुनिया के सबसे छोटे घोड़े से, दूर-दूर से देखने आते हैं लोग

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दुनिया के सबसे छोटे घोड़े की फोटो सामने आई है। घोड़ा दिखने में छोटा जरूर है लेकिन उसके प्रशंसकों की एक बहुत बड़ी सूची है। कहा जा रहा है कि, इस घोड़े की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि लोग दूर-दूर से इसे देखने आते हैं। बच्चे इसे देखते हैं और ताली बजाते हैं।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार, बबल या बॉम्बेल नामक यह घोड़ा पोलैंड के मिनिएचर अप्पलोसा का है। इसकी ऊंचाई केवल 56.7 सेमी है। (एक फीट 10 इंच)। अच्छी खबर यह है कि बुलबुले कई बड़े घोड़ों के साथ एक केकड़ा फार्म हाउस में रहते हैं।

घोड़े के मालिक, पैट्रिक और कैटार्ज़ना ने पहली बार इसे 2014 में देखा था। वह उसके बाद केवल दो महीने का था।

पहले तो लगा कि उसके साथ कुछ हुआ है, लेकिन बाद में यह पता चला कि वह नहीं बढ़ रहा था। तब यह मान लिया गया था कि यदि ऐसा है, तो उसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा।

दिल बहुत बड़ा है। वह हर हफ्ते अस्पताल जाती है और वहां बीमार बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि बुलबुले की वजह से उनका पारिवारिक जीवन बहुत बदल गया है क्योंकि वह इसके माध्यम से दूसरों की मदद करने में सक्षम हैं।

बब्बल के मालिक ने कहा कि घोड़ा छोटा पर इसका दिल बड़ा है। यह हर सप्ताह अस्पताल जाता है और वहां पर बीमार बच्चों के चहरे में मुस्कान लाने का काम करता है।