बॉलीवुड अभिनेत्री कैटरीना कैफ की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर उनके फैंस को खूब भा रही है जिसमें वह डेनिम ड्रेस पहने हुए बेहद आकर्षक नजर आ रही हैं।
यहां एक इवेंट में कैटरीना फेडेड डेनिम शॉर्ट ड्रेस में नजर आईं।
इस दौरान उनके चेहरे पर हल्का मेकअप था और इस लुक को उन्होंने ब्लू हील्स के साथ कंप्लीट किया था।
कैटरीना फिलहाल सूर्यवंशी की शूटिंग में व्यस्त हैं जिसके निर्देशक रोहित शेट्टी हैं। फिल्म में अक्षय कुमार भी हैं।
कैटरीना और अक्षय की जोड़ी सूर्यवंशी के साथ नौ साल बाद वापस आ रही है। इससे पहले ये दोनों नमस्ते लंदन, सिंह इज किंग, हमको दीवाना कर गए, वेलकम और तीस मार खान जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। सूर्यवंशी अगले साल 27 मार्च को रिलीज होगी। इसमें गुलशन ग्रोवर भी नजर आएंगे।
‘सोचता हूं अल्लाह देगा तो देगा ही। बंदों से क्या मांगना…’ यह बात कोई फ़क़ीर ही कह सकता है। फ़क़ीर की साधना संगीत के साथ और गूढ़ बन जाती हैं। उम्र के हीरक पड़ाव में भी वो मांगने की कोशिश नहीं करता। जहां से निमंत्रण आता है वहां से कुछ पैसा मिलता है। वो नाकाफ़ी हैं, लेकिन निराशा नहीं आती। यह कहानी विश्व प्रसिद्ध अलगोजा वाद्ययंत्र के उस्ताद धोधे खान की है।
बाड़मेर के मांगता गांव के रहने वाले हैं धोधे खान
राजस्थान के बाड़मेर जिले के मांगता गांव निवासी धोधे खान की पहचान काफी पुरानी और कामयाबी की सूची बेहद लम्बी है। इन्होंने वर्ष 1982 में हुए एशियाई खेलों में लोक वाद्ययंत्र अलगोजा बजाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया था। अलगोजे की धुन सुनकर राजीव गांधी ने इन्हें अपना बाराती बनाया था। आकाशवाणी पर गूंजने वाली अलगोजे की धुन भी इन्हीं की देन है। लेकिन वर्तमान में धोधे खान गरीबी और परेशानी में जी रहे हैं। पिछले दिनों आया तूफान इनके झोपड़े की छत को उड़ा ले गया। मदद नहीं मिलने से हताश धोधे खान कहते हैं, तूफान आया था छत ले गया…अब बारिश आ गई तो दीवारें भी ले जाएगी। लेकिन, अपनी कला के उस्ताद परिवार को कुछ नहीं दे पाने के मलाल में फंसे हुए हैं।
पाकिस्तान से लाए थे अलगोजा
जद्दोजहद में बैठे धोधे खान कहते हैं कि एक माह पहले छत के मुआवजे के लिए प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। बार-बार कहना-मांगना अच्छी बात नहीं। हालात सबको पता हैं। कभी कहते हैं पटवारी आएगा- कभी बोलते हैं ग्रामसेवक आएगा? वे अभी अपनी पेंशन पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि अब मैं भी सोचता हूं अल्लाह देगा, बंदों से क्या मांगना? उनके पास एक अलगोजा है जो पाकिस्तान से 70 साल पहले लाया था।
क्या है अलगोजा वाद्य कला ?
राजस्थान के बाड़मेर जिले में राणका फकीरों का अलगोजा वादन पर पूरा अधिकार है। इस जिले के बींजराड़, कुंदनपुर, बुरहान का तला, भूणिया, भलीसर, झड़पा और देरासर गांव ‘अलगोजा वादकों के गांव’ के नाम से जाने जाते हैं, लेकिन दूधिया गांव अलगोजा वादक गांवो में शीर्ष स्थान पर हैं। बाड़मेर-अहमदाबाद मार्ग पर मांगता गांव से पांच किलोमीटर दूर रेतीले टीलों के बीच स्थित दूधिया गांव ने अलगोजे के सुप्रसिद्ध वादक धोधे खां की सुरीली स्वर लहरियों से ही अपनी पहचान बनाई है।
कैसे बनाया जाता है अलगोजा
अलगोजा नडकट, केर, टाली, बांस की नली, सुपारी या कंगोर की लकड़ी का बना होता है। बाड़मेर की चौहटन तहसील के एकल गांव के भील लक्ष्मण और मोती केर की लकड़ी के अलगोजे बड़ी खूबसूरती से बना लेते हैं। अलगोजे में दो अलग-अलग बांसुरीनुमा लम्बी-छोटी नलियां होती है। नली में 4 से 7 तक छेद किए जाते हैं। दोनों नली के मुंह मत्स्याकार होते हैं। दोनों नली को मुंह में रखकर धोधे खां जब बड़ी नली से श्वांस खींचकर छोटी नली से स्वर निकालते हैं, तो सुनने और देखने वाले मोहित हुए बिना नही रह पाते। अलगोजे में संगीत के आरोह-अवरोह संगीत प्रेमियों को संगीत के रस से सराबोर कर देते हैं।
पाकिस्तान से सीखा, हिंदुस्तान में बिखेरी स्वरलहरियों ने दी पहचान
धोधे खां बताते हैं कि अलगोजा बजाने के लिए साधना और सांस की ताकत की आवश्यकता होती है। बिना साधना किए अलगोजे पर उंगलियां सुगमता से चल नहीं सकतीं। धोधे खां यों तो संगीतज्ञ परिवार से हैं, लेकिन 10 वर्ष की अल्पायु में ही पिता मीरा खां के देहावसान के बाद उन्हें पीर मिश्री जमाल, पाकिस्तान के कामआरा शरीफ गांव के भीटघणी स्कूल की शरण मे जाकर अलगोजा वादन विद्या में पारंगत होना पड़ा। छह वर्ष की कठिन साधना के बाद धोधे खां ने कुंदन की तरह निखर कर पाकिस्तान के युवा अलगोजा वादकों में अपनी छाप छोड़ दी।
मारियल से हुई शादी
पाकिस्तान के हैदराबाद क्षेत्र के खैरपुर गांव के रहने वाले धोधे खां के पिता मीरा खां की शादी दूधिया गांव के धुरा की लड़की मारियल से हुई थी। धोधे खां कामआरा शरीफ से शिक्षा ग्रहण करने के बाद दूधिया लौट आए और ननिहाल के साये और सहयोग से आगे बढऩे लगे। रामा, पीर, भिटाई, धोटिया, कानूड़ा, मलहूद, यानबी, प्रभातिया आसा भजन की धुनें जब धोधे खां अलगोजे पर निकालते हैं तो भजन प्रेमी भक्तिरस से सराबोर हो जाते हैं।
इन धुनों पर देते हैं प्रस्तुति
शादी-ब्याह में लाडेला, सेहरो, डोरो, मेंहदी, अरणी, तोरण के गीतों पर अलगोजे के संगीत और महेन्द्र-मूमल, मीर-महेन्द्र, ढोला-मारू, सस्सी-पुन्नु, ऊजली-जेठा और बीजा सोरठ की प्रेम गाथाओं को अलगोजे पर बजाने मे तो धोधे खां को महारत हासिल है। धोधे खां सिंधी धुनो में पारंगत है और राणा-महेन्द्र, काफी आदि को सिंधी धुनों मे खूबी से प्रस्तुत करते हैं। राग मल्हार, श्याम कल्याण, राणा, दरबारी, कलवाड़ा में धोधे खां सिद्धहस्त हैं। अमरकोट के कलाकार हमीर मुथा, हवेली के लतीफ, नारा ढोरा के हनीफ, सादी लिपली के मुवीन एवं तमाची, धोधे खां के प्रिय कलाकारों में हैं।
बाड़मेर में लोकसंगीत के संरक्षण में कार्यरत राकेश शर्मा के अनुसार इस कला को संरक्षण देने की ज़रूरत हैं। विडम्बना यह हैं कि देश के विश्व प्रसिद्ध अलगोजा वाद्ययंत्र के उस्ताद धोधे खान मुफलीसी में जी रहे हैं। कोई सरकार इनकी सुध नहीं ले रही।
गुजरात (Gujarat) में एक गांव के छह लोग भगवान गणेश (Ganpati) की प्रतिमा का विसर्जन करने के बाद नदी में नहाते समय डूब गए. पुलिस ने शनिवार को बताया कि यह घटना अरावली जिले के धानसुरा तालुक में खादोल गांव में शुक्रवार शाम को हुई.
धानसुरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया, ‘खादोल गांव के लोगों का एक समूह शुक्रवार शाम को वात्रक नदी में भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए गया था.’ उन्होंने बताया कि पानी की गहरायी का अंदाजा लगाने में नाकाम रहने के कारण छह लोग डूब गए. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय अधिकारियों के दलों को शनिवार सुबह उनके शव निकाले.
उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान लालाभाई खांट (35), अजीत खांट (18), अशोक खांट (43), गोपाल खांट (23), भावेश खांट (18) और कनुभाई खांट (33) के रूप में हुई है.
अमेरिकी वॉलीबॉल प्लेयर स्टेफोर्ड स्लिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। ये वीडियो एक फ्लाइट का है। दरअसल फ्लाइट के टॉयलेट में एक कपल देर तक था। जबकि कई महिलाएं बाहर इंतजार कर रही थीं। जब काफी देर के बाद ये कपल बाहर निकला तो वॉलीबॉल खिलाड़ी ने इनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।टॉयलेट में कपल , बाहर भीड़
फ्लाइट में कई महिलाएं बाथरूम जाने के लिए खड़ी थीं, तभी अचानक एक कपल बाथरूम से बाहर आया। वायरल हुए वीडियो में दिखाई देता है कि महिला और पुरुष, दोनों ने एक ही रंग का स्वीटशर्ट पहन रखा था।
पहली बार देखा प्लाइट के टॉयलेट में कपल
स्टेफोर्ड ने यह नहीं लिखा कि घटना किस दिन की है। वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि पहली बार उन्होंने किसी कपल को फ्लाइट के बाथरूम से बाहर आते देखा। उन्होंने इस बात पर भी हैरत जताई कि बाथरूम जाने का इंतजार कर रही थीं लेकिन कपल को निकलता देखकर किसी ने कोई आपत्ति नहीं की।
फ्लाइट अटेंडेंट पर सवाल फ्लाइट अटेंडेंट पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इस पर हंस रहे हैं तो कई लोगों ने सवाल किया है कि एक साथ दो लोगों के बाथरूम में जाने पर फ्लाइट अटेंडेंट को उनसे सवाल करना चाहिए। ये ठीक नहीं है।
इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के वैज्ञानिक जो शनिवार तड़के लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने के बाद से ही मायूस हैं, उनके लिए नासा के वैज्ञानिक की तरफ से मनोबल बढ़ाने वाला बयान आया है। नासा के अंतरिक्ष विज्ञानी जैरी लिनेनगेर ने कहा है कि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग भारत का एक साहसिक प्रयास है। इससे काफी कुछ सीखने में मदद मिलेगी और साथ ही ही इस मिशन के बाद भारत को आगे वाले अंतरिक्ष मिशनों के लिए मददगार साबित होगा।जैरी के शब्द देंगे प्रेरणा
सात सितंबर को विक्रम को चांद के साउथ पोल पर सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी लेकिन इसरो ने जैसा सोचा था, वैसा कुछ नहीं हो पाया। लैंडर का ग्राउंड स्टेशन से कम्युनिकेशन टूट गया। इस बात की जानकारी मिलते ही इसरो स्टाफ सदमे की सी स्थिति में चला गया। इन सबके बीच लिननेगेर के शब्द वाकई जोश भरने जैसे हैं। लिनेनगेर ने कहा है, ‘हमें उम्मीदें नहीं खोनी चाहिए। भारत ने एक बहुत, बहुत ही मुश्किल लक्ष्य को हासिल करने की कोशिशें की। सच्चाई यही है कि हर चीज उसी हिसाब से हुई जैसा सोचा गया था क्योंकि लैंडर नीचे आया।’
आने वाले मिशन में मिलेगी मदद
लिनेनगेर ने कहा है कि हालांकि यह दुर्भाग्यूपूर्ण था कि लैंडर होवर प्वाइंट पर था जो कि चांद की सतह से करीब 400 मीटर की ऊंचाई पर था। जैरी की मानें तो अगर लैंडर इस प्वाइंट तक आया और अगर इसके आगे नहीं भी जा सका तो भी इसमें अफसोस करने जैसी कोई बात नहीं है। जैरी की मानें तो रडार अल्टीमीटर्स और लेसर्स को टेस्ट किया जा सकता था। लेकिन अगर ऐसा नहीं हो सका तो भी यह कोशिश सफल है क्योंकि आगे आने वाले मिशन में इससे काफी मदद मिल सकेगी।
आर्बिटर पूरी तरह से ठीक
लिनेनगेर रूस के स्पेस स्टेशन मिर के साथ अंतरिक्ष में गए थे। इस स्टेशन ने लो अर्थ ऑर्बिट में सन् 1986 से 2001 तक प्रोजेक्ट्स किए। मिर करीब पांच माह तक स्पेस स्टेशन में थे। उन्होंने नेट जियो चैनल के साथ चंद्रयान-2 के लाइव टेलीकास्ट को देखा था। उन्होंने कहा कि भारत का मिशन ‘बहुत सफल’ मिशन रहा है। लिनेनगेर के मुताबिक अगले वर्ष तक ऑर्बिटर ही जरूरी जानकारी को भेजता रहेगा। जैरी की मानें तो जो संकेत मिले हैं उससे लगता है कि ऑर्बिटर के सारे सिस्टम पूरी तरह से ठीक हैं।
इसरो को दी बधाई
लिनेनगेर ने इसरो को चांद पर ‘कठिन’ लैंडिंग की कोशिश के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि वह इसकी पूरी सफलता की ओर से देख रहे हैं और साथ ही इस प्रयास से जो सबक मिले हैं उन पर भी जैरी की नजरें हैं। चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था और इसे जीएसएलवी मैक III रॉकेट से लॉन्च किया गया था।
जिला उपायुक्त रोशनी अपरंजी कोराटा ने आगामी 20 सितंबर तक चाय श्रमिकों के बोनस का भुगतान करने का निर्देश दिया है। आज यहां जिला उपायुक्त सभागार में चाय बागान प्रबंधन व चाय उत्पादक संस्था एबीटा, नेटा, असम चाय मजदूर संघ, असम चाय कर्मचारी संघ सहित विभिन्न संगठनों के साथ हुई बैठक में कोराटी ने बोनस के शांतिपूर्ण वितरण के लिए बागान प्रबंधन को विशेष कदम उठाने का निर्देश दिया।
उन्होंनो आगामी 12 सितंबर तक चाय बागानों को अपने बोनस की राशि का निर्धारण कर प्रशासन को अवगत कराने को कहा। उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 सितंबर को शाम चार बजे तक बोनस की रकम का भुगतान करने का भी निर्देश दिया। अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक इमदाद अली ने बोनस वितरण के दौरान पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का भरोसा दिया। इस दौरान अतिरिक्त जिला उपायुक्त डा.जयंत कुमार गोस्वामी, तिताबर के महकमाधिपति आयुष गर्ग व बैंक के अधिकारी मौजूद थे।
जाने माने एप्पल विश्लेषक मिंग-ची कूओ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में दावा किया है कि साल 2020 में एप्पल अपने सभी नए आईफोन डिजाइन को पेश कर सकता है। 9 टू 5 मैक ने शुक्रवार को बताया कि कूओ की रिपोर्ट में उन्होंने उन बिंदुओं को जिक्र किया है, जिसके कारण 2020 के आईफोन लाइन-अप सबसे अधिक बिकेंगे। इसे लेकर उन्होंने भविष्यवाणी की है।
उन्होंने तीन प्रमुख सुधारों ‘ऑल-न्यू फॉर्म फैक्टर डिजाइन, 5जी सपोर्ट और कैमरा फंक्शन अपग्रेड्स’ को सूचीबद्ध किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, कूओ को उम्मीद है कि अगले साल के आईफोन्स के साथ ये बदलाव कंपनी की साल दस साल वृद्धि में सुधार करेंगे।
क्यूपर्टिनो स्थित कंपनी भी 2020 आईफोन मॉडल में टाइम ऑफ फ्लाइट (टीओएफ) 3डी सेंसिंग रियर कैमरा सिस्टम को शामिल करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, आईफोन बनाने वाली कंपनी 2020 के आईफोन्स के कैमरों में वर्टिकल-कैविटी सरफेस-एमिटिंग लेजर (वीसीएसईएल) का उपयोग कर सकती है।
वीसीएसईएल एप्पल के ट्र डेप्थ कैमरे का एक मुख्य कंपोनेंट है, जिसमें फेस आईडी, एनीमोजी और पोट्र्रेट मोड सेल्फी वाले फीचर हैं।
चंद्रयान-2 के असफल होने के बाद इसरो प्रमुख डॉ. के सिवान अपने आंसू रोक नहीं पाए। उन्हें रोता देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाई और ढाढस दिया। इस वाकिये को देख रहे बंगलूरू के पुलिस कमिश्नर भास्कर राव प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता के मुरीद हो गए। भास्कर राव ने इस घटना को ट्विटर पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, ‘पुलिस कमिश्नर होने के नाते, मैं उस पल का गवाह बना जब प्रधानमंत्री दुखी डॉ. सिवान को ढाढस बंधा रहे थे, बेहतरीन नेतृत्व, संकट के समय शांत बने रहना, वैज्ञानिक समुदाय में फिर विश्वास लाना और देश की प्रगति के लिए आशा का निर्माण करना… मैंने आज बेहद अनमोल सबक सीखा…’
चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर से संपर्क टूट जाने से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कई वैज्ञानिकों के साथ-साथ उनके प्रमुख डॉ. के सिवन भी भावुक हो गए। खुद को संभालते-संभालते आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने वह रो पड़े। उन्हें निराश देखकर प्रधानमंत्री ने उन्हें गले लगाकर ढांढस भी बंधाया।
सरकारी टेलीकाॅम कंपनी बीएसएनएल ने अपना नया प्लान पेश कर दिया गया है जो कि सस्ता भी है इसका फायदा आप उठा सकते है। इसकी कीमत की बात करे तो इसकी कीमत 1999 रूपये है। बीएसएनएल ने भारत फाइबर ब्रॉडबैंड प्लान का विस्तार किया है। इसमें बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा। कंपनी ने इस प्लान को जियो गीगाफाइबर प्लान्स के तुरंत बाद लाँच कर दिया गया है। अब इस प्लान के बारे में विस्तार से बताते है-
इस प्लान के डाटा फायदे कि बात करे तो इसमें रोज 33 जीबी की डाटा दिए जाने की बात सामने आ रही है। इसके बारे में आपको विस्तार से बताते है। इस प्लान में ग्राहकों को रोज 33 जीबी डाटा दिया जायेगा जिसकी स्पीड को लेकर कहा जा रहा है कि इसमें 100 Mbps तक की स्पीड दी जायेगी। 33 जीबी डाटा खत्म होते ही 4 Mbps की स्पीड हो जायेगी।
इस प्लान के बारे में आपको बता दे कि जियोफाइबर के 1 Mbps से बेहतर इसकी स्पीड है, आपको बता दे कि BSNL के द्वारा इस प्लान को अनलिमिटेड प्लान के नाम से मार्केटिंग कर रही है। अगर आपको भी ज्यादा नेट चाहिए तो आप इसको चुन सकते हो। इसको आप खरीदकर फायदा उठा सकते हो।
डाटा के अलावा इस प्लान में देशभर में कहीं भी वॉयस कॉलिंग करने की सुविधा दी जा रही हैं। आपको जानकारी के लिए बता दे कि ये कॉलिंग कंपनी के लैंडलाइन फोन से की जा सकती है। इस प्लान को खरीदकर आप इसका आसानी से फायदा उठा सकते हो। इस प्लान के बारे में कंपनी की साइट पर जाकर ज्यादा जानकारी ले सकते हो।बी
मदर डेयरी के बाद अब पराग डेरी भी दूध के दामों में इजाफा करने जा रही है. बता दें कि मदर डेयरी ने हाल ही में दूध की कीमतों में इजाफा किया था. हालांकि अमूल ने दूध की कीमतें बढ़ाने से इनकार कर दिया था. दूध की कीमतें बढ़ाने के लिए पराग मिल्क फूड्स इस मामले पर अगले सप्ताह गौर करेगा. बता दें कि अमूल के गाय दूध का दाम पहले ही 44 रुपये और पराग मिल्क के गाय दूध का दाम 48 रुपये लीटर है. गुरुवार को प्रमुख दुग्ध आपूर्तिकर्ता कंपनी, मदर डेयरी ने दिल्ली-एनसीआर में गाय के दूध की कीमत 2 रुपये बढ़ाकर 44 रुपये प्रति लीटर कर दी हैं.
दरअसल, कंपनी कच्चे दूध की खरीद के लिए किसानों को अधिक भुगतान कर रही है. मदर डेयरी ने गाय के दूध के अलावा किसी अन्य दूध में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. अमूल ब्रैंड के तहत दूध और दुग्ध उत्पादों का मार्केटिंग करने वाली कंपनी गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन के प्रबंध निदेशक, आर एस सोढ़ी का कहना है कि गाय के दूध की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.
बता दें कि अमूल गाय का दूध पहले से ही 44 रुपये प्रति लीटर बेच रही है. पराग मिल्क फूड्स के अध्यक्ष देवेंद्र शाह का कहना है कि कंपनी इस मुद्दे पर अगले सप्ताह विचार करेगी. उनका कहना है कि हमारी गाय के दूध कीमत पहले ही 4 रुपये प्रति लीटर अधिक यानी 48 रुपये प्रति लीटर है. ऐसे में गाय के दूध के दाम बढ़ाए जाएं या नहीं इस बारे में अगले हफ्ते विचार विमर्श किया जाएगा. शाह का कहना है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में अच्छी बारिश हुई है, इसलिए दूध की आपूर्ति स्थिति में सुधार होगा.
वहीं मदर डेयरी के प्रवक्ता का कहना है कि पिछले दो-तीन महीनों में गाय के कच्चे दूध की कीमत 2.50 रुपये से तीन रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाई गई थी. उनका कहना है कि हम गाय के दूध के उपभोक्ता मूल्यों को बढ़ाने के लिए मजबूर हैं. बता दें कि मदर डेयरी लगभग 30 लाख लीटर दूध की आपूर्ति करती है, जिसमें से 8 लाख लीटर गाय का दूध दिल्ली-एनसीआर में बिकता है.