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केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की माताजी का निधन, भाजपा नेताओं ने जताया शोक

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मुरैना से भाजपा सांसद और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की माताजी शारदा देवी का आज सोमवार सुबह निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा शाम 4 बजे उनके निवास मुरार, आर्य नगर (ग्वालियर) से मुरार मुक्तिधाम प्रस्थान करेगी। केन्द्रीय मंत्री की माता के निधन पर मप्र भाजपा नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की माताजी के निधन पर दुख प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। शिवराज ने ट्वीट कर लिखा ‘माननीय नरेन्द्र सिंह तोमर की पूज्य माताजी श्रीमती शारदा देवी जी के निधन का दुखद समाचार मिला। ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूँ। विनम्र श्रद्धांजलि’!

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा ‘भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की माताजी श्रीमती शारदा देवी जी के दु:खद निधन का समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दे तथा परिजनों को इस दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करे।

भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयर्गीय ने श्रीमती शारदा देवी के निधन को दुखद बताते हुए परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की है। कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर लिखा ‘श्रद्धांजलि! माननीय नरेन्द्र सिंह तोमर की पूज्य माताजी श्रीमती शारदा देवी जी के निधन का अत्यंत दु:खद समाचार प्राप्त हुआ। मां को खोने के दर्द का मुझे अहसास है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और शोकाकुल परिवार को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!

विलुप्ति की कगार पर खड़ी सोन चिरैया के ‘सूने’ संसार में चहचहाट शुरू, पढ़िए पूरी खबर

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जो सोन चिरैया (ग्रेट इंडिया बस्टर्ड) पूरे विश्व में सिर्फ भारत में ही पाई जाती है और यहां भी 200 से कम संख्या में बचे इन पक्षियों के सूने होते संसार के लिए अच्छी खबर है। विलुप्ति की कगार पर खड़ी सोन चिरैया के कुनबे में उम्मीद की नई चहचहाट शुरू हो गई है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआइआइ) के सहयोग से अति संकटग्रस्त प्रजाति के इन पक्षियों के संसार में आठ नए चूजों ने जन्म लिया है। यह शुभ समाचार संस्थान के वैज्ञानिकों ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को दिया।

डब्ल्यूआइआइ की वार्षिक आमसभा में शामिल होने के बाद केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने राजस्थान (जैसलमेर) में पाए जाने वाले इन पक्षियों के संरक्षण कार्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाईवी झाला ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि सोन चिरैया के अंडों को कृत्रिम विधि से मशीन में सेंका गया और फिर उससे सफलतापूर्वक आठ चूजों (बच्चों) का जन्म करा दिया गया है।

अंडों में स्वस्थ बच्चा पल रहा है या नहीं, इसकी पड़ताल के लिए ईसीजी के माध्यम से अंडे की भीतर धड़कन को भी रिकॉर्ड किया गया। अब जब स्वस्थ चूजे जन्म ले चुके हैं तो विशेष मालिश के माध्यम से उनकी मांस-पेशियों को मजबूत बनाने का काम किया जा रहा है।

हाईटेंशन लाइनें बन रहीं मौत का कारण

वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाईवी झाला ने यह भी बताया कि जहां इन पक्षियों का वासस्थल है, वहां ग्रिड की लाइनें गुजर रही हैं। ये पक्षी सीधे (समानांतर) देख पाने में उतने सक्षम नहीं होते हैं, लिहाजा बिजली की तारों से टकराकर इनकी मौत हो रही है। दूसरी तरफ पाकिस्तान क्षेत्र में उडऩे पर इनका अवैध शिकार भी किया जा रहा है। अवैध शिकार पर काफी हद तक अंकुश लग चुका है, मगर हाईटेंशन लाइनों के लिए उन पर बर्ड डायवर्टर (एक तरफ का रिफलेक्टर) लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

विदेश से आयात करने पर इनकी लागत पांच हजार प्रति नग आ रही थी, मगर अब इनका निर्माण दिल्ली में ही महज 500 रुपये में संभव है। केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने इस पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि न सिर्फ ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, बल्कि यह तकनीक हर तरह के पक्षियों को सुरक्षित कर सकती है।

धमतरी में अपने ही बेटे को मां ने कर दिया आग के हवाले

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दिमाग से कमजोर एक महिला ने घर पर गहरी नींद में सोये पुत्र के ऊपर मिट्टी तेल उड़ेलकर आग लगा दी। पुत्र गंभीर रूप से झुलस गया है। पड़ोसी की मदद से उसे जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।

जिला अस्पताल स्थित पुलिस सहायता केंद्र व ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कंडेल के आबादीपारा निवासी गंगा बाई सिन्हा की दिमागी हालत पिछले कुछ सालों से ठीक नहीं है। सात सितंबर शनिवार की रात 12 बजे गंगाबाई सिन्हा ने अपने घर में गहरी नींद में सोये पुत्र संतोष सिन्हा (32) पुत्र स्व. उमेन्द्र सिन्हा के ऊपर मिट्टी तेल उड़ेलकर आग लगा दी।

नींद खुली तो किसी तरह उसने खुद के शरीर पर पानी डालकर आग बुझाई और पड़ोसी राजेश सिन्हा को घटना की जानकारी दी। तब आधी रात पड़ोसी राजेश सिन्हा ने संजीवनी एंबुलेंस 108 की मदद से उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल के बर्न कक्ष में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। युवक का शरीर 70 प्रतिशत जल चुका है।

बताया जा रहा है कि दस साल पहले गंगा बाई का बड़ा पुत्र कहीं चला गया। वह आज तक नहीं लौटा है। संतोष सिन्हा छोटा पुत्र है। वह अपनी मां के साथ रहता है। एक बेटी का विवाह हो चुका है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

ओडिशा में ट्रक ड्राइवर पर लगा अब तक का सबसे बड़ा चालान, चुकाए 70 हजार रुपए

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 1 सितंबर से देश में लागू हुए नए ट्रैफिक नियमों के बाद से ही सड़कों पर एक नया संघर्ष देखने को मिल रहा है। गुरुग्राम और दिल्ली के बाद अब देश के अन्य राज्यों में भी भारी भरकम चालान लगाए जाने की खबरें आ रही हैं। इसी तरह की एक खबर आ रही है ओडिशा से जहां एक ट्रक ड्राइवर से 70 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।

जानकारी के अनुसार ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने के आरोप में ओडिशा के ही संबलपुर में एक ट्रक ड्राइवर से 70 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है। ट्रक चालक ने चार नियमों का उल्लंघन किया था। ऐसे में उस पर 86 हजार 500 रुपए जुर्माना लगाया गया था। हालांकि उससे 70 हजार रुपए ही जुर्माना वसूला गया।

बताया जा रहा है कि ट्रक ड्राइवर पर केवल ट्रक ओवरलोडिंग की वजह से ही 56 हजार रुपए का जुर्माना लगा है। ट्रक का रजिस्ट्रेशन नंबर नगालैंड का है।

ट्रक नागालैंड स्थित कंपनी बीएलए इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का था और इसमें जेसीबी मशीनें ले जाई जा रही थीं। ट्रक ओडिशा के अंगुल जिले के तलचर शहर से छत्तीसगढ़ के लिए जा रहा था जब संबलपुर में अधिकारियों ने इसे रोका। अधिकारियों के साथ पांच घंटे की बातचीत के बाद जुर्माने की कुल रकम 86,500 रुपये में ड्राइवर ने 70,000 रुपये का भुगतान किया।

रिकॉर्ड स्तर से फिसला सोना, जानिए 10 ग्राम गोल्ड के नए दाम

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 कमजोर मांग और रुपए की मजबूती से राष्ट्रीय राजधानी सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की कीमत 372 रुपए की गिरावट के साथ 39,278 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई। सोने की कीमतों के साथ ही चांदी की कीमत भी 1,273 रुपए की हानि के साथ 49,187 रुपए प्रति किग्रा रह गई।

कमजोर निवेश मांग और मजबूत रुपए से कीमतों में गिरावट आई। शुक्रवार को दिन में डॉलर के मुकाबले रुपया 21 पैसे मजबूत हो गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार, न्यूयॉर्क में सोने का भाव घटकर 1,510 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी का भाव भी घटकर 18.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। अमेरिका के उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़ों के आने के बाद बाजार में जोखिम धारणा के नरम पड़ने से सर्राफा मांग प्रभावित हुई।

दिल्ली में 24 कैरेट सोना (99.9 प्रतिशत शुद्धता) बृहस्पतिवार को 39,650 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ जबकि चांदी चांदी 50,460 रुपए प्रति किग्रा पर बंद हुई। बाजार सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार को आरंभिक कारोबार में रुपया 17 पैसे के सुधार के साथ 71.67 रुपए प्रति डॉलर हो गया जहां घरेलू शेयर बाजार में तेजी तथा अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में प्रगति जैसे सकारात्मक संकेतों से निवेशकों की कारोबारी धारणा में सुधार आया। 

शिल्पा के कारण राज कुंद्रा ने दिया था अपनी पत्नी को तलाक! कभी थे बस कंडक्टर

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बहुत बड़े बिजनेसमैन और एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. राज का जन्म लंदन में हुआ था और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बस कंडक्टर बनकर की थी. ऐसे में आज राज कुंद्रा का नाम टॉप बिजनेसमैन की लिस्ट में आता है और वह बहुत हैंडसम भी है. राज का जन्म 9 सितंबर 1975 को हुआ था और यह बहुत बड़ा कोइंसीडेंट है कि शिल्पा शेट्टी के पति राज और उनके एक्स लवर अक्षय का जन्मदिन एक ही दिन आता है. आपको बता दें कि काफी सालों तक शिल्पा ने अक्षय कुमार को डेट किया था और दोनों शादी भी करने वाले थे लेकिन ऐसा हो ना सका.

वहीं शिल्पा शेट्टी आज राज कुंद्रा की पत्नी हैं और दोनों की पहली मुलाकात लंदन में हुई थी. बता दें कि उस समय शिल्पा परफ्यूम ब्रांड एस-2 का प्रमोशन कर रही थीं और राज ने इस ब्रांड के प्रमोशन में शिल्पा की मदद की थी. वहीं उस समय दोनों करीब आ गए. वैसे राज पहले से शादीशुदा थे लेकिन फिर भी दोनों एक-दूसरे को डेट करने लगे थे और उसके बाद राज ने अपनी पत्नी से तलाक लेकर शिल्पा शेट्टी से शादी कर ली. शिल्पा शेट्टी एक बार बता चुकीं हैं कि ”राज कुंद्रा ने उन्हें प्रपोज करने से पहले पेरिस का ली ग्रैंड होटल का पूरा बैंकेट हॉल बुक कर लिया था. राज ने शिल्पा को यह कहकर बुलाया था कि उन्हें दोस्तों के साथ एन्जॉय करना है.

इसके बाद जब शिल्पा वहां पहुंचीं तो राज कुंद्रा ने अपने घुटनों पर बैठ कर उन्हें रिंग के साथ सप्राइज दिया था. साथ में म्यूजिक भी बज रहा था.” वहीं राज की पहली पत्नी का नाम कविता है और उनकी एक बेटी है जिसके जन्म के बाद ही राज ने दोनों को छोड़ दिया था. उस समय कविता ने शिल्पा पर उनकी शादी तोड़ने का आरोप लगाया था और शिल्पा का कहना था कि वो कभी कविता से मिली भी नहीं. जब वो राज से मिलीं तब तक वो कविता से अलग हो चुके थे.

‘लक्स’ का विज्ञापन करने वाली पहली अभिनेत्री थीं लीला चिटनिस, बच्चों के लिए छोड़ दिया सुनहरा करियर

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हिंदी सिनेमा की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म कंगन की हीरोइन रहीं लीला चिटनिस फिल्मों में नारीवाद की पहली अलमबरदार भी मानी जाती हैं। मशहूर अभिनेता अशोक कुमार ने भी माना था कि बिना कुछ कहे सिर्फ आंखों से अपनी बात समझा देने का हुनर उन्होंने लीला से ही सीखा। वे पहली भारतीय अभिनेत्री थीं, जिन्होंने 1941 में ‘लक्स’ साबुन के लिए विज्ञापन फिल्म में काम किया। उन्होंने उस दौर में फिल्मों में काम करने का फैसला लिया जब महिलाओं के लिए ये किसी पाप से कम नहीं माना जाता था। 9 सितंबर 1912 को महाराष्ट्र के धारवाड़ में जन्मी लीला चिटनिस की पुण्यतिथि पर आइए आपको बताते हैं उनसे जुड़े कुछ रोचक किस्से।

लीला चिटनिस की कम उम्र में ही शादी हो गई और वह बहुत जल्द चार बच्चों की मां भी बन गईं। पति गजानन यशवंत चिटनिस और उनके बीच हमेशा किसी न किसी बात को लेकर विवाद रहता था जिस वजह से उनकी शादी ने लंबा सफर तय नहीं किया और दोनों अलग हो गए। अलग होने के बाद लीला ने अपने बच्चों की परवरिश करने के लिए स्कूल में बतौर अध्यापिका काम करना शुरू कर दिया। उस दौरान वह कई नाटकों में भी काम करने लगीं।

महाराष्ट्र की पहली ग्रेजुएट सोसायटी लेडी
वक्त बदलने वाला था क्योंकि लीला को अपने मेहनत के दम पर ‘सागर मूवीटोन’ फिल्म में एक्स्ट्रा के रूप में काम करने का मौका मिला। फिर उसी कंपनी की दूसरी फिल्म ‘जेंटलमैन डाकू’ में ऐसा किरदार निभाने को मिला जिसमें वह पुरुषों की पोशाक में दिखीं। इसके बाद उन्हें मास्टर विनायक की फिल्म छाया (1936) में दमदार किरदार निभाने का मौका मिला। उन्हें महाराष्ट्र की पहली ग्रेजुएट सोसायटी लेडी का तमगा भी मिला।

बॉम्बे टॉकीज ने पहचाना लीला का हुनर
इस समय लीला अपने करियर के ऐसे पड़ाव पर थीं कि वो जिस भी चीज को हाथ लगातीं वो सोना हो जाता। ऐसे समय में लीला को बॉम्बे टॉकीज से जुड़ने का मौका मिला। लीला की अदाकारी और कलाकारी से काफी प्रभावित हो कर बॉम्बे टॉकीज ने लीला को उस दौर के सुपरस्टार अशोक कुमार के साथ फिल्म ‘कंगन’ के माध्यम से पर्दे पर उतारा। फिल्म में लीला लीड रोल में थीं। कंगन हिंदी सिनेमा की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्म मानी जाती है। दर्शकों में अशोक और लीला की जोड़ी काफी लोकप्रिय हुई। इसके बाद लीला ने कई बेहतरीन फिल्में अशोक कुमार के साथ कीं।

सिनेमा की पहली सुपरहिट मां
फिल्म शहीद में लीला ने पहली बार मां का किरदार निभाया। इस फिल्म में लीला ने सुपर स्टार दिलीप कुमार की मां का रोल निभाया था। बॉलीवुड में मां के किरदार से लीला ने अपनी अलग ही पहचान बनाई है। हालांकि उस दौर में और भी ऐसी अभिनेत्रियां थीं जो मां का किरदार निभाती थीं पर दर्शकों को अपने अभिनय से बांध रखा था लीला ने क्योंकि लीला प्यार और दुलार से भरपूर मां थीं। राजकपूर की फिल्म ‘आवारा’ और दिलीप कुमार की फिल्म ‘शहीद’ में भी लीला ने ही मां का किरदार निभाया।

1987 में आई फिल्म ‘दिल तुझको दिया’ में काम करने के बाद लीला ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया। फिल्मी दुनिया छोड़ने के बाद लाइट और कैमरों से दूर लीला अपने बड़े बेटे के साथ अमेरिका में रहीं। कैमरा और लाइट्स से दूरी बना कर अपने बच्चों के साथ रहने के लिए लीला भले ही अमेरिका चली गईं।

नानी बनने वाली हैं रवीना टंडन, देखिए बेटी की गोदभराई में कैसे आईं नजर

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44 वर्षीय अभिनेत्री रवीना टंडन जल्द ही नानी बनने वाली हैं क्योंकि उनकी बड़ी बेटी छाया प्रेग्नेंट हैं और वे जल्दी ही मां बनने वाली हैं. छाया, रवीना की गोद ली हुई बेटी हैं. रवीना टंडन जब 20 साल की थीं तब उन्होंने छाया और पूजा, दो बच्चियों को गोद लिया था.

रवीना ने हाल ही में अपनी बेटी के लिए गोद भराई रस्म का भी आयोजन किया, जिसकी कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर मौजूद हैं.

वहीं कुछ फोटो रवीना टंडन ने भी अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की है, जिनमें रवीना अपनी बेटी के साथ पोज देते हुए नजर आ रही हैं.

एक तस्वीर में आप देखेंगे कि रवीना ने नानी का एक बैच अपनी ड्रेस पर लगाया हुआ है और वे गोद भराई की रस्म के दौरान बहुत खुश नजर आईं.

रवीना ने साल 2004 में बिजनेसमैन अनिल थडानी से शादी की थी. उन्होंने एक बेटी और एक बेटे को जन्म दिया, जिनके नाम राशा और रनबीरवर्धन हैं.

इस मंदिर में विराजमान हैं दाड़ी-मूंछ वाले हनुमान, जानें क्या है वजह

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भारत में वैसे तो राम भक्त हनुमान (Hanuman) के काफी सारे मंदिर हैं, प्रत्येक मंदिर में कुछ न कुछ खास बात होती ही है। ऐसा ही एक हनुमान का मंदिर है। इस मंदिर के हनुमान दाढ़ी और मूंछ रखते हैं एवं कलयुगी देवता के नाम से पूजे जाते हैं। जानकारी के अनुसार ये मंदिर राजस्थान (Rajasthan) के चूरू जिले में सालासर के बालाजी के नाम से काफी मशहूर है।

ये हनुमान का बेहद ही माने जाने वाला सिद्धपीठ है। यहां काफी दूर-दूर से भक्त आते है। बालाजी (Balaji) के मंदिर की विशेष बात ये है कि कोई भी श्रद्धालु आज तक यहां से खाली हाथ नहीं लौटा है। प्रत्येक वर्ष शरद पूर्णिमा को यहां सालासर बालाजी का लक्खी मेला लगता है। इस मेले में केवल भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु आते हैं।

मोदी सरकार दे रही है घर बैठे 1100 रुपये तक सस्ता सोना खरीदने का मौका! साथ मिलेंगे ये 3 फायदे

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सोने की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) सस्ते सोने की नई स्कीम लाई है. 9 से 13 सितंबर के बीच सरकारी योजना Sovereign Gold Bond में सस्ता सोना खरीदने का मौका मिल रहा है. अगर आसान शब्दों में कहें तो मतलब साफ है कि आप इस योजना के तहत बाजार भाव के मुकाबले करीब 1100 रुपये कम में सोना खरीद सकते है. मौजूदा समय में सोने की कीमतें 40 हजार रुपये प्रति दस ग्राम है. वहीं, इस योजना के तहत 38,900 रुपये प्रति दस ग्राम में सोना मिल रहा है. साथ ही, गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने पर आपको ब्याज भी मिलेगा. इसके अलावा ऑनलाइन खरीदने पर सरकार 50 रुपये की छूट भी मिल रही है.

आइए जानते हैं कैसे आप खरीद सकते हैं सोना

इस योजना की शुरुआत नवंबर 2015 में हुई थी. इसका मकसद फिजिकल गोल्ड की मांग में कमी लाना तथा सोने की खरीद में उपयोग होने वाली घरेलू बचत का इस्तेमाल वित्तीय बचत में करना है. घर में सोना खरीद कर रखने की बजाय अगर आप सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में निवेश करते हैं, तो आप टैक्‍स भी बचा सकते हैं.

कहां से खरीदें सस्ता सोना- Sovereign Gold Bond की बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, चुने गए पोस्ट ऑफिस और एनएसई एवं बीएसई के जरिए होती है. आप इन सभी में किसी भी एक जगह जाकर बॉन्ड स्कीम में शामिल हो सकते हैं.

>> आपको बता दें कि भारत बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड की ओर से पिछले 3 दिन 999 प्योरिटी वाले सोने की दी गई कीमतों के आधार पर इस बांड की कीमत रुपये में तय होती है. वित्‍त मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार ने आरबीआई की सलाह से ऑनलाइन आवेदन और भुगतान करने पर बॉन्ड की कीमत में 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट दी है. मतलब साफ है कि इन गोल्ड बॉन्डस की कीमत 3,890 रुपये प्रति ग्राम तय है. अगर आपने ऑनलाइन बुक किया तो आपको 50 रुपये की छूट मिलेगी. यानी फिर कीमत हो जाएगी प्रति ग्राम 3,840 रुपये.

Sovereign Gold Bond फायदों के बारे में जानिए…

(1) मिलेगा ज्यादा मुनाफा- इस स्कीम के तहत इनिशियल इन्वेस्टमेंट पर 2.5 फीसदी का सालाना ब्याज मिलेगा.

(2) ऐसे होगी भारी बचत- बांड की कीमतें सोने की कीमतों में अस्थिरता पर निर्भर करती है. सोने की कीमतों में गिरावट पर गोल्ड बॉन्ड नकारात्मक रिटर्न देता है.

>> इस अस्थिरता को कम करने के लिए सरकार लंबी अवधि वाले गोल्ड बॉन्ड जारी कर रही है.

>> इसमें निवेश की अवधि 8 साल होती है, लेकिन आप 5 साल के बाद भी अपने पैसे निकाल सकते हैं. पांच साल के बाद पैसे निकालने पर कैपिटल गेन टैक्स भी नहीं लगाया जाता है.

(3) आप ले सकते हैं लोन-जरूरत पड़ने पर गोल्ड के एवज में बैंक से लोन भी लिया जा सकता है. गोल्ड बॉन्ड पेपर को लोन के लिए कोलैटरल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट की तरह होता है.